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अंतरिक्ष विज्ञान: तारे, आकाशगंगाएं और उपग्रह नोट्स

परीक्षा के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के पूर्ण नोट्स: तारे कैसे चमकते हैं, प्रकाश वर्ष और पारसेक, आकाशगंगाएं, महाविस्फोट, उपग्रह कक्षाएं तथा भारत के अभियान।

लेखक · प्रकाशित · 5 मिनट

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अंतरिक्ष विज्ञान: तारे, आकाशगंगाएं और उपग्रह नोट्स — GK24 title card
अंतरिक्ष विज्ञान: तारे, आकाशगंगाएं और उपग्रह नोट्स — GK24 title card

अंतरिक्ष विज्ञान सामान्य विज्ञान का वह भाग है जो परीक्षकों को सर्वाधिक प्रिय है, क्योंकि इसके तथ्य स्पष्ट हैं: तारा नाभिकीय संलयन से चमकता है, प्रकाश वर्ष दूरी मापता है समय नहीं, और भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी की एक परिक्रमा में चौबीस घंटे लेता है। यह विषय भौतिकी, खगोल विज्ञान और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को जोड़ता है, और जिस विद्यार्थी को परिभाषाएं तथा संख्याएं याद हैं वह इससे पूछा गया लगभग प्रत्येक प्रश्न हल कर सकता है। इस नोट में तारे का जीवन, खगोलीय दूरी की इकाइयां, आकाशगंगाओं की संरचना और कृत्रिम उपग्रहों का कार्य क्रम से दिया गया है।

तारे और सूर्य की ऊर्जा

तारा गर्म गैस का स्वयंदीप्त गोला है, जो मुख्यतः हाइड्रोजन और हीलियम से बना होता है और अपने ही गुरुत्व से बंधा रहता है। इसका जन्म गैस तथा धूल के बादल में होता है, जिसे नीहारिका कहते हैं, और यह बादल तब तक संकुचित होता है जब तक उसके केंद्र का ताप नाभिकीय संलयन आरंभ होने योग्य न हो जाए। सूर्य में हल्के नाभिकों का संलयन, अर्थात प्रोटॉन-प्रोटॉन श्रृंखला से चार हाइड्रोजन नाभिकों से एक हीलियम नाभिक बनना, वह ऊर्जा देता है जो हमें प्रकाश और ताप के रूप में मिलती है; अभिक्रिया में द्रव्यमान की थोड़ी हानि आइंस्टाइन के द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध के अनुसार ऊर्जा बन जाती है। सूर्य पृथ्वी से लगभग 14 करोड़ 96 लाख किलोमीटर दूर है, इस दूरी को एक खगोलीय इकाई कहते हैं, और उसका प्रकाश हमारे पास पहुंचने में लगभग आठ मिनट बीस सेकंड लेता है। उसकी दृश्य सतह, प्रकाशमंडल, लगभग 5,500 डिग्री सेल्सियस पर है, जबकि क्रोड का ताप लगभग एक करोड़ पचास लाख केल्विन है। प्रकाशमंडल के ऊपर वर्णमंडल और किरीट हैं, और किरीट पूर्ण सूर्यग्रहण के समय वलय की तरह दिखता है।

तारा अपने जीवन का अधिकांश भाग मुख्य अनुक्रम पर हाइड्रोजन जलाते हुए बिताता है। क्रोड की हाइड्रोजन समाप्त होने पर वह फूलकर लाल दानव बन जाता है, और उसके बाद क्या होगा यह उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है। सूर्य के बराबर द्रव्यमान वाला तारा श्वेत वामन बनकर अंत होता है; श्वेत वामन के द्रव्यमान की ऊपरी सीमा, सूर्य के द्रव्यमान की लगभग 1.4 गुनी, चंद्रशेखर सीमा कहलाती है, जिसका नाम सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर पर है। इससे भारी तारा महानवतारा के रूप में फटता है और पीछे न्यूट्रॉन तारा छोड़ता है, जो नियमित रेडियो स्पंद भेजने पर पल्सर कहलाता है, तथा सबसे भारी तारे पीछे कृष्ण विवर छोड़ते हैं, जिसका गुरुत्व इतना प्रबल है कि प्रकाश भी नहीं निकल पाता। तारे टिमटिमाते दिखते हैं क्योंकि उनका प्रकाश वायुमंडल की गतिशील परतों से अपवर्तित होता है, जबकि ग्रह निकट होने और बिंब के रूप में दिखने के कारण उल्लेखनीय रूप से नहीं टिमटिमाते।

अंतरिक्ष में दूरी का मापन

इकाईमानकिसके लिए
खगोलीय इकाईलगभग 1.496 गुणा दस की घात आठ किलोमीटरसौर मंडल के भीतर की दूरियां
प्रकाश वर्षलगभग 9.46 गुणा दस की घात बारह किलोमीटरतारों की दूरी; यह दूरी की इकाई है, समय की नहीं
पारसेकलगभग 3.26 प्रकाश वर्षव्यावसायिक खगोल विज्ञान में प्रयुक्त दूरियां

सूर्य के बाद पृथ्वी के सबसे निकट का तारा प्रॉक्सिमा सेंटौरी है, जो लगभग 4.24 प्रकाश वर्ष दूर है और अल्फा सेंटौरी निकाय का सदस्य है। रात्रि आकाश का सबसे चमकीला तारा सिरियस है, जिसे लुब्धक अथवा डॉग स्टार कहते हैं और जो महाश्वान तारामंडल में है, तथा ध्रुव तारा पोलरिस पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव के लगभग ऊपर स्थित है, इसी कारण वह स्थिर दिखता है जबकि अन्य तारे उसके चारों ओर घूमते प्रतीत होते हैं।

आकाशगंगाएं और ब्रह्मांड

आकाशगंगा तारों, गैस, धूल और श्याम पदार्थ का विशाल निकाय है, जो गुरुत्व से बंधा रहता है। आकाशगंगाओं का वर्गीकरण सर्पिल, दीर्घवृत्तीय और अनियमित में किया जाता है। हमारी आकाशगंगा, मिल्की वे, जिसे भारतीय परंपरा में आकाश गंगा कहा जाता है, सर्पिल आकाशगंगा है और सौर मंडल उसकी एक भुजा में स्थित है। हमारी आकाशगंगा के सबसे निकट की बड़ी आकाशगंगा एंड्रोमेडा है। ब्रह्मांड की उत्पत्ति का मान्य विवरण महाविस्फोट सिद्धांत है, जिसे इस प्रेक्षण से समर्थन मिलता है कि दूर की आकाशगंगाएं हमसे दूर जा रही हैं, जिसका वर्णन हब्बल का नियम करता है, तथा उस ब्रह्मांडीय सूक्ष्मतरंग पृष्ठभूमि विकिरण से जो समस्त अंतरिक्ष में भरा है।

उपग्रह और उनकी कक्षाएं

उपग्रह वह पिंड है जो किसी ग्रह की परिक्रमा करता है। चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है; शेष कृत्रिम उपग्रह हैं, जिन्हें रॉकेट कक्षा में स्थापित करते हैं। उपग्रह को कक्षा में स्थापित कर देने के बाद किसी इंजन की आवश्यकता नहीं रहती: उस पर केवल पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है, जो उसकी वृत्तीय गति के लिए अभिकेंद्र बल देता है, और उपग्रह तथा उसके भीतर की प्रत्येक वस्तु मुक्त पतन की स्थिति में रहती है, इसी कारण अंतरिक्ष यात्री तैरते दिखते हैं। पृथ्वी के गुरुत्व क्षेत्र से पूरी तरह निकल जाने के लिए आवश्यक न्यूनतम वेग पलायन वेग है, जो लगभग 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड है, जबकि निचली कक्षा का उपग्रह लगभग 7.9 किलोमीटर प्रति सेकंड की चाल से चलता है। भूस्थिर उपग्रह भूमध्य रेखा के ऊपर लगभग 35,786 किलोमीटर की ऊंचाई पर रखा जाता है और एक परिक्रमा में चौबीस घंटे लेता है, जो पृथ्वी के घूर्णन काल के बराबर है, इसलिए वह एक ही स्थान के ऊपर स्थिर दिखता है और संचार, प्रसारण तथा मौसम निगरानी में प्रयुक्त होता है; इनसैट और जीसैट श्रृंखला इसी प्रकार की है। ध्रुवीय अथवा सूर्य-तुल्यकालिक उपग्रह कुछ सौ किलोमीटर की ऊंचाई पर ध्रुवों के ऊपर से गुजरता है, किसी अक्षांश को प्रतिदिन उसी स्थानीय समय पर पार करता है और दूर संवेदन में प्रयुक्त होता है, जैसे भारतीय दूर संवेदी उपग्रह श्रृंखला। भारत का पहला उपग्रह आर्यभट्ट था, जो 1975 में सोवियत सहायता से छोड़ा गया, जबकि भारतीय प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 से 1980 में कक्षा में स्थापित पहला उपग्रह रोहिणी था। चंद्रयान-1 2008 में छोड़ा गया, मंगलयान 2014 में मंगल की कक्षा में पहुंचा, चंद्रयान-3 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरा, जो अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है, और आदित्य-एल1 2023 में पहले लैग्रेंज बिंदु से सूर्य के अध्ययन के लिए छोड़ा गया।

परीक्षा की दृष्टि से

सूर्य की ऊर्जा का स्रोत, प्रकाश वर्ष की इकाई, तारों के टिमटिमाने का कारण, कक्षा में उपग्रह पर कार्य करने वाला बल, भूस्थिर उपग्रह का काल और ऊंचाई, सबसे निकट तथा सबसे चमकीला तारा, सौर मंडल की आकाशगंगा और भारत का पहला उपग्रह जैसे एक-पंक्ति प्रश्न अवश्य आते हैं। जाल हैं: संलयन और विखंडन का भेद, सबसे निकट और सबसे चमकीला का भेद, प्रकाश वर्ष को समय की इकाई समझना, भूस्थिर और ध्रुवीय कक्षा का भेद, तथा आर्यभट्ट और रोहिणी का भेद। संख्यात्मक प्रश्न पलायन वेग और परिक्रमण काल पूछते हैं, इसलिए संख्याएं इकाइयों के साथ याद रखें।

महत्वपूर्ण तथ्य

सौर ऊर्जा का स्रोतहाइड्रोजन से हीलियम का नाभिकीय संलयन
सूर्य के क्रोड का तापलगभग एक करोड़ पचास लाख केल्विन
सूर्य की सतहप्रकाशमंडल, लगभग 5,500 डिग्री सेल्सियस
खगोलीय इकाईलगभग 1.496 गुणा दस की घात आठ किलोमीटर
प्रकाश वर्षलगभग 9.46 गुणा दस की घात बारह किलोमीटर, दूरी की इकाई
पारसेकलगभग 3.26 प्रकाश वर्ष
सूर्य के बाद निकटतम ताराप्रॉक्सिमा सेंटौरी, लगभग 4.24 प्रकाश वर्ष
रात्रि का सबसे चमकीला तारासिरियस, लुब्धक, महाश्वान तारामंडल में
चंद्रशेखर सीमासूर्य के द्रव्यमान का लगभग 1.4 गुना
हमारी आकाशगंगामिल्की वे, सर्पिल आकाशगंगा
पलायन वेगपृथ्वी से लगभग 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड
भूस्थिर कक्षाभूमध्य रेखा से लगभग 35,786 किलोमीटर, काल 24 घंटे
भारत का पहला उपग्रहआर्यभट्ट, 1975
भारतीय रॉकेट से पहलारोहिणी, एसएलवी-3 से, 1980

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC Assistant 2014 Official Paperआसान

सूर्य की ऊर्जा का स्रोत है

  1. A.भारी नाभिकों का संलयन
  2. B.हल्के नाभिकों का संलयन
  3. C.हल्के नाभिकों का विखंडन
  4. D.भारी नाभिकों का विखंडन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हल्के नाभिकों का संलयन

सूर्य के क्रोड में, जहां ताप लगभग एक करोड़ पचास लाख केल्विन है, चार हाइड्रोजन नाभिक प्रोटॉन-प्रोटॉन श्रृंखला से मिलकर एक हीलियम नाभिक बनाते हैं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 29 Oct, 2023, Shift 1आसान

तारों के टिमटिमाने का कारण क्या है?

