शीत युद्ध, उपनिवेशवाद का अंत और गुटनिरपेक्ष आंदोलन
विश्व इतिहास नोट्स: शीत युद्ध और उसके प्रमुख टकराव, एशिया-अफ्रीका में उपनिवेशवाद का अंत, पंचशील, बांडुंग सम्मेलन तथा गुटनिरपेक्ष आंदोलन, प्रश्नों सहित।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति (1945) से सोवियत संघ के विघटन (1991) तक की अवधि को शीत युद्ध कहा जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ ने एक-दूसरे से सीधा युद्ध कभी नहीं लड़ा, परंतु उन्होंने विश्व को दो सैन्य गुटों में बांट दिया, एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में छद्म युद्ध लड़े तथा हथियारों और अंतरिक्ष की होड़ में उतर गए। इन्हीं दशकों में यूरोपीय साम्राज्य टूटे और एशिया-अफ्रीका के उपनिवेश एक के बाद एक स्वतंत्र हुए। इनमें से अनेक नए राष्ट्रों ने किसी भी गुट में शामिल होने से इनकार किया और यही इनकार गुटनिरपेक्ष आंदोलन बना, जिसका नेतृत्व भारत ने किया। परीक्षाओं में इन तीनों धाराओं से तिथि, स्थान और व्यक्ति पूछे जाते हैं।
शीत युद्ध का आरंभ
युद्धकालीन मित्रता पूर्वी यूरोप के प्रश्न पर टूट गई। विंस्टन चर्चिल ने 5 मार्च 1946 को फुल्टन (मिसौरी, अमेरिका) के भाषण में कहा कि यूरोप पर लोहे का परदा गिर चुका है। अमेरिका की नीति प्रतिरोध की थी, जिसे राजनयिक जॉर्ज केनन ने गढ़ा और 12 मार्च 1947 को ट्रूमैन सिद्धांत के रूप में घोषित किया गया; इसमें साम्यवाद का विरोध करने वाले देशों को सहायता का वचन दिया गया। इसके बाद 1948 से मार्शल योजना के अंतर्गत यूरोप के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दी गई, जिसके उत्तर में सोवियत गुट ने 1949 में कॉमेकॉन बनाया। पहला संकट जर्मनी में आया, जब सोवियत संघ ने जून 1948 से पश्चिमी बर्लिन के थल मार्ग रोक दिए और पश्चिमी देशों ने लगभग एक वर्ष तक वायुमार्ग से नगर को रसद पहुंचाई। विभाजन सैन्य संगठनों से पूरा हुआ—4 अप्रैल 1949 को वाशिंगटन में नाटो की संधि हुई और 14 मई 1955 को सोवियत संघ ने वारसा संधि की।
प्रमुख घटनाएं और उनके वर्ष
| घटना | वर्ष | स्मरणीय तथ्य |
|---|---|---|
| बर्लिन नाकेबंदी और वायु सेतु | 1948-49 | पहला सीधा टकराव; बर्लिन को वायुमार्ग से रसद |
| कोरिया युद्ध | 1950-53 | 38वीं समांतर रेखा पर विभाजन; पनमुनजोम में युद्धविराम |
| हंगरी का विद्रोह | 1956 | सोवियत टैंकों द्वारा कुचला गया |
| बर्लिन की दीवार का निर्माण | 1961 | 9 नवंबर 1989 को गिराई गई |
| क्यूबा मिसाइल संकट | 1962 | केनेडी और ख्रुश्चेव; परमाणु युद्ध के सबसे निकट |
| प्राग वसंत | 1968 | चेकोस्लोवाकिया के सुधार आक्रमण से समाप्त |
| अफगानिस्तान में सोवियत हस्तक्षेप | 1979-89 | अंतिम बड़ा छद्म युद्ध |
| सोवियत संघ का विघटन | 1991 | शीत युद्ध और द्विध्रुवीय व्यवस्था का अंत |
संकटों के बीच तनावशैथिल्य (देतांत) का दौर भी आया, जिसकी पहचान शस्त्र नियंत्रण है—साल्ट-1 संधि 1972 में और साल्ट-2 1979 में हुई। अफगानिस्तान के बाद यह दौर समाप्त हो गया और मिखाइल गोर्बाचेव की ग्लासनोस्त तथा पेरेस्त्रोइका की नीतियों से ही पूर्वी यूरोप पर सोवियत पकड़ ढीली पड़ी।
एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद का अंत
स्वतंत्रता पहले एशिया में आई। भारत और पाकिस्तान 1947 में, बर्मा और सीलोन 1948 में स्वतंत्र हुए तथा इंडोनेशिया को चार वर्ष के संघर्ष के बाद 1949 में मान्यता मिली। 1954 में दिएन बिएन फू की पराजय के बाद फ्रांस ने हिंद-चीन छोड़ा और उसी वर्ष जेनेवा सम्मेलन में समझौता हुआ। अफ्रीका में घाना, क्वामे न्क्रूमा के नेतृत्व में, 1957 में सहारा के दक्षिण का पहला स्वतंत्र उपनिवेश बना। वर्ष 1960 को अफ्रीका का वर्ष कहा जाता है, क्योंकि उस एक ही वर्ष में सत्रह देश स्वतंत्र हुए और उसी वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा ने उपनिवेशों को स्वतंत्रता देने की घोषणा स्वीकार की। अल्जीरिया ने 1954 से चले युद्ध के बाद 1962 में फ्रांस से स्वतंत्रता पाई, केन्या 1963 में जोमो केन्याटा के नेतृत्व में, जिंबाब्वे 1980 में और नामीबिया 1990 में स्वतंत्र हुआ, जो अफ्रीका की मुख्य भूमि का अंतिम उपनिवेश था। 1956 के स्वेज संकट ने, जब गमाल अब्दुल नासिर ने स्वेज नहर का राष्ट्रीयकरण किया, दिखा दिया कि ब्रिटेन और फ्रांस अब अमेरिका की सहमति के बिना साम्राज्यवादी शक्ति की तरह काम नहीं कर सकते।
पंचशील और गुटनिरपेक्ष आंदोलन
जवाहरलाल नेहरू का मत था कि नव स्वतंत्र देश प्रत्येक प्रश्न पर अपने विवेक से निर्णय लें और किसी गुट को अपनी स्वतंत्रता न सौंपें। इस नीति को नैतिक आधार पंचशील से मिला, जो 29 अप्रैल 1954 को चीन के तिब्बत क्षेत्र के साथ व्यापार समझौते में लिखा गया—संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान, अनाक्रमण, आंतरिक मामलों में अहस्तक्षेप, समानता तथा पारस्परिक लाभ, और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। अप्रैल 1955 में इंडोनेशिया के बांडुंग में हुए एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन में उनतीस देश एकत्र हुए और यह विचार फैला। 1956 में नेहरू, जोसिप ब्रोज टीटो और नासिर की भेंट के बाद गुटनिरपेक्ष देशों का पहला शिखर सम्मेलन सितंबर 1961 में बेलग्रेड में हुआ, जिसमें पच्चीस देश सम्मिलित थे; नेहरू, टीटो, नासिर, इंडोनेशिया के सुकर्णो और घाना के न्क्रूमा इसके संस्थापक माने जाते हैं। गुटनिरपेक्षता शब्द का श्रेय वी. के. कृष्ण मेनन को दिया जाता है, जिन्होंने 1953 के संयुक्त राष्ट्र भाषण में इसका प्रयोग किया। गुटनिरपेक्षता का अर्थ तटस्थता या निष्क्रियता नहीं था; आंदोलन ने उपनिवेशवाद, रंगभेद और परमाणु हथियारों का विरोध किया और 1964 में इसके सदस्यों ने आर्थिक मांगों के लिए समूह-77 बनाया। भारत ने सातवां शिखर सम्मेलन 1983 में नई दिल्ली में आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता इंदिरा गांधी ने की।