संविधान की अनुसूचियां: सभी 12 अनुसूचियां और परीक्षा प्रश्न
भारतीय संविधान की सभी बारह अनुसूचियों के नोट्स: विषय, संबंधित अनुच्छेद, उन्हें जोड़ने वाले संशोधन और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले तथ्य।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

संविधान की अनुसूचियां वे सूचियां और सारणियां हैं जो संविधान के अंत में जोड़ी गई हैं। अनुच्छेद केवल संकेत देते हैं, विस्तृत ब्योरा अनुसूचियों में रहता है: राज्यों के नाम, उच्च संवैधानिक पदाधिकारियों के वेतन, शपथ के प्रारूप, विधायी विषयों का बंटवारा, भाषाएं तथा स्थानीय निकायों के विषय। 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत संविधान में आठ अनुसूचियां थीं, आज बारह हैं; चार अनुसूचियां संशोधनों से जोड़ी गईं। परीक्षा की दृष्टि से यह पूरी तरह स्मरण का अध्याय है और एसएससी, रेलवे, बैंकिंग तथा राज्य परीक्षाओं में इससे एक-दो प्रश्न लगभग निश्चित रूप से आते हैं, अधिकतर सुमेलित कीजिए या सीधे अनुसूची और विषय के रूप में।
बारह अनुसूचियां एक दृष्टि में
| अनुसूची | विषय | संबंधित अनुच्छेद |
|---|---|---|
| पहली | राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के नाम तथा उनका राज्यक्षेत्र | अनुच्छेद 1 और 4 |
| दूसरी | राष्ट्रपति, राज्यपाल, अध्यक्ष, न्यायाधीश और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के वेतन, भत्ते तथा विशेषाधिकार | अनुच्छेद 59, 65, 75, 125, 148, 158, 164, 186, 221 |
| तीसरी | शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप | अनुच्छेद 75, 99, 124, 148, 164, 188, 219 |
| चौथी | राज्यसभा में राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों की सीटों का आवंटन | अनुच्छेद 4 और 80 |
| पांचवीं | अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों का प्रशासन तथा नियंत्रण | अनुच्छेद 244(1) |
| छठी | असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन | अनुच्छेद 244(2) और 275(1) |
| सातवीं | संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची | अनुच्छेद 246 |
| आठवीं | संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाएं | अनुच्छेद 344(1) और 351 |
| नौवीं | मुख्यतः भूमि सुधार से जुड़े वे कानून जिन्हें मूल अधिकारों के उल्लंघन की चुनौती से संरक्षण मिला | अनुच्छेद 31ख |
| दसवीं | दल-बदल के आधार पर विधायकों की निरर्हता के उपबंध | अनुच्छेद 102(2) और 191(2) |
| ग्यारहवीं | पंचायतों के 29 विषय | अनुच्छेद 243ग |
| बारहवीं | नगरपालिकाओं के 18 विषय | अनुच्छेद 243ब |
बाद में जोड़ी गई चार अनुसूचियां
नौवीं अनुसूची संविधान के प्रथम संशोधन अधिनियम, 1951 द्वारा जोड़ी गई, जिससे जमींदारी उन्मूलन और भूमि की हदबंदी के कानूनों को संपत्ति के अधिकार के उल्लंघन के आधार पर रद्द न किया जा सके। अनुच्छेद 31ख इस अनुसूची में रखे गए कानूनों को मूल अधिकारों के उल्लंघन की चुनौती से संरक्षण देता है। आई. आर. कोएल्हो वाद, 2007 में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि 24 अप्रैल 1973, अर्थात केशवानंद भारती निर्णय की तारीख के बाद इस अनुसूची में डाले गए कानून की आधारभूत ढांचे की कसौटी पर जांच हो सकती है, अतः यह कवच पूर्ण नहीं है।
