रोग और उनके कारण: जीव, वाहक और पिछले प्रश्न
रोग और उनके कारणों पर पूरे नोट्स: जीवाणु, विषाणु, प्रोटोजोआ तथा कृमि के रोग, उनके वाहक, कमी से होने वाले रोग, वंशानुगत विकार और फसलों के प्रमुख रोग।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

रोग और उनके कारण प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामान्य विज्ञान का सबसे लाभदायक अध्याय है, क्योंकि लगभग हर प्रश्न एक जोड़ा है: रोग और उसका कारक जीव, रोग और उसका वाहक, अथवा रोग और वह पोषक तत्व, जिसकी कमी से वह होता है। यह नोट इन जोड़ों को उसी क्रम में रखता है, जिस क्रम में परीक्षक उनका उपयोग करते हैं, और साथ वह वर्गीकरण देता है, जिससे इन्हें याद रखना सरल हो जाता है।
रोगों का वर्गीकरण
रोग सबसे पहले संचारी और असंचारी में बांटे जाते हैं। संचारी या संक्रामक रोग किसी रोगजनक से होता है, जो जीवाणु, विषाणु, प्रोटोजोआ, कवक या कृमि हो सकता है, और वह वायु, जल, भोजन, सीधे संपर्क या किसी वाहक से एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंचता है। असंचारी रोग नहीं फैलता; वह किसी कमी, जीन के दोष, शरीर की अपनी कार्यप्रणाली के विकार या जीवनशैली से उत्पन्न होता है। कमी से होने वाले रोग, हीमोफीलिया जैसे वंशानुगत रोग, गठिया जैसी अपक्षयी स्थितियां तथा मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली की बीमारियां इसी दूसरे वर्ग में आती हैं।
जीवाणु से होने वाले रोग
| रोग | कारक जीवाणु |
|---|---|
| क्षय रोग | माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस |
| हैजा | विब्रियो कॉलेरी |
| टाइफाइड | सालमोनेला टाइफी |
| डिप्थीरिया | कोरिनेबैक्टीरियम डिप्थीरिया |
| टिटनेस | क्लोस्ट्रीडियम टिटैनी |
| प्लेग | यर्सीनिया पेस्टिस, चूहे के पिस्सू से |
| कुष्ठ रोग | माइकोबैक्टीरियम लेप्री |
| कुकर खांसी | बोर्डेटेला पर्टुसिस |
| जीवाणुजनित पेचिश | शिगेला |
विषाणु, प्रोटोजोआ, कवक और कृमि के रोग
विषाणु से होने वाले रोगों में पोलियो, खसरा, गलसुआ, रेबीज, चेचक की छोटी माता, इन्फ्लूएंजा, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस ए और बी, तथा उपार्जित प्रतिरक्षा न्यूनता संलक्षण शामिल हैं, जो मानव प्रतिरक्षा न्यूनता विषाणु से होता है। विषाणुजनित चेचक विश्व से उन्मूलित घोषित पहला रोग है, जो 1980 में घोषित हुआ। प्रोटोजोआ के रोगों में मलेरिया प्लाज्मोडियम से, अमीबीय पेचिश एंटअमीबा हिस्टोलिटिका से, कालाजार लीशमानिया डोनोवानी से और निद्रा रोग ट्रिपैनोसोमा से होता है। दाद, एथलीट फुट और कैंडिडिआसिस कवक से होते हैं। कृमि एस्केरिएसिस, टीनिएसिस और फाइलेरिया करते हैं, जिनमें अंतिम वुचेरेरिया बैंक्रॉफ्टी से होता है, जो लसीका वाहिकाओं को अवरुद्ध करके हाथीपांव नामक सूजन उत्पन्न करता है।
वाहक: कौन क्या फैलाता है
| वाहक | फैलाने वाला रोग |
|---|---|
| मादा एनोफिलीज मच्छर | मलेरिया |
| एडीज एजिप्टी मच्छर | डेंगू, चिकनगुनिया, पीत ज्वर और जीका |
| क्यूलेक्स मच्छर | फाइलेरिया, जापानी मस्तिष्क ज्वर और वेस्ट नाइल ज्वर |
| बालू मक्खी | कालाजार या आंतरांगी लीशमानियता |
| सी-सी मक्खी | निद्रा रोग |
| चूहे का पिस्सू | प्लेग |
| घरेलू मक्खी | टाइफाइड, हैजा और अतिसार, यांत्रिक रूप से |
