केंद्र-राज्य संबंध: अनुच्छेद 245 से 293 और परीक्षा प्रश्न
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए केंद्र-राज्य संबंध के पूरे नोट्स: विधायी, प्रशासनिक और वित्तीय संबंध, सातवीं अनुसूची की तीन सूचियाँ तथा प्रमुख आयोग और उनके वर्ष।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

केंद्र-राज्य संबंध यह तय करते हैं कि भारत के संघीय ढाँचे में शक्तियाँ संघ और राज्यों के बीच कैसे बँटी हैं। संविधान इस विषय को दो भागों में रखता है: भाग XI, अनुच्छेद 245 से 263, विधायी और प्रशासनिक संबंधों को तथा भाग XII, अनुच्छेद 264 से 293, वित्तीय संबंधों को देखता है। संविधान में फेडरेशन शब्द कहीं नहीं आता; अनुच्छेद 1 भारत को राज्यों का संघ कहता है। डॉ. बी. आर. आम्बेडकर ने इस रचना को एक वाक्य में समझाया था: संविधान सामान्य समय में संघीय है और आपातकाल में एकात्मक हो सकता है। परीक्षा की दृष्टि से यह अनुच्छेद संख्याओं, सूची की प्रविष्टियों और आयोगों के नामों का अध्याय है, इसलिए इसे याद रखना ही सबसे बड़ा हथियार है।
विधायी संबंध: अनुच्छेद 245 से 255
अनुच्छेद 245 कानून बनाने की भौगोलिक सीमा तय करता है। संसद पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए और राज्य विधानमंडल उस राज्य के पूरे या किसी भाग के लिए कानून बना सकता है; कोई राज्य कानून केवल इस कारण अवैध नहीं होगा कि उसका प्रभाव राज्य के बाहर भी पड़ता है, यही राज्यक्षेत्रीय संबंध का सिद्धांत है। अनुच्छेद 246 विषयों को सातवीं अनुसूची की तीन सूचियों में बाँटता है।
| सूची | कानून कौन बनाता है | मूल प्रविष्टियाँ | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| संघ सूची | केवल संसद | 97 | रक्षा, परमाणु ऊर्जा, विदेश मामले, रेल, बैंकिंग, मुद्रा, डाक और तार, जनगणना |
| राज्य सूची | केवल राज्य विधानमंडल | 66 | लोक व्यवस्था, पुलिस, कारागार, लोक स्वास्थ्य, कृषि, स्थानीय शासन, भूमि, मदिरा |
| समवर्ती सूची | दोनों | 47 | दंड विधि और दंड प्रक्रिया, विवाह और विवाह-विच्छेद, दिवालियापन, श्रमिक संघ, विद्युत, शिक्षा, वन |
आज प्रविष्टियों की संख्या मूल संख्या से भिन्न है, क्योंकि संशोधनों से प्रविष्टियाँ जोड़ी और हटाई गई हैं। 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 ने पाँच विषय राज्य सूची से समवर्ती सूची में भेजे: शिक्षा, वन, नाप-तौल, वन्य जीव और पक्षियों का संरक्षण तथा न्याय प्रशासन के साथ उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों को छोड़कर सभी न्यायालयों का गठन और संगठन। जो विषय किसी सूची में नहीं हैं, वे अवशिष्ट विषय हैं और अनुच्छेद 248 तथा संघ सूची की प्रविष्टि 97 के अनुसार संसद के पास हैं।
संसद राज्य सूची में कब प्रवेश कर सकती है
- अनुच्छेद 249: राज्यसभा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से संकल्प पारित करे, तो संसद एक वर्ष के लिए राज्य विषय पर कानून बना सकती है, जिसे बढ़ाया जा सकता है।
- अनुच्छेद 250: राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान संसद किसी भी राज्य विषय पर कानून बना सकती है।
