गैस नियम और अणुगति सिद्धांत: सूत्र और प्रश्न
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गैस नियमों तथा गैसों के अणुगति सिद्धांत के पूर्ण नोट्स: बॉयल से ग्राहम तक, आदर्श गैस समीकरण, आणविक चालें और विशिष्ट ऊष्माएं।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 6 मिनट

गैस का न कोई आकार होता है न निश्चित आयतन, इसलिए उसका व्यवहार केवल चार राशियों से बताया जाता है: दाब, आयतन, ताप और पदार्थ की मात्रा। गैस नियम इनके बीच के प्रायोगिक संबंध हैं, और अणुगति सिद्धांत वह आणविक चित्र है जो बताता है कि ये संबंध क्यों लागू होते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामान्य विज्ञान के ये अध्याय सर्वाधिक लाभकारी हैं, क्योंकि प्रश्न छोटे, सूत्र आधारित और वर्ष दर वर्ष लगभग अपरिवर्तित आते हैं।
प्रायोगिक गैस नियम
| नियम | कथन | संबंध |
|---|---|---|
| बॉयल का नियम | स्थिर ताप पर गैस की निश्चित मात्रा का आयतन उसके दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है | दाब और आयतन का गुणनफल स्थिर रहता है |
| चार्ल्स का नियम | स्थिर दाब पर गैस की निश्चित मात्रा का आयतन उसके परम ताप के समानुपाती होता है | आयतन बटा ताप स्थिर रहता है |
| गे-लुसाक या दाब नियम | स्थिर आयतन पर गैस की निश्चित मात्रा का दाब उसके परम ताप के समानुपाती होता है | दाब बटा ताप स्थिर रहता है |
| आवोगाद्रो का नियम | समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है | आयतन मोल संख्या के समानुपाती |
| डाल्टन का आंशिक दाब नियम | अभिक्रिया न करने वाली गैसों के मिश्रण का कुल दाब उसके घटकों के आंशिक दाबों का योग होता है | कुल दाब आंशिक दाबों का योग |
| ग्राहम का विसरण नियम | गैस के विसरण की दर उसके घनत्व या मोलर द्रव्यमान के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है | दर मोलर द्रव्यमान के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती |
चार्ल्स का नियम ताप का परम पैमाना भी तय करता है। यदि गैस का आयतन प्रत्येक डिग्री शीतलन पर शून्य डिग्री सेल्सियस के आयतन के दो सौ तिहत्तरवें भाग से घटता है, तो आयतन ऋण 273.15 डिग्री सेल्सियस पर शून्य हो जाएगा, और यही सीमा परम शून्य अर्थात शून्य केल्विन है। इसी कारण गैस नियम की प्रत्येक गणना केल्विन पैमाने पर करनी होती है: जो प्रश्न ताप सेल्सियस में देता है, वह वस्तुतः यही परखता है कि परीक्षार्थी रूपांतरण करता है या नहीं।
आदर्श गैस समीकरण
तीनों नियमों को आवोगाद्रो के नियम के साथ जोड़ने पर आदर्श गैस की अवस्था समीकरण मिलती है, दाब गुणा आयतन बराबर मोल संख्या गुणा सार्वत्रिक गैस नियतांक गुणा परम ताप, जहां नियतांक को R लिखा जाता है। R का मान 8.314 जूल प्रति मोल प्रति केल्विन है, जो 0.0821 लीटर वायुमंडल प्रति मोल प्रति केल्विन या लगभग 1.987 कैलोरी प्रति मोल प्रति केल्विन के बराबर है। एक अणु के लिए यही समीकरण दाब गुणा आयतन बराबर अणुओं की संख्या गुणा बोल्ट्ज़मान नियतांक गुणा ताप हो जाती है, जहां बोल्ट्ज़मान नियतांक 1.38 गुणा दस की घात ऋण तेईस जूल प्रति केल्विन है; R को आवोगाद्रो संख्या 6.022 गुणा दस की घात तेईस से भाग देने पर यही नियतांक मिलता है। किसी भी आदर्श गैस का एक मोल 273.15 केल्विन तथा एक वायुमंडल दाब पर 22.4 लीटर स्थान घेरता है, और परीक्षा में यही आंकड़ा चलता है, जबकि एक बार के आधुनिक मानक दाब पर यह 22.7 लीटर होता है।
अणुगति सिद्धांत की अभिधारणाएं
- गैस अत्यधिक संख्या में समान अणुओं से बनी होती है, जो निरंतर यादृच्छिक गति में रहते हैं।
- अणुओं द्वारा वास्तव में घेरा गया आयतन पात्र के आयतन की तुलना में नगण्य होता है।
- टक्कर के समय को छोड़कर अणुओं के बीच कोई आकर्षण या प्रतिकर्षण बल नहीं होता।
- अणुओं की आपसी तथा दीवार से होने वाली टक्करें पूर्णतः प्रत्यास्थ होती हैं, इसलिए गतिज ऊर्जा संरक्षित रहती है।
- टक्कर में लगा समय दो टक्करों के बीच के समय की तुलना में नगण्य है, और बीच में अणु न्यूटन के नियमों का पालन करते हुए सरल रेखा में चलता है।
- दाब अणुओं द्वारा दीवारों पर निरंतर टकराने से उत्पन्न होता है, और गति की कोई दिशा वरीय नहीं होती।
सिद्धांत से क्या मिलता है
इन अभिधारणाओं से अणुगति समीकरण निकलती है, जिसके अनुसार गैस का दाब उसके घनत्व और अणुओं की माध्य वर्ग चाल के गुणनफल का एक तिहाई होता है। इसकी तुलना आदर्श गैस समीकरण से करने पर इस अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम मिलता है: किसी अणु की औसत गतिज ऊर्जा बोल्ट्ज़मान नियतांक और परम ताप के गुणनफल की डेढ़ गुनी होती है, और एक मोल के लिए वह RT की डेढ़ गुनी होती है। अतः ताप आणविक गति की औसत गतिज ऊर्जा का माप ही है, और समान ताप पर हल्के तथा भारी अणु की औसत गतिज ऊर्जा समान होती है, चाल समान नहीं। वर्ग माध्य मूल चाल तीन गुना RT बटा मोलर द्रव्यमान के वर्गमूल के बराबर होती है, इसलिए समान ताप पर हाइड्रोजन के अणु ऑक्सीजन के अणुओं से लगभग चार गुना तेज चलते हैं। तीनों चालें सदा इसी क्रम में रहती हैं: सर्वाधिक संभाव्य चाल, फिर औसत चाल, फिर वर्ग माध्य मूल चाल, और उनका अनुपात दो का वर्गमूल, आठ बटा पाई का वर्गमूल तथा तीन का वर्गमूल होता है। माध्य मुक्त पथ, अर्थात दो टक्करों के बीच अणु द्वारा तय औसत दूरी, दाब घटने पर बढ़ता है, और इसी कारण निर्वात नलिका काम करती है।
स्वातंत्र्य कोटि और विशिष्ट ऊष्माएं
ऊर्जा के समविभाजन नियम के अनुसार प्रत्येक स्वातंत्र्य कोटि को प्रति अणु आधा बोल्ट्ज़मान नियतांक गुणा ताप के बराबर ऊर्जा मिलती है। हीलियम या आर्गन जैसी एकपरमाणुक गैस में तीन स्थानांतरीय स्वातंत्र्य कोटि होती हैं, इसलिए स्थिर आयतन पर उसकी मोलर विशिष्ट ऊष्मा डेढ़ R होती है और विशिष्ट ऊष्माओं का अनुपात गामा 1.67 होता है। ऑक्सीजन या नाइट्रोजन जैसी द्विपरमाणुक गैस में साधारण ताप पर तीन स्थानांतरीय और दो घूर्णी स्वातंत्र्य कोटि होती हैं, जिससे विशिष्ट ऊष्मा ढाई R और गामा 1.40 मिलता है। अरेखीय त्रिपरमाणुक गैस के लिए गामा लगभग 1.33 होता है। मेयर संबंध किसी भी आदर्श गैस की दोनों विशिष्ट ऊष्माओं को जोड़ता है: स्थिर दाब की मोलर विशिष्ट ऊष्मा में से स्थिर आयतन की मोलर विशिष्ट ऊष्मा घटाने पर R मिलता है।
वास्तविक गैसें और दैनिक उदाहरण
वास्तविक गैसें इन नियमों का पालन केवल कम दाब और उच्च ताप पर करती हैं। अणु स्थान घेरते हैं और एक दूसरे को आकर्षित भी करते हैं, और वान डर वाल्स ने आदर्श समीकरण में दोनों प्रभावों का संशोधन किया, आकर्षण के लिए दाब में एक पद जोड़कर और अणुओं के आकार के लिए आयतन में से एक पद घटाकर। क्रांतिक ताप से नीचे किसी गैस को केवल दाब से द्रव बनाया जा सकता है, यह परिणाम एंड्रूज ने कार्बन डाइऑक्साइड पर स्थापित किया, और संपीडित गैस को वाल्व से फैलाने पर मिलने वाली ठंडक, जिसे जूल-थॉमसन प्रभाव कहते हैं, प्रशीतन तथा वायु के द्रवीकरण में प्रयुक्त होती है। दैनिक उदाहरण याद रखने योग्य हैं: गर्म हवा का गुब्बारा इसलिए उठता है कि गर्म वायु फैलकर कम घनी हो जाती है, जैसा चार्ल्स का नियम कहता है; लंबी यात्रा में टायर का दाब बढ़ जाता है, जैसा दाब नियम कहता है; प्रेशर कुकर दाब बढ़ाकर क्वथनांक बढ़ा देता है; और रसोई गैस के रिसाव की गंध शीघ्र पहुंच जाती है क्योंकि हल्के अणुओं का विसरण तेज होता है, जैसा ग्राहम का नियम कहता है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से तीन प्रकार के प्रश्न आते हैं। पहला नाम पहचानने का: कौन नियम किन दो राशियों को जोड़ता है, जिसमें बॉयल, चार्ल्स, गे-लुसाक, आवोगाद्रो, डाल्टन और ग्राहम साथ दिए जाते हैं। दूसरा किसी नियतांक या आंकड़े का: दिए गए मात्रक में R का मान, आवोगाद्रो संख्या, बोल्ट्ज़मान नियतांक, सेल्सियस में परम शून्य, या 22.4 लीटर का मोलर आयतन। तीसरा छोटी संख्यात्मक गणना: संयुक्त गैस नियम से नया आयतन या दाब निकालना, अथवा हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के विसरण की दरों की तुलना करना। जाल इस प्रकार होते हैं: ताप सेल्सियस में देकर केल्विन में बदलना भुलवा देना, R का मान गलत मात्रक में देना, 22.4 के साथ 11.2 या 44.8 लीटर रख देना, और अणुगति सिद्धांत की अभिधारणाओं के बीच वास्तविक गैस का अंतराअणुक आकर्षण छिपा देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| बॉयल का नियम | स्थिर ताप पर दाब गुणा आयतन स्थिर; 1662 में प्रतिपादित |
|---|---|
| चार्ल्स का नियम | स्थिर दाब पर आयतन बटा ताप स्थिर रहता है |
| गे-लुसाक का नियम | स्थिर आयतन पर दाब बटा ताप स्थिर रहता है |
| परम शून्य | ऋण 273.15 डिग्री सेल्सियस, अर्थात शून्य केल्विन |
| सार्वत्रिक गैस नियतांक | 8.314 जूल प्रति मोल प्रति केल्विन; 0.0821 लीटर वायुमंडल; 1.987 कैलोरी |
| बोल्ट्ज़मान नियतांक | 1.38 गुणा दस की घात ऋण तेईस जूल प्रति केल्विन |
| आवोगाद्रो संख्या | 6.022 गुणा दस की घात तेईस कण प्रति मोल |
| मोलर आयतन | 273.15 केल्विन और 1 वायुमंडल पर 22.4 लीटर; 1 बार पर लगभग 22.7 लीटर |
| औसत गतिज ऊर्जा | प्रति अणु डेढ़ गुना kT; प्रति मोल डेढ़ गुना RT |
| वर्ग माध्य मूल चाल | तीन गुना RT बटा मोलर द्रव्यमान का वर्गमूल |
| चालों का क्रम | सर्वाधिक संभाव्य, औसत, वर्ग माध्य मूल; अनुपात मूल दो, मूल आठ बटा पाई, मूल तीन |
| विशिष्ट ऊष्माएं | Cp में से Cv घटाने पर R; गामा एकपरमाणुक 1.67 और द्विपरमाणुक 1.40 |
| वास्तविक गैसें | वान डर वाल्स समीकरण अणुओं के आकर्षण तथा आयतन का संशोधन करती है |
| जूल-थॉमसन प्रभाव | संपीडित गैस के प्रसार पर ठंडक; प्रशीतन तथा वायु द्रवीकरण में उपयोग |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
बॉयल के नियम के अनुसार स्थिर ताप पर गैस की निश्चित मात्रा का आयतन कैसा होता है?
- A.उसके दाब के समानुपाती
- B.उसके दाब के व्युत्क्रमानुपाती
- C.उसके दाब से स्वतंत्र
- D.उसके दाब के वर्ग के समानुपाती
उत्तर देखें
1662 में स्थापित बॉयल का नियम कहता है कि स्थिर ताप पर गैस की निश्चित मात्रा के लिए दाब और आयतन का गुणनफल स्थिर रहता है, इसलिए दाब दोगुना करने पर आयतन आधा हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गर्म हवा का गुब्बारा ऊपर क्यों उठता है?
- A.गर्म वायु आसपास की वायु से अधिक घनी हो जाती है
- B.गर्म वायु फैलकर आसपास की वायु से कम घनी हो जाती है
- C.गर्म होने पर वायु अपना द्रव्यमान खो देती है
- D.गर्म वायु की विशिष्ट ऊष्मा ठंडी वायु से कम होती है
उत्तर देखें
चार्ल्स के नियम से स्थिर दाब पर गैस की निश्चित मात्रा का आयतन परम ताप के समानुपाती होता है, इसलिए गुब्बारे के भीतर की वायु गर्म होकर फैलती है; कुछ वायु खुले मुख से बाहर निकल जाती है, भीतर शेष वायु का द्रव्यमान घट जाता है, उसका घनत्व बाहर की…
पूरी व्याख्या पढ़ें →ताप का परम शून्य किसके बराबर है?
- A.0 डिग्री सेल्सियस
- B.ऋण 100 डिग्री सेल्सियस
- C.ऋण 273.15 डिग्री सेल्सियस
- D.ऋण 373.15 डिग्री सेल्सियस
उत्तर देखें
चार्ल्स के नियम की सरल रेखा को पीछे बढ़ाने पर दिखता है कि आदर्श गैस का आयतन ऋण 273.15 डिग्री सेल्सियस पर शून्य हो जाएगा, और इसी बिंदु को केल्विन या परम पैमाने का शून्य माना गया है, जहां आणविक गति की ऊर्जा न्यूनतम संभव होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आदर्श गैस समीकरण में सार्वत्रिक गैस नियतांक R का मान एसआई मात्रक में कितना है?
- A.0.0821
- B.8.314
- C.1.987
- D.6.022
उत्तर देखें
एसआई मात्रक में सार्वत्रिक गैस नियतांक 8.314 जूल प्रति मोल प्रति केल्विन है, जो बोल्ट्ज़मान नियतांक को आवोगाद्रो संख्या से गुणा करने पर मिलता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →273.15 केल्विन और एक वायुमंडल दाब पर एक मोल आदर्श गैस का आयतन लगभग कितना होता है?
- A.11.2 लीटर
- B.22.4 लीटर
- C.44.8 लीटर
- D.1 लीटर
उत्तर देखें
आदर्श गैस समीकरण में एक मोल, 273.15 केल्विन और एक वायुमंडल रखने पर आयतन 22.4 लीटर मिलता है, जो मानक ताप और दाब पर मोलर आयतन है और मोल संबंधी गणनाओं में यही प्रयुक्त होता है; एक बार के आधुनिक मानक दाब पर यह मान लगभग 22.7 लीटर बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ग्राहम के नियम के अनुसार गैस के विसरण की दर किसके व्युत्क्रमानुपाती होती है?
- A.उसके मोलर द्रव्यमान के वर्ग
- B.उसके मोलर द्रव्यमान के वर्गमूल
- C.उसके मोलर द्रव्यमान के घनमूल
- D.परम ताप
उत्तर देखें
ग्राहम का विसरण नियम कहता है कि समान ताप और दाब पर गैस के विसरण की दर उसके घनत्व और इसलिए मोलर द्रव्यमान के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आदर्श गैस के अणु की औसत गतिज ऊर्जा किसके समानुपाती होती है?
- A.दाब
- B.आयतन
- C.परम ताप
- D.मोलर द्रव्यमान
उत्तर देखें
अणुगति सिद्धांत के अनुसार किसी अणु की औसत गतिज ऊर्जा बोल्ट्ज़मान नियतांक और परम ताप के गुणनफल की डेढ़ गुनी होती है, और एक मोल के लिए वह RT की डेढ़ गुनी होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ठोसों का ताप बढ़ाने पर उनके कणों की गतिज ऊर्जा ________।
- A.पहले बढ़ती है फिर घटती है
- B.स्थिर रहती है
- C.बढ़ती है
- D.घटती है
उत्तर देखें
ताप किसी पदार्थ के कणों की औसत गतिज ऊर्जा का माप है, गैस में भी और ठोस में भी: ठोस में कण निश्चित स्थानों पर बंधे रहते हैं पर उनके चारों ओर कंपन करते हैं, और गर्म करने पर कंपन तेज तथा विस्तृत हो जाते हैं, इसलिए ताप के साथ…
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन गैसों के अणुगति सिद्धांत की अभिधारणा नहीं है?
- A.गैस के अणु निरंतर यादृच्छिक गति में रहते हैं
- B.गैस अणुओं की आपसी टक्करें पूर्णतः प्रत्यास्थ होती हैं
- C.गैस के अणु सदैव एक दूसरे को प्रबल रूप से आकर्षित करते हैं
- D.अणुओं का आयतन पात्र के आयतन की तुलना में नगण्य होता है
उत्तर देखें
आदर्श गैस का अणुगति सिद्धांत ठीक इसके विपरीत मानता है: टक्कर के क्षण भर को छोड़कर अणुओं के बीच कोई आकर्षण या प्रतिकर्षण बल नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आदर्श गैस के अणुओं की वर्ग माध्य मूल चाल किसके वर्गमूल के बराबर होती है?
- A.RT बटा M
- B.2RT बटा M
- C.3RT बटा M
- D.8RT बटा पाई M
उत्तर देखें
वर्ग माध्य मूल चाल अणुगति समीकरण से निकलती है और तीन गुना RT बटा मोलर द्रव्यमान के वर्गमूल के बराबर होती है, अथवा तीन गुना बोल्ट्ज़मान नियतांक गुणा ताप बटा एक अणु के द्रव्यमान के वर्गमूल के बराबर।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अभिक्रिया न करने वाली दो गैसों के मिश्रण का कुल दाब उनके अलग-अलग दाबों के योग के बराबर होता है। यह कौन-सा नियम है?
- A.आवोगाद्रो का नियम
- B.डाल्टन का आंशिक दाब नियम
- C.चार्ल्स का नियम
- D.ग्राहम का नियम
उत्तर देखें
यह नियम कहता है कि अभिक्रिया न करने वाली गैसों के मिश्रण का कुल दाब उन आंशिक दाबों का योग होता है जो प्रत्येक गैस समान ताप पर अकेले पूरा आयतन घेरने पर लगाती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चार्ल्स के नियम और गे-लुसाक के नियम में क्या अंतर है?
चार्ल्स का नियम दाब स्थिर रखता है और आयतन को परम ताप के समानुपाती बताता है। गे-लुसाक या दाब नियम आयतन स्थिर रखता है और दाब को परम ताप के समानुपाती बताता है।
गैस नियम की गणना में ताप केल्विन में क्यों लेना चाहिए?
क्योंकि ये नियम परम ताप के साथ अनुपात बताते हैं, और परम ताप ऋण 273.15 डिग्री सेल्सियस से आरंभ होता है। सेल्सियस लेने पर ऋणात्मक या शून्य मान आकर उत्तर निरर्थक हो जाएगा, इसलिए पहले 273.15 जोड़ें।
अणुगति सिद्धांत ताप के बारे में क्या कहता है?
कि ताप यादृच्छिक आणविक गति की औसत गतिज ऊर्जा का माप है। किसी भी गैस के अणु की औसत गतिज ऊर्जा बोल्ट्ज़मान नियतांक गुणा परम ताप की डेढ़ गुनी होती है।
हाइड्रोजन ऑक्सीजन से तेज क्यों विसरित होती है?
ग्राहम के नियम से विसरण की दर मोलर द्रव्यमान के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है। ऑक्सीजन का मोलर द्रव्यमान बत्तीस, हाइड्रोजन के दो का सोलह गुना है, इसलिए हाइड्रोजन लगभग चार गुना तेज विसरित होती है।
वास्तविक गैसें आदर्श गैस से किस प्रकार भिन्न हैं?
वास्तविक अणु स्थान घेरते हैं और एक दूसरे को आकर्षित करते हैं, इसलिए वास्तविक गैसें आदर्श समीकरण का पालन केवल कम दाब और उच्च ताप पर करती हैं। वान डर वाल्स ने आकर्षण के लिए दाब पद जोड़ा और आकार के लिए आयतन पद घटाया।
गैस अणु का माध्य मुक्त पथ क्या है?
यह दो क्रमागत टक्करों के बीच अणु द्वारा तय औसत दूरी है। दाब घटने और प्रति इकाई आयतन में अणुओं की संख्या कम होने पर यह बढ़ता है, इसी कारण निर्वात नलिका में यह बहुत लंबा होता है।
स्रोत
- भौतिकी भाग 2 (कक्षा 11), अणुगति सिद्धांत अध्याय — एनसीईआरटी
- रसायन विज्ञान भाग 1 (कक्षा 11), द्रव्य की अवस्थाएं अध्याय — एनसीईआरटी
- मूलभूत भौतिक नियतांक: मोलर गैस नियतांक और बोल्ट्ज़मान नियतांक — नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैंडर्ड्स एंड टेक्नोलॉजी