रोग शरीर तक कैसे पहुंचता है
- वायु से: क्षय रोग, इन्फ्लूएंजा, खसरा, डिप्थीरिया और सर्दी-जुकाम।
- जल और भोजन से: हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए, पोलियो, पेचिश तथा एस्केरीशिया कोली के प्रभेदों से होने वाला अतिसार।
- वाहक से: मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कालाजार और प्लेग।
- संपर्क या शरीर के तरल से: कुष्ठ रोग, दाद, हेपेटाइटिस बी और मानव प्रतिरक्षा न्यूनता विषाणु।
कमी से होने वाले रोग
| जिस पोषक की कमी | रोग |
|---|---|
| विटामिन ए | रतौंधी और जीरोफ्थैल्मिया |
| विटामिन बी1, थायमिन | बेरीबेरी |
| विटामिन बी3, नायसिन | पेलाग्रा |
| विटामिन बी12 | घातक रक्ताल्पता |
| विटामिन सी | स्कर्वी |
| विटामिन डी | बच्चों में रिकेट्स और वयस्कों में ऑस्टियोमैलेशिया |
| विटामिन के | रक्त के थक्का जमने में विलंब |
| आयोडीन | घेंघा, और बच्चों में क्रेटिनिज्म |
| लोहा | रक्ताल्पता |
| प्रोटीन और ऊर्जा | क्वाशिओरकर और मरास्मस |
वंशानुगत और जीवनशैली के रोग
हीमोफीलिया और वर्णांधता लिंग सहलग्न वंशानुगत विकार हैं, जो एक्स गुणसूत्र पर चलते हैं, इसी कारण ये पुरुषों में बहुत अधिक दिखते हैं। सिकल सेल रक्ताल्पता और थैलेसीमिया हीमोग्लोबिन के वंशानुगत विकार हैं, और डाउन संलक्षण इक्कीसवें गुणसूत्र की एक अतिरिक्त प्रति से होता है। मधुमेह इंसुलिन की कमी या शरीर के उसके प्रति अनुक्रिया न करने से होता है, उच्च रक्तचाप लगातार बढ़े रक्तचाप से, और दोनों को कैंसर तथा हृदय रोग के साथ असंचारी रोगों में रखा जाता है, जिनसे अब भारत में सबसे अधिक मृत्यु होती है।
फसलों के रोग और उनके कारण
परीक्षाएं फसल के रोग का रोगजनक भी पूछती हैं। सिट्रस कैंकर और धान का जीवाणुजनित अंगमारी जैंथोमोनास वंश के जीवाणुओं से होते हैं। गेहूं का रतुआ, आलू का पिछेती अंगमारी और गन्ने का लाल सड़न कवक से होते हैं, जिनमें दूसरा फाइटोफ्थोरा इन्फेस्टैंस से होता है, जो 1840 के दशक के आयरिश अकाल का कारक था। तंबाकू मोजैक और पपीते का पत्ती मरोड़ विषाणुजनित हैं, और तंबाकू मोजैक विषाणु खोजा गया पहला विषाणु था। मोटा नियम यह है कि कैंकर या अंगमारी सामान्यतः जीवाणुजनित और रतुआ, कंड या सड़न सामान्यतः कवकजनित होता है, किंतु नाम जांच लें, क्योंकि आलू का अंगमारी कवक से होता है।
परीक्षा के लिए याद रखने योग्य बातें
रोगजनक को उसके वंश के साथ याद करें, क्योंकि प्रश्नपत्र माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के सामने माइकोबैक्टीरियम लेप्री और विब्रियो कॉलेरी के सामने सालमोनेला टाइफी रखते हैं। प्रत्येक मच्छर को उसके रोग के साथ जोड़ें, केवल रोग अलग से न याद करें। कमी वाले प्रश्नों के लिए पहले लक्षण और फिर विटामिन याद करें, क्योंकि प्रश्न में सामान्यतः मसूड़ों से रक्त, टेढ़ी टांगें या गले की सूजन का वर्णन होता है।
परीक्षा की दृष्टि से
चार प्रकार के प्रश्न दोहराए जाते हैं। पहला, रोग और उसका जीव, जिसमें जाल एक ही वंश की दो प्रजातियां होती हैं, जैसे माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के सामने माइकोबैक्टीरियम लेप्री। दूसरा, वाहक, जिसमें एनोफिलीज, एडीज, क्यूलेक्स, बालू मक्खी और चूहे का पिस्सू एक-दूसरे के सामने रखे जाते हैं। तीसरा, फैलने का मार्ग, जो सामान्यतः इस रूप में आता है कि कौन-सा विकल्प जल या वायु से फैलता है। चौथा, कमी से होने वाला रोग, जिसमें प्रश्न में मसूड़ों से रक्त या गले की सूजन जैसा लक्षण दिया जाता है। कथन आधारित प्रश्नपत्र फसलों के रोग और उनके रोगजनक के युग्म भी जोड़ते हैं, तथा यह भी पूछते हैं कि रोग संचारी है या वंशानुगत।
