1983 में गठित केंद्र-राज्य संबंध आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
- A.न्यायमूर्ति एम. एम. पुंछी
- B.न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया
- C.डॉ. पी. वी. राजमन्नार
- D.के. संथानम
सही उत्तर
B. न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया
व्याख्या
सही उत्तर है B, न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया। संघ सरकार ने 1983 में उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रजिंदर सिंह सरकारिया की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय केंद्र-राज्य संबंध आयोग बनाया; इसने 1988 में रिपोर्ट दी और स्थायी अंतर-राज्य परिषद, अनुच्छेद 356 के संयमित प्रयोग तथा समवर्ती विषयों पर कानून बनाने से पहले राज्यों से परामर्श की सिफारिश की। विकल्प A गलत है क्योंकि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन मोहन पुंछी ने 2007 में गठित बाद वाले आयोग का नेतृत्व किया, जिसकी रिपोर्ट 2010 में आई। विकल्प C गलत है क्योंकि डॉ. पी. वी. राजमन्नार ने 1969 में तमिलनाडु सरकार द्वारा बनाई समिति की अध्यक्षता की थी, संघ द्वारा नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि के. संथानम 1962 की भ्रष्टाचार निवारण समिति से जुड़े हैं, जो बिलकुल दूसरा विषय है।
पूरा लेख पढ़ें: केंद्र-राज्य संबंध: अनुच्छेद 245 से 293 और परीक्षा प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के संविधान की राज्य सूची में निम्नलिखित में से कौन सम्मिलित नहीं है?
- A.पुलिस
- B.लोक व्यवस्था
- C.कारागार
- D.दंड प्रक्रिया संहिता
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. दंड प्रक्रिया संहिता
व्याख्या
सही उत्तर है D, दंड प्रक्रिया संहिता। दंड प्रक्रिया सातवीं अनुसूची की सूची III यानी समवर्ती सूची की प्रविष्टि है, दंड विधि और साक्ष्य विधि के साथ, इसीलिए दंड प्रक्रिया संहिता सदैव केंद्रीय कानून रही है जिसमें राज्य राष्ट्रपति की अनुमति से संशोधन कर सकते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि पुलिस राज्य सूची का विशिष्ट विषय है और पुलिस व्यवस्था राज्य सरकार का उत्तरदायित्व है। विकल्प B गलत है क्योंकि लोक व्यवस्था भी राज्य सूची की प्रविष्टि है। विकल्प C गलत है क्योंकि कारागार, सुधारगृह और बोर्स्टल संस्थाएँ भी सूची II में ही गिनाई गई हैं। परीक्षक जो जोड़ी बनाते हैं उसे याद रखिए: अपराध और उसका विचारण समवर्ती विषय है, पर जाँच करने वाला बल और सजा काटने वाला कारागार राज्य के विषय हैं। इसी कारण राज्य पुलिस अधिनियम राज्य बनाते हैं, जबकि दंड प्रक्रिया से जुड़ा कानून संसद बनाती है।
विधान की अवशिष्ट शक्तियाँ संविधान के किस अनुच्छेद द्वारा संसद में निहित हैं?
- A.अनुच्छेद 246
- B.अनुच्छेद 248
- C.अनुच्छेद 249
- D.अनुच्छेद 254
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 248
व्याख्या
सही उत्तर है B, अनुच्छेद 248। अनुच्छेद 248 संसद को उस किसी भी विषय पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति देता है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में नहीं गिनाया गया है, और ऐसा कर लगाने की शक्ति भी देता है जो इन सूचियों में नहीं है; संघ सूची की प्रविष्टि 97 यही बात दूसरी ओर से कहती है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 246 केवल विषयों को तीन सूचियों में बाँटता है और उनकी प्राथमिकता तय करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 249 राज्यसभा के संकल्प पर राज्य विषय पर कानून बनाने का रास्ता है, जो अलग शक्ति है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 254 समवर्ती विषय पर केंद्रीय और राज्य कानून की असंगति से जुड़ा है। भारत ने अवशिष्ट शक्तियाँ कनाडा की तरह केंद्र को दीं, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की तरह इकाइयों को नहीं।
यदि समवर्ती सूची के किसी विषय पर राज्य का कानून संसद के कानून से असंगत हो, तो निम्नलिखित में से कौन सही है?
- A.उस राज्य में राज्य का कानून प्रभावी रहेगा
- B.दोनों कानून शून्य हो जाएँगे
- C.संसद का कानून प्रभावी होगा और राज्य का कानून असंगति की सीमा तक शून्य होगा
- D.प्रत्येक मामले में उच्चतम न्यायालय तय करेगा कि कौन-सा कानून लागू होगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. संसद का कानून प्रभावी होगा और राज्य का कानून असंगति की सीमा तक शून्य होगा
व्याख्या
सही उत्तर है C। अनुच्छेद 254(1) कहता है कि समवर्ती विषय पर राज्य का कानून संसद के कानून से असंगत हो, तो संसद का कानून प्रभावी होगा और राज्य का कानून असंगति की सीमा तक शून्य होगा। विकल्प A सामान्य नियम के रूप में गलत है, पर अनुच्छेद 254(2) में एक सीमित अपवाद है: राष्ट्रपति के लिए आरक्षित और अनुमति प्राप्त राज्य कानून उस राज्य में प्रभावी रहता है, और तब भी संसद बाद में नया कानून बनाकर उसे निष्प्रभावी कर सकती है। विकल्प B गलत है क्योंकि केंद्रीय कानून पर कोई आँच नहीं आती; केवल राज्य कानून का असंगत भाग गिरता है। विकल्प D गलत है क्योंकि श्रेष्ठता का यह नियम संविधान में लिखा है और हर मामले में न्यायिक चयन पर निर्भर नहीं है, हालाँकि न्यायालय वास्तविक टकराव परखने के लिए पिथ एंड सब्सटेंस सिद्धांत लगाते हैं।
भारत में अंतर-राज्य परिषद का गठन संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत किया गया?
- A.अनुच्छेद 261
- B.अनुच्छेद 262
- C.अनुच्छेद 263
- D.अनुच्छेद 280
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 263
व्याख्या
सही उत्तर है C, अनुच्छेद 263। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को आदेश द्वारा अंतर-राज्य परिषद गठित करने की शक्ति देता है, जिसका काम राज्यों के बीच विवादों की जाँच और सलाह देना, साझा हित के विषयों पर विचार करना तथा नीति के बेहतर समन्वय की सिफारिश करना है। यह परिषद सरकारिया आयोग की सिफारिश पर 1990 में गठित हुई। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 261 पूरे भारत में लोक अधिनियमों, अभिलेखों और न्यायिक कार्यवाहियों को पूर्ण विश्वास देने से संबंधित है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 262 अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों के न्यायनिर्णयन और उनमें न्यायालयों की अधिकारिता वर्जित करने की बात करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 280 वित्त आयोग है। क्रम याद रखिए: 261 विश्वसनीयता, 262 जल, 263 परिषद। परिषद में प्रधानमंत्री अध्यक्ष होते हैं तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और संघ के छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं, और इसका सचिवालय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
अनुच्छेद 249 के अंतर्गत संसद राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है यदि राज्यसभा संकल्प पारित करे
- A.उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से
- B.उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से
- C.सदन की कुल सदस्य संख्या के दो-तिहाई बहुमत से
- D.उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के तीन-चौथाई बहुमत से
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से
व्याख्या
सही उत्तर है B। अनुच्छेद 249 कहता है कि यदि राज्यसभा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में आवश्यक या समयोचित है, तो संसद राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है; ऐसा कानून एक वर्ष तक प्रभावी रहता है और नए संकल्प से एक-एक वर्ष बढ़ाया जा सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि इस विशेष शक्ति के लिए साधारण बहुमत पर्याप्त नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि शर्त उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों की है, कुल सदस्य संख्या की नहीं, और परीक्षक इसी अंतर को पकड़ते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि तीन-चौथाई बहुमत अनुच्छेद 279A की जीएसटी परिषद से जुड़ा है। यह भी ध्यान रखिए कि राज्यों के सदन के रूप में यह संकल्प केवल राज्यसभा पारित कर सकती है।