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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 30

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 30) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 17 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: विजयनगर और बहमनी राज्य, देशी रियासतों का एकीकरण, मुगल साम्राज्य और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासकठिन

बहमनी राज्य के विघटन से बनी पाँच दक्कन सल्तनतों में से निम्नलिखित में कौन-सी नहीं थी?

  1. A.बीजापुर
  2. B.अहमदनगर
  3. C.गोलकुंडा
  4. D.खानदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. खानदेश

व्याख्या

सही उत्तर D, खानदेश है। खानदेश पर फारुकी वंश का शासन था, जिसने चौदहवीं शताब्दी के अंत में ताप्ती घाटी में बहमनियों से अलग स्वतंत्र रूप से अपनी सत्ता जमाई और 1601 में अकबर ने उसे मुगल साम्राज्य में मिला लिया; वह कभी बहमनी राज्य का अंग नहीं रहा, इसलिए उसके विघटन से नहीं निकला। विकल्प A इसलिए गलत विकल्प है क्योंकि यूसुफ आदिल शाह के अधीन बीजापुर उन पाँच उत्तराधिकारी राज्यों में से एक था, जो आदिलशाही कहलाया। विकल्प B गलत है क्योंकि मलिक अहमद द्वारा स्थापित अहमदनगर निजामशाही राज्य बना, जिसकी रक्षा चाँद बीबी ने मुगलों से की थी। विकल्प C गलत है क्योंकि गोलकुंडा कुली कुतुब शाह के अधीन कुतुबशाही राज्य बना और आगे चलकर हैदराबाद को चारमीनार दिया। शेष दो उत्तराधिकारी राज्य बरार के इमादशाही और बीदर के बरीदशाही थे, और इन्हीं पाँच में से चार ने मिलकर 1565 में तालीकोटा जीता।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 23rd Dec 2021मध्यम

'भूतपूर्व देशी रियासतों' की श्रेणी में वे राज्य आते थे A. जिनके राजा ने भारत में विलय पर सहमति दी B. जिनके राजा ने पाकिस्तान में विलय पर सहमति दी C. जिन्हें राज्य का दर्जा मिलने तक प्रशासनिक इकाइयों के रूप में रखा गया D. जिन्हें गोवा और पांडिचेरी जैसे यूरोपीय उपनिवेशों के रूप में रखा गया।

  1. A.A और B सत्य हैं। B, A का सही स्पष्टीकरण है
  2. B.B, C और D
  3. C.A, C और D
  4. D.A, B और C
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. A, B और C

व्याख्या

सही उत्तर है D, A, B और C। 1947 में अंग्रेजों के जाने पर भारत में प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन वाले प्रांतों के अलावा लगभग 565 देशी रियासतें थीं, जिनके शासकों ने ब्रिटिश सर्वोपरिता स्वीकार कर रखी थी। स्वतंत्रता के साथ यह सर्वोपरिता समाप्त हो गई और हर शासक को भारत या पाकिस्तान में विलय करना था; सरदार वल्लभभाई पटेल तथा वी. पी. मेनन ने रियासत विभाग के माध्यम से लगभग सभी से विलय पत्र पर हस्ताक्षर कराए। इस प्रकार कथन A और B दोनों रियासतों का वर्णन करते हैं। कथन C भी सही है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा जैसी कई रियासतें अलग प्रशासनिक इकाइयों के रूप में रखी गईं और बाद में पूर्ण राज्य बनीं। कथन D गलत है, क्योंकि गोवा, दमन और दीव पुर्तगाली तथा पांडिचेरी फ्रांसीसी उपनिवेश थे, रियासतें नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि उसमें कथन C छूट जाता है। विकल्प B और C गलत हैं, क्योंकि दोनों में असत्य कथन D शामिल है। परीक्षा टिप: लगभग 565 रियासतें, पटेल और वी. पी. मेनन, विलय पत्र, तथा गोवा और पांडिचेरी यूरोपीय उपनिवेश।

Q3.भारतीय इतिहासआसान

आइन-ए-अकबरी की रचना किसने की?

