मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

सामान्य विज्ञान पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित

Read in English

SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए सामान्य विज्ञान के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

154 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 09 Dec, 2025, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किसमें कणों के बीच सबसे प्रबल आकर्षण बल होता है?

  1. A.जल
  2. B.लोहे की छड़
  3. C.ऐल्कोहॉल
  4. D.ऑक्सीजन गैस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लोहे की छड़

व्याख्या

सही उत्तर है B, लोहे की छड़। लोहे की छड़ ठोस है, और कणों के बीच आकर्षण बल ठोस अवस्था में सर्वाधिक प्रबल होता है।

ठोस में कण एक दूसरे के अत्यंत निकट निश्चित स्थानों पर रहते हैं और केवल कंपन कर सकते हैं, इसलिए ठोस का आकार निश्चित रहता है, आयतन निश्चित होता है और वह लगभग असंपीड्य होता है। द्रव में आकर्षण कम होता है, अतः कण एक दूसरे पर सरक सकते हैं और द्रव आयतन बनाए रखते हुए पात्र का आकार ले लेता है। गैस में आकर्षण सबसे कम होता है और कण तेज गति से स्वतंत्र भ्रमण करते हैं, इसलिए गैस पूरे पात्र में फैल जाती है और सरलता से संपीडित हो जाती है। इसी क्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि ठोस का घनत्व सर्वाधिक और गैस का सबसे कम होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि जल द्रव है, जिसमें आकर्षण मध्यम होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि ऐल्कोहॉल भी द्रव है और जल से अधिक तेजी से वाष्पित होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि ऑक्सीजन गैस है, जिसमें कणों के बीच आकर्षण सबसे दुर्बल होता है।

परीक्षा टिप: आकर्षण बल ठोस > द्रव > गैस, और कणों की स्वतंत्रता इसका उल्टा क्रम रखती है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Dec, 2025, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी क्रिया सबसे अच्छी तरह दर्शाती है कि पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल होता है?

  1. A.स्पंज को दबाना
  2. B.जल में चीनी घोलना
  3. C.चॉक की छड़ तोड़ना
  4. D.बर्फ को गर्म करके जल बनाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चॉक की छड़ तोड़ना

व्याख्या

सही उत्तर है C, चॉक की छड़ तोड़ना। चॉक तोड़ने के लिए बल लगाना पड़ता है, क्योंकि उसके कण एक दूसरे को थामे रखते हैं, और यही खिंचाव कणों के बीच का आकर्षण बल है।

प्रत्येक पदार्थ कणों से बना है जो एक दूसरे को आकर्षित करते हैं, और इस आकर्षण की प्रबलता ही तय करती है कि किसी वस्तु को तोड़ना कितना कठिन है। यह आकर्षण ठोस में सर्वाधिक, द्रव में कम और गैस में सबसे कम होता है, इसी कारण लोहे की छड़ के लिए हथौड़ा चाहिए, जल को उँगली से अलग किया जा सकता है और वायु कोई प्रतिरोध नहीं करती। विद्यालय की वह क्रिया, जिसमें पहले चॉक, फिर पेंसिल और फिर लोहे की कील तोड़ने का प्रयास किया जाता है, विभिन्न ठोसों में इस बल का अंतर दिखाती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि स्पंज दबाने से केवल उसके छिद्रों की वायु बाहर निकलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि चीनी घुलना विसरण तथा कणों के बीच रिक्त स्थान दर्शाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि बर्फ गर्म करना अवस्था परिवर्तन दिखाता है।

परीक्षा टिप: कणों के बीच आकर्षण ठोस में सर्वाधिक, द्रव में कम और गैस में सबसे कम।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

‘विशिष्ट रोगवाहक - जनित रोग - रोगाणु के प्रकार’ के गलत समुच्चय का चयन कीजिए।

  1. A.एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु
  2. B.क्यूलेक्स - लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस - परजीवी
  3. C.एनोफ़िलीज़ - मलेरिया - परजीवी
  4. D.एडीस - डेंगू - विषाणु
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु

व्याख्या

सही उत्तर है A, एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु। यह समुच्चय गलत है, क्योंकि चिकुनगुनिया जीवाणु से नहीं, बल्कि विषाणु, यानी चिकुनगुनिया वायरस से होता है। यह एडीस मच्छरों से फैलता है, यानी वही दिन में काटने वाले मच्छर जो डेंगू और ज़ीका भी फैलाते हैं, और इसमें तेज़ बुखार के साथ जोड़ों में भयंकर दर्द होता है। यह नाम पूर्वी अफ्रीका की मकोंडे भाषा के एक शब्द से आया है, जिसका अर्थ है 'जो झुका दे', क्योंकि दर्द से मरीज़ झुककर चलने लगता है। एडीस कूलर, टायर, गमलों और टंकियों में जमा साफ पानी में पनपता है, इसीलिए मानसून के बाद डेंगू और चिकुनगुनिया के मामले बढ़ते हैं। विकल्प B सही समुच्चय है, क्योंकि क्यूलेक्स मच्छर लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस यानी हाथीपाँव फैलाता है, जो वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी जैसे परजीवी कृमियों से होता है। विकल्प C सही है, क्योंकि मादा एनोफिलीज़ मलेरिया फैलाती है, जो प्रोटोज़ोआ परजीवी प्लास्मोडियम से होता है। विकल्प D सही है, क्योंकि एडीस डेंगू भी फैलाता है, जो डेंगू वायरस से होता है। परीक्षा टिप: एडीस से डेंगू, चिकुनगुनिया और ज़ीका, तीनों विषाणु; एनोफिलीज़ से मलेरिया; क्यूलेक्स से फाइलेरिया और जापानी इंसेफेलाइटिस।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

निम्नलिखित में से किसमें परिवर्तन के कारण मोतियाबिन्द में आँखों का प्राकृतिक लेंस धुँधला हो जाता है?

  1. A.प्रोटीन
  2. B.कार्बोहाइड्रेट
  3. C.वसा
  4. D.अश्रु ग्रन्थि
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रोटीन

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रोटीन। आँख का लेंस मुख्य रूप से पानी और क्रिस्टलिन नाम के विशेष प्रोटीनों से बना होता है, जो इतने व्यवस्थित क्रम में जमे रहते हैं कि लेंस पारदर्शी रहता है और प्रकाश सीधे रेटिना तक पहुँचता है। उम्र बढ़ने के साथ, और मधुमेह, पराबैंगनी प्रकाश, धूम्रपान या चोट से और जल्दी, ये प्रोटीन टूटकर आपस में गुच्छे बना लेते हैं। ये गुच्छे प्रकाश को बिखेर देते हैं, जिससे लेंस धुँधला हो जाता है और दिखना धुँधला, मंद और चौंधयुक्त हो जाता है। लेंस का यही धुँधलापन मोतियाबिन्द है, और यह भारत में अंधेपन के प्रमुख कारणों में से एक है। इसका इलाज एक छोटे ऑपरेशन से होता है, जिसमें धुँधला लेंस हटाकर कृत्रिम इंट्राऑक्युलर लेंस लगाया जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि लेंस कार्बोहाइड्रेट में बदलाव से धुँधला नहीं होता, हालाँकि मधुमेह में रक्त शर्करा अधिक होने से प्रोटीन की क्षति तेज़ होती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वसा लेंस की पारदर्शी संरचना नहीं बनाती। विकल्प D गलत है, क्योंकि अश्रु ग्रन्थि आँख को नम रखती है और उसका लेंस से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: मोतियाबिन्द = प्रोटीन के गुच्छों से धुँधला लेंस; ग्लूकोमा = आँख के भीतर बढ़ा दबाव।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी मानव शरीर में सबसे छोटी मांसपेशी है?

  1. A.बाइसेप
  2. B.सार्टोरियस
  3. C.स्टेपीडियस
  4. D.ट्राइसेप
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्टेपीडियस

व्याख्या

सही उत्तर है C, स्टेपीडियस। लगभग 1 मिलीमीटर लंबी स्टेपीडियस मानव शरीर की सबसे छोटी कंकाल पेशी है। यह मध्य कर्ण में होती है और स्टेपीज से जुड़ी रहती है, जो स्वयं शरीर की सबसे छोटी हड्डी है। जब बहुत तेज़ आवाज़ कान तक पहुँचती है, तो स्टेपीडियस सिकुड़कर स्टेपीज के कंपन को कम कर देती है और नाज़ुक आंतरिक कर्ण की रक्षा करती है; इसे ध्वनिक प्रतिवर्त कहते हैं। इसे चेहरे की तंत्रिका (फेशियल नर्व) नियंत्रित करती है, इसलिए उस तंत्रिका को चोट लगने पर सामान्य आवाज़ें भी बहुत तेज़ और चुभने वाली लग सकती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाइसेप्स ऊपरी बाँह के आगे की बड़ी पेशी है, जो कोहनी को मोड़ती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि जाँघ पर तिरछी फैली सार्टोरियस शरीर की सबसे लंबी पेशी है, सबसे छोटी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऊपरी बाँह के पीछे की ट्राइसेप्स कोहनी को सीधा करती है और एक बड़ी पेशी है। परीक्षा टिप: सबसे छोटी पेशी स्टेपीडियस, सबसे छोटी हड्डी स्टेपीज, सबसे लंबी पेशी सार्टोरियस, सबसे बड़ी पेशी ग्लूटियस मैक्सिमस।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Feb 2025, Shift 1आसान

मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड एंटासिड और रेचक (लैक्सेटिव) दवाओं का एक आम घटक है, जिसे लोकप्रिय रूप से किस नाम से जाना जाता है?

