दैनिक जीवन का रसायन और यौगिकों के सामान्य नाम
दैनिक जीवन के रसायन के परीक्षा नोट्स: सामान्य और रासायनिक नाम सूत्रों के साथ, भोजन के अम्ल, साबुन और अपमार्जक, कठोर जल, कोलॉइड तथा घरेलू उपयोग।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रसायन का बड़ा भाग अभिक्रियाओं से जुड़ा ही नहीं होता। वह नामों से जुड़ा होता है: किसी यौगिक का प्रचलित या व्यापारिक नाम, उसका रासायनिक नाम, उसका सूत्र और वह एक उपयोग जिससे लोग उसे जानते हैं। जिस परीक्षार्थी ने ये जोड़ियां याद कर ली हैं, वह सामान्य विज्ञान खंड में बिना किसी गणना के चार पांच प्रश्न हल कर लेता है। ये नोट्स पहले वही जोड़ियां देते हैं जो बार बार आती हैं, और उसके बाद उन पर आधारित दैनिक जीवन का रसायन।
सामान्य नाम और रासायनिक नाम
| सामान्य नाम | रासायनिक नाम | सूत्र |
|---|---|---|
| साधारण नमक | सोडियम क्लोराइड | NaCl |
| खाने का सोडा | सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट | NaHCO3 |
| धोने का सोडा | सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट | Na2CO3.10H2O |
| कास्टिक सोडा | सोडियम हाइड्रॉक्साइड | NaOH |
| बिना बुझा चूना | कैल्शियम ऑक्साइड | CaO |
| बुझा चूना | कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड | Ca(OH)2 |
| प्लास्टर ऑफ पेरिस | कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट | CaSO4.0.5H2O |
| जिप्सम | कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट | CaSO4.2H2O |
| नीला थोथा | कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट | CuSO4.5H2O |
| हरा कसीस | फेरस सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट | FeSO4.7H2O |
| तेजाब का तेल | सल्फ्यूरिक अम्ल | H2SO4 |
| एप्सम लवण | मैग्नीशियम सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट | MgSO4.7H2O |
| हंसाने वाली गैस | नाइट्रस ऑक्साइड | N2O |
| दलदली गैस | मेथेन | CH4 |
| शुष्क बर्फ | ठोस कार्बन डाइऑक्साइड | CO2 |
| शोरा | पोटैशियम नाइट्रेट | KNO3 |
| सिंदूर | मरक्यूरिक सल्फाइड | HgS |
| हाइपो | सोडियम थायोसल्फेट | Na2S2O3 |
कुछ मिश्रणों के भी नाम हैं। अम्लराज सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का तीन और एक के अनुपात का मिश्रण है, जो सोना और प्लैटिनम घोल देता है। एक्वा फोर्टिस नाइट्रिक अम्ल है और म्यूरिएटिक अम्ल हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है। विरंजक चूर्ण कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड है, जो शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करके बनाया जाता है। प्रोड्यूसर गैस कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन का मिश्रण है, जबकि वाटर गैस कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन का। फॉर्मेलिन जल में फॉर्मेल्डिहाइड का चालीस प्रतिशत विलयन है और जैव नमूने सुरक्षित रखने में काम आता है। रेक्टिफाइड स्पिरिट एथेनॉल है और वुड स्पिरिट मेथेनॉल, जो विषैला है और अंधापन कर देता है।
भोजन और शरीर के अम्ल
हर जाने पहचाने खट्टे स्वाद के पीछे एक नामित अम्ल है। नींबू और संतरे में सिट्रिक अम्ल, दही और खट्टे दूध में लैक्टिक अम्ल, सिरका एसिटिक अम्ल का तनु विलयन है, इमली में टार्टरिक अम्ल, सेब में मैलिक अम्ल, अंगूर में टार्टरिक अम्ल, तथा टमाटर और पालक में ऑक्सैलिक अम्ल होता है। चींटी या बिच्छू बूटी के डंक से फॉर्मिक अम्ल, जिसे मेथेनोइक अम्ल भी कहते हैं, शरीर में जाता है, इसीलिए उस पर खाने का सोडा मलने से राहत मिलती है। आमाशय हाइड्रोक्लोरिक अम्ल स्रावित करता है, और उसकी अधिकता होने पर प्रतिअम्ल लिया जाता है: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया, जो मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड का निलंबन है, या खाने का सोडा। दांत का इनैमल मुंह का पीएच लगभग पांच दशमलव पांच से नीचे जाने पर घुलने लगता है, इसलिए जीवाणुओं द्वारा शर्करा से बने अम्ल को उदासीन करने के लिए क्षारीय दंतमंजन प्रयोग होता है।
