मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

राज्य परीक्षाएं GK प्रश्न 2026

राज्य परीक्षाएं के लिए उत्तर और व्याख्या सहित GK प्रश्न।

राज्य परीक्षाएं GK प्रश्न उत्तर सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के संविधान की प्रस्तावना में अब तक कितनी बार संशोधन हुआ है?

  1. A.कभी नहीं
  2. B.एक बार
  3. C.दो बार
  4. D.तीन बार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक बार

व्याख्या

सही उत्तर एक बार है। प्रस्तावना में केवल एक बार, 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 से, संशोधन हुआ है। उस संशोधन ने तीन शब्द जोड़े: भारत के वर्णन में "समाजवादी" और "पंथनिरपेक्ष", तथा "राष्ट्र की एकता और अखंडता" वाक्यांश में "अखंडता"।

"कभी नहीं" गलत है, क्योंकि 1976 का बदलाव दर्ज है; इसी कारण आज उद्धृत की जाने वाली प्रस्तावना 26 नवंबर 1949 को अपनाए गए पाठ से अलग है, जिसमें भारत को केवल "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" कहा गया था। "दो बार" और "तीन बार" संशोधनों की संख्या को जोड़े गए शब्दों की संख्या, यानी तीन, से मिला देते हैं। दोनों संख्याओं को अलग रखें: एक संशोधन, तीन शब्द। प्रस्तावना में संशोधन हो सकता है, यह बात सर्वोच्च न्यायालय ने केशवानंद भारती मामले (1973) में तय की, जिसमें कहा गया कि यह संविधान का हिस्सा है और इसकी मूल विशेषताएं नष्ट किए बिना इसमें संशोधन हो सकता है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

प्रस्तावना को ‘संविधान का पहचान पत्र’ किसने कहा?

  1. A.एन.ए. पालकीवाला
  2. B.के.एम. मुंशी
  3. C.सर अर्नेस्ट बार्कर
  4. D.डॉ. बी.आर. आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एन.ए. पालकीवाला

व्याख्या

सही उत्तर एन.ए. पालकीवाला है। भारत के सबसे प्रतिष्ठित विधिवेत्ताओं और संवैधानिक वकीलों में से एक नानी अर्देशिर पालकीवाला ने प्रस्तावना को "संविधान का पहचान पत्र" कहा, क्योंकि यह एक ही वाक्य में बता देती है कि संविधान क्या है, उसका अधिकार कहां से आता है और वह क्या हासिल करना चाहता है।

बाकी नाम दूसरे वर्णनों से जुड़े हैं, और परीक्षक इन्हें इसीलिए रखते हैं क्योंकि ये सही लगते हैं। प्रारूप समिति के सदस्य के.एम. मुंशी ने प्रस्तावना को संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य की "राजनीतिक कुंडली" कहा। ब्रिटिश राजनीतिशास्त्री सर अर्नेस्ट बार्कर ने इसे संविधान का "मूल स्वर" (की-नोट) बताया। डॉ. बी.आर. आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, और उनका सबसे प्रसिद्ध वर्णन अनुच्छेद 32 का है, जिसे उन्होंने संविधान का हृदय और आत्मा कहा। इन्हें जोड़ियों में याद करें, क्योंकि प्रश्न अक्सर वाक्यांश देकर व्यक्ति पूछते हैं, या इसका उल्टा।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 17 मार्च 2026, शिफ्ट 3मध्यम

प्रस्तावना मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस रूप में काम करती है?

  1. A.संविधान की एक अनुसूची
  2. B.व्याख्या के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत
  3. C.एक वित्तीय दिशानिर्देश
  4. D.कानून का एक प्रवर्तनीय हिस्सा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. व्याख्या के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर व्याख्या के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत है। प्रस्तावना को न्यायालय में लागू नहीं कराया जा सकता: यह न विधायिका की शक्तियों का स्रोत है और न उन पर रोक। इसका मुख्य कानूनी उपयोग व्याख्या में सहायता के रूप में है। जब संविधान के किसी प्रावधान का अर्थ स्पष्ट न हो, तो न्यायालय संविधान निर्माताओं के उद्देश्यों को समझने के लिए प्रस्तावना की ओर देखते हैं।

