मात्रक और मापन: एसआई मात्रक, विमाएं एवं यंत्र
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मात्रक और मापन के नोट्स: सात एसआई मूल मात्रक, व्युत्पन्न तथा व्यावहारिक मात्रक, विमीय सूत्र, उपसर्ग और प्रमुख मापक यंत्र।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

प्रत्येक मापन के दो भाग होते हैं, एक संख्या और एक मात्रक, और मात्रक ही तय करता है कि वह संख्या किस बात की है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य विज्ञान का यह अध्याय सबसे अधिक अंक दिलाने वाला है, क्योंकि प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं: किसी राशि का मात्रक, उसे मापने वाला यंत्र, विमीय सूत्र अथवा किसी उपसर्ग का अर्थ। आज प्रचलित पद्धति अंतर्राष्ट्रीय मात्रक पद्धति है, जिसे 1960 में माप-तौल की सामान्य सभा ने स्वीकार किया, और यह सात मूल मात्रकों पर खड़ी है।
एसआई पद्धति के सात मूल मात्रक
| राशि | मात्रक | प्रतीक |
|---|---|---|
| लंबाई | मीटर | m |
| द्रव्यमान | किलोग्राम | kg |
| समय | सेकंड | s |
| विद्युत धारा | ऐम्पियर | A |
| ऊष्मागतिक ताप | केल्विन | K |
| पदार्थ की मात्रा | मोल | mol |
| ज्योति तीव्रता | कैंडेला | cd |
इनके अतिरिक्त समतल कोण के लिए रेडियन और घन कोण के लिए स्टेरेडियन को लंबे समय तक पूरक मात्रक माना जाता रहा। परिभाषाएं समय के साथ बदली हैं ताकि कोई भी प्रयोगशाला उन्हें दोहरा सके: मीटर वह दूरी है जो प्रकाश निर्वात में सेकंड के एक निश्चित अंश में तय करता है, सेकंड सीजियम-133 परमाणु के विकिरण से निर्धारित होता है, और 2019 में लागू हुए संशोधन के बाद किलोग्राम पेरिस के पास रखे धातु के बेलन के बजाय प्लांक नियतांक के आधार पर परिभाषित है।
व्युत्पन्न मात्रक और विमीय सूत्र
शेष सभी मात्रक इन्हीं सात मूल मात्रकों से व्युत्पन्न होते हैं और अनेक व्युत्पन्न मात्रक वैज्ञानिकों के नाम पर हैं। बल न्यूटन में, कार्य तथा ऊर्जा जूल में, शक्ति वाट में, दाब पास्कल में, आवृत्ति हर्ट्ज में, विद्युत आवेश कूलॉम में, विभवांतर वोल्ट में, प्रतिरोध ओम में और चुंबकीय फ्लक्स घनत्व टेस्ला में मापा जाता है। विमीय सूत्र बताता है कि कोई व्युत्पन्न राशि द्रव्यमान (M), लंबाई (L) और समय (T) से किस प्रकार बनी है।
- बल: M L T⁻², मात्रक न्यूटन
- कार्य अथवा ऊर्जा: M L² T⁻², मात्रक जूल
- शक्ति: M L² T⁻³, मात्रक वाट
- दाब: M L⁻¹ T⁻², मात्रक पास्कल
- संवेग: M L T⁻¹, मात्रक किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड
विमीय विश्लेषण का उपयोग किसी समीकरण की संगति जांचने, किसी मान को एक पद्धति से दूसरी पद्धति में बदलने तथा किसी संबंध का स्वरूप ज्ञात करने में होता है। किंतु यह विमाहीन नियतांक नहीं निकाल सकता, और उन राशियों में विफल रहता है जिनकी विमाएं समान हों, जैसे कार्य और बल आघूर्ण।
उपसर्ग और व्यावहारिक मात्रक
उपसर्ग लंबी शून्य श्रृंखलाओं से बचाते हैं: किलो का अर्थ एक हजार, मेगा का दस लाख, गीगा का एक अरब और टेरा का एक खरब है, जबकि मिली, माइक्रो, नैनो और पिको क्रमशः हजारवां, दस लाखवां, अरबवां और खरबवां भाग बताते हैं। बहुत बड़ी और बहुत छोटी मापों के लिए विज्ञान में कुछ व्यावहारिक मात्रक भी प्रचलित हैं।
- प्रकाश वर्ष: वह दूरी जो प्रकाश एक वर्ष में तय करता है, लगभग 9.46 खरब किलोमीटर। यह दूरी का मात्रक है, समय का नहीं।
- खगोलीय इकाई: पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी, लगभग 14.96 करोड़ किलोमीटर।
- पारसेक: लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष, खगोल विज्ञान में प्रयुक्त बड़ा मात्रक।
- ऐंग्स्ट्राम: मीटर का दस अरबवां भाग, जो परमाणुओं और प्रकाश की तरंगदैर्ध्य के लिए प्रयुक्त होता है।
