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GK नोट्सभारतीय इतिहासयूरोपीय कंपनियों का आगमन

यूरोपीय कंपनियों का आगमन: कंपनियाँ और युद्ध

भारत में यूरोपीय कंपनियों के आगमन के पूर्ण नोट्स: पुर्तगाली, डच, अंग्रेज, डेनिश और फ्रांसीसी कंपनियाँ, उनकी फैक्ट्रियाँ, गवर्नर तथा कर्नाटक युद्ध।

लेखक · प्रकाशित · 4 मिनट

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यूरोपीय कंपनियों का आगमन: कंपनियाँ और युद्ध — GK24 title card
यूरोपीय कंपनियों का आगमन: कंपनियाँ और युद्ध — GK24 title card

यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों के आगमन ने भारतीय इतिहास की दिशा बदल दी। सदियों तक भारत और यूरोप के बीच मसालों का व्यापार अरब व्यापारियों तथा इटली के नगर राज्यों से होकर जाता था; जब 1453 में कुस्तुनतुनिया पर तुर्कों के अधिकार ने उस मार्ग को महँगा कर दिया तो पुर्तगाल और स्पेन ने अपना समुद्री मार्ग खोजा। वास्को द गामा 17 मई 1498 को कालीकट पहुँचा, जिसे अरब सागर पार कराने में गुजरात के एक मार्गदर्शक ने सहायता की थी, और कालीकट के जमोरिन ने उसका स्वागत किया। उस यात्रा ने डेढ़ सौ वर्ष लंबी उस होड़ को जन्म दिया जिसमें पाँच यूरोपीय राष्ट्रों ने भारत में कंपनियाँ बनाईं और उनमें से केवल एक शासक बनकर उभरा।

पुर्तगाली

पुर्तगाली सबसे पहले आए और सबसे बाद में गए। 1505 में आने वाला फ्रांसिस्को द अल्मेडा भारत में पहला पुर्तगाली गवर्नर था, और उसकी नीली जल नीति समुद्र पर प्रभुत्व चाहती थी, भीतरी भूभाग पर नहीं। 1509 से 1515 तक गवर्नर रहा अल्फांसो द अल्बुकर्क पुर्तगाली सत्ता का वास्तविक संस्थापक माना जाता है; उसने 1510 में बीजापुर के यूसुफ आदिल शाह से गोवा छीना और कार्ताज़ नामक वह परवाना लागू किया जो हर भारतीय जहाज को खरीदना पड़ता था। नीनो द कुन्हा ने 1530 में राजधानी कोचीन से गोवा स्थानांतरित की। 1534 में बसीन और 1535 में दीव पुर्तगालियों को मिले, उसके बाद दमन भी। वे भारत में तंबाकू और आलू लाए तथा 1556 में गोवा में पहला छापाखाना लगाया। धार्मिक असहिष्णुता, 1580 से 1640 तक पुर्तगाल और स्पेन के राजमुकुटों का एक हो जाना, ब्राज़ील का आकर्षण तथा अधिक शक्तिशाली प्रतिद्वंद्वियों के आगमन ने उनका व्यापारिक प्रभुत्व समाप्त कर दिया, यद्यपि गोवा, दमन और दीव 1961 तक पुर्तगाली रहे।

डच

डच ईस्ट इंडिया कंपनी, अर्थात यूनाइटेड ईस्ट इंडिया कंपनी, 1602 में नीदरलैंड की संसद के चार्टर से बनी। उसकी पहली भारतीय फैक्ट्री 1605 में मसूलीपट्टनम में खुली, उसके बाद 1610 में पुलीकट, 1616 में सूरत, बंगाल में चिनसुरा, नागपट्टनम और कोचीन। पुलीकट दक्षिण में उनकी मुख्य बस्ती थी और वहीं वे सोने का पैगोडा सिक्का ढालते थे। डच रुचि मुख्यतः इंडोनेशिया के मसाला द्वीपों में थी और भारत में वे नील, शोरा, कच्चे रेशम तथा कपड़े का व्यापार करते थे। 1759 के बेदरा युद्ध में अंग्रेजों ने उनकी भारतीय महत्वाकांक्षाएँ समाप्त कर दीं।

