आवास, स्वच्छता और पेयजल योजनाएं: प्रमुख तथ्य और प्रश्न
पीएम आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और अमृत के परीक्षोपयोगी नोट्स: आरंभ तिथि, संबंधित मंत्रालय, घटक, इकाई सहायता राशि और सेवा मानक।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

आवास, स्वच्छता और पेयजल वे तीन कल्याण मिशन हैं जिन पर केंद्र सरकार सामाजिक क्षेत्र में सर्वाधिक व्यय करती है, और भारतीय अर्थव्यवस्था खंड में यही सबसे सुरक्षित अंक देने वाला अध्याय है। स्वच्छ भारत मिशन के बारह वर्ष पूरे हुए हैं और स्वच्छ भारत दिवस प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर को मनाया जाता है, इसीलिए ये योजनाएं फिर चर्चा में हैं; परंतु प्रश्नपत्र वही निश्चित बातें पूछते हैं: आरंभ की तिथि, उत्तरदायी मंत्रालय, घटक और प्रत्येक से जुड़ी राशि या मानक। इन्हें योजना, वर्ष, मंत्रालय और लक्ष्य की सारणी के रूप में याद करें।
स्वच्छ भारत मिशन
स्वच्छ भारत मिशन 2 अक्टूबर 2014 को, महात्मा गांधी की 145वीं जयंती पर आरंभ हुआ, जिसका लक्ष्य था कि 2 अक्टूबर 2019 तक, यानी उनकी 150वीं जयंती तक भारत खुले में शौच से मुक्त हो जाए। इसने 2012 के निर्मल भारत अभियान का स्थान लिया, जो स्वयं 1999 के संपूर्ण स्वच्छता अभियान और 1986 के केंद्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम से विकसित हुआ था। मिशन दो भागों में चलता है: स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, जो जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग के अधीन है, तथा स्वच्छ भारत मिशन-शहरी, जो आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन है। ग्रामीण भारत को 2 अक्टूबर 2019 को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया। ग्रामीण मिशन का दूसरा चरण ओडीएफ प्लस गांवों के लिए कार्य करता है, जिन्हें यह स्थिति बनाए रखनी होती है तथा ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन करना होता है, जबकि 1 अक्टूबर 2021 को आरंभ स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 कचरा मुक्त शहरों का लक्ष्य रखता है। मिशन का प्रतीक चिह्न गांधीजी के चश्मे का रूप है, शहरों की वार्षिक स्वच्छता रैंकिंग स्वच्छ सर्वेक्षण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय कराता है, और 2 अक्टूबर से पहले के श्रमदान पखवाड़े को स्वच्छता ही सेवा कहा जाता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना 25 जून 2015 को आरंभ हुई, उसी दिन जब अमृत और स्मार्ट सिटी मिशन भी आरंभ हुए, और इसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार के लिए पक्का घर है। इसका शहरी भाग, पीएमएवाई-शहरी, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय चार घटकों से चलाता है: भूमि को संसाधन मानकर मलिन बस्ती का यथास्थान पुनर्विकास, ऋण से जुड़ी ब्याज सब्सिडी, सार्वजनिक या निजी संस्थाओं की साझेदारी में किफायती आवास, और लाभार्थी द्वारा स्वयं घर का निर्माण। ऋण से जुड़ी सब्सिडी योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा निम्न आय वर्ग को बीस वर्ष तक के ऋण पर 6.5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलती है। आय वर्ग याद रखने योग्य हैं: ईडब्ल्यूएस तीन लाख रुपये वार्षिक तक, एलआईजी तीन से छह लाख, एमआईजी-1 छह से बारह लाख और एमआईजी-2 बारह से अठारह लाख रुपये।
ग्रामीण भाग, पीएमएवाई-ग्रामीण, 20 नवंबर 2016 को आरंभ हुआ और उसने पुरानी इंदिरा आवास योजना का पुनर्गठन किया। लाभार्थी 2011 की सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना के अभाव संकेतकों से चुने जाते हैं, ग्राम सभा उनका सत्यापन करती है, और घर कम से कम 25 वर्ग मीटर का होना चाहिए जिसमें स्वच्छ रसोई के लिए अलग स्थान हो। इकाई सहायता मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी राज्यों, दुर्गम क्षेत्रों तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में 1.30 लाख रुपये है। योजना जान-बूझकर अभिसरण पर बनी है: मनरेगा से नब्बे दिन का अकुशल श्रम, स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय, सौभाग्य से बिजली कनेक्शन और उज्ज्वला से गैस कनेक्शन, जिससे घर अधूरा न रहे।
जल जीवन मिशन और शहरी जल योजनाएं
जल जीवन मिशन की घोषणा 15 अगस्त 2019 को लाल किले से हुई और इसे जल शक्ति मंत्रालय का पेयजल और स्वच्छता विभाग लागू करता है; यह मंत्रालय स्वयं 2019 में जल संसाधन तथा पेयजल और स्वच्छता को मिलाकर बना। हर घर जल के नारे के साथ इसका वचन है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन मिले, जिससे निर्धारित गुणवत्ता का कम से कम 55 लीटर पानी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन उपलब्ध हो; गांव की जल एवं स्वच्छता समितियां तथा पानी समितियां योजनाएं चलाती हैं और महिलाओं को फील्ड किट से जल परीक्षण का प्रशिक्षण दिया जाता है। जल जीवन मिशन-शहरी की घोषणा 2021-22 के बजट में हुई और आवासन तथा शहरी कार्य मंत्रालय उसे चलाता है, जो सभी सांविधिक नगरों में सार्वभौमिक जलापूर्ति और सीवरेज का विस्तार करता है। अमृत, यानी अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन, 2015 से चुने हुए शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज तथा मल कीचड़ प्रबंधन, वर्षा जल नालियां और हरित क्षेत्र का कार्य कर रहा था, और 1 अक्टूबर 2021 को अमृत 2.0 आया, जिसमें पुनर्चक्रित जल और जल निकायों पर बल है।
| योजना | आरंभ | मंत्रालय | मुख्य लक्ष्य |
|---|---|---|---|
| स्वच्छ भारत मिशन | 2 अक्टूबर 2014 | ग्रामीण के लिए जल शक्ति, शहरी के लिए आवासन और शहरी कार्य | खुले में शौच से मुक्त भारत, फिर ओडीएफ प्लस और कचरा मुक्त शहर |
| पीएमएवाई-शहरी | 25 जून 2015 | आवासन और शहरी कार्य | चार घटकों से पक्के घर |
| अमृत | 25 जून 2015 | आवासन और शहरी कार्य | शहरी जलापूर्ति, सीवरेज और नालियां |
| पीएमएवाई-ग्रामीण | 20 नवंबर 2016 | ग्रामीण विकास | कम से कम 25 वर्ग मीटर के घर |
| जल जीवन मिशन | 15 अगस्त 2019 | जल शक्ति | 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन नल जल |
| अटल भूजल योजना | 2019-20 | जल शक्ति | भूजल का सामुदायिक प्रबंधन |
दो संवैधानिक बिंदु इस अध्याय को पूरा करते हैं। जलापूर्ति और स्वच्छता पंचायतों के लिए ग्यारहवीं अनुसूची तथा नगरपालिकाओं के लिए बारहवीं अनुसूची में गिनाए गए हैं, अतः ये मिशन केंद्रीय धन से स्थानीय निकाय चलाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये स्वच्छ जल और स्वच्छता से जुड़े सतत विकास लक्ष्य 6 तथा सतत शहरों से जुड़े लक्ष्य 11 से संबंधित हैं, और इसी आधार पर योजना को एसडीजी से जोड़कर प्रश्न बनते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
