भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची और कीर्तिमान
भारत के सभी प्रधानमंत्रियों की सूची, कार्यकाल, कार्यवाहक प्रधानमंत्री, अनुच्छेद 74, 75 और 78 तथा परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रथम तथ्य और कीर्तिमान।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

प्रधानमंत्री भारत सरकार का प्रमुख होता है, यानी वास्तविक कार्यपालिका का मुखिया, जबकि राष्ट्रपति राज्य का प्रमुख होता है। संविधान में इस पद का विस्तृत वर्णन नहीं है, फिर भी संघ सरकार की पूरी कार्यप्रणाली इसी पद के इर्द-गिर्द घूमती है, और प्रधानमंत्रियों की सूची से जुड़ा प्रश्न लगभग हर सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्र में आता है। इन नोट्स में संविधान के अनुसार पद की स्थिति, सभी प्रधानमंत्रियों की पूरी सूची उनके कार्यकाल के साथ, कार्यवाहक प्रधानमंत्री, तथा परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले प्रथम तथ्य और कीर्तिमान दिए गए हैं।
संविधान में प्रधानमंत्री का पद
अनुच्छेद 74 कहता है कि राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा, और राष्ट्रपति उस सलाह के अनुसार कार्य करेगा; 42वें और 44वें संविधान संशोधन के बाद यह स्थिति स्पष्ट है कि राष्ट्रपति एक बार पुनर्विचार के लिए कह सकता है, परंतु उसके बाद दी गई सलाह मानना अनिवार्य है। अनुच्छेद 75 पद की व्यवस्था करता है। प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करता है। परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति उस दल या गठबंधन के नेता को बुलाता है जिसे लोकसभा में बहुमत प्राप्त होता है। 91वें संविधान संशोधन अधिनियम 2003 द्वारा जोड़ा गया अनुच्छेद 75(1A) मंत्रिपरिषद की कुल संख्या, प्रधानमंत्री सहित, लोकसभा की सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित करता है। अनुच्छेद 75(3) मंत्रिपरिषद को सामूहिक रूप से केवल लोकसभा के प्रति उत्तरदायी बनाता है, इसीलिए लोकसभा का विश्वास खो देने पर प्रधानमंत्री को त्यागपत्र देना पड़ता है। अनुच्छेद 75(5) के अनुसार जो मंत्री किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, वह केवल छह महीने तक पद पर रह सकता है। अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री के कर्तव्य बताता है: मंत्रिपरिषद के निर्णय राष्ट्रपति को बताना, राष्ट्रपति द्वारा मांगी गई जानकारी देना, और किसी मंत्री द्वारा अकेले लिए गए निर्णय को मंत्रिपरिषद के समक्ष रखना। प्रधानमंत्री राज्यसभा का सदस्य भी हो सकता है और उसके कार्यकालों की संख्या पर कोई रोक नहीं है।
भारत के प्रधानमंत्रियों की पूरी सूची
| प्रधानमंत्री | कार्यकाल | किसलिए याद रखें |
|---|---|---|
| जवाहरलाल नेहरू | 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 | प्रथम और सर्वाधिक समय तक रहे प्रधानमंत्री; पद पर रहते निधन |
| गुलजारी लाल नंदा | 27 मई से 9 जून 1964 (कार्यवाहक) | तेरह दिन के उनके दो कार्यकालों में पहला |
| लाल बहादुर शास्त्री | 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 | 1965 के युद्ध के समय प्रधानमंत्री; ताशकंद में निधन |
| गुलजारी लाल नंदा | 11 से 24 जनवरी 1966 (कार्यवाहक) | दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहने वाले एकमात्र व्यक्ति |
| इंदिरा गांधी | 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 | भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री |
| मोरारजी देसाई | 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979 | प्रथम गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री; पद संभालने वाले सबसे अधिक आयु के व्यक्ति |
| चरण सिंह | 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 | प्रधानमंत्री रहते हुए कभी लोकसभा का सामना नहीं किया |
| इंदिरा गांधी | 14 जनवरी 1980 से 31 अक्टूबर 1984 | दूसरा कार्यकाल; पद पर रहते हत्या |
| राजीव गांधी | 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989 | चालीस वर्ष की आयु में सबसे युवा प्रधानमंत्री |
| वी. पी. सिंह | 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 | सदन में विश्वास मत हारने वाले प्रथम प्रधानमंत्री |
| चंद्रशेखर | 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 | बाहरी समर्थन से बनी सरकार के मुखिया |
| पी. वी. नरसिम्हा राव | 21 जून 1991 से 16 मई 1996 | दक्षिण भारत से प्रथम प्रधानमंत्री; 1991 के आर्थिक सुधार |
| अटल बिहारी वाजपेयी | 16 मई से 1 जून 1996 | अपनी सरकार बनाने वालों में सबसे छोटा कार्यकाल, सोलह दिन |
| एच. डी. देवेगौड़ा | 1 जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 | कर्नाटक से संयुक्त मोर्चा के प्रधानमंत्री |
| आई. के. गुजराल | 21 अप्रैल 1997 से 19 मार्च 1998 | विदेश नीति में गुजराल सिद्धांत के लिए प्रसिद्ध |
| अटल बिहारी वाजपेयी | 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 | पोखरण द्वितीय और कारगिल संघर्ष इसी कार्यकाल में |
| मनमोहन सिंह | 22 मई 2004 से 26 मई 2014 | प्रथम सिख प्रधानमंत्री; पूरे कार्यकाल राज्यसभा सदस्य रहे |
| नरेंद्र मोदी | 26 मई 2014 से आगे | स्वतंत्रता के बाद जन्मे प्रथम प्रधानमंत्री |
कार्यवाहक प्रधानमंत्री और सबसे छोटे कार्यकाल
संविधान में कार्यवाहक प्रधानमंत्री की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए मई 1964 में नेहरू के निधन पर और जनवरी 1966 में ताशकंद में शास्त्री के निधन पर वरिष्ठतम मंत्री गुलजारी लाल नंदा को शपथ दिलाई गई, जब तक सत्तारूढ़ दल ने अपना नेता नहीं चुन लिया। उनके दोनों कार्यकाल तेरह-तेरह दिन के रहे, जो इस पद पर किसी के रहने की सबसे कम अवधि है। अपनी सरकार बनाने वाले प्रधानमंत्रियों में सबसे छोटा कार्यकाल अटल बिहारी वाजपेयी का रहा, जिनकी 1996 की सरकार सोलह दिन चली और विश्वास मत से पहले ही त्यागपत्र दे दिया गया। चरण सिंह के नाम एक और विचित्र रिकॉर्ड है: उन्होंने लोकसभा की बैठक से पहले ही त्यागपत्र दे दिया, इसलिए प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने एक बार भी सदन का सामना नहीं किया। तीन प्रधानमंत्रियों का निधन पद पर रहते हुआ, नेहरू, शास्त्री और इंदिरा गांधी, जिनमें अंतिम की 31 अक्टूबर 1984 को हत्या हुई।
प्रथम तथ्य, कीर्तिमान और प्रधानमंत्री के कार्य
इंदिरा गांधी प्रथम महिला प्रधानमंत्री थीं और पद संभालते समय राज्यसभा की सदस्य रहने वाली प्रथम प्रधानमंत्री भी; मनमोहन सिंह एकमात्र प्रधानमंत्री हैं जो अपने पूरे कार्यकाल में राज्यसभा के सदस्य रहे। राजीव गांधी चालीस वर्ष की आयु में सबसे युवा और मोरारजी देसाई इक्यासी वर्ष की आयु में पद संभालने वाले सबसे अधिक आयु के प्रधानमंत्री थे। नेहरू ने प्रधानमंत्री रहते विदेश मंत्रालय भी अपने पास रखा, और नेहरू, इंदिरा गांधी तथा राजीव गांधी एक ही परिवार के तीन प्रधानमंत्री रहे। संविधान के बाहर भी प्रधानमंत्री नीति आयोग का अध्यक्ष होता है, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति तथा सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति का प्रमुख होता है, मंत्रियों की नियुक्ति पर राष्ट्रपति को सलाह देता है, विभागों का बंटवारा करता है और मंत्रिमंडल तथा राष्ट्रपति के बीच कड़ी का काम करता है। इस पद को विद्वानों ने जाने-पहचाने नाम दिए हैं: लॉर्ड मॉर्ले ने प्रधानमंत्री को समान लोगों में प्रथम कहा, सर आइवर जेनिंग्स ने मंत्रिमंडल रूपी मेहराब की आधारशिला, और हेरोल्ड लास्की ने शासन व्यवस्था की धुरी।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से तीन प्रकार के प्रश्न बनते हैं। पहला, सीधी सूची: प्रथम प्रधानमंत्री, 1965 के युद्ध के समय प्रधानमंत्री, 1991 के आर्थिक सुधार शुरू करने वाले प्रधानमंत्री, और किसके बाद कौन आया। दूसरा, नाम से जुड़ा कीर्तिमान: सबसे युवा, सबसे वरिष्ठ, प्रथम महिला, प्रथम गैर-कांग्रेसी, प्रथम सिख, पद पर निधन, दो बार कार्यवाहक, सदन का सामना न करने वाले, सबसे छोटा कार्यकाल। तीसरा, पद से जुड़ा अनुच्छेद: मंत्रिपरिषद और बाध्यकारी सलाह के लिए 74, नियुक्ति और पंद्रह प्रतिशत सीमा के लिए 75, छह महीने के नियम के लिए 75(5), राष्ट्रपति के प्रति कर्तव्यों के लिए 78। सामान्य भूलें हैं कार्यवाहक प्रधानमंत्री को क्रमांकित सूची में गिनना, अनुच्छेद 74 और 75 को मिला देना, शास्त्री का निधन दिल्ली में मान लेना, और तेरह दिन के कार्यवाहक कार्यकाल को 1996 की वाजपेयी सरकार के बजाय सबसे छोटी सरकार बता देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रथम प्रधानमंत्री | जवाहरलाल नेहरू, 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 |
|---|---|
| सर्वाधिक समय तक प्रधानमंत्री | जवाहरलाल नेहरू, लगभग सोलह वर्ष नौ महीने |
| कार्यवाहक प्रधानमंत्री | गुलजारी लाल नंदा, 1964 और 1966 में तेरह-तेरह दिन |
| प्रथम महिला प्रधानमंत्री | इंदिरा गांधी, 24 जनवरी 1966 से |
| प्रथम गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री | मोरारजी देसाई, 24 मार्च 1977 से |
| सबसे युवा प्रधानमंत्री | राजीव गांधी, चालीस वर्ष, 31 अक्टूबर 1984 से |
| पद संभालने वाले सबसे वरिष्ठ | मोरारजी देसाई, इक्यासी वर्ष |
| पद पर रहते निधन | नेहरू (1964), शास्त्री (1966, ताशकंद), इंदिरा गांधी (1984) |
| अपनी सरकार का सबसे छोटा कार्यकाल | अटल बिहारी वाजपेयी, 1996 में सोलह दिन |
| लोकसभा का सामना नहीं किया | चरण सिंह, 1979 से 1980 |
| प्रधानमंत्री की नियुक्ति | अनुच्छेद 75(1), राष्ट्रपति द्वारा |
| राष्ट्रपति के प्रति कर्तव्य | अनुच्छेद 78 |
| मंत्रिपरिषद की सीमा | लोकसभा के पंद्रह प्रतिशत, अनुच्छेद 75(1A) |
| नीति आयोग के अध्यक्ष | प्रधानमंत्री, पदेन |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे?
- A.सरदार वल्लभभाई पटेल
- B.जवाहरलाल नेहरू
- C.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- D.सी. राजगोपालाचारी
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उन्होंने 15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और 27 मई 1964 को अपने निधन तक इस पद पर रहे, इसलिए वे भारत के प्रथम और सर्वाधिक समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री दोनों हैं; विदेश मंत्रालय भी उन्होंने अपने पास रखा था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जनवरी 1966 में ताशकंद में किस भारतीय प्रधानमंत्री का निधन हुआ?
- A.जवाहरलाल नेहरू
- B.गुलजारी लाल नंदा
- C.लाल बहादुर शास्त्री
- D.मोरारजी देसाई
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वे 9 जून 1964 को प्रधानमंत्री बने, 1965 के भारत-पाक युद्ध में देश का नेतृत्व किया, जय जवान जय किसान का नारा दिया, और ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करने के अगले दिन 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में उनका निधन हो गया; इस प्रकार वे देश से बाहर निधन होने…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री कौन रहे हैं?
- A.राजीव गांधी
- B.इंदिरा गांधी
- C.चंद्रशेखर
- D.वी. पी. सिंह
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उन्होंने 31 अक्टूबर 1984 को, जिस दिन उनकी माता इंदिरा गांधी की हत्या हुई, चालीस वर्ष की आयु में शपथ ली, इसलिए वे इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा व्यक्ति हैं; सबसे अधिक आयु के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई थे, जिन्होंने इक्यासी वर्ष की आयु में पद संभाला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस भारतीय प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में कभी लोकसभा का सामना नहीं किया?
- A.गुलजारी लाल नंदा
- B.चरण सिंह
- C.आई. के. गुजराल
- D.एच. डी. देवेगौड़ा
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उन्होंने 28 जुलाई 1979 को बाहरी समर्थन से शपथ ली, परंतु लोकसभा की बैठक से पहले ही वह समर्थन वापस ले लिया गया, और उन्होंने मतदान का सामना करने के बजाय त्यागपत्र दे दिया; इस प्रकार जनवरी 1980 तक प्रधानमंत्री रहते हुए भी उन्होंने सदन का सामना नहीं किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की नियुक्ति का प्रावधान करता है?
- A.अनुच्छेद 72
- B.अनुच्छेद 74
- C.अनुच्छेद 75
- D.अनुच्छेद 78
उत्तर देखें
अनुच्छेद 75(1) कहता है कि प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करेगा; इसी अनुच्छेद में मंत्रिपरिषद के आकार पर पंद्रह प्रतिशत की सीमा, लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व, दोनों सदनों से बाहर के मंत्री के लिए छह महीने का नियम और…
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस अनुच्छेद के अंतर्गत मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी राष्ट्रपति को देना प्रधानमंत्री का कर्तव्य है?
- A.अनुच्छेद 76
- B.अनुच्छेद 77
- C.अनुच्छेद 78
- D.अनुच्छेद 79
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यह प्रधानमंत्री का कर्तव्य बनाता है कि वह संघ के प्रशासन और विधान के प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी निर्णय राष्ट्रपति को बताए, राष्ट्रपति द्वारा मांगी गई जानकारी दे, और ऐसा कोई विषय, जिस पर किसी मंत्री ने निर्णय ले लिया है परंतु मंत्रिपरिषद ने विचार नहीं किया, परिषद…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के प्रथम गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री कौन थे?
- A.चरण सिंह
- B.मोरारजी देसाई
- C.वी. पी. सिंह
- D.अटल बिहारी वाजपेयी
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आपातकाल के अंत में हुए 1977 के आम चुनाव के बाद जनता पार्टी ने सरकार बनाई और मोरारजी देसाई कांग्रेस के बाहर से प्रथम प्रधानमंत्री बने; उन्होंने 24 मार्च 1977 को इक्यासी वर्ष की आयु में पद संभाला, जिससे वे पद ग्रहण करने वाले सबसे अधिक आयु के प्रधानमंत्री भी…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री दो बार रहने वाले एकमात्र व्यक्ति कौन हैं?
- A.गुलजारी लाल नंदा
- B.चंद्रशेखर
- C.चरण सिंह
- D.जगजीवन राम
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वरिष्ठतम मंत्री होने के कारण उन्हें मई 1964 में नेहरू के निधन के बाद और फिर जनवरी 1966 में शास्त्री के निधन के बाद कार्यभार संभालने की शपथ दिलाई गई, दोनों बार तेरह दिन के लिए, जब तक सत्तारूढ़ दल ने नया नेता नहीं चुना; संविधान में कार्यवाहक प्रधानमंत्री का…
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोकसभा में विश्वास मत हारने वाले प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री कौन थे?