साबुन, अपमार्जक और कठोर जल
साबुन किसी लंबी शृंखला वाले वसा अम्ल का सोडियम या पोटैशियम लवण है और तेल या वसा को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ उबालकर बनाया जाता है, इस अभिक्रिया को साबुनीकरण कहते हैं। अपमार्जक सल्फोनिक अम्ल का सोडियम लवण है, और व्यवहार का मुख्य अंतर यही है: साबुन कठोर जल के कैल्शियम तथा मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील खर बनाता है, जबकि अपमार्जक कठोर जल में भी झाग देता है और इसीलिए शैंपू तथा धुलाई चूर्ण में काम आता है। दोनों इसलिए सफाई करते हैं कि अणु का एक सिरा जलरागी और दूसरा तेलरागी होता है, इसलिए अणु चिकनाई की बूंद के चारों ओर जमा होकर मिसेल बनाते हैं जो धुल जाता है। जल की अस्थायी कठोरता कैल्शियम तथा मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट से होती है और उबालने से दूर हो जाती है; स्थायी कठोरता उनके सल्फेट और क्लोराइड से होती है और उसके लिए धोने का सोडा या आयन विनिमय रेजिन चाहिए।
दैनिक जीवन के अन्य उपयोगी तथ्य
कोलॉइड वह मिश्रण है जिसमें अणुओं से बड़े पर बैठ न सकने वाले छोटे कण किसी दूसरे माध्यम में बिखरे रहते हैं, और जाने पहचाने उदाहरण हैं दूध, मक्खन, पनीर, धुआं, कोहरा और जेली; जल में बोरिक अम्ल या साधारण नमक जैसा वास्तविक विलयन कोलॉइड नहीं है। सिलेंडर में मिलने वाली रसोई गैस द्रवित पेट्रोलियम गैस है, जो ब्यूटेन और प्रोपेन का मिश्रण है और जिसमें एथिल मरकैप्टन मिलाया जाता है ताकि रिसाव की गंध आ जाए, जबकि वाहनों के लिए पाइप से आने वाली गैस संपीडित प्राकृतिक गैस है, जो मुख्यतः मेथेन है। फलों को एथिलीन से पकाया जाता है। रेयॉन लकड़ी की लुगदी के सेल्यूलोज से बना मानव निर्मित रेशा है और उसे कृत्रिम रेशम कहा जाता है, जबकि नायलॉन और टेरीलीन पूर्णतः संश्लेषित हैं। कार्बन का अपररूप ग्रेफाइट अधातु होते हुए भी विद्युत का चालन करता है, क्योंकि उसके हर कार्बन परमाणु का एक इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है। आयोडीन विलयन स्टार्च के साथ नीला काला रंग देता है, जो कार्बोहाइड्रेट की मानक जांच है, और आयोडीनयुक्त नमक में घेंघा रोकने के लिए पोटैशियम आयोडेट रहता है।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्नपत्र इस अध्याय को सीधे एक पंक्ति के मिलान के रूप में पूछते हैं। सबसे अधिक अंक देने वाले तीन समूह हैं सामान्य नाम के साथ रासायनिक नाम, रासायनिक नाम के साथ सूत्र, और भोजन के साथ उसका अम्ल। जाल पहले से जाने पहचाने हैं: धोने के सोडे की जगह खाने का सोडा, बुझे चूने की जगह बिना बुझा चूना, प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह जिप्सम रख दिया जाता है, तथा नीला थोथा, हरा कसीस और सफेद कसीस आपस में बदल दिए जाते हैं, इसलिए नीले को कॉपर, हरे को आयरन और सफेद को जिंक के साथ पक्का कर लें। अम्लराज और एक्वा फोर्टिस भी बदले जाते हैं, तथा स्पिरिट वाले प्रश्नों में मेथेनॉल और एथेनॉल। प्रयोग वाले भाग में कठोर जल में साबुन और अपमार्जक का अंतर, अस्थायी तथा स्थायी कठोरता का कारण, और कौन से मिश्रण कोलॉइड हैं, लगभग हर वर्ष पूछे जाते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| खाने का सोडा | सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, NaHCO3 |
|---|---|
| धोने का सोडा | सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट, Na2CO3.10H2O |