  1. A.बदायूँनी
  2. B.गुलबदन बेगम
  3. C.अबुल फजल
  4. D.फैजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अबुल फजल

व्याख्या

सही उत्तर C, अबुल फजल है। अकबर के नवरत्नों में गिने जाने वाले अबुल फजल ने फारसी में अकबरनामा लिखा और उसका तीसरा भाग आइन-ए-अकबरी है, जिसमें साम्राज्य के सूबों, राजस्व, सेना, पदों, फसलों और कीमतों का विस्तृत विवरण है। अकबर के प्रशासन के लिए यह आज भी सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला स्रोत है। विकल्प A गलत है क्योंकि बदायूँनी ने मुंतखब-उत-तवारीख लिखी, जो अकबर की धार्मिक नीति के विरुद्ध लिखा गया इतिहास है। विकल्प B गलत है क्योंकि बाबर की पुत्री गुलबदन बेगम ने अपने भाई के शासन पर हुमायूँनामा लिखा। विकल्प D गलत है क्योंकि अबुल फजल के भाई फैजी दरबार के राजकवि थे और उन्होंने अनुवाद किए, परंतु आइन-ए-अकबरी नहीं लिखी। ग्रंथ और लेखक का मेल एक नियमित प्रश्न है, इसलिए ये चार जोड़ियाँ तैयार रखिए।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 25 Mar, 2026, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किस स्वतंत्रता सेनानी ने 1927 में महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व किया?

  1. A.ज्योतिराव फुले
  2. B.ई वी रामास्वामी नायकर
  3. C.के केलप्पन
  4. D.बी आर आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बी आर आंबेडकर

व्याख्या

सही उत्तर है D, बी आर आंबेडकर। 20 मार्च 1927 को डॉ बी आर आंबेडकर हजारों दलितों के साथ महाराष्ट्र के महाड़ में चवदार तालाब पहुँचे और उसका पानी पिया, जिससे दलित वर्गों का सार्वजनिक जल स्रोत पर अधिकार जताया गया। बाद में ऊँची जातियों के समूहों ने गोबर और दही डालकर तालाब का शुद्धिकरण किया, और उसी वर्ष दिसंबर में आंबेडकर महाड़ लौटे तथा मनुस्मृति का सार्वजनिक दहन किया। इस दिन को सामाजिक सशक्तीकरण दिवस के रूप में याद किया जाता है और महाड़ को आधुनिक भारत में दलित स्वाभिमान की पहली सामूहिक कार्रवाई कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ज्योतिराव फुले का निधन 1890 में ही हो गया था, हालाँकि उनके 1873 के सत्यशोधक समाज ने जमीन तैयार की थी। विकल्प B गलत है क्योंकि पेरियार कहे जाने वाले ई वी रामास्वामी नायकर ने दक्षिण में आत्म-सम्मान आंदोलन और वैकोम सत्याग्रह चलाया। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल गांधी कहे जाने वाले के केलप्पन ने 1931 का गुरुवायूर सत्याग्रह चलाया। परीक्षा टिप: महाड़ 1927 और कालाराम मंदिर 1930 — दोनों का नेतृत्व आंबेडकर ने किया।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2014 Official Paperमध्यम

किस सूफी संत को 'महबूब-ए-इलाही' कहा जाता था?

  1. A.ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
  2. B.बाबा फरीद
  3. C.कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी
  4. D.शेख निजामुद्दीन औलिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. शेख निजामुद्दीन औलिया

व्याख्या

सही उत्तर D, शेख निजामुद्दीन औलिया है। महबूब-ए-इलाही का अर्थ है ईश्वर के प्रिय, और दिल्ली के इस चिश्ती संत को सात शताब्दियों से इसी उपाधि से जाना जाता है। उन्होंने सुल्तानों से दूरी बनाए रखी, उनके अनुदान अस्वीकार किए, और गियासपुर स्थित उनकी खानकाह इस सिलसिले का सबसे अधिक आने-जाने वाला केंद्र बनी; अमीर खुसरो उनके सबसे प्रसिद्ध शिष्य थे। विकल्प A, ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती चिश्ती सिलसिले को भारत लाए और अजमेर में बसे, जहाँ उन्हें गरीब नवाज़ कहा जाता है। विकल्प B, बाबा फरीदुद्दीन गंजशकर ने पंजाब के अजोधन में शिक्षा दी, स्थानीय भाषा में रचना की, और उनके कई पद बाद में सिख धर्मग्रंथ में संकलित हुए। विकल्प C, कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी दिल्ली में मुईनुद्दीन के उत्तराधिकारी और बाबा फरीद के गुरु थे, अर्थात चारों नाम एक ही गुरु परंपरा बनाते हैं।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 31 July 2021, Shift 1आसान

सोवियत संघ का विघटन निम्नलिखित में से किस वर्ष शुरू हुआ?

