अम्ल, क्षार और लवण: पीएच मापक्रम और प्रमुख लवण
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अम्ल, क्षार और लवण के पूर्ण नोट्स: सूचक, पीएच मापक्रम, उदासीनीकरण, भोजन में अम्ल तथा प्रमुख लवणों का निर्माण और उपयोग।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

अम्ल, क्षार और लवण रसायन का वह अध्याय है जो परीक्षाओं को सबसे अधिक एक पंक्ति के तथ्य देता है: किस फल में कौन अम्ल है, कौन सूचक किस रंग में बदलता है, किस पदार्थ का पीएच कितना है और किस घरेलू रसायन का सूत्र क्या है। परिभाषाएँ पहले आती हैं, परंतु अंक तालिकाओं में छिपे हैं।
अम्ल और क्षार क्या हैं
आर्रेनियस के अनुसार अम्ल वह पदार्थ है जो जल में हाइड्रोजन आयन देता है और क्षार वह जो हाइड्रॉक्साइड आयन देता है। ब्रॉन्स्टेड और लोरी की व्यापक परिभाषा अम्ल को प्रोटॉन दाता और क्षार को प्रोटॉन ग्राही कहती है, जबकि लुईस ने अम्ल को इलेक्ट्रॉन युग्म ग्राही और क्षार को इलेक्ट्रॉन युग्म दाता बताया। जल में घुलनशील क्षार को क्षारक अथवा एल्कली कहते हैं, इसलिए हर एल्कली क्षार है परंतु हर क्षार एल्कली नहीं। अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं, नीले लिटमस को लाल करते हैं और विलयन में मुक्त आयनों के कारण विद्युत का चालन करते हैं। क्षार स्वाद में कड़वे होते हैं, छूने पर साबुन जैसे लगते हैं और लाल लिटमस को नीला करते हैं। हाइड्रोक्लोरिक, सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक जैसे प्रबल अम्ल लगभग पूरी तरह आयनित होते हैं, जबकि एसीटिक, कार्बोनिक और सिट्रिक जैसे दुर्बल अम्ल आंशिक रूप से; यही अंतर सोडियम हाइड्रॉक्साइड को अमोनियम हाइड्रॉक्साइड से अलग करता है।
सूचक
| सूचक | अम्ल में | क्षार में |
|---|---|---|
| लिटमस | लाल | नीला |
| मेथिल ऑरेंज | लाल | पीला |
| फिनॉल्फ्थेलिन | रंगहीन | गुलाबी |
| हल्दी | पीली, अपरिवर्तित | लाल |
प्याज और वैनिला गंधीय सूचक हैं, जिनकी गंध क्षार नष्ट कर देता है, और लिटमस स्वयं लाइकेन से प्राप्त होता है।
याद रखने योग्य अभिक्रियाएँ
- अम्ल और सक्रिय धातु से लवण तथा हाइड्रोजन गैस बनती है, जो पॉप ध्वनि के साथ जलती है
- अम्ल और धातु कार्बोनेट या हाइड्रोजन कार्बोनेट से लवण, जल और कार्बन डाइऑक्साइड बनती है, जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है
- अम्ल और क्षार से लवण तथा जल बनते हैं; इसे उदासीनीकरण कहते हैं
- धातु ऑक्साइड अम्ल से मिलकर लवण और जल देता है, इसलिए धातु ऑक्साइड क्षारीय होते हैं
- अधातु ऑक्साइड क्षार से मिलकर लवण और जल देता है, इसलिए अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं
पीएच मापक्रम
सोरेनसन द्वारा प्रस्तावित पीएच मापक्रम 0 से 14 तक चलता है और हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता मापता है; पीएच उस सांद्रता का ऋण लघुगणक है। 