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GK24

भारतीय इतिहास पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए भारतीय इतिहास के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

162 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 13 Aug, 2025, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किस बौद्ध ग्रंथ को उसके महत्व और उपदेशों के कारण प्रायः 'बौद्ध धर्म की गीता' कहा जाता है?

  1. A.महायान सूत्र
  2. B.धम्मपद
  3. C.वंसत्थपकासिनी
  4. D.सद्धर्मपुण्डरीक सूत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. धम्मपद

व्याख्या

सही उत्तर है B, धम्मपद। धम्मपद में बुद्ध के उपदेश 423 छोटी-छोटी गाथाओं में 26 वर्गों के अंतर्गत संकलित हैं, और क्योंकि यह पूरे धर्म का सार ऐसी सरल गाथाओं में रखता है जिन्हें कोई भी याद रख सके, इसे प्रायः बौद्ध धर्म की गीता कहा जाता है। यह पालि भाषा में है और सुत्त पिटक के पाँच निकायों में से एक खुद्दक निकाय का हिस्सा है। इसके अध्याय मन, क्रोध, तृष्णा, बाल और पंडित तथा निर्वाण के मार्ग जैसे विषयों पर हैं। A गलत है क्योंकि महायान सूत्र कोई एक ग्रंथ नहीं, बल्कि बाद के संस्कृत ग्रंथों का पूरा वर्ग है। C गलत है क्योंकि वंसत्थपकासिनी श्रीलंका के इतिहास ग्रंथ महावंस पर लिखी गई टीका है, उपदेश ग्रंथ नहीं। D गलत है क्योंकि सद्धर्मपुण्डरीक अर्थात लोटस सूत्र एक प्रमुख महायान ग्रंथ है और पालि त्रिपिटक से काफी बाद का है। परीक्षा टिप: त्रिपिटक = विनय पिटक, सुत्त पिटक और अभिधम्म पिटक; धम्मपद सुत्त पिटक के भीतर आता है।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB TGT (Maths), 13 Nov 2025, S3कठिन

जब तैमूर लंग ने भारत पर आक्रमण किया, तब दिल्ली सल्तनत का शासक निम्नलिखित में से कौन था?

  1. A.नुसरत शाह
  2. B.सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक
  3. C.नासिरुद्दीन मुहम्मद शाह तृतीय
  4. D.खिज्र खान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक

व्याख्या

सही उत्तर है B, सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक। 1398 में तैमूर के आक्रमण के समय वही दिल्ली का सुल्तान था। समरकंद के तुर्क-मंगोल शासक तैमूर ने सिंधु पार की, दिसंबर 1398 में दिल्ली के पास महमूद शाह की सेना को हराया और कई दिनों तक शहर को लूटा। सुल्तान भागकर गुजरात चला गया, और तुगलक राज्य फिर कभी नहीं संभल पाया। तैमूर ने अपने समर्थक खिज्र खान को मुल्तान का ज़िम्मा सौंपा, और इसी संबंध के सहारे खिज्र खान ने आगे चलकर 1414 में सैयद वंश की नींव रखी। विकल्प A गलत है, क्योंकि नुसरत शाह तुगलक वंश का एक प्रतिद्वंद्वी दावेदार था, जिसने कुछ साल फ़िरोज़ाबाद पर कब्ज़ा रखा; वह दिल्ली का मान्य सुल्तान नहीं था। विकल्प C गलत है, क्योंकि फ़िरोज़ शाह का पुत्र नासिरुद्दीन मुहम्मद शाह तृतीय इससे पहले, 1390 से 1394 तक, शासक था। विकल्प D गलत है, क्योंकि खिज्र खान दिल्ली का शासक 1414 में ही बना। परीक्षा टिप: 1398 में तैमूर के हमले से तुगलक शासन व्यावहारिक रूप से खत्म हो गया; सैयद वंश 1414 से शुरू हुआ।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

भक्ति आंदोलन के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.वल्लभाचार्य ने पुष्टिमार्ग की स्थापना की।
  2. B.निम्बार्क ने द्वैताद्वैत के सिद्धांत का प्रतिपादन किया।
  3. C.माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया।
  4. D.रामानंद ने राम भक्ति परंपरा का प्रचार किया।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया।

