मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 31

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें
Read in English

इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 31) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: रासायनिक बंधन और अभिक्रियाएं, पौधों और जंतुओं के वैज्ञानिक नाम, अम्ल, क्षार और लवण और अन्य। इनमें से 10 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

एक परमाणु से दूसरे परमाणु को इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण से बनने वाला रासायनिक बंधन कहलाता है:

  1. A.सहसंयोजक बंधन
  2. B.आयनिक बंधन
  3. C.उपसहसंयोजक बंधन
  4. D.हाइड्रोजन बंधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आयनिक बंधन

व्याख्या

सही उत्तर B, आयनिक बंधन है। आयनिक या विद्युत संयोजक बंधन में धातु परमाणु एक या अधिक इलेक्ट्रॉन अधातु परमाणु को दे देता है; धातु धनायन बन जाती है और अधातु ऋणायन, तथा दोनों के बीच का स्थिर वैद्युत आकर्षण यौगिक को जोड़े रखता है, जैसे सोडियम क्लोराइड और मैग्नीशियम ऑक्साइड में। विकल्प A गलत है क्योंकि सहसंयोजक बंधन दो परमाणुओं के बीच, प्रायः दो अधातुओं के बीच, इलेक्ट्रॉन युग्मों की साझेदारी से बनता है और उसमें स्थानांतरण होता ही नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि उपसहसंयोजक बंधन ऐसा विशेष सहसंयोजक बंधन है जिसमें दोनों साझा इलेक्ट्रॉन एक ही परमाणु से आते हैं, जैसे अमोनियम आयन में; वहाँ भी इलेक्ट्रॉन साझा होते हैं, स्थानांतरित नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि हाइड्रोजन बंधन अत्यधिक विद्युत ऋणात्मक परमाणु से जुड़े हाइड्रोजन और दूसरे ऐसे परमाणु के एकाकी युग्म के बीच का दुर्बल आकर्षण है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q3.सामान्य विज्ञानमध्यम

प्लास्टर ऑफ पेरिस निम्नलिखित में से किसे गर्म करके प्राप्त किया जाता है?

  1. A.चूना पत्थर
  2. B.जिप्सम
  3. C.बिना बुझा चूना
  4. D.धोने का सोडा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जिप्सम

व्याख्या

सही उत्तर B, जिप्सम है। प्लास्टर ऑफ पेरिस कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट है, जो जिप्सम अर्थात कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट को लगभग 373 केल्विन तक गर्म करने पर बनता है, जिससे उसका तीन चौथाई क्रिस्टलन जल निकल जाता है। फिर से जल मिलाने पर यह जिप्सम के कठोर पिंड के रूप में जम जाता है, इसीलिए इसका उपयोग प्लास्टर, साँचे, मूर्तियाँ और झूठी छत बनाने में होता है और इसे नमी रहित पात्र में रखना पड़ता है। विकल्प A गलत है क्योंकि चूना पत्थर कैल्शियम कार्बोनेट है और उसे गर्म करने पर बिना बुझा चूना तथा कार्बन डाइऑक्साइड मिलते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि बिना बुझा चूना कैल्शियम ऑक्साइड है, जो उसी अभिक्रिया का उत्पाद है, और उसमें जल मिलाने पर बुझा चूना बनता है। विकल्प D गलत है क्योंकि धोने का सोडा सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट है और उसे गर्म करने पर केवल क्रिस्टलन जल निकलता है। यह भी ध्यान रखिए कि जिप्सम को बहुत अधिक गर्म करने पर जमने का गुण नष्ट हो जाता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 3 Oct 2018, Shift 2आसान

हाइड्रा, स्टारफिश और प्लेनेरिया में होता है:

  1. A.बीजाणु समासंघ
  2. B.पुनर्जनन
  3. C.मुकुलन
  4. D.खंडन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुनर्जनन

व्याख्या

सही उत्तर है B, पुनर्जनन। हाइड्रा, स्टारफिश और प्लेनेरिया अपने कटे या खोए हुए भाग से पूरा जीव बना लेते हैं और इस क्षमता को पुनर्जनन कहा जाता है।