- A.मोरारजी देसाई
- B.चरण सिंह
- C.वी. पी. सिंह
- D.चंद्रशेखर
उत्तर देखें
भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद नवंबर 1990 में उनकी राष्ट्रीय मोर्चा सरकार लोकसभा में विश्वास मत हार गई और उन्होंने त्यागपत्र दे दिया; इस प्रकार वे त्यागपत्र या चुनाव के बजाय सदन के मत से हटने वाले प्रथम प्रधानमंत्री बने।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस संविधान संशोधन द्वारा मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा की सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित किया गया?
- A.तिहत्तरवां संशोधन
- B.छियासीवां संशोधन
- C.इक्यानवेवां संशोधन
- D.सत्तानवेवां संशोधन
उत्तर देखें
संविधान (इक्यानवेवां संशोधन) अधिनियम 2003 ने अनुच्छेद 75(1A) जोड़ा, जो संघीय मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या, प्रधानमंत्री सहित, लोकसभा के कुल सदस्यों के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित करता है, और अनुच्छेद 164(1A) राज्यों के लिए यही व्यवस्था करता है, जिसमें न्यूनतम बारह मंत्रियों की छूट है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कौन-से भारतीय प्रधानमंत्री अपने पूरे कार्यकाल में राज्यसभा के सदस्य रहे?
- A.पी. वी. नरसिम्हा राव
- B.मनमोहन सिंह
- C.आई. के. गुजराल
- D.एच. डी. देवेगौड़ा
उत्तर देखें
वे मई 2004 से मई 2014 तक प्रधानमंत्री रहे और इन दस वर्षों में पूरे समय राज्यसभा के सदस्य रहे, जो संभव है क्योंकि अनुच्छेद 75 केवल यह अपेक्षा करता है कि मंत्री छह महीने के भीतर किसी एक सदन का सदस्य बन जाए; वे इस पद पर पहुंचने वाले…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे?
जवाहरलाल नेहरू, जिन्होंने 15 अगस्त 1947 को पद संभाला और 27 मई 1964 को अपने निधन तक इस पद पर रहे। वे भारत के प्रथम और सर्वाधिक समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री हैं और विदेश मंत्रालय भी उन्होंने अपने पास रखा।
संविधान का कौन-सा अनुच्छेद प्रधानमंत्री से संबंधित है?
अनुच्छेद 74 प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद का प्रावधान करता है, अनुच्छेद 75 प्रधानमंत्री और मंत्रियों की नियुक्ति तथा उत्तरदायित्व का, और अनुच्छेद 78 राष्ट्रपति के प्रति प्रधानमंत्री के कर्तव्यों का।
क्या प्रधानमंत्री राज्यसभा का सदस्य हो सकता है?
हां। संविधान केवल यह अपेक्षा करता है कि मंत्री नियुक्ति के छह महीने के भीतर किसी एक सदन का सदस्य बन जाए। इंदिरा गांधी 1966 में पद संभालते समय राज्यसभा में थीं और मनमोहन सिंह अपने दस वर्ष के पूरे कार्यकाल में राज्यसभा सदस्य रहे।
भारत में सबसे छोटा कार्यकाल किस प्रधानमंत्री का रहा?
गुलजारी लाल नंदा एक बार में केवल तेरह दिन पद पर रहे, परंतु कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में। अपनी सरकार बनाने वालों में सबसे छोटा कार्यकाल अटल बिहारी वाजपेयी का रहा, जिनकी मई 1996 की सरकार सोलह दिन चली।
किन प्रधानमंत्रियों का निधन पद पर रहते हुआ?
तीन का। जवाहरलाल नेहरू का 27 मई 1964 को, लाल बहादुर शास्त्री का 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में, और इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को हत्या हुई। पहले दो अवसरों पर गुलजारी लाल नंदा को कार्यवाहक प्रधानमंत्री की शपथ दिलाई गई।
स्रोत
- भारत के पूर्व प्रधानमंत्री — प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार
- प्रधानमंत्री का परिचय — प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार
- भारत का संविधान, भाग 5, अनुच्छेद 74 से 78 — भारत सरकार





