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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 42

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 42) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: संविधान की अनुसूचियां, भारत में आरक्षण: संवैधानिक प्रावधान, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कोटा, संवैधानिक और सांविधिक निकाय और अन्य। इनमें से 9 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

तीन विधायी सूचियों वाली सातवीं अनुसूची संविधान के किस अनुच्छेद के साथ पढ़ी जाती है?

  1. A.अनुच्छेद 243
  2. B.अनुच्छेद 244
  3. C.अनुच्छेद 246
  4. D.अनुच्छेद 248
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 246

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 246। अनुच्छेद 246 सातवीं अनुसूची की तीनों सूचियों के संदर्भ में विधायी शक्तियों का बंटवारा करता है: संघ सूची पर संसद की अनन्य शक्ति, राज्य सूची पर राज्य विधानमंडल की और समवर्ती सूची पर दोनों की। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 243 पंचायतों से संबंधित भाग 9 का परिभाषा अनुच्छेद है, जिसकी अनुसूची ग्यारहवीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 244 अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों से संबंधित पांचवीं तथा छठी अनुसूची का अनुच्छेद है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 248 अवशिष्ट विधायी शक्तियों से संबंधित है, जो संसद के पास हैं और जिन पर अलग प्रश्न बनते हैं। मूल रूप से संघ सूची में 97, राज्य सूची में 66 और समवर्ती सूची में 47 प्रविष्टियां थीं, और 42वें संशोधन, 1976 ने शिक्षा तथा वन सहित पांच विषय राज्य सूची से समवर्ती सूची में डाल दिए।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

किस आयोग ने सरकारी सेवाओं के सभी स्तरों पर ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की थी?

  1. A.सरकारिया आयोग
  2. B.मंडल आयोग
  3. C.बलवंत आयोग
  4. D.कोठारी आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मंडल आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, मंडल आयोग। बी. पी. मंडल की अध्यक्षता वाले द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने केंद्र सरकार की सेवाओं और सार्वजनिक उपक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी। यह आयोग 1979 में बना और 1980 में रिपोर्ट दी, जिसमें 3,743 जातियों को पिछड़ा बताया गया और जनसंख्या में ओबीसी का हिस्सा लगभग 52 प्रतिशत आँका गया। कोटा 27 प्रतिशत रखा गया ताकि कुल आरक्षण न्यायालय द्वारा बताई 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहे। यह सिफारिश 1990 में लागू हुई और उच्चतम न्यायालय ने 1992 के इंद्रा साहनी मामले में इसे वैध ठहराया। A गलत है क्योंकि 1983 के सरकारिया आयोग ने केंद्र-राज्य संबंधों की जाँच की थी। C गलत है क्योंकि 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायती राज की सिफारिश की थी। D गलत है क्योंकि 1964-66 का कोठारी आयोग शिक्षा से जुड़ा था। परीक्षा टिप: मंडल आयोग 1979, रिपोर्ट 1980, 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा, इंद्रा साहनी 1992।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

नीति आयोग के बारे में कौन कथन सही है?

  1. A.यह अनुच्छेद 282 से बना संवैधानिक निकाय है
  2. B.यह 2015 में संसद के अधिनियम से बना सांविधिक निकाय है
  3. C.यह जनवरी 2015 में केंद्रीय मंत्रिमंडल के संकल्प से बना
  4. D.यह 2014 में संसद के दोनों सदनों के संयुक्त संकल्प से बना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यह जनवरी 2015 में केंद्रीय मंत्रिमंडल के संकल्प से बना

व्याख्या

सही उत्तर C है। नीति आयोग, अर्थात राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान, 1 जनवरी 2015 के केंद्रीय मंत्रिमंडल के संकल्प से बना, और इसलिए उसे न संवैधानिक न सांविधिक दर्जा है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 282 केवल संघ या राज्य को लोक प्रयोजन के लिए अनुदान देने की अनुमति देता है और कोई संस्था नहीं बनाता; संविधान का कोई अनुच्छेद नीति आयोग का नाम नहीं लेता। विकल्प B गलत है क्योंकि संसद ने इसके लिए कोई अधिनियम पारित नहीं किया, और ठीक इसी कारण पहले का योजना आयोग किसी कानून के बिना बदला जा सका; योजना आयोग भी मार्च 1950 के मंत्रिमंडल संकल्प पर टिका था। विकल्प D में उपकरण और वर्ष दोनों गलत हैं। इसका व्यावहारिक निष्कर्ष याद रखने योग्य है: कार्यपालिक निकाय को अगला मंत्रिमंडल संकल्प से पुनर्गठित या भंग कर सकता है, इसलिए उसकी स्वतंत्रता कानून पर नहीं, परंपरा पर टिकी होती है, जबकि निर्वाचन आयोग या नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की स्वतंत्रता संविधान पर।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 3 Feb 2019मध्यम

अंतर-राज्य परिषद की स्थापना 1990 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.पुंछी आयोग
  2. B.सरकारिया आयोग
  3. C.राजमन्नार आयोग
  4. D.मुंगेरीलाल आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकारिया आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकारिया आयोग। केंद्र-राज्य संबंधों पर इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 1990 में राष्ट्रपति के आदेश से अंतर-राज्य परिषद गठित की गई थी। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को ऐसी परिषद बनाने की शक्ति देता है, जो राज्यों के बीच विवादों की जाँच करे, साझा हित के विषयों पर विचार करे और सिफारिशें दे। न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया की अध्यक्षता वाला यह आयोग 1983 में बना और 1988 में रिपोर्ट सौंपी; इसने परिषद को स्थायी निकाय बनाने की सलाह दी। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुंछी आयोग बहुत बाद में, 2007 में बना और 2010 में रिपोर्ट दी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1969 की राजमन्नार समिति तमिलनाडु सरकार ने बनाई थी, केंद्र ने नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुंगेरीलाल आयोग बिहार में पिछड़े वर्गों के आरक्षण से जुड़ा था। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 263 और सरकारिया आयोग से अंतर-राज्य परिषद, 1990।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

मंत्रियों, विधायकों और न्यायाधीशों द्वारा ली जाने वाली शपथ के प्रारूप किस अनुसूची में दिए गए हैं?

  1. A.पहली अनुसूची
  2. B.दूसरी अनुसूची
  3. C.तीसरी अनुसूची
  4. D.चौथी अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तीसरी अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है C, तीसरी अनुसूची। तीसरी अनुसूची में संघ के मंत्री, संसद के उम्मीदवार तथा सदस्य, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, नियंत्रक-महालेखापरीक्षक, राज्य के मंत्री तथा राज्य विधानमंडल के सदस्य की शपथ या प्रतिज्ञान के पाठ दिए गए हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि पहली अनुसूची में राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के नाम तथा उनका राज्यक्षेत्र वर्णित है। विकल्प B गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची उच्च संवैधानिक पदाधिकारियों के वेतन, भत्ते और विशेषाधिकार तय करती है, जो भारत या राज्य की संचित निधि पर भारित होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि चौथी अनुसूची राज्यसभा की सीटों का आवंटन करती है। परीक्षक यहां एक अपवाद पूछना पसंद करते हैं: राष्ट्रपति और राज्यपाल की शपथ तीसरी अनुसूची में नहीं, बल्कि अनुच्छेद 60 और 159 में ही दी गई है।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 05 Jun, 2025, Shift 3मध्यम

पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत, अनुसूचित क्षेत्रों में राज्यपाल के विनियम निम्नलिखित में से किस पर प्रतिबंध या रोक लगा सकते हैं?

  1. A.भूमि हस्तांतरण
  2. B.कर संग्रहण
  3. C.अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  4. D.जल उपयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भूमि हस्तांतरण

व्याख्या

सही उत्तर है A, भूमि हस्तांतरण। पाँचवीं अनुसूची राज्यपाल को अनुसूचित क्षेत्र की शांति और सुशासन के लिए विनियम बनाने की शक्ति देती है, और उसमें तीन विषय विशेष रूप से गिनाए गए हैं: अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण पर रोक या प्रतिबंध, उन्हें भूमि आवंटन का विनियमन, और उन्हें दिए जाने वाले साहूकारी ऋण का विनियमन। इसका उद्देश्य बाहरी लोगों द्वारा जनजातीय भूमि खरीद लेने को रोकना है, इसलिए भूमि का अलगाव ही इस प्रावधान का केंद्र है। ऐसे विनियम के लिए राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक है, और राज्यपाल को इन क्षेत्रों के प्रशासन पर हर वर्ष राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजनी होती है, जिसमें जनजाति सलाहकार परिषद उसकी सहायता करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि कराधान संसद और राज्य विधानमंडल तय करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मूल अधिकार है, जिसे राज्यपाल का विनियम सीमित नहीं कर सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि जल उपयोग इन तीन विषयों में नहीं है। परीक्षा टिप: पाँचवीं अनुसूची के विनियम: भूमि हस्तांतरण, भूमि आवंटन और साहूकारी।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत होती है?

  1. A.अनुच्छेद 76
  2. B.अनुच्छेद 148
  3. C.अनुच्छेद 165
  4. D.अनुच्छेद 324
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 76

व्याख्या

सही उत्तर A, अनुच्छेद 76 है। यह अनुच्छेद राष्ट्रपति से अपेक्षा करता है कि वे ऐसे व्यक्ति को भारत का महान्यायवादी नियुक्त करें जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश होने के योग्य हो। महान्यायवादी संघ का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, सरकार को विधिक विषयों पर सलाह देता है और उच्चतम न्यायालय में उसकी ओर से उपस्थित होता है। उसे भारत के सभी न्यायालयों में सुने जाने का अधिकार है तथा संसद के किसी भी सदन और उसकी समितियों में बोलने का अधिकार है, परंतु मत देने का अधिकार नहीं। विकल्प B, अनुच्छेद 148, नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का पद बनाता है। विकल्प C, अनुच्छेद 165, राज्य के लिए समानांतर व्यवस्था है और महाधिवक्ता नियुक्त करता है, इसलिए याद रखने योग्य जोड़ी है संघ के लिए 76 और राज्य के लिए 165। विकल्प D, अनुच्छेद 324, निर्वाचन आयोग से संबंधित है। एक प्रचलित भ्रम यह पूछना है कि महान्यायवादी केंद्रीय मंत्रिमंडल का सदस्य होता है या नहीं; उत्तर है नहीं, यह पद मंत्री का पद नहीं है।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2014 Official Papeकठिन

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत सामूहिक जुर्माना लगाने और वसूलने के लिए कौन सक्षम है?

  1. A.जिला मजिस्ट्रेट
  2. B.राज्य सरकार
  3. C.विशेष न्यायालय
  4. D.उच्च न्यायालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राज्य सरकार

व्याख्या

सही उत्तर है B, राज्य सरकार। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 16 नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के सामूहिक जुर्माने के प्रावधान को अत्याचार के मामलों तक बढ़ाती है, और किसी क्षेत्र के निवासियों पर सामूहिक जुर्माना लगाने तथा उसे वसूलने की शक्ति राज्य सरकार के पास है। इसका उद्देश्य यह है कि जब किसी बस्ती के लोग अत्याचार में सहायक बनें या अपराधियों को शरण दें, तो पूरी बस्ती जवाबदेह ठहराई जा सके; जुर्माना तय करने और उसे निवासियों के बीच बाँटने से पहले उन्हें सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। A गलत है क्योंकि जिला मजिस्ट्रेट ऐसे आदेशों का निष्पादन करता है, जुर्माना लगाने वाला प्राधिकारी नहीं है। C गलत है क्योंकि विशेष न्यायालय इस अधिनियम के अपराधों का विचारण करता है और व्यक्तिगत अपराधियों को दंड देता है। D गलत है क्योंकि उच्च न्यायालय अपीलें सुनता है और सामूहिक जुर्माना नहीं लगाता। परीक्षा टिप: यह जोड़ी याद रखें - धारा 16 का सामूहिक जुर्माना, लगाने वाली राज्य सरकार।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के संविधान की बारहवीं अनुसूची में कितने विषय सूचीबद्ध हैं?

  1. A.12
  2. B.18
  3. C.21
  4. D.29
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 18

व्याख्या

सही उत्तर है B, 18। बारहवीं अनुसूची संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ी गई और इसमें अठारह कार्य गिनाए गए हैं जिन्हें राज्य विधानमंडल अनुच्छेद 243ब के अंतर्गत नगरीय निकायों को सौंप सकता है, जैसे नगर नियोजन, जलापूर्ति, लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता, अग्निशमन सेवाएं, झुग्गी सुधार, शहरी गरीबी उन्मूलन तथा कसाईखानों और चर्मशोधनशालाओं का विनियमन। विकल्प A गलत है क्योंकि बारह संविधान की अनुसूचियों की कुल संख्या है, इस अनुसूची की प्रविष्टियों की नहीं, और प्रश्न इसी भ्रम पर बना है। विकल्प C गलत है क्योंकि इक्कीस किसी अनुसूची की संख्या नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि उनतीस ग्यारहवीं अनुसूची के पंचायत विषयों की संख्या है। सरल सूत्र यह है: ग्रामीण उनतीस अनुच्छेद 243ग में और नगरीय अठारह अनुच्छेद 243ब में। परीक्षक अठारह और उनतीस की अदला-बदली करके प्रश्न बनाते हैं, इसलिए दोनों संख्याएं अपने-अपने संशोधन और अनुच्छेद के साथ ही याद करें।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 23 Nov 2021, Shift 1आसान

भारतीय जनता पार्टी की स्थापना निम्नलिखित में से किस वर्ष में हुई थी?

  1. A.1957
  2. B.1934
  3. C.1980
  4. D.1967
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1980

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1980। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई, जब जनता पार्टी टूट गई थी।

इसकी पूर्वज भारतीय जनसंघ थी, जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में शुरू किया था। 1977 में जनसंघ ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी बनाई, जो आपातकाल के बाद सत्ता में आई। 1979 में यह गठबंधन टूटा, तो उसके पूर्व जनसंघ सदस्य अलग हुए और 1980 में भाजपा बनाई, जिसके पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी थे। पार्टी का चुनाव चिह्न कमल है। इसने पहली बार 1996 में तेरह दिन की सरकार बनाई और फिर 1998 से 2004 तक वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार चलाई।

A गलत है: 1957 दूसरे आम चुनाव का वर्ष था, इस पार्टी के जन्म का नहीं। B गलत है: 1934 औपनिवेशिक काल में पड़ता है, भाजपा के अस्तित्व से बहुत पहले। D गलत है: 1967 चौथे आम चुनाव का और कई राज्यों में पहली गैर-कांग्रेस सरकारों का वर्ष था।

परीक्षा टिप: 1951 में जनसंघ, 1977 में जनता पार्टी, और 6 अप्रैल 1980 को भाजपा की स्थापना, पहले अध्यक्ष वाजपेयी।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य को राष्ट्रपति उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद ही हटा सकते हैं। यह प्रक्रिया किस अनुच्छेद में दी गई है?

  1. A.अनुच्छेद 315
  2. B.अनुच्छेद 316
  3. C.अनुच्छेद 317
  4. D.अनुच्छेद 320
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 317

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 317 है। यह उपबंध करता है कि लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को कदाचार के आधार पर राष्ट्रपति के आदेश से तभी हटाया जाएगा जब राष्ट्रपति के निर्देश पर उच्चतम न्यायालय जांच कर यह प्रतिवेदन दे चुका हो कि उसे हटाया जाना चाहिए। राष्ट्रपति ऐसे सदस्य को भी हटा सकते हैं जो दिवालिया घोषित हो जाए, अपने कर्तव्यों के बाहर वेतनभोगी नियोजन कर ले, या मानसिक अथवा शारीरिक अक्षमता के कारण पद के लिए अयोग्य हो। विकल्प A, अनुच्छेद 315, वह अनुच्छेद है जो आयोगों का गठन करता है। विकल्प B, अनुच्छेद 316, नियुक्ति और पदावधि से संबंधित है। विकल्प D, अनुच्छेद 320, आयोगों के कार्य गिनाता है, जिसमें परीक्षाएं कराना और अनुशासनिक विषयों पर सलाह देना शामिल है। परीक्षक जो तुलना चाहता है वह नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त से है, जिन्हें केवल दोनों सदनों के समावेदन से, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की रीति से, हटाया जा सकता है।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 9 August 2017, Shift 3आसान

दल-बदल विरोधी कानून भारतीय संविधान की किस अनुसूची में दिया गया है?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.दसवीं अनुसूची
  3. C.तीसरी अनुसूची
  4. D.चौथी अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है B, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी कानून संविधान की दसवीं अनुसूची में रखा गया है, जो बताती है कि दल बदलने पर संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य अपनी सीट कब खो देता है। इसे 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया, क्योंकि उससे पहले के वर्षों में दल-बदल के कारण कई सरकारें गिर गई थीं। सदस्य अयोग्य ठहराया जाता है यदि वह स्वेच्छा से उस दल की सदस्यता छोड़ दे जिसके टिकट पर वह जीता था, या दल के व्हिप के विरुद्ध मतदान करे। ऐसे मामले का फैसला सदन का अध्यक्ष या सभापति करता है और न्यायालय उस फैसले की समीक्षा कर सकते हैं। 2003 के 91वें संशोधन ने एक-तिहाई विभाजन की पुरानी छूट हटा दी, इसलिए अब केवल दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन वाला विलय ही संरक्षित है। A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, अध्यक्षों और न्यायाधीशों के वेतन-भत्ते तय करती है। C गलत है क्योंकि तीसरी अनुसूची में शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप हैं। D गलत है क्योंकि चौथी अनुसूची राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को राज्यसभा की सीटें बाँटती है। परीक्षा टिप: दसवीं अनुसूची – दल-बदल – 52वाँ संशोधन, 1985।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

वर्ष 1949 में अंगीकृत भारत के संविधान में कितनी अनुसूचियां थीं?

  1. A.सात
  2. B.आठ
  3. C.दस
  4. D.बारह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आठ

व्याख्या

सही उत्तर है B, आठ। संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत संविधान में आठ अनुसूचियां थीं, साथ ही बाईस भाग और तीन सौ पंचानबे अनुच्छेद। विकल्प A गलत है क्योंकि सात उस अनुसूची की संख्या है जिसमें तीन विधायी सूचियां हैं, अनुसूचियों की कुल संख्या नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि आरंभ में संख्या दस कभी नहीं थी; दसवीं अनुसूची 1985 में आई, और उससे पहले 1974 से 1975 तक सिक्किम से संबंधित एक अल्पकालिक दसवीं अनुसूची रही थी। विकल्प D गलत है क्योंकि बारह वर्तमान संख्या है, जो 1992 में 73वें और 74वें संशोधनों से ग्यारहवीं तथा बारहवीं अनुसूची जुड़ने पर पूरी हुई। याद रखने का क्रम यह है: आरंभ में आठ, 1951 में नौ, 1985 में दस और 1992 में एक साथ ग्यारह तथा बारह। यह भी स्मरण रखें कि मूल संविधान में भाग बाईस और अनुच्छेद तीन सौ पंचानबे थे, जबकि अनुसूचियां केवल आठ थीं।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 10 जुलाई 2024, शिफ्ट 3मध्यम

प्रस्तावना के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द-क्रम सही है?

  1. A.संप्रभु, पंथनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक, गणराज्य
  2. B.संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य
  3. C.पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, पंथनिरपेक्ष, समाजवादी, संप्रभु
  4. D.समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य, संप्रभु
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य

व्याख्या

सही उत्तर संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य है। प्रस्तावना भारत का वर्णन इसी क्रम में करती है: "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य"। समाजवादी और पंथनिरपेक्ष शब्द 1976 में 42वें संशोधन से संप्रभु और लोकतांत्रिक के बीच जोड़े गए; उससे पहले यह वाक्यांश "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" था।

पहला विकल्प समाजवादी और पंथनिरपेक्ष की जगह आपस में बदल देता है, जो सबसे आम गलती है, क्योंकि दोनों शब्द एक साथ जोड़े गए थे। तीसरा विकल्प "पंथनिरपेक्ष" को दोहराता है और गलत शब्द से शुरू होता है, और चौथा "संप्रभु" को आगे से हटाकर अंत में रख देता है। क्रम याद रखने का आसान तरीका: 1976 में जोड़े गए दोनों शब्द बीच में साथ-साथ हैं, पहले समाजवादी फिर पंथनिरपेक्ष, मूल पहले शब्द (संप्रभु) और मूल अंतिम दो शब्दों (लोकतांत्रिक गणराज्य) के बीच।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

निकाय और उसे बनाने वाले अधिनियम की सही जोड़ी चुनिए।

  1. A.राष्ट्रीय हरित अधिकरण और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
  2. B.केंद्रीय सूचना आयोग और सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
  3. C.राष्ट्रीय महिला आयोग और मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993
  4. D.भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड और कंपनी अधिनियम, 1956
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केंद्रीय सूचना आयोग और सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005

व्याख्या

सही उत्तर B है। केंद्रीय सूचना आयोग सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 से बना है और संघ के लोक सूचना अधिकारियों तथा प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों के आदेशों के विरुद्ध द्वितीय अपील सुनता है। विकल्प A गलत है: राष्ट्रीय हरित अधिकरण राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 से बना है, जबकि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 भोपाल गैस त्रासदी के बाद बना व्यापक पर्यावरणीय कानून है। विकल्प C गलत है: राष्ट्रीय महिला आयोग राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 से बना है, और मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा राज्य मानवाधिकार आयोग बनाए। विकल्प D गलत है: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी अधिनियम, 1992 से सांविधिक नियामक बना, इससे पहले वह 1988 में प्रशासनिक निकाय के रूप में शुरू हुआ था, और कंपनी अधिनियम कंपनियों के निगमन तथा संचालन से संबंधित था।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किसे 1967 में भारत की राजभाषाओं की सूची में जोड़ा गया था?

  1. A.मणिपुरी
  2. B.नेपाली
  3. C.कोंकणी
  4. D.सिंधी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सिंधी

व्याख्या

सही उत्तर है D, सिंधी। सिंधी को 1967 के 21वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया था।

आठवीं अनुसूची उन भाषाओं की सूची है जिन्हें संविधान मान्यता देता है, और अभ्यर्थी इनमें से किसी भी भाषा में सिविल सेवा परीक्षा दे सकता है। 1950 में इसमें 14 भाषाएँ थीं। 1967 में सिंधी पंद्रहवीं भाषा बनी, क्योंकि विभाजन के बाद बड़ी सिंधी भाषी आबादी भारत आई जिसका अपना कोई राज्य नहीं था। कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को 1992 के 71वें संशोधन से एक साथ जोड़ा गया, तथा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 2003 के 92वें संशोधन से, जिससे सूची 22 भाषाओं की हो गई।

विकल्प A गलत है क्योंकि मणिपुरी 1992 में जोड़ी गई। विकल्प B गलत है क्योंकि नेपाली भी 1992 में आई। विकल्प C गलत है क्योंकि कोंकणी उसी 1992 के समूह में थी।

परीक्षा टिप: 21वाँ संशोधन 1967 में सिंधी; 71वाँ 1992 में कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली; 92वाँ 2003 में बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से संबंधित पांचवीं अनुसूची किस अनुच्छेद के साथ पढ़ी जाती है?

  1. A.अनुच्छेद 243ग
  2. B.अनुच्छेद 244(1)
  3. C.अनुच्छेद 244(2)
  4. D.अनुच्छेद 371क
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 244(1)

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 244(1)। अनुच्छेद 244(1) कहता है कि असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के अतिरिक्त किसी भी राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों तथा अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण पर पांचवीं अनुसूची के उपबंध लागू होंगे। इसके अंतर्गत राज्यपाल अनुसूचित क्षेत्र के लिए विनियम बनाता है, जनजाति सलाहकार परिषद गठित होती है और राज्यपाल ऐसे क्षेत्रों के प्रशासन पर राष्ट्रपति को प्रतिवर्ष प्रतिवेदन भेजता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 243ग पंचायतों की शक्तियों का अनुच्छेद है, जिससे ग्यारहवीं अनुसूची जुड़ी है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 244(2) पूर्वोत्तर के चार राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के लिए छठी अनुसूची लाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 371क नागालैंड के विशेष उपबंध हैं, जो पांचवीं और छठी अनुसूची दोनों की व्यवस्था से बाहर हैं। पांचवीं अनुसूची के क्षेत्र राष्ट्रपति की अधिसूचना से घोषित होते हैं, और यही बात इसे छठी अनुसूची की परिषद प्रणाली से अलग करती है।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 12 July 2015मध्यम

भारत के संविधान के अनुच्छेद 371G के विशेष उपबंध किस राज्य से संबंधित हैं?

  1. A.जम्मू और कश्मीर
  2. B.झारखंड
  3. C.मिजोरम
  4. D.नागालैंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मिजोरम

व्याख्या

सही उत्तर है C, मिजोरम। अनुच्छेद 371G संविधान के भाग XXI में है, जिसमें अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध रखे गए हैं, और इसे 53वें संशोधन अधिनियम, 1986 द्वारा उस समय जोड़ा गया जब मिजोरम को पूर्ण राज्य बनाया गया। यह मिजो प्रथागत विधि और प्रथा, सामाजिक तथा धार्मिक रीति, और उस प्रथागत विधि पर आधारित दीवानी तथा दांडिक न्याय प्रशासन की रक्षा करता है: इन विषयों पर संसद का कानून मिजोरम में तभी लागू होता है जब राज्य की विधानसभा संकल्प द्वारा ऐसा तय करे। विधानसभा के लिए कम से कम चालीस सदस्य भी निर्धारित किए गए हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जम्मू और कश्मीर के लिए विशेष उपबंध अनुच्छेद 370 था, जिसका प्रवर्तन अगस्त 2019 में समाप्त कर दिया गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि झारखंड के लिए ऐसा कोई अनुच्छेद नहीं है; वह 2000 में एक साधारण पुनर्गठन अधिनियम से बिहार से अलग बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि नागालैंड के लिए अनुच्छेद 371A है, जो 1962 के 13वें संशोधन से जोड़ा गया। परीक्षा टिप: 371A नागालैंड, 371B असम, 371C मणिपुर, 371F सिक्किम, 371G मिजोरम, 371H अरुणाचल प्रदेश।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

संविधान का कौन अनुच्छेद भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी का उपबंध करता है?

  1. A.अनुच्छेद 343
  2. B.अनुच्छेद 344
  3. C.अनुच्छेद 350क
  4. D.अनुच्छेद 350ख
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अनुच्छेद 350ख

व्याख्या

सही उत्तर D, अनुच्छेद 350ख है। यह अनुच्छेद 7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 ने जोड़ा था और राष्ट्रपति से अपेक्षा करता है कि वे भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त करें, जिसे सामान्यतः भाषाई अल्पसंख्यक आयुक्त कहा जाता है, जो भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए दिए गए संरक्षणों से संबंधित सभी विषयों की जांच करे और राष्ट्रपति को प्रतिवेदन दे; राष्ट्रपति उसे संसद के समक्ष रखवाते हैं और संबंधित राज्य को भेजते हैं। विकल्प A, अनुच्छेद 343, देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की राजभाषा घोषित करता है। विकल्प B, अनुच्छेद 344, राजभाषा पर एक आयोग और संसद की एक समिति का उपबंध करता है। विकल्प C, अनुच्छेद 350क, निकट से जुड़ा उपबंध है जो प्रत्येक राज्य और स्थानीय प्राधिकारी को निर्देश देता है कि भाषाई अल्पसंख्यक वर्गों के बालकों को प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा दी जाए। ध्यान रखें कि 350क राज्यों को निर्देश है और 350ख अधिकारी का पद बनाता है; दोनों को उलट देना सामान्य भ्रम है।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संघ स्तर पर लोकपाल की स्थापना किस अधिनियम के अंतर्गत हुई?

  1. A.केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003
  2. B.सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
  3. C.लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013
  4. D.व्हिसल ब्लोअर संरक्षण अधिनियम, 2014
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013

व्याख्या

सही उत्तर C, लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 है। इस अधिनियम ने संघ के लिए लोकपाल नामक भ्रष्टाचार निरोधक लोकपाल संस्था बनाई, जिसमें एक अध्यक्ष और सदस्य होते हैं और जिनमें आधे से अधिक न्यायिक सदस्य नहीं होते, तथा राज्यों से लोकायुक्त स्थापित करने की अपेक्षा की। यह विचार 1960 के दशक के प्रशासनिक सुधार आयोग की उस सिफारिश से आया जिसमें केंद्र में लोकपाल और प्रत्येक राज्य में लोकायुक्त का सुझाव था। विकल्प A, केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003, ने 1964 में केंद्र सरकार के विभागों में सतर्कता पर सलाह देने के लिए बने निकाय को सांविधिक दर्जा दिया। विकल्प B, सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005, ने केंद्रीय और राज्य सूचना आयोग बनाए, कोई लोकपाल नहीं। विकल्प D, व्हिसल ब्लोअर संरक्षण अधिनियम, 2014, भ्रष्टाचार के बारे में प्रकटन प्राप्त करने और प्रकटन करने वाले की सुरक्षा की व्यवस्था देता है। चारों सांविधिक हैं, इसलिए प्रश्न निकाय के वर्ग की जगह ठीक जोड़ी की परीक्षा लेता है।

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