- अनुच्छेद 252: दो या अधिक राज्य विधानमंडलों के अनुरोध पर संसद उन राज्यों के लिए कानून बना सकती है, जिसे बाद में अन्य राज्य भी अपना सकते हैं।
- अनुच्छेद 253: किसी अंतरराष्ट्रीय संधि या अभिसमय को लागू करने के लिए संसद किसी भी विषय पर कानून बना सकती है।
- अनुच्छेद 356: राष्ट्रपति शासन लागू होने पर राज्य विधानमंडल की शक्ति संसद प्रयोग करती है।
टकराव का निपटारा अनुच्छेद 254 करता है। समवर्ती विषय पर राज्य का कानून केंद्रीय कानून से असंगत हो, तो केंद्रीय कानून प्रभावी होगा और राज्य का कानून उस असंगति की सीमा तक शून्य हो जाएगा; परंतु राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित और अनुमति प्राप्त राज्य कानून उस राज्य में प्रभावी रहेगा, जब तक संसद उसी विषय पर नया कानून न बना दे। न्यायालय अतिव्यापन को पिथ एंड सब्सटेंस यानी विधि के वास्तविक स्वरूप के सिद्धांत से सुलझाते हैं।
प्रशासनिक संबंध: अनुच्छेद 256 से 263
अनुच्छेद 256 राज्य से अपेक्षा करता है कि वह अपनी कार्यपालिका शक्ति का प्रयोग इस प्रकार करे कि संसद के कानूनों का पालन सुनिश्चित हो। अनुच्छेद 257 संघ को राज्य को निर्देश देने की शक्ति देता है, जिसमें राष्ट्रीय या सैनिक महत्व के संचार साधनों के निर्माण और रखरखाव तथा रेल की सुरक्षा के निर्देश शामिल हैं। संघ के निर्देश का पालन न करना वह आधार बन सकता है जिस पर राष्ट्रपति यह मान सकते हैं कि राज्य का शासन संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता। अनुच्छेद 261 लोक अधिनियमों, अभिलेखों और न्यायिक कार्यवाहियों को पूर्ण विश्वास और विश्वसनीयता देता है। अनुच्छेद 262 संसद को अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों के न्यायनिर्णयन की व्यवस्था करने और ऐसे विवादों में उच्चतम न्यायालय सहित न्यायालयों की अधिकारिता वर्जित करने की शक्ति देता है। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को अंतर-राज्य परिषद गठित करने का अधिकार देता है; सरकारिया आयोग की सिफारिश पर यह परिषद 1990 में गठित हुई। अनुच्छेद 312 की अखिल भारतीय सेवाएँ भी एक कड़ी हैं: उनके अधिकारी राज्यों में सेवा करते हैं, पर भर्ती और अनुशासन केंद्रीय है।
वित्तीय संबंध: अनुच्छेद 264 से 293
अनुच्छेद 265 के अनुसार कर केवल विधि के प्राधिकार से लगाया जा सकता है, और अनुच्छेद 285 तथा 289 के अनुसार संघ राज्य की संपत्ति पर और राज्य संघ की संपत्ति पर कर नहीं लगा सकता। अनुच्छेद 280 का वित्त आयोग राष्ट्रपति प्रत्येक पाँचवें वर्ष या उससे पहले गठित करते हैं; यह करों की शुद्ध आय के संघ और राज्यों के बीच बँटवारे, भारत की संचित निधि से सहायता अनुदान के सिद्धांतों तथा पंचायतों और नगरपालिकाओं के संसाधन बढ़ाने के उपायों पर सिफारिश करता है। सांविधिक अनुदान अनुच्छेद 275 के और विवेकाधीन अनुदान अनुच्छेद 282 के अंतर्गत आते हैं। अनुच्छेद 293 के अनुसार राज्य अपनी संचित निधि की प्रतिभूति पर भारत के भीतर ऋण ले सकता है, पर जब तक संघ का कोई ऋण बकाया है, संघ की सहमति आवश्यक है। 101वें संशोधन अधिनियम, 2016 ने अनुच्छेद 279A जोड़कर वस्तु एवं सेवा कर परिषद बनाई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं, जिसमें संघ के पास एक-तिहाई और सभी राज्यों के पास मिलकर दो-तिहाई भारित मत हैं और निर्णय के लिए तीन-चौथाई बहुमत चाहिए।
आयोग और समितियाँ
| संस्था | गठन | विशेष |
|---|---|---|
| राजमन्नार समिति | 1969, तमिलनाडु सरकार द्वारा | योजना आयोग तथा अनुच्छेद 356, 357 और 365 को समाप्त करने की माँग |
| आनंदपुर साहिब प्रस्ताव | 1973 | संघ के पास केवल रक्षा, विदेश, संचार, मुद्रा और रेल रखने की माँग |
| सरकारिया आयोग | 1983, न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया | 1988 में रिपोर्ट; स्थायी अंतर-राज्य परिषद और अनुच्छेद 356 के संयमित प्रयोग की सिफारिश |
| पुंछी आयोग | 2007, न्यायमूर्ति मदन मोहन पुंछी | 2010 में रिपोर्ट; स्थानीय आपातकाल और राज्यपाल की नियुक्ति की निश्चित प्रक्रिया का सुझाव |
इस अध्याय को तीन स्तंभों में याद कीजिए: अनुच्छेदों की सूची, राज्य सूची में प्रवेश के पाँच रास्ते और चार आयोगों के नाम उनके वर्षों के साथ। प्रश्न ठीक इसी आकार में आते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न लगभग सदैव अनुच्छेद और विषय के मेल पर आते हैं: अवशिष्ट शक्ति किस अनुच्छेद में है, राज्यसभा के संकल्प पर संसद को कानून बनाने की शक्ति कौन देता है, जीएसटी परिषद किस अनुच्छेद से बनी। सामान्य भ्रम अनुच्छेद 248 और 246, 249 और 250, तथा 262 और 263 के बीच पैदा किया जाता है। सूची से जुड़े प्रश्न अटपटी प्रविष्टियाँ पूछते हैं: पुलिस, कारागार और लोक व्यवस्था राज्य सूची में हैं, पर दंड विधि और दंड प्रक्रिया समवर्ती सूची में तथा जनगणना और बैंकिंग संघ सूची में हैं। आयोगों पर अध्यक्ष और गठन वर्ष पूछा जाता है, इसलिए सरकारिया 1983 और पुंछी 2007 को उनकी रिपोर्ट के वर्ष 1988 और 2010 से अलग रखिए।
महत्वपूर्ण तथ्य
| विधायी और प्रशासनिक संबंध | भाग XI, अनुच्छेद 245 से 263 |
|---|---|
| वित्तीय संबंध | भाग XII, अनुच्छेद 264 से 293 |
| तीन सूचियाँ | सातवीं अनुसूची, अनुच्छेद 246 के अंतर्गत |
| अवशिष्ट शक्तियाँ | संसद, अनुच्छेद 248 और संघ सूची की प्रविष्टि 97 |
| असंगति का नियम | अनुच्छेद 254: समवर्ती विषय पर केंद्रीय कानून प्रभावी |
| अंतर-राज्य परिषद | अनुच्छेद 263; गठन 1990 |
| नदी जल विवाद | अनुच्छेद 262 |
| वित्त आयोग | अनुच्छेद 280, प्रत्येक पाँचवें वर्ष |
| जीएसटी परिषद | अनुच्छेद 279A, 101वाँ संशोधन अधिनियम, 2016 |
| विवेकाधीन अनुदान | अनुच्छेद 282 |
| राज्य का ऋण | अनुच्छेद 293 |
| सरकारिया आयोग | गठन 1983, रिपोर्ट 1988, न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया |
| पुंछी आयोग | गठन 2007, रिपोर्ट 2010, न्यायमूर्ति एम. एम. पुंछी |
| 42वाँ संशोधन, 1976 | पाँच विषय राज्य सूची से समवर्ती सूची में भेजे |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत के संविधान की राज्य सूची में निम्नलिखित में से कौन सम्मिलित नहीं है?
