प्रसिद्ध वैज्ञानिक, उनके नियम और खोजें
वैज्ञानिकों को उनके नियमों और खोजों से जोड़ने वाले परीक्षा नोट्स: न्यूटन, आर्कमिडीज, पास्कल, ओम, मेंडल, आइंस्टाइन तथा महान भारतीय वैज्ञानिक।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

सामान्य विज्ञान के प्रत्येक प्रश्नपत्र में एक या दो प्रश्न ऐसे आते हैं जो नियम देकर वैज्ञानिक पूछते हैं, या वैज्ञानिक देकर खोज पूछते हैं। ये तथ्य कभी बदलते नहीं, इसलिए यह विषय के सबसे सस्ते अंक हैं, परंतु नाम बहुत हैं और भ्रमकारक निकट के होते हैं, अतः सुरक्षित रहने का एक ही उपाय है कि इन्हें जोड़ियों और समूहों में दोहराया जाए। यह नोट नियमों को शाखा के अनुसार रखता है, पहले भौतिकी, फिर रसायन और जीव विज्ञान, और अंत में भारतीय वैज्ञानिक तथा उनसे जुड़े पुरस्कार।
भौतिकी: गति, तरल और ऊष्मा
आइजक न्यूटन ने 1687 के अपने प्रिंसिपिया में गति के तीन नियम और सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम दिया; पहला नियम जड़त्व की व्याख्या करता है, दूसरा बल को संवेग परिवर्तन की दर बताता है, और तीसरा प्रत्येक क्रिया के साथ समान तथा विपरीत प्रतिक्रिया जोड़ता है। न्यूटन ने शीतलन का नियम भी दिया। उनसे पहले योहानेस केप्लर ने ग्रहीय गति के तीन नियम दिए: ग्रह दीर्घवृत्त में चलते हैं जिसकी एक नाभि पर सूर्य है, ग्रह को सूर्य से जोड़ने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है, और परिक्रमण काल का वर्ग औसत दूरी के घन के समानुपाती होता है। आर्कमिडीज ने उत्प्लावन का सिद्धांत दिया, अर्थात तरल में रखी वस्तु पर ऊपर की ओर उतना बल लगता है जितना उसके द्वारा विस्थापित तरल का भार होता है, और उत्तोलक का नियम भी दिया। ब्लेज पास्कल ने दिखाया कि बंद तरल पर लगाया गया दबाव सभी दिशाओं में बिना घटे संचरित होता है, यही नियम द्रवचालित प्रेस और द्रवचालित ब्रेक का आधार है। डेनियल बर्नूली ने बहते तरल के दबाव, चाल और ऊँचाई का संबंध बताया। रॉबर्ट हुक ने कहा कि प्रत्यास्थता सीमा के भीतर प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है।
भौतिकी: विद्युत, प्रकाश और आधुनिक युग
जॉर्ज ओम ने पाया कि स्थिर ताप पर किसी चालक से बहने वाली धारा उसके सिरों के विभवांतर के समानुपाती होती है, जिसे V बराबर I गुणा R लिखा जाता है। माइकल फैराडे ने विद्युत चुंबकीय प्रेरण तथा विद्युत अपघटन के नियम दिए, लेंज ने प्रेरित धारा की दिशा बताई, कूलॉम ने आवेशों के बीच बल का व्युत्क्रम वर्ग नियम, जूल ने धारा का ऊष्मीय प्रभाव, और किरचॉफ ने परिपथ के दो नियम दिए। विलेब्रोर्ड स्नेल ने प्रकाश के अपवर्तन का नियम दिया। आधुनिक युग में मैक्स प्लांक ने 1900 में ऊर्जा के क्वांटम की कल्पना दी, अल्बर्ट आइंस्टाइन ने 1905 में विशिष्ट आपेक्षिकता का सिद्धांत द्रव्यमान और ऊर्जा के संबंध के साथ प्रकाशित किया, प्रकाश विद्युत प्रभाव की व्याख्या की जिसके लिए उन्हें भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला, और 1915 में व्यापक आपेक्षिकता दी। आपेक्षिकता ही कारण है कि द्रव्यमान वाली कोई वस्तु निर्वात में प्रकाश की चाल तक त्वरित नहीं की जा सकती। वर्नर हाइजेनबर्ग ने अनिश्चितता का सिद्धांत और नील्स बोर ने क्वांटित कक्षाओं वाला परमाणु मॉडल दिया।
