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GK नोट्ससामान्य विज्ञानईंधन और दहन

ईंधन और दहन: प्रकार, कैलोरी मान तथा ज्वाला

ईंधन और दहन पर परीक्षा नोट्स: अग्नि त्रिभुज, दहन के प्रकार, ज्वाला के क्षेत्र, कैलोरी मान, कोयला तथा पेट्रोलियम उत्पाद एवं अग्निशामक पदार्थ।

लेखक · प्रकाशित · 5 मिनट

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ईंधन और दहन: प्रकार, कैलोरी मान तथा ज्वाला — GK24 title card
ईंधन और दहन: प्रकार, कैलोरी मान तथा ज्वाला — GK24 title card

दहन वह रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके ऊष्मा देता है, और सामान्यतः प्रकाश भी। जो पदार्थ जलता है वह ईंधन है, और उससे निकलने वाली ऊर्जा ही चूल्हा, रेल इंजन, बिजलीघर और मानव शरीर चलाती है। परीक्षाओं के लिए यह अध्याय बहुत उपयोगी है, क्योंकि इसका लगभग हर तथ्य कोई परिभाषा, संख्या या जोड़ी है जो एक अंक के प्रश्न में बैठ जाती है: दहन का प्रकार और उसका लक्षण, ईंधन और उसका कैलोरी मान, ज्वाला का क्षेत्र और उसका रंग तथा ताप, और अग्निशामक तथा उस आग का मेल जिसके लिए वह बना है। यह नोट इन चारों को समेटता है।

दहन के लिए क्या आवश्यक है

जलने के लिए तीन बातें एक साथ चाहिए, जिन्हें अग्नि त्रिभुज कहा जाता है: दहनशील पदार्थ, दहन का सहायक अर्थात ऑक्सीजन, और ज्वलन ताप तक पहुंचाने योग्य ऊष्मा। ज्वलन ताप वह न्यूनतम ताप है जिस पर कोई पदार्थ आग पकड़ लेता है, और यह उस पदार्थ का निश्चित गुण है। जिन पदार्थों का ज्वलन ताप बहुत कम होता है, जैसे पेट्रोल, एल्कोहल और द्रवित पेट्रोलियम गैस, उन्हें ज्वलनशील पदार्थ कहते हैं। इससे जुड़ी धारणा फ्लैश बिंदु है, अर्थात वह न्यूनतम ताप जिस पर द्रव ईंधन के ऊपर की वाष्प ज्वाला के संपर्क में क्षणिक लपट देती है। त्रिभुज की कोई एक भुजा हटा दें तो आग बुझ जाती है, और हर अग्निशामक ठीक यही करता है।

दहन के प्रकार

  • द्रुत दहन: प्रज्वलित होने पर ईंधन तेजी से ऊष्मा और प्रकाश के साथ जलता है, जैसे रसोई गैस की ज्वाला।
  • स्वतः दहन: पदार्थ बाहरी ज्वाला के बिना स्वयं आग पकड़ लेता है, क्योंकि मंद ऑक्सीकरण से निकली ऊष्मा उस ऊष्मा से अधिक हो जाती है जो ज्वलन ताप तक पहुंचने के लिए आवश्यक है। श्वेत फॉस्फोरस इसका शास्त्रीय उदाहरण है, और कोयले की धूल के ढेर तथा सूखी घास के ढेर भी इसी तरह व्यवहार करते हैं।
  • विस्फोटक दहन: अभिक्रिया इतनी तेज होती है कि एक ही बार में बहुत अधिक गैस, ऊष्मा, प्रकाश और ध्वनि उत्पन्न होती है, जैसे पटाखे में।
  • पूर्ण दहन: पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है और ईंधन का कार्बन पूरी तरह कार्बन डाइऑक्साइड में बदल जाता है, जिससे स्वच्छ नीली ज्वाला बनती है।
  • अपूर्ण दहन: ऑक्सीजन कम पड़ती है, इसलिए कार्बन मोनोऑक्साइड तथा अनजला कार्बन बचता है; ज्वाला पीली और धुएं वाली होती है। कार्बन मोनोऑक्साइड वही गैस है जो बंद कमरे में कोयले की अंगीठी के साथ सोने वालों की जान लेती है, क्योंकि वह हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन की तुलना में कहीं अधिक मजबूती से जुड़ती है।

