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GK नोट्ससामान्य विज्ञानकोशिका और ऊतक

कोशिका और ऊतक: कोशिकांग, पादप एवं जंतु ऊतक

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोशिका और ऊतक के नोट्स: कोशिका की खोज, कोशिका सिद्धांत, सभी कोशिकांगों के कार्य तथा पादप एवं जंतु ऊतकों का विवरण।

लेखक · प्रकाशित · 4 मिनट

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कोशिका और ऊतक: कोशिकांग, पादप एवं जंतु ऊतक — GK24 title card
कोशिका और ऊतक: कोशिकांग, पादप एवं जंतु ऊतक — GK24 title card

कोशिका जीवन की सबसे छोटी इकाई है, और प्रत्येक पौधा, जंतु तथा सूक्ष्मजीव या तो एक कोशिका है या कोशिकाओं का समूह। ऊतक इससे अगला स्तर है: समान कोशिकाओं का ऐसा समूह जो मिलकर एक कार्य करता है। एसएससी, रेलवे, रक्षा और राज्य परीक्षाओं के जीव विज्ञान खंड में यह अध्याय प्रतिवर्ष आता है, क्योंकि इसके तथ्य गिनने योग्य हैं: किस भाग की खोज किसने की, कौन सा कोशिकांग क्या करता है और कौन सा ऊतक कहां मिलता है।

खोज और कोशिका सिद्धांत

रॉबर्ट हुक ने 1665 में कॉर्क की पतली फांक को अपने बनाए सूक्ष्मदर्शी से देखकर पहली बार कोशिकाएं देखीं और मठ की छोटी कोठरियों के नाम पर उन्हें कोशिका कहा; यह वर्णन उनकी पुस्तक माइक्रोग्राफिया में है। एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक ने सबसे पहले जीवित मुक्त कोशिकाएं, अर्थात जीवाणु और प्रोटोजोआ, तालाब के जल में देखीं। रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में केंद्रक की खोज की और पुरकिंजे ने कोशिका के भीतर के जीवित पदार्थ को जीवद्रव्य नाम दिया। कोशिका सिद्धांत वनस्पति वैज्ञानिक मैथियास श्लाइडेन और प्राणि वैज्ञानिक थियोडोर श्वान ने दिया, जिसके अनुसार सभी पौधे और जंतु कोशिकाओं से बने हैं। रुडोल्फ विरचो ने इसे यह कहकर पूर्ण किया कि प्रत्येक कोशिका पूर्व विद्यमान कोशिका से ही बनती है।

प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिका

प्रोकैरियोटिक कोशिका में वास्तविक केंद्रक नहीं होता और न ही झिल्ली से घिरे कोशिकांग; उसका आनुवंशिक पदार्थ कोशिकाद्रव्य में न्यूक्लिऑइड के रूप में खुला पड़ा रहता है और राइबोसोम छोटे 70S प्रकार के होते हैं। जीवाणु और नील हरित शैवाल प्रोकैरियोट हैं। यूकैरियोटिक कोशिका में केंद्रक झिल्ली से घिरा केंद्रक तथा पूरे कोशिकांग होते हैं और कोशिकाद्रव्य के राइबोसोम 80S प्रकार के होते हैं। कवक, पौधे और जंतु यूकैरियोट हैं। पादप कोशिका जंतु कोशिका से तीन बातों में भिन्न है: उसमें कोशिका झिल्ली के बाहर सेल्युलोज की दृढ़ कोशिका भित्ति होती है, लवक होते हैं और एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है, जबकि जंतु कोशिका में तारककाय होता है।

कोशिकांग और उनके कार्य

कोशिकांगकार्ययाद रखने योग्य बात
कोशिका झिल्लीकोशिका में आने-जाने वाले पदार्थों पर नियंत्रणवरणात्मक पारगम्य; वसा और प्रोटीन से बनी
केंद्रकसभी क्रियाओं का नियंत्रण तथा गुणसूत्रों का वहनखोज रॉबर्ट ब्राउन ने की
माइटोकॉन्ड्रियाश्वसन द्वारा एटीपी के रूप में ऊर्जा मुक्त करनाकोशिका का ऊर्जा गृह; अपना डीएनए और राइबोसोम
लवकहरित लवक प्रकाश संश्लेषण, वर्णी लवक रंग, अवर्णी लवक भंडारणकेवल पादप कोशिका में; अपना डीएनए भी
राइबोसोमप्रोटीन संश्लेषण का स्थलप्रोटीन की फैक्टरी; झिल्ली रहित
अंतर्द्रव्यी जालिकाकोशिका के भीतर परिवहन; खुरदरी प्रोटीन, चिकनी वसा बनाती हैखुरदरी जालिका पर राइबोसोम लगे रहते हैं
गॉल्जीकायपदार्थों का रूपांतरण, पैकिंग और प्रेषणकैमिलो गॉल्जी के नाम पर; पैकेजिंग इकाई
लाइसोसोमएंजाइमों से जीर्ण भागों और बाहरी कणों का पाचनकोशिका की आत्मघाती थैली
रिक्तिकाजल, रस और अपशिष्ट का भंडारण तथा स्फीति बनाए रखनापादप कोशिका में बड़ी और केंद्रीय
तारककायतर्कु तंतु बनाकर कोशिका विभाजन में सहायताजंतु कोशिका में पाया जाता है

आकार से जुड़े तीन तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं। ज्ञात सबसे छोटी कोशिका माइकोप्लाज्मा की है, सबसे बड़ी एकल कोशिका शुतुरमुर्ग का अंडा है और मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका तंत्रिका कोशिका है। मनुष्य की परिपक्व लाल रुधिर कणिका में केंद्रक नहीं होता, जिससे हीमोग्लोबिन के लिए अधिक स्थान मिल जाता है।

पादप ऊतक

पादप ऊतक दो प्रकार के होते हैं। विभज्योतक ऊतक पतली भित्ति वाली छोटी कोशिकाओं का बना होता है जो निरंतर विभाजित होती रहती हैं; यह जड़ और तने के शीर्ष पर शीर्षस्थ होकर लंबाई बढ़ाता है, एधा में पार्श्व होकर मोटाई बढ़ाता है और पत्तियों तथा पर्वसंधियों के आधार पर अंतर्वेशी होता है, जैसा घासों में। स्थायी ऊतक उन कोशिकाओं का बना है जो विभाजन बंद कर चुकी हैं। सरल स्थायी ऊतक हैं मृदूतक, जो भोजन संचित करता है और हरित लवक होने पर हरित ऊतक कहलाता है, स्थूलकोण ऊतक, जो आरोही तनों को लचीलापन देता है, और दृढ़ ऊतक, जो मृत तथा मोटी भित्ति वाला होकर दृढ़ता देता है, जैसे नारियल का रेशा। जटिल स्थायी ऊतक जाइलम और फ्लोएम हैं। जाइलम जल और घुले खनिजों को जड़ से ऊपर ले जाता है और वाहिनिका, वाहिका, जाइलम मृदूतक तथा जाइलम तंतु से बना है, जिनमें केवल मृदूतक जीवित है। फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को दोनों दिशाओं में ले जाता है और चालनी नलिका, सखि कोशिका, फ्लोएम मृदूतक तथा फ्लोएम तंतु से बना है, जिनमें केवल तंतु मृत हैं।

जंतु ऊतक

जंतु ऊतक चार प्रकार के होते हैं। उपकला ऊतक शरीर को ढकता है तथा अंगों और गुहाओं का आस्तर बनाता है; यह शल्की, घनाकार, स्तंभाकार, पक्ष्माभी और ग्रंथिल रूपों में मिलता है। संयोजी ऊतक जोड़ने और सहारा देने का काम करता है; इसमें रिक्तिकामय ऊतक, वसा ऊतक, अस्थि, उपास्थि तथा रुधिर आते हैं, और रुधिर प्लाज्मा में लाल कणिकाओं, श्वेत कणिकाओं एवं बिंबाणुओं के साथ तरल संयोजी ऊतक है। स्नायु एक अस्थि को दूसरी अस्थि से जोड़ता है और लचीला होता है, जबकि कंडरा पेशी को अस्थि से जोड़ती है, अत्यंत दृढ़ होती है और बहुत कम खिंचती है; परीक्षक इसी जोड़ी को सबसे अधिक पूछते हैं। पेशी ऊतक तीन प्रकार का है: रेखित या कंकाल पेशी, जो ऐच्छिक है, चिकनी या अरेखित पेशी, जो आंत और रक्त वाहिनियों में होकर अनैच्छिक है, तथा हृदय पेशी, जो रेखित होकर भी अनैच्छिक है और कभी नहीं थकती। तंत्रिका ऊतक न्यूरॉन से बना है और संदेशों को विद्युत आवेग के रूप में ले जाता है।

परीक्षा की दृष्टि से

इस अध्याय से चार प्रकार के प्रश्न बनते हैं। पहला, खोजकर्ता: कोशिका के लिए हुक, केंद्रक के लिए ब्राउन, कोशिका सिद्धांत के लिए श्लाइडेन एवं श्वान, गॉल्जीकाय के लिए गॉल्जी। दूसरा, कोशिकांगों के उपनाम, जिनमें ऊर्जा गृह, आत्मघाती थैली, प्रोटीन फैक्टरी और पैकेजिंग इकाई एक पंक्ति के प्रश्न बनते हैं; जाल यह है कि माइटोकॉन्ड्रिया के स्थान पर केंद्रक रख दिया जाता है। तीसरा, पादप बनाम जंतु कोशिका तथा प्रोकैरियोट बनाम यूकैरियोट, जो प्रायः कथन के रूप में आते हैं। चौथा, ऊतक: क्या जाइलम ले जाता है और क्या फ्लोएम, स्नायु बनाम कंडरा, कौन सी पेशी ऐच्छिक है और कौन सा ऊतक तरल है। यह अवश्य याद रखें कि जाइलम में केवल मृदूतक जीवित है और फ्लोएम में केवल तंतु मृत हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

कोशिका की खोजरॉबर्ट हुक, 1665, कॉर्क में
खोज की पुस्तकमाइक्रोग्राफिया
केंद्रक की खोजरॉबर्ट ब्राउन, 1831
कोशिका सिद्धांतश्लाइडेन और श्वान; पूर्णता विरचो ने दी
कोशिका का ऊर्जा गृहमाइटोकॉन्ड्रिया
आत्मघाती थैलीलाइसोसोम
अपना डीएनए रखने वाले कोशिकांगमाइटोकॉन्ड्रिया और लवक
सबसे छोटी कोशिकामाइकोप्लाज्मा
सबसे बड़ी कोशिकाशुतुरमुर्ग का अंडा
मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिकातंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन)
पादप कोशिका भित्तिसेल्युलोज की बनी
जल का संवहनजाइलम
भोजन का संवहनफ्लोएम
अस्थि से अस्थिस्नायु
पेशी से अस्थिकंडरा
तरल संयोजी ऊतकरुधिर

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

कॉर्क की फांक का अध्ययन करते हुए 1665 में कोशिका की खोज किसने की थी?

  1. A.रॉबर्ट ब्राउन
  2. B.रॉबर्ट हुक
  3. C.थियोडोर श्वान
  4. D.एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रॉबर्ट हुक

व्याख्या

सही उत्तर B, रॉबर्ट हुक है। उन्होंने 1665 में कॉर्क की पतली फांक काटकर अपने बनाए सूक्ष्मदर्शी से देखी और खाली कोठरियों जैसी रचनाएं पाईं, जिन्हें मठ की कोठरियों के नाम पर कोशिका कहा; इसका चित्र और वर्णन उनकी पुस्तक माइक्रोग्राफिया में छपा। विकल्प A गलत है क्योंकि रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में केंद्रक की खोज की, जो डेढ़ शताब्दी बाद की घटना है। विकल्प C गलत है क्योंकि थियोडोर श्वान ने मैथियास श्लाइडेन के साथ कोशिका सिद्धांत दिया, कोशिका की खोज नहीं की। विकल्प D गलत है क्योंकि एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक ने सबसे पहले जीवित कोशिकाएं, जैसे जीवाणु और प्रोटोजोआ, देखीं, पर हुक का प्रेक्षण पहले हुआ और उसी से इस रचना को नाम मिला। ध्यान रहे कि हुक ने वास्तव में मृत कोशिका भित्तियां ही देखी थीं, क्योंकि कॉर्क मृत ऊतक है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 7 Feb 2021मध्यम

किन कोशिकांगों का अपना डीएनए और अपने राइबोसोम होते हैं?

  1. A.गॉल्जीकाय और अंतर्द्रव्यी जालिका
  2. B.माइटोकॉन्ड्रिया और लवक
  3. C.लाइसोसोम और गॉल्जीकाय
  4. D.रिक्तिका और लवक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. माइटोकॉन्ड्रिया और लवक

व्याख्या

सही उत्तर B, माइटोकॉन्ड्रिया और लवक है। दोनों में अपना छोटा वृत्ताकार डीएनए और अपने 70S राइबोसोम होते हैं, इसलिए वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बनाते हैं और कोशिका से स्वतंत्र रूप से विभाजित होते हैं; इसी अर्ध स्वायत्त स्वभाव के कारण माना जाता है कि ये कभी स्वतंत्र जीवाणु थे। विकल्प A गलत है क्योंकि गॉल्जीकाय और अंतर्द्रव्यी जालिका झिल्लीदार तंत्र हैं जो पदार्थों का रूपांतरण और परिवहन करते हैं और उनमें अपना आनुवंशिक पदार्थ नहीं होता; खुरदरी जालिका पर केवल राइबोसोम चिपके रहते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि लाइसोसोम पाचक एंजाइमों की थैली मात्र है। विकल्प D गलत है क्योंकि रिक्तिका टोनोप्लास्ट से घिरी भंडारण थैली है और उसमें डीएनए नहीं होता, यद्यपि इसी विकल्प का दूसरा भाग, लवक, सही है। इस जोड़ी को कोशिका के दो अर्ध स्वायत्त ऊर्जा कोशिकांगों के रूप में याद रखें, क्योंकि प्रश्न प्रायः इसी रूप में पूछा जाता है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

किस कोशिकांग को कोशिका की आत्मघाती थैली कहा जाता है?

  1. A.राइबोसोम
  2. B.लाइसोसोम
  3. C.तारककाय
  4. D.रिक्तिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लाइसोसोम

व्याख्या

सही उत्तर B, लाइसोसोम है। लाइसोसोम झिल्ली से घिरी ऐसी थैली है जिसमें शक्तिशाली पाचक एंजाइम भरे रहते हैं और जो जीर्ण कोशिकांगों तथा भीतर आए बाहरी कणों को पचा देती है; कोशिका के क्षतिग्रस्त या भूखा रहने पर ये थैलियां फट जाती हैं और वही एंजाइम कोशिका को ही पचा डालते हैं, इसीलिए इसे आत्मघाती थैली कहते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का स्थल है और प्रोटीन की फैक्टरी कहलाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि जंतु कोशिका का तारककाय कोशिका विभाजन के समय तर्कु तंतु बनाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि रिक्तिका जल, रस और अपशिष्ट संचित करती है तथा पादप कोशिका की स्फीति बनाए रखती है, जो भंडारण का कार्य है। दो और उपनाम इसी के साथ पूछे जाते हैं: माइटोकॉन्ड्रिया ऊर्जा गृह और गॉल्जीकाय पैकेजिंग इकाई।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

यह कोशिका सिद्धांत कि सभी पौधे और जंतु कोशिकाओं से बने हैं, किसने दिया था?

  1. A.श्लाइडेन और श्वान
  2. B.हुक और ब्राउन
  3. C.डार्विन और मेंडल
  4. D.वॉटसन और क्रिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्लाइडेन और श्वान

व्याख्या

सही उत्तर A, श्लाइडेन और श्वान है। वनस्पति वैज्ञानिक मैथियास श्लाइडेन इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि सभी पौधे कोशिकाओं से बने हैं और प्राणि वैज्ञानिक थियोडोर श्वान ने यही बात जंतुओं के लिए कही; दोनों का संयुक्त कथन कोशिका सिद्धांत कहलाया। विकल्प B गलत है क्योंकि रॉबर्ट हुक ने केवल कोशिका खोजी और नाम दिया तथा रॉबर्ट ब्राउन ने केंद्रक खोजा, किसी ने सामान्य सिद्धांत नहीं दिया। विकल्प C गलत है क्योंकि चार्ल्स डार्विन प्राकृतिक चयन से और ग्रेगर मेंडल आनुवंशिकी से जुड़े हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने 1953 में डीएनए की द्विकुंडलिनी संरचना बताई थी। एक बात सिद्धांत को पूर्ण करती है और प्रायः प्रश्न का दूसरा भाग होती है: रुडोल्फ विरचो ने कहा कि प्रत्येक कोशिका पूर्व विद्यमान कोशिका से ही उत्पन्न होती है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

कौन सा ऊतक पेशी को अस्थि से जोड़ता है?

  1. A.स्नायु
  2. B.उपास्थि
  3. C.कंडरा
  4. D.रिक्तिकामय ऊतक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कंडरा

व्याख्या

सही उत्तर C, कंडरा है। कंडरा सघन श्वेत तंतुमय संयोजी ऊतक की बनी होती है, जिसकी तन्य सामर्थ्य बहुत अधिक और प्रत्यास्थता नगण्य है, इसलिए पेशी के संकुचित होते ही पूरा खिंचाव अस्थि तक पहुंच जाता है और खिंचाव में व्यर्थ नहीं होता। विकल्प A गलत है क्योंकि स्नायु एक अस्थि को संधि पर दूसरी अस्थि से जोड़ता है; उसमें प्रत्यास्थ तंतु होते हैं और वह कुछ खिंचता है, और परीक्षक इसी जोड़ी को आपस में बदलते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि उपास्थि कोमल और लचीला सहारा देने वाला ऊतक है, जो अस्थियों के सिरों, नाक, कान और श्वास नली में मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि रिक्तिकामय ऊतक अंगों के बीच और त्वचा के नीचे स्थान भरता है तथा मरम्मत में सहायता करता है। शब्दों से ही जोड़ी याद रखें: कंडरा पेशी से अस्थि, स्नायु अस्थि से अस्थि।

Q6.सामान्य विज्ञानआसान

पौधे में जल और घुले खनिजों का जड़ से ऊपर की ओर संवहन कौन करता है?

  1. A.फ्लोएम
  2. B.जाइलम
  3. C.स्थूलकोण ऊतक
  4. D.एधा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जाइलम

व्याख्या

सही उत्तर B, जाइलम है। जाइलम वाहिनिका, वाहिका, जाइलम मृदूतक और जाइलम तंतु से बना जटिल स्थायी ऊतक है; वाहिकाएं और वाहिनिकाएं मृत, खोखली तथा सिरे से सिरे तक जुड़ी होती हैं, इसलिए वे जल और खनिजों को जड़ से पत्तियों तक एक ही दिशा में ले जाने वाली नलियों का काम करती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को दोनों दिशाओं में, ऊपर और नीचे, पहुंचाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि स्थूलकोण ऊतक सरल स्थायी ऊतक है जो युवा और आरोही तनों को लचीलापन तथा यांत्रिक सहारा देता है, संवहन नहीं करता। विकल्प D गलत है क्योंकि एधा पार्श्व विभज्योतक है, जिसका कार्य विभाजन करके भीतर नया जाइलम और बाहर नया फ्लोएम जोड़ना तथा तने की मोटाई बढ़ाना है। याद रखें कि जाइलम में केवल मृदूतक जीवित है और फ्लोएम में केवल तंतु मृत हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका निम्नलिखित में से कौन सी है?

  1. A.लाल रुधिर कणिका
  2. B.पेशी कोशिका
  3. C.तंत्रिका कोशिका
  4. D.अस्थि कोशिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तंत्रिका कोशिका

व्याख्या

सही उत्तर C, तंत्रिका कोशिका है। न्यूरॉन में एक लंबा प्रवर्ध होता है जिसे तंत्रिकाक्ष कहते हैं, और मनुष्य में यह मेरुदंड के निचले भाग से पैर की अंगुली तक जा सकता है, इसलिए एक ही तंत्रिका कोशिका लगभग एक मीटर लंबी हो सकती है; इसी लंबाई से आवेग बिना किसी बीच की कड़ी के दूर तक पहुंच जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि लाल रुधिर कणिका कुछ माइक्रोमीटर की उभयावतल तश्तरी है और परिपक्व अवस्था में उसमें केंद्रक भी नहीं होता। विकल्प B गलत है क्योंकि कंकाल पेशी तंतु लंबा और बहुकेंद्रकी अवश्य है, पर सबसे लंबे न्यूरॉन से छोटा होता है, और वही सबसे प्रचलित भ्रामक विकल्प है। विकल्प D गलत है क्योंकि अस्थि कोशिका छोटी गुहिका में बैठी सघन कोशिका है। दो साथी तथ्य भी याद रखें: सबसे छोटी कोशिका माइकोप्लाज्मा और सबसे बड़ी शुतुरमुर्ग का अंडा।

Q8.सामान्य विज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी अनैच्छिक पेशी रेखित भी होती है?

  1. A.हृदय पेशी
  2. B.कंकाल पेशी
  3. C.चिकनी पेशी
  4. D.द्विशिर भुजा पेशी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हृदय पेशी

व्याख्या

सही उत्तर A, हृदय पेशी है। हृदय की पेशी सूक्ष्मदर्शी में हल्की और गहरी धारियां दिखाती है, इसलिए वह रेखित है, फिर भी वह इच्छा के अधीन नहीं होती और जीवन भर बिना विश्राम लयबद्ध रूप से संकुचित होती रहती है, इसलिए अनैच्छिक है; यही असामान्य संयोग प्रश्न का आधार बनता है। विकल्प B गलत है क्योंकि कंकाल पेशी रेखित तो है पर ऐच्छिक है और व्यक्ति की इच्छा से चलती है। विकल्प C गलत है क्योंकि चिकनी या अरेखित पेशी, जो आहार नाल, रक्त वाहिनियों और मूत्राशय की भित्ति में होती है, अनैच्छिक तो है पर उसमें धारियां नहीं होतीं। विकल्प D गलत है क्योंकि द्विशिर भुजा पेशी भुजा की एक कंकाल पेशी है और इसलिए ऐच्छिक है। तीन पंक्तियों की तालिका याद रखें: कंकाल रेखित एवं ऐच्छिक, चिकनी अरेखित एवं अनैच्छिक, हृदय रेखित एवं अनैच्छिक।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से कौन तरल संयोजी ऊतक है?

  1. A.उपास्थि
  2. B.रुधिर
  3. C.उपकला
  4. D.तंत्रिका ऊतक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रुधिर

व्याख्या

सही उत्तर B, रुधिर है। रुधिर को संयोजी ऊतक इसलिए माना जाता है कि उसकी कोशिकाएं एक आधात्री में पड़ी रहती हैं, और वह आधात्री अर्थात प्लाज्मा तरल होने के कारण उसे तरल संयोजी ऊतक कहा जाता है; लाल कणिकाएं, श्वेत कणिकाएं और बिंबाणु उसी में तैरते हैं और वह गैसों, भोजन, अपशिष्टों तथा हार्मोनों को ढोकर अंगों को आपस में जोड़ता है। विकल्प A गलत है क्योंकि उपास्थि संयोजी ऊतक तो है, पर उसकी आधात्री ठोस और लचीली होती है, तरल नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि उपकला आवरण और आस्तर बनाने वाला ऊतक है जिसकी कोशिकाएं सटी हुई होती हैं और बीच में आधात्री नाममात्र होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि तंत्रिका ऊतक न्यूरॉन से बना चार प्रमुख जंतु ऊतकों में अलग प्रकार है। लसीका दूसरा तरल संयोजी ऊतक है।

Q10.सामान्य विज्ञानकठिन

तने की मोटाई में वृद्धि किस विभज्योतक से होती है?

  1. A.शीर्षस्थ विभज्योतक
  2. B.अंतर्वेशी विभज्योतक
  3. C.पार्श्व विभज्योतक
  4. D.स्थायी ऊतक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पार्श्व विभज्योतक

व्याख्या

सही उत्तर C, पार्श्व विभज्योतक है। पार्श्व विभज्योतक, जिसे एधा कहते हैं, तने और जड़ की लंबाई में वलय के रूप में फैला रहता है और विभाजित होकर भीतर की ओर नया जाइलम तथा बाहर की ओर नया फ्लोएम जोड़ता है, जिससे तना वर्ष दर वर्ष मोटा होता जाता है; यही द्वितीयक वृद्धि है और इसी से वृक्ष की काष्ठ बनती है। विकल्प A गलत है क्योंकि शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ और प्ररोह के शीर्ष पर रहकर लंबाई बढ़ाता है, जो प्राथमिक वृद्धि है। विकल्प B गलत है क्योंकि अंतर्वेशी विभज्योतक पत्तियों के आधार और पर्वों पर होता है और घास तथा बांस को कटने के बाद पुनः उगने देता है, जिससे भी लंबाई ही बढ़ती है। विकल्प D गलत है क्योंकि स्थायी ऊतक की कोशिकाएं विभाजन की क्षमता खो चुकी होती हैं। तीनों विभज्योतक एक समूह में याद रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा गृह क्यों कहते हैं?

क्योंकि कोशिकाद्रव्य में टूटा हुआ भोजन यहीं पूर्ण रूप से ऑक्सीकृत होता है और मुक्त ऊर्जा एटीपी अणुओं में संचित हो जाती है, जिसे कोशिका अपनी हर क्रिया पर खर्च करती है। यही कारण है कि पेशी या यकृत जैसी अधिक कार्य करने वाली कोशिका में माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या बहुत अधिक होती है।

किन कोशिकांगों का अपना डीएनए होता है और यह महत्वपूर्ण क्यों है?

माइटोकॉन्ड्रिया और लवक, जिनमें हरित लवक भी है, अपना छोटा वृत्ताकार डीएनए तथा अपने 70S राइबोसोम रखते हैं, इसलिए वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बनाते हैं और स्वतंत्र रूप से विभाजित होते हैं। यही इस मत का प्रमाण है कि ये कभी स्वतंत्र जीवाणु थे जिन्हें किसी बड़ी कोशिका ने भीतर ले लिया था।

स्नायु और कंडरा में क्या अंतर है?

स्नायु एक अस्थि को संधि पर दूसरी अस्थि से जोड़ता है और उसमें प्रत्यास्थ तंतु पर्याप्त होते हैं, इसलिए वह खिंचकर संधि को यथास्थान बनाए रखता है। कंडरा पेशी को अस्थि से जोड़ती है, सघन श्वेत तंतुमय ऊतक की बनी होती है, बहुत दृढ़ होती है और नाममात्र खिंचती है, जिससे पेशी का पूरा खिंचाव अस्थि तक पहुंच जाता है।

जाइलम और फ्लोएम में क्या अंतर है?

जाइलम जल और घुले खनिजों को जड़ से ऊपर की ओर पहुंचाता है और परिपक्वता पर उसकी अधिकांश कोशिकाएं, अर्थात वाहिनिका, वाहिका और तंतु, मृत होती हैं। फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को ऊपर या नीचे, जहां आवश्यकता हो वहां पहुंचाता है और उसकी अधिकांश कोशिकाएं जीवित रहती हैं; केवल फ्लोएम तंतु मृत होते हैं।

पौधे में कौन सी कोशिकाएं विभाजित होती रहती हैं?

केवल विभज्योतक कोशिकाएं। जड़ और प्ररोह के शीर्ष का शीर्षस्थ विभज्योतक लंबाई बढ़ाता है, पार्श्व विभज्योतक अर्थात एधा मोटाई बढ़ाता है, और पत्तियों तथा पर्वों के आधार का अंतर्वेशी विभज्योतक घास को कटने या चरे जाने के बाद फिर उगने देता है। विभाजन रुकने पर यही कोशिकाएं स्थायी ऊतक बन जाती हैं।

स्रोत

  • विज्ञान, कक्षा 9, अध्याय 5: जीवन की मौलिक इकाई — एनसीईआरटी
  • विज्ञान, कक्षा 9, अध्याय 6: ऊतक — एनसीईआरटी
  • जीव विज्ञान, कक्षा 11, कोशिका: जीवन की इकाई अध्याय — एनसीईआरटी
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