दसवीं अनुसूची, यानी दल-बदल विरोधी कानून, 52वें संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ी गई। इसके अंतर्गत सदन का पीठासीन अधिकारी उस सदस्य को निरर्हित कर सकता है जो स्वेच्छा से अपने दल की सदस्यता छोड़ दे या दल के निर्देश के विरुद्ध मत दे। यहां एक जाल बार-बार बिछाया जाता है: 1974 में 35वें संशोधन द्वारा सिक्किम के संघ से संबद्ध होने की शर्तों पर एक दसवीं अनुसूची जोड़ी गई थी, जो 1975 में 36वें संशोधन से हटा दी गई जब सिक्किम पूर्ण राज्य बना।
ग्यारहवीं और बारहवीं अनुसूचियां 1992 के दोनों स्थानीय स्वशासन संशोधनों के साथ आईं। 73वें संशोधन ने ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी, जिसमें पंचायतों को सौंपे जा सकने वाले 29 विषय हैं, और 74वें संशोधन ने बारहवीं अनुसूची जोड़ी, जिसमें नगरीय निकायों के 18 विषय गिनाए गए हैं।
सातवीं और आठवीं अनुसूची
सातवीं अनुसूची बारहों में सर्वाधिक पूछी जाती है, क्योंकि यही विधायी शक्तियों का बंटवारा करती है। मूल रूप से संघ सूची में 97, राज्य सूची में 66 और समवर्ती सूची में 47 विषय थे, और प्रश्नपत्र यही मूल संख्याएं पूछते हैं। बाद में प्रविष्टियां जोड़ी और हटाई गईं: 42वें संशोधन, 1976 ने शिक्षा, वन, नाप-तौल, वन्य जीव तथा पक्षियों का संरक्षण और न्याय प्रशासन को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया। संघ सूची पर केवल संसद, राज्य सूची पर राज्य विधानमंडल और समवर्ती सूची पर दोनों कानून बनाते हैं, जहां टकराव की स्थिति में अनुच्छेद 254 के अनुसार केंद्रीय कानून प्रभावी रहता है।
आठवीं अनुसूची में आरंभ में 14 भाषाएं थीं। 21वें संशोधन, 1967 से सिंधी जुड़ी; 71वें संशोधन, 1992 से कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली; तथा 92वें संशोधन, 2003 से बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली जुड़ीं, जिससे सूची 22 भाषाओं की हो गई। ध्यान रखें कि इस अनुसूची में सम्मिलित होना राजभाषा होना नहीं है: अनुच्छेद 343 देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की राजभाषा बताता है और अंग्रेज़ी का प्रयोग जारी रखता है, जबकि आठवीं अनुसूची की भाषाएं वे हैं जिनसे राजभाषा को समृद्ध होना है और जिनके प्रतिनिधि राजभाषा आयोग में रहते हैं।
अनुसूचियां और अनुच्छेद साथ पढ़ें
कोई अनुसूची स्वतंत्र नहीं है, वह सदैव किसी अनुच्छेद का परिशिष्ट है। पहली अनुसूची अनुच्छेद 1 के साथ पढ़ी जाती है, जो भारत को राज्यों का संघ कहता है, और अनुच्छेद 4 के साथ, जो नया राज्य बनने पर संसद को साधारण कानून से पहली और चौथी अनुसूची में संशोधन करने देता है। यही अक्सर पूछा जाता है: नया राज्य बनाने के लिए अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संवैधानिक संशोधन आवश्यक नहीं है। दूसरी अनुसूची उन अनुच्छेदों के साथ पढ़ी जाती है जो राष्ट्रपति, राज्यपाल, न्यायाधीशों और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के वेतन तय करते हैं, जो संचित निधि पर भारित होते हैं। पांचवीं और छठी अनुसूची मिलकर जनजातीय प्रशासन की विशेष व्यवस्था बनाती हैं, पांचवीं अन्य राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों के लिए जनजाति सलाहकार परिषद के माध्यम से और छठी पूर्वोत्तर के चार राज्यों के लिए स्वशासी जिला तथा प्रादेशिक परिषदों के माध्यम से।
