मुगल साम्राज्य: शासक, प्रशासन और पतन
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुगल साम्राज्य के पूर्ण नोट्स: बाबर से बहादुर शाह ज़फ़र तक के शासक, निर्णायक युद्ध, अकबर के सुधार, मनसबदारी, स्थापत्य और पतन।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

मुगल साम्राज्य ने 1526 से 1857 तक भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े भाग पर शासन किया और मध्यकालीन भारत में यही अध्याय परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछा जाता है। प्रश्न चार जगहों से आते हैं: शासकों का क्रम, सिंहासन का निर्णय करने वाले युद्ध, राजस्व तथा सैनिक व्यवस्था, और प्रत्येक शासनकाल की इमारतें और ग्रंथ। ये चारों बातें यहाँ उसी क्रम में दी गई हैं जिस क्रम में प्रश्नपत्र इन्हें पूछता है।
बाबर और साम्राज्य की स्थापना
फरगना का तैमूरी शासक बाबर पिता की ओर से तैमूर और माता की ओर से चंगेज़ खान का वंशज था। उसने 1504 में काबुल पर अधिकार किया और इसके बाद भारत की ओर बढ़ा। 1526 के पानीपत के प्रथम युद्ध में उसने दिल्ली के अंतिम लोदी सुल्तान इब्राहीम लोदी को हराया; इस युद्ध में उसकी तोपों और तुलुगमा नामक घेरा डालने वाली रणनीति ने संख्या में बड़ी सेना को परास्त कर दिया। इसके बाद तीन विजयों ने विजय को स्थायी किया: 1527 में खानवा में मेवाड़ के राणा सांगा के विरुद्ध, 1528 में चंदेरी में मेदिनी राय के विरुद्ध और 1529 में घाघरा में बिहार तथा बंगाल के अफगानों के विरुद्ध। बाबर ने अपनी आत्मकथा तुजुक-ए-बाबरी अर्थात बाबरनामा तुर्की भाषा में लिखी। 1530 में आगरा में उसका देहांत हुआ और उसे काबुल में दफनाया गया।
हुमायूँ और सूर वंश का व्यवधान
हुमायूँ 1539 के चौसा युद्ध और 1540 के कन्नौज अथवा बिलग्राम युद्ध में शेरशाह सूरी से हार गया और पंद्रह वर्ष निर्वासन में, मुख्यतः फारस में रहा। शेरशाह ने 1540 से 1545 तक शासन किया और ऐसी व्यवस्था छोड़ी जिससे मुगलों ने बहुत कुछ लिया: चाँदी का रुपया और ताँबे का दाम, सोनारगाँव से सिंधु तक पुनर्निर्मित ग्रैंड ट्रंक रोड, घोड़ों से चलने वाली डाक व्यवस्था और भूमि की पैमाइश पर आधारित लगान। उसका मकबरा बिहार के सासाराम में है। हुमायूँ ने 1555 के सरहिंद युद्ध के बाद दिल्ली फिर पाई और अगले ही वर्ष पुस्तकालय की सीढ़ियों से गिरकर उसकी मृत्यु हो गई। दिल्ली में उसका मकबरा, जो उसकी बेगम हमीदा बानो बेगम ने बनवाया, मुगलों का पहला बड़ा बागवाला मकबरा और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
अकबर, 1556 से 1605
राज्याभिषेक के समय अकबर तेरह वर्ष का था और उसके संरक्षक बैरम खान ने 1556 के पानीपत के द्वितीय युद्ध में हेमू को हराया। अकबर ने 1563 में तीर्थयात्रा कर और 1564 में जजिया समाप्त किया, आमेर के कछवाहा घराने से वैवाहिक संबंध बनाया और राजपूत सरदारों को शाही सेवा में लिया। 1576 में हल्दीघाटी में मुगल सेना ने मेवाड़ के महाराणा प्रताप से युद्ध किया, जिसमें शाही पक्ष का नेतृत्व राजा मान सिंह ने किया। अकबर ने 1571 से फतेहपुर सीकरी बसाई, गुजरात विजय के बाद बुलंद दरवाजा जोड़ा, 1575 में धार्मिक चर्चा के लिए इबादतखाना खोला और 1582 में दीन-ए-इलाही की घोषणा की; उसका मूल सिद्धांत सुलह-ए-कुल यानी सबके साथ शांति था। उसकी दो स्थायी संस्थाएँ थीं: मनसबदारी व्यवस्था, जिसमें प्रत्येक अमीर को व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के लिए जात और घुड़सवारों की संख्या के लिए सवार मनसब मिलता था, तथा 1580 की दहसाला या जब्ती बंदोबस्त, जिसे राजा टोडरमल ने दस वर्ष की औसत उपज और कीमतों के आधार पर बनाया। अबुल फजल ने अकबरनामा लिखा, जिसका तीसरा भाग आइन-ए-अकबरी है, और दरबार के नौ रत्नों में टोडरमल, बीरबल, तानसेन और अबुल फजल गिने जाते हैं।
जहाँगीर से औरंगजेब तक
1605 से 1627 तक शासन करने वाले जहाँगीर ने आगरा के किले में न्याय की सोने की जंजीर लगवाई, 1611 में नूरजहाँ से विवाह किया, और 1608 में कैप्टन विलियम हॉकिन्स तथा 1615 में जेम्स प्रथम के राजदूत सर टॉमस रो का स्वागत किया। उसके काल में चित्रकला शिखर पर पहुँची। 1628 से 1658 तक शासन करने वाले शाहजहाँ ने मुमताज महल के लिए ताजमहल बनवाया, जिसका प्रमुख वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी था; उसने शाहजहानाबाद को राजधानी बनाया, वहाँ लाल किला और जामा मस्जिद बनवाई और रत्नजड़ित तख्त-ए-ताऊस पर बैठा। उसके काल को मुगल स्थापत्य का स्वर्णयुग कहा जाता है। औरंगजेब ने 1658 में सामूगढ़ में दारा शिकोह को हराया, आलमगीर की उपाधि ली, 1679 में जजिया फिर लगाया, दक्कन में पच्चीस वर्ष मराठों से लड़ा, 1689 में संभाजी को मृत्युदंड दिया और 1707 में उसकी मृत्यु हुई। औरंगाबाद के निकट खुल्दाबाद में उसकी साधारण कब्र है।
प्रशासन एक दृष्टि में
| पद | कार्यभार |
|---|---|
| दीवान-ए-आला | साम्राज्य का राजस्व और वित्त |
| मीर बख्शी | सैनिक वेतन, मनसब अभिलेख और गुप्तचर |
| सद्र-उस-सुदूर | धार्मिक अनुदान, दान और वक्फ |
| काजी-उल-कुजात | न्याय व्यवस्था |
| सूबेदार | सूबे अर्थात प्रांत का प्रमुख |
| फौजदार और कोतवाल | सरकार तथा नगर में कानून-व्यवस्था |
शासक और उनके वर्ष
| शासक | शासनकाल | किसलिए याद किया जाता है |
|---|---|---|
| बाबर | 1526-1530 | पानीपत प्रथम, खानवा, बाबरनामा |
| हुमायूँ | 1530-1540, 1555-1556 | चौसा, कन्नौज, निर्वासन और वापसी |
| अकबर | 1556-1605 | मनसबदारी, दहसाला, दीन-ए-इलाही |
| जहाँगीर | 1605-1627 | नूरजहाँ, टॉमस रो, चित्रकला |
| शाहजहाँ | 1628-1658 | ताजमहल, लाल किला, तख्त-ए-ताऊस |
| औरंगजेब | 1658-1707 | दक्कन युद्ध, 1679 का जजिया |
पतन और उत्तरकालीन मुगल
1707 के बाद साम्राज्य तेजी से कमजोर हुआ। बहादुर शाह प्रथम, जहाँदार शाह और फर्रुखसियर, जिसने 1717 में अंग्रेजों को व्यापार का फरमान दिया, एक के बाद एक आए। रंगीला कहे जाने वाले मुहम्मद शाह के काल में फारस के नादिर शाह ने 1739 में करनाल का युद्ध जीता, दिल्ली लूटी और तख्त-ए-ताऊस तथा कोहिनूर ले गया। 1761 के पानीपत के तृतीय युद्ध में अहमद शाह अब्दाली ने मराठों को हराया, तब नाममात्र का सम्राट शाह आलम द्वितीय था; वही सम्राट 1764 में बक्सर में हारने वाले पक्ष में था और उसने 1765 में कंपनी को बंगाल, बिहार तथा ओडिशा की दीवानी दे दी। अंतिम सम्राट बहादुर शाह ज़फ़र को 1857 के विद्रोह ने नेता घोषित किया, उसी वर्ष उसे गद्दी से हटाया गया, रंगून भेजा गया और 1862 में वहीं उसकी मृत्यु हुई। पतन के कारणों में परीक्षाएँ कमजोर उत्तराधिकारी, उत्तराधिकार के युद्ध, दक्कन अभियानों का खर्च, जागीर तथा राजस्व का संकट और उत्तर-पश्चिम से आक्रमण गिनवाती हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्नपत्र छह बड़े शासकों का क्रम पूछते हैं और क्रम गड़बड़ करने वाला प्रश्न लगभग तय है। हर युद्ध उसके वर्ष और हारने वाले के साथ याद कीजिए: 1526 पानीपत में इब्राहीम लोदी, 1527 खानवा में राणा सांगा, 1539 चौसा, 1540 कन्नौज, 1556 पानीपत में हेमू, 1576 हल्दीघाटी, 1658 सामूगढ़, 1739 करनाल और 1761 पानीपत। दूसरा पसंदीदा प्रश्न किसी ग्रंथ या इमारत को उसके शासनकाल से जोड़ना है, इसलिए बाबरनामा, आइन-ए-अकबरी, फतेहपुर सीकरी, ताजमहल और शाहजहानाबाद अपने शासकों के साथ याद रखिए। भ्रम के बिंदु हैं दो पानीपत, जजिया की दो तिथियाँ, 1575 का इबादतखाना और 1582 का दीन-ए-इलाही, तथा उत्तरकालीन मुगल: 1757 के प्लासी, 1761 के पानीपत तृतीय और 1764 के बक्सर के समय कौन सम्राट था, इसका उत्तर छह बड़े शासकों में नहीं बल्कि किसी उत्तरकालीन मुगल में मिलता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पानीपत का प्रथम युद्ध | 1526, बाबर ने इब्राहीम लोदी को हराया |
|---|---|
| खानवा का युद्ध | 1527, बाबर ने मेवाड़ के राणा सांगा को हराया |
| पानीपत का द्वितीय युद्ध | 1556, बैरम खान ने हेमू को हराया |
| हल्दीघाटी का युद्ध | 1576, मान सिंह के नेतृत्व में मुगल सेना बनाम महाराणा प्रताप |
| दीन-ए-इलाही | अकबर ने 1582 में घोषित किया; इबादतखाना 1575 में खुला |
| दहसाला बंदोबस्त | 1580, राजा टोडरमल ने बनाया |
| ताजमहल | शाहजहाँ ने मुमताज महल के लिए बनवाया; प्रमुख वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी |
| जजिया | अकबर ने 1564 में हटाया, औरंगजेब ने 1679 में फिर लगाया |
| करनाल का युद्ध | 1739, नादिर शाह ने मुहम्मद शाह रंगीला को हराया |
| अंतिम मुगल सम्राट | बहादुर शाह ज़फ़र, रंगून निर्वासित, 1862 में मृत्यु |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
निम्नलिखित में से किस विकल्प में मुगल सम्राटों का कालक्रमानुसार सही क्रम है?
- A.जहाँगीर, अकबर, हुमायूँ, शाहजहाँ
- B.हुमायूँ, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ
- C.शाहजहाँ, अकबर, जहाँगीर, हुमायूँ
- D.अकबर, शाहजहाँ, हुमायूँ, जहाँगीर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हुमायूँ, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ
व्याख्या
सही उत्तर B, हुमायूँ, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ है। मुगल गद्दी बाबर से चली, जिसने 1526 से 1530 तक शासन किया, फिर उसके पुत्र हुमायूँ के पास 1530 से 1540 और दोबारा 1555 से 1556 तक रही, इसके बाद अकबर ने 1556 से 1605, जहाँगीर ने 1605 से 1627, शाहजहाँ ने 1628 से 1658 और औरंगजेब ने 1658 से 1707 तक शासन किया। विकल्प B इनमें से चार को ठीक इसी क्रम में रखता है, इसलिए वही सही है। विकल्प A गलत है क्योंकि वह हुमायूँ के पौत्र जहाँगीर को अकबर और हुमायूँ दोनों से पहले रख देता है। विकल्प C गलत है क्योंकि वह पूरा क्रम उलट देता है, शाहजहाँ से शुरू होकर उसके प्रपितामह हुमायूँ पर समाप्त होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि हुमायूँ शाहजहाँ के बाद नहीं बल्कि अकबर से पहले शासक था, और जहाँगीर शाहजहाँ से पहले आता है, अंत में नहीं। छह शासनकाल क्रम से याद रखना इस प्रकार के प्रश्नों का सबसे सुरक्षित उपाय है।
प्लासी के युद्ध के समय मुगल सम्राट कौन था?
- A.आलमगीर द्वितीय
- B.सिराजुद्दौला
- C.मीर कासिम
- D.शाह आलम द्वितीय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आलमगीर द्वितीय
व्याख्या
सही उत्तर A, आलमगीर द्वितीय है। प्लासी का युद्ध 1757 में ईस्ट इंडिया कंपनी के रॉबर्ट क्लाइव और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच हुआ था। उस वर्ष दिल्ली की गद्दी पर आलमगीर द्वितीय था, जिसने 1754 से 1759 तक शासन किया और तब तक अपने अमीरों के नियंत्रण में एक शक्तिहीन सम्राट रह गया था। विकल्प B गलत है क्योंकि सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब और प्लासी में हारने वाला पक्ष था, मुगल सम्राट नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मीर कासिम बंगाल का बाद का नवाब था, जो 1764 में बक्सर में लड़ा और कभी मुगल सिंहासन पर नहीं बैठा। विकल्प D गलत है क्योंकि शाह आलम द्वितीय 1759 में सम्राट बना, प्लासी के दो वर्ष बाद; उसी ने बक्सर हारा और 1765 में कंपनी को बंगाल की दीवानी दी।
किस मुगल सम्राट ने मकसूदाबाद नगर बसाया, जो बाद में मुर्शिदाबाद के नाम से प्रसिद्ध हुआ?
- A.बहादुर शाह ज़फ़र
- B.शाहजहाँ
- C.हुमायूँ
- D.अकबर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अकबर
व्याख्या
सही उत्तर D, अकबर है। भागीरथी के तट पर जो नगर बाद में मुर्शिदाबाद बना, वह अकबर के शासनकाल में मकसूदाबाद के नाम से बसा था और यही नाम तब तक चला जब तक अठारहवीं शताब्दी के आरंभ में बंगाल के सूबेदार मुर्शिद कुली खान ने अपना मुख्यालय वहाँ ले जाकर उसका नाम अपने नाम पर नहीं रख दिया। इसके बाद मुर्शिदाबाद नवाबों के अधीन बंगाल की राजधानी रहा, और प्लासी के बाद अंग्रेजों ने सत्ता कलकत्ता ले गई। विकल्प A गलत है क्योंकि बहादुर शाह ज़फ़र उन्नीसवीं शताब्दी में केवल दिल्ली तक सीमित अंतिम सम्राट था और उसने कोई नगर नहीं बसाया। विकल्प B गलत है क्योंकि शाहजहाँ ने दिल्ली में शाहजहानाबाद बसाया, मकसूदाबाद नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि हुमायूँ का बहुत समय शेरशाह सूरी से युद्ध और फारस के निर्वासन में बीता और यह नगर उसके नाम से नहीं जुड़ा। मकसूदाबाद और मुर्शिदाबाद की जोड़ी अकबर के साथ याद रखिए।
किस मुगल सम्राट को रंगीला के नाम से जाना जाता है?
- A.फर्रुखसियर
- B.रफी-उद-दराजात
- C.मुहम्मद शाह
- D.रफी-उद-दौला
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मुहम्मद शाह
व्याख्या
सही उत्तर C, मुहम्मद शाह है। 1719 से 1748 तक शासन करने वाले मुहम्मद शाह को संगीत, चित्रकला और विलासिता के प्रेम के कारण रंगीला कहा गया, जबकि उसी समय साम्राज्य चारों ओर से बिखर रहा था। उसके काल में मराठे उत्तर भारत तक बढ़ आए और फारस के नादिर शाह ने 1739 में करनाल का युद्ध जीतकर दिल्ली लूटी और तख्त-ए-ताऊस तथा कोहिनूर ले गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1713 से 1719 तक शासन करने वाला फर्रुखसियर 1717 के उस फरमान के लिए याद किया जाता है जिसने अंग्रेजों को बंगाल में व्यापारिक सुविधाएँ दीं। विकल्प B गलत है क्योंकि रफी-उद-दराजात 1719 में केवल कुछ महीने गद्दी पर रहा और उसका ऐसा कोई उपनाम नहीं है। विकल्प D भी इसी कारण गलत है: रफी-उद-दौला, जिसे शाहजहाँ द्वितीय भी कहा जाता है, 1719 में सैयद बंधुओं के नियंत्रण में थोड़े समय शासक रहा।
पानीपत के तृतीय युद्ध के समय मुगल सम्राट कौन था?
- A.अकबर द्वितीय
- B.शाह आलम द्वितीय
- C.बहादुर शाह प्रथम
- D.बहादुर शाह ज़फ़र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. शाह आलम द्वितीय
व्याख्या
सही उत्तर B, शाह आलम द्वितीय है। पानीपत का तृतीय युद्ध 1761 में अफगानिस्तान के अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच हुआ, जिसमें मराठे हार गए। उस समय मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय था, जिसने 1759 से 1806 तक शासन किया, हालाँकि उसके पास वास्तविक शक्ति नहीं थी और युद्ध के समय वह दिल्ली से बाहर था। विकल्प A गलत है क्योंकि अकबर द्वितीय ने 1806 से 1837 तक शासन किया, 1761 के बहुत बाद, और वह राम मोहन राय को राजा की उपाधि देने के लिए याद किया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि औरंगजेब का पुत्र बहादुर शाह प्रथम 1707 से 1712 तक शासक रहा, युद्ध से आधी शताब्दी पहले। विकल्प D गलत है क्योंकि अंतिम सम्राट बहादुर शाह ज़फ़र 1837 में गद्दी पर आया और 1857 के विद्रोह के बाद हटाया गया। तीनों पानीपत को 1526, 1556 और 1761 से जोड़कर याद रखिए।
1526 के पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने किसे हराया था?
- A.राणा सांगा
- B.इब्राहीम लोदी
- C.हेमू
- D.मेदिनी राय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इब्राहीम लोदी
व्याख्या
सही उत्तर B, इब्राहीम लोदी है। 1526 के पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने दिल्ली के लोदी वंश के अंतिम सुल्तान इब्राहीम लोदी को हराया, जो युद्धभूमि में ही मारा गया। इस विजय से दिल्ली सल्तनत समाप्त हुई और भारत में मुगल शासन की नींव पड़ी; इसका बड़ा कारण बाबर की तोपें और दोनों पार्श्वों से घेरने की तुलुगमा रणनीति थी। विकल्प A गलत है क्योंकि मेवाड़ के राणा सांगा अगले वर्ष, 1527 में खानवा के युद्ध में हारे। विकल्प C गलत है क्योंकि हेमू वह अफगान सेनापति था जिसे तीस वर्ष बाद 1556 के पानीपत के द्वितीय युद्ध में अकबर के संरक्षक बैरम खान ने हराया। विकल्प D गलत है क्योंकि मेदिनी राय 1528 में चंदेरी में पराजित हुए। इन चार नामों को उनके वर्ष और युद्ध के साथ याद कर लेना प्रश्नों के पूरे समूह का उत्तर दे देता है।
अकबर ने दीन-ए-इलाही की घोषणा किस वर्ष की?
- A.1564
- B.1571
- C.1575
- D.1582
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1582
व्याख्या
सही उत्तर D, 1582 है। अकबर ने 1582 में दीन-ए-इलाही की घोषणा की, जो विभिन्न धर्मों के विद्वानों से वर्षों की चर्चा के बाद बनी नैतिक भक्ति की एक व्यवस्था थी। विकल्प A गलत है क्योंकि 1564 वह वर्ष है जब उसने गैर-मुस्लिम प्रजा पर लगने वाला जजिया समाप्त किया, और उससे एक वर्ष पहले 1563 में तीर्थयात्रा कर हटाया था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1571 में उसने फतेहपुर सीकरी में नई राजधानी बनाना आरंभ किया। विकल्प C गलत है क्योंकि 1575 में उसने फतेहपुर सीकरी में इबादतखाना खोला, जहाँ धार्मिक चर्चाएँ होती थीं; दीन-ए-इलाही उसके सात वर्ष बाद आया और इसी बिंदु पर प्रश्न भ्रम पैदा करता है। इस पूरे प्रकरण में अकबर का मूल सिद्धांत सुलह-ए-कुल यानी सबके साथ शांति रहा, जिसे परीक्षाएँ नाम से भी पूछती हैं।
अकबर के काल में दहसाला अथवा जब्ती भू-राजस्व व्यवस्था किसने बनाई?
- A.राजा टोडरमल
- B.अबुल फजल
- C.बैरम खान
- D.राजा मान सिंह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. राजा टोडरमल
व्याख्या
सही उत्तर A, राजा टोडरमल है। अकबर के राजस्व मंत्री राजा टोडरमल ने 1580 में दहसाला या जब्ती बंदोबस्त पूरा किया। इसमें जोती गई भूमि की पैमाइश होती थी, उसे खेती की नियमितता के अनुसार वर्गों में बाँटा जाता था और राज्य की माँग पिछले दस वर्ष की औसत उपज तथा कीमतों से नकद रूप में तय की जाती थी; दहसाला का अर्थ भी दस वर्ष ही है। विकल्प B गलत है क्योंकि अबुल फजल दरबारी इतिहासकार था जिसने अकबरनामा और आइन-ए-अकबरी लिखी, यानी वही ग्रंथ जिसमें टोडरमल की व्यवस्था दर्ज है। विकल्प C गलत है क्योंकि बैरम खान अकबर के आरंभिक वर्षों का संरक्षक और 1556 के पानीपत के द्वितीय युद्ध का विजेता था, राजस्व अधिकारी नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि आमेर के राजा मान सिंह सेनापति थे जिन्होंने 1576 में हल्दीघाटी में शाही सेना का नेतृत्व किया। चारों ही अकबर के दरबार के व्यक्ति हैं, इसी से प्रश्न कठिन बनता है।
ताजमहल का प्रमुख वास्तुकार किसे बताया जाता है?
- A.उस्ताद ईसा
- B.उस्ताद अहमद लाहौरी
- C.मीर अब्दुल करीम
- D.मकरमत खान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उस्ताद अहमद लाहौरी
व्याख्या
सही उत्तर B, उस्ताद अहमद लाहौरी है। मुगल अभिलेखों में ताजमहल के प्रमुख वास्तुकार के रूप में उस्ताद अहमद लाहौरी का नाम आता है; यह वही मकबरा है जो शाहजहाँ ने आगरा में अपनी बेगम मुमताज महल के लिए बनवाया। शाहजहानाबाद के लाल किले से भी उसका नाम जोड़ा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि उस्ताद ईसा का नाम बाद की परंपरा और लोकप्रिय कथाओं में आता है, समकालीन प्रमाणों में नहीं, और प्रश्नपत्र इसे उत्तर नहीं मानते। विकल्प C गलत है क्योंकि मीर अब्दुल करीम जहाँगीर के काल का वास्तुकार था जिसने अन्य शाही निर्माणों में काम किया। विकल्प D गलत है क्योंकि मकरमत खान निर्माण का पर्यवेक्षक था, जिसने काम की व्यवस्था देखी, डिजाइन नहीं बनाया। ताजमहल को शाहजहाँ, मुमताज महल, आगरा और उस्ताद अहमद लाहौरी के साथ जोड़कर याद रखिए, और यह भी कि यह लाल बलुआ पत्थर के चबूतरे पर सफेद संगमरमर से बना है।
आइन-ए-अकबरी की रचना किसने की?
- A.बदायूँनी
- B.गुलबदन बेगम
- C.अबुल फजल
- D.फैजी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अबुल फजल
व्याख्या
सही उत्तर C, अबुल फजल है। अकबर के नवरत्नों में गिने जाने वाले अबुल फजल ने फारसी में अकबरनामा लिखा और उसका तीसरा भाग आइन-ए-अकबरी है, जिसमें साम्राज्य के सूबों, राजस्व, सेना, पदों, फसलों और कीमतों का विस्तृत विवरण है। अकबर के प्रशासन के लिए यह आज भी सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला स्रोत है। विकल्प A गलत है क्योंकि बदायूँनी ने मुंतखब-उत-तवारीख लिखी, जो अकबर की धार्मिक नीति के विरुद्ध लिखा गया इतिहास है। विकल्प B गलत है क्योंकि बाबर की पुत्री गुलबदन बेगम ने अपने भाई के शासन पर हुमायूँनामा लिखा। विकल्प D गलत है क्योंकि अबुल फजल के भाई फैजी दरबार के राजकवि थे और उन्होंने अनुवाद किए, परंतु आइन-ए-अकबरी नहीं लिखी। ग्रंथ और लेखक का मेल एक नियमित प्रश्न है, इसलिए ये चार जोड़ियाँ तैयार रखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना किसने और किस वर्ष की?
बाबर ने 1526 में पानीपत के प्रथम युद्ध में इब्राहीम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की। उसने 1504 में काबुल जीता था और पानीपत में तोपों तथा तुलुगमा रणनीति का प्रयोग किया।
मनसबदारी व्यवस्था में जात और सवार मनसब में क्या अंतर था?
जात मनसब अमीर की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा, वेतन और दरबार में स्थान तय करता था, जबकि सवार मनसब यह तय करता था कि उसे सम्राट के लिए कितने घुड़सवार रखने हैं। दोनों को अकबर ने व्यवस्थित किया।
ताजमहल किस मुगल शासक ने बनवाया और उसका वास्तुकार कौन था?
शाहजहाँ ने आगरा में अपनी बेगम मुमताज महल के लिए यह मकबरा बनवाया और उस्ताद अहमद लाहौरी को इसका प्रमुख वास्तुकार बताया जाता है। शाहजहाँ ने शाहजहानाबाद में लाल किला और जामा मस्जिद भी बनवाई।
अंतिम मुगल सम्राट कौन था?
बहादुर शाह ज़फ़र। 1857 के विद्रोहियों ने उसे अपना नेता घोषित किया, अंग्रेजों ने उसी वर्ष उसे गद्दी से हटाया, बर्मा के रंगून भेज दिया और 1862 में वहीं उसकी मृत्यु हुई।
किस मुगल शासक ने जजिया फिर से लगाया?
औरंगजेब ने 1679 में गैर-मुस्लिम प्रजा पर लगने वाला जजिया फिर लगाया। अकबर ने इसे 1564 में समाप्त किया था, उससे एक वर्ष पहले 1563 में तीर्थयात्रा कर हटाया था।
स्रोत
- हमारे अतीत II (कक्षा VII), अध्याय 4: मुगल साम्राज्य — एनसीईआरटी
- भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा XII), अध्याय 9: शासक और इतिवृत्त, मुगल दरबार — एनसीईआरटी
- मध्यकालीन भारत: कक्षा XI इतिहास पाठ्यपुस्तक, मुगलों से संबंधित अध्याय — एनसीईआरटी