- A.पुलिस
- B.लोक व्यवस्था
- C.कारागार
- D.दंड प्रक्रिया संहिता
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. दंड प्रक्रिया संहिता
व्याख्या
सही उत्तर है D, दंड प्रक्रिया संहिता। दंड प्रक्रिया सातवीं अनुसूची की सूची III यानी समवर्ती सूची की प्रविष्टि है, दंड विधि और साक्ष्य विधि के साथ, इसीलिए दंड प्रक्रिया संहिता सदैव केंद्रीय कानून रही है जिसमें राज्य राष्ट्रपति की अनुमति से संशोधन कर सकते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि पुलिस राज्य सूची का विशिष्ट विषय है और पुलिस व्यवस्था राज्य सरकार का उत्तरदायित्व है। विकल्प B गलत है क्योंकि लोक व्यवस्था भी राज्य सूची की प्रविष्टि है। विकल्प C गलत है क्योंकि कारागार, सुधारगृह और बोर्स्टल संस्थाएँ भी सूची II में ही गिनाई गई हैं। परीक्षक जो जोड़ी बनाते हैं उसे याद रखिए: अपराध और उसका विचारण समवर्ती विषय है, पर जाँच करने वाला बल और सजा काटने वाला कारागार राज्य के विषय हैं। इसी कारण राज्य पुलिस अधिनियम राज्य बनाते हैं, जबकि दंड प्रक्रिया से जुड़ा कानून संसद बनाती है।
विधान की अवशिष्ट शक्तियाँ संविधान के किस अनुच्छेद द्वारा संसद में निहित हैं?
- A.अनुच्छेद 246
- B.अनुच्छेद 248
- C.अनुच्छेद 249
- D.अनुच्छेद 254
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 248
व्याख्या
सही उत्तर है B, अनुच्छेद 248। अनुच्छेद 248 संसद को उस किसी भी विषय पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति देता है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में नहीं गिनाया गया है, और ऐसा कर लगाने की शक्ति भी देता है जो इन सूचियों में नहीं है; संघ सूची की प्रविष्टि 97 यही बात दूसरी ओर से कहती है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 246 केवल विषयों को तीन सूचियों में बाँटता है और उनकी प्राथमिकता तय करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 249 राज्यसभा के संकल्प पर राज्य विषय पर कानून बनाने का रास्ता है, जो अलग शक्ति है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 254 समवर्ती विषय पर केंद्रीय और राज्य कानून की असंगति से जुड़ा है। भारत ने अवशिष्ट शक्तियाँ कनाडा की तरह केंद्र को दीं, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की तरह इकाइयों को नहीं।
यदि समवर्ती सूची के किसी विषय पर राज्य का कानून संसद के कानून से असंगत हो, तो निम्नलिखित में से कौन सही है?
- A.उस राज्य में राज्य का कानून प्रभावी रहेगा
- B.दोनों कानून शून्य हो जाएँगे
- C.संसद का कानून प्रभावी होगा और राज्य का कानून असंगति की सीमा तक शून्य होगा
- D.प्रत्येक मामले में उच्चतम न्यायालय तय करेगा कि कौन-सा कानून लागू होगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. संसद का कानून प्रभावी होगा और राज्य का कानून असंगति की सीमा तक शून्य होगा
व्याख्या
सही उत्तर है C। अनुच्छेद 254(1) कहता है कि समवर्ती विषय पर राज्य का कानून संसद के कानून से असंगत हो, तो संसद का कानून प्रभावी होगा और राज्य का कानून असंगति की सीमा तक शून्य होगा। विकल्प A सामान्य नियम के रूप में गलत है, पर अनुच्छेद 254(2) में एक सीमित अपवाद है: राष्ट्रपति के लिए आरक्षित और अनुमति प्राप्त राज्य कानून उस राज्य में प्रभावी रहता है, और तब भी संसद बाद में नया कानून बनाकर उसे निष्प्रभावी कर सकती है। विकल्प B गलत है क्योंकि केंद्रीय कानून पर कोई आँच नहीं आती; केवल राज्य कानून का असंगत भाग गिरता है। विकल्प D गलत है क्योंकि श्रेष्ठता का यह नियम संविधान में लिखा है और हर मामले में न्यायिक चयन पर निर्भर नहीं है, हालाँकि न्यायालय वास्तविक टकराव परखने के लिए पिथ एंड सब्सटेंस सिद्धांत लगाते हैं।
भारत में अंतर-राज्य परिषद का गठन संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत किया गया?
- A.अनुच्छेद 261
- B.अनुच्छेद 262
- C.अनुच्छेद 263
- D.अनुच्छेद 280
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 263
व्याख्या
सही उत्तर है C, अनुच्छेद 263। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को आदेश द्वारा अंतर-राज्य परिषद गठित करने की शक्ति देता है, जिसका काम राज्यों के बीच विवादों की जाँच और सलाह देना, साझा हित के विषयों पर विचार करना तथा नीति के बेहतर समन्वय की सिफारिश करना है। यह परिषद सरकारिया आयोग की सिफारिश पर 1990 में गठित हुई। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 261 पूरे भारत में लोक अधिनियमों, अभिलेखों और न्यायिक कार्यवाहियों को पूर्ण विश्वास देने से संबंधित है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 262 अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों के न्यायनिर्णयन और उनमें न्यायालयों की अधिकारिता वर्जित करने की बात करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 280 वित्त आयोग है। क्रम याद रखिए: 261 विश्वसनीयता, 262 जल, 263 परिषद। परिषद में प्रधानमंत्री अध्यक्ष होते हैं तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और संघ के छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं, और इसका सचिवालय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
1983 में गठित केंद्र-राज्य संबंध आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
- A.न्यायमूर्ति एम. एम. पुंछी
- B.न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया
- C.डॉ. पी. वी. राजमन्नार
- D.के. संथानम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया
व्याख्या
सही उत्तर है B, न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया। संघ सरकार ने 1983 में उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रजिंदर सिंह सरकारिया की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय केंद्र-राज्य संबंध आयोग बनाया; इसने 1988 में रिपोर्ट दी और स्थायी अंतर-राज्य परिषद, अनुच्छेद 356 के संयमित प्रयोग तथा समवर्ती विषयों पर कानून बनाने से पहले राज्यों से परामर्श की सिफारिश की। विकल्प A गलत है क्योंकि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन मोहन पुंछी ने 2007 में गठित बाद वाले आयोग का नेतृत्व किया, जिसकी रिपोर्ट 2010 में आई। विकल्प C गलत है क्योंकि डॉ. पी. वी. राजमन्नार ने 1969 में तमिलनाडु सरकार द्वारा बनाई समिति की अध्यक्षता की थी, संघ द्वारा नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि के. संथानम 1962 की भ्रष्टाचार निवारण समिति से जुड़े हैं, जो बिलकुल दूसरा विषय है।
अनुच्छेद 249 के अंतर्गत संसद राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है यदि राज्यसभा संकल्प पारित करे
- A.उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से
- B.उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से
- C.सदन की कुल सदस्य संख्या के दो-तिहाई बहुमत से
- D.उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के तीन-चौथाई बहुमत से
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से
व्याख्या
सही उत्तर है B। अनुच्छेद 249 कहता है कि यदि राज्यसभा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में आवश्यक या समयोचित है, तो संसद राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है; ऐसा कानून एक वर्ष तक प्रभावी रहता है और नए संकल्प से एक-एक वर्ष बढ़ाया जा सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि इस विशेष शक्ति के लिए साधारण बहुमत पर्याप्त नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि शर्त उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों की है, कुल सदस्य संख्या की नहीं, और परीक्षक इसी अंतर को पकड़ते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि तीन-चौथाई बहुमत अनुच्छेद 279A की जीएसटी परिषद से जुड़ा है। यह भी ध्यान रखिए कि राज्यों के सदन के रूप में यह संकल्प केवल राज्यसभा पारित कर सकती है।
भारत का वित्त आयोग राष्ट्रपति किस अनुच्छेद के अंतर्गत और कितने अंतराल पर गठित करते हैं?