बाकी विकल्प वे चीज़ें बताते हैं जो प्रस्तावना नहीं है। यह कोई अनुसूची नहीं है: संविधान की अनुसूचियां पाठ के अंत में दी गई अलग सूचियां हैं, जैसे भाषाओं की सूची। यह कोई वित्तीय दिशानिर्देश नहीं है। और यह कानून का प्रवर्तनीय हिस्सा भी नहीं है, जो सबसे आकर्षक गलत उत्तर है: केशवानंद भारती मामले (1973) में प्रस्तावना को संविधान का हिस्सा माने जाने के बाद भी यह न्यायालय में अप्रवर्तनीय ही रही। संविधान का हिस्सा होना और न्यायालय में लागू कराया जा सकना, दो अलग बातें हैं, और यह प्रश्न ठीक यही अंतर परखता है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अपना पुराना मत पलटते हुए कहा कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है?

  1. A.बेरुबारी यूनियन मामला (1960)
  2. B.गोलकनाथ मामला (1967)
  3. C.एलआईसी ऑफ इंडिया मामला (1995)
  4. D.केशवानंद भारती मामला (1973)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. केशवानंद भारती मामला (1973)

व्याख्या

सही उत्तर केशवानंद भारती मामला (1973) है। 1960 के बेरुबारी यूनियन मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है, हालांकि यह संविधान निर्माताओं के मन को समझने की कुंजी है। केशवानंद भारती मामले में न्यायालय ने यह मत अस्वीकार किया और कहा कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है और इसमें संशोधन हो सकता है, बशर्ते इसकी मूल विशेषताएं न बदलें।

बेरुबारी यूनियन मामला वही पुराना निर्णय है जिसे पलटा गया, इसलिए यह उत्तर नहीं हो सकता। एलआईसी ऑफ इंडिया मामला 1995 में बाद में आया और उसने केवल दोहराया कि प्रस्तावना संविधान का अभिन्न हिस्सा है; उसने कुछ पलटा नहीं। 1967 का गोलकनाथ मामला मौलिक अधिकारों में संशोधन की संसद की शक्ति से जुड़ा था, प्रस्तावना की स्थिति से नहीं। प्रश्न में "पलटते हुए" शब्द ही संकेत है: यह उस मामले की ओर इशारा करता है जिसने बेरुबारी का निर्णय पलटा, यानी केशवानंद भारती।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय का आदर्श किस स्रोत से आया?

  1. A.फ्रांसीसी क्रांति
  2. B.अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणा
  3. C.रूसी क्रांति
  4. D.ब्रिटिश मैग्ना कार्टा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रूसी क्रांति

व्याख्या

सही उत्तर रूसी क्रांति है। प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय का आदर्श 1917 की रूसी क्रांति से प्रेरित है, इसीलिए पुस्तकों में इसका स्रोत अक्सर पूर्व सोवियत संघ बताया जाता है। यह फ्रांस से लिए गए तीन उद्देश्यों के साथ प्रस्तावना में है।

फ्रांसीसी क्रांति बाकी तीन उद्देश्यों, स्वतंत्रता, समता और बंधुता, का स्रोत है, इसलिए यह सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। अमेरिका से जुड़ाव प्रस्तावना रखने के विचार का है, जो अमेरिका के संविधान से लिया गया, न्याय के आदर्श का नहीं। मैग्ना कार्टा अंग्रेज़ी संवैधानिक इतिहास का महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है, लेकिन प्रस्तावना की किसी बात का स्रोत नहीं है। बंटवारा याद रखने का आसान तरीका: चार उद्देश्यों में से न्याय पूरब की ओर, यानी रूस की ओर, इशारा करता है, जबकि स्वतंत्रता, समता और बंधुता पश्चिम की ओर, यानी फ्रांस की ओर।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 11 नवंबर 2022, शिफ्ट 3आसान

स्वतंत्रता, समता और बंधुता के सिद्धांत किस देश के संविधान से लिए गए हैं?