व्याख्या

सही उत्तर है C, माध्वाचार्य वाला कथन। यही कथन गलत है, क्योंकि माध्वाचार्य रूप और गुणों वाले साकार ईश्वर विष्णु के उपासक थे, इसलिए उनका मार्ग सगुण भक्ति था, निर्गुण नहीं। कर्नाटक के उडुपी से जुड़े 13वीं शताब्दी के आचार्य माध्व ने द्वैतवाद सिखाया: ईश्वर और जीव सदा अलग हैं, और जीव को मुक्ति केवल भक्ति तथा ईश्वर की कृपा से मिलती है। उन्होंने उडुपी में कृष्ण मंदिर की स्थापना की, जो आज भी उनकी परंपरा का केंद्र है। निर्गुण भक्ति, यानी निराकार ईश्वर की उपासना, कबीर, नानक और दादू जैसे संतों से जुड़ी है। विकल्प A सही कथन है, क्योंकि वल्लभाचार्य ने 'कृपा के मार्ग' पुष्टिमार्ग की स्थापना की, जिसके केंद्र में श्रीनाथजी रूप में कृष्ण हैं। विकल्प B सही है, क्योंकि निम्बार्क ने द्वैताद्वैत का सिद्धांत दिया। विकल्प D सही है, क्योंकि रामानंद ने उत्तर भारत में राम भक्ति फैलाई और सभी जातियों के शिष्य बनाए, जिनमें कबीर और रैदास भी थे। परीक्षा टिप: शंकर अद्वैत, रामानुज विशिष्टाद्वैत, माध्व द्वैत, निम्बार्क द्वैताद्वैत, वल्लभ शुद्धाद्वैत।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025आसान

6 अप्रैल, 1930 की तिथि भारत के इतिहास में अच्छी तरह जानी जाती है क्योंकि यह तिथि संबंधित है:

  1. A.भारत छोड़ो आन्दोलन से
  2. B.बंगाल विभाजन से
  3. C.जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड से
  4. D.महात्मा गाँधी द्वारा डांडी यात्रा से
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. महात्मा गाँधी द्वारा डांडी यात्रा से

व्याख्या

सही उत्तर है D, महात्मा गाँधी द्वारा डांडी यात्रा से। 6 अप्रैल 1930 की सुबह गाँधीजी ने डांडी के समुद्र तट पर प्राकृतिक नमक उठाकर नमक कानून तोड़ा और इसी के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हो गया। वे 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से 78 चुने हुए साथियों के साथ निकले थे और 24 दिनों में लगभग 240 मील पैदल चलकर 5 अप्रैल को गुजरात के तट पर डांडी पहुँचे। नमक इसलिए चुना गया क्योंकि नमक कर अमीर-गरीब हर भारतीय पर पड़ता था, इसलिए एक छोटा-सा काम पूरे देश का जन-आंदोलन बन गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 के कांग्रेस प्रस्ताव के बाद अगस्त 1942 में शुरू हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि लॉर्ड कर्ज़न का बंगाल विभाजन 16 अक्टूबर 1905 को लागू हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि जलियाँवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में हुआ था। परीक्षा टिप: डांडी यात्रा 12 मार्च से 5 अप्रैल 1930, नमक कानून 6 अप्रैल 1930 को तोड़ा गया।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 1मध्यम

1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने बल्लभगढ़ रियासत को अपने राज्य में मिला लिया था। इसके अंतिम शासक कौन थे?

  1. A.नाहर सिंह
  2. B.बलराम सिंह
  3. C.अजीत सिंह
  4. D.गोपाल सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नाहर सिंह

व्याख्या

सही उत्तर है A, नाहर सिंह। राजा नाहर सिंह बल्लभगढ़ के अंतिम शासक थे, जो आज के हरियाणा के फरीदाबाद ज़िले में, दिल्ली के ठीक दक्षिण में स्थित एक छोटी जाट रियासत थी। 1857 के विद्रोह में उन्होंने विद्रोहियों और मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र का साथ दिया। दिल्ली पर अंग्रेजों का दोबारा कब्ज़ा होने के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर मुकदमा चलाया गया और 9 जनवरी 1858 को दिल्ली के चाँदनी चौक में फाँसी दे दी गई; इसके बाद उनकी रियासत अंग्रेजी राज में मिला ली गई। फरीदाबाद आज भी उन्हें याद करता है, क्योंकि वहाँ का क्रिकेट स्टेडियम और बल्लभगढ़ का दिल्ली मेट्रो स्टेशन उनके नाम पर हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बलराम सिंह, जिन्हें बल्लू भी कहा जाता है, 18वीं सदी में बल्लभगढ़ रियासत के संस्थापक थे, यानी 1857 से बहुत पहले। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजीत सिंह विद्रोह के समय बल्लभगढ़ के शासक नहीं थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि गोपाल सिंह भी इसके अंतिम शासक नहीं थे; 1857 में गद्दी पर नाहर सिंह थे। परीक्षा टिप: हरियाणा में 1857 के नायकों में रेवाड़ी के राव तुलाराम, बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह और झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खान शामिल हैं।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025कठिन

