भारतीय संविधान का निर्माण: नोट्स, महत्वपूर्ण तिथियां और PYQ
संविधान सभा कैसे बनी और उसने संविधान कैसे लिखा: महत्वपूर्ण तिथियां, समितियां, प्रारूप समिति और संविधान के स्रोत, साथ में पिछली परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 8 मिनट

एसएससी, रेलवे और राज्य स्तरीय परीक्षाओं के राजव्यवस्था वाले हिस्से में इस अध्याय से लगभग हर बार प्रश्न आता है। संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता किसने की? संविधान कब अपनाया गया और वह दो महीने बाद क्यों लागू हुआ? नीति निदेशक तत्व किस देश से लिए गए? यह एक अध्याय अच्छी तरह पढ़ लिया तो ये अंक लगभग हर पेपर में आपके पक्के रहेंगे।
संविधान सभा का विचार कहां से आया
भारतीयों को अपना संविधान खुद बनाना चाहिए, यह मांग स्वतंत्रता आंदोलन के साथ मज़बूत होती गई। संविधान सभा का विचार सबसे पहले एम.एन. रॉय ने 1934 में रखा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 1935 में इसे अपनी आधिकारिक मांग बनाया और ब्रिटिश सरकार ने 1940 के अगस्त प्रस्ताव में इसे सिद्धांत रूप में स्वीकार किया। आखिरकार 1946 में कैबिनेट मिशन योजना के तहत संविधान सभा का गठन हुआ।
संविधान सभा का गठन कैसे हुआ
कैबिनेट मिशन योजना ने संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 तय की: ब्रिटिश भारत के लिए 296 सीटें और देसी रियासतों के लिए 93। ब्रिटिश भारत की 296 सीटों में से 292 गवर्नर वाले ग्यारह प्रांतों के लिए और 4 चीफ कमिश्नर वाले प्रांतों के लिए थीं। प्रांतों को सीटें मोटे तौर पर उनकी जनसंख्या के अनुपात में दी गईं।
सदस्यों को जनता ने सीधे नहीं चुना। प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों ने आनुपातिक प्रतिनिधित्व की एकल संक्रमणीय मत पद्धति से उनका चुनाव किया। देसी रियासतों के प्रतिनिधियों को वहां के शासकों द्वारा मनोनीत किया जाना था।
ब्रिटिश भारत की 296 सीटों के लिए चुनाव जुलाई-अगस्त 1946 में हुए। इनमें कांग्रेस को 208, मुस्लिम लीग को 73 और छोटे दलों तथा निर्दलीयों को बाकी 15 सीटें मिलीं। विभाजन के बाद पाकिस्तान में गए क्षेत्रों के सदस्य सभा से अलग हो गए और सदस्य संख्या घटकर 299 रह गई: प्रांतों से 229 और रियासतों से 70।
| चरण | ब्रिटिश भारत (प्रांत) | देसी रियासतें | कुल |
|---|---|---|---|
| कैबिनेट मिशन योजना के तहत, 1946 | 296 | 93 | 389 |
| विभाजन के बाद, 1947 | 229 | 70 | 299 |
याद रखें: शुरुआत में 389 (296 + 93) और विभाजन के बाद 299 (229 + 70)। संविधान सभा अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित और आंशिक रूप से मनोनीत थी, जनता द्वारा सीधे चुनी हुई नहीं।
संविधान सभा का कामकाज: ज़रूरी तिथियां
संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई। मुस्लिम लीग ने इसका बहिष्कार किया और अलग पाकिस्तान की मांग पर अड़ी रही। फ्रांस की परंपरा के अनुसार सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया। दो दिन बाद, 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के अध्यक्ष चुने गए, और एच.सी. मुखर्जी तथा वी.टी. कृष्णमाचारी उपाध्यक्ष बने। सर बी.एन. राव को सभा का संवैधानिक सलाहकार नियुक्त किया गया।
| तिथि | घटना |
|---|---|
| 9 दिसंबर 1946 | पहली बैठक; डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष |
| 11 दिसंबर 1946 | डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के अध्यक्ष चुने गए |
| 13 दिसंबर 1946 | जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया |
| 22 जनवरी 1947 | उद्देश्य प्रस्ताव स्वीकार हुआ |
| 22 जुलाई 1947 | राष्ट्रीय ध्वज अपनाया गया |
| 29 अगस्त 1947 | डॉ. बी.आर. आंबेडकर की अध्यक्षता में प्रारूप समिति बनी |
| फरवरी 1948 | संविधान का प्रारूप प्रकाशित हुआ |
| 26 नवंबर 1949 | संविधान अपनाया गया (संविधान दिवस) |
| 24 जनवरी 1950 | अंतिम बैठक; राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत अपनाए गए; डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति चुने गए |
| 26 जनवरी 1950 | संविधान लागू हुआ (गणतंत्र दिवस) |
उद्देश्य प्रस्ताव में संविधान का दर्शन रखा गया था: भारत एक स्वतंत्र, संप्रभु गणराज्य होगा, सभी लोगों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता मिलेगी, और अल्पसंख्यकों तथा पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा होगी। आगे चलकर इसी प्रस्ताव के विचारों से प्रस्तावना बनी।
संविधान सभा का एक दूसरा काम भी था। स्वतंत्रता के बाद वह देश की पहली संसद, यानी डोमिनियन विधायिका, के रूप में भी काम करती रही। विधायिका के रूप में बैठक होने पर अध्यक्षता जी.वी. मावलंकर करते थे, जबकि संविधान निर्माण के लिए बैठक होने पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद।
परीक्षा का जाल: 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया, जबकि 26 जनवरी 1950 को वह लागू हुआ। नागरिकता, चुनाव, अंतरिम संसद और अस्थायी तथा संक्रमणकालीन प्रावधानों जैसे कुछ उपबंध 26 नवंबर 1949 को ही लागू हो गए थे। बाकी संविधान के लिए 26 जनवरी इसलिए चुनी गई क्योंकि 1930 में कांग्रेस ने इसी दिन पूर्ण स्वराज दिवस मनाया था।
समितियां और उनके अध्यक्ष
संविधान सभा ने अपना काम कई समितियों में बांटा था। प्रश्नों में अक्सर समिति का नाम देकर उसका अध्यक्ष पूछा जाता है, इसलिए इन्हें जोड़ियों में याद करें।
| समिति | अध्यक्ष |
|---|---|
| संघ शक्ति समिति | जवाहरलाल नेहरू |
| संघ संविधान समिति | जवाहरलाल नेहरू |
| राज्य समिति (रियासतों से बातचीत के लिए) | जवाहरलाल नेहरू |
| प्रांतीय संविधान समिति | सरदार वल्लभभाई पटेल |
| मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक और जनजातीय तथा अपवर्जित क्षेत्रों संबंधी सलाहकार समिति | सरदार वल्लभभाई पटेल |
| प्रक्रिया नियम समिति | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| संचालन समिति | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| राष्ट्रीय ध्वज संबंधी तदर्थ समिति | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| प्रारूप समिति | डॉ. बी.आर. आंबेडकर |
सलाहकार समिति की दो उप-समितियों के बारे में भी प्रश्न आते हैं: मौलिक अधिकार उप-समिति, जिसके अध्यक्ष जे.बी. कृपलानी थे, और अल्पसंख्यक उप-समिति, जिसके अध्यक्ष एच.सी. मुखर्जी थे।
याद रखने की ट्रिक: नेहरू के पास संघ और राज्य, पटेल के पास प्रांत और अधिकार, प्रसाद के पास नियम, संचालन और ध्वज, और आंबेडकर के पास प्रारूप।
प्रारूप समिति
इन सबमें सबसे महत्वपूर्ण प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ। इसमें सात सदस्य थे:
- डॉ. बी.आर. आंबेडकर (अध्यक्ष)
- एन. गोपालस्वामी आयंगर
- अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर
- डॉ. के.एम. मुंशी
- सैयद मोहम्मद सादुल्ला
- एन. माधव राव, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने वाले बी.एल. मित्तर की जगह ली
- टी.टी. कृष्णमाचारी, जिन्होंने 1948 में डी.पी. खेतान के निधन के बाद उनकी जगह ली
समिति ने बी.एन. राव द्वारा तैयार प्रारंभिक मसौदे पर काम किया और फरवरी 1948 में संविधान का प्रारूप प्रकाशित किया। इसके बाद सभा ने प्रारूप पर धारा-दर-धारा विचार किया और दो हज़ार से अधिक संशोधन प्रस्तावों पर सदन में चर्चा हुई। आंबेडकर ने इस प्रारूप को सदन में पारित कराया, इसीलिए उन्हें संविधान का मुख्य वास्तुकार कहा जाता है।
समय, सत्र और मूल दस्तावेज़
संविधान सभा को अपना काम पूरा करने में 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन लगे। इस दौरान उसके 11 सत्र हुए, जो कुल 165 दिन चले, और इनमें से 114 दिन प्रारूप पर विचार में लगे। पूरी प्रक्रिया पर लगभग ₹64 लाख खर्च हुए।
1949 में अपनाए गए संविधान में एक प्रस्तावना, 22 भागों में 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं। संशोधनों के कारण तब से इसमें काफी वृद्धि हो चुकी है, इसलिए प्रश्न में "मूल रूप से" लिखा हो तो इन्हीं संख्याओं को ध्यान में रखें।
संविधान की मूल प्रतियां छापी नहीं गई थीं, बल्कि हाथ से लिखी गई थीं। अंग्रेज़ी पाठ को प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा ने सुंदर इटैलिक सुलेख में लिखा और हिंदी संस्करण वसंत कृष्ण वैद्य ने लिखा, जबकि नंदलाल बोस के नेतृत्व में शांतिनिकेतन के कलाकारों ने पन्नों को सजाया। संविधान सभा का प्रतीक (मुहर) हाथी था।
उधार लिए गए प्रावधान: संविधान के स्रोत
संविधान निर्माताओं ने कई देशों के संविधानों का अध्ययन किया और भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल प्रावधानों को ज़रूरी बदलावों के साथ अपनाया। सबसे बड़ा अकेला स्रोत भारत शासन अधिनियम, 1935 था, और संविधान का बहुत-सा ढांचा उसी से आया है।
| स्रोत | लिए गए प्रावधान |
|---|---|
| भारत शासन अधिनियम, 1935 | संघीय योजना, राज्यपाल का पद, न्यायपालिका, लोक सेवा आयोग, आपातकालीन प्रावधान और प्रशासनिक विवरण |
| ब्रिटेन | संसदीय शासन, विधि का शासन, विधायी प्रक्रिया, एकल नागरिकता, मंत्रिमंडल प्रणाली, परमाधिकार रिट, संसदीय विशेषाधिकार और द्विसदनीय व्यवस्था |
| अमेरिका | मौलिक अधिकार, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, न्यायिक पुनरावलोकन, राष्ट्रपति पर महाभियोग, सर्वोच्च और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाना, और उपराष्ट्रपति का पद |
| आयरलैंड | राज्य के नीति निदेशक तत्व, राज्यसभा में सदस्यों का मनोनयन और राष्ट्रपति के चुनाव की पद्धति |
| कनाडा | सशक्त केंद्र वाला संघ, अवशिष्ट शक्तियां केंद्र के पास, केंद्र द्वारा राज्यपालों की नियुक्ति और सर्वोच्च न्यायालय का परामर्शी क्षेत्राधिकार |
| ऑस्ट्रेलिया | समवर्ती सूची, व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता, और संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक |
| जर्मनी का वाइमर संविधान | आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन |
| पूर्व सोवियत संघ | मौलिक कर्तव्य और प्रस्तावना में न्याय (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) का आदर्श |
| फ्रांस | गणतंत्र, और प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्श |
| दक्षिण अफ्रीका | संविधान संशोधन की प्रक्रिया और राज्यसभा सदस्यों का निर्वाचन |
| जापान | विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया |
याद रखने की ट्रिक: अधिकार अमेरिका से (उसका बिल ऑफ राइट्स), नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से, कर्तव्य सोवियत संघ से, समवर्ती सूची ऑस्ट्रेलिया से, आपातकाल में अधिकारों का निलंबन जर्मनी से और संशोधन प्रक्रिया दक्षिण अफ्रीका से।
परीक्षक इस अध्याय से कैसे प्रश्न पूछते हैं
- सभा के अस्थायी अध्यक्ष (सच्चिदानंद सिन्हा) और स्थायी अध्यक्ष (राजेंद्र प्रसाद) में अंतर।
- किसी समिति का अध्यक्ष, सबसे अधिक प्रारूप समिति के अध्यक्ष (बी.आर. आंबेडकर)।
- उद्देश्य प्रस्ताव किसने पेश किया (नेहरू) और कब (13 दिसंबर 1946)।
- संविधान अपनाने की तिथि (26 नवंबर 1949) और लागू होने की तिथि (26 जनवरी 1950)।
- कौन-सा प्रावधान किस देश से लिया गया।
- सभा किस योजना के तहत बनी (कैबिनेट मिशन योजना, 1946) और इसका विचार सबसे पहले किसने दिया (एम.एन. रॉय)।
एक मिनट में दोहराएं
- विचार: एम.एन. रॉय, 1934। गठन: कैबिनेट मिशन योजना, 1946।
- सदस्य संख्या: 389, बाद में 299। प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव।
- पहली बैठक: 9 दिसंबर 1946। अस्थायी अध्यक्ष: सच्चिदानंद सिन्हा। अध्यक्ष: राजेंद्र प्रसाद।
- उद्देश्य प्रस्ताव: 13 दिसंबर 1946 को पेश, 22 जनवरी 1947 को स्वीकार।
- प्रारूप समिति: 29 अगस्त 1947, अध्यक्ष बी.आर. आंबेडकर, सात सदस्य।
- अपनाया गया 26 नवंबर 1949; लागू हुआ 26 जनवरी 1950।
- 2 वर्ष, 11 महीने, 18 दिन; 11 सत्र; मूल रूप से 395 अनुच्छेद, 22 भाग, 8 अनुसूचियां।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से प्रश्न तिथियों, नामों और स्रोतों के रूप में आते हैं। सभा के अस्थायी और स्थायी अध्यक्ष, प्रारूप समिति के अध्यक्ष और उसके गठन की तिथि, उद्देश्य प्रस्ताव पेश करने वाले नेता, संविधान अपनाने और लागू होने की तिथियों का अंतर, और कौन-सा प्रावधान किस देश से लिया गया, इन पर विशेष ध्यान दें। एसएससी की परीक्षाओं में प्रारूप समिति के अध्यक्ष तथा मौलिक अधिकारों और नीति निदेशक तत्वों के स्रोत बार-बार पूछे गए हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| विचार सबसे पहले दिया | एम.एन. रॉय (1934) |
|---|---|
| गठन का आधार | कैबिनेट मिशन योजना, 1946 |
| मूल सदस्य संख्या | 389 (ब्रिटिश भारत 296 + रियासतें 93) |
| विभाजन के बाद सदस्य संख्या | 299 |
| पहली बैठक | 9 दिसंबर 1946 |
| अस्थायी अध्यक्ष | डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा |
| अध्यक्ष | डॉ. राजेंद्र प्रसाद (11 दिसंबर 1946 को निर्वाचित) |
| संवैधानिक सलाहकार | सर बी.एन. राव |
| उद्देश्य प्रस्ताव | जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को पेश किया; 22 जनवरी 1947 को स्वीकार |
| प्रारूप समिति | 29 अगस्त 1947 को गठित; अध्यक्ष डॉ. बी.आर. आंबेडकर; 7 सदस्य |
| संविधान अपनाया गया | 26 नवंबर 1949 |
| संविधान लागू हुआ | 26 जनवरी 1950 |
| लगा समय | 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन (11 सत्र) |
| मूल संविधान | प्रस्तावना, 395 अनुच्छेद, 22 भाग, 8 अनुसूचियां |
| संविधान सभा का प्रतीक | हाथी |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन की सिफारिश पर हुआ था, जो ______ में भारत आया था।
- A.1962
- B.1959
- C.1952
- D.1946
उत्तर देखें
कैबिनेट मिशन 1946 में सत्ता हस्तांतरण का रास्ता तय करने के लिए भारत आया था, और उसकी योजना में संविधान सभा के गठन का तरीका बताया गया: कुल 389 सीटें, जिनमें 296 ब्रिटिश भारत के लिए और 93 देसी रियासतों के लिए थीं, और प्रांतों के सदस्यों का चुनाव प्रांतीय…
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई थी?
- A.जनवरी 1950
- B.अगस्त 1945
- C.दिसंबर 1946
- D.जुलाई 1948
उत्तर देखें
संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया और अलग पाकिस्तान की मांग पर अड़ी रही, जबकि सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने अस्थायी अध्यक्ष के रूप में बैठक की अध्यक्षता की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता अस्थायी अध्यक्ष के रूप में किसने की?
- A.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- B.डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
- C.जवाहरलाल नेहरू
- D.जी.वी. मावलंकर
उत्तर देखें
9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक में सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के नाते सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में सच्चिदानंद सिन्हा का स्थान किसने लिया?
- A.पं. जवाहरलाल नेहरू
- B.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- C.सरदार वल्लभभाई पटेल
- D.मोहनदास करमचंद गांधी
उत्तर देखें
डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता केवल अस्थायी अध्यक्ष के रूप में की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उस उद्देश्य प्रस्ताव को किसने पेश किया था, जिसे बाद में भारत के संविधान की प्रस्तावना के रूप में अपनाया गया?
- A.राजेंद्र प्रसाद
- B.जे.बी. कृपलानी
- C.जवाहरलाल नेहरू
- D.बी.आर. आंबेडकर
उत्तर देखें
नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया और सभा ने 22 जनवरी 1947 को इसे स्वीकार किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
- A.बी.आर. आंबेडकर
- B.के.एम. मुंशी
- C.सरदार वल्लभभाई पटेल
- D.मोहम्मद सादुल्ला
उत्तर देखें
प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को सात सदस्यों के साथ हुआ और डॉ. बी.आर. आंबेडकर इसके अध्यक्ष थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान का प्रारूप तैयार करने वाली संविधान सभा का कानूनी सलाहकार निम्नलिखित में से किसे नियुक्त किया गया था?
- A.एच.वी.आर. आयंगर
- B.एस.एन. मुखर्जी
- C.बी.आर. आंबेडकर
- D.बी.एन. राव
उत्तर देखें
सर बेनेगल नरसिंह राव को संविधान सभा का संवैधानिक (कानूनी) सलाहकार नियुक्त किया गया था। उन्होंने दूसरे देशों के संविधानों का अध्ययन किया और संविधान का प्रारंभिक मसौदा तैयार किया, जिस पर प्रारूप समिति ने काम किया और फरवरी 1948 में अपना प्रारूप प्रकाशित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की संविधान सभा ने संविधान को कब अपनाया?
- A.26 नवंबर 1949
- B.26 जनवरी 1950
- C.26 नवंबर 1950
- D.26 जनवरी 1949
उत्तर देखें
इसी दिन संविधान सभा ने संविधान को अपनाया, और अब हर साल यह दिन संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान सभा को भारत का संविधान पूरा करने में कितना समय लगा?
- A.2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन
- B.3 वर्ष, 2 महीने और 10 दिन
- C.2 वर्ष, 6 महीने और 20 दिन
- D.1 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन
उत्तर देखें
सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई और उसका काम 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाए जाने के साथ पूरा हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्व किस देश से लिए गए हैं?
- A.सोवियत संघ
- B.अमेरिका
- C.आयरलैंड
- D.चीन
उत्तर देखें
संविधान के भाग 4 में दिए गए राज्य के नीति निदेशक तत्व आयरलैंड के संविधान के आधार पर बनाए गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों के निलंबन की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?
- A.फ्रांस
- B.जर्मनी
- C.रूस
- D.ऑस्ट्रेलिया
उत्तर देखें
आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों को निलंबित करने का प्रावधान जर्मनी के वाइमर संविधान से लिया गया है। भारतीय संविधान का यही प्रावधान आमतौर पर इस स्रोत से जोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1934 में भारत के लिए संविधान सभा का विचार सबसे पहले किसने रखा?
- A.एम.एन. रॉय
- B.जवाहरलाल नेहरू
- C.महात्मा गांधी
- D.सुभाष चंद्र बोस
उत्तर देखें
भारत में साम्यवादी आंदोलन के अग्रणी नेता मानवेंद्र नाथ रॉय ने 1934 में सबसे पहले संविधान सभा का विचार रखा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कैबिनेट मिशन योजना द्वारा तय संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या कितनी थी?
- A.299
- B.389
- C.296
- D.395
उत्तर देखें
1946 की कैबिनेट मिशन योजना ने संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 तय की: ब्रिटिश भारत के लिए 296 और देसी रियासतों के लिए 93।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
डॉ. बी.आर. आंबेडकर। प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को सात सदस्यों के साथ हुआ था, और आंबेडकर ने प्रारूप को सभा में पारित कराया, इसीलिए उन्हें संविधान का मुख्य वास्तुकार कहा जाता है।
संविधान सभा के पहले अध्यक्ष कौन थे?
9 दिसंबर 1946 को पहली बैठक की अध्यक्षता डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने अस्थायी अध्यक्ष के रूप में की। 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए।
भारतीय संविधान कब अपनाया गया और कब लागू हुआ?
संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया, जिसे अब संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है, और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, जिसे गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। नागरिकता और चुनाव जैसे कुछ प्रावधान 26 नवंबर 1949 को ही लागू हो गए थे।
भारत का संविधान बनने में कितना समय लगा?
संविधान सभा को 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन लगे। इस दौरान उसके 11 सत्र हुए, जो कुल 165 दिन चले।
राज्य के नीति निदेशक तत्व किस देश से लिए गए हैं?
आयरलैंड के संविधान से। राष्ट्रपति के चुनाव की पद्धति और राज्यसभा में सदस्यों का मनोनयन भी आयरलैंड से लिया गया है।
स्रोत
- भारत का संविधान — विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय
- Indian Constitution at Work (कक्षा 11), अध्याय 1: संविधान क्यों और कैसे? — एनसीईआरटी