7 से कम मान अम्लीय, 7 उदासीन और 7 से अधिक क्षारीय होता है, तथा एक इकाई का अंतर दस गुना परिवर्तन दर्शाता है, इसलिए पीएच 3 वाले विलयन में पीएच 6 वाले विलयन से एक हजार गुना अधिक हाइड्रोजन आयन होते हैं। मानव रक्त का पीएच लगभग 7.4 रहता है और बहुत सीमित दायरे में ही घटता-बढ़ता है। आमाशय का जठर रस हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के कारण प्रबल अम्लीय होता है, जो पाचन में सहायक है और कीटाणु नष्ट करता है; इसकी अधिकता से अम्लता होती है, जिसका उपचार मिल्क ऑफ मैग्नीशिया अर्थात मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड जैसे प्रतिअम्ल से किया जाता है। कैल्शियम फॉस्फेट से बना दंतवल्क तब क्षरित होने लगता है जब मुँह का पीएच लगभग 5.5 से नीचे चला जाता है, इसीलिए मंजन हल्के क्षारीय होते हैं। लगभग 5.6 से कम पीएच वाले वर्षा जल को अम्लीय वर्षा कहा जाता है। अधिकांश फसलों को उदासीन के निकट मृदा पीएच चाहिए, और अम्लीय मृदा में बिना बुझा या बुझा चूना डाला जाता है।
दैनिक पदार्थों में अम्ल
| स्रोत | अम्ल |
|---|---|
| नींबू और संतरा | सिट्रिक अम्ल |
| सिरका | एसीटिक अम्ल |
| दही और खट्टा दूध | लैक्टिक अम्ल |
| इमली और अंगूर | टार्टरिक अम्ल |
| सेब | मैलिक अम्ल |
| चींटी का डंक और बिच्छू बूटी | फॉर्मिक अथवा मेथेनोइक अम्ल |
| पालक और टमाटर | ऑक्ज़ैलिक अम्ल |
लवण और प्रमुख यौगिक
जब अम्ल का हाइड्रोजन किसी धातु से प्रतिस्थापित होता है तो लवण बनता है, और उसका स्वभाव उसके जनकों पर निर्भर करता है। प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार से उदासीन लवण बनता है, जैसे सोडियम क्लोराइड; प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार से अम्लीय लवण, जैसे अमोनियम क्लोराइड; दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से क्षारीय लवण, जैसे सोडियम एसीटेट। साधारण नमक अर्थात सोडियम क्लोराइड क्लोर-क्षार प्रक्रम का कच्चा माल है, जिसमें लवणजल से विद्युत प्रवाहित करने पर सोडियम हाइड्रॉक्साइड, क्लोरीन और हाइड्रोजन प्राप्त होते हैं।
| प्रचलित नाम | रासायनिक नाम और सूत्र | उपयोग |
|---|---|---|
| बेकिंग सोडा | सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, NaHCO3 | प्रतिअम्ल, टार्टरिक अम्ल के साथ बेकिंग पाउडर, अग्निशामक |
| धोने का सोडा | सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट, Na2CO3.10H2O | सफाई, कठोर जल को मृदु करना, काँच और कागज उद्योग |
| विरंजक चूर्ण | कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड, CaOCl2 | कपड़े और कागज का विरंजन, जल का कीटाणुशोधन |
| प्लास्टर ऑफ पेरिस | कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट | प्लास्टर, साँचे, झूठी छत |
विरंजक चूर्ण शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करके बनाया जाता है। प्लास्टर ऑफ पेरिस जिप्सम अर्थात कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट को लगभग 373 केल्विन, यानी सौ डिग्री सेल्सियस तक गर्म करके बनता है; इससे अधिक गर्म करने पर उसका जमने का गुण नष्ट हो जाता है। प्लास्टर ऑफ पेरिस में जल मिलाने पर वह फिर जिप्सम बन जाता है, इसी से वह कठोर होकर जमता है। क्रिस्टलन जल किसी क्रिस्टल में जल अणुओं की निश्चित संख्या है, जो धोने के सोडे, जिप्सम और नीले थोथे अर्थात कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट में दिखाई देती है।
परीक्षा की दृष्टि से