महत्वपूर्ण तथ्य
| क्षय रोग | माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस; वायु से; फेफड़ों को प्रभावित करता है |
|---|---|
| हैजा | विब्रियो कॉलेरी; जल से; चावल के पानी जैसा पतला मल |
| टाइफाइड | सालमोनेला टाइफी; जल और भोजन से; विडाल परीक्षण |
| जीवाणुजनित पेचिश | शिगेला; अमीबीय पेचिश एंटअमीबा हिस्टोलिटिका से होती है |
| मलेरिया | प्लाज्मोडियम; मादा एनोफिलीज मच्छर; रोनाल्ड रॉस |
| डेंगू और चिकनगुनिया | एडीज एजिप्टी मच्छर, जो दिन में काटता है |
| फाइलेरिया | वुचेरेरिया बैंक्रॉफ्टी, एक कृमि, क्यूलेक्स द्वारा |
| कालाजार | लीशमानिया डोनोवानी, प्रोटोजोआ, बालू मक्खी द्वारा |
| प्लेग | यर्सीनिया पेस्टिस, चूहे के पिस्सू द्वारा |
| रेबीज | संक्रमित पशु की लार में विषाणु; पाश्चर का टीका |
| रतौंधी | विटामिन ए की कमी, जो रोडोप्सिन के लिए आवश्यक है |
| स्कर्वी | विटामिन सी अर्थात् एस्कॉर्बिक अम्ल की कमी |
| घेंघा | आयोडीन की कमी; बच्चों में क्रेटिनिज्म |
| हीमोफीलिया | रक्त के थक्का बनने का लिंग सहलग्न वंशानुगत विकार |
| चेचक | विश्व से उन्मूलित घोषित पहला रोग, 1980 में |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
निम्नलिखित में से कौन जल से फैलने वाला रोग है?
- A.खसरा
- B.डेंगू
- C.पीत ज्वर
- D.ई. कोली
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ई. कोली
व्याख्या
सही उत्तर D, ई. कोली है। एस्केरीशिया कोली एक जीवाणु है, जिसके हानिकारक प्रभेद मल-मिश्रित पेयजल या भोजन से शरीर में पहुंचते हैं, और उनसे होने वाला संक्रमण अतिसार तथा पेट दर्द के रूप में प्रकट होता है, जिससे यह हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस ए के साथ जल से फैलने वाले रोगों में गिना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि खसरा विषाणुजनित रोग है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर निकली बूंदों से वायु द्वारा फैलता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, जो स्वच्छ ठहरे जल में पनपता है, किंतु विषाणु पेयजल से नहीं पहुंचाता। विकल्प C गलत है, क्योंकि पीत ज्वर भी अफ्रीका तथा दक्षिण अमेरिका का मच्छरजनित विषाणु रोग है, जो एडीज से ही फैलता है। परीक्षा के लिए सीख यह है कि विकल्पों को फैलने के मार्ग से छांटें, रोग की गंभीरता से नहीं।
पेचिश उत्पन्न करने वाले जीवाणु का नाम बताइए।
- A.शिगेला
- B.विब्रियो कॉलेरी
- C.स्ट्रेप्टोकोकस पायोजिनेस जीवाणु
- D.माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. शिगेला
व्याख्या
