इटली और जर्मनी का एकीकरण: यूरोप में राष्ट्रवाद
यूरोप में राष्ट्रवाद तथा इटली और जर्मनी के एकीकरण के नोट्स: मैजिनी, काबूर, गैरीबाल्डी, बिस्मार्क, तीनों युद्ध और परीक्षा में पूछी जाने वाली तिथियाँ।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

1815 में न इटली एक देश था और न जर्मनी। इटली सात राज्यों में बँटा था और जर्मनी उनतालीस राज्यों के एक ढीले संघ में। ऑस्ट्रिया के चांसलर मेटरनिख के प्रसिद्ध शब्दों में इटली केवल एक भौगोलिक अभिव्यक्ति थी। 1871 तक दोनों एक-एक राष्ट्र-राज्य बन गए, जिनके पास अपनी राजधानी, संसद और सेना थी। यही अध्याय विश्व इतिहास में एसएससी, रेलवे, राज्य और यूपीएससी परीक्षाओं में हर साल पूछा जाता है, और पूछा नामों तथा तिथियों के रूप में जाता है: इटली के एकीकरण की आत्मा, मस्तिष्क और तलवार कौन था, बिस्मार्क ने कौन-से तीन युद्ध लड़े और जर्मन साम्राज्य की घोषणा कहाँ हुई।
यूरोप में राष्ट्रवाद का प्रसार
यह विचार कि एक भाषा, एक इतिहास और एक संस्कृति वाले लोग स्वयं शासन करें, 1789 की फ्रांसीसी क्रांति से निकला। क्रांतिकारियों ने प्रजा के स्थान पर नागरिक को खड़ा किया, फ्रांस को तिरंगा, एक सभा तथा माप-तौल की एक समान व्यवस्था दी, और नेपोलियन की सेनाओं ने इन विचारों को पूरे यूरोप में पहुँचाया। नेपोलियन की 1804 की नागरिक संहिता, जिसे नेपोलियन कोड कहा जाता है, ने जन्म पर आधारित विशेषाधिकार समाप्त किए और संपत्ति का अधिकार सुरक्षित किया; जीते गए प्रदेशों में यह उसके पतन के बाद भी बनी रही। उसकी पराजय के बाद 1815 के वियना सम्मेलन ने, जिसमें मेटरनिख का प्रभुत्व था, पुरानी राजशाहियों को लौटाया और शक्ति-संतुलन बनाए रखने के लिए उनतालीस राज्यों का जर्मन परिसंघ बनाया। परंतु रूढ़िवाद टिक नहीं सका। यूनान ने 1821 से लड़े युद्ध के बाद तुर्की से स्वतंत्रता पाई, जिसे 1832 की कुस्तुनतुनिया संधि ने मान्यता दी, और 1830 तथा 1848 में पूरे यूरोप में क्रांतियाँ हुईं। कलाकारों ने राष्ट्रों को नारी रूप दिया: फ्रांस के लिए मारीआन और जर्मनी के लिए बलूत के पत्तों का मुकुट पहने जर्मेनिया। फ्रांसीसी चित्रकार फ्रेडरिक सोरयू ने 1848 में लोकतांत्रिक गणराज्यों के संसार के चार चित्र बनाए।
इटली का एकीकरण, 1831 से 1871
इतालवी राज्यों में केवल सार्डिनिया-पीडमौंट पर किसी इतालवी राजवंश का शासन था। उत्तर में ऑस्ट्रिया, मध्य में पोप और दक्षिण में बूर्बो वंश का सिसली की दो राज्यों वाला साम्राज्य था। संघर्ष की शुरुआत कार्बोनारी नामक गुप्त समितियों ने की। निर्वासित जुजेपे मैजिनी ने 1831 में मार्सेई में यंग इटली और 1834 में बर्न में यंग यूरोप की स्थापना की और एक अखंड इतालवी गणराज्य का प्रचार किया। व्यावहारिक कार्य सार्डिनिया-पीडमौंट के प्रधानमंत्री काउंट कैमिलो दि काबूर ने किया, जो क्रांतिकारी नहीं बल्कि चतुर कूटनीतिज्ञ थे। जुलाई 1858 में प्लोंबिए में उन्होंने फ्रांस के नेपोलियन तृतीय की सहायता प्राप्त की, और 1859 के युद्ध में ऑस्ट्रिया से लोंबार्डी छीन लिया; इसके बदले नीस और सेवाय फ्रांस को देने पड़े। मई 1860 में जुजेपे गैरीबाल्डी लगभग एक हजार लाल कुर्ती स्वयंसेवकों के साथ जेनोआ से चले, सिसली और फिर नेपल्स जीता, और अपनी विजय राजा को सौंप दी। 17 मार्च 1861 को विक्टर इमैनुएल द्वितीय को इटली का राजा घोषित किया गया। 1866 में, प्रशा के हाथों ऑस्ट्रिया की पराजय के बाद, वेनेशिया मिला और 1870 में, फ्रांस-प्रशा युद्ध के समय फ्रांसीसी सेना के हटने पर, रोम मिला; 1871 में रोम राजधानी बना।
| व्यक्ति | उपाधि | योगदान |
|---|---|---|
| जुजेपे मैजिनी | एकीकरण की आत्मा या पैगंबर | यंग इटली, 1831; गणराज्य के समर्थक |
| काउंट काबूर | मस्तिष्क या शिल्पकार | कूटनीति, फ्रांसीसी गठबंधन, 1859 का युद्ध |
| जुजेपे गैरीबाल्डी | एकीकरण की तलवार | लाल कुर्ती; सिसली और नेपल्स, 1860 |
| विक्टर इमैनुएल द्वितीय | संयुक्त इटली का पहला राजा | 17 मार्च 1861 को राजा घोषित |
प्रशा के नेतृत्व में जर्मनी का एकीकरण
जर्मनी में एकता का पहला प्रयास मध्यवर्ग ने किया। 1834 में प्रशा के नेतृत्व में बना जोलवेराइन नामक सीमा-शुल्क संघ ने अधिकांश जर्मन राज्यों के बीच चुंगी की दीवारें गिरा दीं और प्रचलित मुद्राओं की संख्या घटाई, अर्थात राजनीतिक एकता से पहले आर्थिक एकता बनी। मई 1848 में निर्वाचित फ्रैंकफर्ट संसद सेंट पॉल गिरजे में बैठी, उसने संसद के प्रति उत्तरदायी राजा वाले जर्मन राष्ट्र का संविधान बनाया और प्रशा के फ्रेडरिक विल्हेम चतुर्थ को ताज देने का प्रस्ताव रखा; राजा ने जनता की सभा से मिला ताज अस्वीकार कर दिया और संसद भंग हो गई। इसके बाद एकता ऊपर से आई। ओटो वॉन बिस्मार्क 1862 में प्रशा के प्रधानमंत्री बने और घोषित किया कि बड़े प्रश्न भाषणों से नहीं, रक्त और लोहे से हल होंगे। उन्होंने तीन छोटे युद्ध लड़े: 1864 में डेनमार्क से श्लेसविग और होल्सटाइन के लिए, 1866 में ऑस्ट्रिया से, जिसका निर्णय सादोवा या कोनिगग्रात्ज के युद्ध में हुआ और जो प्राग की संधि से समाप्त हुआ, तथा 1870 से फ्रांस से, जिसका निर्णय सेडान में हुआ जहाँ नेपोलियन तृतीय बंदी बनाया गया। 18 जनवरी 1871 को वर्साय के शीश महल में प्रशा के विल्हेम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया गया, और फ्रैंकफर्ट की संधि से अल्सेस तथा लॉरेन जर्मनी को मिले। इसके बाद प्रशा की मुद्रा, बैंकिंग, विधि और न्याय-व्यवस्था नए साम्राज्य पर लागू की गई।
परीक्षा में बार-बार आने वाली तिथियाँ
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1815 | वियना सम्मेलन; उनतालीस राज्यों का जर्मन परिसंघ |
| 1831 | मैजिनी द्वारा मार्सेई में यंग इटली की स्थापना |
| 1834 | जोलवेराइन, जर्मन सीमा-शुल्क संघ |
| 1848 | फ्रैंकफर्ट संसद; यूरोप भर में क्रांतियाँ |
| 1859 | ऑस्ट्रिया-सार्डिनिया युद्ध; लोंबार्डी की प्राप्ति |
| 1860 | एक हजार का अभियान; सिसली और नेपल्स |
| 1861 | इटली का राज्य; विक्टर इमैनुएल द्वितीय राजा |
| 1866 | ऑस्ट्रिया-प्रशा युद्ध; वेनेशिया इटली में सम्मिलित |
| 1871 | वर्साय में जर्मन साम्राज्य की घोषणा; रोम इटली की राजधानी |
दोनों कहानियों की तुलना क्यों की जाती है
दोनों राष्ट्र एक ही दशक में बने और दोनों एक शक्तिशाली राज्य के इर्द-गिर्द बने, इटली में सार्डिनिया-पीडमौंट और जर्मनी में प्रशा, जिसने सेना, राजा और मंत्री दिए। दोनों ने ऑस्ट्रिया से युद्ध को साधन बनाया और दोनों का अंतिम चरण फ्रांस की कीमत पर पूरा हुआ। अंतर जन-आंदोलन की भूमिका में है: इटली में मैजिनी के गणतंत्रवादी और गैरीबाल्डी के स्वयंसेवक थे, जबकि जर्मनी की एकता एक रूढ़िवादी चांसलर का कार्य थी जिसने उदारवादियों को जानबूझकर दूर रखा। परीक्षक इस अंतर को कथन-आधारित प्रश्नों में और शेष तथ्यों को एक-पंक्ति प्रश्नों में पूछते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न एक-एक तथ्य के रूप में आते हैं: यंग इटली की स्थापना किसने और कहाँ की, इटली के एकीकरण की तलवार या मस्तिष्क किसे कहा जाता है, जोलवेराइन का वर्ष, बिस्मार्क के तीन युद्ध और उनका क्रम, ऑस्ट्रिया-प्रशा युद्ध का निर्णायक युद्ध, तथा जर्मन साम्राज्य की घोषणा किस भवन में हुई। सामान्य भ्रम 1861 और 1871 के बीच, मैजिनी और काबूर के बीच, सादोवा और सेडान के बीच, तथा यह धारणा है कि गैरीबाल्डी स्वयं दक्षिण का शासक बन गया, जबकि उसने विजय विक्टर इमैनुएल द्वितीय को सौंप दी। यूपीएससी इटली और जर्मनी के मार्गों की तुलना वाले कथन-प्रश्न पूछता है, एसएससी और रेलवे एक नाम या एक वर्ष तक सीमित रहते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| नेपोलियन कोड | 1804 की नागरिक संहिता; जन्म आधारित विशेषाधिकार समाप्त, संपत्ति का अधिकार सुरक्षित |
|---|---|
| वियना सम्मेलन | 1815, मेटरनिख के नेतृत्व में; राजशाहियों की पुनर्स्थापना और जर्मन परिसंघ का गठन |
| यूनान की स्वतंत्रता | 1821 से युद्ध; 1832 की कुस्तुनतुनिया संधि से मान्यता |
| यंग इटली | जुजेपे मैजिनी द्वारा मार्सेई में, 1831 |
| प्लोंबिए समझौता | जुलाई 1858, काबूर और फ्रांस के नेपोलियन तृतीय |
| एक हजार का अभियान | गैरीबाल्डी की लाल कुर्तियाँ, मई 1860, जेनोआ से सिसली और नेपल्स |
| इटली का राज्य | 17 मार्च 1861; विक्टर इमैनुएल द्वितीय पहला राजा |
| रोम राजधानी | 1870 में विजय, 1871 में इटली की राजधानी |
| जोलवेराइन | 1834 का जर्मन सीमा-शुल्क संघ, प्रशा के नेतृत्व में |
| फ्रैंकफर्ट संसद | मई 1848, सेंट पॉल गिरजा; फ्रेडरिक विल्हेम चतुर्थ ने ताज अस्वीकार किया |
| बिस्मार्क | 1862 से प्रशा के प्रधानमंत्री; रक्त और लोहे की नीति |
| ऑस्ट्रिया-प्रशा युद्ध | 1866, सादोवा या कोनिगग्रात्ज में निर्णय; प्राग की संधि से समाप्ति |
| फ्रांस-प्रशा युद्ध | 1870-71; सेडान में नेपोलियन तृतीय बंदी |
| जर्मन साम्राज्य | 18 जनवरी 1871, वर्साय का शीश महल; विल्हेम प्रथम कैसर |
| फ्रैंकफर्ट की संधि | 1871; अल्सेस और लॉरेन फ्रांस से जर्मनी को |
| राष्ट्र के प्रतीक | फ्रांस के लिए मारीआन, जर्मनी के लिए बलूत के मुकुट वाली जर्मेनिया |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
गुप्त संगठन यंग इटली की स्थापना 1831 में किसने की थी?
- A.काउंट कैमिलो दि काबूर
- B.जुजेपे गैरीबाल्डी
- C.जुजेपे मैजिनी
- D.विक्टर इमैनुएल द्वितीय
उत्तर देखें
कार्बोनारी के सदस्य रहे मैजिनी को निर्वासित कर दिया गया था और उन्होंने 1831 में मार्सेई में यंग इटली तथा 1834 में बर्न में यंग यूरोप की स्थापना की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →18 जनवरी 1871 को जर्मन साम्राज्य की घोषणा कहाँ की गई थी?
- A.वर्साय का शीश महल
- B.फ्रैंकफर्ट का सेंट पॉल गिरजा
- C.बर्लिन का राइखस्टाग
- D.वियना का हॉफबर्ग महल
उत्तर देखें
फ्रांस-प्रशा युद्ध की समाप्ति के समय जर्मन राजाओं ने फ्रांस के राजमहल वर्साय के शीश महल में एकत्र होकर 18 जनवरी 1871 को प्रशा के विल्हेम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1834 में बना जोलवेराइन क्या था?
- A.फ्रांस के विरुद्ध जर्मन राज्यों का सैनिक गठबंधन
- B.जर्मन राज्यों के बीच चुंगी समाप्त करने वाला सीमा-शुल्क संघ
- C.जर्मन परिसंघ की संसद
- D.श्लेसविग पर प्रशा और ऑस्ट्रिया की संधि
उत्तर देखें
जोलवेराइन 1834 में प्रशा के नेतृत्व में बना। इसने आपसी सीमा-शुल्क हटाए, जिनसे जर्मन राज्यों के बीच व्यापार महँगा और धीमा था, और प्रचलित मुद्राओं की संख्या घटाई, जिससे राजनीतिक एकता से बहुत पहले एक आर्थिक क्षेत्र बन गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1860 में एक हजार के अभियान का नेतृत्व करते हुए सिसली और नेपल्स किसने जीते?
- A.जुजेपे मैजिनी
- B.काउंट काबूर
- C.जुजेपे गैरीबाल्डी
- D.नेपोलियन तृतीय
उत्तर देखें
मई 1860 में गैरीबाल्डी लगभग एक हजार स्वयंसेवकों के साथ जेनोआ से चले, जो अपनी वर्दी के कारण लाल कुर्ती कहे जाते थे; उन्होंने सिसली में उतरकर फिर मुख्य भूमि पर जाकर बूर्बो शासकों से नेपल्स छीना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1866 में सादोवा, जिसे कोनिगग्रात्ज भी कहा जाता है, का युद्ध किनके बीच हुआ था?
- A.प्रशा और डेनमार्क
- B.प्रशा और ऑस्ट्रिया
- C.प्रशा और फ्रांस
- D.सार्डिनिया-पीडमौंट और ऑस्ट्रिया
उत्तर देखें
1866 का ऑस्ट्रिया-प्रशा युद्ध, जिसे सात सप्ताह का युद्ध भी कहते हैं, सादोवा या कोनिगग्रात्ज में निर्णीत हुआ, जहाँ प्रशा की सेना ने ऑस्ट्रिया को हराया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विक्टर इमैनुएल द्वितीय को संयुक्त इटली का राजा किस वर्ष घोषित किया गया?
- A.1859
- B.1861
- C.1866
- D.1871
उत्तर देखें
17 मार्च 1861 को पहली इतालवी संसद ने सार्डिनिया-पीडमौंट के विक्टर इमैनुएल द्वितीय को इटली का राजा घोषित किया, क्योंकि 1859 के युद्ध से लोंबार्डी मिल चुका था और 1860 के गैरीबाल्डी के अभियान से दक्षिण जुड़ चुका था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जुलाई 1858 में प्लोंबिए में काबूर ने ऑस्ट्रिया के विरुद्ध किससे गठबंधन किया?
- A.फ्रांस के नेपोलियन तृतीय
- B.प्रशा के विल्हेम प्रथम
- C.ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया
- D.रूस के ज़ार अलेक्जेंडर द्वितीय
उत्तर देखें
काबूर समझते थे कि सार्डिनिया-पीडमौंट अकेले ऑस्ट्रिया को नहीं हरा सकता, इसलिए जुलाई 1858 में प्लोंबिए में उन्होंने नेपोलियन तृतीय से ऑस्ट्रिया के विरुद्ध फ्रांसीसी सैनिक सहायता का गुप्त समझौता किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1848 की फ्रैंकफर्ट संसद मुख्य रूप से किस कारण विफल हुई?
- A.ऑस्ट्रिया और प्रशा ने मिलकर उसे युद्ध से समाप्त किया
- B.उसके द्वारा प्रस्तावित ताज फ्रेडरिक विल्हेम चतुर्थ ने अस्वीकार कर दिया
- C.उसने गणराज्य की मांग की, जिसे मध्यवर्ग ने ठुकरा दिया
- D.बिस्मार्क ने उसके सदस्यों को बंदी बनाने का आदेश दिया
उत्तर देखें
मई 1848 में निर्वाचित संसद फ्रैंकफर्ट के सेंट पॉल गिरजे में बैठी और संसद के प्रति उत्तरदायी राजा वाले जर्मन राष्ट्र का संविधान तैयार किया, तथा वह ताज प्रशा के राजा को देने का प्रस्ताव रखा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1871 की फ्रैंकफर्ट संधि से फ्रांस का कौन-सा प्रदेश जर्मनी को मिला?
- A.नीस और सेवाय
- B.श्लेसविग और होल्सटाइन
- C.अल्सेस और लॉरेन
- D.लोंबार्डी और वेनेशिया
उत्तर देखें
फ्रैंकफर्ट की संधि ने 1871 में फ्रांस-प्रशा युद्ध समाप्त किया और सीमावर्ती औद्योगिक प्रदेश अल्सेस तथा लॉरेन का बड़ा भाग नए जर्मन साम्राज्य को दे दिया, साथ ही भारी युद्ध-हर्जाना भी लगाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जर्मनी के एकीकरण पर दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिए। कथन I: बिस्मार्क ने अपनी पद्धति को रक्त और लोहे की नीति कहा। कथन II: वे 1862 में प्रशा के प्रधानमंत्री बने।
- A.केवल कथन I सही है
- B.केवल कथन II सही है
- C.दोनों कथन सही हैं
- D.दोनों कथन गलत हैं
उत्तर देखें
ओटो वॉन बिस्मार्क को 1862 में विल्हेम प्रथम ने सेना के खर्च पर उदारवादी संसद से चल रहे गतिरोध को तोड़ने के लिए प्रशा का प्रधानमंत्री नियुक्त किया, और उन्होंने उसी संसद में कहा कि युग के बड़े प्रश्न भाषणों और बहुमत के मतों से नहीं, रक्त और लोहे से…
पूरी व्याख्या पढ़ें →उन्नीसवीं सदी की कला में जर्मन राष्ट्र के नारी रूप जर्मेनिया के सिर पर किस वृक्ष के पत्तों का मुकुट दिखाया जाता है?
- A.बलूत के पत्ते, जो वीरता के प्रतीक हैं
- B.जैतून की शाखाएँ, जो शांति की प्रतीक हैं
- C.लॉरेल, जो विद्वत्ता का प्रतीक है
- D.गेहूँ की बालें, जो समृद्धि की प्रतीक हैं
उत्तर देखें
उन्नीसवीं सदी के कलाकारों ने राष्ट्रों को नारी रूप दिया: फ्रांस के लिए लाल टोपी और तिरंगे के साथ मारीआन, और जर्मन राष्ट्र के लिए जर्मेनिया, जिसके सिर पर बलूत के पत्तों का मुकुट होता था क्योंकि जर्मन बलूत वीरता का प्रतीक माना जाता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इटली के एकीकरण की तलवार किसे कहा जाता है?
जुजेपे गैरीबाल्डी को। उन्होंने लाल कुर्ती स्वयंसेवक खड़े किए, मई 1860 में लगभग एक हजार लोगों के साथ जेनोआ से प्रस्थान किया, सिसली और नेपल्स जीते और फिर दक्षिण स्वयं न रखकर विक्टर इमैनुएल द्वितीय को सौंप दिया। मैजिनी को एकीकरण की आत्मा और काबूर को मस्तिष्क कहा जाता है।
जर्मन साम्राज्य की घोषणा कब और कहाँ हुई?
18 जनवरी 1871 को फ्रांस में वर्साय के राजमहल के शीश महल में, जहाँ फ्रांस-प्रशा युद्ध की समाप्ति के समय प्रशा के विल्हेम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया गया। प्रश्नों में स्थान विशेष रूप से पूछा जाता है क्योंकि यह पराजित शत्रु की भूमि थी।
जोलवेराइन क्या था?
1834 में प्रशा के नेतृत्व में बना जर्मन राज्यों का सीमा-शुल्क संघ। इसने आपसी चुंगी समाप्त की और प्रचलित मुद्राओं की संख्या घटाई, जिससे राजनीतिक एकीकरण से तीन दशक पहले एक आर्थिक क्षेत्र बन गया।
बिस्मार्क ने जर्मनी को एक करने के लिए कौन-से तीन युद्ध लड़े?
1864 में डेनमार्क से श्लेसविग और होल्सटाइन के लिए, 1866 में ऑस्ट्रिया से जिसका निर्णय सादोवा में हुआ, और 1870-71 में फ्रांस से जिसका निर्णय सेडान में हुआ। प्रत्येक युद्ध ने अगले शत्रु को अलग कर दिया और प्रशा को अधिक शक्तिशाली बनाया।
इटली के लिए 1861 और जर्मनी के लिए 1871 क्यों महत्वपूर्ण है?
इटली के राज्य की घोषणा 17 मार्च 1861 को विक्टर इमैनुएल द्वितीय के अधीन हुई, हालाँकि वेनेशिया 1866 में और रोम 1870 में मिला तथा 1871 में राजधानी बना। जर्मन साम्राज्य की घोषणा 18 जनवरी 1871 को हुई। इसलिए 1861 इटली का और 1871 जर्मनी का जन्म-वर्ष है।
फ्रैंकफर्ट संसद द्वारा दिया गया ताज किसने अस्वीकार किया?
प्रशा के राजा फ्रेडरिक विल्हेम चतुर्थ ने 1848 में निर्वाचित फ्रैंकफर्ट संसद का प्रस्तावित ताज अस्वीकार कर दिया, क्योंकि वह जनता की सभा से मिल रहा था, राजाओं से नहीं। संसद भंग हो गई और मध्यवर्गीय उदारवादी प्रयास विफल रहा।