अधिकांश अंक तीन सूचियों से आते हैं: किस भोज्य पदार्थ में कौन अम्ल, कौन सूचक अम्ल तथा क्षार में किस रंग का, और घरेलू लवणों के प्रचलित नाम के सामने रासायनिक नाम तथा सूत्र। पीएच के प्रश्न सरल संख्यात्मक रूप में आते हैं, जैसे पीएच कुछ इकाई बदलने पर हाइड्रोजन आयन सांद्रता का क्या होगा, अथवा चार में सबसे अम्लीय कौन है। अभिक्रियाएँ गैस पहचान के रूप में पूछी जाती हैं: हाइड्रोजन जलती तीली से पॉप ध्वनि देती है और कार्बन डाइऑक्साइड चूने के पानी को दूधिया करती है। निर्माण की पंक्तियाँ तैयार रखिए, क्योंकि शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन से विरंजक चूर्ण और 373 केल्विन पर जिप्सम से प्लास्टर ऑफ पेरिस लगभग शब्दशः पूछे जाते हैं। सामान्य जाल हैं सोडियम कार्बोनेट और सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट का भ्रम, हर क्षार को एल्कली कह देना, और यह भूल जाना कि अधिक पीएच का अर्थ कम हाइड्रोजन आयन सांद्रता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पीएच मापक्रम | 0 से 14; 7 से कम अम्लीय, 7 उदासीन, 7 से अधिक क्षारीय |
|---|---|
| आमाशय का अम्ल | जठर रस में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल |
| प्रतिअम्ल | मिल्क ऑफ मैग्नीशिया, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड |
| दंत क्षय | मुँह का पीएच लगभग 5.5 से नीचे जाने पर दंतवल्क क्षरित होता है |
| बेकिंग सोडा | सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, NaHCO3 |
| धोने का सोडा | सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट, Na2CO3.10H2O |
| विरंजक चूर्ण | CaOCl2, शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करके |
| प्लास्टर ऑफ पेरिस | जिप्सम को लगभग 373 केल्विन तक गर्म करके |
| चींटी के डंक का अम्ल | फॉर्मिक अम्ल, जिसे मेथेनोइक अम्ल भी कहते हैं |
| दही का अम्ल | लैक्टिक अम्ल |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
निम्नलिखित में से किसमें सिट्रिक अम्ल पाया जाता है?
- A.टमाटर
- B.संतरा
- C.इमली
- D.खट्टा दूध
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. संतरा
व्याख्या
सही उत्तर B, संतरा है। संतरा, नींबू, मौसमी और चकोतरा जैसे खट्टे फलों का तीखा खट्टापन सिट्रिक अम्ल के कारण होता है, और पाठ्यपुस्तकें इसी परिवार के लिए यही अम्ल बताती हैं, जो यहाँ अपेक्षित उत्तर है। विकल्प A गलत है क्योंकि मानक तालिका में टमाटर के साथ ऑक्ज़ैलिक अम्ल गिनाया जाता है, वही अम्ल जो पालक में मिलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि इमली में, अंगूर की तरह, टार्टरिक अम्ल होता है, जिसे बेकिंग सोडा के साथ मिलाकर बेकिंग पाउडर बनाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि खट्टे दूध और दही में लैक्टिक अम्ल होता है, जो दूध की शर्करा पर जीवाणुओं की क्रिया से बनता है। भोजन और अम्ल की जोड़ियों को एक साथ याद कीजिए, क्योंकि इनमें से कोई न कोई लगभग हर विज्ञान प्रश्नपत्र में आता है: नींबू और संतरे के साथ सिट्रिक, सिरके के साथ एसीटिक, सेब के साथ मैलिक और चींटी के डंक के साथ फॉर्मिक अम्ल।
किसी विलयन का पीएच 3 है। जब उसका पीएच बदलकर 6 हो जाता है, तब हाइड्रोजन आयन सांद्रता
- A.2 गुना बढ़ जाती है
- B.तीन गुना बढ़ जाती है
- C.100 गुना घट जाती है
- D.1000 गुना घट जाती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1000 गुना घट जाती है
