परमाणु, अणु और मोल संकल्पना: परीक्षा नोट्स
परमाणु और अणु पर परीक्षोपयोगी नोट्स: रासायनिक संयोजन के नियम, डाल्टन का सिद्धांत, परमाणु तथा आण्विक द्रव्यमान, संयोजकता और हल सहित मोल संकल्पना।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

रसायन का आरंभ दो विचारों से होता है: पदार्थ परमाणुओं से बना है, और परमाणु निश्चित पूर्ण संख्या अनुपात में संयोग करते हैं। इस अध्याय में रासायनिक संयोजन के नियमों से लेकर मोल तक सब कुछ उन परमाणुओं को गिनने का उपाय है, जो देखे जाने के लिए बहुत छोटे हैं। एक अंक के प्रश्न नियमों तथा उन्हें देने वाले वैज्ञानिकों से बनते हैं और दो अंक के सवाल आण्विक द्रव्यमान तथा मोल से, इसलिए नाम और गणित दोनों कंठस्थ होने चाहिए।
रासायनिक संयोजन के नियम
द्रव्यमान संरक्षण का नियम, जिसे अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में आंत्वान लवाइजिए ने दिया, कहता है कि रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनता है न नष्ट होता है, अर्थात उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के कुल द्रव्यमान के बराबर रहता है। स्थिर अनुपात का नियम, जिसे निश्चित अनुपात का नियम भी कहते हैं और जो जोसेफ प्राउस्ट ने दिया, कहता है कि किसी शुद्ध यौगिक में वही तत्व सदा उसी द्रव्यमान अनुपात में रहते हैं, स्रोत चाहे कोई हो: किसी भी नदी या प्रयोगशाला के जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात एक और आठ ही रहता है। गुणित अनुपात का नियम, जो जॉन डाल्टन ने दिया, तब लगता है जब दो तत्व एक से अधिक यौगिक बनाएँ: एक तत्व के निश्चित द्रव्यमान से संयोग करने वाले दूसरे तत्व के द्रव्यमान सरल पूर्ण संख्या अनुपात में होते हैं, जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड में बारह ग्राम कार्बन क्रमशः सोलह तथा बत्तीस ग्राम ऑक्सीजन लेता है, अर्थात अनुपात एक और दो। गे लुसाक का गैसीय आयतन नियम कहता है कि गैसें ऐसे आयतनों में अभिक्रिया करती हैं जिनका आपस में सरल अनुपात हो, और आवोगाद्रो का नियम कहता है कि समान ताप तथा दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है।
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत और उसकी सीमाएँ
डाल्टन ने 1808 में इन नियमों को एक सूत्र में बाँधा। पदार्थ अविभाज्य परमाणुओं से बना है; किसी तत्व के सभी परमाणु द्रव्यमान तथा गुणों में एक समान हैं; भिन्न तत्वों के परमाणु भिन्न हैं; परमाणु छोटी पूर्ण संख्याओं के अनुपात में जुड़ते हैं; और अभिक्रिया में परमाणु न बनते हैं न नष्ट होते हैं। आगे के शोध ने पहले दो अभिगृहीत गलत सिद्ध कर दिए, क्योंकि परमाणु के भीतर इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन हैं, तथा एक ही तत्व के समस्थानिकों के द्रव्यमान भिन्न होते हैं। शेष सिद्धांत आज भी खड़ा है और पहले तीन नियमों की सुंदर व्याख्या करता है।
परमाणु द्रव्यमान, आण्विक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान
परमाणु द्रव्यमान सापेक्ष पैमाने पर मापे जाते हैं। एक एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई, जिसे u लिखते हैं, कार्बन बारह के एक परमाणु के द्रव्यमान का बारहवाँ भाग है, इसलिए हाइड्रोजन लगभग 1 u, कार्बन 12 u, नाइट्रोजन 14 u, ऑक्सीजन 16 u, सोडियम 23 u, सल्फर 32 u, क्लोरीन लगभग 35.5 u और कैल्शियम 40 u का है। अणुओं से बने पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान उसके सूत्र में आए परमाणु द्रव्यमानों का योग है, अतः जल 18 u, अमोनिया 17 u, कार्बन डाइऑक्साइड 44 u तथा सल्फ्यूरिक अम्ल 98 u का है। आयनिक यौगिक में अलग अणु नहीं होते, इसलिए वही योग सूत्र इकाई द्रव्यमान कहलाता है: सोडियम क्लोराइड 58.5 u और कैल्शियम क्लोराइड, अर्थात चालीस जोड़ दो गुणा साढ़े पैंतीस, 111 u का है।
संयोजकता और सूत्र लिखना
| संयोजकता | उदाहरण |
|---|---|
| एक | हाइड्रोजन, सोडियम, पोटैशियम, क्लोरीन, अमोनियम तथा नाइट्रेट आयन |
| दो | ऑक्सीजन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, सल्फेट तथा कार्बोनेट आयन |
| तीन | अमोनिया में नाइट्रोजन, एल्युमिनियम, फॉस्फेट आयन |
| चार | कार्बन और सिलिकॉन |
सूत्र लिखने के लिए प्रतीकों को साथ रखकर संयोजकताओं को आड़ी तिरछी अदला बदली से नीचे लिख दें और फिर उभयनिष्ठ गुणनखंड हो तो संख्याएँ छोटी कर लें। संयोजकता तीन वाला एल्युमिनियम और संयोजकता दो वाली ऑक्सीजन मिलकर एल्युमिनियम ऑक्साइड Al2O3 देते हैं, तथा संयोजकता दो वाला कैल्शियम और संयोजकता एक वाली क्लोरीन CaCl2 देते हैं।
मोल संकल्पना
रसायनज्ञ परमाणु एक एक करके नहीं गिन सकता, इसलिए मोल को कणों की एक निश्चित संख्या के रूप में परिभाषित किया गया। किसी भी पदार्थ के एक मोल में 6.022 गुणा दस की घात तेईस कण होते हैं, और यह संख्या आवोगाद्रो नियतांक कहलाती है, जो आमेदेओ आवोगाद्रो के नाम पर है, यद्यपि उन्होंने इसे स्वयं कभी मापा नहीं। इससे तीन संबंध निकलते हैं, जो मिलकर इस अध्याय के लगभग सभी सवाल हल कर देते हैं। मोलों की संख्या दिए गए द्रव्यमान में मोलर द्रव्यमान का भाग देने से मिलती है। वही संख्या कणों की संख्या में आवोगाद्रो नियतांक का भाग देने से भी मिलती है। मानक ताप और दाब पर किसी गैस के लिए यह आयतन में 22.4 लीटर का भाग देने से मिलती है, क्योंकि उन परिस्थितियों में किसी भी गैस का एक मोल 22.4 लीटर घेरता है।
मोलर द्रव्यमान वही परमाणु या आण्विक द्रव्यमान है जिसे ग्राम में लिख दिया जाए, इसलिए जल का एक मोल 18 ग्राम, ऑक्सीजन गैस का एक मोल 32 ग्राम और कार्बन का एक मोल 12 ग्राम का होता है। अतः छत्तीस ग्राम जल दो मोल है और उसमें आवोगाद्रो संख्या से दुगुने अणु हैं, जबकि 44 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड एक मोल है और उसमें कार्बन डाइऑक्साइड के एक आवोगाद्रो संख्या अणु हैं, पर परमाणु उससे तीन गुने, क्योंकि प्रत्येक अणु में एक कार्बन और दो ऑक्सीजन परमाणु हैं।
परीक्षा में आने वाले सवाल
तीन प्रकार बार बार आते हैं। किसी यौगिक का आण्विक या सूत्र इकाई द्रव्यमान निकालना: परमाणु द्रव्यमान जोड़ दें, यह ध्यान रखते हुए कि क्लोरीन 35 नहीं, 35.5 है। द्रव्यमान, मोल और कण संख्या के बीच बदलना: पहले मोलर द्रव्यमान का भाग दें, फिर आवोगाद्रो नियतांक से गुणा करें। मानक ताप और दाब पर दिए गए आयतन की गैस का द्रव्यमान निकालना: आयतन में 22.4 का भाग देकर मोल निकालें और मोलर द्रव्यमान से गुणा करें। चौथा प्रकार प्रतिशत संघटन का है, जिसमें पूछा जाता है कि यौगिक के द्रव्यमान का कितना भाग कोई एक तत्व है; यह एक मोल में उस तत्व का द्रव्यमान बँटा मोलर द्रव्यमान, गुणा सौ होता है, और जल में हाइड्रोजन अठारह में से दो, अर्थात लगभग 11.1 प्रतिशत है।