ब्रिटिश भारत के आयोग और समितियां: वर्ष और अध्यक्ष
ब्रिटिश भारत के आयोगों और समितियों पर नोट्स: प्रत्येक का वर्ष, अध्यक्ष और परिणाम, वुड के घोषणापत्र और हंटर से लेकर साइमन, हिल्टन यंग और व्हिटले तक।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

अंग्रेजों ने भारत पर जांच के सहारे शासन किया। जब भी अकाल, दंगा, मुद्रा संकट अथवा स्वशासन की मांग सरकार पर दबाव बनाती, वह एक आयोग या समिति नियुक्त करती, एक-दो वर्ष साक्ष्य लेती और रिपोर्ट प्रकाशित करती; वही रिपोर्ट आगे किसी अधिनियम, विभाग अथवा नीति का रूप ले लेती। अभ्यर्थी के लिए यह आधुनिक भारत के इतिहास का सबसे लाभकारी अध्याय है, क्योंकि प्रश्न निश्चित जोड़ों में आते हैं: आयोग, उसका वर्ष, उसका अध्यक्ष और उसका परिणाम। परीक्षक इस सूची में छिपे दो जाल भी बहुत पूछते हैं: 1882 और 1919 के दो हंटर, तथा 1886 और 1924 की दो लोक सेवा जांचें। इन नोट्स में आयोगों को विषय के अनुसार रखा गया है, जिससे जोड़े याद रखना आसान हो।
शिक्षा संबंधी आयोग और समितियां
| निकाय | वर्ष | अध्यक्ष | योगदान |
|---|---|---|---|
| वुड का घोषणापत्र | 1854 | सर चार्ल्स वुड | भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा; शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालयों की मांग |
| भारतीय शिक्षा आयोग (हंटर आयोग) | 1882 | सर विलियम विल्सन हंटर | लॉर्ड रिपन ने नियुक्त किया; देशी भाषा में प्राथमिक शिक्षा और स्थानीय निकायों को विद्यालय देने पर बल |
| भारतीय विश्वविद्यालय आयोग (रैले आयोग) | 1902 | सर थॉमस रैले | रिपोर्ट से लॉर्ड कर्जन के समय भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904 बना |
| कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग (सैडलर आयोग) | 1917–19 | सर माइकल सैडलर | अलग इंटरमीडिएट स्तर तथा माध्यमिक एवं विश्वविद्यालय शिक्षा में सुधार की सिफारिश |
| हर्टाग समिति | 1929 | सर फिलिप हर्टाग | प्राथमिक शिक्षा के अपव्ययी विस्तार की आलोचना; संख्या नहीं, गुणवत्ता पर बल |
| सार्जेंट रिपोर्ट | 1944 | सर जॉन सार्जेंट | केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की युद्धोत्तर योजना; चालीस वर्ष में नि:शुल्क अनिवार्य शिक्षा |
संवैधानिक और राजनीतिक जांच
भारतीय परिनियत आयोग, जिसे सब साइमन आयोग कहते हैं, नवंबर 1927 में सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में घोषित हुआ, जिसका काम भारत शासन अधिनियम, 1919 के कार्य की समीक्षा करना था। इसके सातों सदस्य अंग्रेज थे और एक भी भारतीय नहीं था, इसलिए दिसंबर 1927 के मद्रास कांग्रेस अधिवेशन ने इसके बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया; 3 फरवरी 1928 को बंबई पहुंचने पर देश ने काले झंडों और 'साइमन वापस जाओ' के नारों से इसका स्वागत किया। 30 अक्टूबर 1928 के लाहौर प्रदर्शन में लाला लाजपत राय लाठीचार्ज में घायल हुए और 17 नवंबर 1928 को उनका देहांत हो गया। आयोग की 1930 की रिपोर्ट से गोलमेज सम्मेलन निकले, जबकि भारतीय उत्तर 1928 की नेहरू रिपोर्ट थी, जिसे सर्वदलीय सम्मेलन की समिति ने मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में तैयार किया।
- राजद्रोह समिति (रौलट समिति), 1918, सर सिडनी रौलट की अध्यक्षता में; इसकी रिपोर्ट से रौलट अधिनियम, 1919 बना और रौलट सत्याग्रह हुआ।
- अव्यवस्था जांच समिति (हंटर समिति), 1919, लॉर्ड विलियम हंटर की अध्यक्षता में; जलियांवाला बाग हत्याकांड की जांच की, जिसकी नरम निंदा से भारतीय सदस्यों ने अलग अल्पमत रिपोर्ट लिखी।
- सुधार जांच समिति (मुडीमन समिति), 1924, सर अलेक्जेंडर मुडीमन की अध्यक्षता में; 1919 के अधिनियम के द्वैध शासन की जांच की और बहुमत तथा अल्पमत रिपोर्टों में बंट गई।
- भारतीय रियासत समिति (बटलर समिति), 1927, सर हरकोर्ट बटलर की अध्यक्षता में; माना कि रियासतों का संबंध ब्रिटिश ताज से है, भारत सरकार से नहीं।
- भारतीय मताधिकार समिति (लोथियन समिति), 1932, लॉर्ड लोथियन की अध्यक्षता में; मताधिकार के विस्तार की रूपरेखा बनाई, जो भारत शासन अधिनियम, 1935 में उतरी।
सेवाएं, पुलिस और व्यय
| निकाय | वर्ष | अध्यक्ष | परिणाम |
|---|---|---|---|
| लोक सेवा आयोग (एचिसन आयोग) | 1886 | सर चार्ल्स एचिसन | सेवाओं को इंपीरियल, प्रांतीय और अधीनस्थ में बांटा |
| लोक सेवा संबंधी शाही आयोग (इस्लिंगटन आयोग) | 1912 | लॉर्ड इस्लिंगटन | उच्च सेवाओं में अधिक भारतीयों की सिफारिश; रिपोर्ट प्रथम विश्वयुद्ध से विलंबित |
| उच्च सिविल सेवा संबंधी शाही आयोग (ली आयोग) | 1923–24 | विस्काउंट ली ऑफ फेयरहम | लोक सेवा आयोग की सिफारिश, जो 1926 में स्थापित हुआ |
| भारतीय पुलिस आयोग | 1902–03 | सर एंड्रू फ्रेजर | पुलिस का पुनर्गठन और अपराध अन्वेषण विभाग की स्थापना |
| भारतीय व्यय संबंधी शाही आयोग (वेल्बी आयोग) | 1895 | लॉर्ड वेल्बी | इंग्लैंड और भारत के बीच व्यय के बंटवारे की जांच; दादाभाई नौरोजी सदस्य थे |
अकाल, मुद्रा, उद्योग, श्रम और भूमि
- अकाल आयोग: 1866 के उड़ीसा अकाल के बाद कैंपबेल आयोग, 1880 का स्ट्रेची आयोग जिसने पहला अकाल संहिता बनाई, 1898 का लायल आयोग, 1901 का मैकडॉनेल आयोग और 1943 के बंगाल अकाल पर 1944 का सर जॉन वुडहेड आयोग।
- नील आयोग, 1860, बंगाल के नील विद्रोह के बाद नियुक्त; बागान मालिकों का दबाव उजागर हुआ और उस क्षेत्र में नील की खेती समाप्त हो गई।
- भारतीय औद्योगिक आयोग, 1916–18, सर थॉमस हॉलैंड की अध्यक्षता में, जिससे उद्योग विभाग बने।
- भारतीय राजकोषीय आयोग, 1921–22, सर इब्राहिम रहीमतुल्ला की अध्यक्षता में, जिसने भारतीय उद्योग के लिए विभेदकारी संरक्षण की सिफारिश की।
- भारतीय मुद्रा और वित्त संबंधी शाही आयोग (हिल्टन यंग आयोग), 1926, जिसने केंद्रीय बैंक की सिफारिश की; भारतीय रिजर्व बैंक 1934 के अधिनियम से बना और 1935 में कार्य करने लगा।
- कृषि संबंधी शाही आयोग, 1928, लॉर्ड लिनलिथगो की अध्यक्षता में, जिसकी सिफारिश पर 1929 में इंपीरियल (अब भारतीय) कृषि अनुसंधान परिषद बनी।
- श्रम संबंधी शाही आयोग, 1929–31, जे. एच. व्हिटले की अध्यक्षता में, जिसकी रिपोर्ट से कारखाना अधिनियम, 1934 और मजदूरी संदाय अधिनियम, 1936 बने।
- भूमि राजस्व आयोग (फ्लाउड आयोग), 1938–40, बंगाल में, जिसने स्थायी बंदोबस्त और जमींदारी प्रथा समाप्त करने की सिफारिश की।
दो जोड़े जो अंक तय करते हैं
- हंटर, 1882 रिपन के समय शिक्षा का आयोग है; हंटर, 1919 जलियांवाला बाग की जांच है। दोनों व्यक्ति अलग, विषय अलग और बीच में सैंतीस वर्ष का अंतर।
- एचिसन, 1886 ने केवल सेवाओं का वर्गीकरण किया; भारत को 1926 में लोक सेवा आयोग ली आयोग, 1924 की सिफारिश से मिला।
परीक्षा की दृष्टि से
पेपर इस अध्याय को सीधे जोड़े के रूप में पूछते हैं: किसी आयोग का अध्यक्ष, उसका वर्ष, अथवा उसकी रिपोर्ट से बना अधिनियम या निकाय। एसएससी और रेलवे में चार आयोगों को चार वर्षों से मिलाने वाले प्रश्न आम हैं, और यूपीएससी शैली के कथन नाम के बजाय परिणाम पूछते हैं। स्थायी जाल ये हैं: दो हंटर (1882 शिक्षा, 1919 जलियांवाला बाग), लोक सेवा आयोग के लिए एचिसन के बदले ली, रिजर्व बैंक के लिए चेंबरलेन के बदले हिल्टन यंग, और नेहरू रिपोर्ट को साइमन आयोग के सदस्यों से जोड़ देना, जबकि वह सर्वदलीय सम्मेलन की समिति की रिपोर्ट थी।
महत्वपूर्ण तथ्य
| वुड का घोषणापत्र, 1854 | सर चार्ल्स वुड; भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा |
|---|---|
| हंटर आयोग, 1882 | डब्ल्यू. डब्ल्यू. हंटर; लॉर्ड रिपन के समय भारतीय शिक्षा आयोग |
| रैले आयोग, 1902 | सर थॉमस रैले; भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904 का आधार |
| सैडलर आयोग, 1917–19 | सर माइकल सैडलर; कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग |
| हर्टाग समिति, 1929 | सर फिलिप हर्टाग; प्राथमिक शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर बल |
| सार्जेंट रिपोर्ट, 1944 | सर जॉन सार्जेंट; युद्धोत्तर शैक्षिक विकास योजना |
| रौलट समिति, 1918 | सर सिडनी रौलट; राजद्रोह समिति, रौलट अधिनियम 1919 का आधार |
| हंटर समिति, 1919 | लॉर्ड विलियम हंटर; जलियांवाला बाग पर अव्यवस्था जांच समिति |
| मुडीमन समिति, 1924 | सर अलेक्जेंडर मुडीमन; द्वैध शासन पर सुधार जांच समिति |
| साइमन आयोग, 1927 | सर जॉन साइमन; पूर्णतः अंग्रेज सदस्य, बहिष्कार, 1930 की रिपोर्ट से गोलमेज सम्मेलन |
| बटलर समिति, 1927 | सर हरकोर्ट बटलर; रियासतों का संबंध ब्रिटिश ताज से |
| एचिसन आयोग, 1886 | सर चार्ल्स एचिसन; इंपीरियल, प्रांतीय और अधीनस्थ सेवाएं |
| ली आयोग, 1923–24 | विस्काउंट ली ऑफ फेयरहम; 1926 में लोक सेवा आयोग की स्थापना |
| हिल्टन यंग आयोग, 1926 | भारतीय मुद्रा और वित्त संबंधी शाही आयोग; केंद्रीय बैंक की सिफारिश |
| कृषि शाही आयोग, 1928 | लॉर्ड लिनलिथगो; 1929 में इंपीरियल कृषि अनुसंधान परिषद |
| श्रम शाही आयोग, 1929–31 | जे. एच. व्हिटले; कारखाना अधिनियम 1934 और मजदूरी संदाय अधिनियम 1936 |
| अकाल जांच आयोग, 1944 | सर जॉन वुडहेड; 1943 के बंगाल अकाल पर |
| फ्लाउड आयोग, 1938–40 | सर फ्रांसिस फ्लाउड; बंगाल भूमि राजस्व आयोग, स्थायी बंदोबस्त के विरुद्ध |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
साइमन आयोग भारत कब भेजा गया था?
- A.1937
- B.1927
- C.1917
- D.1958
उत्तर देखें
ब्रिटिश सरकार ने नवंबर 1927 में सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में भारतीय परिनियत आयोग की घोषणा की, जिसका काम भारत शासन अधिनियम, 1919 के कार्य की समीक्षा करना था; आयोग स्वयं 3 फरवरी 1928 को बंबई पहुंचा और उसने 1930 में अपनी रिपोर्ट दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →साइमन आयोग के बहिष्कार का प्रस्ताव 1927 के ____ कांग्रेस अधिवेशन में पारित हुआ था।
- A.कानपुर
- B.लखनऊ
- C.लाहौर
- D.मद्रास
उत्तर देखें
दिसंबर 1927 में डॉ. एम. ए. अंसारी की अध्यक्षता में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मद्रास अधिवेशन ने प्रस्ताव पारित किया कि साइमन आयोग का हर स्तर पर और हर रूप में बहिष्कार किया जाए; उसी अधिवेशन में पूर्ण स्वतंत्रता से संबंधित प्रस्ताव भी पारित हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्रिटिश सरकार द्वारा भेजे गए साइमन आयोग का बहिष्कार इसलिए किया गया क्योंकि:
- A.आयोग ने भारत की वित्तीय स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया।
- B.आयोग में कोई भारतीय सदस्य नहीं था।
- C.सदस्यों के बीच मतभेद थे।
- D.इसने रियासतों को विशेष शक्तियां दीं।
उत्तर देखें
भारतीय परिनियत आयोग के सातों सदस्य ब्रिटिश सांसद थे, जिनमें क्लेमेंट एटली भी शामिल थे, और हर दल के भारतीयों ने इसे इस घोषणा के रूप में पढ़ा कि वे अपना संविधान तय करने योग्य नहीं हैं; इसी से बहिष्कार और 'साइमन वापस जाओ' का नारा निकला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के लिए केंद्रीय बैंक की स्थापना की सिफारिश किस आयोग ने की, जो आगे भारतीय रिजर्व बैंक के रूप में सामने आई?
- A.फाउलर आयोग
- B.चेंबरलेन आयोग
- C.हिल्टन यंग आयोग
- D.बेबिंगटन स्मिथ समिति
उत्तर देखें
1926 के भारतीय मुद्रा और वित्त संबंधी शाही आयोग, जिसे उसके अध्यक्ष एडवर्ड हिल्टन यंग के नाम से जाना जाता है, ने सिफारिश की कि मुद्रा और साख के कार्य सरकार से लेकर एक केंद्रीय बैंक को दिए जाएं; यह सिफारिश भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 से पूरी हुई और…
पूरी व्याख्या पढ़ें →लॉर्ड रिपन के कार्यकाल में नियुक्त 1882 के भारतीय शिक्षा आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
- A.सर चार्ल्स वुड
- B.सर विलियम विल्सन हंटर
- C.सर थॉमस रैले
- D.सर माइकल सैडलर
उत्तर देखें
1882 का भारतीय शिक्षा आयोग, जिसे हंटर आयोग कहा जाता है, वुड के घोषणापत्र के बाद शिक्षा की प्रगति की समीक्षा के लिए बना और उसने सिफारिश की कि राज्य देशी भाषा में प्राथमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दे तथा विद्यालय नवगठित स्थानीय बोर्डों को सौंपे, जो रिपन के स्थानीय…
पूरी व्याख्या पढ़ें →1929 में इंपीरियल कृषि अनुसंधान परिषद की स्थापना किस आयोग की सिफारिश पर की गई थी?
- A.कृषि संबंधी शाही आयोग, 1928
- B.भारतीय औद्योगिक आयोग, 1916
- C.भारतीय राजकोषीय आयोग, 1921
- D.फ्लाउड आयोग, 1938
उत्तर देखें
1926 में नियुक्त और लॉर्ड लिनलिथगो की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने भारतीय कृषि तथा ग्रामीण जीवन की दशा की जांच की और कृषि अनुसंधान के समन्वय के लिए एक केंद्रीय निकाय की सिफारिश की, जो 1929 में इंपीरियल कृषि अनुसंधान परिषद के रूप में स्थापित हुआ और स्वतंत्रता के…
पूरी व्याख्या पढ़ें →1929 में नियुक्त भारतीय श्रम संबंधी शाही आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
- A.जे. एच. व्हिटले
- B.लॉर्ड इस्लिंगटन
- C.सर इब्राहिम रहीमतुल्ला
- D.लॉर्ड लिनलिथगो
उत्तर देखें
हाउस ऑफ कॉमन्स के पूर्व अध्यक्ष जॉन हेनरी व्हिटले ने भारतीय श्रम संबंधी शाही आयोग की अध्यक्षता की, जिसने 1931 में औद्योगिक श्रमिकों की मजदूरी, काम के घंटे, आवास और स्वास्थ्य पर रिपोर्ट दी; उसी के आधार पर कारखाना अधिनियम, 1934, मजदूरी संदाय अधिनियम, 1936 और आगे के श्रम कानून…
पूरी व्याख्या पढ़ें →1926 में भारत के पहले लोक सेवा आयोग की स्थापना किस आयोग की रिपोर्ट पर हुई थी?
- A.एचिसन आयोग
- B.इस्लिंगटन आयोग
- C.ली आयोग
- D.वेल्बी आयोग
उत्तर देखें
1923–24 के उच्च सिविल सेवा संबंधी शाही आयोग ने, जिसके अध्यक्ष विस्काउंट ली ऑफ फेयरहम थे, सेवाओं के भारतीयकरण की दरें तय करने के साथ तत्काल एक लोक सेवा आयोग गठित करने की सिफारिश की; वह 1926 में स्थापित हुआ, भारत शासन अधिनियम, 1935 के अंतर्गत संघीय लोक सेवा आयोग…
पूरी व्याख्या पढ़ें →1918 की राजद्रोह समिति, जिसकी रिपोर्ट पर रौलट अधिनियम पारित हुआ, के अध्यक्ष कौन थे?
- A.सर सिडनी रौलट
- B.लॉर्ड विलियम हंटर
- C.सर अलेक्जेंडर मुडीमन
- D.सर हरकोर्ट बटलर
उत्तर देखें
1918 की राजद्रोह समिति अंग्रेज न्यायाधीश सर सिडनी रौलट की अध्यक्षता में बनी, जिसने भारत में क्रांतिकारी षड्यंत्रों की जांच की और कार्यपालिका के लिए विशेष शक्तियों की सिफारिश की; संसद ने ये शक्तियां 1919 के अराजकता और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम, अर्थात रौलट अधिनियम, से दीं, जिसमें बिना मुकदमा नजरबंदी…
पूरी व्याख्या पढ़ें →1943 के बंगाल अकाल की जांच के लिए 1944 में नियुक्त अकाल जांच आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
- A.सर रिचर्ड स्ट्रेची
- B.सर एंटनी मैकडॉनेल
- C.सर जॉन वुडहेड
- D.सर जॉर्ज कैंपबेल
उत्तर देखें
1944 का अकाल जांच आयोग बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव सर जॉन वुडहेड की अध्यक्षता में बना और उसने 1943 के बंगाल अकाल की जांच करते हुए प्रशासनिक विफलता, बर्मा से चावल की आपूर्ति बंद होने तथा समुचित राहत नीति के अभाव को मृत्यु का कारण बताया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साइमन आयोग का अध्यक्ष कौन था और भारत में इसका बहिष्कार क्यों हुआ?
इसके अध्यक्ष सर जॉन साइमन थे। सातों सदस्य ब्रिटिश सांसद थे और एक भी भारतीय शामिल नहीं था, इसलिए भारतीयों ने इसे अपना संविधान बनाने के अधिकार से इनकार माना; दिसंबर 1927 के मद्रास कांग्रेस अधिवेशन ने बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया।
1882 के हंटर आयोग और 1919 की हंटर समिति में क्या अंतर है?
1882 का हंटर आयोग डब्ल्यू. डब्ल्यू. हंटर की अध्यक्षता में लॉर्ड रिपन द्वारा नियुक्त भारतीय शिक्षा आयोग था। 1919 की हंटर समिति लॉर्ड विलियम हंटर की अध्यक्षता में जलियांवाला बाग हत्याकांड की अव्यवस्था जांच समिति थी।
भारत के लिए केंद्रीय बैंक की सिफारिश किस आयोग ने की थी?
1926 के भारतीय मुद्रा और वित्त संबंधी शाही आयोग ने, जिसे हिल्टन यंग आयोग कहा जाता है। इसकी सिफारिश भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 से पूरी हुई और रिजर्व बैंक ने 1 अप्रैल 1935 से कार्य आरंभ किया।
इंपीरियल कृषि अनुसंधान परिषद की स्थापना किस आयोग की सिफारिश पर हुई?
1928 के कृषि संबंधी शाही आयोग की सिफारिश पर, जिसके अध्यक्ष लॉर्ड लिनलिथगो थे। इसी के आधार पर 1929 में इंपीरियल कृषि अनुसंधान परिषद बनी, जो अब भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद है।
भारत में लोक सेवा आयोग की सिफारिश किस आयोग ने की थी?
ली आयोग ने, अर्थात 1923–24 का उच्च सिविल सेवा संबंधी शाही आयोग, जिसके अध्यक्ष विस्काउंट ली ऑफ फेयरहम थे। उसी के आधार पर भारत का पहला लोक सेवा आयोग 1926 में स्थापित हुआ।
रौलट अधिनियम, 1919 किसकी रिपोर्ट पर बना था?
1918 की राजद्रोह समिति की रिपोर्ट पर, जिसके अध्यक्ष सर सिडनी रौलट थे और जिसने क्रांतिकारी गतिविधियों से निपटने के लिए विशेष शक्तियों की सिफारिश की। इससे बने रौलट अधिनियम ने बिना मुकदमा नजरबंदी की अनुमति दी और रौलट सत्याग्रह हुआ।
स्रोत
- भारतीय इतिहास के विषय भाग 3 (कक्षा 12), औपनिवेशिक शासन और राष्ट्रवाद से संबंधित अध्याय — एनसीईआरटी
- भारत का स्वतंत्रता संग्राम: साइमन आयोग और संवैधानिक जांच आयोग — राष्ट्रीय पुस्तक न्यास / राष्ट्रीय आंदोलन का मानक अध्ययन





