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GK नोट्ससामान्य विज्ञानपादप हार्मोन और आर्थिक महत्व के पौधे

पादप हार्मोन और आर्थिक वनस्पति विज्ञान: नोट्स

पादप हार्मोन ऑक्सिन से एथिलीन तक, उनके कार्य और कृषि में उपयोग, तथा आर्थिक महत्व के पौधे और प्रत्येक उत्पाद पौधे के किस भाग से मिलता है, इसके पूर्ण नोट्स।

लेखक · प्रकाशित · 5 मिनट

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पादप हार्मोन और आर्थिक वनस्पति विज्ञान: नोट्स — GK24 title card
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पौधे में तंत्रिका तंत्र नहीं होता, इसलिए वह अपनी वृद्धि का समन्वय रसायनों से करता है। इन रासायनिक संदेशवाहकों के पांच समूह, जिन्हें पादप हार्मोन या पादप वृद्धि नियामक कहा जाता है, तय करते हैं कि पौधा प्रकाश की ओर कैसे झुकेगा, कितना ऊंचा होगा, उसके बीज कब सोएंगे और जागेंगे, उसका फल कब पकेगा और उसकी पत्तियां कब गिरेंगी। ये ही अणु खेती और बागवानी में प्रयोग होते हैं, इसलिए यह अध्याय प्रश्नपत्रों के जीव विज्ञान और कृषि दोनों भागों में आता है। अध्याय का दूसरा भाग आर्थिक वनस्पति विज्ञान है, अर्थात वे पौधे जो हमें भोजन, वस्त्र, स्वाद और औषधि देते हैं, और जिनसे परीक्षक एक ही तथ्य चाहते हैं: उत्पाद पौधे के किस भाग से मिलता है।

पांच पादप हार्मोन

सबसे पहले ऑक्सिन मिला। चार्ल्स डार्विन और उनके पुत्र ने देखा कि घास का अंकुर प्रकाश की ओर तभी झुकता है जब उसका शीर्ष सुरक्षित हो, और आगे एफ. डब्ल्यू. वेंट ने जौ जैसे ओट के अंकुर शीर्षों से यह पदार्थ पृथक किया। प्राकृतिक ऑक्सिन इंडोल-3-एसिटिक अम्ल है। ऑक्सिन कोशिका दीर्घीकरण करता है, मुख्य प्ररोह को पार्श्व कलिकाओं पर प्रभावी बनाए रखता है, जिसे शीर्ष प्रभाविता कहते हैं, कलम में जड़ें निकालता है, पत्तियों और फलों का असमय गिरना रोकता है और बीजरहित फल बना सकता है, जिसे अनिषेकफलन कहा जाता है। संश्लेषित ऑक्सिन खेत में प्रयोग होते हैं: जड़ निकालने के लिए नैफ्थलीन एसिटिक अम्ल और इंडोल ब्यूटाइरिक अम्ल, तथा 2,4-डाइक्लोरोफीनॉक्सी एसिटिक अम्ल अर्थात 2,4-डी, जो गेहूं जैसी घास वाली फसल में चौड़ी पत्ती वाले द्विबीजपत्री खरपतवार नष्ट करने वाला खरपतवारनाशी है।

जिबरेलिन एक पादप रोग से निकला। जापान में इस रोग से ग्रस्त धान के पौधे असामान्य रूप से लंबे हो जाते थे, जिसे मूर्ख अंकुर रोग कहा गया, और इसका कारण जिबरेला फ्यूजीकुरोई नामक कवक से निकला रसायन निकला; इस समूह का सबसे ज्ञात सदस्य जिबरेलिक अम्ल है। जिबरेलिन तने को लंबा करता है, जिससे अंगूर बड़े किए जाते हैं और चुकंदर में बोल्टिंग कराई जाती है, बीज और कलिका की प्रसुप्ति तोड़ता है, मदिरा उद्योग में जौ के माल्टीकरण को तेज करता है और पत्तियों का बुढ़ाना टालता है।

साइटोकाइनिन की खोज काइनेटिन के रूप में हेरिंग मछली के शुक्राणु के विघटित डीएनए से हुई, और प्राकृतिक रूप जिएटिन मक्के के दानों से मिला। इसका मुख्य कार्य कोशिका विभाजन को बढ़ाना है, इसलिए यह पादप ऊतक संवर्धन में अनिवार्य है, जहां ऑक्सिन और साइटोकाइनिन का अधिक अनुपात जड़ें बनाता है और साइटोकाइनिन का अधिक अनुपात प्ररोह बनाता है। साइटोकाइनिन पत्तियों का गिरना भी टालता है और शीर्ष प्रभाविता के विरुद्ध कार्य करके पार्श्व शाखाओं को बढ़ाता है।

एब्सिसिक अम्ल पौधों का तनाव हार्मोन है। जल की कमी होने पर यह रंध्र बंद कर देता है, इसलिए इसे वाष्पोत्सर्जन रोधी कहा जाता है, बीजों और कलिकाओं को प्रसुप्ति में डालता है और सामान्यतः वृद्धि को रोकता है, अर्थात जिबरेलिन का विरोधी है। एथिलीन एकमात्र गैसीय हार्मोन है। यह फल पकाता है, इसी कारण एक पका केला पूरे गुच्छे को पका देता है और टमाटर तथा आम को समान रूप से पकाने के लिए ईथेफॉन का छिड़काव किया जाता है; यह पत्तियों और फलों को गिराता भी है, बुढ़ाना तेज करता है, आलू की कलिकाओं की प्रसुप्ति तोड़ता है और अनानास में पुष्पन प्रेरित करता है।

हार्मोनमुख्य कार्यव्यावहारिक उपयोग
ऑक्सिनकोशिका दीर्घीकरण, शीर्ष प्रभाविता, प्रकाशानुवर्तनकलम में जड़ें; खरपतवारनाशी के रूप में 2,4-डी
जिबरेलिनतने का दीर्घीकरण, प्रसुप्ति तोड़नाबड़े अंगूर, जौ का माल्टीकरण
साइटोकाइनिनकोशिका विभाजन, पत्ती का बुढ़ाना टालनाऊतक संवर्धन, कटे फूलों को ताजा रखना
एब्सिसिक अम्लरंध्र बंद करना, प्रसुप्ति लानासूखे में पौधे का टिकना
एथिलीनफल पकना, पर्णपातकेला और आम पकाना; अनानास में पुष्पन

आर्थिक महत्व के पौधे

यहां प्रश्न एक ही प्रकार के होते हैं: पौधे का नाम बताइए या भाग बताइए। रेशों में कपास गॉसीपियम के बीज पर उगे रोमों से, जूट कॉर्कोरस के तने से, कॉयर नारियल के छिलके अर्थात मध्यफलभित्ति से और लिनेन अलसी के तने से मिलता है। पेयों में चाय कैमेलिया साइनेंसिस की कोमल पत्तियों से, कॉफी कॉफिया के भुने बीजों से और कोको थियोब्रोमा काकाओ के बीजों से बनती है। चीनी गन्ने के तने से और प्राकृतिक रबड़ हीविया ब्रासिलिएंसिस के लेटेक्स से मिलती है। तंबाकू निकोटियाना टैबेकम की सूखी पत्ती है।

मसालाप्रयुक्त भागमसालाप्रयुक्त भाग
काली मिर्चसूखा कच्चा फललौंगसूखी पुष्प कलिका
दालचीनीभीतरी छालकेसरपुष्प के सूखे वर्तिकाग्र
हल्दी और अदरकभूमिगत तना अर्थात प्रकंदइलायची और जीराफल और बीज
तेज पत्तापत्तीहींगजड़ और तने से निकला गोंद

औषधीय पौधे और प्रयुक्त भाग

मलेरिया की पुरानी औषधि कुनैन सिनकोना की छाल से मिलती है। उच्च रक्तचाप में प्रयुक्त रिसर्पीन सर्पगंधा अर्थात रॉवोल्फिया सर्पेंटिना की जड़ से मिलता है। अफीम और उसमें उपस्थित मॉर्फीन पैपावर सोम्निफेरम के कच्चे फल के लेटेक्स से मिलते हैं। एट्रोपीन एट्रोपा बेलाडोना से, डिजिटैलिस फॉक्सग्लोव की पत्ती से, तथा कैंसर रोधी क्षाराभ विंक्रिस्टीन और विनब्लास्टीन सदाबहार अर्थात कैथारैंथस रोजियस से मिलते हैं। नीम अर्थात एजाडिरैक्टा इंडिका एजाडिरैक्टिन देता है, जो जैव कीटनाशी के रूप में प्रयोग होता है।

हम पौधे का कौन-सा भाग खाते हैं

परीक्षक यह भी पूछते हैं कि कोई सब्जी वास्तव में क्या है। आलू तने का कंद है और शकरकंद जड़ है; प्याज मांसल पत्तियों का शल्ककंद है और लहसुन उसी प्रकार की कलियों का गुच्छा; अदरक और हल्दी प्रकंद अर्थात भूमिगत तने हैं; गाजर, मूली और चुकंदर जड़ें हैं; फूलगोभी पुष्पक्रम है और बंदगोभी पत्तियों की कसी कलिका; नारियल का खाद्य भाग भ्रूणपोष है; और सेब कूट फल है, क्योंकि उसका गूदेदार भाग पुष्पासन से बनता है, अंडाशय से नहीं।

परीक्षा की दृष्टि से

इस अध्याय से दो प्रकार के प्रश्न आते हैं। पहला हार्मोन को उसके कार्य से जोड़ता है: एथिलीन से पकना, एब्सिसिक अम्ल से तनाव और रंध्र बंद होना, ऑक्सिन से शीर्ष प्रभाविता और प्रकाशानुवर्तन, जिबरेलिन से दीर्घीकरण और प्रसुप्ति तोड़ना, साइटोकाइनिन से कोशिका विभाजन। जाल यह हैं कि एथिलीन गैस है, तनाव हार्मोन एथिलीन नहीं बल्कि एब्सिसिक अम्ल है, और 2,4-डी खरपतवार मारने पर भी ऑक्सिन ही है। दूसरा प्रकार पूछता है कि कोई उत्पाद पौधे के किस भाग से मिलता है, जिसमें लौंग का पुष्प कलिका होना, केसर का वर्तिकाग्र, दालचीनी का छाल, कपास का बीज रोम और कॉयर का मध्यफलभित्ति होना सर्वाधिक पूछा जाता है, साथ ही आलू का तना और शकरकंद का जड़ होना।

महत्वपूर्ण तथ्य

प्राकृतिक ऑक्सिनइंडोल-3-एसिटिक अम्ल, आईएए
संश्लेषित ऑक्सिन वाला खरपतवारनाशी2,4-डाइक्लोरोफीनॉक्सी एसिटिक अम्ल, 2,4-डी
जिबरेलिन का स्रोतजिबरेला फ्यूजीकुरोई नामक कवक
कोशिका विभाजन का हार्मोनसाइटोकाइनिन; काइनेटिन और जिएटिन
पौधों का तनाव हार्मोनएब्सिसिक अम्ल
एकमात्र गैसीय हार्मोनएथिलीन; फल पकाता है
कपास का रेशागॉसीपियम के बीज के सतही रोम
जूट का रेशाकॉर्कोरस का तना
कॉयरनारियल की मध्यफलभित्ति अर्थात छिलका
केसरक्रोकस सैटाइवस के पुष्प के सूखे वर्तिकाग्र
लौंगसिजिजियम एरोमैटिकम की सूखी पुष्प कलिका
कुनैनसिनकोना की छाल
रिसर्पीनरॉवोल्फिया सर्पेंटिना की जड़
चाय और कॉफीकैमेलिया साइनेंसिस की कोमल पत्तियां; कॉफिया के भुने बीज

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पादप हार्मोन फलों के पकने के लिए उत्तरदायी है?

  1. A.ऑक्सिन
  2. B.जिबरेलिन
  3. C.एथिलीन
  4. D.साइटोकाइनिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एथिलीन

एथिलीन एकमात्र गैसीय पादप हार्मोन है और यह केला, आम तथा टमाटर जैसे क्लाइमैक्टेरिक फलों में श्वसन की दर बढ़ा देता है, इसलिए एक पका फल अपने आसपास के फलों को भी शीघ्र पका देता है; ईथेफॉन नामक यौगिक एथिलीन मुक्त करता है और बागों में समान पकने के लिए…

Q2.सामान्य विज्ञानमध्यम

किस पादप हार्मोन को तनाव हार्मोन के नाम से जाना जाता है?

  1. A.एब्सिसिक अम्ल
  2. B.एथिलीन
  3. C.इंडोल-3-एसिटिक अम्ल
  4. D.जिएटिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एब्सिसिक अम्ल

यह तब बनता है जब पौधा सूखे, लवणता या अत्यधिक तापमान का सामना करता है; यह रंध्र बंद कर देता है जिससे जल की हानि न हो, इसी कारण इसे वाष्पोत्सर्जन रोधी कहा जाता है, और यह बीजों तथा कलिकाओं में प्रसुप्ति लाता है जिससे वृद्धि अनुकूल परिस्थिति की प्रतीक्षा…

Q3.सामान्य विज्ञानकठिन

पादप हार्मोन जिबरेलिन सर्वप्रथम किस जीव से प्राप्त किया गया था?

  1. A.राइजोबियम वंश का एक जीवाणु
  2. B.जिबरेला फ्यूजीकुरोई नामक कवक
  3. C.क्लोरेला नामक शैवाल
  4. D.ओट के अंकुर शीर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जिबरेला फ्यूजीकुरोई नामक कवक

जापान में इस कवक से ग्रस्त धान के पौधे असामान्य रूप से लंबे और पतले हो जाते थे, जिस दशा को मूर्ख अंकुर या बकाने रोग कहा गया, और इसके लिए उत्तरदायी पदार्थ कवक से पृथक कर जिबरेलिन नाम दिया गया; इस समूह का सबसे ज्ञात सदस्य जिबरेलिक अम्ल है।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

पौधों में शीर्ष प्रभाविता, जिसमें मुख्य प्ररोह पार्श्व कलिकाओं की वृद्धि दबा देता है, किस हार्मोन से होती है?

  1. A.साइटोकाइनिन
  2. B.ऑक्सिन
  3. C.एब्सिसिक अम्ल
  4. D.एथिलीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ऑक्सिन

प्ररोह शीर्ष पर बना ऑक्सिन नीचे की ओर चलता है और अपने नीचे की पार्श्व कलिकाओं को निष्क्रिय रखता है, इसी कारण जो माली बाड़ के पौधे का शीर्ष काट देता है उसे पार्श्व शाखाओं की घनी वृद्धि मिलती है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

कृषि में 2,4-डी नामक रसायन का व्यापक प्रयोग किस रूप में होता है?

  1. A.कवकनाशी
  2. B.खरपतवारनाशी
  3. C.रासायनिक उर्वरक
  4. D.चूहा मारने की दवा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. खरपतवारनाशी

2,4-डाइक्लोरोफीनॉक्सी एसिटिक अम्ल एक संश्लेषित ऑक्सिन है, और अधिक मात्रा में छिड़कने पर यह चौड़ी पत्ती वाले द्विबीजपत्री खरपतवारों में ऐसी अनियंत्रित वृद्धि कराता है जिससे वे मर जाते हैं, जबकि गेहूं और धान जैसी संकरी पत्ती वाली फसलों पर असर बहुत कम पड़ता है, इसलिए खड़ी फसल से खरपतवार…

Q6.सामान्य विज्ञानमध्यम

विश्व का सबसे महंगा मसाला केसर पौधे के किस भाग से प्राप्त होता है?

  1. A.सूखी पुष्प कलिका
  2. B.पुष्प का सूखा वर्तिकाग्र
  3. C.भीतरी छाल
  4. D.प्रकंद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पुष्प का सूखा वर्तिकाग्र

केसर क्रोकस सैटाइवस के पुष्प के वर्तिकाग्र से बनता है, और चूंकि प्रत्येक पुष्प में केवल तीन वर्तिकाग्र होते हैं जिन्हें हाथ से तोड़ना पड़ता है, यह मसाला विश्व में सबसे महंगा है; भारत में यह मुख्यतः कश्मीर घाटी में उगाया जाता है।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

मलेरिया के उपचार में प्रयुक्त कुनैन सिनकोना पौधे के किस भाग से प्राप्त होती है?

  1. A.जड़
  2. B.छाल
  3. C.पत्ती
  4. D.बीज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छाल

कुनैन सिनकोना वंश के वृक्षों की छाल से निकाला गया क्षाराभ है, जो मूलतः दक्षिण अमेरिका का वृक्ष है और भारत में नीलगिरि तथा दार्जिलिंग में उगाया जाता है, और संश्लेषित औषधियों से पहले यह मलेरिया का मानक उपचार था।

Q8.सामान्य विज्ञानआसान

लौंग नामक मसाला पौधे का कौन-सा भाग है?

  1. A.सूखा कच्चा फल
  2. B.सूखी पुष्प कलिका
  3. C.बीज
  4. D.गोंद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सूखी पुष्प कलिका

लौंग सिजिजियम एरोमैटिकम की अनखिली पुष्प कलिका है, जिसे खिलने से पहले तोड़कर सुखाया जाता है, और भारत में यह मुख्यतः केरल, तमिलनाडु तथा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में उगाई जाती है।

Q9.सामान्य विज्ञानमध्यम

जूट का रेशा जूट पौधे के किस भाग से प्राप्त होता है?

  1. A.बीज के रोम
  2. B.तना
  3. C.पत्ती
  4. D.फलभित्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तना

जूट कॉर्कोरस वंश के पौधों के तने की भीतरी छाल से मिलने वाला बास्ट अर्थात तना रेशा है, जिसे कटे तनों को पानी में भिगोकर निकाला जाता है और इस प्रक्रिया को रेटिंग कहते हैं; भारत और बांग्लादेश इसके मुख्य उत्पादक हैं।

Q10.सामान्य विज्ञानमध्यम

कोशिका विभाजन और पत्तियों के बुढ़ाने को टालने के लिए मुख्यतः कौन-सा पादप हार्मोन उत्तरदायी है?

  1. A.ऑक्सिन
  2. B.साइटोकाइनिन
  3. C.एब्सिसिक अम्ल
  4. D.एथिलीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. साइटोकाइनिन

साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन अर्थात कोशिकाद्रव्य विभाजन को बढ़ाते हैं; इनमें सबसे पहले काइनेटिन की पहचान हेरिंग मछली के शुक्राणु के विघटित डीएनए से हुई और प्राकृतिक रूप जिएटिन मक्के के दानों से मिला।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फल पकाने वाला हार्मोन कौन-सा है?

एथिलीन, जो एकमात्र गैसीय पादप हार्मोन है। यह केला, आम और टमाटर जैसे क्लाइमैक्टेरिक फलों में श्वसन बढ़ा देता है, इसलिए एक पका फल पास के फलों को भी शीघ्र पका देता है, और बागों में समान पकने के लिए ईथेफॉन का छिड़काव किया जाता है।

एब्सिसिक अम्ल को तनाव हार्मोन क्यों कहा जाता है?

क्योंकि यह सूखे, लवणता या अत्यधिक तापमान का सामना करने पर बनता है। यह जल बचाने के लिए रंध्र बंद कर देता है, इसलिए इसे वाष्पोत्सर्जन रोधी भी कहा जाता है, और बीजों तथा कलिकाओं को प्रसुप्ति में डाल देता है जिससे परिस्थिति सुधरने तक वृद्धि रुकी रहे।

2,4-डी एक ही समय में हार्मोन और खरपतवारनाशी कैसे है?

2,4-डी एक संश्लेषित ऑक्सिन है। जिस अल्प मात्रा में पौधा ऑक्सिन बनाता है, उसमें यह वृद्धि बढ़ाता है; बड़ी मात्रा में छिड़कने पर यह चौड़ी पत्ती वाले द्विबीजपत्री खरपतवारों में अनियंत्रित वृद्धि करा देता है और वे मर जाते हैं, जबकि गेहूं और धान जैसी घासों पर असर बहुत कम पड़ता है।

केसर पौधे का कौन-सा भाग है?

केसर क्रोकस सैटाइवस के पुष्प का सूखा वर्तिकाग्र है। प्रत्येक पुष्प में केवल तीन वर्तिकाग्र होते हैं, जिन्हें हाथ से तोड़ना पड़ता है, इसी कारण केसर विश्व का सबसे महंगा मसाला है; भारत में यह मुख्यतः कश्मीर घाटी में उगाया जाता है।

आलू जड़ है या तना?

आलू तना है, अर्थात भूमिगत तने का कंद, क्योंकि उसकी आंखें वे कलिकाएं हैं जिनसे अंकुर निकलते हैं। इसके विपरीत शकरकंद फूली हुई जड़ है। अदरक और हल्दी भी भूमिगत तने अर्थात प्रकंद हैं, जबकि गाजर, मूली और चुकंदर वास्तविक जड़ें हैं।

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