- A.अनुच्छेद 275, प्रत्येक तीसरे वर्ष
- B.अनुच्छेद 280, प्रत्येक पाँचवें वर्ष या आवश्यक होने पर उससे पहले
- C.अनुच्छेद 282, प्रत्येक चौथे वर्ष
- D.अनुच्छेद 293, प्रत्येक पाँचवें वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 280, प्रत्येक पाँचवें वर्ष या आवश्यक होने पर उससे पहले
व्याख्या
सही उत्तर है B। अनुच्छेद 280 राष्ट्रपति से अपेक्षा करता है कि वे प्रत्येक पाँचवें वर्ष, या उससे पहले जब वे आवश्यक समझें, एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्यों वाला वित्त आयोग गठित करें। यह आयोग बाँटने योग्य करों की शुद्ध आय के संघ और राज्यों के बीच तथा राज्यों के आपस में बँटवारे, भारत की संचित निधि से सहायता अनुदान के सिद्धांतों और पंचायतों तथा नगरपालिकाओं के संसाधन बढ़ाने के उपायों पर सिफारिश करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 275 राज्यों को सांविधिक सहायता अनुदान से जुड़ा है, आयोग से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 282 किसी भी लोक प्रयोजन के लिए दिए जाने वाले विवेकाधीन अनुदान की बात करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 293 राज्य के ऋण से जुड़ा है, जिसके लिए संघ का ऋण बकाया रहने तक संघ की सहमति चाहिए।
वस्तु एवं सेवा कर परिषद संविधान में कौन-सा अनुच्छेद जोड़कर बनाई गई?
- A.अनुच्छेद 279A
- B.अनुच्छेद 268A
- C.अनुच्छेद 246A
- D.अनुच्छेद 269A
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अनुच्छेद 279A
व्याख्या
सही उत्तर है A, अनुच्छेद 279A। संविधान (एक सौ एकवाँ संशोधन) अधिनियम, 2016 ने अनुच्छेद 279A जोड़ा, जिसके अंतर्गत राष्ट्रपति जीएसटी परिषद का गठन करते हैं; इसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं और इसमें वित्त राज्य मंत्री तथा प्रत्येक राज्य द्वारा नामित एक मंत्री सदस्य होते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि सेवा कर से जुड़े अनुच्छेद 268A को इसी संशोधन ने हटा दिया। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 246A भी इसी संशोधन की रचना है, पर वह संसद और राज्य विधानमंडलों को वस्तु एवं सेवा कर पर कानून बनाने की शक्ति देता है, परिषद नहीं बनाता। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 269A अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर जीएसटी के उद्ग्रहण और बँटवारे का उपबंध करता है। चारों अनुच्छेद एक ही संशोधन के हैं, इसलिए प्रश्न में पूछी गई संस्था ध्यान से पढ़िए।
42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा राज्य सूची से समवर्ती सूची में भेजे गए पाँच विषयों में निम्नलिखित में से कौन सम्मिलित नहीं था?
- A.शिक्षा
- B.वन
- C.लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता
- D.नाप-तौल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता
व्याख्या
सही उत्तर है C, लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता, जो आज भी राज्य सूची की प्रविष्टि है। 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 ने ठीक पाँच विषय राज्य सूची से समवर्ती सूची में भेजे: शिक्षा, वन, नाप-तौल, वन्य जीव तथा पक्षियों का संरक्षण और न्याय प्रशासन के साथ उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों को छोड़कर सभी न्यायालयों का गठन और संगठन। विकल्प A गलत है क्योंकि इन पाँच में शिक्षा सबसे प्रसिद्ध है और इसी कारण अब संसद तथा राज्य विधानमंडल दोनों शिक्षा पर कानून बनाते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि वन भी उसी वर्ष समवर्ती सूची में गया, इसीलिए वन संरक्षण अधिनियम, 1980 केंद्रीय कानून है। विकल्प D गलत है क्योंकि नाप-तौल के मानक तय करना पहले से संघ का विषय था और राज्य सूची की नाप-तौल प्रविष्टि इस संशोधन से समवर्ती सूची में भेजी गई।
कौन-सा अनुच्छेद संसद को अंतर-राज्यीय नदियों के जल से जुड़े विवादों के न्यायनिर्णयन की व्यवस्था करने और ऐसे विवादों में न्यायालयों की अधिकारिता वर्जित करने की शक्ति देता है?