  1. A.धूल कणों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन
  2. B.बादलों द्वारा प्रकाश का आंतरिक परावर्तन
  3. C.तारों के प्रकाश का वायुमंडलीय अपवर्तन
  4. D.जल बूंदों द्वारा प्रकाश का विक्षेपण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तारों के प्रकाश का वायुमंडलीय अपवर्तन

तारा इतनी दूर होता है कि वह प्रकाश का बिंदु स्रोत बन जाता है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 12 Dec 2019, Shift 2आसान

उपग्रह को कक्षा में स्थापित कर देने के बाद उसकी गति को नियंत्रित करने वाला एकमात्र बल कौन सा है?

  1. A.गुरुत्व
  2. B.प्रत्यास्थता
  3. C.घर्षण
  4. D.ईंधन से चालित बल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गुरुत्व

उपग्रह को आवश्यक ऊंचाई और चाल उसका प्रक्षेपण यान देता है, और उसके बाद किसी इंजन की आवश्यकता नहीं रहती: उस पर केवल पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण कार्य करता है और वही अभिकेंद्र बल देता है जो उसे वक्र पथ पर बनाए रखता है, अर्थात उपग्रह पृथ्वी की ओर गिरता रहता…

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

प्रकाश वर्ष किसकी इकाई है?

  1. A.समय
  2. B.दूरी
  3. C.चमक
  4. D.द्रव्यमान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दूरी

प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो प्रकाश निर्वात में एक वर्ष में तय करता है, अर्थात लगभग 9.46 गुणा दस की घात बारह किलोमीटर।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

सूर्य के बाद पृथ्वी के सबसे निकट का तारा कौन सा है?

  1. A.सिरियस
  2. B.प्रॉक्सिमा सेंटौरी
  3. C.पोलरिस
  4. D.बीटलजूस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रॉक्सिमा सेंटौरी

लाल वामन होने के कारण वह नग्न आंखों से नहीं दिखता, फिर भी सूर्य के बाद वही हमारे सबसे निकट का तारा है।

Q6.सामान्य विज्ञानमध्यम

भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी की एक परिक्रमा कितने समय में पूरी करता है?

  1. A.90 मिनट
  2. B.12 घंटे
  3. C.24 घंटे
  4. D.365 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 24 घंटे

भूस्थिर उपग्रह भूमध्य रेखा के ऊपर लगभग 35,786 किलोमीटर की ऊंचाई पर वृत्तीय कक्षा में रखा जाता है, जहां उसका परिक्रमण काल पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन काल के बराबर होता है, और वह पृथ्वी की ही तरह पश्चिम से पूर्व की ओर चलता है, इसलिए वह धरती के…

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

पृथ्वी से देखने पर रात्रि आकाश का सबसे चमकीला तारा कौन सा है?

  1. A.पोलरिस
  2. B.सिरियस
  3. C.कैनोपस
  4. D.वेगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सिरियस

यह सबसे चमकीला दिखता है क्योंकि वह दीप्तिमान भी है और निकट भी, लगभग 8.6 प्रकाश वर्ष दूर, तथा वास्तव में वह एक श्वेत वामन साथी के साथ युग्म तारा निकाय है।

Q8.सामान्य विज्ञानमध्यम

सौर मंडल किस आकाशगंगा का भाग है?

  1. A.एंड्रोमेडा
  2. B.मिल्की वे
  3. C.बृहत मैगेलैनिक मेघ
  4. D.त्रिभुज आकाशगंगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मिल्की वे

यह कुछ सौ अरब तारों वाली सर्पिल आकाशगंगा है, और सौर मंडल उसकी एक सर्पिल भुजा में, केंद्र से बहुत दूर स्थित है, इसी कारण हम इस आकाशगंगा को किनारे से देखते हैं और वह रात्रि आकाश में दूधिया पट्टी जैसी दिखती है।

Q9.सामान्य विज्ञानकठिन

1975 में छोड़ा गया भारत का पहला उपग्रह कौन सा था?

  1. A.रोहिणी
  2. B.आर्यभट्ट
  3. C.भास्कर
  4. D.इनसैट-1ए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आर्यभट्ट

भारत के पहले उपग्रह का नाम प्राचीन खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट पर रखा गया, इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने बनाया और अप्रैल 1975 में सोवियत संघ से छोड़ा गया, क्योंकि उस समय भारत के पास अपना प्रक्षेपण यान नहीं था; इसमें एक्स-किरण खगोल विज्ञान तथा सौर भौतिकी के प्रयोग…

Q10.सामान्य विज्ञानकठिन

चंद्रशेखर सीमा किस तारकीय अवशेष का अधिकतम द्रव्यमान है?

  1. A.श्वेत वामन
  2. B.न्यूट्रॉन तारा
  3. C.कृष्ण विवर
  4. D.लाल दानव
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. श्वेत वामन

सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर ने दिखाया कि श्वेत वामन, जो गुरुत्व के विरुद्ध अपक्षयित इलेक्ट्रॉनों के दबाव से संभला रहता है, सूर्य के द्रव्यमान के लगभग 1.4 गुने से अधिक द्रव्यमान का नहीं हो सकता; उस सीमा के आगे तारा और संकुचित हो जाता है, और इस कार्य पर उन्हें 1983 का…

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारे क्यों टिमटिमाते हैं और ग्रह क्यों नहीं?

तारा इतना दूर होता है कि वह बिंदु स्रोत की तरह व्यवहार करता है, और वायुमंडल की गतिशील परतों से उसके प्रकाश का अपवर्तन बदलता रहने से उसकी चमक और स्थिति बदलती है, जो हमें टिमटिमाना दिखती है। ग्रह निकट होता है और छोटे बिंब की तरह दिखता है, अर्थात बिंदु स्रोतों का समूह, जिनके परिवर्तन परस्पर कट जाते हैं, इसलिए वह स्थिर चमकता है।

प्रकाश वर्ष और पारसेक में क्या अंतर है?

दोनों दूरी की इकाइयां हैं। प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो प्रकाश एक वर्ष में तय करता है, लगभग 9.46 गुणा दस की घात बारह किलोमीटर। पारसेक वह दूरी है जिस पर एक खगोलीय इकाई एक चाप सेकंड का कोण बनाती है, और वह लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर है, अर्थात पारसेक बड़ी इकाई है।

उपग्रह में अंतरिक्ष यात्री भारहीन क्यों अनुभव करता है?

उपग्रह और उसके भीतर की प्रत्येक वस्तु केवल गुरुत्व के अधीन पृथ्वी के चारों ओर मुक्त पतन में रहती है, इसलिए यात्री के पैरों पर फर्श से कोई प्रतिक्रिया बल नहीं लगता और भार का अनुभव नहीं होता। गुरुत्व समाप्त नहीं हुआ है; वही अभिकेंद्र बल देकर उपग्रह को कक्षा में रखता है।

भूस्थिर और ध्रुवीय उपग्रह में क्या अंतर है?

भूस्थिर उपग्रह भूमध्य रेखा से लगभग 35,786 किलोमीटर ऊपर रखा जाता है और एक परिक्रमा में चौबीस घंटे लेता है, इसलिए वह एक ही बिंदु के ऊपर रहता है और संचार तथा मौसम के लिए प्रयुक्त होता है। ध्रुवीय अथवा सूर्य-तुल्यकालिक उपग्रह कुछ सौ किलोमीटर की ऊंचाई पर ध्रुवों के ऊपर से जाता है, पूरी पृथ्वी को पट्टी-पट्टी कवर करता है और दूर संवेदन में प्रयुक्त होता है।

भारत का पहला उपग्रह कौन था और उसे किसने छोड़ा?

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा बनाया गया आर्यभट्ट अप्रैल 1975 में सोवियत संघ से छोड़ा गया, क्योंकि उस समय भारत के पास अपना प्रक्षेपण यान नहीं था। भारतीय यान से कक्षा में स्थापित पहला उपग्रह रोहिणी था, जिसे 1980 में एसएलवी-3 ने पहुंचाया।

स्रोत

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