रसायन और परमाणु की संरचना
आधुनिक रसायन के जनक कहे जाने वाले एंटोनी लवॉज्ये ने द्रव्य संरक्षण का नियम दिया। बॉयल ने दिखाया कि स्थिर ताप पर गैस का आयतन दबाव के व्युत्क्रमानुपाती होता है, चार्ल्स ने कि स्थिर दबाव पर आयतन परम ताप के समानुपाती होता है, गे लुसाक ने दबाव के लिए वही संबंध, डाल्टन ने आंशिक दबाव का नियम तथा अपना परमाणु सिद्धांत, एवोगाद्रो ने कि समान ताप और दबाव पर गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, और ग्राहम ने कि गैस के विसरण की दर उसके घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है। दिमित्री मेंडलीफ ने अपने आवर्त नियम में तत्वों को बढ़ते परमाणु भार के क्रम में रखा, और हेनरी मोजले ने इस आधार को परमाणु संख्या में सुधारा। परमाणु के कणों से तीन नाम जुड़े हैं: जे जे थॉमसन ने 1897 में इलेक्ट्रॉन खोजा, अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने नाभिक पाया और प्रोटॉन को नाम दिया, तथा जेम्स चैडविक ने 1932 में न्यूट्रॉन खोजा।
जीव विज्ञान और चिकित्सा
ग्रेगर मेंडल ने उद्यान मटर पर कार्य करते हुए वंशागति के नियम दिए, अर्थात प्रभाविता, पृथक्करण और स्वतंत्र अपव्यूहन, और वे आनुवंशिकी के जनक कहे जाते हैं। चार्ल्स डार्विन ने 1859 की अपनी पुस्तक में प्राकृतिक चयन द्वारा विकास की व्याख्या की, जबकि लामार्क ने उपार्जित लक्षणों की वंशागति का तर्क दिया था। रॉबर्ट हुक ने 1665 में कोशिका सबसे पहले देखी और उसे नाम दिया, एंटन वान ल्यूवेनहॉक ने जीवित कोशिकाएँ देखीं, और श्लाइडेन तथा श्वान ने कोशिका सिद्धांत बनाया, जिसमें विर्चो ने जोड़ा कि कोशिका पहले से विद्यमान कोशिका से ही बनती है। लुई पाश्चर ने रोग का जीवाणु सिद्धांत और पाश्चुरीकरण दिया, एडवर्ड जेनर ने चेचक का टीका, अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने पेनिसिलिन, और वॉटसन तथा क्रिक ने आनुवंशिक पदार्थ की द्विकुंडलिनी संरचना बताई।
याद रखने योग्य भारतीय वैज्ञानिक
| वैज्ञानिक | कार्य या नियम | टिप्पणी |
|---|---|---|
| सी वी रमन | रमन प्रभाव, प्रकाश का प्रकीर्णन | भौतिकी का नोबेल पुरस्कार, 1930 |
| मेघनाद साहा | साहा आयनन समीकरण | तारों में तापीय आयनन |
| सत्येंद्र नाथ बोस | बोस सांख्यिकी, आइंस्टाइन के साथ | बोसॉन कण उनके नाम पर |
| होमी जहांगीर भाभा | इलेक्ट्रॉन वर्षा का कैस्केड सिद्धांत | भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के शिल्पी |
| विक्रम साराभाई | ब्रह्मांडीय किरण अनुसंधान | भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक |
| जगदीश चंद्र बसु | पौधों की अनुक्रिया; क्रेस्कोग्राफ | रेडियो तरंगों पर आरंभिक कार्य भी |
| सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर | श्वेत वामन के लिए चंद्रशेखर सीमा | भौतिकी का नोबेल पुरस्कार, 1983 |
| हरगोविंद खुराना | न्यूक्लिओटाइड संश्लेषण और आनुवंशिक कोड | नोबेल पुरस्कार, 1968 |
| श्रीनिवास रामानुजन | संख्या सिद्धांत, अनंत श्रेणियाँ | उनके जन्मदिन पर राष्ट्रीय गणित दिवस |
| प्रफुल्ल चंद्र राय | मरक्यूरस नाइट्राइट; हिंदू रसायन का इतिहास | भारतीय रसायन के जनक |
अंक दिलाने वाली तुरंत जोड़ियाँ