  1. A.यूनाइटेड किंगडम
  2. B.फ्रांस
  3. C.कनाडा
  4. D.आयरलैंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांस

व्याख्या

सही उत्तर फ्रांस है। प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श फ्रांस से लिए गए, जहां ये फ्रांसीसी क्रांति के मूल नारे थे। गणराज्य का विचार भी फ्रांस से ही आया है।

बाकी विकल्पों से भारत ने दूसरे प्रावधान लिए। यूनाइटेड किंगडम संसदीय शासन, विधि के शासन, मंत्रिमंडल प्रणाली और एकल नागरिकता का स्रोत है। कनाडा से सशक्त केंद्र वाले संघ और केंद्र के पास अवशिष्ट शक्तियों का विचार लिया गया। आयरलैंड से राज्य के नीति निदेशक तत्व और राष्ट्रपति के चुनाव की पद्धति ली गई। प्रस्तावना के चौथे उद्देश्य, न्याय, का स्रोत अलग है: रूसी क्रांति। इस तरह चार उद्देश्यों में से तीन (स्वतंत्रता, समता और बंधुता) फ्रांस से और एक (न्याय) पूर्व सोवियत संघ से जुड़ता है, और परीक्षक यह बंटवारा परखना पसंद करते हैं।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 9 मार्च 2023, शिफ्ट 3आसान

भारतीय संविधान की प्रस्तावना का विचार ______ के संविधान से लिया गया है।

  1. A.सोवियत संघ (वर्तमान रूस)
  2. B.कनाडा
  3. C.ब्रिटेन
  4. D.संयुक्त राज्य अमेरिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. संयुक्त राज्य अमेरिका

व्याख्या

सही उत्तर संयुक्त राज्य अमेरिका है। संविधान की शुरुआत प्रस्तावना से करने का विचार अमेरिका के संविधान से लिया गया, जिसका पाठ खुद "We the People" शब्दों से शुरू होता है। लेकिन भारत की प्रस्तावना की विषय-वस्तु जवाहरलाल नेहरू के उद्देश्य प्रस्ताव से आई, जो 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में पेश हुआ और 22 जनवरी 1947 को स्वीकार हुआ।

बाकी देश प्रस्तावना या संविधान के दूसरे हिस्सों के स्रोत हैं। सोवियत संघ सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय के आदर्श का स्रोत है। ब्रिटेन से संसदीय शासन, विधि का शासन और एकल नागरिकता ली गई। कनाडा से सशक्त केंद्र वाले संघ का मॉडल लिया गया। दो मिलते-जुलते प्रश्नों को अलग रखें: प्रस्तावना रखने का विचार अमेरिका से आया, जबकि इसके भीतर लिखे स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श फ्रांसीसी क्रांति से आए।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 27 जुलाई 2023, शिफ्ट 1मध्यम

भारत के संविधान की प्रस्तावना में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख है?

  1. A.विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता
  2. B.मानवीय गरिमा सुनिश्चित करने वाली बंधुता
  3. C.प्रतिष्ठा और रोज़गार की समता
  4. D.सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक न्याय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता

व्याख्या

सही उत्तर विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता है। प्रस्तावना स्वतंत्रता के लिए ठीक यही शब्द इस्तेमाल करती है।

बाकी हर विकल्प मूल पाठ का एक शब्द बदल देता है, और यह प्रश्न इसी तरह लोगों को फंसाता है। प्रस्तावना "व्यक्ति की गरिमा" और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता की बात करती है, "मानवीय गरिमा" की नहीं। वह "प्रतिष्ठा और अवसर की समता" का वादा करती है, प्रतिष्ठा और रोज़गार की नहीं। और प्रस्तावना में न्याय "सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक" है; "प्रशासनिक" शब्द उसमें है ही नहीं। जब कोई विकल्प लगभग सही लगे, तो उसे पाठ से शब्द-दर-शब्द मिलाएं: न्याय (सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक), स्वतंत्रता (विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म, उपासना), समता (प्रतिष्ठा, अवसर) और बंधुता (व्यक्ति की गरिमा, राष्ट्र की एकता और अखंडता)।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 15 जून 2023, शिफ्ट 3आसान

भारतीय संविधान के 42वें संशोधन द्वारा प्रस्तावना में निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द जोड़ा गया?