परीक्षा की दृष्टि से
परीक्षक सबसे अधिक अनुसूची और विषय का सुमेलन पूछते हैं, अतः बारहों पंक्तियां और प्रत्येक से जुड़ा अनुच्छेद कंठस्थ रखें। प्रमुख जाल ये हैं: पांचवीं बनाम छठी अनुसूची, जिसमें छठी अनुसूची के चार राज्य नाम से पूछे जाते हैं; नौवीं और दसवीं अनुसूची जोड़ने वाले संशोधन; ग्यारहवीं के 29 और बारहवीं के 18 विषय; सातवीं अनुसूची की तीनों सूचियों की मूल प्रविष्टियां; तथा आठवीं अनुसूची बढ़ाने वाले संशोधन। कथन आधारित प्रश्नों में यह गलत दावा किया जाता है कि आठवीं अनुसूची संघ की राजभाषाओं की सूची है, या नया राज्य बनाने के लिए अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संशोधन चाहिए।
महत्वपूर्ण तथ्य
| आरंभ में अनुसूचियां | 8 |
|---|---|
| वर्तमान अनुसूचियां | 12 |
| पहली अनुसूची | राज्य और संघ राज्यक्षेत्र, अनुच्छेद 1 तथा 4 के साथ |
| दूसरी अनुसूची | राष्ट्रपति, राज्यपाल, अध्यक्ष, न्यायाधीश और सीएजी के वेतन |
| तीसरी अनुसूची | शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप |
| चौथी अनुसूची | राज्यसभा सीटों का आवंटन, अनुच्छेद 80 के साथ |
| पांचवीं अनुसूची | अनुसूचित क्षेत्र और अनुसूचित जनजातियां, अनुच्छेद 244(1) |
| छठी अनुसूची | असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्र, अनुच्छेद 244(2) |
| सातवीं अनुसूची | तीन विधायी सूचियां, अनुच्छेद 246; मूल रूप से 97, 66 और 47 प्रविष्टियां |
| आठवीं अनुसूची | 22 भाषाएं, अनुच्छेद 344(1) और 351 |
| नौवीं अनुसूची | प्रथम संशोधन, 1951 द्वारा जोड़ी गई, अनुच्छेद 31ख |
| दसवीं अनुसूची | दल-बदल विरोधी कानून, 52वां संशोधन, 1985 |
| ग्यारहवीं अनुसूची | पंचायतों के 29 विषय, 73वां संशोधन, 1992, अनुच्छेद 243ग |
| बारहवीं अनुसूची | नगरपालिकाओं के 18 विषय, 74वां संशोधन, 1992, अनुच्छेद 243ब |
| आई. आर. कोएल्हो वाद | 2007; 24 अप्रैल 1973 के बाद जोड़े कानूनों की आधारभूत ढांचे पर जांच |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत के संविधान की 11वीं अनुसूची में कितने विषय हैं?
- A.22
- B.24
- C.29
- D.32
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 29
व्याख्या
सही उत्तर है C, 29। ग्यारहवीं अनुसूची संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ी गई थी और इसमें उनतीस विषय गिनाए गए हैं, जैसे कृषि, लघु सिंचाई, पेयजल, ग्रामीण आवास, गरीबी उन्मूलन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली, जिन्हें राज्य विधानमंडल अनुच्छेद 243ग के अंतर्गत पंचायतों को सौंप सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि बाईस आठवीं अनुसूची की भाषाओं की संख्या है, जिसे परीक्षक जान-बूझकर इसके साथ रखते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि चौबीस किसी अनुसूची की संख्या नहीं है, यह केवल विश्वसनीय दिखने वाला अंक है। विकल्प D गलत है क्योंकि बत्तीस भी किसी अनुसूची से मेल नहीं खाता; साथ में याद रखने योग्य संख्या अठारह है, जो उसी वर्ष 74वें संशोधन से जुड़ी बारहवीं अनुसूची के नगरपालिका विषयों की है। स्मृति में जोड़ी इस प्रकार बैठाइए: पंचायत उनतीस और नगरपालिका अठारह।
दल-बदल के आधार पर विधानमंडल के सदस्यों की निरर्हता से संबंधित उपबंध संविधान की किस अनुसूची में हैं?