ज्वाला की संरचना

मोमबत्ती की ज्वाला में तीन क्षेत्र होते हैं। बत्ती के चारों ओर का अंतरतम क्षेत्र काला होता है, क्योंकि उसमें अनजली वाष्पित मोम रहती है और ऑक्सीजन सबसे कम मिलती है; यह सबसे ठंडा भाग है। मध्य क्षेत्र पीला और दीप्त होता है, जहां अपूर्ण दहन से चमकते कार्बन कण बनते हैं, और प्रकाश इसी क्षेत्र से मिलता है। बाह्यतम क्षेत्र हल्का नीला और लगभग अदृश्य होता है, जहां भरपूर वायु में पूर्ण दहन होता है; यही ज्वाला का सबसे गर्म भाग है, इसलिए सुनार फूंकनी से ज्वाला का बाहरी किनारा धातु पर डालता है। ज्वाला तभी बनती है जब ईंधन वाष्पित होता है; चारकोल बिना ज्वाला के दहकता है क्योंकि वह वाष्पित नहीं होता।

ईंधन और उनका कैलोरी मान

किसी ईंधन का कैलोरी मान वह ऊष्मा है जो उसके एक किलोग्राम के पूर्ण दहन पर मिलती है, और इसे किलोजूल प्रति किलोग्राम में व्यक्त किया जाता है; पाठ्यपुस्तकों में इसे प्रति ग्राम भी दिया जाता है। ईंधनों को अवस्था के आधार पर ठोस, द्रव और गैसीय, तथा उद्गम के आधार पर प्राथमिक या प्राकृतिक, जैसे लकड़ी, कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, और द्वितीयक या व्युत्पन्न, जैसे कोक, चारकोल, पेट्रोल, केरोसिन और कोल गैस, में बांटा जाता है।

ईंधनलगभग कैलोरी मान, किलोजूल प्रति ग्राम
हाइड्रोजन150
मेथेन55
द्रवित पेट्रोलियम गैस55
संपीडित प्राकृतिक गैस50
पेट्रोल, केरोसिन और डीजल45
बायोगैस35 से 40
चारकोललगभग 33
कोयला25 से 33
लकड़ी17 से 22
गोबर का उपला6 से 8

इस प्रकार सभी ईंधनों में सर्वाधिक कैलोरी मान हाइड्रोजन का है, इसीलिए उसे भविष्य का ईंधन कहा जाता है, यद्यपि उसका भंडारण और परिवहन कठिन है। द्रवित पेट्रोलियम गैस ब्यूटेन तथा प्रोपेन का मिश्रण है; संपीडित प्राकृतिक गैस मुख्यतः मेथेन है। अच्छे ईंधन का कैलोरी मान ऊंचा, ज्वलन ताप मध्यम और राख की मात्रा कम होनी चाहिए, वह भंडारण तथा ढुलाई में सुगम, सस्ता और सुलभ हो, और जलने पर हानिकारक उत्पाद न दे।

कोयला, पेट्रोलियम और उनके उत्पाद

कोयले का श्रेणीकरण उसमें निहित कार्बन से होता है। पीट में कार्बन सबसे कम होता है, फिर लिग्नाइट अर्थात भूरा कोयला, फिर बिटुमिनस कोयला, और एंथ्रासाइट में कार्बन सर्वाधिक तथा कैलोरी मान सबसे ऊंचा होता है, जो लगभग धुआं रहित जलता है। वायु की अनुपस्थिति में कोयले को गर्म करने को भंजक आसवन कहते हैं, जिससे कोक मिलता है, जो लगभग शुद्ध कार्बन है और धातुकर्म में अपचायक के रूप में काम आता है, साथ ही कोलतार तथा कोल गैस भी मिलती है। पेट्रोलियम को रिफाइनरी में प्रभाजी आसवन द्वारा पेट्रोलियम गैस, पेट्रोल, नेफ्था, केरोसिन, डीजल, स्नेहक तेल, पैराफिन मोम और बिटुमेन में अलग किया जाता है, क्वथनांक के बढ़ते क्रम में। पेट्रोल की गुणवत्ता ऑक्टेन संख्या से और डीजल की सीटेन संख्या से मापी जाती है।

आग पर नियंत्रण

अग्निशामक अग्नि त्रिभुज की कोई एक भुजा हटाता है। जल ईंधन को उसके ज्वलन ताप से नीचे ठंडा करता है और सबसे सस्ता अग्निशामक है, परंतु उसे तेल की आग पर कभी नहीं डालना चाहिए, क्योंकि तेल जल पर तैरकर फैल जाता है, और न ही बिजली की आग पर, क्योंकि जल विद्युत का चालक है और प्रयोग करने वाले को झटका दे सकता है। ऐसी आग के लिए कार्बन डाइऑक्साइड प्रयोग होती है: वह वायु से भारी है, इसलिए आग को ढककर ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देती है, और कोई अवशेष नहीं छोड़ती जिससे उपकरण खराब हो। सोडियम बाइकार्बोनेट या पोटैशियम बाइकार्बोनेट का शुष्क चूर्ण गर्म होने पर कार्बन डाइऑक्साइड देता है और यही काम करता है। ईंधन जलाने के दुष्प्रभाव भी महत्वपूर्ण हैं: कार्बन मोनोऑक्साइड से विषाक्तता, कार्बन डाइऑक्साइड से वैश्विक तापन, सल्फर तथा नाइट्रोजन के ऑक्साइड से अम्ल वर्षा, और अनजले कार्बन कणों से श्वसन रोग।

परीक्षा की दृष्टि से

इस अध्याय से पांच प्रकार के प्रश्न आते हैं। पहला, दहन के प्रकार का उसके लक्षण से मिलान, जिसमें स्वतः बनाम द्रुत सबसे आम जाल है। दूसरा, ज्वाला की संरचना, जहां लगभग सदैव सबसे गर्म क्षेत्र या मध्य क्षेत्र के दीप्त होने का कारण पूछा जाता है। तीसरा, कैलोरी मान, जिसमें हाइड्रोजन का सर्वाधिक होना निश्चित प्रश्न है और एलपीजी, सीएनजी तथा पेट्रोल के आंकड़े समूह में पूछे जाते हैं। चौथा, आमने-सामने रखी परिभाषाएं: ज्वलन ताप बनाम फ्लैश बिंदु, और कैलोरी मान बनाम दहन ऊष्मा। पांचवां, अग्निशामक, जिसमें तेल तथा बिजली की आग पर जल के असफल होने का कारण और कार्बन डाइऑक्साइड के काम करने का कारण, दोनों पूछे जाते हैं। कार्बन के बढ़ते क्रम में कोयले की श्रेणियां तथा भंजक आसवन के उत्पाद भी भरोसेमंद एक अंक के प्रश्न हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

अग्नि त्रिभुजईंधन, ऑक्सीजन जैसा दहन सहायक, और ज्वलन ताप तक पहुंचाने योग्य ऊष्मा
ज्वलन तापवह न्यूनतम ताप जिस पर पदार्थ आग पकड़ता है; पदार्थ का निश्चित गुण
फ्लैश बिंदुवह न्यूनतम ताप जिस पर द्रव ईंधन के ऊपर की वाष्प ज्वाला के संपर्क में लपट देती है
सबसे गर्म क्षेत्रबाह्यतम नीला अदीप्त क्षेत्र, जहां दहन पूर्ण होता है
सबसे ठंडा क्षेत्रबत्ती के चारों ओर अनजली वाष्पित ईंधन वाला अंतरतम काला क्षेत्र
सर्वाधिक कैलोरी मानहाइड्रोजन, लगभग 150 किलोजूल प्रति ग्राम
एलपीजी और सीएनजीएलपीजी ब्यूटेन तथा प्रोपेन; सीएनजी मुख्यतः मेथेन
एलपीजी में गंधक पदार्थएथिल मरकैप्टन, क्योंकि गैस स्वयं गंधहीन है
कोयले का बढ़ता क्रमपीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस, एंथ्रासाइट; कार्बन सर्वाधिक एंथ्रासाइट में
कोयले का भंजक आसवनकोक, कोलतार और कोल गैस देता है
पेट्रोल तथा डीजल की गुणवत्तापेट्रोल के लिए ऑक्टेन संख्या, डीजल के लिए सीटेन संख्या
तेल की आग पर जल क्यों नहींतेल जल पर तैरता है और जलती परत फैल जाती है
कार्बन डाइऑक्साइड क्यों कारगरवायु से भारी, आग को ढकती है, ऑक्सीजन काटती है, अवशेष नहीं छोड़ती
अपूर्ण दहन के उत्पादकार्बन मोनोऑक्साइड तथा अनजला कार्बन, पीली धुएं वाली ज्वाला

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 19 Dec 2021मध्यम

जब किसी पदार्थ से निकली ऊष्मा उस ऊष्मा से अधिक हो जो उसके ज्वलन के लिए आवश्यक है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा दहन होता है?