  1. A.समाजवादी
  2. B.लोकतांत्रिक
  3. C.गणराज्य
  4. D.संप्रभु
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. समाजवादी

व्याख्या

सही उत्तर समाजवादी है। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 ने प्रस्तावना में तीन शब्द जोड़े: भारत के वर्णन में "समाजवादी" और "पंथनिरपेक्ष", तथा "राष्ट्र की एकता और अखंडता" वाक्यांश में "अखंडता"। प्रस्तावना में अब तक किया गया यह एकमात्र संशोधन है।

लोकतांत्रिक, गणराज्य और संप्रभु शब्द शुरुआत से ही प्रस्तावना में थे: 26 नवंबर 1949 को अपनाई गई प्रस्तावना में भारत को "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" कहा गया था। इसीलिए ये यहां गलत हैं। इस संशोधन पर प्रश्न कई रूपों में आते हैं: कौन-सा शब्द जोड़ा गया, कौन-सा नहीं जोड़ा गया, या कितने शब्द जोड़े गए। तीनों को साथ याद रखें: समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता, 1976 में जोड़े गए। इससे जुड़ा एक और तथ्य केशवानंद भारती मामला (1973) है, जिसने तीन साल पहले कहा था कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है और मूल विशेषताएं बदले बिना इसमें संशोधन हो सकता है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 10 जुलाई 2024, शिफ्ट 3मध्यम

प्रस्तावना के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द-क्रम सही है?

  1. A.संप्रभु, पंथनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक, गणराज्य
  2. B.संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य
  3. C.पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, पंथनिरपेक्ष, समाजवादी, संप्रभु
  4. D.समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य, संप्रभु
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य

व्याख्या

सही उत्तर संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य है। प्रस्तावना भारत का वर्णन इसी क्रम में करती है: "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य"। समाजवादी और पंथनिरपेक्ष शब्द 1976 में 42वें संशोधन से संप्रभु और लोकतांत्रिक के बीच जोड़े गए; उससे पहले यह वाक्यांश "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" था।

पहला विकल्प समाजवादी और पंथनिरपेक्ष की जगह आपस में बदल देता है, जो सबसे आम गलती है, क्योंकि दोनों शब्द एक साथ जोड़े गए थे। तीसरा विकल्प "पंथनिरपेक्ष" को दोहराता है और गलत शब्द से शुरू होता है, और चौथा "संप्रभु" को आगे से हटाकर अंत में रख देता है। क्रम याद रखने का आसान तरीका: 1976 में जोड़े गए दोनों शब्द बीच में साथ-साथ हैं, पहले समाजवादी फिर पंथनिरपेक्ष, मूल पहले शब्द (संप्रभु) और मूल अंतिम दो शब्दों (लोकतांत्रिक गणराज्य) के बीच।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 14 जून 2022, शिफ्ट 2आसान

भारत के संविधान की प्रस्तावना के शब्दों से रिक्त स्थान भरें: हम, ______, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को....

  1. A.सर्वोच्च न्यायालय
  2. B.भारतीय संसद
  3. C.केंद्र सरकार
  4. D.भारत के लोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भारत के लोग

व्याख्या

सही उत्तर भारत के लोग है। प्रस्तावना "हम, भारत के लोग" शब्दों से शुरू होती है, जो बताते हैं कि संविधान अपना अधिकार जनता से प्राप्त करता है। संविधान किसी सरकार, न्यायालय या विधायिका ने नहीं दिया; जनता ने अपनी संविधान सभा के माध्यम से 26 नवंबर 1949 को इसे अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया।

सर्वोच्च न्यायालय, भारतीय संसद और केंद्र सरकार, तीनों संविधान द्वारा बनाए गए हैं, इसलिए इनमें से कोई भी उसके अधिकार का स्रोत नहीं हो सकता। ये केवल वही शक्तियां इस्तेमाल करते हैं जो संविधान इन्हें देता है। प्रस्तावना हमें जो चार बातें बताती है, उनमें यह पहली है; बाकी तीन हैं भारतीय राज्य की प्रकृति (संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य), उसके उद्देश्य (न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता) और अपनाने की तिथि। ऐसा रिक्त स्थान वाला प्रश्न सटीक आरंभिक शब्दों को परखता है, इसलिए पाठ को जैसा लिखा है वैसा याद करें।

Q12.महत्वपूर्ण दिवसमध्यम

जिस डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र के उन्नयन की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में हुई, वह किस शहर में है?