पुनर्जनन इसलिए संभव होता है कि इन जीवों में बड़ी संख्या में अविभेदित कोशिकाएँ रहती हैं, जो विभाजित होकर किसी भी प्रकार के ऊतक में बदल सकती हैं। प्लेनेरिया को कई टुकड़ों में काटा जाए तो हर टुकड़े से पूरा कृमि बन जाता है, स्टारफिश नई भुजा उगा लेती है और भुजा तथा केंद्रीय डिस्क के अंश से अपना पूरा शरीर बना सकती है, और हाइड्रा का टुकड़ा अपना मुँह तथा स्पर्शक बना लेता है। यह इनका सामान्य प्रजनन नहीं, बल्कि मरम्मत की शक्ति है जिससे नए जीव भी बन सकते हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि बीजाणु बनना राइजोपस जैसे कवकों में होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि मुकुलन हाइड्रा और यीस्ट में होता है, स्टारफिश या प्लेनेरिया में नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि खंडन स्पाइरोगायरा जैसे तंतुमय शैवालों में होता है।

परीक्षा टिप: पुनर्जनन हाइड्रा, प्लेनेरिया, स्टारफिश में; मुकुलन हाइड्रा और यीस्ट में; खंडन स्पाइरोगायरा में; बीजाणु राइजोपस में।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 23 Apr 2017आसान

मानव आँख में रंगों की दृष्टि किन प्रकाशग्राही कोशिकाओं का कार्य है?

  1. A.रॉड्स (शलाका कोशिकाएँ)
  2. B.कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)
  3. C.अंध बिंदु
  4. D.फोविया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)। रेटिना की शंकु कोशिकाएँ तेज़ प्रकाश में रंगों की पहचान कराती हैं। मानव रेटिना में दो तरह की प्रकाशग्राही कोशिकाएँ होती हैं। शंकु कोशिकाएँ लगभग साठ से सत्तर लाख होती हैं और रेटिना के मध्य भाग में घनी रूप से बैठी रहती हैं। ये तीन प्रकार की होती हैं, जो लाल, हरे और नीले प्रकाश के प्रति संवेदनशील हैं; मस्तिष्क इन्हीं संकेतों को मिलाकर हर रंग बनाता है। इन्हें काम करने के लिए अच्छा प्रकाश चाहिए, इसीलिए शाम ढलते ही रंग फीके लगने लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शलाका कोशिकाएँ संख्या में बहुत अधिक हैं, पर वे मंद प्रकाश में काम करती हैं और केवल काले-सफेद रंग दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि अंध बिंदु वह जगह है जहाँ से दृक तंत्रिका आँख से बाहर निकलती है और वहाँ कोई प्रकाशग्राही कोशिका नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि फोविया रेटिना का एक छोटा गड्ढा है, कोशिका का प्रकार नहीं, यद्यपि वहाँ शंकु कोशिकाएँ सबसे अधिक होती हैं। परीक्षा टिप: रात और धूसर रंग के लिए रॉड्स, रंग और दिन के प्रकाश के लिए कोन्स; वर्णांधता शंकु कोशिकाओं का दोष है।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

नाइट्रोजन अणु में दोनों परमाणुओं के बीच कितने इलेक्ट्रॉन युग्म साझा होते हैं?

  1. A.एक
  2. B.दो
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तीन

व्याख्या

सही उत्तर C, तीन है। नाइट्रोजन परमाणु में पाँच संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं और अष्टक पूरा करने के लिए तीन और चाहिए, इसलिए दो नाइट्रोजन परमाणु तीन इलेक्ट्रॉन युग्म साझा करके त्रिबंध बनाते हैं। एक सिग्मा और दो पाई बंधों से बना यह त्रिबंध अत्यंत प्रबल होता है, इसीलिए नाइट्रोजन गैस इतनी अक्रिय है कि उसे खाद्य पैकेटों में भरा जाता है और अक्रिय वातावरण बनाने में प्रयोग किया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि एक साझा युग्म एकल बंध बनाता है, जैसे हाइड्रोजन या क्लोरीन अणु में। विकल्प B गलत है क्योंकि दो साझा युग्म द्विबंध बनाते हैं, जैसे ऑक्सीजन अणु या एथिलीन में। विकल्प D गलत है क्योंकि नाइट्रोजन का कोई साधारण सहसंयोजक अणु चार युग्म साझा नहीं करता; अष्टक नियम यहाँ अधिकतम तीन की अनुमति देता है। समूह याद रखें: हाइड्रोजन एकल, ऑक्सीजन द्विक, नाइट्रोजन त्रिक।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

मानव आमाशय के जठर रस में कौन सा अम्ल होता है?

  1. A.सल्फ्यूरिक अम्ल
  2. B.नाइट्रिक अम्ल
  3. C.हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
  4. D.एसीटिक अम्ल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर C, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है। आमाशय की भित्ति हाइड्रोक्लोरिक अम्ल स्रावित करती है, जिससे जठर रस प्रबल अम्लीय हो जाता है, पेप्सिन एंजाइम प्रोटीन पचाने में सहायता पाता है और भोजन के साथ आए अनेक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। आमाशय श्लेष्मा की परत से अपनी रक्षा करता है, और अम्ल अधिक बनने पर जलन अर्थात अम्लता होती है, जिसका उपचार मिल्क ऑफ मैग्नीशिया जैसे प्रतिअम्ल से किया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल उर्वरक, बैटरी और अपमार्जक में प्रयुक्त औद्योगिक अम्ल है और जीवित ऊतक को नष्ट कर देगा। विकल्प B गलत है क्योंकि नाइट्रिक अम्ल भी प्रबल प्रयोगशाला तथा औद्योगिक अम्ल है, जो विस्फोटक और उर्वरक बनाने में काम आता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एसीटिक अम्ल सिरके का दुर्बल अम्ल है, जो खाद्य तो है परंतु आमाशय स्वयं उसे नहीं बनाता। ध्यान रखिए कि प्रतिअम्ल उदासीनीकरण से काम करता है, स्राव रोककर नहीं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 14 March 2020, Shift 2मध्यम

अग्निशामक यंत्र में 'कार्बन डाइऑक्साइड' भराव को किस रंग की पट्टी से दर्शाया जाता है?

  1. A.लाल
  2. B.नीला
  3. C.सफेद
  4. D.काला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. काला

व्याख्या

सही उत्तर है D, काला। अग्निशामक यंत्रों के रंग संकेत में काली पट्टी या लेबल कार्बन डाइऑक्साइड वाले यंत्र को दर्शाता है। सिलेंडर का शरीर सिग्नल लाल रंग का होता है और लेबल के पास लगी रंगीन पट्टी एक नज़र में बता देती है कि भीतर कौन-सा पदार्थ है, जिससे आपात स्थिति में सही सिलेंडर तुरंत उठाया जा सके। कार्बन डाइऑक्साइड वाला यंत्र आग को घेरकर बुझाता है: यह गैस हवा से भारी होती है, इसलिए ईंधन के पास से ऑक्सीजन हटा देती है, और हॉर्न से बाहर फैलते समय सतह को ठंडा भी कर देती है। चूँकि यह विद्युत की चालक नहीं है और कोई अवशेष नहीं छोड़ती, इसलिए विद्युत प्रवाहित उपकरणों, स्विचबोर्ड, प्रयोगशालाओं और कंप्यूटर कक्षों के लिए यही उपयुक्त है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लाल पट्टी साधारण जल वाले यंत्र की पहचान है, जो लकड़ी और कागज़ की आग में काम आता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि नीला रंग सूखे चूर्ण का है, जो द्रव और गैस की आग में प्रयुक्त होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि फोम वाले यंत्र का रंग क्रीम होता है, सफेद नहीं। परीक्षा टिप: लाल — जल, क्रीम — फोम, नीला — सूखा चूर्ण, काला — कार्बन डाइऑक्साइड, पीला — वेट केमिकल।

Q11.सामान्य विज्ञानआसान

जस्ता तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया करता है तो कौन-सी गैस निकलती है?

  1. A.ऑक्सीजन
  2. B.हाइड्रोजन
  3. C.कार्बन डाइऑक्साइड
  4. D.क्लोरीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हाइड्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर B, हाइड्रोजन है। सक्रियता श्रेणी में जस्ता हाइड्रोजन से ऊपर है, इसलिए वह तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देता है: जस्ता और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से जिंक क्लोराइड तथा हाइड्रोजन गैस बनती है। यह विस्थापन अभिक्रिया है और गैस की पहचान परखनली के मुँह पर जलती हुई तीली ले जाकर की जाती है, जहाँ वह पॉप ध्वनि के साथ जलती है। विकल्प A गलत है क्योंकि धातु और अम्ल की क्रिया से ऑक्सीजन नहीं बनती; वह हाइड्रोजन परऑक्साइड या पोटैशियम क्लोरेट जैसे पदार्थों के वियोजन से मिलती है। विकल्प C गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड तब निकलती है जब अम्ल किसी कार्बोनेट या बाइकार्बोनेट से क्रिया करे, धातु से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि यहाँ क्लोरीन मुक्त नहीं होती; क्लोराइड आयन लवण जिंक क्लोराइड में चला जाता है। नियम याद रखें: सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर की धातु और तनु अम्ल से लवण तथा हाइड्रोजन बनते हैं।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q13.सामान्य विज्ञानमध्यम

प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार के लवण अमोनियम क्लोराइड का जलीय विलयन कैसा होगा?

  1. A.अम्लीय
  2. B.क्षारीय
  3. C.उदासीन
  4. D.उभयधर्मी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अम्लीय

व्याख्या

सही उत्तर A, अम्लीय है। किसी लवण का स्वभाव उसे बनाने वाले अम्ल और क्षार की प्रबलता से तय होता है। अमोनियम क्लोराइड प्रबल अम्ल हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और दुर्बल क्षार अमोनियम हाइड्रॉक्साइड से बनता है, इसलिए प्रबल साथी हावी रहता है और विलयन का पीएच सात से कम होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि क्षारीय विलयन इसके उलट संयोजन से मिलता है, अर्थात दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से, जैसे सोडियम कार्बोनेट या सोडियम एसीटेट में। विकल्प C गलत है क्योंकि उदासीन विलयन तब बनता है जब दोनों साथी प्रबल हों, जिसका मानक उदाहरण हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सोडियम हाइड्रॉक्साइड से बना सोडियम क्लोराइड है। विकल्प D गलत है क्योंकि उभयधर्मी उस पदार्थ को कहते हैं जो अम्ल और क्षार दोनों की तरह व्यवहार करे, जैसे एल्युमिनियम ऑक्साइड या जल, और यहाँ लवण विलयन के बारे में यह नहीं पूछा गया। तीनों संयोजन याद कर लेने पर इस परिवार के सभी प्रश्न हल हो जाते हैं।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 13 June 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से शैवाल प्रोटीन से भरपूर हैं और अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा पूरक आहार के रूप में उपयोग किए जाते हैं? a) स्पाइरुलिना b) स्पाइरोगायरा c) क्लोरेला d) फ्यूनेरिया

  1. A.b और c
  2. B.a और b
  3. C.a और c
  4. D.b और d
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. a और c

व्याख्या

सही उत्तर है C, a और c, यानी स्पाइरुलिना और क्लोरेला। ये दोनों छोटे शैवाल टंकियों में उगाए जाते हैं, प्रोटीन से भरपूर पूरक आहार के रूप में बिकते हैं और अंतरिक्ष यात्रियों के भोजन के लिए इन पर अध्ययन हुआ है। स्पाइरुलिना नीला-हरा शैवाल है, वास्तव में एक सायनोबैक्टीरियम, जिसके सूखे चूर्ण में लगभग साठ प्रतिशत प्रोटीन के साथ लोहा और बीटा कैरोटीन भी होता है। क्लोरेला एककोशिकीय हरा शैवाल है, जो कम जगह में बहुत तेजी से बढ़ता है और बढ़ते समय ऑक्सीजन छोड़ता है, इसीलिए अंतरिक्ष एजेंसियों ने बंद जीवन-रक्षक प्रणालियों में इसका परीक्षण किया है। सूक्ष्मजीवों से मिले ऐसे भोजन को एकल कोशिका प्रोटीन कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि तालाबों में मिलने वाला चिकना तंतुमय शैवाल स्पाइरोगायरा पूरक आहार के रूप में नहीं खाया जाता। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें भी स्पाइरोगायरा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दोनों सही नाम छूट गए हैं और फ्यूनेरिया जुड़ा है, जो मॉस है, शैवाल नहीं। परीक्षा टिप: स्पाइरुलिना और क्लोरेला से एकल कोशिका प्रोटीन मिलता है।

Q15.सामान्य विज्ञानआसान

लोहे पर जंग लगना किस प्रकार के रासायनिक परिवर्तन का उदाहरण है?

  1. A.अपचयन
  2. B.उपचयन
  3. C.उदासीनीकरण
  4. D.वियोजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उपचयन

व्याख्या

सही उत्तर B, उपचयन है। जंग लगना एक मंद उपचयन है जिसमें लोहा नमी की उपस्थिति में ऑक्सीजन से मिलकर जलयोजित आयरन ऑक्साइड बनाता है, वही लाल-भूरा परतदार पदार्थ जिसे हम जंग कहते हैं। इसके लिए वायु और जल दोनों आवश्यक हैं, इसीलिए सूखी हवा में या घुली हुई ऑक्सीजन रहित उबले जल में लोहे पर जंग नहीं लगती, और इसीलिए उसे पेंट, तेल, जस्ते के लेप या स्टेनलेस स्टील जैसे मिश्रातु से बचाया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अपचयन ऑक्सीजन का हटना या इलेक्ट्रॉन का ग्रहण है, जो यहाँ लोहे के साथ हो रहे परिवर्तन के ठीक विपरीत है। विकल्प C गलत है क्योंकि उदासीनीकरण अम्ल और क्षार की क्रिया से लवण तथा जल बनने की प्रक्रिया है, जिसका जंग से कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि वियोजन में एक यौगिक सरल पदार्थों में टूटता है, जबकि जंग में नया यौगिक बनता है। जंग लगना संक्षारण का ही एक रूप है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा जीव मोनेरा जगत् (किंगडम मोनेरा) से संबंधित है?

  1. A.डायटम
  2. B.यूग्लीना
  3. C.एनाबीना
  4. D.यूलोथ्रिक्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एनाबीना

व्याख्या

सही उत्तर है C, एनाबीना। एनाबीना एक सायनोबैक्टीरिया है, यानी ऐसा प्रोकैरियोट जिसमें असली केंद्रक नहीं होता, और सभी प्रोकैरियोट मोनेरा जगत में रखे जाते हैं। आर.एच. व्हिटेकर के पाँच जगत वर्गीकरण (1969) में मोनेरा में जीवाणु और सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) आते हैं, जिनकी कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली और झिल्ली से घिरे कोशिकांग नहीं होते। एनाबीना कोशिकाओं की शृंखला के रूप में बढ़ता है और इसमें मोटी दीवार वाली विशेष कोशिकाएँ, हेटरोसिस्ट, हवा की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करती हैं। यह छोटे जलीय फर्न एज़ोला के भीतर रहता है, इसीलिए धान के खेतों में एज़ोला जैव उर्वरक के रूप में प्रयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि डायटम काँच जैसी सिलिका भित्ति वाले एककोशिकीय यूकैरियोट हैं, जो प्रोटिस्टा में आते हैं; इनके जमाव से डायटमी मृदा बनती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यूग्लीना प्रोटिस्ट है, जो प्रकाश में अपना भोजन बनाता है और अँधेरे में जंतुओं की तरह भोजन लेता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यूलोथ्रिक्स असली केंद्रक वाला तंतुमय हरा शैवाल है, जिसे पादप जगत में रखा जाता है। परीक्षा टिप: असली केंद्रक नहीं तो मोनेरा; नाइट्रोजन स्थिर करने वाले सायनोबैक्टीरिया एनाबीना और नॉस्टॉक याद रखें।

Q17.सामान्य विज्ञानमध्यम

दंत क्षय तब आरंभ होता है जब मुँह का पीएच लगभग किससे नीचे चला जाता है?

  1. A.7.0
  2. B.6.5
  3. C.5.5
  4. D.3.5
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5.5

व्याख्या

सही उत्तर C, 5.5 है। दंतवल्क कैल्शियम फॉस्फेट से बना शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है, और वह तब क्षरित होने लगता है जब मुँह का पीएच लगभग 5.5 से नीचे चला जाता है। मुँह के जीवाणु बची हुई शर्करा को अम्ल में बदल देते हैं, इसीलिए दाँतों पर लगी मिठाई क्षय लाती है और हल्के क्षारीय मंजन से सफाई करने पर अतिरिक्त अम्ल उदासीन हो जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 7.0 उदासीन बिंदु है, जहाँ दंतवल्क पूरी तरह सुरक्षित रहता है। विकल्प B गलत है क्योंकि 6.5 पर मुँह केवल थोड़ा अम्लीय होता है और दंतवल्क टिका रहता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 3.5 इस सीमा से कहीं अधिक अम्लीय है; क्षति उस मान तक पहुँचने से बहुत पहले आरंभ हो चुकी होगी। इसके निकट का वह आँकड़ा भी ध्यान रखिए जिससे भ्रम होता है: वर्षा को अम्लीय वर्षा तब कहते हैं जब उसका पीएच लगभग 5.6 से नीचे हो।

Q18.सामान्य विज्ञानमध्यम

मेथेन अणु की आकृति कैसी होती है?

  1. A.रैखिक
  2. B.त्रिकोणीय समतलीय
  3. C.चतुष्फलकीय
  4. D.पिरामिडी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चतुष्फलकीय

व्याख्या

सही उत्तर C, चतुष्फलकीय है। मेथेन में कार्बन परमाणु चार हाइड्रोजन परमाणुओं से चार एकल बंधों द्वारा जुड़ा होता है और उस पर कोई एकाकी युग्म नहीं होता, इसलिए चारों बंधन युग्म एक दूसरे को अधिकतम दूर धकेलते हैं और एक समचतुष्फलक के कोनों की ओर संकेत करते हैं, जिनका बंध कोण लगभग 109.5 अंश होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि रैखिक आकृति, जिसका बंध कोण 180 अंश होता है, कार्बन डाइऑक्साइड और एसिटिलीन जैसे अणुओं की है। विकल्प B गलत है क्योंकि त्रिकोणीय समतलीय आकृति, जिसके कोण 120 अंश होते हैं, बोरॉन ट्राइफ्लोराइड जैसे अणुओं की है जिनमें केवल तीन बंधन युग्म होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि पिरामिडी आकृति अमोनिया की है, जहाँ नाइट्रोजन का एक एकाकी युग्म तीनों बंधों को दबाकर कोण लगभग 107 अंश कर देता है। दो एकाकी युग्मों वाला जल लगभग 104.5 अंश पर मुड़ा होता है; इन चारों आकृतियों को साथ याद करें।

Q19.सामान्य विज्ञानमध्यम

विरंजक चूर्ण किस पर क्लोरीन प्रवाहित करके बनाया जाता है?

  1. A.शुष्क बुझा चूना
  2. B.चूना पत्थर
  3. C.जिप्सम
  4. D.सोडियम कार्बोनेट
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. शुष्क बुझा चूना

व्याख्या

सही उत्तर A, शुष्क बुझा चूना है। विरंजक चूर्ण अर्थात कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड उद्योग में शुष्क बुझे चूने, यानी कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड, पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके बनाया जाता है। इसका उपयोग सूती तथा लिनन के कपड़े और काष्ठ लुगदी के विरंजन में, पेयजल के कीटाणुशोधन में और रासायनिक उद्योगों में ऑक्सीकारक के रूप में होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि चूना पत्थर कैल्शियम कार्बोनेट है और उसे गर्म करने पर बिना बुझा चूना तथा कार्बन डाइऑक्साइड मिलते हैं, कोई विरंजक नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि जिप्सम कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट है, जो प्लास्टर ऑफ पेरिस का कच्चा माल है। विकल्प D गलत है क्योंकि सोडियम कार्बोनेट धोने का सोडा है, जो सफाई और कठोर जल को मृदु करने में काम आता है। याद रखने योग्य शृंखला यह है: चूना पत्थर को गर्म करने पर बिना बुझा चूना, उसमें जल मिलाने पर बुझा चूना, और शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करने पर विरंजक चूर्ण।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 13 April 2022, Shift 1आसान

मिट्टी की अम्लीय प्रकृति ______ की अधिक सांद्रता से प्रदर्शित होती है।

  1. A.फॉस्फोरस
  2. B.हाइड्रोजन
  3. C.ऑक्सीजन
  4. D.नाइट्रोजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हाइड्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर है B, हाइड्रोजन। मिट्टी की अम्लीयता pH मापक्रम पर नापी जाती है, और pH मिट्टी के जल में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता पर निर्भर करता है। हाइड्रोजन आयन जितने अधिक होंगे, pH उतना कम होगा और मिट्टी उतनी ही अम्लीय होगी। 7 से कम pH अम्लीय, 7 उदासीन और 7 से अधिक क्षारीय होता है, और अधिकांश फसलें लगभग 6 से 7.5 के बीच सबसे अच्छी उगती हैं। अम्लीय मिट्टी अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में आम है, जहाँ पानी कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे क्षारक बहा ले जाता है, और इसे चूना यानी कैल्शियम कार्बोनेट डालकर सुधारा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि फॉस्फोरस पौधों का पोषक तत्व है, जिसकी कमी से वृद्धि रुकती है पर अम्लीयता तय नहीं होती। विकल्प C गलत है, क्योंकि मिट्टी के छिद्रों की ऑक्सीजन वायु संचार और जड़ों के श्वसन से जुड़ी है, pH से नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि नाइट्रोजन नाइट्रेट या अमोनियम के रूप में लिया जाने वाला पोषक तत्व है और अम्लीयता फिर भी हाइड्रोजन आयनों से पढ़ी जाती है। परीक्षा टिप: pH हाइड्रोजन आयन नापता है, 7 से कम अम्लीय, और चूना अम्लीय मिट्टी सुधारता है।

सभी क्विज देखें