  1. A.द्रुत
  2. B.स्वतः
  3. C.पूर्ण
  4. D.विस्फोटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्वतः

व्याख्या

सही उत्तर B, स्वतः है। स्वतः दहन में पदार्थ बाहर से कोई ज्वाला पास लाए बिना स्वयं आग पकड़ लेता है। ऐसा तब होता है जब वायु में पदार्थ के मंद ऑक्सीकरण से उतनी ऊष्मा निकलती है जो उसके अपने ज्वलन ताप तक पहुंचने के लिए आवश्यक ऊष्मा से अधिक हो, इसलिए ऊष्मा एकत्र होती जाती है और अंत में पदार्थ भड़क उठता है। श्वेत फॉस्फोरस इसका मानक प्रयोगशाला उदाहरण है, और कोयले की धूल के ढेर, तेल सने कपड़े तथा नम घास के ढेर भी इसी प्रकार आग पकड़ते हैं। A, द्रुत दहन, गलत है क्योंकि उसमें ईंधन किसी बाहरी स्रोत से प्रज्वलित होने के बाद ही तेजी से जलता है, जैसे माचिस दिखाने पर रसोई गैस। C, पूर्ण दहन, जलने के ढंग को नहीं, उसकी गुणवत्ता को बताता है: पर्याप्त ऑक्सीजन के कारण ईंधन का कार्बन पूरी तरह कार्बन डाइऑक्साइड बन जाता है। D, विस्फोटक दहन, गलत है क्योंकि उसमें अभिक्रिया इतनी तेज होती है कि क्षण भर में गैस, ऊष्मा, प्रकाश और ध्वनि उत्पन्न होती है, जैसे पटाखे में।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 1 Oct 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस भोज्य पदार्थ का प्रति ग्राम कैलोरी मान सर्वाधिक है?

  1. A.घी
  2. B.मक्का
  3. C.चावल
  4. D.मांस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. घी

व्याख्या

सही उत्तर A, घी है। कैलोरी मान किसी पदार्थ के एक ग्राम के पूर्ण दहन पर निकली ऊष्मा है, और दिए गए चार भोज्य पदार्थों में सर्वाधिक घी का है, क्योंकि वह लगभग पूरी तरह वसा है। वसा से प्रति ग्राम लगभग नौ किलोकैलोरी मिलती है, जो कार्बोहाइड्रेट तथा प्रोटीन से मिलने वाली ऊर्जा की दोगुनी से भी अधिक है, क्योंकि वसा का कार्बन तथा हाइड्रोजन आरंभ में बहुत कम ऑक्सीकृत होता है और इसलिए ऑक्सीकरण पर अधिक ऊर्जा देता है। B, मक्का, और C, चावल, गलत हैं क्योंकि दोनों मुख्यतः स्टार्च अर्थात कार्बोहाइड्रेट हैं, जिससे प्रति ग्राम लगभग चार किलोकैलोरी मिलती है। D, मांस, गलत है क्योंकि वह मुख्यतः प्रोटीन और जल है; प्रोटीन से भी लगभग चार किलोकैलोरी मिलती है और मांस में उपस्थित जल से कोई ऊर्जा नहीं मिलती। इसी तर्क से तेल तथा मक्खन को ऊर्जा-घन आहार कहा जाता है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

मोमबत्ती की ज्वाला का सबसे गर्म क्षेत्र कौन-सा होता है?

  1. A.अंतरतम काला क्षेत्र
  2. B.मध्य पीला दीप्त क्षेत्र
  3. C.बाह्यतम नीला अदीप्त क्षेत्र
  4. D.तीनों क्षेत्र समान रूप से गर्म होते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बाह्यतम नीला अदीप्त क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर C, बाह्यतम नीला अदीप्त क्षेत्र है। इस क्षेत्र में वायु की आपूर्ति पर कोई रोक नहीं होती, इसलिए दहन पूर्ण होता है और ईंधन का सारा कार्बन कार्बन डाइऑक्साइड में बदल जाता है, जिससे अधिकतम ऊष्मा निकलती है। यह प्रकाश बहुत कम देता है और हल्का नीला दिखता है, इसी कारण इसे अदीप्त क्षेत्र कहा जाता है, और सुनार फूंकनी से ज्वाला का यही भाग सोने या चांदी पर डालकर उसे पिघलाता है। A गलत है क्योंकि बत्ती के चारों ओर का अंतरतम काला क्षेत्र अनजली वाष्पित मोम रखता है और उसे ऑक्सीजन सबसे कम मिलती है, इसलिए वही ज्वाला का सबसे ठंडा भाग है। B गलत है क्योंकि मध्य पीला क्षेत्र केवल अपूर्ण दहन दिखाता है, जहां चमकते अनजले कार्बन कण ज्वाला को प्रकाश देते हैं, परंतु सर्वाधिक ऊष्मा नहीं। D गलत है क्योंकि तीनों क्षेत्र ताप तथा संघटन में स्पष्ट रूप से भिन्न हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से किस ईंधन का कैलोरी मान सर्वाधिक है?

  1. A.हाइड्रोजन
  2. B.द्रवित पेट्रोलियम गैस
  3. C.पेट्रोल
  4. D.कोयला
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हाइड्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर A, हाइड्रोजन है। इसका कैलोरी मान लगभग 150 किलोजूल प्रति ग्राम है, जो किसी भी ज्ञात ईंधन से अधिक और पेट्रोल का लगभग तीन गुना है, और इसके दहन का एकमात्र उत्पाद जलवाष्प है, जिससे यह स्वच्छ ईंधन भी बनता है। इसी कारण हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन कहा जाता है, यद्यपि उसका उत्पादन महंगा है और भंडारण तथा परिवहन कठिन है, क्योंकि वह बहुत हल्की गैस है जिसे अत्यधिक दबाव या बहुत कम ताप पर रखना पड़ता है। B गलत है क्योंकि द्रवित पेट्रोलियम गैस, जो ब्यूटेन तथा प्रोपेन का मिश्रण है, लगभग 55 किलोजूल प्रति ग्राम देती है। C गलत है क्योंकि पेट्रोल लगभग 45 किलोजूल प्रति ग्राम देता है, जो केरोसिन तथा डीजल के समान श्रेणी है। D गलत है क्योंकि कोयला श्रेणी के अनुसार केवल 25 से 33 किलोजूल प्रति ग्राम देता है और राख तथा धुआं भी छोड़ता है।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

घरेलू रसोई ईंधन के रूप में प्रयुक्त द्रवित पेट्रोलियम गैस मुख्यतः किन गैसों से बनी होती है?

  1. A.मेथेन और एथेन
  2. B.ब्यूटेन और प्रोपेन
  3. C.कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन
  4. D.एथिलीन और एसिटिलीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ब्यूटेन और प्रोपेन

व्याख्या

सही उत्तर B, ब्यूटेन और प्रोपेन है। द्रवित पेट्रोलियम गैस पेट्रोलियम के परिष्करण तथा प्राकृतिक गैस के प्रसंस्करण से प्राप्त होती है और मुख्यतः ब्यूटेन तथा प्रोपेन का मिश्रण है, जो साधारण ताप पर मध्यम दबाव से द्रवित हो जाते हैं और इसीलिए सिलेंडर में भरे जा सकते हैं। गैस में अपनी कोई गंध नहीं होती, इसलिए रिसाव की पहचान के लिए उसमें तीव्र गंध वाला एथिल मरकैप्टन मिलाया जाता है। A गलत है क्योंकि कुछ एथेन के साथ मेथेन प्राकृतिक गैस का संघटन है, जो संपीडित प्राकृतिक गैस या पाइपलाइन से दी जाती है, सिलेंडर गैस का नहीं। C गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड तथा हाइड्रोजन का मिश्रण जल गैस है, जो औद्योगिक ईंधन है। D गलत है क्योंकि एथिलीन तथा एसिटिलीन औद्योगिक गैसें हैं, और एसिटिलीन अपनी अत्यंत गर्म ज्वाला के कारण ऑक्सीजन के साथ वेल्डिंग में प्रयोग होती है।

Q6.सामान्य विज्ञानमध्यम

कोयले की किस किस्म में कार्बन का प्रतिशत सर्वाधिक होता है?

  1. A.पीट
  2. B.लिग्नाइट
  3. C.बिटुमिनस
  4. D.एंथ्रासाइट
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. एंथ्रासाइट