व्याख्या
सही उत्तर D, 1000 गुना घट जाती है है। पीएच हाइड्रोजन आयन सांद्रता का ऋण लघुगणक है, इसलिए एक इकाई की वृद्धि का अर्थ है कि सांद्रता घटकर दसवाँ भाग रह गई। पीएच 3 से 6 तक जाना तीन इकाई की वृद्धि है, अर्थात दस गुणा दस गुणा दस, यानी हाइड्रोजन आयनों में एक हजार गुना कमी, और विलयन बहुत कम अम्लीय हो जाता है। विकल्प A और B दो कारणों से गलत हैं: पीएच बढ़ने का अर्थ सदैव हाइड्रोजन आयनों का घटना है, बढ़ना नहीं, और यह परिवर्तन कभी सीधा दुगुना या तिगुना नहीं होता क्योंकि मापक्रम लघुगणकीय है। विकल्प C गलत है क्योंकि सौ गुना कमी केवल दो इकाई के परिवर्तन पर होती, जैसे पीएच 3 से पीएच 5 तक। ध्यान रखिए कि यही नियम उलटी दिशा में भी लागू होता है, इसलिए पीएच 6 से 3 पर आने पर हाइड्रोजन आयन सांद्रता एक हजार गुना बढ़ जाती है।
बोरेक्स के विलयन में लिटमस डालने पर वह किस रंग का हो जाता है?
- A.गुलाबी
- B.नारंगी
- C.लाल
- D.नीला
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. नीला
व्याख्या
सही उत्तर D, नीला है। बोरेक्स अर्थात सोडियम टेट्राबोरेट प्रबल क्षार सोडियम हाइड्रॉक्साइड और दुर्बल अम्ल बोरिक अम्ल का लवण है, इसलिए जल में उसका विलयन क्षारीय होता है। क्षारीय विलयन लिटमस को नीला कर देता है, और यही मानक परीक्षण है। विकल्प A गलत है क्योंकि गुलाबी रंग क्षार में फिनॉल्फ्थेलिन का होता है, लिटमस का नहीं; दोनों सूचकों का घालमेल इस प्रश्न की सामान्य भूल है। विकल्प B गलत है क्योंकि नारंगी मेथिल ऑरेंज से जुड़ा है, जो अम्ल में लाल और क्षार में पीला होता है, और यहाँ उत्तर के रूप में केवल नारंगी नहीं देता। विकल्प C गलत है क्योंकि लिटमस अम्लीय विलयन में लाल होता है, जो बोरेक्स के प्रभाव के ठीक विपरीत है। यह जोड़ी याद रखिए: प्रबल क्षार और दुर्बल अम्ल के लवण, जैसे बोरेक्स, सोडियम कार्बोनेट और सोडियम एसीटेट, सभी क्षारीय विलयन देते हैं।
बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र क्या है?
- A.Na2CO3
- B.NaHCO3
- C.NaOH
- D.CaOCl2
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. NaHCO3
व्याख्या
सही उत्तर B, NaHCO3 है। बेकिंग सोडा सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है, एक मृदु और संक्षारक न होने वाला क्षार, जिसका उपयोग प्रतिअम्ल के रूप में, टार्टरिक अम्ल जैसे खाद्य अम्ल के साथ बेकिंग पाउडर में, तथा सोडा अम्ल अग्निशामक में होता है, जहाँ यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है। विकल्प A गलत है क्योंकि Na2CO3 सोडियम कार्बोनेट है और उसका डेकाहाइड्रेट धोने का सोडा कहलाता है, जो सफाई और कठोर जल को मृदु करने में काम आता है। विकल्प C गलत है क्योंकि NaOH सोडियम हाइड्रॉक्साइड अर्थात कास्टिक सोडा है, जो क्लोर-क्षार प्रक्रम से मिलने वाला प्रबल क्षार है। विकल्प D गलत है क्योंकि CaOCl2 विरंजक चूर्ण है, जो शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करके बनता है। विद्यार्थियों को सबसे अधिक भ्रम सोडियम कार्बोनेट और सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट में होता है, इसलिए याद रखिए कि जिसके नाम में हाइड्रोजन है वही रसोई का बेकिंग सोडा है।
चींटी के डंक में कौन सा अम्ल होता है?