| प्लास्टर ऑफ पेरिस | कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट, जिप्सम को 373 केल्विन तक गर्म करके |
| विरंजक चूर्ण | कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड, शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन से |
| अम्लराज | सांद्र HCl और सांद्र HNO3 का 3 और 1 के अनुपात का मिश्रण |
| नीला थोथा | कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट |
| हरा कसीस | फेरस सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट |
| हंसाने वाली गैस | नाइट्रस ऑक्साइड, N2O |
| दलदली गैस | मेथेन, CH4 |
| दही का अम्ल | लैक्टिक अम्ल |
| इमली का अम्ल | टार्टरिक अम्ल |
| चींटी के डंक का अम्ल | फॉर्मिक अम्ल, जिसे मेथेनोइक अम्ल भी कहते हैं |
| साबुन | लंबी शृंखला वाले वसा अम्ल का सोडियम या पोटैशियम लवण |
| अपमार्जक | सल्फोनिक अम्ल का सोडियम लवण; कठोर जल में भी झाग देता है |
| रेयॉन | कृत्रिम रेशम, लकड़ी की लुगदी के सेल्यूलोज से बना |
| एलपीजी में गंधक तत्व | एथिल मरकैप्टन |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
अधातुएं सामान्यतः विद्युत की कुचालक होती हैं। फिर भी ग्रेफाइट विद्युत का अच्छा चालक है क्योंकि उसमें
- A.मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं
- B.वह कार्बन का अपररूप है
- C.वह भंगुर है
- D.वह क्षारीय ऑक्साइड बनाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं
व्याख्या
सही उत्तर A, उसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं। ग्रेफाइट में हर कार्बन परमाणु केवल तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है और वे चपटी षट्कोणीय परतें बनाते हैं, इसलिए प्रत्येक परमाणु का चौथा संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध में प्रयुक्त नहीं होता और परत में स्वतंत्र रूप से चल सकता है। ये गतिशील इलेक्ट्रॉन धारा ले जाते हैं, इसीलिए ग्रेफाइट से इलेक्ट्रोड तथा विद्युत मोटर के ब्रश बनाए जाते हैं।
विकल्प B गलत है क्योंकि कार्बन का अपररूप होना अपने आप कुछ नहीं समझाता: हीरा भी कार्बन का अपररूप है और वह विद्युत का चालन नहीं करता, क्योंकि उसके चारों इलेक्ट्रॉन बंधों में बंधे रहते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि भंगुरता यांत्रिक गुण है और चालन से उसका संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्रेफाइट क्षारीय ऑक्साइड नहीं बनाता; कार्बन डाइऑक्साइड अम्लीय प्रकृति की है, और ऑक्साइड का स्वभाव विद्युत चालन से असंबंधित है।
आयोडीन परीक्षण किसकी उपस्थिति जांचने के लिए प्रयोग किया जाता है?
- A.कोलेस्ट्रॉल
- B.वसा
- C.प्रोटीन
- D.कार्बोहाइड्रेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कार्बोहाइड्रेट
व्याख्या
सही उत्तर D, कार्बोहाइड्रेट है। आयोडीन का तनु विलयन स्टार्च के साथ गहरा नीला काला रंग देता है, और स्टार्च बहुशर्करा अर्थात कार्बोहाइड्रेट है। यह रंग इसलिए आता है कि आयोडीन के अणु स्टार्च की कुंडलित एमाइलोज शृंखलाओं में समा जाते हैं, और यह परीक्षण विद्यालय की प्रयोगशाला तथा खाद्य जांच में चावल, आलू और रोटी पर किया जाता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि कोलेस्ट्रॉल की जांच लीबरमान बुर्चार्ड या साल्कोवस्की अभिक्रिया से होती है, आयोडीन से नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि वसा की पहचान कागज पर पारभासी धब्बे की जांच या सूडान तीन अभिरंजन से होती है। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रोटीन की जांच ब्यूरेट परीक्षण से होती है, जो बैंगनी रंग देता है, या निनहाइड्रिन परीक्षण से। यह भी याद रखें कि गर्म करने पर यह नीला काला रंग गायब हो जाता है और ठंडा होने पर लौट आता है।
कौन सा मानव निर्मित रेशा लकड़ी की लुगदी से प्राप्त किया जाता है?
- A.नायलॉन
- B.रेयॉन
- C.रेशम
- D.पॉलिएस्टर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रेयॉन
व्याख्या
सही उत्तर B, रेयॉन है। रेयॉन लकड़ी की लुगदी के सेल्यूलोज को रसायन में घोलकर और उस विलयन को सूक्ष्म छिद्रों से निकालकर तंतु बनाकर तैयार किया जाता है। चूंकि यह छोटे अणुओं से जोड़कर नहीं, बल्कि प्राकृतिक बहुलक से बनाया जाता है, इसे पुनर्जनित या अर्ध संश्लेषित रेशा कहते हैं, और रेशम जैसी चमक के कारण उसे कृत्रिम रेशम कहा जाता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि नायलॉन पूर्णतः संश्लेषित है, वह पहला रेशा था जो केवल कोयले, जल और वायु से बनाया गया, और उसमें कोई पादप पदार्थ नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि रेशम रेशम के कीट के कोश से मिलने वाला प्राकृतिक पशु रेशा है और मानव निर्मित नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि पॉलिएस्टर, जिसका सबसे प्रसिद्ध रूप टेरीलीन है, पेट्रोलियम उत्पादों से बना पूर्णतः संश्लेषित रेशा है। केवल रेयॉन लकड़ी की लुगदी से आरंभ होता है।
निम्नलिखित में से कौन कोलॉइड नहीं है?
- A.दूध
- B.कीचड़
- C.मक्खन
- D.बोरिक अम्ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. बोरिक अम्ल
व्याख्या
सही उत्तर D, बोरिक अम्ल है। बोरिक अम्ल जल में घुलकर वास्तविक विलयन बनाता है, जिसमें बिखरे कण अलग अलग अणु होते हैं और वे इतने छोटे होते हैं कि फिल्टर पत्र तथा चर्मपत्र झिल्ली दोनों से निकल जाते हैं, तथा वह मिश्रण टिंडल प्रभाव नहीं दिखाता। इसलिए वास्तविक विलयन कोलॉइड नहीं होता।
विकल्प A गलत है क्योंकि दूध कोलॉइड है, जिसमें द्रव वसा की बूंदें जल में बिखरी रहती हैं, अर्थात वह पायस है। विकल्प B गलत है क्योंकि कीचड़ जल में मिट्टी के सूक्ष्म कणों का कोलॉइडी परिक्षेपण है, इसीलिए वह बैठने से पहले बहुत देर तक गंदला रहता है। विकल्प C गलत है क्योंकि मक्खन भी कोलॉइड है, जिसमें जल वसा में बिखरा रहता है। लागू करने का नियम यह है कि कोलॉइडी अवस्था से केवल वास्तविक विलयन बाहर रहता है।
खाने के सोडे का रासायनिक नाम क्या है?
- A.सोडियम कार्बोनेट
- B.सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
- C.सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- D.सोडियम क्लोराइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
व्याख्या
सही उत्तर B, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है, जिसका सूत्र NaHCO3 है। यह हल्का और अनक्षारक क्षार है। बेकिंग में गर्म होने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़कर आटे को फुलाता है, औषधि में आमाशय का अतिरिक्त अम्ल उदासीन करता है, और सोडा अम्ल अग्निशामक में सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया करके वह कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है जो आग दबा देती है।
विकल्प A गलत है क्योंकि सोडियम कार्बोनेट धोने का सोडा है, जो बहुत प्रबल क्षार है और सफाई तथा कठोर जल को मृदु करने में काम आता है। विकल्प C गलत है क्योंकि सोडियम हाइड्रॉक्साइड कास्टिक सोडा है, जो संक्षारक क्षार है और साबुन बनाने तथा क्लोर अल्कली उद्योग में प्रयुक्त होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सोडियम क्लोराइड साधारण नमक है और प्रबल अम्ल तथा प्रबल क्षार का लवण होने से उदासीन है।
प्लास्टर ऑफ पेरिस निम्नलिखित में से किसे गर्म करके प्राप्त किया जाता है?
- A.चूना पत्थर
- B.जिप्सम
- C.बॉक्साइट
- D.क्वार्ट्ज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जिप्सम
व्याख्या
सही उत्तर B, जिप्सम है। जिप्सम कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट है, और उसे सावधानी से लगभग 373 केल्विन तक गर्म करने पर उसका तीन चौथाई जल निकल जाता है और कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट बचता है, जो प्लास्टर ऑफ पेरिस है। फिर जल मिलाने पर वह जमकर जिप्सम का कठोर पिंड बन जाता है, इसीलिए वह अस्पतालों में पट्टी बांधने और सजावटी ढलाई में काम आता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि चूना पत्थर अर्थात कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करने पर बिना बुझा चूना और कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि बॉक्साइट एल्युमिनियम का अयस्क है और उससे एलुमिना बनता है। विकल्प D गलत है क्योंकि क्वार्ट्ज सिलिकॉन डाइऑक्साइड है और कांच तथा घड़ियों में काम आता है। यह भी ध्यान रखें कि अधिक गर्म करने पर वह मृत प्लास्टर बन जाता है जो जमता नहीं।
सोना घोलने वाला अम्लराज सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का किस अनुपात का मिश्रण है?
- A.1 : 3
- B.3 : 1
- C.1 : 1
- D.2 : 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 3 : 1
व्याख्या
सही उत्तर B, 3 : 1 है। अम्लराज तीन भाग सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और एक भाग सांद्र नाइट्रिक अम्ल का ताजा बनाया गया मिश्रण है। इनमें से कोई अम्ल अकेले सोने पर क्रिया नहीं करता, पर दोनों मिलकर करते हैं, क्योंकि नाइट्रिक अम्ल धातु का ऑक्सीकरण करता है और क्लोराइड आयन सोने को संकुल के रूप में विलयन में बांधे रखते हैं। वह सोने और प्लैटिनम के शोधन तथा परीक्षण में प्रयुक्त होता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि वह अनुपात उलट देता है और तब संकुल बनाने के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बहुत कम बचेगा। विकल्प C गलत है क्योंकि समान मात्रा वाला मिश्रण मान्य संरचना नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि किसी मानक विधि में दो और तीन का अनुपात नहीं लिया जाता। नाम स्वयं संकेत है: अम्लराज का अर्थ राजकीय जल है, और एक्वा फोर्टिस अर्थात प्रबल जल केवल नाइट्रिक अम्ल है।
दही और खट्टे दूध में कौन सा अम्ल पाया जाता है?
- A.सिट्रिक अम्ल
- B.लैक्टिक अम्ल
- C.टार्टरिक अम्ल
- D.ऑक्सैलिक अम्ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लैक्टिक अम्ल
व्याख्या
सही उत्तर B, लैक्टिक अम्ल है। दूध जमकर दही बनता है तब लैक्टोबैसिलस जीवाणु दूध की शर्करा लैक्टोज को लैक्टिक अम्ल में बदल देते हैं, और यही अम्ल दही को खट्टा स्वाद देता है तथा दूध की प्रोटीन को जमा देता है। कठिन व्यायाम के समय ऑक्सीजन की कमी होने पर यही अम्ल मांसपेशियों में इकट्ठा होता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि सिट्रिक अम्ल नींबू, संतरा और अन्य खट्टे फलों में मिलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि टार्टरिक अम्ल इमली और अंगूर में मिलता है, तथा खाने के सोडे के साथ बेकिंग पाउडर का घटक भी है। विकल्प D गलत है क्योंकि ऑक्सैलिक अम्ल टमाटर, पालक और चूका में मिलता है, और उसका कैल्शियम लवण गुर्दे की पथरी बना सकता है। परीक्षक हर भोजन को एक अम्ल से जोड़कर ही पूछते हैं।
सोडा अम्ल अग्निशामक में सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ निम्नलिखित में से किसका प्रयोग होता है?
- A.सोडियम क्लोराइड
- B.सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
- C.कैल्शियम ऑक्साइड
- D.पोटैशियम नाइट्रेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
व्याख्या
सही उत्तर B, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है। सोडा अम्ल अग्निशामक में सिलेंडर के भीतर सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट का विलयन रहता है और सल्फ्यूरिक अम्ल एक बंद कांच की नली में। घुंडी पर प्रहार करने से नली टूटती है, अम्ल बाइकार्बोनेट से मिलता है और बहुत अधिक कार्बन डाइऑक्साइड बनती है। यह गैस जल को नोजल से बाहर धकेलती है और आग पर चादर बनाकर ऑक्सीजन भी काट देती है।
विकल्प A गलत है क्योंकि सोडियम क्लोराइड सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया करके ऐसी कोई गैस नहीं देता जो आग बुझाए। विकल्प C गलत है क्योंकि कैल्शियम ऑक्साइड जल से क्रिया करके ऊष्मा देता है, जिससे स्थिति और बिगड़ जाएगी। विकल्प D गलत है क्योंकि पोटैशियम नाइट्रेट ऑक्सीकारक है जो बारूद में काम आता है और आग बुझाने के बजाय भड़काएगा।
यह भी याद रखें कि आजकल अधिक प्रयोग होने वाला शुष्क चूर्ण अग्निशामक सोडियम बाइकार्बोनेट का चूर्ण ही छोड़ता है।
जल की अस्थायी कठोरता किस प्रकार दूर की जा सकती है?
- A.जल को उबालकर
- B.साधारण नमक मिलाकर
- C.कपड़े से छानकर
- D.सिरका मिलाकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जल को उबालकर
व्याख्या
सही उत्तर A, जल को उबालकर है। अस्थायी कठोरता कैल्शियम और मैग्नीशियम के घुले बाइकार्बोनेट से होती है। उबालने पर ये बाइकार्बोनेट टूटकर अघुलनशील कार्बोनेट बन जाते हैं, जो केतली में दिखने वाली पपड़ी के रूप में बैठ जाते हैं, इसलिए बचा हुआ जल मृदु हो जाता है। स्थायी कठोरता, जो इन्हीं धातुओं के सल्फेट और क्लोराइड से होती है, इस प्रकार दूर नहीं होती और उसके लिए धोने का सोडा या आयन विनिमय रेजिन चाहिए।
विकल्प B गलत है क्योंकि साधारण नमक कठोरता दूर नहीं करता; वह तो जल मृदुकारक में रेजिन को पुनर्जीवित करने में काम आता है, जो अलग चरण है। विकल्प C गलत है क्योंकि छानने से निलंबित मैल निकलता है, घुले लवण नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि सिरका मिलाने से जल केवल अम्लीय होता है और कैल्शियम तथा मैग्नीशियम विलयन में बने रहते हैं।
द्रवित पेट्रोलियम गैस में रिसाव की पहचान के लिए कौन सी गैस मिलाई जाती है?
- A.कार्बन मोनोऑक्साइड
- B.एथिल मरकैप्टन
- C.नाइट्रस ऑक्साइड
- D.क्लोरीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एथिल मरकैप्टन
व्याख्या
सही उत्तर B, एथिल मरकैप्टन है। द्रवित पेट्रोलियम गैस ब्यूटेन और प्रोपेन का मिश्रण है और स्वयं लगभग गंधहीन है, इसलिए रिसाव बिना पता चले पूरे कमरे में भर सकता है। इसी कारण उसमें तीव्र अप्रिय गंध वाला सल्फर यौगिक एथिल मरकैप्टन थोड़ी मात्रा में गंधकारक के रूप में मिलाया जाता है, और लोग उसी गंध को रसोई गैस की गंध मानते हैं।
विकल्प A गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड गंधहीन और अत्यंत विषैली है, इसलिए चेतावनी देने वाले पदार्थ के रूप में वह बेकार और खतरनाक होगी। विकल्प C गलत है क्योंकि नाइट्रस ऑक्साइड हंसाने वाली गैस है, जो निश्चेतक के रूप में काम आती है और उसकी गंध हल्की मीठी होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि क्लोरीन संक्षारक हरी पीली गैस है जो जल शुद्ध करने में काम आती है और सिलेंडर तथा बर्नर को खा जाएगी।
सिंदूर नाम से प्रचलित यौगिक का रासायनिक नाम निम्नलिखित में से कौन है?
- A.लेड ऑक्साइड
- B.मरक्यूरिक सल्फाइड
- C.जिंक ऑक्साइड
- D.फेरिक ऑक्साइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मरक्यूरिक सल्फाइड
व्याख्या
सही उत्तर B, मरक्यूरिक सल्फाइड है, जिसका सूत्र HgS है। मरक्यूरिक सल्फाइड का प्राकृतिक खनिज रूप सिनेबार है, जो पारे का प्रमुख अयस्क है, और उसका चमकीला लाल चूर्ण शताब्दियों से सिंदूर या वर्मिलियन रंजक के रूप में प्रयुक्त होता रहा है। पारे के यौगिक विषैले होने के कारण आजकल सिंदूर सामान्यतः सुरक्षित संश्लेषित रंगों से बनाया जाता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि लेड ऑक्साइड में सिंदूरी रंग का रेड लेड और लिथार्ज आते हैं, पर इनमें से किसी को वर्मिलियन नहीं कहा जाता। विकल्प C गलत है क्योंकि जिंक ऑक्साइड वह सफेद रंजक है जिसे चाइनीज व्हाइट या फिलॉसफर्स वूल कहते हैं और वह मरहम तथा धूप अवरोधक क्रीम में काम आता है। विकल्प D गलत है क्योंकि फेरिक ऑक्साइड हेमेटाइट तथा जंग का लाल भूरा रंजक है, जो वर्मिलियन से भिन्न लाल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
खाने के सोडे और धोने के सोडे में क्या अंतर है?
खाने का सोडा सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, NaHCO3 है, जो हल्का और अनक्षारक क्षार है और बेकिंग, प्रतिअम्ल दवाओं तथा सोडा अम्ल अग्निशामक में काम आता है। धोने का सोडा सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट, Na2CO3.10H2O है, जो प्रबल क्षार है और सफाई, कठोर जल को मृदु करने तथा कांच और साबुन उद्योग में प्रयुक्त होता है। खाने के सोडे को गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट, कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनते हैं।
प्लास्टर ऑफ पेरिस को नमी रोकने वाले पात्र में क्यों रखा जाता है?
क्योंकि वह जल के संपर्क में आते ही जम जाता है। प्लास्टर ऑफ पेरिस कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट है, जो जिप्सम को लगभग 373 केल्विन तक गर्म करके बनाया जाता है, और जल मिलाने पर वह फिर जिप्सम बनकर कठोर ठोस पिंड बन जाता है। हवा की नमी उसे भंडारण में ही जमा देगी, इसलिए उसे बंद पात्र में रखा जाता है।
कठोर जल में साबुन ठीक से काम क्यों नहीं करता?
कठोर जल में कैल्शियम और मैग्नीशियम आयन होते हैं। साबुन वसा अम्ल का सोडियम लवण होने के कारण इन आयनों से क्रिया करके कैल्शियम तथा मैग्नीशियम के अघुलनशील लवण बनाता है, जो झाग के स्थान पर सफेद दहीनुमा खर के रूप में दिखते हैं। अपमार्जक, जो सल्फोनिक अम्ल का सोडियम लवण है, उन्हीं आयनों के साथ घुलनशील लवण बनाता है और इसलिए कठोर जल में भी झाग देता है।
अम्लराज क्या है और वह महत्वपूर्ण क्यों है?
अम्लराज, जिसका अर्थ राजकीय जल है, सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का तीन और एक के अनुपात में ताजा बनाया गया मिश्रण है। यह अत्यंत संक्षारक और धूम देने वाला द्रव है जो सोना तथा प्लैटिनम घोल सकता है, जो कोई एक अम्ल अकेले नहीं कर पाता, इसलिए वह इन धातुओं के शोधन और परीक्षण में प्रयुक्त होता है।
किस भोजन में कौन सा अम्ल होता है?
नींबू और संतरे में सिट्रिक अम्ल, दही और खट्टे दूध में लैक्टिक अम्ल, सिरके में एसिटिक अम्ल, इमली और अंगूर में टार्टरिक अम्ल, सेब में मैलिक अम्ल, टमाटर और पालक में ऑक्सैलिक अम्ल, तथा बासी मक्खन में ब्यूटिरिक अम्ल होता है। आमाशय हाइड्रोक्लोरिक अम्ल स्रावित करता है और चींटी का डंक फॉर्मिक अम्ल छोड़ता है।
कार्बन अधातु होने पर भी ग्रेफाइट विद्युत का चालन क्यों करता है?
ग्रेफाइट में हर कार्बन परमाणु तीन अन्य परमाणुओं से जुड़ा होता है और वे चपटी षट्कोणीय परतें बनाते हैं, इसलिए प्रत्येक परमाणु का चौथा संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध में प्रयुक्त नहीं होता और परत में स्वतंत्र रूप से चल सकता है। ये मुक्त इलेक्ट्रॉन धारा ले जाते हैं, इसीलिए ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने में काम आता है, जबकि हीरा, जिसमें चारों इलेक्ट्रॉन बंधे रहते हैं, चालन नहीं करता।