अंग्रेज

महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम ने 31 दिसंबर 1600 को अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी को राजकीय चार्टर दिया, जिससे उसे पूर्व के व्यापार का एकाधिकार मिला। कैप्टन विलियम हॉकिन्स 1608 में जहाँगीर के दरबार पहुँचा, और जेम्स प्रथम का राजदूत सर टॉमस रो 1615 से 1619 तक भारत में रहा तथा कंपनी के लिए आवश्यक शाही अनुमति प्राप्त की। अंग्रेजों ने 1612 में स्वैली में पुर्तगालियों को हराया और 1613 में सूरत में फैक्ट्री खोली। 1639 में फ्रांसिस डे ने मद्रास में फोर्ट सेंट जॉर्ज बनवाया। बंबई 1661 में कैथरीन ऑफ ब्रगांज़ा के दहेज के रूप में चार्ल्स द्वितीय को मिली और 1668 में दस पाउंड वार्षिक किराए पर कंपनी को सौंप दी गई। जॉब चारनॉक 1690 में सूतानुटी में बसा और कलकत्ता का केंद्र फोर्ट विलियम 1700 में पूरा हुआ।

डेनिश और फ्रांसीसी

डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी 1616 में बनी और उसने 1620 में ट्रांकेबार तथा 1755 में सीरामपुर में अपनी बस्तियाँ बसाईं, जिसे वह फ्रेडरिकनगोर कहती थी। डेनिश कभी राजनीतिक शक्ति नहीं बने और उन्होंने 1845 में अपनी भारतीय संपत्तियाँ अंग्रेजों को बेच दीं। फ्रांसीसी सबसे बाद में आए और सबसे खतरनाक प्रतिद्वंद्वी सिद्ध हुए। कोलबर्ट ने 1664 में लुई चौदहवें के शासन में फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी को राज्य समर्थित उद्यम के रूप में स्थापित किया। फ्रांसुआ कैरों ने 1668 में सूरत में पहली फ्रांसीसी फैक्ट्री खोली; 1669 में मसूलीपट्टनम आया, 1674 में फ्रांसुआ मार्टिन ने पांडिचेरी बसाई और 1690 में बंगाल में चंद्रनगर।

आंग्ल फ्रांसीसी संघर्ष

कंपनीस्थापनाभारत में पहली फैक्ट्री
पुर्तगाली एस्तादो द इंडिया1498 की यात्राकोचीन, 1500 से 1503
डच ईस्ट इंडिया कंपनी1602मसूलीपट्टनम, 1605
अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी1600सूरत, 1613
डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी1616ट्रांकेबार, 1620
फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी1664सूरत, 1668

तीन कर्नाटक युद्धों ने प्रश्न का निपटारा किया। पहला, 1746 से 1748 तक, यूरोप के आस्ट्रिया उत्तराधिकार युद्ध से निकला और इसमें ला बूर्दोने के नेतृत्व में फ्रांसीसियों ने मद्रास लिया तथा सेंट थोमे में कर्नाटक के नवाब को हराया; यह एक्स ला शापेल की संधि से समाप्त हुआ जिसने मद्रास अंग्रेजों को लौटा दिया। दूसरा, 1749 से 1754 तक, हैदराबाद और कर्नाटक में प्रतिद्वंद्वी दावेदारों का युद्ध था और डुप्ले की वापसी के साथ समाप्त हुआ। तीसरा, 1758 से 1763 तक, 1760 के वांडीवाश युद्ध में तय हुआ जहाँ सर आयर कूट ने काउंट द लाली को हराया, और पेरिस की संधि ने फ्रांसीसियों के पास व्यापारिक कोठियाँ तो छोड़ीं किंतु किलेबंदी और अपनी सेना नहीं। इसी बीच 1757 के प्लासी युद्ध और 1764 के बक्सर युद्ध ने अंग्रेजों को बंगाल का स्वामी बना दिया, और 1765 की इलाहाबाद संधि ने कंपनी को बंगाल, बिहार तथा ओडिशा की दीवानी सौंप दी। एक व्यापारिक कंपनी अब भूभागीय शक्ति बन चुकी थी।