- A.फॉर्मिक अम्ल
- B.सिट्रिक अम्ल
- C.लैक्टिक अम्ल
- D.टार्टरिक अम्ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. फॉर्मिक अम्ल
व्याख्या
सही उत्तर A, फॉर्मिक अम्ल है। चींटी का डंक और बिच्छू बूटी के रोम फॉर्मिक अम्ल छोड़ते हैं, जिसे मेथेनोइक अम्ल भी कहते हैं, और इसी से त्वचा में जलन होती है; बेकिंग सोडा जैसे मृदु क्षार या डॉक पौधे की पत्ती रगड़ने से अम्ल उदासीन होकर राहत मिलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि सिट्रिक अम्ल नींबू, संतरे और अन्य खट्टे फलों में होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि लैक्टिक अम्ल दही और खट्टे दूध में बनता है, तथा कठिन व्यायाम के समय माँसपेशियों में भी। विकल्प D गलत है क्योंकि टार्टरिक अम्ल इमली और अंगूर में मिलता है और बेकिंग पाउडर में बेकिंग सोडा के साथ प्रयुक्त होता है। यह प्रश्न इसलिए भी प्रिय है कि इसके साथ उदासीनीकरण का विचार जुड़ा है: अम्लीय चींटी के डंक का उपचार क्षार से होता है, जबकि क्षारीय ततैया के डंक पर सिरके जैसा मृदु अम्ल लगाया जाता है।
प्लास्टर ऑफ पेरिस निम्नलिखित में से किसे गर्म करके प्राप्त किया जाता है?
- A.चूना पत्थर
- B.जिप्सम
- C.बिना बुझा चूना
- D.धोने का सोडा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जिप्सम
व्याख्या
सही उत्तर B, जिप्सम है। प्लास्टर ऑफ पेरिस कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट है, जो जिप्सम अर्थात कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट को लगभग 373 केल्विन तक गर्म करने पर बनता है, जिससे उसका तीन चौथाई क्रिस्टलन जल निकल जाता है। फिर से जल मिलाने पर यह जिप्सम के कठोर पिंड के रूप में जम जाता है, इसीलिए इसका उपयोग प्लास्टर, साँचे, मूर्तियाँ और झूठी छत बनाने में होता है और इसे नमी रहित पात्र में रखना पड़ता है। विकल्प A गलत है क्योंकि चूना पत्थर कैल्शियम कार्बोनेट है और उसे गर्म करने पर बिना बुझा चूना तथा कार्बन डाइऑक्साइड मिलते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि बिना बुझा चूना कैल्शियम ऑक्साइड है, जो उसी अभिक्रिया का उत्पाद है, और उसमें जल मिलाने पर बुझा चूना बनता है। विकल्प D गलत है क्योंकि धोने का सोडा सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट है और उसे गर्म करने पर केवल क्रिस्टलन जल निकलता है। यह भी ध्यान रखिए कि जिप्सम को बहुत अधिक गर्म करने पर जमने का गुण नष्ट हो जाता है।
मानव आमाशय के जठर रस में कौन सा अम्ल होता है?