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

सूची-I (ब्रिटिश संसद का अधिनियम)

A. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784

B. चार्टर एक्ट, 1813

C. चार्टर एक्ट, 1833

D. चार्टर एक्ट, 1853

सूची-II (प्रमुख प्रावधान)

1. गवर्नर-जनरल की विधान परिषद का विस्तार

2. रोज़गार और उच्च सेवाओं में भारतीयों के साथ भेदभाव की समाप्ति

3. भारत के मामलों पर नियंत्रण के लिए क्राउन द्वारा बोर्ड की स्थापना

4. भारतीय व्यापार पर ईस्ट इंडिया कंपनी के एकाधिकार की समाप्ति

कूट :

  1. A.A-1, B-4, C-2, D-3
  2. B.A-1, B-2, C-4, D-3
  3. C.A-3, B-4, C-2, D-1
  4. D.A-3, B-2, C-4, D-1
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. A-3, B-4, C-2, D-1

व्याख्या

सही उत्तर है C, A-3, B-4, C-2, D-1। अधिनियमों को क्रम से पढ़ें तो हर एक कंपनी पर क्राउन के नियंत्रण का नया कदम है। पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 ने कंपनी के नागरिक, सैन्य और राजस्व मामलों की निगरानी के लिए बोर्ड ऑफ कंट्रोल बनाया। चार्टर एक्ट, 1813 ने भारतीय व्यापार पर कंपनी का एकाधिकार खत्म किया, केवल चाय और चीन के साथ व्यापार उसके पास रहा। चार्टर एक्ट, 1833 ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया और कहा कि धर्म, जन्म या रंग के आधार पर किसी भारतीय को पद से वंचित नहीं किया जाएगा। चार्टर एक्ट, 1853 ने विधायी और कार्यकारी काम अलग किए और कानून बनाने के लिए गवर्नर-जनरल की परिषद का विस्तार किया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1784 का संबंध बोर्ड ऑफ कंट्रोल से है, परिषद के विस्तार से नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें 1813 और 1833 के प्रावधान आपस में बदल दिए गए हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें भी 1813 और 1833 की वही अदला-बदली है। परीक्षा टिप: 1784 बोर्ड ऑफ कंट्रोल, 1813 एकाधिकार खत्म, 1833 भारतीयों पर रोक नहीं, 1853 बड़ी विधान परिषद।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025कठिन

भारत सरकार अधिनियम, 1919 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. इसने प्रशासन के विषयों को दो श्रेणियों, केंद्रीय और प्रांतीय, में बाँटा।

2. केंद्रीय विषयों को 'आरक्षित' और 'हस्तांतरित' विषयों में बाँटा गया।

3. प्रांतीय सरकारों को अपना बजट बनाने और कर लगाने की शक्ति दी गई।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। अधिनियम ने विषयों को केंद्र और प्रांतों में बाँटा, पर आरक्षित और हस्तांतरित का बँटवारा केवल प्रांतीय विषयों पर लागू था। भारत सरकार अधिनियम, 1919 ने मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों को कानून का रूप दिया। हस्तांतरण नियमों के ज़रिए इसने केंद्रीय और प्रांतीय विषय अलग किए और पहली बार प्रांतीय बजट को केंद्रीय बजट से अलग किया, जिससे प्रांतों को अपने राजस्व स्रोत और अपना बजट पारित करने का अधिकार मिला। प्रांतों में द्वैध शासन लागू हुआ: शिक्षा और स्थानीय स्वशासन जैसे हस्तांतरित विषय विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी मंत्रियों को मिले, जबकि पुलिस और भू-राजस्व जैसे आरक्षित विषय गवर्नर और उसकी कार्यकारी परिषद के पास रहे। कथन 2 गलत है, क्योंकि केंद्रीय विषयों का ऐसा बँटवारा कभी नहीं हुआ; केंद्र में द्वैध शासन 1935 के अधिनियम में प्रस्तावित हुआ और वह भी लागू नहीं हो पाया। इसलिए विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि तीनों में कथन 2 है। परीक्षा टिप: 1919 अधिनियम, प्रांतों में द्वैध शासन; 1935 अधिनियम, केंद्र में द्वैध शासन का प्रस्ताव।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2025, Shift 2आसान

मगध के सिंहासन पर राजा बिंबिसार का उत्तराधिकारी निम्नलिखित में से कौन था?

  1. A.अजातशत्रु
  2. B.उदयिन
  3. C.चंद्रगुप्त मौर्य
  4. D.अशोक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अजातशत्रु

व्याख्या

सही उत्तर है A, अजातशत्रु। वह बिंबिसार का पुत्र था और हर्यक वंश में उसके बाद मगध की गद्दी पर बैठा। बुद्ध के समकालीन बिंबिसार ने वैवाहिक संबंधों और अंग की विजय से मगध को ताकतवर बनाया, और उसकी राजधानी राजगृह थी। अजातशत्रु ने इस शक्ति को आगे बढ़ाया: उसने कोसल से युद्ध किया, लिच्छवियों के वज्जि संघ को हराया और गंगा किनारे पाटलिग्राम गांव में किला बनवाया। बुद्ध की मृत्यु के कुछ समय बाद पहली बौद्ध संगीति उसी के शासन में राजगृह में हुई। B गलत है क्योंकि उदयिन अजातशत्रु का पुत्र था, जो बाद में आया और जिसने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया। C गलत है क्योंकि चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग दो सदी बाद, करीब 322 ईसा पूर्व में मौर्य वंश की नींव रखी। D गलत है क्योंकि अशोक चंद्रगुप्त मौर्य का पोता था। परीक्षा टिप: हर्यक वंश का क्रम, बिंबिसार, फिर अजातशत्रु, फिर उदयिन; पहले राजधानी राजगृह, बाद में पाटलिपुत्र।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2025, Shift 1मध्यम

अशोक के शिलालेखों में मुख्य रूप से कौन-सी भाषा और लिपि का प्रयोग हुआ था?

  1. A.संस्कृत और देवनागरी
  2. B.पालि और खरोष्ठी
  3. C.प्राकृत और ब्राह्मी
  4. D.यूनानी और लैटिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्राकृत और ब्राह्मी

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्राकृत और ब्राह्मी। अशोक के ज्यादातर अभिलेख आम लोगों की बोली प्राकृत में और ब्राह्मी लिपि में लिखे गए, ताकि प्रजा उसके धम्म का संदेश समझ सके। ब्राह्मी लिपि को सबसे पहले 1837 में जेम्स प्रिंसेप ने पढ़ा, और इन अभिलेखों में राजा को 'देवानांपिय पियदसि' यानी देवताओं का प्रिय कहा गया है। उत्तर-पश्चिम में, आज के पाकिस्तान के पास, यही प्राकृत खरोष्ठी लिपि में लिखी गई, और अफगानिस्तान के कंधार में अभिलेख यूनानी और अरामाइक में मिले। A गलत है क्योंकि अशोक ने अभिलेखों में संस्कृत का प्रयोग नहीं किया और देवनागरी लिपि कई सदियों बाद विकसित हुई। B गलत है क्योंकि खरोष्ठी केवल शाहबाजगढ़ी और मानसेहरा जैसे कुछ उत्तर-पश्चिमी अभिलेखों में है, और पालि बौद्ध ग्रंथों की भाषा है, अभिलेखों की नहीं। D गलत है क्योंकि यूनानी केवल कंधार में मिलती है और लैटिन का प्रयोग कभी नहीं हुआ। परीक्षा टिप: अशोक के अभिलेख, प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि; प्रिंसेप ने 1837 में पढ़े।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · 12th Sept 2024कठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.श्रेष्ठी – श्रेणी का प्रमुख
  2. B.पट्टवाय - धोबियों की श्रेणी
  3. C.पूग - विभिन्न व्यवसायों का संघ
  4. D.सार्थ - व्यापारियों का समूह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पट्टवाय - धोबियों की श्रेणी

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्योंकि पट्टवाय रेशम बुनकरों की श्रेणी थी, धोबियों की नहीं। धोबियों का अपना अलग संगठन था, जिसे रजक श्रेणी कहा जाता है। कुमारगुप्त के समय का प्रसिद्ध मंदसौर शिलालेख उन रेशम बुनकरों की श्रेणी का उल्लेख करता है जो गुजरात के लाट क्षेत्र से दशपुर आ बसे और वहाँ सूर्य का मंदिर बनवाया; इस शिल्प समूह का यही सबसे जाना-पहचाना प्रमाण है। विकल्प A सही सुमेलित है, क्योंकि श्रेष्ठी, जिससे आज का शब्द सेठ बना, वह धनी व्यापारी-साहूकार था जो श्रेणी का प्रमुख होता था। विकल्प C सही सुमेलित है, क्योंकि पूग वह संघ था जिसके सदस्य भिन्न-भिन्न व्यवसाय करते थे, जबकि श्रेणी एक ही शिल्प के कारीगरों को जोड़ती थी। विकल्प D सही सुमेलित है, क्योंकि सार्थ साथ चलने वाले व्यापारियों का समूह था और उसके नायक को सार्थवाह कहा जाता था। परीक्षा टिप: श्रेणी एक शिल्प की, पूग अनेक व्यवसायों का, सार्थवाह कारवाँ का नेता और रजक का अर्थ धोबी।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Jul, 2024, Shift 4कठिन

बिजोलिया शिलालेख में निम्नलिखित में से किस वंश की वंशावली मिली है?

  1. A.चाहमान
  2. B.चंदेल
  3. C.परमार
  4. D.गहड़वाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाहमान

व्याख्या

सही उत्तर है A, चाहमान। बिजोलिया शिलालेख राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में है और 1170 ईस्वी का माना जाता है, यानी सोमेश्वर के शासनकाल का। इसमें शाकंभरी के चौहानों यानी चाहमान वंश की वंशावली दी गई है। संस्कृत में लिखा यह लेख जैन व्यापारी लोलाक ने पार्श्वनाथ मंदिर के पास उत्कीर्ण कराया था और इसमें सामंतराज से लेकर पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर तक के शासकों के नाम हैं। इतिहासकार इसे इसलिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि इसमें चाहमानों को वत्स गोत्र का ब्राह्मण कहा गया है और अजमेर के लिए अजयमेरु जैसे पुराने स्थान-नाम मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि खजुराहो बनवाने वाले बुंदेलखंड के चंदेलों की जानकारी खजुराहो तथा मऊ अभिलेखों से मिलती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मालवा के परमारों का वर्णन उदयपुर प्रशस्ति में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कन्नौज के गहड़वालों की जानकारी चंद्रावती आदि ताम्रपत्रों से मिलती है। परीक्षा टिप: बिजोलिया - चाहमान; खजुराहो - चंदेल; उदयपुर प्रशस्ति - परमार।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

1801 में जब अवध के नवाब को अपना आधा क्षेत्र ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपने के लिए मजबूर किया गया, तब भारत का गवर्नर जनरल कौन था?

  1. A.रिचर्ड वेलेज़ली
  2. B.वारेन हेस्टिंग्स
  3. C.चार्ल्स कॉर्नवॉलिस
  4. D.रॉबर्ट क्लाइव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रिचर्ड वेलेज़ली

व्याख्या

सही उत्तर है A, रिचर्ड वेलेज़ली। लॉर्ड रिचर्ड वेलेज़ली 1798 से 1805 तक गवर्नर जनरल रहे, और 1801 में उन्होंने अवध के नवाब सआदत अली खान को अपने राज्य का लगभग आधा हिस्सा कंपनी को सौंपने पर मजबूर किया। नवाब अपने राज्य में रखी गई ब्रिटिश सेना का बढ़ता खर्च नहीं चुका पाया था, और वेलेज़ली ने बदले में रुहेलखंड और निचले दोआब जैसे उपजाऊ इलाके ले लिए। यह वेलेज़ली की सहायक संधि का एक साफ़ उदाहरण था, जिसके तहत भारतीय शासक ब्रिटिश सेना का खर्च उठाता, एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखता और कंपनी की अनुमति के बिना कोई संधि नहीं कर सकता था। इसे सबसे पहले 1798 में हैदराबाद ने स्वीकार किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि बंगाल के पहले गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स 1785 में भारत छोड़ चुके थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के स्थायी बंदोबस्त के लिए प्रसिद्ध कॉर्नवॉलिस तब तक जा चुके थे; वे केवल 1805 में थोड़े समय के लिए लौटे। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्लासी के विजेता रॉबर्ट क्लाइव की मृत्यु 1774 में हो चुकी थी। परीक्षा टिप: सहायक संधि यानी वेलेज़ली; अवध ने 1801 में अपना आधा क्षेत्र खोया और 1856 में डलहौज़ी ने उसका विलय कर लिया।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा राजवंश "त्रिपक्षीय संघर्ष" का हिस्सा नहीं था?

  1. A.पाल
  2. B.राष्ट्रकूट
  3. C.चेर
  4. D.गुर्जर प्रतिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चेर

व्याख्या

सही उत्तर है C, चेर। चेर केरल में राज करते थे और कन्नौज की लड़ाई में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। त्रिपक्षीय संघर्ष 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच तीन शक्तियों की लंबी होड़ थी, जिसका लक्ष्य गंगा घाटी में हर्षवर्धन की पुरानी राजधानी कन्नौज पर कब्ज़ा करना था। जिसके पास कन्नौज होता, उसे उत्तर भारत का स्वामी माना जाता था, इसलिए तीनों लगभग दो सदियों तक इस पर हमला करते रहे। अंत में गुर्जर-प्रतिहारों ने कन्नौज को सबसे लंबे समय तक अपने पास रखा, और इस लड़ाई ने तीनों को कमज़ोर कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोपाल द्वारा स्थापित बंगाल के पाल इस संघर्ष का एक पक्ष थे; धर्मपाल ने तो कन्नौज की गद्दी पर अपना समर्थक भी बैठाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि दक्कन के राष्ट्रकूट, ध्रुव और गोविंद तृतीय जैसे राजाओं के नेतृत्व में, उत्तर पर हमले करके इस संघर्ष में शामिल हुए। विकल्प D गलत है, क्योंकि पश्चिम भारत के गुर्जर-प्रतिहार, नागभट्ट द्वितीय और मिहिर भोज जैसे शासकों के साथ, तीसरा पक्ष थे। परीक्षा टिप: पाल (पूर्व), प्रतिहार (पश्चिम) और राष्ट्रकूट (दक्षिण) कन्नौज के लिए लड़े।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

______ में विजयनगर के मुख्यमंत्री रामराय ने राक्षसी-तंगड़ी (जिसे तालीकोटा भी कहा जाता है) में सेना का नेतृत्व किया, जहाँ बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा की संयुक्त सेनाओं ने उसकी सेना को करारी हार दी।

  1. A.1585
  2. B.1565
  3. C.1545
  4. D.1525
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1565

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1565। तालीकोटा का युद्ध, जिसे राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहते हैं, जनवरी 1565 में हुआ और इसने विजयनगर की शक्ति तोड़ दी। रामराय सदाशिव राय के समय सिंहासन के पीछे असली शासक था। वह दक्कन की सल्तनतों को आपस में लड़ाता रहा, इसलिए अंत में बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा उसके खिलाफ एकजुट हो गए। रामराय पकड़ा गया और मारा गया, और विजयी सेनाओं ने राजधानी विजयनगर (हम्पी) को महीनों तक लूटा। हम्पी के खंडहर, जो आज यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं, इसी लूट की याद दिलाते हैं। साम्राज्य अराविडु वंश के अधीन चलता रहा, पर पुराना गौरव कभी नहीं लौटा। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1585 युद्ध के बीस साल बाद का वर्ष है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1545 में साम्राज्य पर रामराय का लंबा नियंत्रण अभी शुरू ही हुआ था; निर्णायक युद्ध बीस साल बाद हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1525 में कृष्णदेव राय का शासन था, जो साम्राज्य का स्वर्ण काल था। परीक्षा टिप: विजयनगर की स्थापना 1336, कृष्णदेव राय (1509–1529) के समय चरम, तालीकोटा 1565 में पतन।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 23 Jun 2024मध्यम

किस वेद में सभा और समिति को पृथक संस्थाओं के रूप में घोषित किया गया है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.अथर्ववेद
  4. D.यजुर्वेद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अथर्ववेद

व्याख्या

सही उत्तर है C, अथर्ववेद। अथर्ववेद में सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ कहा गया है, जिससे पता चलता है कि इन्हें दो अलग-अलग जन-संस्थाएँ माना जाता था। सभा वृद्धों और कुलीनों की छोटी परिषद थी, जो न्याय का काम भी करती थी, जबकि समिति आम जनता की बड़ी सभा थी, जो नीतियों पर चर्चा करती थी और राजा के चुनाव में भी भूमिका निभा सकती थी। दोनों का नाम पहली बार ऋग्वेद में आता है, पर अथर्ववेद ही इन्हें अलग-अलग बताता है और कहता है कि अच्छे शासन के लिए राजा को इनका साथ चाहिए। विदथ और गण के साथ ये वैदिक काल की कबीलाई सभाएँ थीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऋग्वेद दोनों का उल्लेख तो करता है, पर इन्हें जुड़वाँ संस्थाओं के रूप में नहीं रखता। विकल्प B गलत है, क्योंकि सामवेद यज्ञ में गाए जाने वाले मंत्रों का संगीतमय संग्रह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यजुर्वेद यज्ञ की विधियों और मंत्रों से जुड़ा है। परीक्षा टिप: सभा और समिति, प्रजापति की दो पुत्रियाँ, अथर्ववेद में।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 11 Feb 2024कठिन

सूची I का मिलान सूची II से कीजिए:

सूची I: a. दिमुन, b. मकन या मगन, c. मेलुहा, d. उर

सूची II: i. सिन्ध प्रदेश, ii. मेसोपोटामिया स्थित बंदरगाह, iii. बहरीन द्वीप, iv. मकरान तट (बलूचिस्तान)

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. A.a-ii, b-iii, c-iv, d-i
  2. B.a-iv, b-i, c-iii, d-ii
  3. C.a-ii, b-iii, c-i, d-iv
  4. D.a-iii, b-iv, c-i, d-ii
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. a-iii, b-iv, c-i, d-ii

व्याख्या

सही उत्तर है D, a-iii, b-iv, c-i, d-ii। ये नाम मेसोपोटामिया के कीलाक्षर (क्यूनिफॉर्म) लेखों में उन क्षेत्रों के लिए आते हैं, जिनसे हड़प्पा वासियों का व्यापार होता था। मेलुहा को आमतौर पर सिंध सहित सिंधु क्षेत्र माना जाता है; लेखों में लिखा है कि मेलुहा के जहाज़ कार्नेलियन, लाजवर्द, ताँबा, सोना और बढ़िया लकड़ी लाते थे। दिमुन की पहचान फ़ारस की खाड़ी के बहरीन द्वीप से होती है, जहाँ हड़प्पा शैली की मुहरें और बाट मिले हैं। मगन या मकन को मकरान तट और उसके पास के ओमान से जोड़ा जाता है, जहाँ से ताँबा आता था। उर मेसोपोटामिया का सुमेरियन बंदरगाह नगर था, जहाँ सिंधु घाटी की मुहरें और कार्नेलियन के मनके मिले हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि उसमें दिमुन को मेसोपोटामिया का बंदरगाह और मेलुहा को मकरान तट बताया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उसमें दिमुन को मकरान तट और मगन को सिंध बताया गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उसमें दिमुन को मेसोपोटामिया में और उर को मकरान तट पर रखा गया है। परीक्षा टिप: मेलुहा यानी सिंधु क्षेत्र, दिमुन यानी बहरीन, मगन यानी मकरान या ओमान; लोथल का गोदीबाड़ा समुद्री व्यापार का सबूत है।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 17 Dec 2024, Shift 1मध्यम

1927 में महाराष्ट्र में डॉ. बी.आर. आंबेडकर के नेतृत्व में जलाशयों, मंदिरों और विद्यालयों जैसे सार्वजनिक संसाधनों तक पहुँच के लिए शुरू किए गए आंदोलन का नाम क्या था?

  1. A.शहादा आंदोलन
  2. B.बंबई किसान विद्रोह
  3. C.खेड़ा सत्याग्रह
  4. D.महाड़ सत्याग्रह
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. महाड़ सत्याग्रह

व्याख्या

सही उत्तर है D, महाड़ सत्याग्रह। 20 मार्च 1927 को डॉ. बी.आर. आंबेडकर हज़ारों लोगों के साथ महाराष्ट्र के आज के रायगढ़ ज़िले में स्थित महाड़ के चवदार तालाब पहुँचे और उसका पानी पीकर दलितों के सार्वजनिक जलस्रोतों के उपयोग के अधिकार की घोषणा की। बंबई विधान परिषद 1923 में ही ऐसे सार्वजनिक स्थान सबके लिए खोलने का प्रस्ताव पारित कर चुकी थी, फिर भी सवर्ण निवासी दलितों को रोकते थे। दिसंबर 1927 के दूसरे सम्मेलन में आंदोलन आगे बढ़ा और मनुस्मृति की प्रतियाँ सार्वजनिक रूप से जलाई गईं। इसके बाद आंबेडकर ने 1930 में नासिक में कालाराम मंदिर प्रवेश सत्याग्रह चलाया। A गलत है क्योंकि शहादा आंदोलन 1970 के दशक में धुले ज़िले के भील आदिवासियों का आंदोलन था। B गलत है क्योंकि बंबई क्षेत्र के किसान विद्रोह, जैसे 1875 के दक्कन दंगे, साहूकारों के ख़िलाफ़ थे, जातिगत भेदभाव के ख़िलाफ़ नहीं। C गलत है क्योंकि 1918 का खेड़ा सत्याग्रह गांधीजी ने गुजरात में लगान माफ़ी के लिए चलाया था। परीक्षा टिप: महाड़ 1927 = पानी (चवदार तालाब); कालाराम 1930 = मंदिर प्रवेश; दोनों के नेता आंबेडकर।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 3आसान

1921 का मोपला विद्रोह निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में हुआ था?

  1. A.असम
  2. B.केरल
  3. C.पंजाब
  4. D.बंगाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केरल

व्याख्या

सही उत्तर है B, केरल। 1921 का मोपला (मप्पिला) विद्रोह आज के केरल के मालाबार क्षेत्र में हुआ था, जो उस समय मद्रास प्रेसीडेंसी का एक ज़िला था। मप्पिला मुस्लिम काश्तकार किसान थे, जो लंबे समय से ज़्यादातर हिंदू ज़मींदारों (जन्मी) के भारी लगान और उनका साथ देने वाले ब्रिटिश अधिकारियों से नाराज़ थे। 1921 में खिलाफ़त और असहयोग आंदोलन मालाबार पहुँचे, और यह असंतोष वरियमकुन्नथ कुंजाहम्मद हाजी और अली मुसलियार जैसे नेताओं के नेतृत्व में सशस्त्र विद्रोह बन गया। अंग्रेज़ों ने मार्शल लॉ लगाकर इसे कुचल दिया। सबसे दर्दनाक घटना नवंबर 1921 की 'वैगन त्रासदी' थी, जिसमें बंद मालगाड़ी के डिब्बे में दर्जनों मप्पिला कैदी दम घुटने से मर गए। A गलत है क्योंकि इस विद्रोह का असम से कोई संबंध नहीं था। C गलत है क्योंकि उस दौर में पंजाब की सबसे चर्चित घटना 1919 का जलियाँवाला बाग हत्याकांड है। D गलत है क्योंकि बंगाल 1859–60 के नील विद्रोह जैसे आंदोलनों से जुड़ा है। परीक्षा टिप: मोपला 1921 = मालाबार, केरल = खिलाफ़त से जुड़ाव = वैगन त्रासदी।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 1आसान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुआ था?

  1. A.लाहौर
  2. B.बंबई
  3. C.कलकत्ता
  4. D.इलाहाबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बंबई

व्याख्या

सही उत्तर है B, बंबई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन 28 से 31 दिसंबर 1885 तक बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था। इसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की, देशभर से 72 प्रतिनिधि आए, और सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम ने इसके आयोजन में मुख्य भूमिका निभाई। यह अधिवेशन पहले पूना में होना था, पर वहाँ हैज़ा फैलने के कारण इसे बंबई ले जाया गया। पेपर सेटर अगले कुछ अधिवेशनों के बारे में भी पूछते हैं, इसलिए हर स्थान को उसके अध्यक्ष के साथ याद करें। A गलत है क्योंकि लाहौर में 1929 का प्रसिद्ध अधिवेशन जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ। C गलत है क्योंकि कलकत्ता में 1886 का दूसरा अधिवेशन दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में हुआ। D गलत है क्योंकि इलाहाबाद में 1888 का चौथा अधिवेशन जॉर्ज यूल की अध्यक्षता में हुआ, जो कांग्रेस के पहले ब्रिटिश अध्यक्ष थे। परीक्षा टिप: 1885 बंबई, डब्ल्यू.सी. बनर्जी, 72 प्रतिनिधि; 1886 कलकत्ता, दादाभाई नौरोजी; 1929 लाहौर, पूर्ण स्वराज।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 14 Dec 2024, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  1. A.1878 में शस्त्र अधिनियम पारित हुआ, जिसने भारतीयों को हथियार रखने से रोक दिया।
  2. B.सरकार के समर्थन के लिए 1880 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पारित हुआ।
  3. C.1883 में सरकार द्वारा इल्बर्ट बिल लाने की कोशिश पर भारी हंगामा हुआ।
  4. D.1870 और 1880 के दशकों में ब्रिटिश शासन के प्रति असंतोष बढ़ गया।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकार के समर्थन के लिए 1880 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पारित हुआ।

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकार के समर्थन के लिए 1880 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पारित हुआ। यह कथन दोनों बातों में गलत है: यह कानून 1878 में पारित हुआ था, और इसका उद्देश्य सरकार का समर्थन करना नहीं, बल्कि सरकार की आलोचना करने वाले अखबारों का मुँह बंद करना था। वायसराय लॉर्ड लिटन के समय बने इस कानून से सरकार किसी अखबार की संपत्ति, यहाँ तक कि उसका छापाखाना भी, ज़ब्त कर सकती थी, अगर उसमें कुछ 'आपत्तिजनक' छपता। शिक्षित भारतीय इससे इतने नाराज़ हुए कि बाद में लॉर्ड रिपन ने इसे रद्द कर दिया। NCERT इसे उन कदमों में गिनता है जिन्होंने 1870 और 1880 के दशकों में भारतीयों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ किया। A सही कथन है, क्योंकि 1878 के शस्त्र अधिनियम ने भारतीयों को हथियार रखने से रोका। C सही है, क्योंकि 1883 के इल्बर्ट बिल, जिससे भारतीय न्यायाधीश अंग्रेज़ों पर मुकदमा चला सकते थे, पर भारत में रहने वाले अंग्रेज़ों ने भारी हंगामा किया। D सही है, क्योंकि इन्हीं दो दशकों में असंतोष तेज़ी से बढ़ा और 1885 में कांग्रेस बनी। परीक्षा टिप: शस्त्र अधिनियम और वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट – दोनों 1878, लिटन के समय; इल्बर्ट बिल – 1883, रिपन के समय।