सही उत्तर A, शिगेला है। जीवाणुजनित पेचिश, जिसे शिगेलोसिस भी कहा जाता है, शिगेला वंश के जीवाणुओं से होती है, जो बड़ी आंत की भित्ति पर आक्रमण करके बार-बार रक्त और श्लेष्मा युक्त मल, ज्वर तथा मरोड़ उत्पन्न करते हैं; यह दूषित जल और भोजन से फैलती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विब्रियो कॉलेरी हैजा करता है, जिसमें मल रक्तयुक्त न होकर चावल के पानी जैसा होता है और मुख्य संकट तेजी से होने वाली जल की कमी है। विकल्प C गलत है, क्योंकि स्ट्रेप्टोकोकस पायोजिनेस गले का संक्रमण, स्कार्लेट ज्वर तथा इम्पेटिगो जैसे त्वचा संक्रमण करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस क्षय रोग करता है, जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह भी याद रखें कि पेचिश का दूसरा रूप अमीबीय है, जो प्रोटोजोआ एंटअमीबा हिस्टोलिटिका से होता है।
पादप रोग और सूक्ष्मजीव का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही है? I. सिट्रस कैंकर और विषाणु। II. गेहूं का रतुआ और कवक।
- A.केवल II
- B.न I न II
- C.केवल I
- D.I और II दोनों
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल II
व्याख्या
सही उत्तर A, केवल II है। गेहूं का रतुआ वास्तव में कवकजनित रोग है, जो पक्सीनिया जाति की प्रजातियों से होता है, और उसका नाम पत्तियों तथा तने पर धारियों में दिखने वाले लाल-भूरे बीजाणुओं से पड़ा है। पहला युग्म गलत है, क्योंकि सिट्रस कैंकर विषाणु से नहीं, जैंथोमोनास वंश के जीवाणु से होता है; उसमें पत्तियों और फलों पर पीले घेरे वाले उभरे कॉर्कनुमा घाव बनते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि दूसरा कथन सही है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि कोई भी सही नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह त्रुटिपूर्ण पहले युग्म को स्वीकार और सही दूसरे को अस्वीकार करता है। विकल्प D भी इसी कारण गलत है, क्योंकि वह सिट्रस कैंकर को विषाणुजनित मानता है। उपयोगी नियम यह है कि रतुआ, कंड और अधिकांश सड़न कवकजनित, धान तथा नीबू वर्ग के कैंकर और अंगमारी जीवाणुजनित, तथा मोजैक और पत्ती मरोड़ विषाणुजनित होते हैं।
मनुष्य में मलेरिया किससे होता है?
- A.जीवाणु से
- B.प्लाज्मोडियम वंश के प्रोटोजोआ से
- C.विषाणु से
- D.गोल कृमि से
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्लाज्मोडियम वंश के प्रोटोजोआ से
व्याख्या
सही उत्तर B, प्लाज्मोडियम वंश के प्रोटोजोआ से है। प्लाज्मोडियम की चार प्रजातियां सामान्यतः मनुष्य को संक्रमित करती हैं, जिनमें प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम सबसे घातक और प्लाज्मोडियम वाइवैक्स भारत में सबसे व्यापक है। संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने पर परजीवी शरीर में पहुंचता है, यकृत में गुणन करता है और फिर लाल रक्त कणिकाओं को नष्ट करता है, जिससे ठंड, ज्वर और पसीने का चक्र बनता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मलेरिया किसी जीवाणु से नहीं होता, यद्यपि प्लेग और हैजा जीवाणुजनित हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि मच्छर से फैलने वाले विषाणु ज्वर डेंगू, चिकनगुनिया और जापानी मस्तिष्क ज्वर हैं, मलेरिया नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि गोल कृमि वुचेरेरिया बैंक्रॉफ्टी फाइलेरिया करता है, जो क्यूलेक्स मच्छर से फैलता है। रोनाल्ड रॉस ने सिकंदराबाद में कार्य करते हुए मलेरिया में मच्छर की भूमिका सिद्ध की।
डेंगू मनुष्य तक किसके द्वारा पहुंचता है?