- A.नौवीं अनुसूची
- B.दसवीं अनुसूची
- C.ग्यारहवीं अनुसूची
- D.बारहवीं अनुसूची
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दसवीं अनुसूची
व्याख्या
सही उत्तर है B, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी कानून दसवीं अनुसूची में है, जिसे संविधान के 52वें संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया और जो अनुच्छेद 102(2) तथा 191(2) के साथ पढ़ी जाती है। इसके अंतर्गत सदन का अध्यक्ष या सभापति उस सदस्य को निरर्हित कर सकता है जो स्वेच्छा से उस दल की सदस्यता छोड़ दे जिसके टिकट पर वह निर्वाचित हुआ, अथवा दल के निर्देश के विरुद्ध मत दे या मतदान से विरत रहे। विकल्प A गलत है क्योंकि नौवीं अनुसूची अनुच्छेद 31ख द्वारा संरक्षित कानूनों की सूची है। विकल्प C गलत है क्योंकि ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों के उनतीस विषय हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के अठारह विषय हैं। जाल यह है कि सिक्किम से संबंधित एक दसवीं अनुसूची 1974 से 1975 तक पहले भी रही थी।
भारत के संविधान में नौवीं अनुसूची किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई थी?
- A.प्रथम संशोधन, 1951
- B.सातवां संशोधन, 1956
- C.44वां संशोधन, 1978
- D.52वां संशोधन, 1985
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रथम संशोधन, 1951
व्याख्या
सही उत्तर है A, प्रथम संशोधन, 1951। संविधान के पहले ही संशोधन ने अनुच्छेद 31ख के साथ नौवीं अनुसूची जोड़ी, जिससे नई राज्य सरकारों के जमींदारी उन्मूलन और भूमि हदबंदी कानूनों को संपत्ति के मूल अधिकार के उल्लंघन के आधार पर रद्द न किया जा सके। विकल्प B गलत है क्योंकि 1956 के सातवें संशोधन ने राज्यों का पुनर्गठन किया और पहली तथा चौथी अनुसूची को नए रूप में लिखा, परंतु कोई नई अनुसूची नहीं बनाई। विकल्प C गलत है क्योंकि 1978 के 44वें संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों से हटाकर अनुच्छेद 300क के अंतर्गत विधिक अधिकार बनाया। विकल्प D गलत है क्योंकि 1985 के 52वें संशोधन ने दल-बदल से संबंधित दसवीं अनुसूची जोड़ी। यह भी स्मरण रखें कि 2007 के आई. आर. कोएल्हो निर्णय के बाद 24 अप्रैल 1973 के पश्चात जोड़े गए कानूनों को आधारभूत ढांचे के आधार पर चुनौती दी जा सकती है।
बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में किस संशोधन द्वारा सम्मिलित किया गया?
- A.21वां संशोधन
- B.71वां संशोधन
- C.92वां संशोधन
- D.86वां संशोधन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 92वां संशोधन
व्याख्या
सही उत्तर है C, 92वां संशोधन। वर्ष 2003 में पारित इस संशोधन ने बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को आठवीं अनुसूची में जोड़ा, जिससे वहां सूचीबद्ध भाषाओं की संख्या बाईस हो गई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1967 के 21वें संशोधन ने केवल सिंधी जोड़ी और सूची पंद्रह भाषाओं की हुई। विकल्प B गलत है क्योंकि 1992 के 71वें संशोधन ने कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली जोड़ीं, जिससे सूची अठारह की हुई। विकल्प D गलत है क्योंकि 2002 के 86वें संशोधन का भाषाओं से कोई संबंध नहीं है; उसने अनुच्छेद 21क जोड़कर छह से चौदह वर्ष के बच्चों की निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाया। क्रम याद रखें: आरंभ में चौदह, फिर पंद्रह, फिर अठारह और फिर बाईस; और यह भी कि आठवीं अनुसूची में होने से कोई भाषा संघ की राजभाषा नहीं हो जाती।
राज्यसभा में राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों की सीटों का आवंटन किस अनुसूची में दिया गया है?