  1. A.जामनगर
  2. B.पुणे
  3. C.जयपुर
  4. D.वाराणसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जामनगर

व्याख्या

सही उत्तर जामनगर है। डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र गुजरात के जामनगर में है, और पीआईबी का पृष्ठभूमि लेख इसे पारंपरिक चिकित्सा के अनुसंधान और नीति का प्रमुख केंद्र बताता है। केंद्रीय बजट 2026-27 में साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और वैश्विक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए इसके उन्नयन की घोषणा की गई।

बाकी शहर भ्रम के लिए हैं, हालांकि हर एक का आयुष से कुछ संबंध है। पुणे में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के जाने-माने संस्थान हैं, जयपुर में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान है, और वाराणसी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय के लिए जाना जाता है। लेकिन इस तरह का दुनिया का एकमात्र डब्ल्यूएचओ केंद्र जामनगर में है। भारत के अन्य वैश्विक कदमों में दिसंबर 2025 में भारत मंडपम में पारंपरिक चिकित्सा पर दूसरे डब्ल्यूएचओ वैश्विक शिखर सम्मेलन की मेज़बानी, जिसमें दिल्ली घोषणापत्र अपनाया गया, और आयुष वीज़ा शामिल हैं: मरीज़ों के लिए एम-3 और साथियों के लिए एम-4।

Q13.महत्वपूर्ण दिवसमध्यम

केंद्रीय बजट 2026-27 में आयुष मंत्रालय को कितनी राशि आवंटित की गई?

  1. A.₹2,408 करोड़
  2. B.₹3,208 करोड़
  3. C.₹3,808 करोड़
  4. D.₹4,408 करोड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ₹4,408 करोड़

व्याख्या

सही उत्तर ₹4,408 करोड़ है। 11वें आयुर्वेद दिवस पर पीआईबी के पृष्ठभूमि लेख के अनुसार केंद्रीय बजट 2026-27 में आयुष मंत्रालय को ₹4,408 करोड़ आवंटित किए गए, ताकि आयुष स्वास्थ्य प्रणालियां मज़बूत हों, साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और नवाचार बढ़े, और अवसंरचना तथा वैश्विक पहुंच का विस्तार हो।

बाकी आंकड़े भ्रम के लिए हैं। बजट में तीन खास कदमों की घोषणा भी हुई, जो याद रखने योग्य हैं: शिक्षा, नैदानिक सेवाओं और अनुसंधान को मज़बूत करने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना; गुणवत्ता और मानकीकरण के लिए आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन; और गुजरात के जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र का उन्नयन। इसके अलावा राष्ट्रीय आयुष मिशन ने वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹6,406.99 करोड़ से अधिक जारी किए।

Q14.महत्वपूर्ण दिवसमध्यम

23 सितंबर 2026 को मनाए जा रहे 11वें आयुर्वेद दिवस की थीम क्या है?

  1. A.जन और पृथ्वी के लिए आयुर्वेद
  2. B.एक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद
  3. C.स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद
  4. D.हर घर आयुर्वेद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद

व्याख्या

सही उत्तर स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद है। 22 सितंबर 2026 को जारी पीआईबी पृष्ठभूमि लेख का यही शीर्षक-वाक्य है, और इसके अनुसार सरकार इसी भाव के साथ पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा को पुनर्जीवित करने की राष्ट्रीय रणनीति चला रही है। यह इस वर्ष के संदेश से मेल खाता है: क्लीनिक, बीमा, टेलीमेडिसिन और अनुसंधान के ज़रिए आयुर्वेद को साक्ष्य-आधारित रखते हुए मुख्यधारा की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में लाना।

बाकी विकल्प सामान्य थीम जैसे दिखने वाले भ्रम हैं। महत्वपूर्ण दिवसों की थीम परीक्षा का पसंदीदा प्रश्न है, क्योंकि यह हर वर्ष बदलती है, इसलिए वर्ष और संस्करण के साथ याद रखें: 11वां आयुर्वेद दिवस, 2026, "स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद"। यह दिवस शरद विषुव के अनुरूप 23 सितंबर को मनाया जाता है, और नोडल मंत्रालय आयुष मंत्रालय है, जिसे केंद्रीय बजट 2026-27 में ₹4,408 करोड़ मिले।

Q15.महत्वपूर्ण दिवसआसान

भारत में अब हर वर्ष आयुर्वेद दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?