व्याख्या

सही उत्तर D, एंथ्रासाइट है। कोयला वनस्पति पदार्थ के धीमे दबाव तथा दफन से बनता है, और यह प्रक्रिया जितनी लंबी और गहरी चलती है उतनी ही नमी तथा वाष्पशील पदार्थ निकल जाते हैं और पीछे कार्बन बचता है। एंथ्रासाइट अंतिम और सबसे कठोर अवस्था है, जिसमें कार्बन सर्वाधिक और कैलोरी मान सबसे ऊंचा होता है, और जो छोटी नीली ज्वाला के साथ लगभग धुआं रहित जलता है, इसलिए यह सर्वोत्तम श्रेणी का कोयला है। A गलत है क्योंकि पीट पहली अवस्था है, जिसमें नमी बहुत अधिक और कार्बन सबसे कम होता है। B गलत है क्योंकि लिग्नाइट अर्थात भूरा कोयला अगली अवस्था है, जो मुलायम और अब भी नम है। C गलत है क्योंकि बिटुमिनस कोयला, जो सबसे आम है और धातुकर्म के लिए कोक बनाने में काम आता है, लिग्नाइट तथा एंथ्रासाइट के बीच आता है। बढ़ता क्रम याद रखें: पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस, एंथ्रासाइट।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

पेट्रोल या केरोसिन के जलने से लगी आग बुझाने के लिए जल का प्रयोग मुख्यतः क्यों नहीं किया जाता?

  1. A.जल तेल का ज्वलन ताप बढ़ा देता है
  2. B.तेल जल पर तैरता है और आग और फैल जाती है
  3. C.जल तेल से रासायनिक अभिक्रिया करके हाइड्रोजन देता है
  4. D.जल जलते तेल से कोई ऊष्मा नहीं सोख सकता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तेल जल पर तैरता है और आग और फैल जाती है

व्याख्या

सही उत्तर B, तेल जल पर तैरता है और आग और फैल जाती है है। पेट्रोल तथा केरोसिन जल से हल्के हैं और उसमें मिलते नहीं, इसलिए तेल की आग पर डाला गया जल जलती परत के नीचे चला जाता है और उसे बाहर की ओर फैला देता है, जिससे आग बुझने के बजाय बढ़ जाती है। ऐसी आग कार्बन डाइऑक्साइड, फोम या शुष्क रासायनिक चूर्ण से दबाई जाती है, जो ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देते हैं। A गलत है क्योंकि ज्वलन ताप पदार्थ का निश्चित गुण है और कोई अग्निशामक उसे बदल नहीं सकता; जल साधारण आग पर ईंधन का ताप उस निश्चित मान से नीचे लाकर काम करता है। C गलत है क्योंकि जल पेट्रोलियम ईंधनों से कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं करता; ऐसा व्यवहार सोडियम जैसी धातुओं तथा जलते मैग्नीशियम का है। D गलत है क्योंकि जल बहुत ऊष्मा सोखता है, क्योंकि उसकी विशिष्ट ऊष्मा तथा वाष्पन की गुप्त ऊष्मा अधिक है।

Q8.सामान्य विज्ञानमध्यम

बिजली से लगी आग के लिए कार्बन डाइऑक्साइड को उत्तम अग्निशामक क्यों माना जाता है?

  1. A.यह वायु से हल्की है और आग के ऊपर उठ जाती है
  2. B.यह ईंधन से अभिक्रिया करके अदहनशील ठोस बनाती है
  3. C.यह वायु से भारी है, आग को ढक लेती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देती है
  4. D.यह जलते पदार्थ का ज्वलन ताप बढ़ा देती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. यह वायु से भारी है, आग को ढक लेती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देती है

व्याख्या

सही उत्तर C, यह वायु से भारी है, आग को ढक लेती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देती है है। कार्बन डाइऑक्साइड वायु से लगभग डेढ़ गुना घनी है, इसलिए छोड़ने पर वह जलते पदार्थ पर चादर बना लेती है और उसे वायुमंडलीय ऑक्सीजन से अलग कर देती है, अर्थात अग्नि त्रिभुज की एक भुजा हटा देती है। वह विद्युत की कुचालक है और कोई अवशेष नहीं छोड़ती, इसलिए जल की तरह न उपकरण बिगाड़ती है और न प्रयोगकर्ता को झटका देती है। सिलेंडर से निकलते समय उसका अचानक प्रसार ईंधन को ठंडा भी करता है। A गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड वायु से भारी है, हल्की नहीं; हल्की गैस उड़ जाती और बेकार होती। B गलत है क्योंकि यह साधारण ईंधनों से अभिक्रिया नहीं करती, बल्कि भौतिक रूप से ऑक्सीजन रोककर काम करती है। D गलत है क्योंकि ज्वलन ताप निश्चित गुण है।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

वह न्यूनतम ताप जिस पर कोई पदार्थ आग पकड़ लेता है, उसे क्या कहते हैं?