- जड़त्व के साथ न्यूटन का पहला नियम; उत्प्लावन के साथ आर्कमिडीज; द्रवचालित ब्रेक के साथ पास्कल; वायुयान के उठान और गेंद के घुमाव के साथ बर्नूली।
- इलेक्ट्रॉन के साथ थॉमसन, नाभिक और प्रोटॉन के साथ रदरफोर्ड, न्यूट्रॉन के साथ चैडविक, क्वांटित कक्षाओं के साथ बोर।
- परमाणु भार पर आवर्त सारणी के साथ मेंडलीफ, परमाणु संख्या के साथ मोजले।
- आनुवंशिकी के साथ मेंडल, प्राकृतिक चयन के साथ डार्विन, जीवाणु सिद्धांत के साथ पाश्चर, पेनिसिलिन के साथ फ्लेमिंग।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न लगभग सदैव एक से एक मिलान का होता है, इसलिए सिद्धांत के बजाय जोड़ियाँ तैयार करें। प्रश्नपत्र न्यूटन, आर्कमिडीज, पास्कल, ओम, फैराडे, बॉयल, चार्ल्स, मेंडल और डार्विन को, तथा भारतीयों में सी वी रमन, होमी भाभा, विक्रम साराभाई, जगदीश चंद्र बसु और एस चंद्रशेखर को वरीयता देते हैं। जाल निकट के नाम हैं: तीन कणों के लिए थॉमसन, रदरफोर्ड और चैडविक; आवर्त नियम के लिए मेंडलीफ और मोजले; विकास के लिए लामार्क और डार्विन; टीके के लिए जेनर और पाश्चर; गैस नियमों के लिए बॉयल और चार्ल्स। दूसरा प्रारूप उपयोग पूछता है: पास्कल के लिए द्रवचालित ब्रेक, बर्नूली के लिए वायुयान के पंख का उठान, आर्कमिडीज के लिए जहाज का तैरना। भारतीय वैज्ञानिकों के नोबेल वर्ष, रमन के लिए 1930 और चंद्रशेखर के लिए 1983, सीधे स्मरण के रूप में पूछे जाते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| गति और गुरुत्वाकर्षण के नियम | आइजक न्यूटन, प्रिंसिपिया, 1687 |
|---|---|
| ग्रहीय गति के नियम | योहानेस केप्लर: कक्षा, क्षेत्रफल और परिक्रमण काल |
| उत्प्लावन का सिद्धांत | आर्कमिडीज: उत्क्षेप विस्थापित तरल के भार के बराबर |
| बंद तरल में दबाव | पास्कल का नियम; द्रवचालित प्रेस और ब्रेक में उपयोग |
| धारा और विभवांतर | ओम का नियम: स्थिर ताप पर V बराबर I गुणा R |
| विद्युत चुंबकीय प्रेरण | माइकल फैराडे; दिशा लेंज के नियम से |
| आपेक्षिकता | अल्बर्ट आइंस्टाइन: विशिष्ट सिद्धांत 1905, व्यापक सिद्धांत 1915 |
| कणों की खोज | इलेक्ट्रॉन जे जे थॉमसन, 1897; न्यूट्रॉन चैडविक, 1932 |
| आवर्त नियम | मेंडलीफ परमाणु भार पर; मोजले परमाणु संख्या पर |
| वंशागति के नियम | ग्रेगर मेंडल: प्रभाविता, पृथक्करण, स्वतंत्र अपव्यूहन |
| रमन प्रभाव | सी वी रमन; भौतिकी का नोबेल पुरस्कार, 1930 |
| चंद्रशेखर सीमा | एस चंद्रशेखर; भौतिकी का नोबेल पुरस्कार, 1983 |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
किस सिद्धांत या नियम के अनुसार द्रव्यमान वाली कोई वस्तु रिक्त स्थान अर्थात निर्वात में प्रकाश की चाल जितनी तेज नहीं चल सकती?
- A.डाल्टन का नियम
- B.प्रकाश का कणिका सिद्धांत
- C.आपेक्षिकता का सिद्धांत
- D.हेनरी का नियम
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आइंस्टाइन के 1905 के विशिष्ट सिद्धांत में द्रव्यमान वाली वस्तु को त्वरित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा उसकी चाल प्रकाश की चाल के निकट पहुँचते ही असीम रूप से बढ़ती जाती है, इसलिए ऐसी वस्तु निर्वात में प्रकाश की चाल के पास आ सकती है पर उसे छू नहीं सकती…
पूरी व्याख्या पढ़ें →इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की?