- A.अनुच्छेद 256
- B.अनुच्छेद 257
- C.अनुच्छेद 262
- D.अनुच्छेद 263
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 262
व्याख्या
सही उत्तर है C, अनुच्छेद 262। अनुच्छेद 262 संसद को विधि द्वारा यह व्यवस्था करने की शक्ति देता है कि अंतर-राज्यीय नदी या नदी घाटी के जल के उपयोग, वितरण या नियंत्रण से जुड़े किसी विवाद का न्यायनिर्णयन कैसे होगा, और यह भी उपबंध करने देता है कि ऐसे विवाद में उच्चतम न्यायालय या कोई अन्य न्यायालय अधिकारिता का प्रयोग नहीं करेगा; इसी के अंतर्गत अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 बना और उसी अधिनियम से अधिकरण गठित होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 256 राज्य को अपनी कार्यपालिका शक्ति इस प्रकार प्रयोग करने के लिए बाध्य करता है कि संसद के कानूनों का पालन हो। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 257 राज्यों पर संघ के नियंत्रण से जुड़ा है, जिसमें राष्ट्रीय महत्व के संचार और रेल की सुरक्षा के निर्देश आते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 263 सलाहकार अंतर-राज्य परिषद बनाता है, अधिकरण नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अवशिष्ट शक्तियाँ किस अनुच्छेद से संसद को मिली हैं?
अनुच्छेद 248 और संघ सूची की प्रविष्टि 97 संसद को उन सभी विषयों पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति देते हैं जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में नहीं गिनाए गए हैं, और उन सूचियों में न आने वाला कर लगाने की शक्ति भी देते हैं।
क्या संसद राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है?
हाँ, पाँच स्थितियों में: अनुच्छेद 249 के अंतर्गत राज्यसभा के संकल्प पर, अनुच्छेद 250 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपातकाल में, अनुच्छेद 252 के अंतर्गत दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर, अनुच्छेद 253 के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय करार लागू करने के लिए, और अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन में।
पुलिस और लोक व्यवस्था संघ के विषय हैं या राज्य के?
दोनों राज्य सूची के विषय हैं, कारागार, स्थानीय शासन, लोक स्वास्थ्य और कृषि के साथ। परंतु दंड विधि और दंड प्रक्रिया समवर्ती सूची में हैं, इसीलिए भारतीय दंड संहिता और दंड प्रक्रिया संहिता केंद्रीय कानून रहे हैं।
केंद्र-राज्य संबंधों की जाँच किन आयोगों ने की है?
1969 की राजमन्नार समिति, जिसे तमिलनाडु ने बनाया, 1983 का सरकारिया आयोग, जिसने 1988 में रिपोर्ट दी, और 2007 का पुंछी आयोग, जिसने 2010 में रिपोर्ट दी। प्रशासनिक सुधार आयोग ने भी इस विषय पर अध्ययन किया था।
जीएसटी परिषद में मतदान का तरीका क्या है?
अनुच्छेद 279A के अनुसार प्रत्येक निर्णय उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के भारित मतों के तीन-चौथाई बहुमत से होता है। संघ के पास कुल भार का एक-तिहाई और सभी राज्यों के पास मिलकर दो-तिहाई भार होता है।
स्रोत
- भारत का संविधान, भाग XI और भाग XII, अनुच्छेद 245 से 293 — विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार
- भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार, कक्षा XI, संघवाद अध्याय — एनसीईआरटी
- केंद्र-राज्य संबंध आयोग की रिपोर्ट, 1988 — अंतर-राज्य परिषद सचिवालय, गृह मंत्रालय