  1. A.फ्यूज्ड मैग्नेशिया
  2. B.मिल्क ऑफ मैग्नेशिया
  3. C.मैग्नेशिया अल्बा
  4. D.कॉस्टिक-कैल्सीन्ड मैग्नेशिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिल्क ऑफ मैग्नेशिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, मिल्क ऑफ मैग्नेशिया। मिल्क ऑफ मैग्नेशिया पानी में मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, यानी Mg(OH)2, का दूधिया सफेद निलंबन है। यह एक हल्का क्षार है, इसलिए पेट में एसिडिटी और सीने की जलन पैदा करने वाले अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन कर देता है; इस क्रिया से मैग्नीशियम क्लोराइड और पानी बनते हैं। ज्यादा मात्रा में यह आंतों में पानी खींचता है और रेचक का काम करता है। यह एंटासिड उदासीनीकरण का किताबी उदाहरण है, जिसमें अम्ल और क्षार मिलकर लवण और पानी बनाते हैं। A गलत है क्योंकि फ्यूज्ड मैग्नेशिया विद्युत आर्क भट्टी में पिघलाया गया मैग्नीशियम ऑक्साइड है, जो भट्टियों की ताप-रोधी परत में काम आता है। C गलत है क्योंकि मैग्नेशिया अल्बा एक क्षारीय मैग्नीशियम कार्बोनेट है, जो सफेद पाउडर होता है। D गलत है क्योंकि कॉस्टिक-कैल्सीन्ड मैग्नेशिया कम तापमान पर गर्म करके बनाया गया मैग्नीशियम ऑक्साइड है, जो उद्योग और खेती में काम आता है। परीक्षा टिप: मिल्क ऑफ मैग्नेशिया यानी Mg(OH)2, एक एंटासिड क्षार, जो पेट के HCl को उदासीन करता है।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 04 Feb 2025, Shift 1मध्यम

माइकल फैराडे ने विद्युत चुंबकीय प्रेरण की खोज कब की थी, जो विद्युत ट्रांसफार्मर और जनरेटर का सिद्धांत है?

  1. A.1853
  2. B.1831
  3. C.1820
  4. D.1875
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1831

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1831। 1831 में ब्रिटिश वैज्ञानिक माइकल फैराडे ने दिखाया कि बदलता चुंबकीय क्षेत्र पास की कुंडली में विद्युत धारा पैदा करता है। उन्होंने तार की कुंडली में चुंबक को अंदर-बाहर किया और गैल्वेनोमीटर की सुई को हिलते देखा, और यह भी पाया कि लोहे के एक ही छल्ले पर लिपटी एक कुंडली में धारा चालू-बंद करने से दूसरी कुंडली में धारा प्रेरित होती है। इसे विद्युत चुंबकीय प्रेरण कहते हैं, और यही विद्युत जनरेटर (डायनमो) और ट्रांसफार्मर का कार्य-सिद्धांत है। धारिता की SI इकाई फैराड उन्हीं के नाम पर है। A गलत है क्योंकि 1853 इस खोज के बीस साल से भी ज्यादा बाद का वर्ष है। C गलत है क्योंकि 1820 में हंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड ने पाया था कि विद्युत धारा चुंबकीय क्षेत्र बनाती है, जो इसका उलटा प्रभाव है। D गलत है क्योंकि 1875 का इस खोज से कोई संबंध नहीं। परीक्षा टिप: ओर्स्टेड 1820, धारा से चुंबकत्व; फैराडे 1831, बदलते चुंबकत्व से धारा।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 04 Feb 2025, Shift 2आसान

कपड़ा उद्योग में कपड़े को सफेद करने (या रंग हटाने) के लिए किस रसायन का उपयोग किया जाता है?

  1. A.सोडियम कार्बोनेट
  2. B.सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट
  3. C.कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
  4. D.कैल्शियम क्लोराइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड

व्याख्या

सही उत्तर है C, कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड। कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl2) ही ब्लीचिंग पाउडर है, और इससे निकलने वाली क्लोरीन कपड़ा उद्योग में सूती और लिनन कपड़ों का रंग हटाती है। इसे सूखे बुझे चूने, यानी Ca(OH)2, पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके बनाया जाता है। पानी या तनु अम्ल के साथ क्रिया करने पर यह क्लोरीन छोड़ता है, और यह क्लोरीन रंग वाले पदार्थों का ऑक्सीकरण करके उन्हें रंगहीन बना देती है। ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग कागज मिलों में लकड़ी की लुगदी को सफेद करने और पीने के पानी को कीटाणुरहित करने में भी होता है, इसलिए इसमें क्लोरीन की गंध आती है। A गलत है क्योंकि सोडियम कार्बोनेट धोने का सोडा है, जो पानी की स्थायी कठोरता दूर करने और कांच बनाने में काम आता है। B गलत है क्योंकि सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट खाने का सोडा है, जो खाना पकाने और एंटासिड में काम आता है। D गलत है क्योंकि कैल्शियम क्लोराइड नमी सोखने वाला शुष्कन कारक है, विरंजक नहीं। परीक्षा टिप: ब्लीचिंग पाउडर CaOCl2, धोने का सोडा Na2CO3·10H2O, खाने का सोडा NaHCO3।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का मुख्य स्थल है?

  1. A.लवक
  2. B.लाइसोसोम
  3. C.माइटोकॉन्ड्रिया
  4. D.गॉल्जी उपकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गॉल्जी उपकरण

व्याख्या

सही उत्तर है D, गॉल्जी उपकरण। गॉल्जी उपकरण वह मुख्य स्थान है जहाँ ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड बनते हैं। यह चपटी, तश्तरी जैसी थैलियों (सिस्टर्नी) का ढेर होता है, जिसका पहला वर्णन 1898 में कैमिलो गॉल्जी ने किया था। अंतर्द्रव्यी जालिका पर बने प्रोटीन गॉल्जी तक पहुँचते हैं, जहाँ उनमें शर्करा जोड़ी जाती है, और फिर उन्हें पुटिकाओं में भरकर कोशिका के अंदर या बाहर भेजा जाता है। इसीलिए गॉल्जी को कोशिका का पैकेजिंग और प्रेषण केंद्र कहा जाता है, और यह लाइसोसोम बनाने में भी मदद करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लवक, जैसे हरितलवक, पादप कोशिकाओं में प्रकाश संश्लेषण करते हैं या भोजन और वर्णक जमा करते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि लाइसोसोम पाचक एंज़ाइमों की छोटी थैलियाँ हैं और इन्हें कोशिका की आत्मघाती थैली कहते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा बनाते हैं और कोशिका का पावरहाउस कहलाते हैं। परीक्षा टिप: गॉल्जी यानी पैकेजिंग और शर्करा जोड़ना; माइटोकॉन्ड्रिया यानी ATP; लाइसोसोम यानी आत्मघाती थैली।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1आसान

मानव DNA की द्विकुंडलित संरचना में क्षार एडेनिन निम्नलिखित में से किस क्षार के साथ दो हाइड्रोजन बंध बनाकर क्षार-युग्म बनाता है?

  1. A.ग्वानिन
  2. B.साइटोसिन
  3. C.थाइमिन
  4. D.हिस्टोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थाइमिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, थाइमिन। DNA में एडेनिन हमेशा थाइमिन के साथ दो हाइड्रोजन बंधों से जुड़ता है, और ग्वानिन साइटोसिन के साथ तीन बंधों से। इसे पूरक क्षार-युग्मन कहते हैं, और इसी कारण DNA का एक सूत्र दूसरे की नकल बनाने में काम आता है। द्विकुंडली मॉडल 1953 में जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने रोज़ालिंड फ्रैंकलिन की एक्स-रे तस्वीरों की मदद से दिया था। एडेनिन और ग्वानिन दो वलय वाले प्यूरीन हैं, जबकि थाइमिन और साइटोसिन एक वलय वाले पिरिमिडीन हैं, इसलिए हर जोड़े की चौड़ाई बराबर रहती है और कुंडली एक-सी बनी रहती है। RNA में थाइमिन की जगह यूरेसिल होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्वानिन भी एडेनिन की तरह प्यूरीन है और साइटोसिन से जोड़ा बनाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि साइटोसिन तीन हाइड्रोजन बंधों से ग्वानिन के साथ जुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हिस्टोन एक प्रोटीन है, जिसके चारों ओर गुणसूत्रों में DNA लिपटा रहता है; यह क्षार है ही नहीं। परीक्षा टिप: A की जोड़ी T से दो बंधों से, G की C से तीन बंधों से; RNA में T की जगह U होता है।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024आसान

एक एम्पीयर ________ के बराबर है।

  1. A.एक कूलंब प्रति सेकंड
  2. B.एक वोल्ट प्रति सेकंड
  3. C.एक जूल प्रति कूलंब
  4. D.एक सेकंड प्रति कूलंब आवेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एक कूलंब प्रति सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर है A, एक कूलंब प्रति सेकंड। विद्युत धारा आवेश के प्रवाह की दर है, जिसे I = Q/t लिखा जाता है, इसलिए जब किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से एक सेकंड में एक कूलंब आवेश गुज़रता है, तो धारा एक एम्पीयर होती है। एक कूलंब आवेश लगभग 6.25 × 10^18 इलेक्ट्रॉनों के आवेश के बराबर होता है, इसलिए छोटी सी धारा में भी बहुत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉन चलते हैं। एम्पीयर सात मूल SI मात्रकों में से एक है और इसका नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिक आंद्रे-मारी एम्पीयर के नाम पर रखा गया है। धारा को एमीटर से मापा जाता है, जिसे परिपथ में हमेशा श्रेणीक्रम में लगाया जाता है, और छोटी धाराएँ मिलीएम्पीयर या माइक्रोएम्पीयर में बताई जाती हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि वोल्ट प्रति सेकंड धारा का मात्रक नहीं है; वोल्ट विभवांतर मापता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि एक जूल प्रति कूलंब एक वोल्ट की परिभाषा है, जो विभवांतर का मात्रक है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सेकंड प्रति कूलंब धारा का उल्टा है और किसी मात्रक के रूप में प्रयोग नहीं होता। परीक्षा टिप: एम्पीयर = कूलंब प्रति सेकंड, वोल्ट = जूल प्रति कूलंब, ओम = वोल्ट प्रति एम्पीयर।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 25 Nov 2024, Shift 1आसान

इलेक्ट्रिक प्रेस (इस्त्री), इलेक्ट्रिक टोस्टर, इलेक्ट्रिक ओवन, इलेक्ट्रिक केतली और इलेक्ट्रिक हीटर जैसे उपकरण विद्युत धारा के किस प्रभाव पर आधारित हैं?

  1. A.रासायनिक प्रभाव
  2. B.चुंबकीय प्रभाव
  3. C.शारीरिक (फिजियोलॉजिकल) प्रभाव
  4. D.तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव

व्याख्या

सही उत्तर है D, तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव। इस्त्री, टोस्टर, ओवन, केतली और हीटर में अधिक प्रतिरोध वाली कुंडली से धारा बहने पर विद्युत ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है। इसे जूल का तापन नियम समझाता है: उत्पन्न ऊष्मा H = I²Rt, यानी ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय के अनुपात में बढ़ती है। हीटर की कुंडली नाइक्रोम (निकेल और क्रोमियम की मिश्रधातु) से बनती है, क्योंकि इसका प्रतिरोध अधिक होता है और लाल गर्म होने पर भी यह न पिघलती है, न आसानी से ऑक्सीकृत होती है। बिजली का फ्यूज़ और फिलामेंट वाला बल्ब भी इसी प्रभाव पर काम करते हैं। A गलत है क्योंकि धारा का रासायनिक प्रभाव विद्युत लेपन और बैटरी चार्ज करने में काम आता है। B गलत है क्योंकि चुंबकीय प्रभाव से बिजली की घंटी, पंखे, मोटर और विद्युत चुंबक चलते हैं। C गलत है क्योंकि शारीरिक प्रभाव वह झटका या मांसपेशियों की ऐंठन है जो धारा जीवित शरीर में पैदा करती है। परीक्षा टिप: H = I²Rt; हीटर कुंडली = नाइक्रोम, बल्ब फिलामेंट = टंगस्टन, फ्यूज़ तार = कम गलनांक वाली टिन-सीसा मिश्रधातु।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 28 Nov 2024, Shift 1आसान

मानव नेत्र के निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) को किसके उपयोग से ठीक किया जा सकता है?

  1. A.उपयुक्त क्षमता का उभयोत्तल लेंस
  2. B.एक सादी काँच की प्लेट
  3. C.उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस
  4. D.उपयुक्त क्षमता का उत्तल लेंस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस

व्याख्या

सही उत्तर है C, उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस। अवतल लेंस आँख में जाने से पहले प्रकाश किरणों को थोड़ा फैला देता है, जिससे प्रतिबिंब खिसककर ठीक रेटिना पर बनने लगता है। निकट-दृष्टि दोष में व्यक्ति को पास की वस्तुएँ साफ दिखती हैं पर दूर की वस्तुएँ धुँधली दिखती हैं। ऐसा तब होता है जब नेत्रगोलक लंबा हो जाए या नेत्र लेंस अधिक मुड़ा हुआ हो, जिससे दूर की वस्तु की किरणें रेटिना से पहले ही मिल जाती हैं। अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है, इसलिए मायोपिया के चश्मे पर -2.0 D (डायोप्टर) जैसी माइनस संख्या लिखी होती है। A गलत है क्योंकि उभयोत्तल लेंस किरणों को पास लाता है और धुँधलापन और बढ़ा देगा। B गलत है क्योंकि सादी काँच की प्लेट की कोई क्षमता नहीं होती, वह किरणों के मिलने की जगह नहीं बदलती। D गलत है क्योंकि उत्तल लेंस दूर-दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) ठीक करता है, जिसमें प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है। परीक्षा टिप: मायोपिया = अवतल (माइनस) लेंस; हाइपरमेट्रोपिया = उत्तल (प्लस) लेंस; बुढ़ापे का जरादूरदृष्टि दोष = द्विफोकसी लेंस; अबिंदुकता = बेलनाकार लेंस।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 27 Nov 2024, Shift 3आसान

एड्रेनालिन हार्मोन किस ग्रंथि से स्रावित होता है?

  1. A.थायरॉइड ग्रंथि
  2. B.अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि
  3. C.पीनियल ग्रंथि
  4. D.पीयूष (पिट्यूटरी) ग्रंथि
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि

व्याख्या

सही उत्तर है B, अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि। एड्रेनालिन अधिवृक्क ग्रंथियाँ बनाती हैं, जो दोनों गुर्दों के ऊपर टोपी की तरह बैठी होती हैं। डर, गुस्से या अचानक खतरे में यह हार्मोन निकलता है, इसलिए इसे "लड़ो या भागो" हार्मोन कहा जाता है। यह दिल की धड़कन और साँस की गति बढ़ाता है, रक्त में शर्करा बढ़ाता है और मांसपेशियों तक ज़्यादा खून भेजता है ताकि शरीर तुरंत प्रतिक्रिया कर सके। एड्रेनालिन ग्रंथि के भीतरी भाग, अधिवृक्क मेडुला, से निकलता है; बाहरी भाग, कॉर्टेक्स, कॉर्टिसोल और एल्डोस्टेरोन बनाता है। A गलत है क्योंकि गर्दन में स्थित थायरॉइड ग्रंथि थायरॉक्सिन बनाती है, जो उपापचय को नियंत्रित करता है और जिसके लिए आयोडीन ज़रूरी है। C गलत है क्योंकि मस्तिष्क की पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन बनाती है, जो सोने-जागने का चक्र नियंत्रित करता है। D गलत है क्योंकि पीयूष ग्रंथि वृद्धि हार्मोन बनाती है और कई दूसरी ग्रंथियों को नियंत्रित करती है, इसलिए उसे मास्टर ग्रंथि कहते हैं। परीक्षा टिप: अधिवृक्क = एड्रेनालिन (आपातकालीन हार्मोन), थायरॉइड = थायरॉक्सिन (उपापचय), अग्न्याशय = इंसुलिन (रक्त शर्करा), पीयूष = मास्टर ग्रंथि।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 17 Dec 2024, Shift 2मध्यम

धोने के सोडे (washing soda) का आणविक सूत्र क्या है?

  1. A.NaHCO₃
  2. B.Na₂CO₃·10H₂O
  3. C.Na₂CO₃
  4. D.NaCl
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. Na₂CO₃·10H₂O

व्याख्या

सही उत्तर है B, Na₂CO₃·10H₂O। धोने का सोडा सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट है: सोडियम कार्बोनेट की हर इकाई के साथ क्रिस्टलन जल के दस अणु जुड़े होते हैं। इसे साधारण नमक से कई चरणों में बनाया जाता है: बेकिंग सोडा को गर्म करने पर निर्जल सोडियम कार्बोनेट (सोडा ऐश) मिलता है, जिसे पानी में दोबारा क्रिस्टलित करने पर धोने के सोडे के क्रिस्टल बनते हैं। यह क्षारीय लवण है और सफ़ाई, काँच, साबुन और कागज़ उद्योग तथा पानी की स्थायी कठोरता दूर करने में काम आता है। पेपर सेटर इन मिलते-जुलते यौगिकों को विकल्पों में साथ-साथ रखते हैं, इसलिए इन्हें एक साथ याद करें। A गलत है क्योंकि NaHCO₃ बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट) है, जो खाना पकाने और एंटासिड में काम आता है। C गलत है क्योंकि बिना पानी वाला Na₂CO₃ सोडा ऐश है, धोने के सोडे के क्रिस्टल नहीं। D गलत है क्योंकि NaCl साधारण नमक है, जिससे ये सब बनाए जाते हैं। परीक्षा टिप: NaCl → NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) → Na₂CO₃ (सोडा ऐश) → Na₂CO₃·10H₂O (धोने का सोडा)।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 17 Dec 2024, Shift 1आसान

खतरे के संकेत प्रायः लाल रंग के क्यों होते हैं?

  1. A.लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य अधिक होती है और उसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है, इसलिए वह दूर से दिखाई देता है।
  2. B.लाल प्रकाश अन्य रंगों की तुलना में अधिक परावर्तित होता है।
  3. C.लाल प्रकाश को कृत्रिम रूप से बनाना आसान है।
  4. D.लाल रंग देखने में सुंदर लगता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य अधिक होती है और उसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है, इसलिए वह दूर से दिखाई देता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य अधिक होती है और उसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है, इसलिए वह दूर से दिखाई देता है। दृश्य प्रकाश में लाल रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक (लगभग 700 nm) होती है, इसलिए हवा, कोहरे, धुएँ और धूल के सूक्ष्म कण उसे सबसे कम बिखेरते हैं। ऐसा प्रकाश बिना धुँधला हुए दूर तक जाता है और दूर से दिख जाता है, जो खतरे के संकेत के लिए ज़रूरी है। यह रैले प्रकीर्णन का नियम है: तरंगदैर्ध्य जितनी छोटी, प्रकीर्णन उतना अधिक। इसी से समझ आता है कि साफ़ आसमान नीला क्यों दिखता है, क्योंकि नीला प्रकाश सबसे अधिक बिखरता है, और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय सूरज लाल क्यों दिखता है। B गलत है क्योंकि लाल प्रकाश दूसरे रंगों से अधिक परावर्तित नहीं होता। C गलत है क्योंकि किसी रंग को बनाना कितना आसान है, इसका संकेत में उसके उपयोग से कोई संबंध नहीं है। D गलत है क्योंकि सुंदरता कोई वैज्ञानिक कारण नहीं है। परीक्षा टिप: सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य = सबसे कम प्रकीर्णन = खतरे का लाल संकेत; सबसे छोटी तरंगदैर्ध्य = सबसे अधिक प्रकीर्णन = नीला आसमान।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 2आसान

सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर कौन-सी धातु रखी गई है?

  1. A.ताँबा
  2. B.लोहा
  3. C.चाँदी
  4. D.पोटैशियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पोटैशियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, पोटैशियम। सक्रियता श्रेणी में धातुओं को सबसे अधिक क्रियाशील से सबसे कम क्रियाशील के क्रम में रखा जाता है, और पोटैशियम सबसे ऊपर है क्योंकि वह अपना एकमात्र बाहरी इलेक्ट्रॉन सबसे आसानी से खो देता है। यह ठंडे पानी से इतनी तेज़ी से अभिक्रिया करता है कि निकलने वाली हाइड्रोजन आग पकड़ लेती है, इसलिए पोटैशियम को मिट्टी के तेल (केरोसिन) में रखा जाता है। सामान्य क्रम है: K, Na, Ca, Mg, Al, Zn, Fe, Pb, (H), Cu, Hg, Ag, Au। ऊपर वाली धातु नीचे वाली धातु को उसके लवण के घोल से हटा देती है; इसीलिए नीले कॉपर सल्फेट के घोल में रखी लोहे की कील पर ताँबे की भूरी परत चढ़ जाती है। हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएँ तनु अम्ल से हाइड्रोजन गैस देती हैं, नीचे वाली नहीं। A गलत है क्योंकि ताँबा हाइड्रोजन से नीचे है और तनु अम्ल से अभिक्रिया नहीं करता। B गलत है क्योंकि लोहा श्रेणी के बीच में है। C गलत है क्योंकि चाँदी लगभग सबसे नीचे, सोने से ठीक ऊपर है। परीक्षा टिप: सबसे ऊपर पोटैशियम, सबसे नीचे सोना; K और Na केरोसिन में रखे जाते हैं।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 1आसान

विद्युत मोटर में धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित में से किस नियम का उपयोग किया जाता है?

  1. A.एम्पियर का नियम
  2. B.दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम
  3. C.फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम
  4. D.फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम। यह नियम चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल, यानी उसकी गति की दिशा बताता है, और मोटर की कुंडली इसी बल से घूमती है। बाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को इस तरह फैलाइए कि तीनों एक-दूसरे के लंबवत रहें। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में और मध्यमा धारा की दिशा में हो, तो अंगूठा बल की दिशा बताता है। जब धारा चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत हो, तब बल सबसे अधिक होता है। A गलत है क्योंकि एम्पियर का नियम किसी बंद लूप के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र को उससे गुज़रने वाली धारा से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम सीधे धारावाही तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा बताता है। C गलत है क्योंकि फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम जनित्र (जनरेटर) में प्रेरित धारा की दिशा बताता है। परीक्षा टिप: मोटर के लिए बायाँ हाथ, जनरेटर के लिए दायाँ हाथ; तर्जनी = क्षेत्र, मध्यमा = धारा, अंगूठा = गति।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया मीथेन के दहन को दर्शाती है?

  1. A.CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O
  2. B.CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl
  3. C.CH₄ + O₂ → CO + H₂O
  4. D.CH₄ + H₂O → CO + H₂
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O

व्याख्या

सही उत्तर है A, CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O। दहन का अर्थ है ऑक्सीजन में जलना, और मीथेन के पूर्ण दहन से कार्बन डाइऑक्साइड, पानी, ऊष्मा और प्रकाश मिलते हैं। यह समीकरण संतुलित है: दोनों ओर एक कार्बन, चार हाइड्रोजन और चार ऑक्सीजन परमाणु हैं। मीथेन सबसे सरल हाइड्रोकार्बन है और प्राकृतिक गैस, CNG तथा बायोगैस की मुख्य गैस है; इसीलिए यह चूल्हों और वाहनों में साफ़ नीली लौ के साथ जलती है। ऑक्सीजन कम हो तो दहन अपूर्ण होता है और कार्बन डाइऑक्साइड की जगह ज़हरीली कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है। B गलत है क्योंकि यह प्रतिस्थापन अभिक्रिया है: सूर्य के प्रकाश में क्लोरीन मीथेन के एक हाइड्रोजन की जगह ले लेती है, कुछ जलता नहीं। C गलत है क्योंकि यह संतुलित नहीं है और इसमें अपूर्ण दहन वाली कार्बन मोनोऑक्साइड दिखाई गई है। D गलत है क्योंकि मीथेन की भाप (ऑक्सीजन नहीं) से अभिक्रिया कराकर कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन बनाना 'स्टीम रिफॉर्मिंग' है, जिससे उद्योग में हाइड्रोजन बनाई जाती है। परीक्षा टिप: किसी भी हाइड्रोकार्बन का पूर्ण दहन = CO₂ + H₂O + ऊर्जा।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper I, 7 Jul 2024मध्यम

पर्वतारोहियों की नाक से ऊँचाई पर खून बहने लगता है, क्योंकि:

  1. A.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।
  2. B.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से कम हो जाता है।
  3. C.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब के बराबर हो जाता है।
  4. D.अधिक ऊँचाई पर रक्त गाढ़ा हो जाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है। बहुत ऊँचाई पर हवा विरल होती है, इसलिए शरीर पर पड़ने वाला वायुमंडलीय दाब समुद्र तल की तुलना में काफी कम हो जाता है। पर रक्त वाहिकाओं के अंदर खून का दाब लगभग पहले जितना ही रहता है। नाक की रक्त वाहिकाएँ बहुत महीन होती हैं और सतह के पास रहती हैं, इसलिए जब उनके अंदर का दाब बाहर के दाब से अधिक हो जाता है, तो उनमें से कुछ फट जाती हैं और नाक से खून आने लगता है। पहाड़ों की ठंडी और सूखी हवा से नाक की भीतरी परत भी आसानी से फटती है। वायु दाब कम होने से ही पहाड़ों पर पानी 100 °C से कम पर उबलता है और खाना देर से पकता है। B गलत है क्योंकि वाहिकाओं के अंदर का दाब बाहर से कम नहीं, अधिक हो जाता है। C गलत है क्योंकि दाब बराबर होने पर वाहिकाओं को फाड़ने वाला कोई धक्का नहीं बनता। D गलत है क्योंकि ऊँचाई पर खून इतना गाढ़ा नहीं होता कि नाक से खून बहे। परीक्षा टिप: अधिक ऊँचाई – कम वायु दाब – रक्त वाहिकाओं का दाब अपेक्षाकृत अधिक – नाक से खून।