- A.मादा एनोफिलीज मच्छर
- B.क्यूलेक्स मच्छर
- C.एडीज एजिप्टी मच्छर
- D.बालू मक्खी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एडीज एजिप्टी मच्छर
व्याख्या
सही उत्तर C, एडीज एजिप्टी मच्छर है। गहरे शरीर पर सफेद धारियों वाला यह मच्छर दिन में काटता है और कूलर, टायर तथा गमलों में भरे स्वच्छ जल में पनपता है, इसी कारण डेंगू रोकने के अभियान घर के बर्तन खाली कराने पर केंद्रित रहते हैं। यही मच्छर चिकनगुनिया, पीत ज्वर और जीका भी फैलाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मादा एनोफिलीज मलेरिया फैलाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि क्यूलेक्स मच्छर फाइलेरिया, जापानी मस्तिष्क ज्वर और वेस्ट नाइल ज्वर फैलाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बालू मक्खी कालाजार या आंतरांगी लीशमानियता फैलाती है, जो बिहार और झारखंड के कुछ भागों में स्थानिक है। चारों को अलग रखने का सबसे तेज ढंग यह है कि एक वाहक को उसके रोगों के समूह के साथ याद करें, एक-एक रोग अलग से नहीं।
स्कर्वी, जिसमें मसूड़ों से रक्त आता है और घाव देर से भरते हैं, किस विटामिन की कमी से होता है?
- A.विटामिन ए
- B.विटामिन सी
- C.विटामिन डी
- D.विटामिन के
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विटामिन सी
व्याख्या
सही उत्तर B, विटामिन सी है। विटामिन सी अर्थात् एस्कॉर्बिक अम्ल कोलेजन बनाने के लिए आवश्यक है, जो ऊतकों को जोड़े रखने वाला प्रोटीन है, इसलिए उसकी कमी मसूड़ों तथा रक्त वाहिकाओं को कमजोर करती है और घाव भरने में विलंब करती है। लंबी समुद्री यात्राओं का यह रोग तब तक चला, जब तक राशन में नीबू वर्ग के फल नहीं जोड़े गए, और आंवला, अमरूद तथा नीबू इसके समृद्ध स्रोत हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि विटामिन ए की कमी से रतौंधी और गंभीर दशा में जीरोफ्थैल्मिया होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विटामिन डी की कमी से बच्चों में रिकेट्स और वयस्कों में ऑस्टियोमैलेशिया होता है, क्योंकि यह विटामिन कैल्शियम के अवशोषण के लिए आवश्यक है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विटामिन के की कमी से रक्त के थक्का जमने में विलंब होता है। विटामिन सी और बी समूह जल में घुलनशील हैं।
रतौंधी किस की कमी से होती है?
- A.विटामिन ए
- B.विटामिन बी1
- C.विटामिन सी
- D.लोहा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विटामिन ए
व्याख्या
सही उत्तर A, विटामिन ए है। विटामिन ए से रोडोप्सिन बनता है, जो रेटिना की शलाका कोशिकाओं का वर्णक है और कम प्रकाश में देखने देता है, इसलिए उसकी कमी से व्यक्ति संध्या के समय या अंधेरे कमरे में ठीक से नहीं देख पाता। लंबे समय तक कमी रहने पर कॉर्निया सूख जाता है, जिसे जीरोफ्थैल्मिया कहते हैं और जो अंधता में बदल सकता है; गाजर, पपीता, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध और यकृत इसके सामान्य स्रोत हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि विटामिन बी1 अर्थात् थायमिन की कमी से बेरीबेरी होता है, जिसमें तंत्रिकाएं दुर्बल होती हैं और टांगों में सूजन आती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विटामिन सी की कमी से स्कर्वी होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि लोहे की कमी से रक्ताल्पता होती है, जिसमें रक्त पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं ले जा पाता और व्यक्ति जल्दी थकता है।
हाथीपांव अर्थात् फाइलेरिया किससे होता है?
- A.प्रोटोजोआ से
- B.कृमि से
- C.जीवाणु से
- D.कवक से
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कृमि से
व्याख्या
सही उत्तर B, कृमि से है। फाइलेरिया धागे जैसे सूत्रकृमि वुचेरेरिया बैंक्रॉफ्टी से होता है, जो क्यूलेक्स मच्छर द्वारा फैलता है। वयस्क कृमि लसीका वाहिकाओं में रहकर उन्हें अवरुद्ध कर देते हैं, जिससे टांगों, बांहों या अन्य अंगों में तरल जमा होता है और त्वचा मोटी हो जाती है, जिस सूजन से रोग को हाथीपांव नाम मिला। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रोटोजोआ के रोगों में मलेरिया, कालाजार, अमीबीय पेचिश और निद्रा रोग आते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस समूह के जीवाणुजनित रोगों में प्लेग और क्षय रोग हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि त्वचा के कवक संक्रमण दाद और एथलीट फुट हैं, जो लसीका वाहिकाओं को अवरुद्ध नहीं करते। दोहराने के लिए कृमि रोग एक साथ रखें: फाइलेरिया, गोल कृमि से एस्केरिएसिस और फीता कृमि से टीनिएसिस।
कालाजार किसके काटने से फैलता है?
- A.घरेलू मक्खी
- B.बालू मक्खी
- C.सी-सी मक्खी
- D.चूहे का पिस्सू
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बालू मक्खी
व्याख्या
सही उत्तर B, बालू मक्खी है। कालाजार, जिसे आंतरांगी लीशमानियता भी कहा जाता है, प्रोटोजोआ लीशमानिया डोनोवानी से होता है और मादा बालू मक्खी के काटने से फैलता है, जो मिट्टी की दीवारों की दरारों तथा नम मिट्टी में पनपती है। इस रोग में लंबा ज्वर, भार में कमी, त्वचा का कालापन तथा तिल्ली और यकृत का बढ़ना होता है, और यह मुख्यतः बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल तथा उत्तर प्रदेश के भागों में मिलता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि घरेलू मक्खी टाइफाइड, हैजा और अतिसार अपने शरीर पर यांत्रिक रूप से ढोती है और लीशमानिया नहीं फैलाती। विकल्प C गलत है, क्योंकि अफ्रीका की सी-सी मक्खी निद्रा रोग फैलाती है, जो ट्रिपैनोसोमा से होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि चूहे का पिस्सू प्लेग फैलाता है, जो यर्सीनिया पेस्टिस से होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा रोग विषाणु से होता है?
- A.क्षय रोग
- B.हैजा
- C.रेबीज
- D.टाइफाइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रेबीज
व्याख्या
सही उत्तर C, रेबीज है। रेबीज संक्रमित पशु, सामान्यतः कुत्ते की लार में उपस्थित विषाणु से होता है, और वह तंत्रिकाओं के मार्ग से मस्तिष्क तक पहुंचकर सूजन, जलभीति तथा लक्षण आरंभ होने पर लगभग निश्चित मृत्यु का कारण बनता है; काटने के बाद टीकाकरण से इसकी रोकथाम होती है, जो विधि लुई पाश्चर तक जाती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि क्षय रोग जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस से होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हैजा जीवाणु विब्रियो कॉलेरी से होता है, जो छोटी आंत में विष के माध्यम से कार्य करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि टाइफाइड जीवाणु सालमोनेला टाइफी से होता है और उसकी पहचान विडाल परीक्षण से होती है। विषाणु रोगों की छोटी सूची तैयार रखें: पोलियो, खसरा, गलसुआ, रेबीज, डेंगू, छोटी माता, इन्फ्लूएंजा, हेपेटाइटिस और चेचक।
घेंघा, अर्थात् गले में थायरॉइड ग्रंथि की सूजन, किसकी कमी से होता है?
- A.कैल्शियम
- B.आयोडीन
- C.लोहा
- D.विटामिन डी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आयोडीन
व्याख्या
सही उत्तर B, आयोडीन है। थायरॉइड ग्रंथि को थायरॉक्सिन तथा ट्राइआयोडोथायरोनिन हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है, और आपूर्ति कम होने पर ग्रंथि अधिक आयोडीन पकड़ने के प्रयास में बढ़ जाती है, जो गले में सूजन के रूप में दिखती है। बच्चों में गंभीर कमी से क्रेटिनिज्म होता है, जिसमें वृद्धि रुक जाती है और मानसिक विकास घट जाता है, और भारत में इसका उपाय आयोडीनयुक्त नमक की बिक्री है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कैल्शियम की कमी हड्डियों तथा दांतों को कमजोर करती है और मांसपेशियों में ऐंठन कर सकती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि लोहे की कमी से रक्ताल्पता होती है, क्योंकि लोहा हीमोग्लोबिन का भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विटामिन डी की कमी से रिकेट्स और ऑस्टियोमैलेशिया होता है। ध्यान रखें कि आयोडीन खनिज है, विटामिन नहीं।
निम्नलिखित में से कौन वंशानुगत रोग है?