- A.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- B.जे जे थॉमसन
- C.जेम्स चैडविक
- D.नील्स बोर
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वर्ष 1897 में विसर्जन नलिका में कैथोड किरणों पर कार्य करते हुए उन्होंने दिखाया कि ये किरणें ऋण आवेशित कणों की धारा हैं जो किसी भी परमाणु से बहुत हल्के हैं, और उन्होंने उनका आवेश द्रव्यमान अनुपात मापा, जिससे इलेक्ट्रॉन पहला ज्ञात अवपरमाणुक कण सिद्ध हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →न्यूट्रॉन की खोज 1932 में किस वैज्ञानिक ने की?
- A.जेम्स चैडविक
- B.यूजीन गोल्डस्टाइन
- C.मैक्स प्लांक
- D.वर्नर हाइजेनबर्ग
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बेरिलियम पर अल्फा कणों की बमबारी से उन्हें एक भेदक विकिरण मिला जो विद्युत या चुंबकीय क्षेत्र से मुड़ता नहीं था, और उन्होंने सिद्ध किया कि वह लगभग प्रोटॉन के द्रव्यमान वाले उदासीन कणों से बना है, जिसके लिए उन्हें भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ग्रहीय गति के तीन नियम किसने दिए?
- A.निकोलस कॉपरनिकस
- B.गैलीलियो गैलिली
- C.योहानेस केप्लर
- D.आइजक न्यूटन
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टायको ब्राहे के प्रेक्षणों पर कार्य करते हुए उन्होंने पाया कि ग्रह दीर्घवृत्त में चलता है जिसकी एक नाभि पर सूर्य है, सूर्य से ग्रह तक की रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है, और परिक्रमण काल का वर्ग सूर्य से औसत दूरी के घन के समानुपाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मोटरगाड़ी के द्रवचालित ब्रेक किस सिद्धांत पर कार्य करते हैं?
- A.आर्कमिडीज का सिद्धांत
- B.पास्कल का नियम
- C.बर्नूली का सिद्धांत
- D.हुक का नियम
उत्तर देखें
बंद द्रव पर लगाया दबाव प्रत्येक दिशा में समान रूप से और बिना घटे संचरित होता है, इसलिए ब्रेक के पतले मास्टर सिलिंडर पर लगा छोटा बल प्रत्येक पहिए के चौड़े पिस्टन पर बहुत बड़ा बल बनाता है, और इसी प्रकार द्रवचालित प्रेस तथा द्रवचालित लिफ्ट भी काम करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वंशागति के नियमों के लिए किसे आनुवंशिकी का जनक कहा जाता है?
- A.चार्ल्स डार्विन
- B.ग्रेगर मेंडल
- C.जीन बैप्टिस्ट लामार्क
- D.ह्यूगो डी व्रीज
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उद्यान मटर पर उनके प्रयोगों में उन्होंने बीज के आकार और पुष्प के रंग जैसे एकल लक्षणों को पीढ़ियों तक देखा, जिससे प्रभाविता, पृथक्करण तथा स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम मिले और यह सिद्ध हुआ कि वंशागति माता पिता के लक्षणों के मिश्रण से नहीं, पृथक कारकों से चलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओम के नियम के अनुसार स्थिर ताप पर किसी चालक से बहने वाली धारा
- A.उसके सिरों के विभवांतर के व्युत्क्रमानुपाती होती है
- B.उसके सिरों के विभवांतर के समानुपाती होती है
- C.उसके सिरों के विभवांतर से स्वतंत्र होती है
- D.उसके सिरों के विभवांतर के वर्ग के समानुपाती होती है
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ओम ने पाया कि स्थिर ताप पर किसी धात्विक चालक में विभवांतर और धारा का अनुपात एक नियतांक होता है, जो प्रतिरोध है, और इसे V बराबर I गुणा R लिखा जाता है, इसलिए वोल्टता दोगुनी करने पर धारा भी दोगुनी हो जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →परमाणु भार के स्थान पर बढ़ती परमाणु संख्या पर आधारित आवर्त नियम का श्रेय किसे दिया जाता है?