परीक्षा की दृष्टि से

परीक्षक वर्ष और प्रथम पूछते हैं: 1498, 1600, 1602, 1613, 1616, 1664 और 1674, तथा किस बस्ती को किसने बसाया। सबसे पसंदीदा जाल ये हैं कि अल्मेडा के स्थान पर अल्बुकर्क को पहला पुर्तगाली गवर्नर बता देना, जेम्स प्रथम का राजदूत हॉकिन्स को कह देना जबकि राजदूत सर टॉमस रो था, तथा डेनिश ट्रांकेबार और सीरामपुर को डच चिनसुरा और पुलीकट से गड्डमड्ड कर देना। मिलान वाले प्रश्न बस्ती और राष्ट्र की जोड़ी बनाते हैं, इसलिए चंद्रनगर और माहे को फ्रांसीसी, नागपट्टनम और कोचीन को डच तथा बसीन और दमन को पुर्तगाली पढ़ना चाहिए। चार्टर की तिथि के अनुसार आगमन क्रम और तीन कर्नाटक युद्ध, जिनमें वांडीवाश निर्णायक है, लगभग हर वर्ष पूछे जाते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

भारत का समुद्री मार्गवास्को द गामा 17 मई 1498 को कालीकट में, जमोरिन ने स्वागत किया
पहला पुर्तगाली गवर्नरफ्रांसिस्को द अल्मेडा (1505), नीली जल नीति के लिए प्रसिद्ध
पुर्तगाली सत्ता का संस्थापकअल्फांसो द अल्बुकर्क, जिसने 1510 में बीजापुर के यूसुफ आदिल शाह से गोवा लिया
पुर्तगाली राजधानी1530 में नीनो द कुन्हा ने कोचीन से गोवा स्थानांतरित की
डच ईस्ट इंडिया कंपनी1602 में स्थापित; पहली फैक्ट्री 1605 में मसूलीपट्टनम; पुलीकट मुख्य दक्षिणी बस्ती
अंग्रेजी चार्टरमहारानी एलिज़ाबेथ प्रथम द्वारा 31 दिसंबर 1600 को दिया गया
पहली अंग्रेजी फैक्ट्रीसूरत, 1613, 1612 के स्वैली युद्ध में पुर्तगालियों को हराने के बाद
जहाँगीर के दरबार में राजदूतसर टॉमस रो, जेम्स प्रथम द्वारा भेजा गया, 1615 से 1619 तक भारत में
मद्रास और कलकत्ता1639 में फ्रांसिस डे ने फोर्ट सेंट जॉर्ज बनवाया; फोर्ट विलियम 1700 में पूरा हुआ
डेनिश बस्तियाँट्रांकेबार (1620) और सीरामपुर यानी फ्रेडरिकनगोर (1755), 1845 में अंग्रेजों को बेची गईं
फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी1664 में लुई चौदहवें के समय कोलबर्ट द्वारा; पांडिचेरी 1674 में फ्रांसुआ मार्टिन ने बसाई
निर्णायक युद्धवांडीवाश, 1760, जहाँ आयर कूट ने काउंट द लाली को हराया
बंगाल की दीवानीबक्सर युद्ध के बाद 1765 की इलाहाबाद संधि से प्राप्त
भारत में डच पतनबेदरा का युद्ध, 1759, अंग्रेजों के विरुद्ध

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 27 Oct 2021, Shift 1मध्यम

पुर्तगालियों ने श्रीलंका की खोज किस वर्ष की थी?

  1. A.1545
  2. B.1678
  3. C.1505
  4. D.1670
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1505

व्याख्या

सही उत्तर C, 1505 है। भारत में पहले पुर्तगाली गवर्नर के पुत्र लौरेंसो द अल्मेडा का बेड़ा 1505 में बहकर सीलोन के तट पर जा पहुँचा, और शीघ्र ही पुर्तगालियों ने कोट्टे के शासक से संधि करके कोलंबो में किला बना लिया। यह तिथि दो अन्य पुर्तगाली घटनाओं के साथ बैठती है, 1498 में वास्को द गामा का कालीकट आगमन और 1510 में अल्बुकर्क द्वारा गोवा पर अधिकार, और परीक्षक तीनों को साथ पूछते हैं। विकल्प A, 1545, बहुत बाद का है और किसी पुर्तगाली आगमन से मेल नहीं खाता। विकल्प B, 1678, उस काल में आता है जब सीलोन के तट पर पुर्तगाली नहीं बल्कि डच नियंत्रण था, क्योंकि डच 1650 के दशक में उसे पुर्तगाल से छीन चुके थे। विकल्प D, 1670, भी डच काल के भीतर ही है। यह याद रखना कि हिंद महासागर में पुर्तगाली विस्तार सोलहवीं शताब्दी के पहले दशक में ही हुआ, उत्तर आसान कर देता है।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 26th July 2015मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पुर्तगाली उपनिवेश नहीं था?