- A.दूसरी अनुसूची
- B.तीसरी अनुसूची
- C.चौथी अनुसूची
- D.पांचवीं अनुसूची
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चौथी अनुसूची
व्याख्या
सही उत्तर है C, चौथी अनुसूची। चौथी अनुसूची अनुच्छेद 80 तथा अनुच्छेद 4 के साथ पढ़ी जाती है और इसमें राज्यसभा में प्रत्येक राज्य और संघ राज्यक्षेत्र को आवंटित सीटों की सारणी है। चूंकि अनुच्छेद 4 संसद को साधारण कानून से पहली और चौथी अनुसूची में संशोधन करने की शक्ति देता है, इसलिए जब कोई राज्य बनता, बंटता या उसका नाम बदलता है तो यह सारणी अनुच्छेद 368 की प्रक्रिया के बिना ही बदल दी जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, सदनों के अध्यक्षों और सभापतियों, उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के वेतन, भत्तों और विशेषाधिकारों से संबंधित है। विकल्प B गलत है क्योंकि तीसरी अनुसूची शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप देती है। विकल्प D गलत है क्योंकि पांचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है।
संविधान की छठी अनुसूची में किन राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के उपबंध हैं?
- A.असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम
- B.असम, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा
- C.मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश
- D.झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम
व्याख्या
सही उत्तर है A, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम। छठी अनुसूची अनुच्छेद 244(2) और अनुच्छेद 275(1) के साथ पढ़ी जाती है और इन चार राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के लिए स्वशासी जिला परिषदों तथा प्रादेशिक परिषदों की व्यवस्था करती है, जिन्हें भूमि, वन, ग्राम प्रशासन, उत्तराधिकार और सामाजिक रूढ़ियों पर कानून बनाने की शक्ति है। विकल्प B गलत है क्योंकि नागालैंड और मणिपुर छठी अनुसूची के राज्य नहीं हैं; नागालैंड के लिए अनुच्छेद 371क में अलग विशेष उपबंध है। विकल्प C इसी कारण गलत है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश अनुच्छेद 371ज के अंतर्गत आता है, छठी अनुसूची के नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्र हैं, जहां जनजाति सलाहकार परिषद और राज्यपाल का प्रतिवेदन मुख्य साधन हैं। परीक्षा में छठी अनुसूची के चारों राज्य प्रायः नाम से पूछे जाते हैं, अतः असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम का क्रम कंठस्थ रखना लाभदायक रहता है।
तीन विधायी सूचियों वाली सातवीं अनुसूची संविधान के किस अनुच्छेद के साथ पढ़ी जाती है?
- A.अनुच्छेद 243
- B.अनुच्छेद 244
- C.अनुच्छेद 246
- D.अनुच्छेद 248
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 246
व्याख्या
सही उत्तर है C, अनुच्छेद 246। अनुच्छेद 246 सातवीं अनुसूची की तीनों सूचियों के संदर्भ में विधायी शक्तियों का बंटवारा करता है: संघ सूची पर संसद की अनन्य शक्ति, राज्य सूची पर राज्य विधानमंडल की और समवर्ती सूची पर दोनों की। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 243 पंचायतों से संबंधित भाग 9 का परिभाषा अनुच्छेद है, जिसकी अनुसूची ग्यारहवीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 244 अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों से संबंधित पांचवीं तथा छठी अनुसूची का अनुच्छेद है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 248 अवशिष्ट विधायी शक्तियों से संबंधित है, जो संसद के पास हैं और जिन पर अलग प्रश्न बनते हैं। मूल रूप से संघ सूची में 97, राज्य सूची में 66 और समवर्ती सूची में 47 प्रविष्टियां थीं, और 42वें संशोधन, 1976 ने शिक्षा तथा वन सहित पांच विषय राज्य सूची से समवर्ती सूची में डाल दिए।
मंत्रियों, विधायकों और न्यायाधीशों द्वारा ली जाने वाली शपथ के प्रारूप किस अनुसूची में दिए गए हैं?