- A.दिमित्री मेंडलीफ
- B.हेनरी मोजले
- C.जॉन न्यूलैंड्स
- D.योहान डोबरेनर
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तत्वों की अभिलाक्षणिक एक्स किरणों के अध्ययन से उन्होंने दिखाया कि तत्व से तत्व तक नियमित रूप से बढ़ने वाली राशि नाभिकीय आवेश यानी परमाणु संख्या है, इसलिए आधुनिक आवर्त नियम कहता है कि गुण परमाणु संख्या के आवर्ती फलन हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सी वी रमन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार किस वर्ष मिला?
- A.1928
- B.1930
- C.1954
- D.1983
उत्तर देखें
रमन ने 1928 में घोषित किया कि पारदर्शी माध्यम से प्रकीर्णित प्रकाश में बदली हुई तरंगदैर्घ्य के घटक होते हैं, और यह परिवर्तन प्रकीर्णक अणुओं के ऊर्जा स्तर प्रकट करता है, जिसके लिए 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला और वे विज्ञान में नोबेल पाने वाले पहले एशियाई बने।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है?
- A.होमी जहांगीर भाभा
- B.विक्रम साराभाई
- C.सतीश धवन
- D.मेघनाद साहा
उत्तर देखें
ब्रह्मांडीय किरणों के इस भौतिकविद ने अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की, सरकार को समझाया कि निर्धन देश को संचार, मौसम और शिक्षा के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी चाहिए, थुंबा में राकेट प्रक्षेपण केंद्र बनवाया और वह संगठन खड़ा किया जो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन बना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किस सिद्धांत के अनुसार द्रव्यमान वाली कोई वस्तु प्रकाश की चाल तक नहीं पहुँच सकती?
विशिष्ट आपेक्षिकता का सिद्धांत, जो अल्बर्ट आइंस्टाइन ने 1905 में प्रकाशित किया। द्रव्यमान वाली वस्तु की चाल बढ़ने पर उसे और त्वरित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा असीम रूप से बढ़ती जाती है, इसलिए निर्वात में प्रकाश की चाल वह सीमा है जिसके निकट वस्तु पहुँच सकती है पर उसे छू नहीं सकती।
इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की खोज किसने की?
जे जे थॉमसन ने कैथोड किरणों पर कार्य करते हुए 1897 में इलेक्ट्रॉन खोजा, अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने नाभिक सिद्ध किया और प्रोटॉन को नाम दिया, तथा जेम्स चैडविक ने 1932 में न्यूट्रॉन खोजा। प्रश्नपत्र इन तीन नामों को एक समूह के रूप में पूछते हैं।
पास्कल का नियम रोजमर्रा की मशीनों में क्या समझाता है?
यह कि बंद द्रव के एक बिंदु पर लगाया दबाव प्रत्येक दूसरे बिंदु तक बिना घटे पहुँचता है। इसी से द्रवचालित प्रेस या ब्रेक सिलिंडर के पतले पिस्टन पर लगा छोटा बल चौड़े पिस्टन पर बड़ा बल पैदा करता है, और परीक्षा में यही मानक उपयोग पूछा जाता है।
मेंडल को आनुवंशिकी का जनक क्यों कहा जाता है?
क्योंकि उद्यान मटर पर उनके प्रजनन प्रयोगों ने, जो उन्नीसवीं शताब्दी के साठ के दशक में प्रकाशित हुए, सिद्ध किया कि लक्षण पृथक कारकों द्वारा ले जाए जाते हैं और प्रभाविता, पृथक्करण तथा स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम दिए, जिन्हें बाद के कार्य ने जीन का व्यवहार माना।
सी वी रमन को नोबेल पुरस्कार किस कार्य के लिए मिला?
रमन प्रभाव के लिए, अर्थात इस खोज के लिए कि पारदर्शी पदार्थ से प्रकीर्णित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य बदल जाती है, जिससे अणुओं के ऊर्जा स्तर प्रकट होते हैं। यह कार्य 1928 में घोषित हुआ और भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 1930 में मिला।
स्रोत
- विज्ञान (कक्षा नौ और कक्षा दस), गति, बल, गुरुत्वाकर्षण, विद्युत तथा आनुवंशिकता अध्याय — एनसीईआरटी
- भौतिकी भाग एक और दो (कक्षा ग्यारह), गति के नियम, गुरुत्वाकर्षण तथा ऊष्मागतिकी अध्याय — एनसीईआरटी
- रसायन विज्ञान भाग एक (कक्षा ग्यारह), परमाणु की संरचना तथा तत्वों का वर्गीकरण अध्याय — एनसीईआरटी