- फर्मी: मीटर का एक हजार खरबवां भाग, जो नाभिक के आकार के लिए प्रयुक्त होता है।
- नॉटिकल मील: 1,852 मीटर, जो समुद्र और वायुयान में प्रयुक्त होता है; एक अश्वशक्ति लगभग 746 वाट के बराबर है; एक क्विंटल 100 किलोग्राम और एक टन 1,000 किलोग्राम होता है।
यंत्र और उनसे मापी जाने वाली राशियां
यंत्रों पर आधारित एक पंक्ति के प्रश्न लगभग हर प्रश्नपत्र में आते हैं, इसलिए इन्हें जोड़ों में याद करें।
| यंत्र | किसका मापन |
|---|---|
| बैरोमीटर | वायुमंडलीय दाब |
| हाइग्रोमीटर | वायु की आर्द्रता |
| एनीमोमीटर | पवन की गति |
| सीस्मोग्राफ | भूकंपीय तरंगों की तीव्रता |
| लैक्टोमीटर | दूध की शुद्धता |
| हाइड्रोमीटर | द्रवों का आपेक्षिक घनत्व |
| स्फिग्मोमैनोमीटर | रक्तचाप |
| पायरोमीटर | अत्यधिक उच्च ताप |
| फैदोमीटर | समुद्र की गहराई |
| टैकोमीटर | चक्कर प्रति मिनट में घूर्णन गति |
| अमीटर और वोल्टमीटर | विद्युत धारा, जो श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है, तथा विभवांतर, जो समांतर क्रम में जोड़ा जाता है |
| स्क्रू गेज और वर्नियर कैलिपर्स | बहुत छोटी लंबाई, मोटाई तथा व्यास |
अदिश, सदिश और त्रुटियां
अदिश राशि में केवल परिमाण होता है, जैसे द्रव्यमान, समय, दूरी, चाल, कार्य, ऊर्जा और ताप। सदिश राशि में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं, जैसे विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग और भार। उन जोड़ों पर ध्यान दें जिनमें प्रायः भ्रम होता है: दूरी अदिश है और विस्थापन सदिश, चाल अदिश है और वेग सदिश। मापन में शुद्धता का अर्थ है पाठ्यांक का वास्तविक मान के कितना निकट होना, और परिशुद्धता का अर्थ है बार-बार लिए गए पाठ्यांकों का आपस में कितना मिलना; इसलिए कोई माप परिशुद्ध होते हुए भी अशुद्ध हो सकती है। परिणाम में सार्थक अंकों की संख्या बताती है कि माप कितनी विश्वसनीय है, और किसी यंत्र का अल्पतमांक वह सबसे छोटा मान है जिसे वह पढ़ सकता है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से तीन प्रकार के प्रश्न दोहराए जाते हैं। पहला किसी राशि का मात्रक पूछता है: ज्योति तीव्रता के लिए कैंडेला, पदार्थ की मात्रा के लिए मोल और ताप के लिए केल्विन सबसे अधिक छूटते हैं। दूसरा किसी राशि को मापने वाला यंत्र पूछता है, जहां हाइग्रोमीटर बनाम हाइड्रोमीटर तथा अमीटर बनाम वोल्टमीटर बड़े जाल हैं। तीसरा विमीय सूत्रों पर आधारित होता है, जहां कार्य और बल आघूर्ण की विमाएं समान होती हैं तथा दाब को प्रायः बल समझ लिया जाता है। यह भी पूछा जाता है कि दी गई सूची में कौन मूल मात्रक नहीं है, जिसका उत्तर न्यूटन या जूल जैसा कोई व्युत्पन्न मात्रक होता है, तथा प्रकाश वर्ष समय का मात्रक है या दूरी का, जिसका उत्तर सदैव दूरी है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| एसआई पद्धति स्वीकृत | 1960, माप-तौल की सामान्य सभा द्वारा |
|---|---|
| मूल मात्रकों की संख्या | सात |
| लंबाई और द्रव्यमान का मात्रक | मीटर तथा किलोग्राम |
| विद्युत धारा का मात्रक | ऐम्पियर |
| ताप का मात्रक | केल्विन |
| पदार्थ की मात्रा का मात्रक | मोल |
| ज्योति तीव्रता का मात्रक | कैंडेला |
| पूरक मात्रक | समतल कोण के लिए रेडियन तथा घन कोण के लिए स्टेरेडियन |
| बल और दाब का मात्रक | न्यूटन तथा पास्कल |
| कार्य, ऊर्जा और शक्ति का मात्रक | कार्य तथा ऊर्जा के लिए जूल, शक्ति के लिए वाट |
| कार्य का विमीय सूत्र | M L² T⁻² |
| दाब का विमीय सूत्र | M L⁻¹ T⁻² |
| एक प्रकाश वर्ष | लगभग 9.46 खरब किलोमीटर, जो दूरी का मात्रक है |
| एक अश्वशक्ति | लगभग 746 वाट |
| एक नॉटिकल मील | 1,852 मीटर |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
बल का एसआई मात्रक क्या है?
- A.जूल
- B.न्यूटन
- C.वाट
- D.पास्कल
उत्तर देखें
एक न्यूटन वह बल है जो एक किलोग्राम द्रव्यमान में एक मीटर प्रति सेकंड वर्ग का त्वरण उत्पन्न करता है, और यह सीधे इस समीकरण से निकलता है कि बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अंतर्राष्ट्रीय मात्रक पद्धति (एसआई) में कितने मूल मात्रक हैं?
- A.पांच
- B.छह
- C.सात
- D.नौ
उत्तर देखें
एसआई पद्धति, जिसे 1960 में माप-तौल की सामान्य सभा ने स्वीकार किया, सात मूल मात्रकों पर आधारित है: मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल और कैंडेला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन एसआई पद्धति का मूल मात्रक नहीं है?
- A.केल्विन
- B.मोल
- C.न्यूटन
- D.कैंडेला
उत्तर देखें
न्यूटन व्युत्पन्न मात्रक है: यह किलोग्राम, मीटर और सेकंड से बना है, क्योंकि बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण होता है, और इसे एक किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड वर्ग के रूप में लिखा जा सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कैंडेला किस भौतिक राशि का एसआई मात्रक है?
- A.ज्योति तीव्रता
- B.विद्युत धारा
- C.पदार्थ की मात्रा
- D.दाब
उत्तर देखें
कैंडेला नाम मोमबत्ती से आया है, जो कभी प्रकाश का मोटा मानक मानी जाती थी, और यह एसआई पद्धति के सात मूल मात्रकों में से एक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाश वर्ष निम्नलिखित में से किसका मात्रक है?
- A.समय
- B.दूरी
- C.चाल
- D.तारे की चमक
उत्तर देखें
प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो लगभग तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की चाल से चलता प्रकाश एक वर्ष में तय करता है, अर्थात लगभग 9.46 खरब किलोमीटर।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दाब का एसआई मात्रक क्या है?
- A.न्यूटन
- B.पास्कल
- C.हर्ट्ज
- D.टेस्ला
उत्तर देखें
दाब बल में क्षेत्रफल का भाग देकर निकाला जाता है, इसलिए इसका मात्रक एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर है, जिसे ब्लेज पास्कल के नाम पर पास्कल कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्य का विमीय सूत्र क्या है?
- A.M L T⁻²
- B.M L² T⁻²
- C.M L² T⁻³
- D.M L⁻¹ T⁻²
उत्तर देखें
कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है। बल की विमाएं M L T⁻² हैं, और उसमें एक लंबाई का गुणा करने पर L की एक और घात जुड़ जाती है, जिससे M L² T⁻² प्राप्त होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वायुमंडलीय दाब किस यंत्र से मापा जाता है?
- A.हाइग्रोमीटर
- B.बैरोमीटर
- C.एनीमोमीटर
- D.लैक्टोमीटर
उत्तर देखें
बैरोमीटर वायुमंडल का दाब मापता है और परंपरागत रूप से इसे पारे के स्तंभ के विरुद्ध संतुलित करके मापा जाता रहा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मोल किस राशि का एसआई मूल मात्रक है?
- A.द्रव्यमान
- B.पदार्थ की मात्रा
- C.घनत्व
- D.आयतन
उत्तर देखें
मोल रसायनज्ञ का गिनती मात्रक है: किसी भी पदार्थ के एक मोल में आवोगाद्रो संख्या के बराबर कण होते हैं, अर्थात लगभग छह के आगे तेईस शून्य, चाहे वे कण परमाणु हों, अणु हों या आयन।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक अश्वशक्ति लगभग कितने वाट के बराबर होती है?
- A.500 वाट
- B.746 वाट
- C.1,000 वाट
- D.1,200 वाट
उत्तर देखें
अश्वशक्ति शक्ति का पुराना व्यावहारिक मात्रक है, जो आज भी इंजन, पंप और मोटर की क्षमता बताने में प्रयुक्त होता है, और यह लगभग 746 वाट के बराबर है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दूध की शुद्धता की जांच किस यंत्र से की जाती है?
- A.हाइड्रोमीटर
- B.लैक्टोमीटर
- C.पायरोमीटर
- D.फैदोमीटर
उत्तर देखें
लैक्टोमीटर दूध में तैरकर उसका आपेक्षिक घनत्व बताता है। शुद्ध दूध पानी से अधिक घना होता है, इसलिए पानी मिलाने पर घनत्व घट जाता है और यंत्र अधिक गहरा डूब जाता है, जिससे मिलावट पकड़ी जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एसआई पद्धति में कितने मूल मात्रक हैं और वे कौन से हैं?
सात। ये हैं: लंबाई के लिए मीटर, द्रव्यमान के लिए किलोग्राम, समय के लिए सेकंड, विद्युत धारा के लिए ऐम्पियर, ऊष्मागतिक ताप के लिए केल्विन, पदार्थ की मात्रा के लिए मोल तथा ज्योति तीव्रता के लिए कैंडेला। न्यूटन या जूल जैसे शेष सभी मात्रक इन्हीं सात से व्युत्पन्न होते हैं।
प्रकाश वर्ष समय का मात्रक है या दूरी का?
दूरी का। प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो लगभग तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की चाल से चलने वाला प्रकाश एक वर्ष में तय करता है, अर्थात लगभग 9.46 खरब किलोमीटर। नाम में आया वर्ष शब्द ही इस प्रश्न को जाल बनाता है। पारसेक, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष है, तथा खगोलीय इकाई, जो पृथ्वी और सूर्य की औसत दूरी है, खगोल विज्ञान के अन्य दूरी मात्रक हैं।
हाइग्रोमीटर और हाइड्रोमीटर में क्या अंतर है?
हाइग्रोमीटर वायु की आर्द्रता मापता है, अर्थात उसमें उपस्थित जलवाष्प की मात्रा। हाइड्रोमीटर किसी द्रव का आपेक्षिक घनत्व मापता है और अधिक घने द्रव में ऊपर तैरता है। दूध में पानी मिला है या नहीं, यह जांचने वाला लैक्टोमीटर वास्तव में एक ही द्रव के लिए अंशांकित हाइड्रोमीटर ही है।
शुद्धता और परिशुद्धता में क्या अंतर है?
शुद्धता बताती है कि कोई माप किसी राशि के वास्तविक मान के कितने निकट है। परिशुद्धता बताती है कि बार-बार ली गई मापें आपस में कितनी मिलती हैं। प्रतिदिन दस मिनट आगे चलने वाली घड़ी परिशुद्ध है किंतु शुद्ध नहीं, क्योंकि वह वही त्रुटि नियमपूर्वक दोहराती है। अच्छे मापन में दोनों आवश्यक हैं, और यंत्र का अल्पतमांक यह सीमा तय करता है कि पाठ्यांक कितना परिशुद्ध हो सकता है।
कौन सी राशियां अदिश हैं और कौन सी सदिश?
अदिश राशियों में केवल परिमाण होता है: द्रव्यमान, समय, दूरी, चाल, कार्य, ऊर्जा, शक्ति, ताप और विद्युत आवेश। सदिश राशियों में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं: विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग, भार और बल आघूर्ण। भ्रम वाले जोड़े याद रखें: दूरी अदिश और विस्थापन सदिश, चाल अदिश और वेग सदिश, तथा द्रव्यमान अदिश जबकि भार एक बल होने के कारण सदिश है।
स्रोत
- भौतिकी भाग-1 (कक्षा 11), अध्याय: मात्रक और मापन — एनसीईआरटी
- विज्ञान (कक्षा 9), गति और मापन से संबंधित अध्याय — एनसीईआरटी