  1. A.क्वथनांक
  2. B.फ्लैश बिंदु
  3. C.ज्वलन ताप
  4. D.कैलोरी मान
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ज्वलन ताप

व्याख्या

सही उत्तर C, ज्वलन ताप है। यह वह न्यूनतम ताप है जिस तक किसी दहनशील पदार्थ को गर्म करना आवश्यक है जिससे वह जलने लगे, और यह उस पदार्थ का निश्चित गुण है; जिन पदार्थों का ज्वलन ताप बहुत कम होता है, जैसे पेट्रोल, एल्कोहल तथा द्रवित पेट्रोलियम गैस, उन्हें ज्वलनशील पदार्थ कहा जाता है और सावधानी से रखा जाता है। A गलत है क्योंकि क्वथनांक वह ताप है जिस पर द्रव किसी दिए गए दबाव पर वाष्प बनता है, और इसका आग पकड़ने से कोई संबंध नहीं। B, फ्लैश बिंदु, सबसे निकट का भ्रामक विकल्प है और संबंधित परंतु भिन्न धारणा है: यह वह न्यूनतम ताप है जिस पर द्रव ईंधन के ऊपर की वाष्प ज्वाला पास लाने पर क्षणिक लपट देती है, जबकि द्रव स्वयं जलता नहीं रहता। D गलत है क्योंकि कैलोरी मान ईंधन की इकाई मात्रा के जलने पर निकली ऊष्मा है, जो ऊर्जा का माप है, ताप का नहीं।

Q10.सामान्य विज्ञानआसान

बंद कमरे में कार्बन ईंधन का अपूर्ण दहन मुख्यतः किस कारण खतरनाक होता है?

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.कार्बन मोनोऑक्साइड
  3. C.सल्फर डाइऑक्साइड
  4. D.नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कार्बन मोनोऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर B, कार्बन मोनोऑक्साइड है। जब ऑक्सीजन की आपूर्ति कम पड़ती है तो ईंधन का कार्बन केवल आंशिक रूप से ऑक्सीकृत होता है और कार्बन डाइऑक्साइड के स्थान पर कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है। कार्बन मोनोऑक्साइड रंगहीन तथा गंधहीन है, इसलिए कोई चेतावनी नहीं देती, और वह रक्त के हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन की तुलना में कहीं अधिक मजबूती से जुड़कर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है तथा ऊतकों को ऑक्सीजन से वंचित कर देती है; इसी कारण बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने वालों की मृत्यु हो जाती है। A गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड पूर्ण दहन का उत्पाद है; वह हरितगृह गैस है और बहुत अधिक मात्रा में दम घोट सकती है, परंतु यहां अभिप्रेत विष वह नहीं है। C गलत है क्योंकि सल्फर डाइऑक्साइड कोयले तथा पेट्रोलियम के सल्फर से बनती है और अम्ल वर्षा का कारण है। D गलत है क्योंकि नाइट्रोजन के ऑक्साइड इंजनों के उच्च ताप पर बनते हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानकठिन

कोयले के भंजक आसवन से कोक के साथ निम्नलिखित में से क्या प्राप्त होता है?

  1. A.कोलतार और कोल गैस
  2. B.पेट्रोल और डीजल
  3. C.प्रोड्यूसर गैस और बायोगैस
  4. D.बिटुमेन और पैराफिन मोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोलतार और कोल गैस

व्याख्या

सही उत्तर A, कोलतार और कोल गैस है। भंजक आसवन का अर्थ है कोयले को वायु की अनुपस्थिति में तेजी से गर्म करना, जिससे वह जलने के बजाय विघटित हो जाता है। पीछे बचा ठोस कोक है, जो लगभग शुद्ध कार्बन है और लोहे तथा अन्य धातुओं के निष्कर्षण में अपचायक के रूप में तथा धुआं रहित ईंधन के रूप में काम आता है। संघनित होने वाला द्रव कोलतार है, जो लगभग दो सौ पदार्थों का काला मिश्रण है और जिससे रंजक, औषधि, विस्फोटक, प्लास्टिक तथा नेफ्थलीन बनते हैं। निकलने वाली गैस कोल गैस है, जो एक समय सड़क की रोशनी के लिए पाइप से भेजी जाती थी। B गलत है क्योंकि पेट्रोल तथा डीजल पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से मिलते हैं। C गलत है क्योंकि प्रोड्यूसर गैस गर्म कोक पर वायु प्रवाहित करके और बायोगैस गोबर तथा कचरे के अवायवीय पाचन से बनती है। D गलत है क्योंकि बिटुमेन तथा पैराफिन मोम पेट्रोलियम परिष्करण के भारी प्रभाज हैं।

Q12.सामान्य विज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन अच्छे ईंधन का लक्षण नहीं है?