- A.सल्फ्यूरिक अम्ल
- B.नाइट्रिक अम्ल
- C.हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- D.एसीटिक अम्ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
व्याख्या
सही उत्तर C, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है। आमाशय की भित्ति हाइड्रोक्लोरिक अम्ल स्रावित करती है, जिससे जठर रस प्रबल अम्लीय हो जाता है, पेप्सिन एंजाइम प्रोटीन पचाने में सहायता पाता है और भोजन के साथ आए अनेक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। आमाशय श्लेष्मा की परत से अपनी रक्षा करता है, और अम्ल अधिक बनने पर जलन अर्थात अम्लता होती है, जिसका उपचार मिल्क ऑफ मैग्नीशिया जैसे प्रतिअम्ल से किया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल उर्वरक, बैटरी और अपमार्जक में प्रयुक्त औद्योगिक अम्ल है और जीवित ऊतक को नष्ट कर देगा। विकल्प B गलत है क्योंकि नाइट्रिक अम्ल भी प्रबल प्रयोगशाला तथा औद्योगिक अम्ल है, जो विस्फोटक और उर्वरक बनाने में काम आता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एसीटिक अम्ल सिरके का दुर्बल अम्ल है, जो खाद्य तो है परंतु आमाशय स्वयं उसे नहीं बनाता। ध्यान रखिए कि प्रतिअम्ल उदासीनीकरण से काम करता है, स्राव रोककर नहीं।
प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार के लवण अमोनियम क्लोराइड का जलीय विलयन कैसा होगा?
- A.अम्लीय
- B.क्षारीय
- C.उदासीन
- D.उभयधर्मी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अम्लीय
व्याख्या
सही उत्तर A, अम्लीय है। किसी लवण का स्वभाव उसे बनाने वाले अम्ल और क्षार की प्रबलता से तय होता है। अमोनियम क्लोराइड प्रबल अम्ल हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और दुर्बल क्षार अमोनियम हाइड्रॉक्साइड से बनता है, इसलिए प्रबल साथी हावी रहता है और विलयन का पीएच सात से कम होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि क्षारीय विलयन इसके उलट संयोजन से मिलता है, अर्थात दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से, जैसे सोडियम कार्बोनेट या सोडियम एसीटेट में। विकल्प C गलत है क्योंकि उदासीन विलयन तब बनता है जब दोनों साथी प्रबल हों, जिसका मानक उदाहरण हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सोडियम हाइड्रॉक्साइड से बना सोडियम क्लोराइड है। विकल्प D गलत है क्योंकि उभयधर्मी उस पदार्थ को कहते हैं जो अम्ल और क्षार दोनों की तरह व्यवहार करे, जैसे एल्युमिनियम ऑक्साइड या जल, और यहाँ लवण विलयन के बारे में यह नहीं पूछा गया। तीनों संयोजन याद कर लेने पर इस परिवार के सभी प्रश्न हल हो जाते हैं।
दंत क्षय तब आरंभ होता है जब मुँह का पीएच लगभग किससे नीचे चला जाता है?
- A.7.0
- B.6.5
- C.5.5
- D.3.5
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 5.5
व्याख्या
सही उत्तर C, 5.5 है। दंतवल्क कैल्शियम फॉस्फेट से बना शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है, और वह तब क्षरित होने लगता है जब मुँह का पीएच लगभग 5.5 से नीचे चला जाता है। मुँह के जीवाणु बची हुई शर्करा को अम्ल में बदल देते हैं, इसीलिए दाँतों पर लगी मिठाई क्षय लाती है और हल्के क्षारीय मंजन से सफाई करने पर अतिरिक्त अम्ल उदासीन हो जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 7.0 उदासीन बिंदु है, जहाँ दंतवल्क पूरी तरह सुरक्षित रहता है। विकल्प B गलत है क्योंकि 6.5 पर मुँह केवल थोड़ा अम्लीय होता है और दंतवल्क टिका रहता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 3.5 इस सीमा से कहीं अधिक अम्लीय है; क्षति उस मान तक पहुँचने से बहुत पहले आरंभ हो चुकी होगी। इसके निकट का वह आँकड़ा भी ध्यान रखिए जिससे भ्रम होता है: वर्षा को अम्लीय वर्षा तब कहते हैं जब उसका पीएच लगभग 5.6 से नीचे हो।
विरंजक चूर्ण किस पर क्लोरीन प्रवाहित करके बनाया जाता है?
- A.शुष्क बुझा चूना
- B.चूना पत्थर
- C.जिप्सम
- D.सोडियम कार्बोनेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. शुष्क बुझा चूना
व्याख्या
सही उत्तर A, शुष्क बुझा चूना है। विरंजक चूर्ण अर्थात कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड उद्योग में शुष्क बुझे चूने, यानी कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड, पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके बनाया जाता है। इसका उपयोग सूती तथा लिनन के कपड़े और काष्ठ लुगदी के विरंजन में, पेयजल के कीटाणुशोधन में और रासायनिक उद्योगों में ऑक्सीकारक के रूप में होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि चूना पत्थर कैल्शियम कार्बोनेट है और उसे गर्म करने पर बिना बुझा चूना तथा कार्बन डाइऑक्साइड मिलते हैं, कोई विरंजक नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि जिप्सम कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट है, जो प्लास्टर ऑफ पेरिस का कच्चा माल है। विकल्प D गलत है क्योंकि सोडियम कार्बोनेट धोने का सोडा है, जो सफाई और कठोर जल को मृदु करने में काम आता है। याद रखने योग्य शृंखला यह है: चूना पत्थर को गर्म करने पर बिना बुझा चूना, उसमें जल मिलाने पर बुझा चूना, और शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करने पर विरंजक चूर्ण।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्षार और एल्कली में क्या अंतर है?
क्षार अम्ल को उदासीन करके लवण और जल देता है। एल्कली वह क्षार है जो जल में घुल जाता है, जैसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड या पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड। इसलिए हर एल्कली क्षार है, परंतु कॉपर ऑक्साइड जैसा क्षार एल्कली नहीं है।
पीएच का 3 से 6 हो जाना इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
क्योंकि पीएच मापक्रम की हर इकाई दस गुना बदलाव है। तीन इकाई की वृद्धि का अर्थ है कि हाइड्रोजन आयन सांद्रता घटकर पहले की एक हजारवीं रह गई, अर्थात विलयन बहुत कम अम्लीय हो गया।
प्लास्टर ऑफ पेरिस कैसे बनता है और तापमान नियंत्रित क्यों रखना पड़ता है?
जिप्सम को लगभग 373 केल्विन तक गर्म करके, जिससे उसका कुछ क्रिस्टलन जल निकल जाता है। इससे अधिक गर्म करने पर सारा जल निकल जाता है और निर्जल कैल्शियम सल्फेट बचता है, जो फिर जमता नहीं।
सामान्य खाद्य पदार्थों में कौन से अम्ल होते हैं?
नींबू और संतरे में सिट्रिक अम्ल, सिरके में एसीटिक अम्ल, दही में लैक्टिक अम्ल, इमली और अंगूर में टार्टरिक अम्ल, सेब में मैलिक अम्ल तथा पालक और टमाटर में ऑक्ज़ैलिक अम्ल।
अम्ल और धातु कार्बोनेट की अभिक्रिया से क्या बनता है?
संगत लवण, जल और कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं। इस गैस की पहचान चूने के पानी में प्रवाहित करके होती है, जो अघुलनशील कैल्शियम कार्बोनेट बनने से दूधिया हो जाता है।
स्रोत
- विज्ञान (कक्षा X), अध्याय 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण — एनसीईआरटी
- विज्ञान (कक्षा VII), अध्याय 5: अम्ल, क्षारक और लवण — एनसीईआरटी
- रसायन विज्ञान भाग I (कक्षा XI), अध्याय 7: साम्यावस्था, विलयनों में आयनिक साम्य — एनसीईआरटी





