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GK नोट्सभारतीय इतिहासविश्व इतिहास: क्रांतियां और विश्व युद्ध

विश्व इतिहास: क्रांतियां और विश्व युद्ध नोट्स

परीक्षा के लिए विश्व इतिहास के पूर्ण नोट्स: अमेरिकी, फ्रांसीसी, औद्योगिक और रूसी क्रांति, दोनों विश्व युद्ध, उनकी संधियां, नेता, नारे और प्रमुख तिथियां।

लेखक · प्रकाशित · 6 मिनट

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विश्व इतिहास: क्रांतियां और विश्व युद्ध नोट्स — GK24 title card
विश्व इतिहास: क्रांतियां और विश्व युद्ध नोट्स — GK24 title card

1776 से 1945 के बीच आधुनिक विश्व दो बार बना: पहले चार क्रांतियों ने राजतंत्र, सामंती विशेषाधिकार, दस्तकारी उत्पादन और जारशाही निरंकुशता को तोड़ा, और फिर दो युद्धों ने उन साम्राज्यों को तोड़ा जिन्हें क्रांतियों ने छोड़ दिया था। प्रतियोगी परीक्षाएं विश्व इतिहास के इस खंड से हर वर्ष छह से दस प्रश्न पूछती हैं, क्योंकि यह ठोस तथ्यों से बना है: एक तिथि, एक संधि, एक नेता, एक नारा, जिसे एक पंक्ति में पूछा जा सकता है। नीचे पहले क्रांतियां क्रम से और फिर दोनों युद्ध दिए गए हैं, और इसका हर तथ्य किसी प्रश्नपत्र में आ चुका है।

अमेरिकी क्रांति, 1775 से 1783

उत्तरी अमेरिका के अटलांटिक तट की तेरह ब्रिटिश उपनिवेशों को यह स्वीकार नहीं था कि जिस संसद में उनका प्रतिनिधित्व नहीं है, वही उन पर कर लगाए; इसलिए प्रतिनिधित्व के बिना कराधान नहीं इस आंदोलन का नारा बना। 1765 के स्टांप अधिनियम और चाय शुल्क के विरोध में 1773 की बोस्टन टी पार्टी हुई, जब उपनिवेशवासियों ने ईस्ट इंडिया कंपनी की चाय की पेटियां बोस्टन बंदरगाह में फेंक दीं। युद्ध 1775 में लेक्सिंग्टन से शुरू हुआ। महाद्वीपीय कांग्रेस ने 4 जुलाई 1776 को स्वतंत्रता की घोषणा स्वीकार की, जिसका प्रारूप मुख्यतः थॉमस जेफरसन ने लिखा, और जॉर्ज वाशिंगटन ने उपनिवेशी सेना का नेतृत्व किया। 1777 में सारातोगा की विजय ने फ्रांस को अमेरिकी पक्ष में ले आया, 1781 में यॉर्कटाउन में अंग्रेजों ने समर्पण किया, और 1783 की पेरिस संधि ने संयुक्त राज्य अमेरिका की स्वतंत्रता को मान्यता दी। वाशिंगटन 1789 में पहले राष्ट्रपति बने।

फ्रांसीसी क्रांति, 1789

1789 का फ्रांस तीन एस्टेट में बंटा था, और कर का बोझ किसानों, दस्तकारों और मध्यवर्ग वाले तीसरे एस्टेट पर था, जबकि पादरी और कुलीन वर्ग कर से मुक्त थे। रूसो, जिसकी पुस्तक सामाजिक संविदा ने कहा कि संप्रभुता जनता में निहित है, मॉन्टेस्क्यू, जिसने विधि की आत्मा में शक्तियों के पृथक्करण का सिद्धांत दिया, और वॉल्टेयर के लेखन ने इस असंतोष को भाषा दी। लुई सोलहवें ने मई 1789 में 1614 के बाद पहली बार एस्टेट जनरल बुलाई; तीसरे एस्टेट ने स्वयं को राष्ट्रीय सभा घोषित किया और जून में टेनिस कोर्ट की शपथ ली; और 14 जुलाई 1789 को भीड़ ने बास्तील पर धावा बोला, जो आज फ्रांस का राष्ट्रीय दिवस है। अगस्त 1789 में मानव और नागरिक अधिकारों की घोषणा हुई, सामंती विशेषाधिकार समाप्त किए गए, जनवरी 1793 में लुई सोलहवें को मृत्युदंड दिया गया, और 1793-94 का आतंक का राज रोबेस्पियर ने लोक सुरक्षा समिति के माध्यम से चलाया। नेपोलियन बोनापार्ट ने 1799 में सत्ता हथिया ली और 1804 में स्वयं को सम्राट घोषित किया। क्रांति का ध्येय वाक्य स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व पूरे यूरोप में राष्ट्रवाद की शब्दावली बन गया।

औद्योगिक क्रांति

औद्योगिक क्रांति अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में शुरू हुई, जहां कोयला, लोहा, औपनिवेशिक बाजार और पूंजी एक साथ उपलब्ध थे। आरंभ कपड़ा उद्योग से हुआ: जॉन के ने 1733 में उड़नतुरी बनाई, जेम्स हरग्रीव्ज ने 1764 में स्पिनिंग जेनी, रिचर्ड आर्कराइट ने वाटर फ्रेम और एडमंड कार्टराइट ने पावरलूम बनाया। जेम्स वाट ने भाप इंजन में सुधार किया और 1769 में पृथक संघनित्र का पेटेंट लिया, जिससे भाप ने कारखाने, रेल और जलयान चलाए। जॉर्ज स्टीफेंसन ने रॉकेट नामक इंजन बनाया और 1825 में स्टॉकटन से डार्लिंगटन तक पहली सार्वजनिक रेल चली। सामाजिक परिणाम थे कारखाना प्रणाली, भीड़भाड़ वाले औद्योगिक नगर, बाल श्रम और इनके उत्तर में श्रमिक संघ तथा समाजवादी विचार, जिसमें 1848 का कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स का कम्युनिस्ट घोषणापत्र भी शामिल है।

रूसी क्रांति, 1917

जारशाही रूस बीसवीं शताब्दी में निरंकुश राजतंत्र, भूखी किसान आबादी और छोटे पर संघर्षशील औद्योगिक श्रमिक वर्ग के साथ प्रवेश किया। 1905 में सेंट पीटर्सबर्ग में शांतिपूर्ण जुलूस पर गोली चलने की खूनी रविवार की घटना से पहली क्रांति हुई, जिससे ड्यूमा मिला पर वास्तविक लोकतंत्र नहीं। प्रथम विश्व युद्ध की पराजय ने शासन तोड़ दिया। फरवरी क्रांति, जो पश्चिमी कैलेंडर के अनुसार मार्च 1917 में हुई, ने जार निकोलस द्वितीय को सिंहासन छोड़ने पर विवश किया और केरेंस्की की अस्थायी सरकार बनी। लेनिन निर्वासन से शांति, भूमि और रोटी के नारे तथा समस्त सत्ता सोवियतों को की मांग के साथ लौटे। पश्चिमी कैलेंडर के अनुसार 7 नवंबर 1917 को हुई अक्टूबर क्रांति में बोल्शेविकों ने पेत्रोग्राद में सत्ता ले ली, और लियोन त्रॉत्स्की ने लाल रक्षकों को संगठित किया। रूस 1918 की ब्रेस्ट-लिटोव्स्क संधि से युद्ध से बाहर हुआ और 1922 में सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ बना।

प्रथम विश्व युद्ध, 1914 से 1918

यह युद्ध सैन्यवाद, गुटबंदी, उपनिवेशों पर साम्राज्यवादी होड़ और बाल्कन में उग्र राष्ट्रवाद से उत्पन्न हुआ। इसका तात्कालिक कारण था 28 जून 1914 को साराजेवो में गैवरिलो प्रिंसिप द्वारा ऑस्ट्रिया-हंगरी के आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या। ऑस्ट्रिया-हंगरी ने 28 जुलाई 1914 को सर्बिया पर युद्ध घोषित किया और गुटबंदी ने शेष यूरोप को खींच लिया। केंद्रीय शक्तियां थीं जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, ऑटोमन साम्राज्य और बुल्गारिया; मित्र राष्ट्र थे ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, बाद में इटली, तथा संयुक्त राज्य अमेरिका, जो जर्मन पनडुब्बी युद्ध और लुसिटानिया के डूबने के बाद 1917 में शामिल हुआ। युद्धविराम 11 नवंबर 1918 को हुआ। 28 जून 1919 को हस्ताक्षरित वर्साय की संधि ने जर्मनी को युद्ध का अपराधी ठहराया, उसके उपनिवेश छीने, सेना सीमित की और क्षतिपूर्ति थोपी। राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के चौदह सूत्रों में प्रस्तावित राष्ट्र संघ ने 1920 में जेनेवा मुख्यालय से कार्य आरंभ किया।

घटनावर्षयाद रखने योग्य बिंदु
अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा17764 जुलाई को स्वीकृत, प्रारूप थॉमस जेफरसन का
बास्तील पर धावा178914 जुलाई; फ्रांस का राष्ट्रीय दिवस
अक्टूबर क्रांति1917लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविकों ने पेत्रोग्राद में सत्ता ली
वर्साय की संधि191928 जून को हस्ताक्षर; प्रथम विश्व युद्ध का अंत
द्वितीय विश्व युद्ध का आरंभ19391 सितंबर को जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
परमाणु बमबारी1945हिरोशिमा 6 अगस्त, नागासाकी 9 अगस्त

द्वितीय विश्व युद्ध, 1939 से 1945

वर्साय की कठोरता, 1929 से शुरू हुई महामंदी, इटली में मुसोलिनी के फासीवाद और जर्मनी में हिटलर के नाजीवाद का उदय, जो 1933 में चांसलर बना, तथा मंचूरिया, अबीसीनिया और राइनलैंड में आक्रमण रोकने में राष्ट्र संघ की विफलता ने दूसरा और बड़ा युद्ध कराया। ब्रिटेन और फ्रांस ने 1938 में म्यूनिख में हिटलर की मांगें मान लीं, और अगस्त 1939 में जर्मनी ने सोवियत संघ से अनाक्रमण संधि की। जर्मनी ने 1 सितंबर 1939 को पोलैंड पर आक्रमण किया और दो दिन बाद ब्रिटेन और फ्रांस ने युद्ध घोषित किया। धुरी शक्तियां थीं जर्मनी, इटली और जापान। 7 दिसंबर 1941 को पर्ल हार्बर पर जापानी हमले ने अमेरिका को युद्ध में लाया, और जर्मनी जून 1941 में सोवियत संघ पर आक्रमण कर चुका था। 6 जून 1944 को नॉरमंडी में मित्र राष्ट्रों की सेनाएं उतरीं, जिसे डी-डे कहा जाता है। मई 1945 में जर्मनी ने समर्पण किया, और 6 अगस्त को हिरोशिमा तथा 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद जापान ने 15 अगस्त को समर्पण की घोषणा की और 2 सितंबर 1945 को उस पर हस्ताक्षर किए। संयुक्त राष्ट्र 24 अक्टूबर 1945 को अस्तित्व में आया, और युद्ध ने यूरोप की उपनिवेश बनाए रखने की क्षमता समाप्त कर दी, जिससे भारत तथा एशिया और अफ्रीका की स्वतंत्रता शीघ्र आई।

परीक्षा की दृष्टि से

प्रश्नपत्र इस अध्याय से एक-तथ्य वाले प्रश्न पूछते हैं: किसी घटना का वर्ष या तिथि, किसी पुस्तक का लेखक, किसी क्रांति का नेता, किसी संधि का स्थान या राष्ट्र संघ का मुख्यालय। बार-बार आने वाले जाल तीन हैं: 1917 की दो क्रांतियां, जिनमें फरवरी क्रांति वस्तुतः मार्च में और अक्टूबर क्रांति पश्चिमी कैलेंडर से नवंबर में हुई; दो पेरिस-संबंधी संधियां, एक 1783 की जो अमेरिकी युद्ध समाप्त करती है और दूसरी 1919 की वर्साय संधि; तथा प्रथम विश्व युद्ध के तात्कालिक कारण साराजेवो और दीर्घकालिक कारणों सैन्यवाद तथा गुटबंदी के बीच भ्रम। 1939 से 1945 की घटनाओं का क्रम भी स्पष्ट रखें: पोलैंड, पर्ल हार्बर, डी-डे, हिरोशिमा।

महत्वपूर्ण तथ्य

बोस्टन टी पार्टी1773
अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा4 जुलाई 1776; प्रारूप थॉमस जेफरसन
अमेरिकी स्वतंत्रता को मान्यता देने वाली संधिपेरिस की संधि, 1783
बास्तील पर धावा14 जुलाई 1789
फ्रांसीसी क्रांति का ध्येय वाक्यस्वतंत्रता, समता, बंधुत्व
सामाजिक संविदा के लेखकजीन-जैक्स रूसो
भाप इंजन में सुधारजेम्स वाट, 1769 में पृथक संघनित्र का पेटेंट
अक्टूबर क्रांति7 नवंबर 1917; लेनिन और बोल्शेविक
प्रथम विश्व युद्ध का तात्कालिक कारण28 जून 1914 को साराजेवो में आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या
वर्साय की संधि28 जून 1919 को हस्ताक्षर
राष्ट्र संघ का मुख्यालयजेनेवा, स्विट्जरलैंड
द्वितीय विश्व युद्ध1 सितंबर 1939 से 1945; आरंभ पोलैंड पर आक्रमण से
परमाणु बमबारीहिरोशिमा 6 अगस्त 1945, नागासाकी 9 अगस्त 1945
संयुक्त राष्ट्र की स्थापना24 अक्टूबर 1945

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.भारतीय इतिहासआसान

फ्रांसीसी क्रांति के आरंभ का प्रतीक बास्तील पर धावा किस तिथि को हुआ था?

  1. A.4 जुलाई 1776
  2. B.14 जुलाई 1789
  3. C.26 अगस्त 1789
  4. D.21 जनवरी 1793
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 14 जुलाई 1789

उस दिन पेरिस की भीड़ ने बास्तील पर हमला किया, जो राजसी किला था और कारागार के रूप में प्रयोग होता था तथा राजतंत्र की मनमानी सत्ता का प्रतीक था; यह तिथि फ्रांस में राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाई जाती है।

Q2.भारतीय इतिहासमध्यम

सामाजिक संविदा नामक पुस्तक, जिसमें कहा गया कि संप्रभुता जनता में निहित है, किसने लिखी थी?

  1. A.मॉन्टेस्क्यू
  2. B.वॉल्टेयर
  3. C.जीन-जैक्स रूसो
  4. D.जॉन लॉक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जीन-जैक्स रूसो

1762 में प्रकाशित उनकी पुस्तक सामाजिक संविदा ने तर्क दिया कि वैध राजनीतिक सत्ता जनता की सामान्य इच्छा से आती है, किसी राजा के दैवी अधिकार से नहीं, और यही पुस्तक फ्रांसीसी क्रांति का वैचारिक अधिकार-पत्र बनी।

Q3.भारतीय इतिहासआसान

4 जुलाई 1776 को स्वीकृत अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा का प्रारूप मुख्यतः किसने तैयार किया था?

  1. A.जॉर्ज वाशिंगटन
  2. B.थॉमस जेफरसन
  3. C.बेंजामिन फ्रैंकलिन
  4. D.अब्राहम लिंकन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. थॉमस जेफरसन

महाद्वीपीय कांग्रेस ने 4 जुलाई 1776 को जो स्वतंत्रता की घोषणा स्वीकार की, उसके प्रमुख लेखक जेफरसन थे, और वे आगे संयुक्त राज्य अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति बने।

Q4.भारतीय इतिहासमध्यम

निम्नलिखित में से किसने भाप इंजन में सुधार करके 1769 में पृथक संघनित्र का पेटेंट लिया?

  1. A.जेम्स हरग्रीव्ज
  2. B.रिचर्ड आर्कराइट
  3. C.जेम्स वाट
  4. D.जॉन के
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जेम्स वाट

वाट ने पहले के न्यूकोमेन इंजन में पृथक संघनित्र जोड़ा और 1769 में उसका पेटेंट लिया, जिससे भाप इंजन इतना कार्यकुशल हो गया कि वह कारखाने, खदानें, रेल और जलयान चला सका; शक्ति की इकाई वाट उनके नाम पर है।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

रूस की 1917 की अक्टूबर क्रांति का नेतृत्व किस दल और नेता ने किया था?

  1. A.केरेंस्की के नेतृत्व में मेंशेविक
  2. B.लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविक
  3. C.त्रॉत्स्की के नेतृत्व में समाजवादी क्रांतिकारी
  4. D.निकोलस द्वितीय के नेतृत्व में कैडेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविक

पश्चिमी कैलेंडर के अनुसार 7 नवंबर 1917 को हुई अक्टूबर क्रांति में लेनिन के नेतृत्व वाले बोल्शेविक दल ने अस्थायी सरकार को हटाकर पेत्रोग्राद में सत्ता ले ली, और लियोन त्रॉत्स्की ने लाल रक्षकों को संगठित किया।

Q6.भारतीय इतिहासआसान

प्रथम विश्व युद्ध के तात्कालिक कारण बने आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या किस नगर में हुई थी?

  1. A.वियना
  2. B.साराजेवो
  3. C.बेलग्रेड
  4. D.म्यूनिख
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. साराजेवो

ऑस्ट्रिया-हंगरी के सिंहासन के उत्तराधिकारी को 28 जून 1914 को बोस्निया के साराजेवो में सर्ब राष्ट्रवादी गैवरिलो प्रिंसिप ने गोली मारी, और एक माह बाद ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया पर युद्ध घोषित किया, जिसके बाद गुटबंदी ने अन्य शक्तियों को खींच लिया।

Q7.भारतीय इतिहासमध्यम

जर्मनी के साथ प्रथम विश्व युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने वाली वर्साय की संधि किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1918
  2. B.1919
  3. C.1920
  4. D.1921
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1919

इस संधि पर 28 जून 1919 को वर्साय के शीश महल में हस्ताक्षर हुए, ठीक साराजेवो हत्याकांड के पांच वर्ष बाद उसी तिथि को।

Q8.भारतीय इतिहासआसान

द्वितीय विश्व युद्ध सितंबर 1939 में जर्मनी के किस देश पर आक्रमण से आरंभ हुआ था?

  1. A.चेकोस्लोवाकिया
  2. B.फ्रांस
  3. C.पोलैंड
  4. D.सोवियत संघ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पोलैंड

जर्मनी ने 1 सितंबर 1939 को पोलैंड पर आक्रमण किया, और पोलैंड की स्वतंत्रता की गारंटी देने वाले ब्रिटेन तथा फ्रांस ने दो दिन बाद जर्मनी पर युद्ध घोषित कर दिया, जिससे यह आक्रमण विश्व युद्ध बन गया।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

हिरोशिमा पर पहला परमाणु बम किस तिथि को गिराया गया था?

  1. A.6 अगस्त 1945
  2. B.9 अगस्त 1945
  3. C.15 अगस्त 1945
  4. D.2 सितंबर 1945
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 6 अगस्त 1945

संयुक्त राज्य अमेरिका ने उस दिन जापान के हिरोशिमा नगर पर परमाणु बम गिराया, और यह तिथि विश्व भर में हिरोशिमा दिवस के रूप में मनाई जाती है।

Q10.भारतीय इतिहासकठिन

प्रथम विश्व युद्ध के बाद स्थापित राष्ट्र संघ का मुख्यालय कहां था?

  1. A.हेग
  2. B.जेनेवा
  3. C.पेरिस
  4. D.न्यूयॉर्क
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जेनेवा

राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के चौदह सूत्रों में प्रस्तावित और वर्साय की संधि के अंतर्गत बना राष्ट्र संघ 1920 में स्विट्जरलैंड के जेनेवा में मुख्यालय के साथ कार्य आरंभ किया; वह मंचूरिया, अबीसीनिया और यूरोप में आक्रमण रोकने में विफल रहा और 1945 में संयुक्त राष्ट्र ने उसका स्थान लिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्रांस में 14 जुलाई राष्ट्रीय दिवस क्यों है?

14 जुलाई 1789 को पेरिस की भीड़ ने बास्तील पर धावा बोला, जो राजसी किला और कारागार था और राजतंत्र की मनमानी शक्ति का प्रतीक था। यह दिन फ्रांसीसी क्रांति के आरंभ के रूप में याद किया जाता है और फ्रांस में बास्तील दिवस के रूप में मनाया जाता है।

1917 में रूस की दो क्रांतियां क्यों मानी जाती हैं?

उस समय रूस जूलियन कैलेंडर प्रयोग करता था। जारशाही समाप्त करने वाली फरवरी क्रांति पश्चिमी कैलेंडर से मार्च में हुई, और जिसमें बोल्शेविक सत्ता में आए वह अक्टूबर क्रांति 7 नवंबर को हुई। परीक्षक अक्सर पश्चिमी तिथि और रूसी नाम साथ देते हैं।

प्रथम विश्व युद्ध का तात्कालिक कारण क्या था?

28 जून 1914 को साराजेवो में गैवरिलो प्रिंसिप द्वारा ऑस्ट्रिया-हंगरी के सिंहासन के उत्तराधिकारी आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या। एक माह बाद ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया पर युद्ध घोषित किया और गुटबंदी ने अन्य शक्तियों को खींच लिया।

जर्मनी के साथ प्रथम विश्व युद्ध कौन-सी संधि से समाप्त हुआ?

वर्साय की संधि, जिस पर 28 जून 1919 को हस्ताक्षर हुए। इसने जर्मनी को युद्ध आरंभ करने का अपराधी ठहराया, उसके उपनिवेश छीने, सेना और नौसेना सीमित की, राइनलैंड को विसैन्यीकृत किया और भारी क्षतिपूर्ति थोपी, जिसके रोष का प्रयोग आगे हिटलर ने किया।

औद्योगिक क्रांति ब्रिटेन में ही क्यों आरंभ हुई?

ब्रिटेन में कोयला और लोहा, व्यापार से अर्जित पूंजी, कपड़े के लिए औपनिवेशिक बाजार, गांवों से आती श्रमशक्ति तथा कपड़ा उद्योग और भाप शक्ति में लगातार आविष्कार, ये सब अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में एक साथ उपलब्ध थे, इसलिए क्रांति वहीं से आरंभ हुई।

स्रोत

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