स्वतंत्रता के बाद का भारत 1947-1964: परीक्षा नोट्स
1947 से 1964 तक के भारत के पूरे नोट्स - देशी रियासतों का विलय, भाषा के आधार पर पुनर्गठन, पहला आम चुनाव, पंचवर्षीय योजनाएँ, पंचायती राज और पंचशील।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

अगस्त 1947 में सत्ता हस्तांतरण और मई 1964 में जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बीच के सत्रह वर्षों ने भारतीय गणराज्य का स्वरूप तय किया। इस छोटी अवधि में पाँच सौ से अधिक देशी रियासतों का विलय हुआ, प्रांतों की सीमाएँ भाषा के आधार पर फिर से खींची गईं, संविधान बना और लागू हुआ, वयस्क मताधिकार पर पहला आम चुनाव हुआ, नियोजन आर्थिक नीति का साधन बना और गुटनिरपेक्षता की विदेश नीति खड़ी हुई। परीक्षक इस अध्याय से बहुत प्रश्न बनाते हैं, क्योंकि इसका हर पड़ाव एक तिथि, एक व्यक्ति और एक स्थान साथ लाता है।
देशी रियासतों का विलय
जुलाई 1947 में रियासत विभाग बना, जिसके मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल और सचिव वी. पी. मेनन थे। रियासतों से विलय पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए, जिसमें रक्षा, विदेश और संचार भारत को सौंपे गए, और तीन को छोड़कर सभी ने 15 अगस्त 1947 से पहले हस्ताक्षर कर दिए।
| रियासत | समस्या | समाधान |
|---|---|---|
| जूनागढ़ | नवाब ने पाकिस्तान में विलय की घोषणा की | जनविद्रोह और फरवरी 1948 का जनमत संग्रह, जो भारी बहुमत से भारत के पक्ष में गया |
| हैदराबाद | निजाम ने यथास्थिति समझौता किया और विलय टालता रहा | ऑपरेशन पोलो, 13 से 18 सितंबर 1948 की पुलिस कार्रवाई |
| जम्मू-कश्मीर | पाकिस्तान से आए कबायली हमलावरों का आक्रमण | महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए; युद्धविराम 1 जनवरी 1949 को हुआ |
गोवा को पुर्तगाली शासन से दिसंबर 1961 के ऑपरेशन विजय ने मुक्त कराया, जबकि फ्रांस ने पुदुचेरी 1954 में सौंपा और 1962 की संधि से यह हस्तांतरण पूरा हुआ।
भाषा के आधार पर पुनर्गठन
1948 के धार आयोग और नेहरू, पटेल तथा पट्टाभि सीतारमैया की जेवीपी समिति, दोनों ने भाषा के आधार पर प्रांतों के पुनर्गठन के विरुद्ध सलाह दी। 15 दिसंबर 1952 को अट्ठावन दिन के उपवास के बाद पोट्टी श्रीरामुलु की मृत्यु ने सरकार को 1 अक्टूबर 1953 को आंध्र राज्य बनाने के लिए विवश किया, जो भाषा के आधार पर बना पहला राज्य था। इसके बाद फजल अली की अध्यक्षता में राज्य पुनर्गठन आयोग बना, जिसके सदस्य के. एम. पणिक्कर और एच. एन. कुंजरू थे, और उसकी रिपोर्ट से राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 आया, जिसके बाद भारत में चौदह राज्य और छह संघ राज्यक्षेत्र रह गए। बॉम्बे राज्य 1 मई 1960 को महाराष्ट्र और गुजरात में बँटा और नगालैंड 1963 में राज्य बना।
संविधान, चुनाव और कानून
संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और डॉ. राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति बने। 1951 के पहले संशोधन ने जमींदारी समाप्त करने वाले कानूनों को बचाने के लिए नौवीं अनुसूची जोड़ी। पहला आम चुनाव अक्टूबर 1951 से फरवरी 1952 तक पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन की देखरेख में हुआ और कांग्रेस ने नेहरू के नेतृत्व में सरकार बनाई। हिंदू कोड बिल, जिसे बी. आर. आंबेडकर आगे बढ़ा रहे थे और जिसके कारण उन्होंने 1951 में मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दिया, अलग-अलग भागों में पास हुआ - हिंदू विवाह अधिनियम 1955 तथा 1956 के हिंदू उत्तराधिकार, हिंदू अल्पसंख्यकता और संरक्षकता, और हिंदू दत्तक तथा भरण-पोषण अधिनियम।
नियोजन और अर्थव्यवस्था
- योजना आयोग मार्च 1950 में मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से बना, जिसका अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता था, और 1952 में राष्ट्रीय विकास परिषद बनी।
- पहली पंचवर्षीय योजना (1951 से 1956) हैरोड-डोमर मॉडल पर आधारित थी और उसने कृषि, सिंचाई तथा उन बाँधों को प्राथमिकता दी जिन्हें नेहरू आधुनिक भारत के मंदिर कहते थे, जैसे भाखड़ा नांगल और हीराकुंड।
- दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956 से 1961) पी. सी. महालनोबिस के मॉडल पर थी और उसने भारी उद्योग को पहला स्थान दिया; सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात कारखाने भिलाई में सोवियत सहयोग से, राउरकेला में पश्चिम जर्मनी के सहयोग से और दुर्गापुर में ब्रिटेन के सहयोग से लगे।
- 1948 और 1956 के औद्योगिक नीति प्रस्तावों ने आधारभूत उद्योग राज्य के लिए सुरक्षित रखे और भारत को मिश्रित अर्थव्यवस्था दी।
- समुदाय विकास कार्यक्रम 2 अक्टूबर 1952 को शुरू हुआ, और 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायत की सिफारिश की, जिसका उद्घाटन नेहरू ने 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर में किया।
- विज्ञान और शिक्षा 1948 के परमाणु ऊर्जा आयोग (होमी भाभा), 1951 में खड़गपुर के पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और 1953 के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से आगे बढ़े।
विदेश नीति और अंतिम वर्ष
भारत शीत युद्ध के दोनों गुटों से अलग रहा। पंचशील के पाँच सिद्धांत तिब्बत के विषय में चीन के साथ 29 अप्रैल 1954 को हुए समझौते में लिखे गए, भारत ने 1955 के बांडुंग सम्मेलन में भाग लिया, और गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन 1961 में बेलग्रेड में हुआ। 1959 में दलाई लामा को शरण देने और सीमा विवाद बढ़ने के बाद चीन से मित्रता टूट गई और अक्टूबर-नवंबर 1962 का युद्ध हुआ, जिसने भारतीय रक्षा तैयारियों की कमजोरी उजागर कर दी। 1963 की कामराज योजना ने वरिष्ठ नेताओं से पद छोड़कर संगठन का काम करने को कहा। नेहरू का निधन 27 मई 1964 को हुआ; गुलजारीलाल नंदा कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे और लाल बहादुर शास्त्री ने 9 जून 1964 को पद संभाला।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय के प्रश्न लगभग सदा तथ्यों के जोड़े पर बनते हैं। सबसे आम जोड़ा रियासत और उसके विलय का तरीका है, जिसमें जूनागढ़ के साथ जनमत संग्रह, हैदराबाद के साथ ऑपरेशन पोलो और कश्मीर के साथ विलय पत्र आता है। इसके बाद आयोग और समितियाँ अपने अध्यक्षों के साथ पूछी जाती हैं - 1948 में धार, 1949 में जेवीपी समिति, 1953 में फजल अली और 1957 में बलवंत राय मेहता। राज्यों के गठन की तिथियाँ सीधे पूछी जाती हैं, इसलिए आंध्र के लिए 1 अक्टूबर 1953, राज्य पुनर्गठन अधिनियम के लिए 1 नवंबर 1956, महाराष्ट्र-गुजरात के लिए 1 मई 1960 और नगालैंड के लिए 1 दिसंबर 1963 पक्का कर लें। अर्थव्यवस्था से पहली दो योजनाओं के मॉडल तथा तीन इस्पात कारखाने और उनके विदेशी सहयोगी मानक प्रश्न हैं। कार्रवाइयों के नाम विकल्पों में घुमाए जाते हैं, इसलिए 1948 के ऑपरेशन पोलो को 1961 के ऑपरेशन विजय से अलग रखें। अंत में 1964 का उत्तराधिकार, जिसमें नंदा कार्यवाहक और 9 जून से शास्त्री प्रधानमंत्री हैं, मनपसंद प्रश्न है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| रियासत विभाग | जुलाई 1947 में गठित; मंत्री सरदार पटेल, सचिव वी. पी. मेनन |
|---|---|
| जूनागढ़ | फरवरी 1948 के जनमत संग्रह के बाद विलय |
| हैदराबाद | ऑपरेशन पोलो, 13 से 18 सितंबर 1948 |
| जम्मू-कश्मीर | महाराजा हरि सिंह द्वारा 26 अक्टूबर 1947 को विलय पत्र पर हस्ताक्षर |
| गोवा, दमन और दीव | ऑपरेशन विजय, दिसंबर 1961, पुर्तगाली शासन की समाप्ति |
| पहला भाषायी राज्य | आंध्र राज्य, 1 अक्टूबर 1953, राजधानी कर्नूल |
| राज्य पुनर्गठन आयोग | अध्यक्ष फजल अली, सदस्य के. एम. पणिक्कर और एच. एन. कुंजरू |
| राज्य पुनर्गठन अधिनियम | 1956; चौदह राज्य और छह संघ राज्यक्षेत्र |
| महाराष्ट्र और गुजरात | बॉम्बे राज्य से 1 मई 1960 को बने |
| योजना आयोग | मार्च 1950 में मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से गठित, अध्यक्ष प्रधानमंत्री |
| पहली पंचवर्षीय योजना | 1951 से 1956, हैरोड-डोमर मॉडल, कृषि और सिंचाई को प्राथमिकता |
| दूसरी पंचवर्षीय योजना | 1956 से 1961, महालनोबिस मॉडल, भारी उद्योग को प्राथमिकता |
| दूसरी योजना के इस्पात कारखाने | भिलाई - सोवियत संघ, राउरकेला - पश्चिम जर्मनी, दुर्गापुर - ब्रिटेन |
| पंचायती राज | बलवंत राय मेहता समिति 1957; उद्घाटन 2 अक्टूबर 1959, नागौर, राजस्थान |
| पंचशील | तिब्बत के विषय में चीन के साथ समझौता, 29 अप्रैल 1954 |
| 1964 का उत्तराधिकार | 27 मई को नेहरू का निधन; गुलजारीलाल नंदा कार्यवाहक; 9 जून से लाल बहादुर शास्त्री |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
सितंबर 1948 में हैदराबाद रियासत को भारतीय संघ में मिलाने के लिए कौन-सी कार्रवाई की गई थी?
- A.ऑपरेशन विजय
- B.ऑपरेशन पोलो
- C.ऑपरेशन मेघदूत
- D.ऑपरेशन कैक्टस
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हैदराबाद के निजाम ने नवंबर 1947 में यथास्थिति समझौता किया और उसके बाद विलय टालते रहे, जबकि रजाकार मिलिशिया ग्रामीण क्षेत्रों में आतंक फैला रही थी; भारत सरकार ने 13 से 18 सितंबर 1948 तक सेना भेजी, जिस कार्रवाई को ऑपरेशन पोलो कहा गया, और इसके बाद हैदराबाद भारत में…
पूरी व्याख्या पढ़ें →1947 के बाद देशी रियासतों के विलय का काम करने वाले रियासत विभाग के प्रमुख कौन थे?
- A.जवाहरलाल नेहरू
- B.सरदार वल्लभभाई पटेल
- C.सी. राजगोपालाचारी
- D.राजेंद्र प्रसाद
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रियासत विभाग जुलाई 1947 में बना, जिसके प्रभारी मंत्री पटेल और सचिव वी. पी. मेनन थे, और इन दोनों ने शासकों को विलय पत्र पर हस्ताक्षर के लिए तैयार किया; इसी कारण पटेल को भारत का लौह पुरुष कहा जाता है और उनका जन्मदिन राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में…
पूरी व्याख्या पढ़ें →लंबे उपवास के बाद किस नेता की मृत्यु से 1953 में आंध्र राज्य का निर्माण हुआ?
- A.पोट्टी श्रीरामुलु
- B.टंगुटूरी प्रकाशम
- C.एन. जी. रंगा
- D.पट्टाभि सीतारमैया
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उन्होंने अलग तेलुगुभाषी राज्य के लिए उपवास किया और 15 दिसंबर 1952 को उपवास के अट्ठावनवें दिन उनकी मृत्यु हो गई; इसके बाद हुए आंदोलन ने सरकार को आंध्र राज्य की घोषणा के लिए विवश किया, जो 1 अक्टूबर 1953 को भाषा के आधार पर बना पहला राज्य था और…
पूरी व्याख्या पढ़ें →1953 में नियुक्त राज्य पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
- A.के. एम. पणिक्कर
- B.एच. एन. कुंजरू
- C.फजल अली
- D.एस. के. धार
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राज्य पुनर्गठन आयोग दिसंबर 1953 में न्यायमूर्ति फजल अली की अध्यक्षता में बना, जिसके दो सदस्य इतिहासकार तथा राजनयिक के. एम. पणिक्कर और शिक्षाशास्त्री एच. एन. कुंजरू थे; उसकी 1955 की रिपोर्ट ने भाषा को पुनर्गठन का आधार स्वीकार किया पर एक भाषा, एक राज्य के सूत्र को अस्वीकार कर…
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 ने भारत को कितने राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों में पुनर्गठित किया?
- A.सोलह राज्य और नौ संघ राज्यक्षेत्र
- B.चौदह राज्य और छह संघ राज्यक्षेत्र
- C.सत्रह राज्य और दस संघ राज्यक्षेत्र
- D.बारह राज्य और पाँच संघ राज्यक्षेत्र
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यह अधिनियम 1 नवंबर 1956 को लागू हुआ और उसी वर्ष के सातवें संशोधन के साथ मिलकर उसने भाग क, भाग ख, भाग ग और भाग घ राज्यों का पुराना वर्गीकरण समाप्त कर दिया, जो संविधान ने 1950 में रखा था, और अंत में चौदह राज्य तथा छह संघ राज्यक्षेत्र…
पूरी व्याख्या पढ़ें →बॉम्बे राज्य का विभाजन महाराष्ट्र और गुजरात में किस तिथि को हुआ?
- A.1 नवंबर 1956
- B.1 मई 1960
- C.1 अक्टूबर 1953
- D.1 दिसंबर 1963
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बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम ने द्विभाषी बॉम्बे राज्य को दो भागों में बाँटा - महाराष्ट्र, जिसकी राजधानी बॉम्बे रही, और गुजरात, जिसकी राजधानी अहमदाबाद तथा बाद में गांधीनगर बनी; यह दिन महाराष्ट्र दिवस और गुजरात दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की दूसरी पंचवर्षीय योजना किस अर्थशास्त्री के मॉडल पर आधारित थी?
- A.पी. सी. महालनोबिस
- B.वी. के. आर. वी. राव
- C.डी. आर. गाडगिल
- D.अमर्त्य सेन
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1956 से 1961 तक चली दूसरी पंचवर्षीय योजना प्रशांत चंद्र महालनोबिस के दो-क्षेत्रीय मॉडल पर बनी थी और उसने भारी तथा आधारभूत उद्योग को पहला स्थान दिया; भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर के सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात कारखाने इसी योजना के हैं, और 1956 के औद्योगिक नीति प्रस्ताव ने उसे कानूनी…
पूरी व्याख्या पढ़ें →जवाहरलाल नेहरू ने 2 अक्टूबर 1959 को भारत में पंचायती राज का उद्घाटन किस स्थान पर किया?
- A.राजस्थान का नागौर
- B.आंध्र प्रदेश का शादनगर
- C.महाराष्ट्र का वर्धा
- D.हरियाणा का भिवानी
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1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की त्रिस्तरीय व्यवस्था के जरिए लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सिफारिश की, और नेहरू ने 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में इस योजना का उद्घाटन किया, जिससे राजस्थान पंचायती राज अपनाने वाला पहला राज्य बना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दिसंबर 1961 में गोवा को पुर्तगाली शासन से किस सैन्य कार्रवाई द्वारा मुक्त कराया गया?
- A.ऑपरेशन पोलो
- B.ऑपरेशन विजय
- C.ऑपरेशन ट्राइडेंट
- D.ऑपरेशन रिडल
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भारतीय सेनाएँ 18 और 19 दिसंबर 1961 को ऑपरेशन विजय के अंतर्गत गोवा, दमन और दीव में प्रवेश कर गईं, साढ़े चार सौ वर्ष का पुर्तगाली शासन समाप्त हुआ, और गोवा संघ राज्यक्षेत्र के रूप में चलता रहा, जो 1987 में भारत का पच्चीसवाँ राज्य बना तथा जहाँ कोंकणी राजभाषा…
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंचशील के पाँच सिद्धांत पहली बार 1954 के किस देश के साथ हुए समझौते की प्रस्तावना में रखे गए थे?
- A.सोवियत संघ
- B.चीन
- C.इंडोनेशिया
- D.मिस्र
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संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता के परस्पर सम्मान, अनाक्रमण, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, समानता तथा परस्पर लाभ, और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पाँच सिद्धांत चीन के तिब्बत क्षेत्र के साथ व्यापार और आवागमन संबंधी समझौते की प्रस्तावना में लिखे गए थे, जो 29 अप्रैल 1954 को हुआ और नेहरू तथा…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त कौन थे, जिनकी देखरेख में 1951-52 का पहला आम चुनाव हुआ?
- A.सुकुमार सेन
- B.टी. स्वामीनाथन
- C.के. वी. के. सुंदरम
- D.एस. पी. सेन वर्मा
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भारतीय सिविल सेवा के अधिकारी सुकुमार सेन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त थे और उन्होंने पहला आम चुनाव कराया, जो अक्टूबर 1951 से फरवरी 1952 तक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ हुआ, जिसमें लगभग सत्रह करोड़ तीस लाख मतदाता थे और जिनमें अधिकांश पढ़ नहीं सकते थे; इसी…
पूरी व्याख्या पढ़ें →जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद 9 जून 1964 को भारत के प्रधानमंत्री पद पर कौन आए?
- A.गुलजारीलाल नंदा
- B.मोरारजी देसाई
- C.लाल बहादुर शास्त्री
- D.के. कामराज
उत्तर देखें
नेहरू का निधन 27 मई 1964 को पद पर रहते हुए हुआ, इसके बाद तेरह दिन गुलजारीलाल नंदा कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे, और लाल बहादुर शास्त्री ने 9 जून 1964 को शपथ ली; उन्होंने 1965 के युद्ध में देश का नेतृत्व किया, जय जवान जय किसान का नारा दिया और जनवरी…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कौन-सी रियासतें 15 अगस्त 1947 से पहले भारत में नहीं मिली थीं?
जूनागढ़, हैदराबाद और जम्मू-कश्मीर। जूनागढ़ जनविद्रोह तथा फरवरी 1948 के जनमत संग्रह के बाद मिला, हैदराबाद सितंबर 1948 की ऑपरेशन पोलो नामक पुलिस कार्रवाई के बाद, और जम्मू-कश्मीर तब, जब पाकिस्तान से आए कबायली हमलावरों के बढ़ने पर महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए।
भाषा के आधार पर बना भारत का पहला राज्य कौन था?
आंध्र राज्य, जो पोट्टी श्रीरामुलु के उपवास से हुई मृत्यु के बाद 1 अक्टूबर 1953 को कर्नूल को राजधानी बनाकर बना। यह मद्रास राज्य से अलग किया गया था, और 1956 में हैदराबाद के तेलुगुभाषी क्षेत्रों से मिलाकर आंध्र प्रदेश बना, जिसकी राजधानी हैदराबाद हुई।
पहली और दूसरी पंचवर्षीय योजना में क्या अंतर था?
1951 से 1956 तक की पहली योजना हैरोड-डोमर मॉडल पर थी और उसने कृषि, सिंचाई तथा बड़े बाँधों को पहला स्थान दिया, क्योंकि अनाज की कमी और विभाजन से हुई अव्यवस्था तत्काल समस्याएँ थीं। 1956 से 1961 तक की दूसरी योजना महालनोबिस मॉडल पर थी और उसने भारी उद्योग को पहला स्थान दिया, इसलिए भिलाई, राउरकेला तथा दुर्गापुर के इस्पात कारखाने इसी से जुड़े हैं।
भारत के प्रशासनिक इतिहास में 1956 क्यों महत्वपूर्ण है?
1956 में दो परिवर्तन साथ आए। राज्य पुनर्गठन अधिनियम ने भाषा के आधार पर नक्शा बदला और चौदह राज्य तथा छह संघ राज्यक्षेत्र छोड़े, और सातवें संशोधन ने राज्यों का भाग क, ख, ग तथा घ वाला वर्गीकरण हटाया, जो संविधान ने 1950 में अपनाया था। उसी वर्ष के औद्योगिक नीति प्रस्ताव ने मिश्रित अर्थव्यवस्था को रूप दिया।
नेहरू और शास्त्री के बीच प्रधानमंत्री कौन थे?
गुलजारीलाल नंदा तेरह दिन कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे, यानी 27 मई 1964 को नेहरू के निधन से 9 जून 1964 को लाल बहादुर शास्त्री के शपथ लेने तक। जनवरी 1966 में ताशकंद में शास्त्री के निधन के बाद नंदा दूसरी बार कार्यवाहक बने, इसलिए उन्हें दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहने के लिए याद किया जाता है।
स्रोत
- स्वतंत्र भारत में राजनीति (कक्षा 12), राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ और नियोजित विकास अध्याय — एनसीईआरटी
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 — इंडिया कोड, भारत सरकार
- रियासतों के विलय पर अभिलेख — भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार





