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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 12

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 12) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: गति, बल और गति के नियम, तरल: उत्प्लावन, श्यानता और पृष्ठ तनाव, कार्य, ऊर्जा और शक्ति और अन्य। इनमें से 10 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानमध्यम

न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया और प्रतिक्रिया

  1. A.एक ही वस्तु पर लगती हैं और एक-दूसरे को निरस्त कर देती हैं
  2. B.दो अलग वस्तुओं पर लगती हैं और एक-दूसरे को निरस्त नहीं करतीं
  3. C.परिमाण में असमान होती हैं
  4. D.एक ही दिशा में लगती हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दो अलग वस्तुओं पर लगती हैं और एक-दूसरे को निरस्त नहीं करतीं

व्याख्या

सही उत्तर B है। तीसरा नियम कहता है कि प्रत्येक क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है, और निर्णायक बात यह है कि ये दोनों बल दो अलग वस्तुओं पर लगते हैं। तैराक पानी को पीछे धकेलता है और पानी तैराक को आगे; पहला बल पानी पर है और दूसरा तैराक पर।

विकल्प A वही प्रचलित भ्रम है: बल तभी निरस्त होते हैं जब वे एक ही वस्तु पर लगें, और यदि क्रिया तथा प्रतिक्रिया एक ही वस्तु पर लगतीं तो कुछ भी कभी नहीं चलता। विकल्प C नियम के विरुद्ध है, जो दोनों को परिमाण में बराबर कहता है। विकल्प D दिशा उलट देता है; वे ठीक विपरीत होती हैं। अन्य मानक उदाहरण हैं बंदूक का प्रतिक्षेप, रॉकेट का चलना और चलते समय जमीन का पीछे की ओर धक्का।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 15 June 2022, Shift 1आसान

यह कथन कि किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला ऊपर की ओर उत्प्लावन बल उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, किससे संबंधित है?

  1. A.आर्किमिडीज का सिद्धांत
  2. B.बर्नूली का सिद्धांत
  3. C.बीयर लैम्बर्ट नियम
  4. D.पास्कल का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आर्किमिडीज का सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है A, आर्किमिडीज का सिद्धांत। इसके अनुसार द्रव में पूरी या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल उतना ही होता है जितना उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार। यही कारण है कि कुएँ के भीतर पानी से भरी बाल्टी हल्की लगती है और लोहे का बना विशाल जहाज भी तैरता रहता है, क्योंकि उसका खोखला आकार इतना पानी हटाता है कि वह उसके अपने भार को संभाल ले। इसी सिद्धांत से प्लवन का नियम निकलता है और हाइड्रोमीटर से द्रव का घनत्व तथा धातु की शुद्धता मापी जाती है। B गलत है क्योंकि बर्नूली का सिद्धांत बहते द्रव की चाल और दाब के संबंध को बताता है और वायुयान के पंख पर उठाव समझाता है। C गलत है क्योंकि बीयर-लैम्बर्ट नियम यह बताता है कि विलयन से गुजरते समय प्रकाश कितना अवशोषित होता है। D गलत है क्योंकि पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब हर दिशा में समान रूप से फैलता है, जिस पर हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट काम करते हैं। परीक्षा टिप: उत्प्लावन के लिए आर्किमिडीज, हाइड्रोलिक प्रेस के लिए पास्कल, पंख के उठाव के लिए बर्नूली।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

डायनेमो में ऊर्जा का रूपांतरण किस रूप में होता है?

  1. A.विद्युत ऊर्जा से यांत्रिक ऊर्जा में
  2. B.यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में
  3. C.रासायनिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में
  4. D.प्रकाश ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में

व्याख्या

सही उत्तर B, यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में है। डायनेमो अर्थात जनित्र को गिरते जल, भाप या साइकिल के पहिये जैसे किसी यांत्रिक साधन से घुमाया जाता है, और चुंबकीय क्षेत्र में कुंडली के घूमने से विद्युत चुंबकीय प्रेरण द्वारा धारा उत्पन्न होती है।

विकल्प A विद्युत मोटर का वर्णन है, जो डायनेमो के ठीक उल्टा काम करती है और पंखे, पंप तथा मिक्सर चलाती है। विकल्प C सेल या बैटरी का वर्णन है, जिसमें रासायनिक अभिक्रिया परिपथ में धारा बहाती है। विकल्प D सौर सेल का वर्णन है, जो सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत में बदल देता है। उपकरण और रूपांतरण की जोड़ियाँ हर वर्ष पूछी जाती हैं, इसलिए माइक्रोफोन को ध्वनि से विद्युत और लाउडस्पीकर को विद्युत से ध्वनि के रूप में भी याद रखें।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024मध्यम

LIGO प्रयोग ने किस सिद्धांत की एक भविष्यवाणी की पुष्टि की?

  1. A.स्ट्रिंग सिद्धांत
  2. B.विशेष सापेक्षता सिद्धांत
  3. C.क्वांटम यांत्रिकी
  4. D.सामान्य सापेक्षता सिद्धांत
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सामान्य सापेक्षता सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है D, सामान्य सापेक्षता सिद्धांत। अमेरिका की LIGO (लेज़र इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्ज़र्वेटरी) ने सितंबर 2015 में पहली बार गुरुत्वीय तरंगों का पता लगाया (घोषणा फरवरी 2016 में हुई), और इन तरंगों की भविष्यवाणी आइंस्टाइन ने 1916 में सामान्य सापेक्षता सिद्धांत में की थी। सामान्य सापेक्षता गुरुत्व को दिक्-काल (space-time) की वक्रता मानती है और कहती है कि विशाल त्वरित पिंड, जैसे आपस में टकराते दो ब्लैक होल, दिक्-काल में प्रकाश की गति से लहरें भेजते हैं। हैनफोर्ड और लिविंगस्टन के दो डिटेक्टरों ने भुजा की लंबाई में प्रोटॉन से भी छोटा परिवर्तन मापा। भारत महाराष्ट्र के हिंगोली में तीसरा डिटेक्टर LIGO-India बना रहा है। A, स्ट्रिंग सिद्धांत की कोई भविष्यवाणी अब तक किसी प्रयोग से सिद्ध नहीं हुई। B, विशेष सापेक्षता स्थिर चाल वाली गति से जुड़ी है, इसमें गुरुत्व शामिल नहीं। C, क्वांटम यांत्रिकी परमाणुओं और कणों का वर्णन करती है, गुरुत्वीय तरंगों का नहीं। परीक्षा टिप: LIGO = गुरुत्वीय तरंगें = सामान्य सापेक्षता; इसके लिए 2017 का भौतिकी नोबेल वाइस, बैरिश और थॉर्न को मिला।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

दूरी-समय ग्राफ का ढाल कौन सी राशि देता है?

  1. A.चाल
  2. B.त्वरण
  3. C.दूरी
  4. D.संवेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाल

व्याख्या

सही उत्तर A, चाल है। किसी भी ग्राफ का ढाल ऊर्ध्व अक्ष पर हुए परिवर्तन बटा क्षैतिज अक्ष पर हुआ परिवर्तन होता है; यहाँ वह दूरी बटा समय है, जो परिभाषा से चाल है।

विकल्प B, त्वरण वेग-समय ग्राफ का ढाल है, दूरी-समय ग्राफ का नहीं, और परीक्षक जानबूझकर इसी जोड़े में भ्रम पैदा करते हैं। विकल्प C, दूरी सीधे ऊर्ध्व अक्ष से पढ़ी जाती है और वह ढाल है ही नहीं। विकल्प D, संवेग द्रव्यमान के बिना ऐसे ग्राफ से नहीं निकाला जा सकता। दो आकृतियाँ देखते ही पहचान लीजिए: दूरी-समय ग्राफ पर तिरछी सीधी रेखा एकसमान चाल दिखाती है और समय अक्ष के समांतर रेखा विराम, जबकि बढ़ते ढाल वाला वक्र बताता है कि वस्तु की चाल बढ़ रही है। यही कारण है कि ग्राफ वाले प्रश्न में पहले यह देखिए कि ऊर्ध्व अक्ष पर दूरी है या वेग, क्योंकि उसी से ढाल का अर्थ तय होता है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी मानव शरीर में सबसे छोटी मांसपेशी है?

  1. A.बाइसेप
  2. B.सार्टोरियस
  3. C.स्टेपीडियस
  4. D.ट्राइसेप
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्टेपीडियस

व्याख्या

सही उत्तर है C, स्टेपीडियस। लगभग 1 मिलीमीटर लंबी स्टेपीडियस मानव शरीर की सबसे छोटी कंकाल पेशी है। यह मध्य कर्ण में होती है और स्टेपीज से जुड़ी रहती है, जो स्वयं शरीर की सबसे छोटी हड्डी है। जब बहुत तेज़ आवाज़ कान तक पहुँचती है, तो स्टेपीडियस सिकुड़कर स्टेपीज के कंपन को कम कर देती है और नाज़ुक आंतरिक कर्ण की रक्षा करती है; इसे ध्वनिक प्रतिवर्त कहते हैं। इसे चेहरे की तंत्रिका (फेशियल नर्व) नियंत्रित करती है, इसलिए उस तंत्रिका को चोट लगने पर सामान्य आवाज़ें भी बहुत तेज़ और चुभने वाली लग सकती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाइसेप्स ऊपरी बाँह के आगे की बड़ी पेशी है, जो कोहनी को मोड़ती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि जाँघ पर तिरछी फैली सार्टोरियस शरीर की सबसे लंबी पेशी है, सबसे छोटी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऊपरी बाँह के पीछे की ट्राइसेप्स कोहनी को सीधा करती है और एक बड़ी पेशी है। परीक्षा टिप: सबसे छोटी पेशी स्टेपीडियस, सबसे छोटी हड्डी स्टेपीज, सबसे लंबी पेशी सार्टोरियस, सबसे बड़ी पेशी ग्लूटियस मैक्सिमस।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

कार्य ऊर्जा प्रमेय के अनुसार परिणामी बल द्वारा किया गया कार्य किसके परिवर्तन के बराबर होता है?

  1. A.संवेग
  2. B.गतिज ऊर्जा
  3. C.स्थितिज ऊर्जा
  4. D.शक्ति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गतिज ऊर्जा

व्याख्या

सही उत्तर B, गतिज ऊर्जा है। कार्य ऊर्जा प्रमेय कहती है कि किसी वस्तु पर किया गया कुल कार्य उसकी अंतिम और आरंभिक गतिज ऊर्जाओं के अंतर के बराबर होता है, इसीलिए वस्तु को तेज करने वाला धक्का धनात्मक कार्य करता है जबकि उसे धीमा करने वाला घर्षण ऋणात्मक कार्य करता है।

विकल्प A, संवेग आवेग से बदलता है, अर्थात बल और उसके लगने के समय के गुणनफल से, जो एक भिन्न संबंध है। विकल्प C, स्थितिज ऊर्जा गुरुत्व जैसे संरक्षी बल के विरुद्ध किए गए कार्य से बदलती है, और यह प्रमेय उन शब्दों में नहीं कही जाती। विकल्प D, शक्ति एक दर है और उसे कार्य जैसी मात्रा के बराबर नहीं रखा जा सकता। एक उपयोगी जाँच यह है कि जो बल कार्य नहीं करता, जैसे अभिकेंद्र बल, वह चाल और इसलिए गतिज ऊर्जा भी नहीं बदलता।

Q8.सामान्य विज्ञानमध्यम

बल और विस्थापन के बीच कोण कितना होने पर किया गया कार्य शून्य होता है?

  1. A.0 अंश
  2. B.45 अंश
  3. C.90 अंश
  4. D.180 अंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 90 अंश

व्याख्या

सही उत्तर C, 90 अंश है। कार्य बल गुणा विस्थापन गुणा दोनों के बीच के कोण की कोज्या होता है, और नब्बे अंश की कोज्या शून्य है, इसलिए गति के लंबवत लगने वाला बल कोई कार्य नहीं करता। यही कारण है कि वृत्तीय गति में अभिकेंद्र बल कार्य नहीं करता और सिर पर बोझ लेकर समतल पर चलने वाला व्यक्ति गुरुत्व के विरुद्ध कार्य नहीं करता।

विकल्प A, शून्य अंश पर कार्य अधिकतम धनात्मक होता है, क्योंकि शून्य की कोज्या एक है और बल तथा विस्थापन एक ही दिशा में हैं। विकल्प B, पैंतालीस अंश पर आंशिक धनात्मक कार्य होता है, क्योंकि कोज्या लगभग 0.707 है। विकल्प D, 180 अंश पर कार्य अधिकतम ऋणात्मक होता है, जैसे गति का विरोध करता घर्षण। कोज्या के ये चार मान, एक, 0.707, शून्य और ऋण एक, याद कर लें तो इस वर्ग के सभी प्रश्न सध जाते हैं।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

किसी वस्तु का जड़त्व निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करता है?

  1. A.उसके वेग पर
  2. B.उसके द्रव्यमान पर
  3. C.उसके आकार पर
  4. D.उस पर लगाए गए बल पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उसके द्रव्यमान पर

व्याख्या

सही उत्तर B, उसके द्रव्यमान पर है। जड़त्व वस्तु की वह प्रवृत्ति है जिससे वह अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है, और वस्तु जितनी भारी होगी उसे चलाना या रोकना उतना ही कठिन होगा। इसी कारण द्रव्यमान को जड़त्व का माप कहा जाता है।

विकल्प A, वेग जड़त्व नहीं बदलता: समान द्रव्यमान का खड़ा ट्रक और चलता ट्रक दोनों को त्वरित करना समान रूप से कठिन है। विकल्प C, आकार वायु प्रतिरोध तथा द्रव्य के वितरण को बदलता है, पर सरल रेखीय गति के जड़त्व को नहीं। विकल्प D, लगाया गया बल उत्पन्न त्वरण तय करता है, वस्तु में पहले से विद्यमान जड़त्व नहीं। रोज का उदाहरण यही है कि लदे ट्रक को चलाना और रोकना साइकिल की तुलना में कहीं कठिन होता है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper I, 7 Jul 2024मध्यम

पर्वतारोहियों की नाक से ऊँचाई पर खून बहने लगता है, क्योंकि:

  1. A.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।
  2. B.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से कम हो जाता है।
  3. C.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब के बराबर हो जाता है।
  4. D.अधिक ऊँचाई पर रक्त गाढ़ा हो जाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है। बहुत ऊँचाई पर हवा विरल होती है, इसलिए शरीर पर पड़ने वाला वायुमंडलीय दाब समुद्र तल की तुलना में काफी कम हो जाता है। पर रक्त वाहिकाओं के अंदर खून का दाब लगभग पहले जितना ही रहता है। नाक की रक्त वाहिकाएँ बहुत महीन होती हैं और सतह के पास रहती हैं, इसलिए जब उनके अंदर का दाब बाहर के दाब से अधिक हो जाता है, तो उनमें से कुछ फट जाती हैं और नाक से खून आने लगता है। पहाड़ों की ठंडी और सूखी हवा से नाक की भीतरी परत भी आसानी से फटती है। वायु दाब कम होने से ही पहाड़ों पर पानी 100 °C से कम पर उबलता है और खाना देर से पकता है। B गलत है क्योंकि वाहिकाओं के अंदर का दाब बाहर से कम नहीं, अधिक हो जाता है। C गलत है क्योंकि दाब बराबर होने पर वाहिकाओं को फाड़ने वाला कोई धक्का नहीं बनता। D गलत है क्योंकि ऊँचाई पर खून इतना गाढ़ा नहीं होता कि नाक से खून बहे। परीक्षा टिप: अधिक ऊँचाई – कम वायु दाब – रक्त वाहिकाओं का दाब अपेक्षाकृत अधिक – नाक से खून।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

एक कुली सिर पर बोझ रखकर समतल प्लेटफार्म पर चलता है। गुरुत्व के विरुद्ध उसके द्वारा किया गया कार्य कितना होगा?

  1. A.शून्य
  2. B.अधिकतम
  3. C.बोझ के भार के बराबर
  4. D.ऋणात्मक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. शून्य

व्याख्या

सही उत्तर A, शून्य है। बोझ को थामने के लिए वह जो बल लगाता है वह ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर है, जबकि प्लेटफार्म पर उसका विस्थापन क्षैतिज है, इसलिए बल और विस्थापन के बीच का कोण नब्बे अंश है और गुरुत्व के विरुद्ध किया गया कार्य शून्य है, भले ही वह कितना ही थक जाए।

विकल्प B, अधिकतम तब होता जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में होते, जैसे बोझ लेकर सीढ़ियाँ चढ़ने पर। विकल्प C में बल और कार्य का भ्रम है; बोझ का भार न्यूटन में मापा जाने वाला बल है, जबकि कार्य उस बल और ऊर्ध्वाधर विस्थापन का गुणनफल होगा। विकल्प D, ऋणात्मक तब होता है जब बल गति का विरोध करे, जैसे घर्षण करता है। कार्य शब्द के सामान्य और वैज्ञानिक अर्थ का अंतर समझाने वाला यही सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 2)मध्यम

जल का घनत्व लगभग ______ केल्विन पर सबसे अधिक होता है।

  1. A.0
  2. B.227
  3. C.277
  4. D.273
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 277

व्याख्या

सही उत्तर है C, 277। जल का घनत्व लगभग 4 डिग्री सेल्सियस पर सबसे अधिक होता है, और 4 में 273 जोड़ने पर लगभग 277 केल्विन आता है। अधिकांश द्रव ठंडे होने पर सिकुड़ते जाते हैं, पर जल का व्यवहार अलग है: 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे यह फिर फैलने लगता है क्योंकि इसके अणु बर्फ की खुली, षट्कोणीय संरचना बनाने लगते हैं। इसी असामान्य प्रसार के कारण बर्फ पानी से हल्की होती है और तैरती है, और झील ऊपर से जमती है जबकि 4 डिग्री वाला पानी नीचे बैठ जाता है, जिससे मछलियाँ सर्दी में जीवित रहती हैं। इस बिंदु पर इसका घनत्व लगभग 1 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। D गलत है क्योंकि 273 केल्विन यानी 0 डिग्री सेल्सियस हिमांक है, जहाँ जल 4 डिग्री की तुलना में कम घना होता है। A गलत है क्योंकि 0 केल्विन परम शून्य है, जहाँ द्रव जल हो ही नहीं सकता। B गलत है क्योंकि 227 केल्विन लगभग शून्य से 46 डिग्री सेल्सियस नीचे है, हिमांक से बहुत नीचे। परीक्षा टिप: जल का अधिकतम घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस = 277 K; हिमांक 273 K, क्वथनांक 373 K।

Q13.सामान्य विज्ञानकठिन

क्षेत्ररक्षक तेज गेंद का कैच लेते समय हाथ पीछे की ओर इसलिए खींचता है कि

  1. A.गेंद का संवेग बढ़ जाए
  2. B.कैच का समय बढ़े और इसलिए बल घट जाए
  3. C.गेंद का द्रव्यमान घट जाए
  4. D.गेंद का त्वरण बढ़ जाए
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कैच का समय बढ़े और इसलिए बल घट जाए

व्याख्या

सही उत्तर B है। हाथ चाहे पीछे खींचे जाएँ या नहीं, गेंद का संवेग शून्य तो करना ही है। गति के दूसरे नियम के अनुसार बल संवेग परिवर्तन बटा लगने वाला समय होता है, इसलिए कैच को अधिक समय तक खींचने से हाथ पर कम बल पड़ता है और चोट नहीं लगती।

विकल्प A गलत है क्योंकि क्षेत्ररक्षक संवेग घटा रहा है, बढ़ा नहीं रहा। विकल्प C असंभव है; गेंद का द्रव्यमान बदल नहीं सकता। विकल्प D बात उलट देता है, क्योंकि क्षेत्ररक्षक वेग परिवर्तन की दर घटाता है, बढ़ाता नहीं। यही विचार कई सुरक्षा उपायों की व्याख्या करता है: हेलमेट और गद्देदार डैशबोर्ड टक्कर का समय बढ़ाते हैं, खिलाड़ी कठोर भूमि के बजाय बालू के गड्ढे में उतरता है, और ऊपर से कूदने वाला व्यक्ति उतरते समय घुटने मोड़ लेता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018आसान

मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?

  1. A.20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज
  2. B.80 हर्ट्ज – 100 हर्ट्ज
  3. C.2 लाख हर्ट्ज – 4 लाख हर्ट्ज
  4. D.0 हर्ट्ज – 20 हर्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज

व्याख्या

सही उत्तर है A, 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज। स्वस्थ मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (20 किलोहर्ट्ज) आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगें सुन सकता है; इसे श्रव्य परास कहते हैं। 20 हर्ट्ज से कम आवृत्ति की ध्वनि अवश्रव्य (इन्फ्रासोनिक) कहलाती है, जिसका उपयोग हाथी और व्हेल दूर तक संदेश भेजने में करते हैं। 20 किलोहर्ट्ज से अधिक की ध्वनि पराश्रव्य (अल्ट्रासोनिक) कहलाती है; चमगादड़, कुत्ते और डॉल्फ़िन इसे सुन सकते हैं, और अल्ट्रासाउंड का उपयोग मेडिकल जाँच, नाज़ुक पुर्ज़ों की सफ़ाई और सोनार में होता है। पाँच साल से छोटे बच्चे और कुछ जानवर लगभग 25 किलोहर्ट्ज तक सुन लेते हैं, और उम्र बढ़ने के साथ ऊपरी सीमा घटती जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 80 से 100 हर्ट्ज श्रव्य परास का बहुत छोटा हिस्सा भर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2 लाख से 4 लाख हर्ट्ज, यानी 200 से 400 किलोहर्ट्ज, पूरी तरह पराश्रव्य क्षेत्र में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 0 से 20 हर्ट्ज अवश्रव्य क्षेत्र है, जिसे मनुष्य नहीं सुन सकता। परीक्षा टिप: 20 हर्ट्ज से नीचे अवश्रव्य, 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज तक श्रव्य, 20 किलोहर्ट्ज से ऊपर पराश्रव्य।

Q15.सामान्य विज्ञानआसान

किसी मीनार की चोटी पर थामे गए पत्थर की ऊर्जा पूर्णतः किस रूप में होती है?

  1. A.गतिज ऊर्जा
  2. B.स्थितिज ऊर्जा
  3. C.आधी गतिज और आधी स्थितिज
  4. D.ऊष्मा ऊर्जा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्थितिज ऊर्जा

व्याख्या

सही उत्तर B, स्थितिज ऊर्जा है। ऊँचाई पर विरामावस्था में रखे पत्थर में कोई गति नहीं है, इसलिए गतिज ऊर्जा शून्य है, पर उसमें गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा होती है, जो उसके द्रव्यमान, गुरुत्वीय त्वरण और मीनार की ऊँचाई के गुणनफल के बराबर होती है।

विकल्प A, गतिज ऊर्जा वही रूप है जिसमें गिरते समय यह स्थितिज ऊर्जा बदलती जाती है, और वह भूमि से टकराने के क्षण अधिकतम होती है। विकल्प C, दोनों का बराबर बँटवारा केवल उस बिंदु पर होता है जहाँ पत्थर आधी ऊँचाई गिर चुका हो, वायु प्रतिरोध को छोड़कर। विकल्प D, ऊष्मा ऊर्जा टकराव के बाद प्रकट होती है, जब यांत्रिक ऊर्जा बिखर जाती है। पूरे पतन में दोनों यांत्रिक रूपों का योग स्थिर रहता है, और यही ऊर्जा संरक्षण नियम का सरलतम उदाहरण है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

जल किसी भी अन्य द्रव की तुलना में अधिक पदार्थों को घोल सकता है, क्योंकि

  1. A.यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है
  2. B.यह ऊष्मा का सुचालक है
  3. C.इसकी विशिष्ट ऊष्मा का मान उच्च है
  4. D.यह हाइड्रोजन का ऑक्साइड है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है

व्याख्या

सही उत्तर है A, यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है। पानी को सार्वत्रिक विलायक इसलिए कहते हैं क्योंकि इसका अणु ध्रुवीय है: ऑक्सीजन वाले सिरे पर आंशिक ऋण आवेश और दोनों हाइड्रोजन सिरों पर आंशिक धन आवेश होता है। अणु लगभग 104.5° के कोण पर मुड़ा होता है, इसलिए ये आवेश एक-दूसरे को खत्म नहीं करते। जब सोडियम क्लोराइड जैसा लवण पानी में डाला जाता है, तो ऑक्सीजन के ऋण सिरे सोडियम आयनों को और हाइड्रोजन के धन सिरे क्लोराइड आयनों को घेर लेते हैं और क्रिस्टल को तोड़ देते हैं; इसे जलयोजन कहते हैं। पानी चीनी और अल्कोहल जैसे ध्रुवीय पदार्थों से हाइड्रोजन बंध भी बनाता है, इसलिए वे आसानी से घुलते हैं, जबकि अध्रुवीय तेल नहीं घुलता। विकल्प B गलत है, क्योंकि पानी असल में ऊष्मा का कुचालक है, और ऊष्मा चालन का घुलने से कोई संबंध नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऊँची विशिष्ट ऊष्मा बताती है कि पानी धीरे गर्म क्यों होता है, यह नहीं कि वह घोलता क्यों है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल हाइड्रोजन का ऑक्साइड होना किसी द्रव को अच्छा विलायक नहीं बनाता। परीक्षा टिप: ध्रुवीय पानी ध्रुवीय और आयनिक पदार्थ घोलता है, यानी समान समान को घोलता है।

Q17.सामान्य विज्ञानकठिन

एक जूल कितने अर्ग के बराबर होता है?

  1. A.दस हजार
  2. B.एक लाख
  3. C.एक करोड़
  4. D.दस करोड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एक करोड़

व्याख्या

सही उत्तर C, एक करोड़ है। अर्ग सीजीएस पद्धति में कार्य का मात्रक है, अर्थात एक डाइन बल का एक सेंटीमीटर तक कार्य, और चूँकि एक न्यूटन एक लाख डाइन के बराबर है तथा एक मीटर सौ सेंटीमीटर के, इसलिए एक जूल एक करोड़ अर्ग अर्थात 10 की घात सात अर्ग के बराबर निकलता है।

विकल्प A, दस हजार और विकल्प B, एक लाख वे अधूरे गुणनफल हैं जो केवल बल या केवल दूरी बदलने पर मिलते हैं, और प्रश्न बनाने वाला यही चूक अपेक्षित रखता है। विकल्प D, दस करोड़ में दस गुना अधिक हो गया है। सुरक्षित तरीका यह है कि दोनों राशियाँ बदलकर गुणा करें: एक लाख डाइन गुणा सौ सेंटीमीटर। इसे अध्याय के अन्य रूपांतरणों के साथ रखें, जैसे एक कैलोरी लगभग 4.2 जूल और एक किलोवाट घंटा 36 लाख जूल।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 17 Dec 2024, Shift 2मध्यम

धोने के सोडे (washing soda) का आणविक सूत्र क्या है?

  1. A.NaHCO₃
  2. B.Na₂CO₃·10H₂O
  3. C.Na₂CO₃
  4. D.NaCl
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. Na₂CO₃·10H₂O

व्याख्या

सही उत्तर है B, Na₂CO₃·10H₂O। धोने का सोडा सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट है: सोडियम कार्बोनेट की हर इकाई के साथ क्रिस्टलन जल के दस अणु जुड़े होते हैं। इसे साधारण नमक से कई चरणों में बनाया जाता है: बेकिंग सोडा को गर्म करने पर निर्जल सोडियम कार्बोनेट (सोडा ऐश) मिलता है, जिसे पानी में दोबारा क्रिस्टलित करने पर धोने के सोडे के क्रिस्टल बनते हैं। यह क्षारीय लवण है और सफ़ाई, काँच, साबुन और कागज़ उद्योग तथा पानी की स्थायी कठोरता दूर करने में काम आता है। पेपर सेटर इन मिलते-जुलते यौगिकों को विकल्पों में साथ-साथ रखते हैं, इसलिए इन्हें एक साथ याद करें। A गलत है क्योंकि NaHCO₃ बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट) है, जो खाना पकाने और एंटासिड में काम आता है। C गलत है क्योंकि बिना पानी वाला Na₂CO₃ सोडा ऐश है, धोने के सोडे के क्रिस्टल नहीं। D गलत है क्योंकि NaCl साधारण नमक है, जिससे ये सब बनाए जाते हैं। परीक्षा टिप: NaCl → NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) → Na₂CO₃ (सोडा ऐश) → Na₂CO₃·10H₂O (धोने का सोडा)।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 18 Sept 2018, Shift 2आसान

एक वस्तु को जमीन से कुछ ऊँचाई से छोड़ा जाता है। जमीन को छूते ही उसमें ______ होगी।

  1. A.ऊष्मा ऊर्जा
  2. B.रासायनिक ऊर्जा
  3. C.गतिज ऊर्जा
  4. D.स्थितिज ऊर्जा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गतिज ऊर्जा

व्याख्या

सही उत्तर है C, गतिज ऊर्जा। ऊँचाई पर वस्तु के पास केवल स्थितिज ऊर्जा होती है; गिरते समय यह ऊर्जा लगातार गतिज ऊर्जा में बदलती जाती है, और जमीन छूते ही लगभग पूरी ऊर्जा गतिज रह जाती है। स्थितिज ऊर्जा mgh होती है और गतिज ऊर्जा आधा mv का वर्ग, तथा गुरुत्व के अंतर्गत मुक्त पतन में इन दोनों का योग स्थिर रहता है, जिसे यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का नियम कहते हैं। जमीन छूने के क्षण ऊँचाई शून्य होती है, इसलिए स्थितिज ऊर्जा शून्य हो जाती है, जबकि चाल सबसे अधिक होती है, इसलिए गतिज ऊर्जा अधिकतम होती है। A गलत है क्योंकि ऊष्मा टकराव के बाद घर्षण और विकृति से पैदा होती है, छूने के क्षण नहीं। B गलत है क्योंकि रासायनिक ऊर्जा बंधों में संचित रहती है और गिरती वस्तु में इसकी कोई भूमिका नहीं। D गलत है क्योंकि जमीन के स्तर पर स्थितिज ऊर्जा घटकर शून्य हो चुकी होती है। परीक्षा टिप: गिरती वस्तु में स्थितिज ऊर्जा घटती है, गतिज ऊर्जा बढ़ती है, और कुल यांत्रिक ऊर्जा वही रहती है।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2023, 3 Sep 2023आसान

गैल्वनीकरण (Galvanization) लोहे को जंग से बचाने की वह विधि है जिसमें उस पर किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?

  1. A.गैलियम
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.जस्ता (Zinc)
  4. D.चाँदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जस्ता (Zinc)

व्याख्या

सही उत्तर है C, जस्ता (Zinc)। लोहे या इस्पात पर जस्ते की पतली परत चढ़ाने की विधि को गैल्वनीकरण कहते हैं, जिससे नीचे का लोहा जंग से बचा रहता है। सक्रियता श्रेणी में जस्ता लोहे से ऊपर है, इसलिए परत खरोंच जाने पर भी पहले जस्ता ही क्षरित होता है और लोहा सुरक्षित रहता है; इसे बलिदानी सुरक्षा (sacrificial protection) कहते हैं। जस्ते की परत प्रायः वस्तु को पिघले जस्ते में डुबाकर या विद्युत-लेपन से चढ़ाई जाती है। गैल्वनीकृत चादरें छत, पानी के पाइप, बाल्टी और बिजली के खंभों में काम आती हैं। A, गैलियम, एक दुर्लभ और कम गलनांक वाली धातु है, जंग रोकने में इसका प्रयोग नहीं होता। B, एल्युमिनियम, अपनी ऑक्साइड परत बनाता है, पर लोहे पर उसकी परत को गैल्वनीकरण नहीं कहते। D, चाँदी, महँगी है और लोहे से कम सक्रिय है, इसलिए बलिदानी सुरक्षा नहीं दे सकती। परीक्षा टिप: गैल्वनीकरण का अर्थ है लोहे पर जस्ते की परत; लोहे पर टिन की परत को टिनिंग कहते हैं।

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