  1. A.21 जून
  2. B.23 सितंबर
  3. C.7 अप्रैल
  4. D.1 जुलाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 23 सितंबर

व्याख्या

सही उत्तर 23 सितंबर है। सरकार हर वर्ष 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाती है, जो शरद विषुव के आसपास पड़ता है, जब दिन और रात लगभग बराबर होते हैं; यह तिथि आयुर्वेद के मूल में मौजूद प्राकृतिक संतुलन के भाव को दर्शाने के लिए चुनी गई है। 11वां आयुर्वेद दिवस 23 सितंबर 2026 को है। पहले यह दिन धनतेरस पर मनाया जाता था, जिसकी तिथि हर वर्ष बदलती है।

बाकी तिथियां स्वास्थ्य से जुड़े प्रसिद्ध दिवस हैं, इसलिए भ्रमित करती हैं। 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है, 7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन का स्थापना दिवस है, और 1 जुलाई भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस है। परीक्षाएं अक्सर इन दिवसों को साथ रखती हैं, इसलिए इन्हें एक साथ याद करें; योग दिवस और आयुर्वेद दिवस, दोनों का नोडल मंत्रालय आयुष मंत्रालय है।

Q16.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

पीएसए कार्यालय के अनुसार आई-स्टेम पोर्टल पर कितने से अधिक वैज्ञानिक उपकरण दर्ज हैं?

  1. A.11,000
  2. B.21,000
  3. C.31,000
  4. D.41,000
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 31,000

व्याख्या

सही उत्तर 31,000 है। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के अनुसार आई-स्टेम पर अब लगभग 4,000 संस्थानों के 31,000 से अधिक वैज्ञानिक उपकरण दर्ज हैं, और इसके 65,000 से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। ₹20 लाख से अधिक लागत वाले सार्वजनिक वित्तपोषित उपकरणों को पोर्टल पर सूचीबद्ध करने से अनुसंधान अवसंरचना तक साझा पहुंच और मज़बूत होती है।

बाकी आंकड़े भ्रम के लिए हैं। परीक्षा के लिए तीनों पैमाने वाले आंकड़े साथ याद रखें: 31,000 से अधिक उपकरण, लगभग 4,000 संस्थान और 65,000 से अधिक उपयोगकर्ता। बैठक के आंकड़ों को पोर्टल के आंकड़ों से अलग रखें: 21 सितंबर 2026 की पहली राज्य सरकार नोडल अधिकारी बैठक में 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी शामिल हुए। पोर्टल का उद्देश्य मौजूदा उपकरणों का बेहतर उपयोग और अनुसंधान तंत्र में निवेश के दोहराव को कम करना है।

Q17.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आई-स्टेम पोर्टल की परिकल्पना और सहयोग किस कार्यालय ने किया है?

  1. A.नीति आयोग
  2. B.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
  3. C.प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय
  4. D.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय

व्याख्या

सही उत्तर प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय है। पीएसए कार्यालय ने आई-स्टेम की परिकल्पना की और इसे सहयोग देता है, और इसी कार्यालय ने 21 सितंबर 2026 को पोर्टल के लिए पहली राज्य सरकार नोडल अधिकारी बैठक बुलाई। बैठक की अध्यक्षता पीएसए कार्यालय की वैज्ञानिक सचिव डॉ. (श्रीमती) परविंदर मैनी ने की।

बाकी विकल्प इसलिए विश्वसनीय लगते हैं क्योंकि ये सभी भारत के विज्ञान प्रशासन का हिस्सा हैं। नीति आयोग सरकार का नीति थिंक टैंक है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अनुसंधान को वित्त देता है और कई विज्ञान कार्यक्रम चलाता है। सीएसआईआर राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का नेटवर्क है, और उपकरणों के लिए उसका अपना एनालिटिक्स पोर्टल अब एपीआई के ज़रिए आई-स्टेम से जोड़ा जा रहा है, इसलिए यह खास तौर पर आकर्षक गलत उत्तर है। लेकिन पोर्टल स्वयं पीएसए कार्यालय का है।

Q18.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

वैज्ञानिक अनुसंधान सुविधाओं को साझा करने वाले आई-स्टेम पोर्टल का शुभारंभ प्रधानमंत्री ने किस माह और वर्ष में किया था?