  1. A.1990
  2. B.1989
  3. C.1991
  4. D.1992
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1991

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1991। सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ का विघटन 1991 में हुआ: उस वर्ष अगस्त में मिखाइल गोर्बाचेव के विरुद्ध हुए असफल तख्तापलट ने केंद्र की सत्ता तोड़ दी, गणराज्य एक के बाद एक स्वतंत्रता घोषित करते गए, और 25 दिसंबर 1991 को गोर्बाचेव ने इस्तीफा दे दिया। अगले ही दिन क्रेमलिन से सोवियत ध्वज उतार लिया गया और सोवियत संघ की जगह पंद्रह अलग-अलग देश बन गए, जिनमें रूस उसका उत्तराधिकारी राज्य बना। इनमें से अधिकांश दिसंबर 1991 की अल्मा-अता घोषणा से बने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रकुल में शामिल हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि 1990 में जर्मनी का एकीकरण हुआ और गणराज्यों में संप्रभुता की पहली आवाजें उठीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 1989 में बर्लिन की दीवार गिरी और पूर्वी यूरोप साम्यवाद से मुड़ गया, पर सोवियत संघ बना रहा। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 तक विघटन पूरा हो चुका था। परीक्षा टिप: बर्लिन दीवार 1989 → जर्मनी एकीकरण 1990 → सोवियत संघ विघटन 1991, और शीत युद्ध समाप्त।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 6 March 2019, Shift 1मध्यम

मुगल सेना के विरुद्ध सिंहगढ़ किले की सफल रक्षा में कौन-सा मराठा योद्धा वीरगति को प्राप्त हुआ?

  1. A.चिमाजी अप्पा
  2. B.बाजी प्रभु देशपांडे
  3. C.तानाजी मालुसरे
  4. D.बाजी पासलकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तानाजी मालुसरे

व्याख्या

सही उत्तर C, तानाजी मालुसरे है। तानाजी ने 1670 में रात के आक्रमण से कोंडाना किला मुगल सैन्य टुकड़ी से छीना और इसी लड़ाई में वीरगति को प्राप्त हुए। कहा जाता है कि शिवाजी ने कहा कि गढ़ आया पर सिंह गया, और इसके बाद किले का नाम सिंहगढ़ पड़ा। विकल्प A गलत है क्योंकि चिमाजी अप्पा पेशवा बाजीराव प्रथम के भाई थे और 1739 में पुर्तगालियों से वसई जीतने के लिए याद किए जाते हैं, जो लगभग सत्तर वर्ष बाद की घटना है। विकल्प B गलत है क्योंकि बाजी प्रभु देशपांडे 1660 में पावन खिंड को रोककर शहीद हुए थे ताकि शिवाजी सुरक्षित विशालगढ़ पहुंच सकें; यह अलग प्रसंग है जिसे प्रश्नपत्र जानबूझकर विकल्पों में रखते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बाजी पासलकर पुणे क्षेत्र के आरंभिक साथी थे और कोंडाना से उनका संबंध नहीं है।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 6 March 2023कठिन

निम्नलिखित में से कौन 1915 के अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे?

  1. A.सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा
  2. B.अंबिका चरण मजूमदार
  3. C.भूपेंद्र नाथ बोस
  4. D.मदन मोहन मालवीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर है A, सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 1915 का अधिवेशन बंबई में हुआ और उसकी अध्यक्षता सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा ने की, जो बाद में लॉर्ड सिन्हा ऑफ रायपुर कहलाए। वे 1909 में वायसराय की कार्यकारी परिषद में नियुक्त होने वाले पहले भारतीय थे, और आगे चलकर भारत के अवर राज्य सचिव तथा बिहार और ओडिशा के राज्यपाल बने, यानी किसी प्रांत के पहले भारतीय राज्यपाल। उनकी अध्यक्षता उसी वर्ष हुई जब गोपाल कृष्ण गोखले और फिरोजशाह मेहता का निधन हुआ और गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से लौटे, इसलिए यह अधिवेशन पार्टी के लिए मोड़ माना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अंबिका चरण मजूमदार ने 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता की, जहाँ कांग्रेस और मुस्लिम लीग का समझौता हुआ तथा नरम और गरम दल एक हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि भूपेंद्र नाथ बोस ने 1914 के मद्रास अधिवेशन की अध्यक्षता की। विकल्प D गलत है, क्योंकि मदन मोहन मालवीय 1909 में लाहौर और 1918 के दिल्ली विशेष अधिवेशन के अध्यक्ष रहे। परीक्षा टिप: 1914 मद्रास बोस, 1915 बंबई सिन्हा, 1916 लखनऊ मजूमदार।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 30th Dec 2021मध्यम

जाति-भेद के विरुद्ध चले आंदोलनों में से कौन अपने प्रभाव-क्षेत्र के साथ सही ढंग से जोड़ा गया है?

  1. A.सतनामी आंदोलन – पंजाब
  2. B.मतुआ संप्रदाय – तमिलनाडु
  3. C.सत्यशोधक समाज – महाराष्ट्र
  4. D.आर्य समाज – केरल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सत्यशोधक समाज – महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, सत्यशोधक समाज – महाराष्ट्र। ज्योतिराव फुले ने 1873 में पुणे में सत्यशोधक समाज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य महाराष्ट्र में जातिगत ऊँच-नीच और पुरोहित वर्ग के वर्चस्व से लड़ना था। फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई के साथ लड़कियों तथा तथाकथित निचली जातियों के बच्चों के लिए विद्यालय खोले थे और अपनी पुस्तक गुलामगिरी में शूद्रों की दशा की तुलना दासों से की थी। समाज ने ब्राह्मण पुरोहित के बिना विवाह कराए और किसानों, मजदूरों तथा महिलाओं के पक्ष में आवाज उठाई। A गलत है क्योंकि सतनामी आंदोलन गुरु घासीदास ने छत्तीसगढ़ की चर्मकार जातियों के बीच चलाया था, पंजाब में नहीं। B गलत है क्योंकि मतुआ संप्रदाय हरिचंद ठाकुर ने बंगाल के नामशूद्रों के बीच शुरू किया था, तमिलनाडु में नहीं। D गलत है क्योंकि आर्य समाज की स्थापना 1875 में दयानंद सरस्वती ने की और इसका प्रभाव पंजाब तथा उत्तर भारत में सबसे अधिक रहा, केरल में नहीं। परीक्षा टिप: फुले – सत्यशोधक समाज, पुणे 1873, गुलामगिरी; घासीदास – सतनामी, छत्तीसगढ़।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 2 Nov 2021, Shift 1कठिन

चोल अभिलेखों में 'तिरुनमत्तुक्कणि' किसे कहा गया है?

  1. A.ब्राह्मणों को दी गई भूमि
  2. B.गैर-ब्राह्मण किसान भू-स्वामियों की भूमि
  3. C.जैन संस्थाओं को दान की गई भूमि
  4. D.मंदिरों को दी गई भूमि
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मंदिरों को दी गई भूमि

व्याख्या

सही उत्तर है D, मंदिरों को दी गई भूमि। चोल अभिलेखों में भूमि-दान के हर प्रकार के लिए अलग शब्द मिलता है और 'तिरुनमत्तुक्कणि' वह भूमि है जिसकी उपज मंदिर के लिए रखी जाती थी। चोल नौवीं से तेरहवीं शताब्दी तक कावेरी डेल्टा पर शासन करते थे और अपनी भूमि-व्यवस्था का ब्योरा तमिल में मंदिरों की दीवारों पर खुदवाते थे, इसलिए आज भी हर श्रेणी का नाम पता चलता है। इन्हीं सूचियों में 'ब्रह्मदेय' ब्राह्मणों को दी गई भूमि थी, 'वेल्लानवगई' कर देने वाले गैर-ब्राह्मण किसान भू-स्वामियों की भूमि थी, 'शालाभोग' वह भूमि थी जिसकी आय से विद्यालय चलता था और 'पल्लिच्छंदम' जैन संस्थाओं को दी गई भूमि थी। A गलत है क्योंकि ब्राह्मणों को दी गई भूमि ब्रह्मदेय कहलाती थी। B गलत है क्योंकि गैर-ब्राह्मण किसानों की भूमि वेल्लानवगई थी। C गलत है क्योंकि जैन संस्थाओं को दी गई भूमि पल्लिच्छंदम थी। परीक्षा टिप: ब्रह्मदेय - ब्राह्मण, वेल्लानवगई - किसान, शालाभोग - विद्यालय, पल्लिच्छंदम - जैन, तिरुनमत्तुक्कणि - मंदिर।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 19 Feb 2019, Shift 1मध्यम

‘दुनिया के मजदूरों, एक हो’ का नारा किससे जुड़ा था?

  1. A.फ्रांसीसी क्रांति
  2. B.अमेरिकी क्रांति
  3. C.रूसी क्रांति
  4. D.जापानी क्रांति
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रूसी क्रांति

व्याख्या

सही उत्तर है C, रूसी क्रांति। ‘दुनिया के मजदूरों, एक हो’ यह पुकार कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स द्वारा 1848 में लिखे गए कम्युनिस्ट घोषणापत्र की अंतिम पंक्तियों से आती है। यही नारा उस समाजवादी आंदोलन का प्रमुख स्वर बना जिसने 1917 में रूस में बोल्शेविकों को सत्ता तक पहुँचाया। लेनिन की पार्टी ने इसी नारे से औद्योगिक मजदूरों को अपने साथ जोड़ा, और ये शब्द बाद में लंदन में मार्क्स की समाधि पर अंकित हुए तथा सोवियत प्रतीक चिह्नों पर छपे। 1917 की फरवरी क्रांति ने ज़ार का शासन समाप्त किया और अक्टूबर क्रांति बोल्शेविकों को सत्ता में लाई। A गलत है क्योंकि 1789 की फ्रांसीसी क्रांति का नारा स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा था। B गलत है क्योंकि 1776 की अमेरिकी क्रांति प्रतिनिधित्व के बिना कर लगाने के विरोध में लड़ी गई थी। D गलत है क्योंकि जापान में 1868 की मेजी पुनर्स्थापना हुई, जो ऊपर से किया गया आधुनिकीकरण था, मजदूर क्रांति नहीं। परीक्षा टिप: कम्युनिस्ट घोषणापत्र 1848, मार्क्स और एंगेल्स; रूसी क्रांति 1917, लेनिन।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 Oct 2020, Shift 3आसान

'दिल्ली चलो' और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा' के नारे किसने दिए?

  1. A.मोहनदास करमचंद गांधी
  2. B.जवाहरलाल नेहरू
  3. C.सुभाष चंद्र बोस
  4. D.सरदार वल्लभ भाई पटेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सुभाष चंद्र बोस

व्याख्या

सही उत्तर है C, सुभाष चंद्र बोस। दोनों नारे नेताजी और आजाद हिंद फौज से जुड़े हैं, जिसका नेतृत्व उन्होंने 1943 से किया। दिल्ली चलो का नारा देकर उन्होंने दिल्ली की ओर बढ़ना फौज का लक्ष्य बनाया, और दक्षिण पूर्व एशिया के भारतीयों से अपनी प्रसिद्ध अपील में आजादी के बदले खून माँगा। उन्होंने जय हिंद का अभिवादन भी दिया, अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद की अस्थायी सरकार बनाई, और महिला सैनिकों की रानी झाँसी रेजिमेंट खड़ी की। विकल्प A गलत है, क्योंकि गांधीजी के नारे 1942 में दिए गए भारत छोड़ो और करो या मरो थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि नेहरू अपने ट्रिस्ट विद डेस्टिनी भाषण के लिए याद किए जाते हैं, इन नारों के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि लौह पुरुष पटेल बारदोली आंदोलन और देशी रियासतों के विलय से जुड़े हैं। परीक्षा टिप: दिल्ली चलो, जय हिंद और खून दो, तीनों सुभाष चंद्र बोस की ओर इशारा करते हैं।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 5 Oct 2021, Shift 2आसान

ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्ज़न ने बंगाल का विभाजन किस वर्ष किया था?

  1. A.1905
  2. B.1901
  3. C.1907
  4. D.1911
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1905

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1905। लॉर्ड कर्ज़न ने 19 जुलाई 1905 को बंगाल विभाजन की घोषणा की और यह 16 अक्टूबर 1905 से लागू हुआ, जिससे प्रांत मुस्लिम-बहुल पूर्वी हिस्से और शेष बंगाल में बँट गया। सार्वजनिक रूप से कारण यह बताया गया कि बंगाल प्रशासन के लिए बहुत बड़ा हो गया है, पर असली मकसद हिंदू-मुसलमानों को बाँटकर वहाँ बढ़ते राष्ट्रीय आंदोलन को कमज़ोर करना था। इसके विरोध से स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें विदेशी कपड़े जलाए गए और भारतीय सामान, स्कूल तथा बैंक बढ़ावा पाए; रवींद्रनाथ टैगोर का गीत 'आमार सोनार बांग्ला' इन्हीं दिनों का है। विरोध इतना व्यापक था कि 1911 में विभाजन रद्द कर दिया गया और उसी साल राजधानी कलकत्ता से दिल्ली ले जाई गई। B गलत है क्योंकि 1901 में महारानी विक्टोरिया का निधन हुआ था। C गलत है क्योंकि 1907 कांग्रेस के सूरत विभाजन का वर्ष है। D गलत है क्योंकि 1911 में विभाजन रद्द हुआ था, हुआ नहीं था। परीक्षा टिप: 1905 में कर्ज़न ने घोषित किया, 1911 में हार्डिंग के समय रद्द हुआ।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 3मध्यम

रैयतवाड़ी व्यवस्था किसके द्वारा शुरू की गई थी?

  1. A.वॉरेन हेस्टिंग्स
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.थॉमस मुनरो
  4. D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थॉमस मुनरो

व्याख्या

सही उत्तर है C, थॉमस मुनरो। रैयतवाड़ी बंदोबस्त थॉमस मुनरो ने कैप्टन अलेक्जेंडर रीड के साथ तैयार किया और 1820 से मद्रास प्रेसीडेंसी में लागू किया, जहाँ मुनरो उस समय गवर्नर थे। इस व्यवस्था में लगान सीधे रैयत, अर्थात् अलग-अलग किसान के साथ तय किया जाता था, और जब तक वह लगान चुकाता रहे, उसे अपने खेत का स्वामी माना जाता था। बीच में कोई जमींदार नहीं होता था, और मिट्टी के सर्वेक्षण के बाद हर तीस वर्ष में लगान की दर संशोधित की जाती थी। यह व्यवस्था आगे मद्रास, बंबई, असम और बरार के बड़े भाग में, यानी लगभग आधे ब्रिटिश भारत में लागू हुई, और नकद में ऊँची मांग ने बहुत किसानों को कर्ज में डुबो दिया। A गलत है क्योंकि वॉरेन हेस्टिंग्स ने बंगाल में नीलामी से लगान वसूली का प्रयोग किया था। B गलत है क्योंकि लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 1793 में जमींदारों के साथ स्थायी बंदोबस्त लागू किया। D गलत है क्योंकि लॉर्ड रिपन स्थानीय स्वशासन और इल्बर्ट बिल के लिए याद किए जाते हैं। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793 कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी मुनरो, महालवाड़ी उत्तर-पश्चिमी प्रांत।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 2nd Feb 2023आसान

निम्नलिखित में से किस स्थल पर सबसे प्राचीन गांवों के प्रमाण मिले हैं?

  1. A.हल्लूर
  2. B.चिरांद
  3. C.मेहरगढ़
  4. D.बुर्जहोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मेहरगढ़

व्याख्या

सही उत्तर है C, मेहरगढ़। बलूचिस्तान के कच्छी मैदान में बोलन नदी के किनारे स्थित मेहरगढ़ भारतीय उपमहाद्वीप का ज्ञात सबसे प्राचीन कृषक गांव है, जहां लगभग 7000 ईसा पूर्व से बसाव मिलता है। यहां के लोग इस क्षेत्र में गेहूं और जौ उगाने तथा भेड़, बकरी और मवेशी पालने वालों में सबसे पहले थे, और यह स्थल शिकार तथा संग्रहण से स्थायी ग्रामीण जीवन की ओर हुए लंबे बदलाव को दर्ज करता है। पुरातत्वविदों को यहां कच्ची ईंटों के घर, अनाज भंडारण के गड्ढे, शवों के साथ रखी वस्तुओं वाली कब्रें तथा कपास और दांत छेदने के दुनिया के आरंभिक प्रमाण मिले हैं। मेहरगढ़ को हड़प्पा सभ्यता का पूर्ववर्ती माना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कर्नाटक का हल्लूर दक्षिण भारतीय नवपाषाण तथा महापाषाण स्थल है, जो आरंभिक लोहे के लिए जाना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि बिहार का चिरांद मेहरगढ़ से काफी बाद का नवपाषाण स्थल है, जो हड्डी के औजारों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कश्मीर का बुर्जहोम गर्त-आवासों के लिए जाना जाता है और वह भी बाद का है। परीक्षा टिप: लगभग 7000 ईसा पूर्व का मेहरगढ़ सबसे प्राचीन गांव है, बुर्जहोम में गर्त-आवास और चिरांद में हड्डी के औजार मिले हैं।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 19 Jul 2023, Shift 1मध्यम

मोपला, अर्थात मुस्लिम किसानों ने एक शक्तिशाली जमींदार-विरोधी आंदोलन कहाँ खड़ा किया था?

  1. A.तमिलनाडु
  2. B.बंगाल
  3. C.केरल
  4. D.उत्तर प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केरल

व्याख्या

सही उत्तर है C, केरल। मोपला या मापिला उत्तरी केरल के मालाबार क्षेत्र के मुस्लिम किसान थे और जेनमी जमींदारों के विरुद्ध उनका लंबा संघर्ष 1921 के मालाबार या मोपला विद्रोह में बदल गया। इन काश्तकारों को जोत की कोई सुरक्षा नहीं थी और उन्हें भारी लगान तथा पट्टा नवीनीकरण शुल्क देना पड़ता था, इसलिए जब 1920-21 का खिलाफत और असहयोग आंदोलन मालाबार पहुँचा तो यह रोष एरनाड और वल्लुवनाड तालुकों में सशस्त्र विद्रोह बन गया। ब्रिटिश सेना ने विद्रोह को कुचल दिया और नवंबर 1921 की वैगन त्रासदी में बंद मालगाड़ी के डिब्बे में दम घुटने से दर्जनों बंदी मारे गए। A गलत है क्योंकि तमिलनाडु में मोपला आंदोलन नहीं हुआ। B गलत है क्योंकि बंगाल के किसान संघर्ष पाबना आंदोलन और बाद का तेभागा आंदोलन थे। D गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश के किसान आंदोलन अवध किसान सभा और एका आंदोलन थे। परीक्षा टिप: मोपला विद्रोह - केरल का मालाबार, वर्ष 1921, खिलाफत आंदोलन और वैगन त्रासदी से जुड़ा।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · General Studies 2013मध्यम

ब्रिटिश सरकार ने किस अधिनियम द्वारा चाय और चीन के व्यापार पर ईस्ट इंडिया कंपनी का एकाधिकार समाप्त किया?

  1. A.रेगुलेटिंग एक्ट – 1773
  2. B.पिट्स इंडिया एक्ट – 1784
  3. C.चार्टर एक्ट – 1813
  4. D.चार्टर एक्ट – 1833
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार्टर एक्ट – 1833

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार्टर एक्ट – 1833। इस अधिनियम ने ईस्ट इंडिया कंपनी के बचे हुए व्यापारिक अधिकार, यानी चीन के साथ व्यापार तथा चाय के व्यापार का एकाधिकार भी समाप्त कर दिया और कंपनी को केवल प्रशासन चलाने वाली संस्था बना दिया, जो ब्रिटिश ताज की ओर से भारत को न्यास (ट्रस्ट) में रखती थी। इसी अधिनियम से बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया गया, जिस पद पर पहले विलियम बेंटिक आए; पूरे ब्रिटिश भारत के लिए कानून बनाने की शक्ति भी उन्हीं को मिली और उनकी परिषद में एक विधि सदस्य जोड़ा गया, जिस पद पर पहले मैकाले आए और जिन्होंने एक समान विधि संहिता का काम सँभाला। A गलत है क्योंकि 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट नियंत्रण की दिशा में पहला कदम था और उसने कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय बनाया। B गलत है क्योंकि 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल तथा द्वैध शासन की व्यवस्था दी। C गलत है क्योंकि 1813 के चार्टर एक्ट ने भारत का व्यापार सब ब्रिटिश व्यापारियों के लिए खोला, पर चीन और चाय का एकाधिकार कंपनी के पास बना रहा। परीक्षा टिप: 1813 – भारत का व्यापार खुला, चाय व चीन छोड़कर; 1833 – यह छूट भी खत्म।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 2मध्यम

प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से कौन एक मछुआरों की बस्ती थी, जिसका उपयोग रोमनों और यूनानी-रोमनों के साथ व्यापार के बंदरगाह के रूप में किया जाता था?

  1. A.बादामी
  2. B.अरिकामेडु
  3. C.लोथल
  4. D.तुलापुरुषदान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अरिकामेडु

व्याख्या

सही उत्तर है B, अरिकामेडु। कोरोमंडल तट पर पुडुचेरी के निकट अरियनकुप्पम नदी के किनारे बसा अरिकामेडु पहले मछुआरों की छोटी बस्ती था, जो ईसा की पहली शताब्दियों में रोमनों और यूनानी-रोमन जगत के साथ व्यापार करने वाला व्यस्त बंदरगाह बन गया। वहाँ की खुदाई में शराब और जैतून का तेल ढोने वाले रोमन अंफोरा, लाल चमकदार ऐरेटाइन मृद्भांड, काँच और पत्थर के मनके, दीपक तथा रोमन सिक्के मिले हैं, साथ ही स्थानीय रूलेटेड मृद्भांड भी। इसी कारण इस स्थल को “पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी” में वर्णित “पोडुके” माना जाता है। A गलत है क्योंकि कर्नाटक का बादामी चालुक्यों की भीतरी राजधानी थी, जो शैलकृत गुफा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। C गलत है क्योंकि गुजरात का लोथल गोदी वाला हड़प्पाकालीन स्थल है, जो बहुत पुराना है और पश्चिमी तट पर स्थित है। D गलत है क्योंकि तुलापुरुषदान सोने के बराबर स्वयं को तौलकर दान करने की एक रस्म थी, कोई स्थान नहीं। परीक्षा टिप: अरिकामेडु (पुडुचेरी के पास) = रोमन व्यापार का पोडुके; लोथल = गुजरात की हड़प्पा गोदी।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 11 Jul 2019, Shift 2आसान

विजयनगर की प्राचीन राजधानी हम्पी _______ में स्थित है।

  1. A.तमिलनाडु
  2. B.केरल
  3. C.तेलंगाना
  4. D.कर्नाटक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कर्नाटक

व्याख्या

सही उत्तर है D, कर्नाटक। हम्पी कर्नाटक के विजयनगर जिले में तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर बसा है और यह 1336 में हरिहर तथा बुक्का द्वारा स्थापित विजयनगर साम्राज्य की राजधानी था। सोलहवीं सदी में कृष्णदेव राय के समय यह दुनिया के सबसे बड़े नगरों में गिना जाता था। फारस के राजदूत अब्दुर रज्जाक और पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पायस, दोनों ने यहाँ के भरे-पूरे बाजारों और मजबूत किलेबंदी का वर्णन किया है। 1565 के तालीकोटा युद्ध के बाद नगर को लूट लिया गया और वह फिर कभी नहीं उभर सका। विरुपाक्ष मंदिर तथा पत्थर के रथ और संगीतमय स्तंभों वाले विट्ठल मंदिर सहित इसके खंडहरों को 1986 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में रखा गया। A गलत है क्योंकि तमिलनाडु में चोलकालीन मंदिर हैं। B गलत है क्योंकि केरल विजयनगर के मुख्य क्षेत्र से बाहर था। C गलत है क्योंकि तेलंगाना की मध्यकालीन राजधानी काकतीयों का वारंगल थी। परीक्षा टिप: हम्पी–तुंगभद्रा, कर्नाटक, यूनेस्को धरोहर 1986।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 1 Dec 2020, Shift 3आसान

अमीर खुसरो दरबारी कवि थे और निम्नलिखित में से किस सूफी संत के शिष्य थे?

  1. A.फरीदुद्दीन गंजशकर
  2. B.सैयद मुहम्मद निजामुद्दीन औलिया
  3. C.शेख सलीम चिश्ती
  4. D.मुहम्मद महरवी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सैयद मुहम्मद निजामुद्दीन औलिया

व्याख्या

सही उत्तर B, निजामुद्दीन औलिया है। अमीर खुसरो दिल्ली के कई सुल्तानों के दरबार में कवि रहे, परंतु उनकी आध्यात्मिक निष्ठा निजामुद्दीन औलिया के प्रति थी और उन्हें अपने गुरु के पास ही दफनाया गया। उन्हें तूती-ए-हिंद कहा जाता है, उन्होंने खजाइन-उल-फुतूह और नुह सिपिहर जैसी कृतियाँ लिखीं, आरंभिक हिंदवी में रचना की जिससे हिंदी और उर्दू विकसित हुईं, और परंपरा उन्हें कव्वाली के विकास का श्रेय देती है। विकल्प A, फरीदुद्दीन गंजशकर स्वयं निजामुद्दीन औलिया के गुरु थे और अजोधन की पुरानी पीढ़ी से थे। विकल्प C, शेख सलीम चिश्ती सोलहवीं शताब्दी में सीकरी में रहे, जहाँ अकबर ने उनकी खानकाह के पास फतेहपुर सीकरी बसाई, अर्थात खुसरो से लगभग तीन शताब्दी बाद। विकल्प D चिश्ती गुरु परंपरा का वह नाम नहीं है जिसे परीक्षाओं में पूछा जाता है।

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