  1. A.बंबई
  2. B.हुगली
  3. C.मसूलीपट्टनम
  4. D.चौल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मसूलीपट्टनम

व्याख्या

सही उत्तर C, मसूलीपट्टनम है। मसूलीपट्टनम, जिसे मछलीपट्टनम भी लिखा जाता है, 1605 में खुली भारत की पहली डच फैक्ट्री थी, और वहाँ अंग्रेज तथा फ्रांसीसी भी व्यापार करते थे; वह कभी पुर्तगाली अधिकार में नहीं रहा। विकल्प A, बंबई, 1661 तक पुर्तगाली था, जब वह कैथरीन ऑफ ब्रगांज़ा के दहेज के रूप में इंग्लैंड के चार्ल्स द्वितीय को मिला और 1668 में ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंप दिया गया। विकल्प B, हुगली, सोलहवीं शताब्दी से बंगाल में पुर्तगाली बस्ती थी, जहाँ से शाहजहाँ ने 1632 में समुद्री लूट और दास व्यापार के कारण उन्हें खदेड़ दिया। विकल्प D, चौल, बंबई के दक्षिण कोंकण तट पर आरंभिक पुर्तगाली बंदरगाहों में था और 1508 में मिस्र के बेड़े से हुए प्रसिद्ध नौसैनिक युद्ध का स्थल था। कोरोमंडल तट की बस्ती को डच मान लेना ऐसे प्रश्नों में भरोसेमंद संकेत है।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 25 Sept, 2025, Shift 2मध्यम

पुराने गोवा के गिरजाघरों की पहचान मुख्यतः किस स्थापत्य शैली से होती है?

  1. A.इंडो सारासेनिक
  2. B.मुगल
  3. C.बरोक और मानुएलीन
  4. D.गॉथिक रिवाइवल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बरोक और मानुएलीन

व्याख्या

सही उत्तर C, बरोक और मानुएलीन है। 1510 में अल्बुकर्क द्वारा गोवा जीतने के बाद बने और विश्व विरासत सूची में शामिल पुराने गोवा के गिरजाघर तथा मठ उन्हीं शैलियों का अनुसरण करते हैं जो उस समय स्वयं पुर्तगाल में प्रचलित थीं: अलंकृत उत्तर गॉथिक मानुएलीन शैली और सोलहवीं शताब्दी के अंत से बरोक शैली। सेंट फ्रांसिस ज़ेवियर के अवशेष रखने वाला बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस सबसे प्रसिद्ध बरोक उदाहरण है, और से कैथेड्रल में मानुएलीन तथा टस्कन तत्व दिखते हैं। विकल्प A, इंडो सारासेनिक, उन्नीसवीं शताब्दी की ब्रिटिश शैली है जिसने मद्रास उच्च न्यायालय जैसी इमारतों में मुगल और गॉथिक तत्व मिलाए। विकल्प B, मुगल, आगरा, दिल्ली और लाहौर की उत्तरी शाही परंपरा है। विकल्प D, गॉथिक रिवाइवल, भी उन्नीसवीं शताब्दी का यूरोपीय आंदोलन है जो बंबई की विक्टोरिया टर्मिनस जैसी इमारतों में दिखता है, अर्थात पुराने गोवा के बहुत बाद का।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 15 April 2021, Shift 3आसान

ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल की दीवानी किस वर्ष प्राप्त हुई?

