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GK नोट्ससामान्य विज्ञानगति, बल और गति के नियम

गति, बल और न्यूटन के नियम: सूत्र तथा तथ्य

प्रतियोगी परीक्षा के लिए गति और बल पर भौतिकी के नोट्स: दूरी तथा विस्थापन, वेग, त्वरण, गति के समीकरण और ग्राफ, जड़त्व, संवेग एवं न्यूटन के तीन नियम।

लेखक · प्रकाशित · 4 मिनट

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गति, बल और न्यूटन के नियम: सूत्र तथा तथ्य — GK24 title card
गति, बल और न्यूटन के नियम: सूत्र तथा तथ्य — GK24 title card

गति का अर्थ है समय के साथ किसी वस्तु की स्थिति में परिवर्तन, जिसे किसी स्थिर मानी गई वस्तु के सापेक्ष नापा जाता है। चलती रेलगाड़ी में बैठा यात्री गाड़ी के सापेक्ष विराम में है और प्लेटफॉर्म के सापेक्ष गति में, इसलिए गति का हर कथन अपने साथ एक छिपा संदर्भ बिंदु लिए चलता है। यह अध्याय यांत्रिकी की शब्दावली और वे तीन नियम देता है जो बताते हैं कि वस्तुएँ इस प्रकार क्यों चलती हैं, और परीक्षक इससे हर वर्ष प्रश्न बनाते हैं क्योंकि यहाँ परिभाषा और एक पंक्ति की गणना दोनों पूछी जा सकती हैं।

गति का वर्णन

दूरी तय किए गए पूरे पथ की लंबाई है और अदिश राशि है, अर्थात उसमें केवल परिमाण होता है। विस्थापन आरंभ बिंदु से अंतिम बिंदु तक की सीधी रेखा में सबसे कम दूरी है और सदिश राशि है, अर्थात उसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं। गोलाकार पथ का एक चक्कर पूरा करने वाले धावक ने परिधि के बराबर दूरी तय की, परंतु उसका विस्थापन शून्य है। विस्थापन शून्य या ऋणात्मक हो सकता है; दूरी कभी नहीं।

राशिपरिभाषाएसआई मात्रकप्रकार
दूरीतय किए गए पथ की लंबाईमीटरअदिश
विस्थापनआरंभिक और अंतिम स्थिति के बीच सबसे कम दूरीमीटरसदिश
चालदूरी बटा समयमीटर प्रति सेकंडअदिश
वेगविस्थापन बटा समयमीटर प्रति सेकंडसदिश
त्वरणवेग में परिवर्तन बटा समयमीटर प्रति सेकंड वर्गसदिश

गति एकसमान तब कहलाती है जब समान समय अंतराल में समान दूरी तय हो, अंतराल चाहे कितना ही छोटा हो; अन्यथा वह असमान गति है। वेग बढ़ने पर त्वरण धनात्मक और घटने पर ऋणात्मक होता है, जिसे मंदन कहते हैं। वृत्ताकार पथ पर एकसमान चाल से चलती वस्तु भी त्वरित होती है, क्योंकि उसकी दिशा और इसलिए वेग निरंतर बदलता रहता है।

गति के समीकरण और ग्राफ

एकसमान त्वरण से चलती वस्तु के लिए तीन समीकरण आरंभिक वेग u, अंतिम वेग v, त्वरण a, समय t और दूरी s को जोड़ते हैं।

  • v बराबर u जोड़ at
  • s बराबर ut जोड़ आधा at वर्ग
  • v वर्ग बराबर u वर्ग जोड़ दो गुना as

ग्राफ यही बात चित्र में कहते हैं। दूरी-समय ग्राफ में रेखा का ढाल चाल देता है, इसलिए सीधी रेखा एकसमान चाल दिखाती है और समय अक्ष के समांतर रेखा बताती है कि वस्तु विराम में है। वेग-समय ग्राफ में ढाल त्वरण देता है और ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन देता है। ये दोनों परिणाम सीधे पूछे जाते हैं और इन्हें जोड़े के रूप में याद रखना चाहिए।

बल और जड़त्व

बल वह धक्का या खिंचाव है जो किसी वस्तु की विराम या गति की अवस्था बदल सकता है, उसकी दिशा बदल सकता है, या उसका आकार बदल सकता है। इसका एसआई मात्रक न्यूटन है, और एक न्यूटन वह बल है जो एक किलोग्राम द्रव्यमान में एक मीटर प्रति सेकंड वर्ग का त्वरण उत्पन्न करता है। किसी वस्तु पर लगने वाले बल संतुलित हो सकते हैं, तब उसकी अवस्था नहीं बदलती, या असंतुलित, तब वह त्वरित होती है।

जड़त्व वस्तु की वह स्वाभाविक प्रवृत्ति है जिससे वह अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है। यह केवल द्रव्यमान पर निर्भर है: द्रव्यमान जितना अधिक, जड़त्व उतना अधिक, इसीलिए लदे ट्रक को चलाना और रोकना साइकिल की तुलना में कठिन है। इसी कारण द्रव्यमान को जड़त्व का माप कहा जाता है। यह विचार गैलीलियो के आनत तलों के प्रयोगों से आया, जिसे न्यूटन ने अपने पहले नियम का रूप दिया।

न्यूटन के गति के तीन नियम

पहला नियम कहता है कि कोई वस्तु अपनी विराम या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था बनाए रखती है जब तक उस पर कोई असंतुलित बाह्य बल न लगे। इसे जड़त्व का नियम भी कहते हैं, और यही बताता है कि चलती बस के अचानक रुकने पर यात्री आगे की ओर क्यों गिरता है, क्योंकि शरीर का निचला भाग बस के साथ रुक जाता है जबकि ऊपरी भाग चलता रहता है।

दूसरा नियम कहता है कि किसी वस्तु के संवेग के परिवर्तन की दर आरोपित बल के अनुक्रमानुपाती होती है और बल की दिशा में होती है। संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, जिसे p बराबर mv लिखा जाता है, और उसका एसआई मात्रक किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड है। इसी नियम से परिचित समीकरण बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण निकलता है। यही बताता है कि क्षेत्ररक्षक कैच लेते समय हाथ पीछे क्यों खींचता है: पकड़ने का समय बढ़ाने से उसी संवेग परिवर्तन के लिए कम बल चाहिए।

तीसरा नियम कहता है कि प्रत्येक क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। मुख्य बात, जिसे परीक्षक जाँचते हैं, यह है कि क्रिया और प्रतिक्रिया दो अलग वस्तुओं पर लगती हैं, इसीलिए वे एक-दूसरे को कभी निरस्त नहीं करतीं। तैराक पानी को पीछे धकेलता है और आगे बढ़ता है, तथा रॉकेट गैसों को नीचे धकेलकर ऊपर उठता है।

संवेग संरक्षण

जब किसी निकाय पर कोई बाह्य बल न लगे तो उसका कुल संवेग वही बना रहता है। बंदूक चलाने में गोली बड़े अग्र संवेग के साथ निकलती है और बंदूक उतने ही पश्च संवेग के साथ पीछे हटती है, जिसे प्रतिक्षेप कहते हैं; बंदूक बहुत भारी होने से उसका पश्च वेग कम रहता है। यही सिद्धांत रॉकेट के प्रणोदन और टकराती वस्तुओं के व्यवहार की व्याख्या करता है।

परीक्षा की दृष्टि से

प्रश्न तीन रूपों में आते हैं। पहला, परिभाषाएँ और मात्रक: कौन सी राशि सदिश है, बल या संवेग का एसआई मात्रक क्या है, और जड़त्व किस पर निर्भर करता है। दूसरा, स्वयं नियम, जो प्रायः किसी उदाहरण से मिलान के रूप में पूछे जाते हैं: यात्री का आगे झुकना पहला नियम, क्षेत्ररक्षक का हाथ पीछे खींचना दूसरा, और बंदूक का प्रतिक्षेप या तैराक का पानी धकेलना तीसरा नियम है। तीसरा, ग्राफ और सूत्र वाले प्रश्न, जिनमें दूरी-समय ग्राफ का ढाल, वेग-समय ग्राफ का ढाल तथा क्षेत्रफल, और गति के तीन समीकरण सीधे या एक चरण की गणना से पूछे जाते हैं। सबसे आम जाल हैं दूरी और विस्थापन को एक मान लेना, वृत्ताकार गति में त्वरण को भूल जाना, और यह मान लेना कि क्रिया और प्रतिक्रिया एक-दूसरे को निरस्त कर देती हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

बल का एसआई मात्रकन्यूटन; एक न्यूटन बराबर एक किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड वर्ग
संवेग का एसआई मात्रककिलोग्राम मीटर प्रति सेकंड
अदिश और सदिशदूरी तथा चाल अदिश हैं; विस्थापन, वेग और त्वरण सदिश हैं
गति के समीकरणv = u + at; s = ut + आधा at वर्ग; v वर्ग = u वर्ग + 2as
दूरी-समय ग्राफइसका ढाल वस्तु की चाल देता है
वेग-समय ग्राफइसका ढाल त्वरण और नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन देता है
गति का पहला नियमजड़त्व का नियम, जिसका आधार गैलीलियो के आनत तल के प्रयोग हैं
गति का दूसरा नियमबल बराबर संवेग परिवर्तन की दर, जिससे बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण मिलता है
गति का तीसरा नियमक्रिया और प्रतिक्रिया बराबर तथा विपरीत होती हैं और अलग वस्तुओं पर लगती हैं
जड़त्व का मापवस्तु का द्रव्यमान
संवेग संरक्षणबाह्य बल न लगने पर कुल संवेग स्थिर रहता है; प्रतिक्षेप और रॉकेट की व्याख्या करता है
गुरुत्वीय त्वरणपृथ्वी की सतह के पास लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

न्यूटन के गति के पहले नियम को किस अन्य नाम से जाना जाता है?

  1. A.जड़त्व का नियम
  2. B.संवेग का नियम
  3. C.क्रिया और प्रतिक्रिया का नियम
  4. D.गुरुत्वाकर्षण का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जड़त्व का नियम

व्याख्या

सही उत्तर A, जड़त्व का नियम है। पहला नियम कहता है कि कोई वस्तु अपनी विराम या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था बनाए रखती है जब तक उस पर असंतुलित बाह्य बल न लगे, और यही गुण जड़त्व कहलाता है।

विकल्प B दूसरे नियम की ओर संकेत करता है, जो संवेग परिवर्तन की दर से संबंधित है और जिससे बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण निकलता है। विकल्प C तीसरा नियम है, जो कहता है कि क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर तथा विपरीत होती हैं और अलग वस्तुओं पर लगती हैं। विकल्प D, गुरुत्वाकर्षण का नियम न्यूटन का ही अलग नियम है, जिसके अनुसार प्रत्येक वस्तु दूसरी को उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती और दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती बल से आकर्षित करती है। पहला नियम बल की परिभाषा भी देता है।

Q2.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से कौन सी सदिश राशि है?

  1. A.दूरी
  2. B.चाल
  3. C.विस्थापन
  4. D.समय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विस्थापन

व्याख्या

सही उत्तर C, विस्थापन है। यह आरंभ बिंदु से अंतिम बिंदु तक की सबसे कम दूरी है और साथ में उस सीधी रेखा की दिशा भी बताता है, इसलिए इसमें परिमाण तथा दिशा दोनों हैं और यह सदिश राशि है।

विकल्प A, दूरी तय किए गए पथ की कुल लंबाई है और उसमें दिशा नहीं होती, इसलिए वह अदिश है; विकल्प B, चाल दूरी बटा समय है और इसी कारण अदिश है, जबकि वेग, जो विस्थापन बटा समय है, सदिश है। विकल्प D, समय अदिश राशि है। मानक उदाहरण गोलाकार पथ का एक चक्कर पूरा करता धावक है: तय दूरी परिधि के बराबर है पर विस्थापन शून्य, क्योंकि वह वहीं लौट आता है जहाँ से चला था। जोड़े याद रखिए, दूरी और चाल अदिश तथा विस्थापन और वेग सदिश।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण यह समीकरण गति के किस नियम से निकलता है?

  1. A.पहला नियम
  2. B.दूसरा नियम
  3. C.तीसरा नियम
  4. D.ऊर्जा संरक्षण का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दूसरा नियम

व्याख्या

सही उत्तर B, दूसरा नियम है। यह कहता है कि किसी वस्तु के संवेग के परिवर्तन की दर आरोपित बल के अनुक्रमानुपाती होती है और बल की दिशा में होती है। चूँकि संवेग द्रव्यमान गुणा वेग है, अचर द्रव्यमान वाली वस्तु के लिए उसके परिवर्तन की दर द्रव्यमान गुणा त्वरण हो जाती है, जिससे यह समीकरण मिलता है।

विकल्प A, पहला नियम केवल इतना बताता है कि असंतुलित बल के बिना वस्तु अपनी अवस्था बनाए रखती है, और इस प्रकार बल को परिभाषित करता है, मापता नहीं। विकल्प C, तीसरा नियम क्रिया और प्रतिक्रिया के युग्म से संबंधित है जो दो अलग वस्तुओं पर लगती हैं। विकल्प D विषय की दूसरी शाखा का है। दूसरे नियम से ही न्यूटन मात्रक की परिभाषा भी मिलती है।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

गोली चलाने पर बंदूक का पीछे हटना किस राशि के संरक्षण से समझाया जाता है?

  1. A.ऊर्जा
  2. B.रैखिक संवेग
  3. C.द्रव्यमान
  4. D.विद्युत आवेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रैखिक संवेग

व्याख्या

सही उत्तर B, रैखिक संवेग है। चलाने से पहले बंदूक और गोली दोनों विराम में हैं, इसलिए निकाय का कुल संवेग शून्य है। नली की दिशा में कोई बाह्य बल नहीं लगता, अतः कुल संवेग शून्य ही रहना चाहिए: गोली बड़े अग्र संवेग के साथ निकलती है और बंदूक उतना ही पश्च संवेग लेकर पीछे हटती है, जिसे प्रतिक्षेप कहते हैं। बंदूक गोली से बहुत भारी होती है, इसलिए उसका पश्च वेग कम रहता है।

विकल्प A, ऊर्जा व्यापक अर्थ में संरक्षित तो है पर वह अकेले प्रतिक्षेप की दिशा और मात्रा नहीं बताती। विकल्प C, द्रव्यमान और विकल्प D, आवेश भी संरक्षित राशियाँ हैं पर यहाँ अप्रासंगिक हैं। यही सिद्धांत रॉकेट के प्रणोदन की भी व्याख्या करता है, और वही तीसरा नियम दूसरी ओर से देखा गया रूप है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

संवेग का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.न्यूटन
  2. B.जूल
  3. C.किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड
  4. D.न्यूटन प्रति सेकंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर C, किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड है। संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, इसलिए उसका मात्रक द्रव्यमान के मात्रक गुणा वेग का मात्रक होता है, अर्थात किलोग्राम गुणा मीटर प्रति सेकंड। यह सदिश राशि है और उसकी दिशा वेग की दिशा होती है।

विकल्प A, न्यूटन बल का मात्रक है, और बल संवेग परिवर्तन की दर है, संवेग नहीं; एक न्यूटन वास्तव में एक किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। विकल्प B, जूल कार्य और ऊर्जा का मात्रक है। विकल्प D, न्यूटन प्रति सेकंड कोई मानक मात्रक नहीं है, यद्यपि न्यूटन सेकंड संवेग का स्वीकार्य वैकल्पिक रूप है, क्योंकि बल गुणा समय संवेग परिवर्तन के बराबर होता है और उसी को आवेग कहते हैं। आवेग और संवेग का यह संबंध भी प्रिय प्रश्न है।

Q6.सामान्य विज्ञानआसान

चलती बस के अचानक रुकने पर खड़ा यात्री आगे की ओर गिरता है। इसका कारण है

  1. A.विराम का जड़त्व
  2. B.गति का जड़त्व
  3. C.दिशा का जड़त्व
  4. D.अभिकेंद्र बल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गति का जड़त्व

व्याख्या

सही उत्तर B, गति का जड़त्व है। बस चलती है तब यात्री का पूरा शरीर उसके साथ चलता है। ब्रेक लगते ही पैर बस के फर्श के साथ रुक जाते हैं, पर ऊपरी शरीर उसी चाल से आगे बढ़ता रहना चाहता है, इसलिए यात्री आगे की ओर गिर पड़ता है।

विकल्प A, विराम का जड़त्व उल्टी स्थिति बताता है: खड़ी बस के अचानक चलने पर यात्री पीछे गिरता है, क्योंकि शरीर विराम में बना रहना चाहता है। विकल्प C, दिशा का जड़त्व बताता है कि घूमते पहिये से कीचड़ स्पर्श रेखा की दिशा में क्यों उड़ता है या मोड़ पर यात्री बाहर की ओर क्यों झुकता है। विकल्प D, अभिकेंद्र बल वृत्ताकार पथ पर केंद्र की ओर लगने वाला बल है और सीधी रेखा में ब्रेक लगने से उसका संबंध नहीं। तीनों प्रकार के जड़त्व ऐसे ही उदाहरणों से पूछे जाते हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा एकसमान त्वरित गति का समीकरण है?

  1. A.v वर्ग बराबर u वर्ग जोड़ 2as
  2. B.v बराबर u जोड़ as
  3. C.s बराबर ut जोड़ at
  4. D.v बराबर u जोड़ at वर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. v वर्ग बराबर u वर्ग जोड़ 2as

व्याख्या

सही उत्तर A है। एकसमान त्वरित गति के तीन समीकरण हैं: v बराबर u जोड़ at, s बराबर ut जोड़ आधा a t वर्ग, तथा v वर्ग बराबर u वर्ग जोड़ दो गुना a s, जहाँ u आरंभिक वेग, v अंतिम वेग, a त्वरण, t समय और s तय दूरी है।

विकल्प B पहले समीकरण में समय के स्थान पर दूरी रख देता है, जो गलत है क्योंकि पहला समीकरण वेग को समय से जोड़ता है, दूरी से नहीं। विकल्प C में आधा छूट गया है और वर्ग भी नहीं है, इसलिए वह दूसरा समीकरण नहीं है। विकल्प D पहले समीकरण में समय का वर्ग कर देता है, जो दूसरे समीकरण की बात है। तीसरा समीकरण तब उपयोगी है जब समय न दिया हो, और किसी संख्यात्मक प्रश्न में समीकरण का चयन इसी से तय होता है कि पाँच राशियों में से कौन सी नहीं दी गई है।

Q8.सामान्य विज्ञानमध्यम

वेग-समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल कौन सी राशि देता है?

  1. A.त्वरण
  2. B.विस्थापन
  3. C.बल
  4. D.संवेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विस्थापन

व्याख्या

सही उत्तर B, विस्थापन है। वेग-समय ग्राफ में ऊँचाई वेग है और आधार समय, इसलिए घिरा हुआ क्षेत्रफल वेग गुणा समय होता है, जो विस्थापन ही है।

विकल्प A, त्वरण उसी ग्राफ के ढाल से मिलता है, क्षेत्रफल से नहीं, और ढाल तथा क्षेत्रफल को मिला देना इस प्रश्न की सबसे आम भूल है। विकल्प C, बल और विकल्प D, संवेग वेग-समय ग्राफ से तब तक नहीं निकाले जा सकते जब तक वस्तु का द्रव्यमान न दिया हो। साथ का परिणाम भी उसी साँस में याद रखिए: दूरी-समय ग्राफ का ढाल चाल देता है, इसलिए तिरछी सीधी रेखा एकसमान चाल और क्षैतिज रेखा विराम दिखाती है। प्रश्नपत्र प्रायः एक सरल ग्राफ देकर इन्हीं तीन पाठों में से एक पूछते हैं, इसलिए ढाल और क्षेत्रफल का अंतर पहले ही स्पष्ट कर लीजिए।

Q9.सामान्य विज्ञानमध्यम

न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया और प्रतिक्रिया

  1. A.एक ही वस्तु पर लगती हैं और एक-दूसरे को निरस्त कर देती हैं
  2. B.दो अलग वस्तुओं पर लगती हैं और एक-दूसरे को निरस्त नहीं करतीं
  3. C.परिमाण में असमान होती हैं
  4. D.एक ही दिशा में लगती हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दो अलग वस्तुओं पर लगती हैं और एक-दूसरे को निरस्त नहीं करतीं

व्याख्या

सही उत्तर B है। तीसरा नियम कहता है कि प्रत्येक क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है, और निर्णायक बात यह है कि ये दोनों बल दो अलग वस्तुओं पर लगते हैं। तैराक पानी को पीछे धकेलता है और पानी तैराक को आगे; पहला बल पानी पर है और दूसरा तैराक पर।

विकल्प A वही प्रचलित भ्रम है: बल तभी निरस्त होते हैं जब वे एक ही वस्तु पर लगें, और यदि क्रिया तथा प्रतिक्रिया एक ही वस्तु पर लगतीं तो कुछ भी कभी नहीं चलता। विकल्प C नियम के विरुद्ध है, जो दोनों को परिमाण में बराबर कहता है। विकल्प D दिशा उलट देता है; वे ठीक विपरीत होती हैं। अन्य मानक उदाहरण हैं बंदूक का प्रतिक्षेप, रॉकेट का चलना और चलते समय जमीन का पीछे की ओर धक्का।

Q10.सामान्य विज्ञानमध्यम

दूरी-समय ग्राफ का ढाल कौन सी राशि देता है?

  1. A.चाल
  2. B.त्वरण
  3. C.दूरी
  4. D.संवेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाल

व्याख्या

सही उत्तर A, चाल है। किसी भी ग्राफ का ढाल ऊर्ध्व अक्ष पर हुए परिवर्तन बटा क्षैतिज अक्ष पर हुआ परिवर्तन होता है; यहाँ वह दूरी बटा समय है, जो परिभाषा से चाल है।

विकल्प B, त्वरण वेग-समय ग्राफ का ढाल है, दूरी-समय ग्राफ का नहीं, और परीक्षक जानबूझकर इसी जोड़े में भ्रम पैदा करते हैं। विकल्प C, दूरी सीधे ऊर्ध्व अक्ष से पढ़ी जाती है और वह ढाल है ही नहीं। विकल्प D, संवेग द्रव्यमान के बिना ऐसे ग्राफ से नहीं निकाला जा सकता। दो आकृतियाँ देखते ही पहचान लीजिए: दूरी-समय ग्राफ पर तिरछी सीधी रेखा एकसमान चाल दिखाती है और समय अक्ष के समांतर रेखा विराम, जबकि बढ़ते ढाल वाला वक्र बताता है कि वस्तु की चाल बढ़ रही है। यही कारण है कि ग्राफ वाले प्रश्न में पहले यह देखिए कि ऊर्ध्व अक्ष पर दूरी है या वेग, क्योंकि उसी से ढाल का अर्थ तय होता है।

Q11.सामान्य विज्ञानआसान

किसी वस्तु का जड़त्व निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करता है?

  1. A.उसके वेग पर
  2. B.उसके द्रव्यमान पर
  3. C.उसके आकार पर
  4. D.उस पर लगाए गए बल पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उसके द्रव्यमान पर

व्याख्या

सही उत्तर B, उसके द्रव्यमान पर है। जड़त्व वस्तु की वह प्रवृत्ति है जिससे वह अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है, और वस्तु जितनी भारी होगी उसे चलाना या रोकना उतना ही कठिन होगा। इसी कारण द्रव्यमान को जड़त्व का माप कहा जाता है।

विकल्प A, वेग जड़त्व नहीं बदलता: समान द्रव्यमान का खड़ा ट्रक और चलता ट्रक दोनों को त्वरित करना समान रूप से कठिन है। विकल्प C, आकार वायु प्रतिरोध तथा द्रव्य के वितरण को बदलता है, पर सरल रेखीय गति के जड़त्व को नहीं। विकल्प D, लगाया गया बल उत्पन्न त्वरण तय करता है, वस्तु में पहले से विद्यमान जड़त्व नहीं। रोज का उदाहरण यही है कि लदे ट्रक को चलाना और रोकना साइकिल की तुलना में कहीं कठिन होता है।

Q12.सामान्य विज्ञानकठिन

क्षेत्ररक्षक तेज गेंद का कैच लेते समय हाथ पीछे की ओर इसलिए खींचता है कि

  1. A.गेंद का संवेग बढ़ जाए
  2. B.कैच का समय बढ़े और इसलिए बल घट जाए
  3. C.गेंद का द्रव्यमान घट जाए
  4. D.गेंद का त्वरण बढ़ जाए
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कैच का समय बढ़े और इसलिए बल घट जाए

व्याख्या

सही उत्तर B है। हाथ चाहे पीछे खींचे जाएँ या नहीं, गेंद का संवेग शून्य तो करना ही है। गति के दूसरे नियम के अनुसार बल संवेग परिवर्तन बटा लगने वाला समय होता है, इसलिए कैच को अधिक समय तक खींचने से हाथ पर कम बल पड़ता है और चोट नहीं लगती।

विकल्प A गलत है क्योंकि क्षेत्ररक्षक संवेग घटा रहा है, बढ़ा नहीं रहा। विकल्प C असंभव है; गेंद का द्रव्यमान बदल नहीं सकता। विकल्प D बात उलट देता है, क्योंकि क्षेत्ररक्षक वेग परिवर्तन की दर घटाता है, बढ़ाता नहीं। यही विचार कई सुरक्षा उपायों की व्याख्या करता है: हेलमेट और गद्देदार डैशबोर्ड टक्कर का समय बढ़ाते हैं, खिलाड़ी कठोर भूमि के बजाय बालू के गड्ढे में उतरता है, और ऊपर से कूदने वाला व्यक्ति उतरते समय घुटने मोड़ लेता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दूरी और विस्थापन में क्या अंतर है?

दूरी वास्तव में तय किए गए पूरे पथ की लंबाई है और अदिश राशि है, इसलिए उसमें केवल परिमाण होता है और वह कभी ऋणात्मक नहीं होती। विस्थापन आरंभ बिंदु से अंतिम बिंदु तक की सीधी रेखा है और सदिश राशि है, इसलिए उसमें परिमाण तथा दिशा दोनों होते हैं। गोलाकार पथ का एक चक्कर पूरा करने वाला धावक परिधि के बराबर दूरी तय करता है पर उसका विस्थापन शून्य रहता है, और यही परीक्षा का मानक उदाहरण है।

चलती बस के अचानक रुकने पर यात्री आगे क्यों गिरता है?

गति के जड़त्व के कारण, जिसे न्यूटन का पहला नियम बताता है। बस चलती रहती है तब यात्री का पूरा शरीर उसके साथ चलता है। ब्रेक लगते ही पैर और शरीर का निचला भाग बस के साथ रुक जाते हैं, पर ऊपरी भाग उसी चाल से आगे बढ़ता रहना चाहता है, इसलिए यात्री आगे झुक जाता है। खड़ी बस के अचानक चलने पर इसका उल्टा होता है और यात्री पीछे गिरता है।

क्रिया और प्रतिक्रिया एक-दूसरे को निरस्त क्यों नहीं करतीं?

क्योंकि वे दो अलग वस्तुओं पर लगती हैं। तैराक जब पानी को पीछे धकेलता है तो पानी की प्रतिक्रिया तैराक को आगे धकेलती है; क्रिया पानी पर है और प्रतिक्रिया तैराक पर। बल तभी निरस्त होते हैं जब वे एक ही वस्तु पर लगें। तीसरे नियम के प्रश्नों में परीक्षक यही बात सबसे अधिक जाँचते हैं।

क्या एकसमान चाल से चलती वस्तु त्वरित हो सकती है?

हाँ। त्वरण वेग के परिवर्तन की दर है, और वेग में दिशा भी सम्मिलित है। वृत्ताकार पथ पर एकसमान चाल से चलती वस्तु प्रत्येक क्षण अपनी दिशा बदलती है, इसलिए उसका वेग बदल रहा है और वह त्वरित है। यह त्वरण उत्पन्न करने वाला बल वृत्त के केंद्र की ओर लगता है और अभिकेंद्र बल कहलाता है।

क्षेत्ररक्षक कैच लेते समय हाथ पीछे क्यों खींचता है?

दोनों स्थितियों में गेंद का संवेग शून्य करना ही है, पर हाथ पीछे खींचकर क्षेत्ररक्षक उस परिवर्तन का समय बढ़ा देता है। गति के दूसरे नियम के अनुसार आवश्यक बल संवेग परिवर्तन बटा लगा समय होता है, इसलिए अधिक समय का अर्थ है हाथ पर कम बल। यही तर्क हेलमेट, वायु थैली और लंबी कूद के बालू के गड्ढे की व्याख्या करता है।

स्रोत

  • विज्ञान (कक्षा 9), गति तथा बल और गति के नियम अध्याय — एनसीईआरटी
  • भौतिकी भाग एक (कक्षा 11), सरल रेखा में गति तथा गति के नियम अध्याय — एनसीईआरटी
सभी देखें
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