  1. A.उसका कैलोरी मान ऊंचा हो
  2. B.उसमें राख की मात्रा कम हो
  3. C.उसका ज्वलन ताप बहुत कम हो
  4. D.वह सस्ता और सुलभ हो
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उसका ज्वलन ताप बहुत कम हो

व्याख्या

सही उत्तर C, उसका ज्वलन ताप बहुत कम हो है। अच्छे ईंधन का ज्वलन ताप मध्यम होना चाहिए, बहुत कम नहीं। जो ईंधन बहुत कम ताप पर आग पकड़ लेता है वह ज्वलनशील पदार्थ है और उसका भंडारण, परिवहन तथा रख-रखाव खतरनाक होता है, क्योंकि छोटी चिंगारी या गर्म दिन भी उसे जला सकता है; पेट्रोल उपयोगी है, परंतु इसी कारण उसे बंद पात्रों में कड़ी सावधानी से रखा जाता है। A उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि ऊंचा कैलोरी मान निश्चित रूप से वांछनीय है, क्योंकि उतनी ही मात्रा से अधिक ऊष्मा मिलती है। B उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि राख की कम मात्रा भी वांछनीय है, क्योंकि राख बेकार अवशेष है जिसे हटाना पड़ता है और जो प्रभावी ऊष्मा घटाती है। D उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि सस्ता तथा सुलभ होना अच्छे ईंधन की मानक शर्त है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्वाला का बाह्यतम क्षेत्र सबसे गर्म क्यों होता है?

क्योंकि वहां वायु खुलकर पहुंचती है, इसलिए दहन पूर्ण होता है और ईंधन का सारा कार्बन कार्बन डाइऑक्साइड बन जाता है, जिससे अधिकतम ऊष्मा निकलती है। वह प्रकाश कम देता है, इसी से उसे अदीप्त क्षेत्र कहते हैं, और सुनार फूंकनी से उसी का प्रयोग करता है।

ज्वलन ताप और फ्लैश बिंदु में क्या अंतर है?

ज्वलन ताप वह न्यूनतम ताप है जिस पर पदार्थ वास्तव में आग पकड़कर जलता रहता है। फ्लैश बिंदु वह न्यूनतम ताप है जिस पर द्रव ईंधन के ऊपर की वाष्प ज्वाला पास लाने पर क्षणिक लपट देती है, जबकि द्रव जलता नहीं रहता।

सर्वाधिक कैलोरी मान किस ईंधन का है और वह आम प्रयोग में क्यों नहीं है?

हाइड्रोजन का, लगभग 150 किलोजूल प्रति ग्राम, और उसका एकमात्र उत्पाद जलवाष्प है। वह आम प्रयोग में नहीं है क्योंकि उसका उत्पादन महंगा है और भंडारण तथा परिवहन कठिन है, क्योंकि वह बहुत हल्की गैस है जिसे अत्यधिक दबाव या बहुत कम ताप पर रखना पड़ता है।

बिजली से लगी आग पर जल कभी क्यों नहीं डालना चाहिए?

जल विद्युत का चालक है, इसलिए जल की धारा धारा को पाइप पकड़े व्यक्ति तक पहुंचा सकती है और विद्युत आघात का कारण बन सकती है। उसके स्थान पर कार्बन डाइऑक्साइड प्रयोग होती है, जो विद्युत की कुचालक है, ऑक्सीजन रोककर आग ढकती है और उपकरण पर कोई अवशेष नहीं छोड़ती।

कोयले का भंजक आसवन क्या है?

यह कोयले को वायु की अनुपस्थिति में तेजी से गर्म करना है, जिससे वह जलने के बजाय विघटित हो जाता है। इससे कोक बचता है, जो लगभग शुद्ध कार्बन है और धातुकर्म में अपचायक के रूप में काम आता है, तथा कोलतार और कोल गैस प्राप्त होती है।

चारकोल बिना ज्वाला के क्यों दहकता है?

ज्वाला केवल उन पदार्थों से बनती है जो गर्म होने पर वाष्पित होते हैं, क्योंकि ज्वाला वस्तुतः जलती वाष्प है। चारकोल वाष्पित नहीं होता, इसलिए वह सतह पर जलते हुए केवल लाल दहकता है। मोम, केरोसिन तथा एलपीजी वाष्पित होते हैं, इसलिए ज्वाला के साथ जलते हैं।

स्रोत

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