- A.हैजा
- B.हीमोफीलिया
- C.रिकेट्स
- D.ट्रैकोमा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हीमोफीलिया
व्याख्या
सही उत्तर B, हीमोफीलिया है। हीमोफीलिया वंशानुगत विकार है, जिसमें थक्का बनाने वाला एक कारक अनुपस्थित रहता है, इसलिए चोट के बाद रक्तस्राव लंबे समय तक चलता है। इसका जीन एक्स गुणसूत्र पर होता है, इसी कारण यह रोग अधिकतर पुरुषों में प्रकट होता है, जबकि स्त्रियां सामान्यतः वाहक रहती हैं, और वर्णांधता के साथ यह लिंग सहलग्न वंशागति का मानक उदाहरण है। विकल्प A गलत है, क्योंकि हैजा विब्रियो कॉलेरी से होने वाला संक्रामक रोग है, जो जल से फैलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि रिकेट्स विटामिन डी की कमी तथा कैल्शियम के अल्प अवशोषण से होने वाला कमी रोग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ट्रैकोमा क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस से होने वाला आंख का संक्रमण है और रोकी जा सकने वाली अंधता का बड़ा कारण है। अन्य वंशानुगत विकार सिकल सेल रक्ताल्पता, थैलेसीमिया और वर्णांधता हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संचारी और असंचारी रोगों में क्या अंतर है?
संचारी रोग किसी रोगजनक से होता है और वायु, जल, भोजन, संपर्क या वाहक से एक व्यक्ति से दूसरे तक फैलता है, जैसे क्षय रोग और हैजा। असंचारी रोग नहीं फैलता और किसी कमी, जीन के दोष या जीवनशैली से होता है, जैसे स्कर्वी, हीमोफीलिया और मधुमेह।
कौन-सा मच्छर कौन-सा रोग फैलाता है?
मादा एनोफिलीज मलेरिया फैलाती है, एडीज एजिप्टी डेंगू, चिकनगुनिया, पीत ज्वर और जीका फैलाता है, तथा क्यूलेक्स फाइलेरिया, जापानी मस्तिष्क ज्वर और वेस्ट नाइल ज्वर फैलाता है। एक मच्छर को उसके पूरे रोग समूह के साथ याद करना अलग-अलग रोग याद करने से तेज है।
कौन-कौन से रोग जल से फैलते हैं?
हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए, पोलियो, पेचिश तथा एस्केरीशिया कोली के हानिकारक प्रभेदों से होने वाला अतिसार मल-मिश्रित जल से फैलते हैं। उबालना, क्लोरीनीकरण और छानना इनकी रोकथाम के मानक उपाय हैं।
किस विटामिन की कमी से कौन-सा रोग होता है?
विटामिन ए की कमी से रतौंधी, बी1 से बेरीबेरी, बी3 से पेलाग्रा, बी12 से घातक रक्ताल्पता, सी से स्कर्वी, डी से बच्चों में रिकेट्स और वयस्कों में ऑस्टियोमैलेशिया, तथा के से रक्त के थक्का जमने में विलंब होता है।
हीमोफीलिया अधिकतर पुरुषों में क्यों दिखता है?
थक्का बनाने वाले अनुपस्थित कारक का जीन एक्स गुणसूत्र पर होता है। पुरुष में एक ही एक्स गुणसूत्र होता है, इसलिए एक दोषपूर्ण प्रति से रोग प्रकट हो जाता है, जबकि दो एक्स गुणसूत्र वाली स्त्री सामान्यतः रोग दिखाए बिना जीन की वाहक रहती है।
स्रोत
- विज्ञान, कक्षा 9, हम बीमार क्यों होते हैं अध्याय — एनसीईआरटी
- जीव विज्ञान, कक्षा 12, मानव स्वास्थ्य तथा रोग अध्याय — एनसीईआरटी
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम और रोग विवरण — स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार





