18 जनवरी 1871 को जर्मन साम्राज्य की घोषणा कहाँ की गई थी?
- A.वर्साय का शीश महल
- B.फ्रैंकफर्ट का सेंट पॉल गिरजा
- C.बर्लिन का राइखस्टाग
- D.वियना का हॉफबर्ग महल
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, वर्साय का शीश महल। फ्रांस-प्रशा युद्ध की समाप्ति के समय जर्मन राजाओं ने फ्रांस के राजमहल वर्साय के शीश महल में एकत्र होकर 18 जनवरी 1871 को प्रशा के विल्हेम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया। फ्रांसीसी भूमि पर यह समारोह पराजित शत्रु के अपमान के लिए जानबूझकर रखा गया था। विकल्प B गलत है क्योंकि फ्रैंकफर्ट का सेंट पॉल गिरजा 1848 की निर्वाचित फ्रैंकफर्ट संसद का स्थान था, जिसका प्रयास विफल रहा। विकल्प C गलत है क्योंकि समारोह बर्लिन में नहीं हुआ; राइखस्टाग साम्राज्य की संसद का नाम था। विकल्प D गलत है क्योंकि वियना का हॉफबर्ग ऑस्ट्रिया के सम्राट का निवास था और ऑस्ट्रिया को 1866 में नए जर्मनी से जानबूझकर बाहर रखा गया था। परीक्षा के लिए याद रखें: 1848 का फ्रैंकफर्ट, 1866 का सादोवा और 1871 का वर्साय तीन अलग-अलग स्थान और तीन अलग-अलग घटनाएँ हैं, जिन्हें प्रश्नों में आपस में बदलकर पूछा जाता है।
पूरा लेख पढ़ें: इटली और जर्मनी का एकीकरण: यूरोप में राष्ट्रवाद
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंगुप्त संगठन यंग इटली की स्थापना 1831 में किसने की थी?
- A.काउंट कैमिलो दि काबूर
- B.जुजेपे गैरीबाल्डी
- C.जुजेपे मैजिनी
- D.विक्टर इमैनुएल द्वितीय
उत्तर देखें
कार्बोनारी के सदस्य रहे मैजिनी को निर्वासित कर दिया गया था और उन्होंने 1831 में मार्सेई में यंग इटली तथा 1834 में बर्न में यंग यूरोप की स्थापना की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1834 में बना जोलवेराइन क्या था?
- A.फ्रांस के विरुद्ध जर्मन राज्यों का सैनिक गठबंधन
- B.जर्मन राज्यों के बीच चुंगी समाप्त करने वाला सीमा-शुल्क संघ
- C.जर्मन परिसंघ की संसद
- D.श्लेसविग पर प्रशा और ऑस्ट्रिया की संधि
उत्तर देखें
जोलवेराइन 1834 में प्रशा के नेतृत्व में बना। इसने आपसी सीमा-शुल्क हटाए, जिनसे जर्मन राज्यों के बीच व्यापार महँगा और धीमा था, और प्रचलित मुद्राओं की संख्या घटाई, जिससे राजनीतिक एकता से बहुत पहले एक आर्थिक क्षेत्र बन गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1860 में एक हजार के अभियान का नेतृत्व करते हुए सिसली और नेपल्स किसने जीते?
- A.जुजेपे मैजिनी
- B.काउंट काबूर
- C.जुजेपे गैरीबाल्डी
- D.नेपोलियन तृतीय
उत्तर देखें
मई 1860 में गैरीबाल्डी लगभग एक हजार स्वयंसेवकों के साथ जेनोआ से चले, जो अपनी वर्दी के कारण लाल कुर्ती कहे जाते थे; उन्होंने सिसली में उतरकर फिर मुख्य भूमि पर जाकर बूर्बो शासकों से नेपल्स छीना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1866 में सादोवा, जिसे कोनिगग्रात्ज भी कहा जाता है, का युद्ध किनके बीच हुआ था?
- A.प्रशा और डेनमार्क
- B.प्रशा और ऑस्ट्रिया
- C.प्रशा और फ्रांस
- D.सार्डिनिया-पीडमौंट और ऑस्ट्रिया
उत्तर देखें
1866 का ऑस्ट्रिया-प्रशा युद्ध, जिसे सात सप्ताह का युद्ध भी कहते हैं, सादोवा या कोनिगग्रात्ज में निर्णीत हुआ, जहाँ प्रशा की सेना ने ऑस्ट्रिया को हराया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विक्टर इमैनुएल द्वितीय को संयुक्त इटली का राजा किस वर्ष घोषित किया गया?
- A.1859
- B.1861
- C.1866
- D.1871
उत्तर देखें
17 मार्च 1861 को पहली इतालवी संसद ने सार्डिनिया-पीडमौंट के विक्टर इमैनुएल द्वितीय को इटली का राजा घोषित किया, क्योंकि 1859 के युद्ध से लोंबार्डी मिल चुका था और 1860 के गैरीबाल्डी के अभियान से दक्षिण जुड़ चुका था।
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