  1. A.जनवरी 2018
  2. B.जनवरी 2020
  3. C.अगस्त 2021
  4. D.जनवरी 2023
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जनवरी 2020

व्याख्या

सही उत्तर जनवरी 2020 है। आई-स्टेम, यानी इंडियन साइंस टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग फैसिलिटीज़ मैप, की परिकल्पना और सहयोग प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने किया, और प्रधानमंत्री ने जनवरी 2020 में इसका शुभारंभ किया। तब से यह लगभग 4,000 संस्थानों के 31,000 से अधिक वैज्ञानिक उपकरणों और 65,000 से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं वाला राष्ट्रीय संसाधन बन चुका है।

बाकी तिथियां भ्रम के लिए हैं। पोर्टल 21 सितंबर 2026 को फिर चर्चा में आया, जब पीएसए कार्यालय ने वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी की अध्यक्षता में 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ पहली राज्य सरकार नोडल अधिकारी बैठक की। उद्देश्य यह है कि राज्य विश्वविद्यालय और प्रयोगशालाएं आई-स्टेम से जुड़ें, ताकि सार्वजनिक धन से खरीदे गए महंगे उपकरण साझा हों और हर संस्थान को उन्हें दोबारा न खरीदना पड़े।

Q19.सरकारी योजनाएंमध्यम

जल जीवन मिशन 2.0 के तहत कुशल ग्रामीण जल कार्यबल पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ पहला राष्ट्रीय वर्चुअल सम्मेलन किस विभाग ने आयोजित किया?

  1. A.जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग
  2. B.पेयजल एवं स्वच्छता विभाग
  3. C.ग्रामीण विकास विभाग
  4. D.भूमि संसाधन विभाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग

व्याख्या

सही उत्तर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग है। जल शक्ति मंत्रालय के इस विभाग ने 1-2 सितंबर 2026 के अपने विभागीय शिखर सम्मेलन के बाद की पहल के रूप में 21 सितंबर 2026 को यह सम्मेलन आयोजित किया। ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचाने वाला जल जीवन मिशन यही विभाग राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के माध्यम से चलाता है।

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग जल शक्ति मंत्रालय का दूसरा विभाग है, इसलिए यह सबसे आकर्षक गलत उत्तर है; यह नदियों, सिंचाई और नमामि गंगे कार्यक्रम का काम देखता है। ग्रामीण विकास विभाग और भूमि संसाधन विभाग ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन हैं। सम्मेलन में राज्यों से कहा गया कि वे ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभागों के साथ मिलकर जेजेएम 2.0 की मानव संसाधन नीति का मसौदा तैयार करें।

Q20.सरकारी योजनाएंमध्यम

जल जीवन मिशन 2.0 के तहत चर्चित 'सुजलम शक्ति' महिला-नेतृत्व वाली पहल किस उद्देश्य के लिए है?

  1. A.गांव स्तर पर जल गुणवत्ता जांच और कीटाणुशोधन
  2. B.वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण
  3. C.गांव के सौर पंप चलाना
  4. D.पानी का शुल्क वसूलना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गांव स्तर पर जल गुणवत्ता जांच और कीटाणुशोधन

व्याख्या

सही उत्तर गांव स्तर पर जल गुणवत्ता जांच और कीटाणुशोधन है। सुजलम शक्ति का उद्देश्य जल गुणवत्ता निगरानी, जांच और बुनियादी कीटाणुशोधन के लिए गांव की महिलाओं का प्रशिक्षित कार्यबल बनाना और ग्रामीण जल प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका मज़बूत करना है। यह एनएसक्यूएफ स्तर-2 की योग्यता "जल गुणवत्ता जांच और कीटाणुशोधन के मूल सिद्धांत" पर आधारित है, जिसमें नमूना लेना, फील्ड टेस्ट किट का उपयोग, क्लोरीनीकरण, स्वच्छता निरीक्षण, स्रोत संरक्षण और डिजिटल रिपोर्टिंग शामिल हैं।

बाकी विकल्प अलग गतिविधियां हैं जो इस पहल का हिस्सा नहीं हैं। पहले चरण में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों, पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से लगभग 1.35 से 1.70 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। राज्यों को सलाह दी गई कि वे जल जीवन मिशन में पहले से पानी की जांच कर रही महिलाओं और स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को प्राथमिकता दें।

राज्य परीक्षाएं GK नोट्स

सभी देखें

उप-परीक्षाओं के लिए GK प्रश्न