- A.पहली अनुसूची
- B.दूसरी अनुसूची
- C.तीसरी अनुसूची
- D.चौथी अनुसूची
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तीसरी अनुसूची
व्याख्या
सही उत्तर है C, तीसरी अनुसूची। तीसरी अनुसूची में संघ के मंत्री, संसद के उम्मीदवार तथा सदस्य, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, नियंत्रक-महालेखापरीक्षक, राज्य के मंत्री तथा राज्य विधानमंडल के सदस्य की शपथ या प्रतिज्ञान के पाठ दिए गए हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि पहली अनुसूची में राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के नाम तथा उनका राज्यक्षेत्र वर्णित है। विकल्प B गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची उच्च संवैधानिक पदाधिकारियों के वेतन, भत्ते और विशेषाधिकार तय करती है, जो भारत या राज्य की संचित निधि पर भारित होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि चौथी अनुसूची राज्यसभा की सीटों का आवंटन करती है। परीक्षक यहां एक अपवाद पूछना पसंद करते हैं: राष्ट्रपति और राज्यपाल की शपथ तीसरी अनुसूची में नहीं, बल्कि अनुच्छेद 60 और 159 में ही दी गई है।
भारत के संविधान की बारहवीं अनुसूची में कितने विषय सूचीबद्ध हैं?
- A.12
- B.18
- C.21
- D.29
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 18
व्याख्या
सही उत्तर है B, 18। बारहवीं अनुसूची संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ी गई और इसमें अठारह कार्य गिनाए गए हैं जिन्हें राज्य विधानमंडल अनुच्छेद 243ब के अंतर्गत नगरीय निकायों को सौंप सकता है, जैसे नगर नियोजन, जलापूर्ति, लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता, अग्निशमन सेवाएं, झुग्गी सुधार, शहरी गरीबी उन्मूलन तथा कसाईखानों और चर्मशोधनशालाओं का विनियमन। विकल्प A गलत है क्योंकि बारह संविधान की अनुसूचियों की कुल संख्या है, इस अनुसूची की प्रविष्टियों की नहीं, और प्रश्न इसी भ्रम पर बना है। विकल्प C गलत है क्योंकि इक्कीस किसी अनुसूची की संख्या नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि उनतीस ग्यारहवीं अनुसूची के पंचायत विषयों की संख्या है। सरल सूत्र यह है: ग्रामीण उनतीस अनुच्छेद 243ग में और नगरीय अठारह अनुच्छेद 243ब में। परीक्षक अठारह और उनतीस की अदला-बदली करके प्रश्न बनाते हैं, इसलिए दोनों संख्याएं अपने-अपने संशोधन और अनुच्छेद के साथ ही याद करें।
वर्ष 1949 में अंगीकृत भारत के संविधान में कितनी अनुसूचियां थीं?
- A.सात
- B.आठ
- C.दस
- D.बारह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आठ
व्याख्या
सही उत्तर है B, आठ। संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत संविधान में आठ अनुसूचियां थीं, साथ ही बाईस भाग और तीन सौ पंचानबे अनुच्छेद। विकल्प A गलत है क्योंकि सात उस अनुसूची की संख्या है जिसमें तीन विधायी सूचियां हैं, अनुसूचियों की कुल संख्या नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि आरंभ में संख्या दस कभी नहीं थी; दसवीं अनुसूची 1985 में आई, और उससे पहले 1974 से 1975 तक सिक्किम से संबंधित एक अल्पकालिक दसवीं अनुसूची रही थी। विकल्प D गलत है क्योंकि बारह वर्तमान संख्या है, जो 1992 में 73वें और 74वें संशोधनों से ग्यारहवीं तथा बारहवीं अनुसूची जुड़ने पर पूरी हुई। याद रखने का क्रम यह है: आरंभ में आठ, 1951 में नौ, 1985 में दस और 1992 में एक साथ ग्यारह तथा बारह। यह भी स्मरण रखें कि मूल संविधान में भाग बाईस और अनुच्छेद तीन सौ पंचानबे थे, जबकि अनुसूचियां केवल आठ थीं।
अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से संबंधित पांचवीं अनुसूची किस अनुच्छेद के साथ पढ़ी जाती है?
- A.अनुच्छेद 243ग
- B.अनुच्छेद 244(1)
- C.अनुच्छेद 244(2)
- D.अनुच्छेद 371क
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 244(1)
व्याख्या
सही उत्तर है B, अनुच्छेद 244(1)। अनुच्छेद 244(1) कहता है कि असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के अतिरिक्त किसी भी राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों तथा अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण पर पांचवीं अनुसूची के उपबंध लागू होंगे। इसके अंतर्गत राज्यपाल अनुसूचित क्षेत्र के लिए विनियम बनाता है, जनजाति सलाहकार परिषद गठित होती है और राज्यपाल ऐसे क्षेत्रों के प्रशासन पर राष्ट्रपति को प्रतिवर्ष प्रतिवेदन भेजता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 243ग पंचायतों की शक्तियों का अनुच्छेद है, जिससे ग्यारहवीं अनुसूची जुड़ी है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 244(2) पूर्वोत्तर के चार राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के लिए छठी अनुसूची लाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 371क नागालैंड के विशेष उपबंध हैं, जो पांचवीं और छठी अनुसूची दोनों की व्यवस्था से बाहर हैं। पांचवीं अनुसूची के क्षेत्र राष्ट्रपति की अधिसूचना से घोषित होते हैं, और यही बात इसे छठी अनुसूची की परिषद प्रणाली से अलग करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय संविधान में कुल कितनी अनुसूचियां हैं?
वर्तमान में बारह अनुसूचियां हैं। 1949 में अंगीकृत संविधान में आठ थीं; नौवीं 1951 में, दसवीं 1985 में तथा ग्यारहवीं और बारहवीं 1992 में जोड़ी गईं।
दल-बदल विरोधी कानून किस अनुसूची में है?
दसवीं अनुसूची में, जो संविधान के 52वें संशोधन अधिनियम, 1985 से जोड़ी गई। यह अनुच्छेद 102(2) और 191(2) के साथ पढ़ी जाती है और पीठासीन अधिकारी दल-बदल करने वाले सदस्य को निरर्हित कर सकता है।
पांचवीं और छठी अनुसूची में क्या अंतर है?
पांचवीं अनुसूची पूर्वोत्तर के चार राज्यों के अतिरिक्त अन्य राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों का प्रशासन देखती है, जिसमें जनजाति सलाहकार परिषद तथा राज्यपाल का प्रतिवेदन मुख्य साधन हैं। छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों के लिए स्वशासी जिला और प्रादेशिक परिषदों की व्यवस्था करती है।
आठवीं अनुसूची में कितनी भाषाएं सम्मिलित हैं?
बाईस भाषाएं। सूची 14 भाषाओं से आरंभ हुई और 1967 के 21वें, 1992 के 71वें तथा 2003 के 92वें संशोधन से बढ़ी।
नौवीं अनुसूची क्यों बनाई गई थी?
1951 के प्रथम संशोधन ने अनुच्छेद 31ख के साथ इसे बनाया, जिससे जमींदारी उन्मूलन और भूमि पुनर्वितरण के कानून मूल अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर रद्द न हो सकें। 2007 के आई. आर. कोएल्हो निर्णय के बाद 24 अप्रैल 1973 के बाद जोड़े गए कानूनों की आधारभूत ढांचे की कसौटी पर जांच संभव है।
ग्यारहवीं और बारहवीं अनुसूची में कितने विषय हैं?
ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों के लिए 29 विषय और बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के लिए 18 विषय हैं। ये क्रमशः 1992 के 73वें और 74वें संशोधन से जोड़ी गईं।
स्रोत
- भारत का संविधान, पहली से बारहवीं अनुसूची — विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार
- भारत का संविधान सिद्धांत और व्यवहार, कक्षा 11, संघवाद और स्थानीय शासन अध्याय — एनसीईआरटी
- संविधान संशोधन अधिनियम: प्रथम, 52वां, 73वां, 74वां और 92वां संशोधन — विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय