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न दो भागों में बँटते हैं। पहला भाग नाम का है: द्रव्यमान संरक्षण के साथ लवाइजिए, निश्चित अनुपात के साथ प्राउस्ट, गुणित अनुपात के साथ डाल्टन, गैसीय आयतन के साथ गे लुसाक तथा समान आयतन में समान अणु के साथ आवोगाद्रो, और डाल्टन के वे अभिगृहीत जो बाद में गलत सिद्ध हुए, अर्थात अविभाज्य परमाणु तथा किसी तत्व के सभी परमाणुओं का समान होना, जिसका खंडन समस्थानिक करते हैं। दूसरा भाग गणित का है: अमोनिया, जल, कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फ्यूरिक अम्ल का आण्विक द्रव्यमान, सोडियम क्लोराइड तथा कैल्शियम क्लोराइड का सूत्र इकाई द्रव्यमान, दिए गए द्रव्यमान से मोल, आवोगाद्रो नियतांक से कण संख्या, तथा मानक ताप और दाब पर प्रति मोल 22.4 लीटर। रेलवे और एसएससी के प्रश्नपत्र ये सवाल सीधे पूछते हैं और परमाणु द्रव्यमान प्रश्न में ही दे देते हैं। जाल हैं: क्लोरीन को 35.5 के बदले 35 लेना, आयनिक योग को आण्विक द्रव्यमान कह देना, और यह भूल जाना कि कार्बन डाइऑक्साइड के एक मोल में अणु एक आवोगाद्रो संख्या पर परमाणु उसके तीन गुने होते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| द्रव्यमान संरक्षण | आंत्वान लवाइजिए; उत्पादों का द्रव्यमान अभिकारकों के बराबर |
|---|---|
| स्थिर अनुपात | जोसेफ प्राउस्ट; जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन सदा एक और आठ के अनुपात में |
| गुणित अनुपात | जॉन डाल्टन; कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सीजन अनुपात एक और दो |
| आवोगाद्रो का नियम | समान ताप और दाब पर गैसों के समान आयतन में अणु समान |
| एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई | कार्बन बारह परमाणु के द्रव्यमान का बारहवाँ भाग, संकेत u |
| आवोगाद्रो नियतांक | प्रति मोल 6.022 गुणा दस की घात तेईस कण |
| गैस का मोलर आयतन | मानक ताप और दाब पर 22.4 लीटर |
| जल का आण्विक द्रव्यमान | 18 u, अर्थात एक मोल जल 18 ग्राम |
| अमोनिया का आण्विक द्रव्यमान | 17 u, अर्थात 14 जोड़ तीन गुणा 1 |
| कैल्शियम क्लोराइड का सूत्र इकाई द्रव्यमान | 111 u, अर्थात 40 जोड़ दो गुणा 35.5 |
| सोडियम क्लोराइड का सूत्र इकाई द्रव्यमान | 58.5 u |
| द्रव्यमान से मोल | मोलों की संख्या बराबर दिया गया द्रव्यमान बँटा मोलर द्रव्यमान |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान संरक्षण का नियम किसने दिया?
- A.जॉन डाल्टन
- B.आंत्वान लवाइजिए
- C.जोसेफ प्राउस्ट
- D.आमेदेओ आवोगाद्रो
उत्तर देखें
सही उत्तर है B, आंत्वान लवाइजिए, वह फ्रांसीसी रसायनज्ञ जिन्होंने बंद पात्रों में सावधानी से तौलकर दिखाया कि अभिक्रिया के उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के कुल द्रव्यमान के ठीक बराबर होता है, अर्थात रासायनिक परिवर्तन में पदार्थ न बनता है न नष्ट होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वह नियम जो कहता है कि किसी शुद्ध रासायनिक यौगिक में वही तत्व सदा उसी द्रव्यमान अनुपात में संयोजित रहते हैं, क्या कहलाता है?
- A.गुणित अनुपात का नियम
- B.स्थिर अनुपात का नियम
- C.द्रव्यमान संरक्षण का नियम
- D.गैसीय आयतन का नियम
उत्तर देखें
नदी का, वर्षा का या प्रयोगशाला में बना जल, सब में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात एक और आठ रहता है, तथा अमोनिया में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन का अनुपात चौदह और तीन।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान 14 और हाइड्रोजन का 1 है। अमोनिया का आण्विक द्रव्यमान कितना होगा?
- A.17
- B.18
- C.15
- D.16
उत्तर देखें
अमोनिया का सूत्र NH3 है, इसलिए उसका आण्विक द्रव्यमान एक नाइट्रोजन परमाणु के द्रव्यमान में तीन हाइड्रोजन परमाणुओं का द्रव्यमान जोड़कर मिलता है, अर्थात चौदह जोड़ तीन गुणा एक, जो सत्रह एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई होता है; अतः अमोनिया का एक मोल सत्रह ग्राम का होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →CaCl2 का सूत्र इकाई द्रव्यमान कितना है?
- A.115u
- B.114u
- C.111u
- D.110u
उत्तर देखें
कैल्शियम क्लोराइड आयनिक यौगिक है, इसलिए उसके सूत्र में आए परमाणु द्रव्यमानों के योग को आण्विक द्रव्यमान के बदले सूत्र इकाई द्रव्यमान कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी भी पदार्थ के एक मोल में उपस्थित कणों की संख्या कितनी होती है?
- A.6.022 गुणा दस की घात तेईस
- B.6.022 गुणा दस की घात इक्कीस
- C.3.011 गुणा दस की घात तेईस
- D.9.8 गुणा दस की घात तेईस
उत्तर देखें
यह कार्बन बारह के बारह ग्राम में उपस्थित परमाणुओं की संख्या है और परमाणु, अणु, आयन या इलेक्ट्रॉन सब पर समान रूप से लागू होती है, इसलिए एक मोल जल में इतने ही जल अणु और एक मोल सोडियम में इतने ही सोडियम परमाणु होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल कितना आयतन घेरता है?
- A.11.2 लीटर
- B.22.4 लीटर
- C.24.4 लीटर
- D.1 लीटर
उत्तर देखें
यह आवोगाद्रो के नियम से निकलता है: चूँकि समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का एक एक मोल मानक ताप और दाब पर समान स्थान घेरता है, भले ही उनके द्रव्यमान दो, बत्तीस…
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई, जिसे u लिखा जाता है, किसे कहते हैं?
- A.एक हाइड्रोजन परमाणु का द्रव्यमान
- B.कार्बन बारह के एक परमाणु के द्रव्यमान का बारहवाँ भाग
- C.एक ऑक्सीजन परमाणु के द्रव्यमान का सोलहवाँ भाग
- D.एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान
उत्तर देखें
यह मानक इसलिए अपनाया गया कि सभी तत्वों के परमाणु द्रव्यमान एक ही सापेक्ष पैमाने पर तुले जा सकें, और उसी पर हाइड्रोजन लगभग 1 u, ऑक्सीजन 16 u तथा क्लोरीन 35.5 u का आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →36 ग्राम जल में कितने मोल उपस्थित हैं?
- A.एक मोल
- B.दो मोल
- C.तीन मोल
- D.आधा मोल
उत्तर देखें
जल का आण्विक द्रव्यमान अठारह एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई है, अर्थात 1 u के दो हाइड्रोजन परमाणु और 16 u का एक ऑक्सीजन परमाणु, इसलिए एक मोल जल का भार अठारह ग्राम होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्बन दो ऑक्साइड बनाता है, कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड, जिनमें बारह ग्राम कार्बन क्रमशः सोलह और बत्तीस ग्राम ऑक्सीजन से संयोग करता है। यह किस नियम का उदाहरण है?
- A.द्रव्यमान संरक्षण का नियम
- B.स्थिर अनुपात का नियम
- C.गुणित अनुपात का नियम
- D.आवोगाद्रो का नियम
उत्तर देखें
जब दो तत्व एक से अधिक यौगिक बनाते हैं, तो एक तत्व के निश्चित द्रव्यमान से संयोग करने वाले दूसरे तत्व के द्रव्यमान सरल पूर्ण संख्या अनुपात में होते हैं, और यहाँ उसी बारह ग्राम कार्बन के लिए सोलह तथा बत्तीस ग्राम ऑक्सीजन का अनुपात एक और दो है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समान ताप और दाब की परिस्थितियों में सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है। यह कथन किस नियम के रूप में जाना जाता है?
- A.आवोगाद्रो का नियम
- B.बॉयल का नियम
- C.चार्ल्स का नियम
- D.डाल्टन का आंशिक दाब नियम
उत्तर देखें
इसी से प्रत्येक गैस का एक मोल मानक ताप और दाब पर वही 22.4 लीटर घेरता है, और इसी से रसायनज्ञ हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन जैसी गैसों के सूत्र दो परमाणु वाले तय कर सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आण्विक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान में क्या अंतर है?
दोनों सूत्र में आए परमाणु द्रव्यमानों का योग ही हैं। आण्विक द्रव्यमान शब्द उन पदार्थों के लिए प्रयुक्त होता है जो अणुओं के रूप में रहते हैं, जैसे जल या कार्बन डाइऑक्साइड, जबकि सूत्र इकाई द्रव्यमान सोडियम क्लोराइड तथा कैल्शियम क्लोराइड जैसे आयनिक यौगिकों के लिए, जिनमें अलग अणु नहीं, आयनों की जालक होती है।
एक मोल में 6.022 गुणा दस की घात तेईस कण ही क्यों होते हैं?
क्योंकि कार्बन बारह के बारह ग्राम में इतने ही परमाणु होते हैं और उसी को मानक चुना गया। यह संख्या आवोगाद्रो नियतांक कहलाती है और इसका प्रयोग इसलिए होता है कि एक मोल का ग्राम में द्रव्यमान संख्यात्मक रूप से परमाणु या आण्विक द्रव्यमान के बराबर आ जाए।
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के कौन से अभिगृहीत बाद में गलत पाए गए?
दो अभिगृहीत। परमाणु अविभाज्य नहीं है, क्योंकि उसमें इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन हैं, तथा एक ही तत्व के परमाणु द्रव्यमान में सदा समान नहीं होते, क्योंकि कार्बन बारह और कार्बन चौदह जैसे समस्थानिक मिलते हैं। शेष सिद्धांत आज भी रासायनिक संयोजन के नियमों की व्याख्या करता है।
36 ग्राम जल में कितने मोल होते हैं?
दो मोल। जल का आण्विक द्रव्यमान 18 u है, अतः एक मोल का भार 18 ग्राम होता है और छत्तीस में अठारह का भाग देने पर दो आता है। उन दो मोलों में आवोगाद्रो संख्या से दुगुने जल अणु होते हैं।
मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल कितना आयतन घेरता है?
22.4 लीटर। इसे मोलर आयतन कहते हैं और यह आवोगाद्रो के नियम से निकलता है, जो कहता है कि समान ताप तथा दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, गैस चाहे कोई भी हो।
कार्बन से कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों बनने की व्याख्या कौन सा नियम करता है?
गुणित अनुपात का नियम। निश्चित बारह ग्राम कार्बन के साथ कार्बन मोनोऑक्साइड सोलह ग्राम और कार्बन डाइऑक्साइड बत्तीस ग्राम ऑक्सीजन लेती है, और इन ऑक्सीजन द्रव्यमानों का अनुपात सरल रूप से एक और दो है।
स्रोत
- विज्ञान (कक्षा 9), अध्याय 3: परमाणु एवं अणु — एनसीईआरटी
- रसायन विज्ञान भाग एक (कक्षा 11), अध्याय 1: रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ — एनसीईआरटी
- अंतरराष्ट्रीय इकाई प्रणाली, मोल की परिभाषा — अंतरराष्ट्रीय माप तौल ब्यूरो





