निम्नलिखित में से किस बौद्ध ग्रंथ को उसके महत्व और उपदेशों के कारण प्रायः 'बौद्ध धर्म की गीता' कहा जाता है?
- A.महायान सूत्र
- B.धम्मपद
- C.वंसत्थपकासिनी
- D.सद्धर्मपुण्डरीक सूत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. धम्मपद
व्याख्या
सही उत्तर है B, धम्मपद। धम्मपद में बुद्ध के उपदेश 423 छोटी-छोटी गाथाओं में 26 वर्गों के अंतर्गत संकलित हैं, और क्योंकि यह पूरे धर्म का सार ऐसी सरल गाथाओं में रखता है जिन्हें कोई भी याद रख सके, इसे प्रायः बौद्ध धर्म की गीता कहा जाता है। यह पालि भाषा में है और सुत्त पिटक के पाँच निकायों में से एक खुद्दक निकाय का हिस्सा है। इसके अध्याय मन, क्रोध, तृष्णा, बाल और पंडित तथा निर्वाण के मार्ग जैसे विषयों पर हैं। A गलत है क्योंकि महायान सूत्र कोई एक ग्रंथ नहीं, बल्कि बाद के संस्कृत ग्रंथों का पूरा वर्ग है। C गलत है क्योंकि वंसत्थपकासिनी श्रीलंका के इतिहास ग्रंथ महावंस पर लिखी गई टीका है, उपदेश ग्रंथ नहीं। D गलत है क्योंकि सद्धर्मपुण्डरीक अर्थात लोटस सूत्र एक प्रमुख महायान ग्रंथ है और पालि त्रिपिटक से काफी बाद का है। परीक्षा टिप: त्रिपिटक = विनय पिटक, सुत्त पिटक और अभिधम्म पिटक; धम्मपद सुत्त पिटक के भीतर आता है।