  1. A.1773
  2. B.1791
  3. C.1765
  4. D.1782
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1765

व्याख्या

सही उत्तर C, 1765 है। अक्टूबर 1764 के बक्सर युद्ध के बाद रॉबर्ट क्लाइव ने 1765 में मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय से इलाहाबाद की संधि की, और सम्राट ने कंपनी को दीवानी अर्थात बंगाल, बिहार और ओडिशा का राजस्व वसूलने का अधिकार दे दिया। इस व्यवस्था ने बंगाल में द्वैध शासन को जन्म दिया, जिसमें धन कंपनी के हाथ में था और प्रशासन तथा कानून व्यवस्था का उत्तरदायित्व नवाब पर बना रहा। विकल्प A, 1773, रेगुलेटिंग एक्ट का वर्ष है, जो कंपनी पर ब्रिटिश संसद के नियंत्रण का पहला प्रयास था। विकल्प B, 1791, कॉर्नवालिस के उस काल में आता है जब वह 1793 का स्थायी बंदोबस्त तैयार कर रहा था। विकल्प D, 1782, पहले आंग्ल मराठा युद्ध को समाप्त करने वाली सालबाई संधि का वर्ष है। 1764 के बक्सर को 1765 की दीवानी से जोड़कर याद रखने पर क्रम नहीं बिगड़ता।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

भारत में पहला पुर्तगाली गवर्नर कौन था?

  1. A.अल्फांसो द अल्बुकर्क
  2. B.फ्रांसिस्को द अल्मेडा
  3. C.नीनो द कुन्हा
  4. D.वास्को द गामा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांसिस्को द अल्मेडा

व्याख्या

सही उत्तर B, फ्रांसिस्को द अल्मेडा है। वह 1505 में पहले पुर्तगाली गवर्नर के रूप में भारत आया और 1509 तक पद पर रहा। उसकी नीति, जिसे नीली जल नीति या कार्ताज़ नीति कहा जाता है, भूमि जीतने के बजाय समुद्र पर पुर्तगाली प्रभुत्व स्थापित करने की थी, और उसने 1509 में दीव के पास मिस्र तथा गुजरात के संयुक्त बेड़े को नष्ट किया। विकल्प A, अल्बुकर्क, 1509 से 1515 तक उसका उत्तराधिकारी रहा और 1510 में गोवा जीतने के कारण उसे भारत में पुर्तगाली सत्ता का वास्तविक संस्थापक कहा जाता है, किंतु वह दूसरा गवर्नर था। विकल्प C, नीनो द कुन्हा, 1529 से शासन में आया और राजधानी कोचीन से गोवा ले जाने तथा बसीन और दीव प्राप्त करने के लिए याद किया जाता है। विकल्प D, वास्को द गामा, ने 1498 में समुद्री मार्ग खोला और 1524 में वायसराय बनकर लौटा तथा उसी वर्ष कोचीन में उसकी मृत्यु हुई, अतः वह पहला गवर्नर कभी नहीं रहा।

Q6.भारतीय इतिहासआसान

डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1600
  2. B.1602
  3. C.1616
  4. D.1664
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1602

व्याख्या

सही उत्तर B, 1602 है। जिसे सामान्यतः डच ईस्ट इंडिया कंपनी कहा जाता है, वह 1602 में तब बनी जब नीदरलैंड की संसद ने आपस में प्रतिस्पर्धा करने वाले कई व्यापारिक उद्यमों को मिलाकर नई संस्था को पूर्वी व्यापार का एकाधिकार दिया। उसकी पहली भारतीय फैक्ट्री 1605 में मसूलीपट्टनम में खुली और कोरोमंडल तट पर पुलीकट उसकी प्रमुख बस्ती बनी। विकल्प A, 1600, वह वर्ष है जिसमें महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम ने अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी को चार्टर दिया, अर्थात डच से दो वर्ष पहले। विकल्प C, 1616, डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना का वर्ष है, और डेनिश लोगों ने 1620 में ट्रांकेबार बसाया। विकल्प D, 1664, वह वर्ष है जब कोलबर्ट ने लुई चौदहवें के शासन में फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी बनाई। 1600, 1602, 1616 और 1664 का क्रम याद रखने पर प्रश्नों का पूरा परिवार हल हो जाता है।

Q7.भारतीय इतिहासमध्यम

1674 में फ्रांसीसी बस्ती पांडिचेरी की स्थापना किसने की थी?

  1. A.फ्रांसुआ कैरों
  2. B.फ्रांसुआ मार्टिन
  3. C.जोज़ेफ फ्रांसुआ डुप्ले
  4. D.ला बूर्दोने
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांसुआ मार्टिन

व्याख्या

सही उत्तर B, फ्रांसुआ मार्टिन है। उसने बीजापुर के शासक से स्थान प्राप्त करके 1674 में पांडिचेरी बसाई, और यह भारत में फ्रांसीसियों का मुख्यालय बनी तथा 1954 तक वही स्थान बनाए रखा। विकल्प A, फ्रांसुआ कैरों, ने 1668 में सूरत में स्थापित भारत की पहली फ्रांसीसी फैक्ट्री का नेतृत्व किया और 1669 में मसूलीपट्टनम भी खोला, किंतु पांडिचेरी उसका काम नहीं था। विकल्प C, डुप्ले, 1742 से फ्रांसीसी अधिकार क्षेत्रों का गवर्नर जनरल था तथा पहले और दूसरे कर्नाटक युद्ध का प्रेरक बल था; उसे 1754 में फ्रांस वापस बुला लिया गया, अर्थात पांडिचेरी की स्थापना के सत्तर वर्ष बाद। विकल्प D, ला बूर्दोने, मॉरीशस का फ्रांसीसी गवर्नर था जिसने 1746 में पहले कर्नाटक युद्ध के दौरान मद्रास पर अधिकार किया। नगर की स्थापना से केवल मार्टिन जुड़ा है।

Q8.भारतीय इतिहासआसान

अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी को अपना पहला राजकीय चार्टर किससे मिला था?

  1. A.जेम्स प्रथम
  2. B.चार्ल्स द्वितीय
  3. C.महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम
  4. D.ऑलिवर क्रॉमवेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर C, महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम है। उन्होंने 31 दिसंबर 1600 को उस संस्था को चार्टर दिया जिसका औपचारिक नाम पूर्वी द्वीपों से व्यापार करने वाले लंदन के व्यापारियों का गवर्नर और कंपनी था, और उसे उत्तमाशा अंतरीप के पूर्व में पंद्रह वर्ष तक व्यापार का विशेष अधिकार मिला। विकल्प A, जेम्स प्रथम, एलिज़ाबेथ के उत्तराधिकारी थे और इस अध्याय में उन्हें 1615 से 1619 तक जहाँगीर के दरबार में सर टॉमस रो को राजदूत बनाकर भेजने के लिए याद किया जाता है, चार्टर के लिए नहीं। विकल्प B, चार्ल्स द्वितीय, को 1661 में कैथरीन ऑफ ब्रगांज़ा के दहेज में बंबई मिली और उन्होंने 1668 में उसे दस पाउंड वार्षिक किराए पर कंपनी को दे दिया, यह भी बाद की घटना है। विकल्प D, ऑलिवर क्रॉमवेल, ने 1650 के दशक में कॉमनवेल्थ के समय कंपनी के विशेषाधिकार नवीनीकृत किए, किंतु मूल चार्टर उनके शासन से पचास वर्ष पुराना है।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

1760 में लड़ा गया वांडीवाश का युद्ध किनके बीच हुआ था?

  1. A.अंग्रेज और डच
  2. B.अंग्रेज और फ्रांसीसी
  3. C.अंग्रेज और पुर्तगाली
  4. D.फ्रांसीसी और डच
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अंग्रेज और फ्रांसीसी

व्याख्या

सही उत्तर B, अंग्रेज और फ्रांसीसी है। तीसरे कर्नाटक युद्ध के दौरान जनवरी 1760 में लड़े गए वांडीवाश में सर आयर कूट ने काउंट द लाली को हराया, और फ्रांसीसी भारत में अपनी स्थिति फिर कभी नहीं सँभाल सके। अगले वर्ष पांडिचेरी गिर गई, और 1763 की पेरिस संधि ने फ्रांसीसी बस्तियाँ लौटा तो दीं किंतु उन्हें किलेबंद करने तथा सेना रखने से मना कर दिया, जिससे वे केवल व्यापारिक कोठियाँ रह गईं। विकल्प A इसलिए गलत है कि अंग्रेजों ने डच शक्ति 1759 के बेदरा युद्ध में तोड़ी थी, जो बंगाल का अलग युद्ध था। विकल्प C इसलिए गलत है कि पुर्तगालियों पर निर्णायक अंग्रेजी विजय 1612 में सूरत के पास स्वैली में हुई थी। विकल्प D ऐसे संघर्ष की बात करता है जो भारत में कभी हुआ ही नहीं। 1759 का बेदरा डच के विरुद्ध और 1760 का वांडीवाश फ्रांसीसियों के विरुद्ध याद रखने से दोनों वर्ष अलग बने रहते हैं।

Q10.भारतीय इतिहासमध्यम

बंबई अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकार में कैसे आई?

  1. A.1661 में एक अंग्रेजी बेड़े ने उसे पुर्तगालियों से जीत लिया
  2. B.वह कैथरीन ऑफ ब्रगांज़ा के दहेज में चार्ल्स द्वितीय को मिली और 1668 में कंपनी को किराए पर दी गई
  3. C.उसे मुगल सम्राट औरंगज़ेब से खरीदा गया
  4. D.उसे कालीकट के जमोरिन ने कंपनी को दिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वह कैथरीन ऑफ ब्रगांज़ा के दहेज में चार्ल्स द्वितीय को मिली और 1668 में कंपनी को किराए पर दी गई

व्याख्या

सही उत्तर B है। पुर्तगाल ने 1661 में इंग्लैंड के चार्ल्स द्वितीय को बंबई तब दी जब उन्होंने पुर्तगाली राजकुमारी कैथरीन ऑफ ब्रगांज़ा से विवाह किया, और 1668 में राजा ने दस पाउंड वार्षिक किराए पर वे द्वीप ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंप दिए। 1669 से शासन करने वाले जेराल्ड आंजियर ने बंदरगाह का विकास किया तथा बुनकरों और व्यापारियों को वहाँ बुलाया, और 1687 में कंपनी का पश्चिमी मुख्यालय सूरत से वहीं आ गया। विकल्प A इसलिए गलत है कि इसमें कोई युद्ध नहीं हुआ; हस्तांतरण विवाह समझौते से हुआ था। विकल्प C इसलिए गलत है कि बंबई कभी मुगल अधिकार में नहीं रही, वे द्वीप पहले गुजरात और फिर पुर्तगाल के पास थे। विकल्प D इसलिए गलत है कि जमोरिन मालाबार तट पर कालीकट का शासक था और बंबई पर उसका कोई अधिकार नहीं था, यद्यपि 1498 में पुर्तगालियों से मिलने वाला वह पहला भारतीय शासक था।

Q11.भारतीय इतिहासमध्यम

इंग्लैंड के राजा जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में जहाँगीर के दरबार में कौन आया था?

  1. A.कैप्टन विलियम हॉकिन्स
  2. B.सर टॉमस रो
  3. C.जॉब चारनॉक
  4. D.फ्रांसिस डे
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सर टॉमस रो

व्याख्या

सही उत्तर B, सर टॉमस रो है। वह 1615 में जेम्स प्रथम के मान्यता प्राप्त राजदूत के रूप में भारत आया और 1619 तक रहा, मुगल दरबार के साथ यात्रा करता रहा और वह फरमान प्राप्त किया जिससे अंग्रेजों को साम्राज्य के कई भागों में व्यापार करने तथा फैक्ट्रियाँ खोलने की अनुमति मिली। विकल्प A, विलियम हॉकिन्स, उससे पहले 1608 में जेम्स प्रथम का पत्र लेकर आया था और जहाँगीर ने उसका अच्छा स्वागत करके उसे मनसब भी दिया, किंतु वह कंपनी का सेवक था, राजदूत नहीं, और परीक्षक ठीक यही अंतर जाँचते हैं। विकल्प C, जॉब चारनॉक, कंपनी का वह एजेंट था जो 1690 में सूतानुटी में बसा, जहाँ से कलकत्ता का आरंभ हुआ। विकल्प D, फ्रांसिस डे, ने 1639 में चंद्रगिरि के शासक से मद्रास का स्थान प्राप्त करके वहाँ फोर्ट सेंट जॉर्ज बनवाया, अर्थात दोनों बाद की पीढ़ी के हैं।

Q12.भारतीय इतिहासकठिन

बंगाल में सीरामपुर की डेनिश बस्ती किस नाम से जानी जाती थी?

  1. A.फ्रेडरिकनगोर
  2. B.ट्रांकेबार
  3. C.चिनसुरा
  4. D.चंद्रनगर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. फ्रेडरिकनगोर

व्याख्या

सही उत्तर A, फ्रेडरिकनगोर है। डेनिश लोगों ने 1755 में हुगली तट पर सीरामपुर लिया और अपने राजा के नाम पर उसका नाम रखा, और आगे चलकर यह नगर बैपटिस्ट मिशनरियों विलियम कैरी, जोशुआ मार्शमैन तथा विलियम वार्ड के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध हुआ, जिन्होंने वहाँ अनेक भारतीय भाषाओं में पुस्तकें छापीं। विकल्प B, ट्रांकेबार, कोरोमंडल तट पर पहले की डेनिश बस्ती थी, जो 1620 में डैंसबोर्ग किले के साथ बसी, अतः वह डेनिश तो है किंतु सीरामपुर नहीं। विकल्प C, चिनसुरा, उसी नदी पर सीरामपुर से कुछ दूरी पर बंगाल की डच बस्ती थी और 1825 में अंग्रेजों को मिल गई। विकल्प D, चंद्रनगर, भी हुगली तट पर था और 1690 में बसी फ्रांसीसी बस्ती थी, जो बीसवीं शताब्दी के मध्य तक फ्रांसीसी रही। डेनिश लोगों ने 1845 में अपनी सारी भारतीय संपत्तियाँ अंग्रेजों को बेच दीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समुद्री मार्ग से भारत पहुँचने वाला पहला यूरोपीय कौन था और कब पहुँचा?

पुर्तगाल का वास्को द गामा उत्तमाशा अंतरीप का चक्कर लगाकर 17 मई 1498 को कालीकट पहुँचा और कालीकट के शासक जमोरिन ने उसका स्वागत किया।

यूरोपीय कंपनियाँ भारत में किस क्रम में आईं?

पुर्तगाली सबसे पहले 1498 में आए। अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी को 1600 में, डच कंपनी को 1602 में, डेनिश कंपनी को 1616 में और फ्रांसीसी कंपनी को 1664 में चार्टर मिला, इसलिए पाँचों में फ्रांसीसी सबसे बाद में आए।

भारत में पहली अंग्रेजी फैक्ट्री कौन सी थी?

सूरत, जो 1613 में स्थापित हुई, जब अंग्रेजों ने 1612 में स्वैली में पुर्तगालियों को हराकर मुगल दरबार से अनुमति प्राप्त कर ली थी।

पुर्तगालियों ने भारत में अपनी स्थिति क्यों खो दी?

उनकी धार्मिक असहिष्णुता और समुद्री लूट ने उन्हें अलोकप्रिय बनाया, 1580 से 1640 तक पुर्तगाल के स्पेन से जुड़ जाने ने उन्हें स्पेन के युद्धों में खींचा, ब्राज़ील की खोज ने उनका ध्यान पश्चिम की ओर मोड़ा, और डच तथा अंग्रेज समुद्र पर उनसे अधिक शक्तिशाली थे।

किस युद्ध ने भारत में फ्रांसीसी महत्वाकांक्षाएँ समाप्त कीं?

1760 का वांडीवाश युद्ध, जिसमें तीसरे कर्नाटक युद्ध के दौरान सर आयर कूट ने काउंट द लाली को हराया। 1763 की पेरिस संधि ने फ्रांसीसियों को अपनी बस्तियाँ केवल व्यापारिक कोठियों के रूप में रखने दी।

अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी को बंबई कैसे मिली?

पुर्तगाल ने 1661 में कैथरीन ऑफ ब्रगांज़ा के विवाह दहेज के रूप में बंबई इंग्लैंड के चार्ल्स द्वितीय को दी, और राजा ने 1668 में दस पाउंड वार्षिक किराए पर उसे कंपनी को सौंप दिया।

स्रोत

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