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न लगभग सदैव तिथि, स्थान या व्यक्ति पर होते हैं: आयरन कर्टेन भाषण का नगर, नाटो और वारसा संधि के वर्ष, बर्लिन दीवार के बनने और गिरने के वर्ष, बांडुंग तथा पहले शिखर सम्मेलन के स्थान, पंचशील का वर्ष और गुटनिरपेक्षता शब्द गढ़ने वाला नेता। सामान्य भ्रम हैं—बांडुंग 1955 बनाम बेलग्रेड 1961, नाटो 1949 बनाम वारसा संधि 1955, तथा बर्लिन दीवार के लिए 1961 बनाम 1989। यूपीएससी गुटनिरपेक्षता के उद्देश्यों और अफ्रीका के उपनिवेश-मुक्ति पर कथन आधारित प्रश्न पूछता है, जबकि एसएससी और रेलवे एक तथ्य तक सीमित रहते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| शीत युद्ध की अवधि | 1945 से 1991, संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ के बीच |
|---|---|
| आयरन कर्टेन भाषण | विंस्टन चर्चिल, फुल्टन (मिसौरी), 5 मार्च 1946 |
| ट्रूमैन सिद्धांत | 12 मार्च 1947; प्रतिरोध की नीति जॉर्ज केनन ने गढ़ी |
| मार्शल योजना | यूरोपीय पुनर्निर्माण कार्यक्रम, 1948 से; सोवियत उत्तर कॉमेकॉन, 1949 |
| नाटो | 4 अप्रैल 1949, वाशिंगटन; बारह संस्थापक देश |
| वारसा संधि | 14 मई 1955, वारसा; 1991 में भंग |
| कोरिया युद्ध | 1950 से 1953; 38वीं समांतर रेखा पर विभाजन, पनमुनजोम में युद्धविराम |
| क्यूबा मिसाइल संकट | अक्टूबर 1962; केनेडी और ख्रुश्चेव |
| पंचशील | 29 अप्रैल 1954, तिब्बत क्षेत्र संबंधी भारत-चीन समझौता; नेहरू और चाउ एन-लाई |
| बांडुंग सम्मेलन | अप्रैल 1955, इंडोनेशिया; उनतीस एशियाई-अफ्रीकी देश |
| पहला गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन | बेलग्रेड, सितंबर 1961; पच्चीस सदस्य देश |
| 'गुटनिरपेक्षता' शब्द | वी. के. कृष्ण मेनन को श्रेय, 1953 के संयुक्त राष्ट्र भाषण में |
| सहारा के दक्षिण का पहला स्वतंत्र उपनिवेश | घाना, 6 मार्च 1957, क्वामे न्क्रूमा के नेतृत्व में |
| अफ्रीका का वर्ष | 1960; सत्रह अफ्रीकी देश स्वतंत्र हुए |
| अफ्रीका की मुख्य भूमि का अंतिम उपनिवेश | नामीबिया, 1990 में स्वतंत्र |
| भारत में आयोजित गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन | सातवां सम्मेलन, नई दिल्ली, 1983, अध्यक्ष इंदिरा गांधी |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
मार्च 1946 में विंस्टन चर्चिल ने अपना प्रसिद्ध 'लोहे का परदा' (आयरन कर्टेन) भाषण अमेरिका के किस नगर में दिया था?
- A.फुल्टन, मिसौरी
- B.वाशिंगटन डी.सी.
- C.बोस्टन, मैसाचुसेट्स
- D.शिकागो, इलिनॉय
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पद से हटने के बाद चर्चिल ने 5 मार्च 1946 को फुल्टन के वेस्टमिंस्टर कॉलेज में कहा कि बाल्टिक के स्टेटिन से एड्रियाटिक के ट्रिएस्ते तक यूरोप पर लोहे का परदा गिर चुका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A.1945
- B.1947
- C.1949
- D.1955
उत्तर देखें
बर्लिन नाकेबंदी के दौरान 4 अप्रैल 1949 को वाशिंगटन में बारह देशों ने उत्तर अटलांटिक संधि पर हस्ताक्षर किए, जिसमें किसी एक सदस्य पर आक्रमण को सब पर आक्रमण मानने का प्रावधान था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सोवियत गुट का सैन्य संगठन वारसा संधि 1955 में किस नगर में हुई थी?
- A.मॉस्को
- B.वारसा
- C.प्राग
- D.बुडापेस्ट
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मित्रता, सहयोग और पारस्परिक सहायता की यह संधि 14 मई 1955 को पोलैंड की राजधानी वारसा में हुई, इसीलिए संगठन का नाम इस नगर पर पड़ा, जबकि इसकी सेनाओं का संचालन मॉस्को से होता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गुटनिरपेक्षता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाने वाला 1955 का एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन कहां हुआ था?
- A.कोलंबो
- B.बांडुंग
- C.बेलग्रेड
- D.काहिरा
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अप्रैल 1955 में इंडोनेशिया के बांडुंग में हुए एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन में उनतीस नव स्वतंत्र देश सम्मिलित हुए, जिन्होंने उपनिवेशवाद और रंगभेद की निंदा की तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का समर्थन किया; इसे प्राय: गुटनिरपेक्ष आंदोलन का अग्रदूत कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन 1961 में कहां आयोजित हुआ था?
- A.काहिरा
- B.जकार्ता
- C.बेलग्रेड
- D.लुसाका
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गुटनिरपेक्ष देशों का पहला शिखर सम्मेलन सितंबर 1961 में तत्कालीन यूगोस्लाविया की राजधानी बेलग्रेड में हुआ, जिसमें पच्चीस देशों ने भाग लिया; जवाहरलाल नेहरू, जोसिप ब्रोज टीटो, गमाल अब्दुल नासिर, सुकर्णो और क्वामे न्क्रूमा इस आंदोलन के संस्थापक माने जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांत, जिन्हें पंचशील कहा जाता है, भारत और चीन के बीच किस वर्ष हुए समझौते में रखे गए थे?
- A.1950
- B.1954
- C.1962
- D.1955
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ये पांच सिद्धांत भारत और चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार तथा आवागमन संबंधी समझौते की प्रस्तावना में लिखे गए, जिस पर 29 अप्रैल 1954 को जवाहरलाल नेहरू और चाउ एन-लाई ने हस्ताक्षर किए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'गुटनिरपेक्षता' शब्द का श्रेय सामान्यत: किस भारतीय नेता को दिया जाता है, जिन्होंने 1953 में संयुक्त राष्ट्र के भाषण में इसका प्रयोग किया?
- A.जवाहरलाल नेहरू
- B.वी. के. कृष्ण मेनन
- C.सरदार वल्लभभाई पटेल
- D.डॉ. एस. राधाकृष्णन
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उस काल के भारत के सर्वाधिक चर्चित राजनयिक और बाद में रक्षा मंत्री रहे कृष्ण मेनन को 1953 के संयुक्त राष्ट्र भाषण में 'गुटनिरपेक्षता' शब्द गढ़ने का श्रेय दिया जाता है; कश्मीर पर सुरक्षा परिषद में दिया गया सबसे लंबा भाषण भी उन्हीं के नाम है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अफ्रीका में सहारा के दक्षिण का पहला उपनिवेश कौन था, जिसे 1957 में स्वतंत्रता मिली?
- A.केन्या
- B.नाइजीरिया
- C.घाना
- D.तांगानिका
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गोल्ड कोस्ट 6 मार्च 1957 को क्वामे न्क्रूमा के नेतृत्व में घाना के रूप में स्वतंत्र हुआ और यह सहारा के दक्षिण का पहला स्वतंत्र उपनिवेश था; न्क्रूमा अखिल अफ्रीकी एकता के प्रमुख स्वर और गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापकों में रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अट्ठाईस वर्ष तक नगर को विभाजित करने वाली बर्लिन की दीवार किस वर्ष गिराई गई?
- A.1961
- B.1989
- C.1990
- D.1991
उत्तर देखें
9 नवंबर 1989 को दीवार खोल दी गई और उसे तोड़ना आरंभ हुआ; यह शीत युद्ध की समाप्ति का सबसे स्मरणीय दृश्य है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शीत युद्ध में परमाणु युद्ध के सर्वाधिक निकट पहुंचा क्यूबा मिसाइल संकट किस वर्ष हुआ था?
- A.1956
- B.1962
- C.1968
- D.1973
उत्तर देखें
अक्टूबर 1962 में अमेरिकी हवाई चित्रों से क्यूबा में बन रहे सोवियत मिसाइल ठिकानों का पता चला; राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी ने द्वीप की नाकेबंदी का आदेश दिया और तेरह दिन के तनाव के बाद निकिता ख्रुश्चेव मिसाइल हटाने पर सहमत हुए, जबकि अमेरिका ने क्यूबा पर आक्रमण न करने…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इसे शीत युद्ध क्यों कहा जाता है?
क्योंकि अमेरिका और सोवियत संघ ने एक-दूसरे से सीधा युद्ध कभी नहीं लड़ा। यह टकराव हथियारों की होड़, प्रचार, आर्थिक सहायता, जासूसी, सैन्य गुटों और कोरिया, वियतनाम, अफगानिस्तान तथा अफ्रीका-लैटिन अमेरिका के छद्म युद्धों के रूप में चला, परंतु दोनों महाशक्तियां स्वयं खुले युद्ध में कभी नहीं उतरीं।
पंचशील के पांच सिद्धांत कौन-से हैं?
एक-दूसरे की संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान, पारस्परिक अनाक्रमण, आंतरिक मामलों में अहस्तक्षेप, समानता तथा पारस्परिक लाभ, और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। ये 29 अप्रैल 1954 के भारत-चीन समझौते में लिखे गए और बाद में 1955 के बांडुंग सम्मेलन में इनका समर्थन हुआ।
गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापक कौन माने जाते हैं?
भारत के जवाहरलाल नेहरू, यूगोस्लाविया के जोसिप ब्रोज टीटो, मिस्र के गमाल अब्दुल नासिर, इंडोनेशिया के सुकर्णो और घाना के क्वामे न्क्रूमा। इन्होंने सितंबर 1961 में बेलग्रेड के पहले शिखर सम्मेलन का नेतृत्व किया, जिसमें पच्चीस देश सम्मिलित हुए।
गुटनिरपेक्षता और तटस्थता में क्या अंतर है?
तटस्थ राष्ट्र विवादों से पूरी तरह अलग रहता है, जबकि गुटनिरपेक्ष राष्ट्र सैन्य गुटों से दूर रहकर भी विश्व के प्रश्नों पर सक्रिय पक्ष लेता है और प्रत्येक मुद्दे पर अपने विवेक से निर्णय करता है। गुटनिरपेक्ष आंदोलन ने उपनिवेशवाद, रंगभेद और परमाणु हथियारों का विरोध किया तथा न्यायपूर्ण आर्थिक व्यवस्था की मांग की।
किस वर्ष को 'अफ्रीका का वर्ष' कहा जाता है और क्यों?
वर्ष 1960 को, क्योंकि उस एक ही वर्ष में सत्रह अफ्रीकी देश स्वतंत्र हुए, जिनमें अधिकांश फ्रांसीसी उपनिवेश थे। उसी वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा ने उपनिवेशों और उनके लोगों को स्वतंत्रता देने संबंधी घोषणा भी स्वीकार की।
स्रोत
- विश्व इतिहास के कुछ विषय (कक्षा 11), आधुनिक विश्व संबंधी अध्याय — एनसीईआरटी
- स्वतंत्र भारत में राजनीति (कक्षा 12), अध्याय 1: शीत युद्ध का दौर — एनसीईआरटी
- भारत-चीन (तिब्बत क्षेत्र) व्यापार एवं आवागमन समझौता, 29 अप्रैल 1954 — विदेश मंत्रालय, भारत सरकार