सीधे एक पंक्ति के प्रश्न आते हैं: किसी मिशन की आरंभ तिथि, उसे चलाने वाला मंत्रालय, अमृत का पूरा नाम, हर घर जल का नारा और 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन का मानक। जाल जोड़ियों में हैं। एसबीएम-ग्रामीण और जल जीवन मिशन जल शक्ति मंत्रालय में हैं, जबकि एसबीएम-शहरी, पीएमएवाई-शहरी, अमृत और जेजेएम-शहरी आवासन तथा शहरी कार्य मंत्रालय में; पीएमएवाई-ग्रामीण ग्रामीण विकास मंत्रालय के पास है। यह भी पूछा जाता है कि नई योजना ने किस पुरानी योजना का स्थान लिया, अतः पीएमएवाई-ग्रामीण के लिए इंदिरा आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन के लिए निर्मल भारत अभियान याद रखें। याद रखने योग्य संख्याएं हैं 25 वर्ग मीटर, 55 लीटर, 6.5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी तथा 1.20 और 1.30 लाख रुपये की इकाई सहायता।
महत्वपूर्ण तथ्य
| स्वच्छ भारत मिशन का आरंभ | 2 अक्टूबर 2014 |
|---|---|
| ओडीएफ घोषणा | 2 अक्टूबर 2019 |
| एसबीएम से पूर्व योजना | निर्मल भारत अभियान, 2012 |
| स्वच्छ भारत दिवस | 2 अक्टूबर |
| स्वच्छ सर्वेक्षण | आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय का वार्षिक शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण |
| पीएम आवास योजना का आरंभ | 25 जून 2015 |
| पीएमएवाई-शहरी के घटक | आईएसएसआर, सीएलएसएस, एएचपी और बीएलसी |
| सीएलएसएस ब्याज सब्सिडी | ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के लिए 6.5 प्रतिशत |
| पीएमएवाई-ग्रामीण का आरंभ | 20 नवंबर 2016, इंदिरा आवास योजना के स्थान पर |
| पीएमएवाई-ग्रामीण में न्यूनतम घर | 25 वर्ग मीटर, स्वच्छ रसोई स्थान के साथ |
| पीएमएवाई-ग्रामीण इकाई सहायता | मैदानी क्षेत्र में 1.20 लाख रुपये, पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र में 1.30 लाख |
| जल जीवन मिशन की घोषणा | 15 अगस्त 2019; नारा हर घर जल |
| जेजेएम सेवा मानक | 55 लीटर पेयजल प्रति व्यक्ति प्रतिदिन |
| अमृत | अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन, 2015 |
| संवैधानिक आधार | पंचायतों के लिए ग्यारहवीं और नगरपालिकाओं के लिए बारहवीं अनुसूची |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
स्वच्छ भारत मिशन किस तिथि को आरंभ किया गया था?
- A.2 अक्टूबर 2014
- B.15 अगस्त 2014
- C.25 जून 2015
- D.2 अक्टूबर 2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 2 अक्टूबर 2014
व्याख्या
सही उत्तर है A, 2 अक्टूबर 2014। यह मिशन महात्मा गांधी की 145वीं जयंती पर आरंभ हुआ, जिसका लक्ष्य था 2 अक्टूबर 2019 तक, यानी उनकी 150वीं जयंती तक खुले में शौच से मुक्त भारत, और इसका प्रतीक चिह्न गांधीजी के चश्मे का रूप है। विकल्प B गलत है क्योंकि 15 अगस्त 2014 उस स्वतंत्रता दिवस भाषण की तिथि है जिसमें जन धन योजना की घोषणा हुई; जल जीवन मिशन की घोषणा उसी प्राचीर से पांच वर्ष बाद हुई। विकल्प C गलत है क्योंकि 25 जून 2015 को पीएमएवाई-शहरी, अमृत और स्मार्ट सिटी मिशन एक साथ आरंभ हुए। विकल्प D गलत है क्योंकि 2 अक्टूबर 2019 वह तिथि है जब ग्रामीण भारत को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया, अर्थात यह लक्ष्य तिथि है, आरंभ तिथि नहीं, और प्रश्न इसी भ्रम पर बना है।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण भारत को खुले में शौच से मुक्त किस तिथि को घोषित किया गया?
- A.2 अक्टूबर 2018
- B.2 अक्टूबर 2019
- C.1 अक्टूबर 2021
- D.15 अगस्त 2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2 अक्टूबर 2019
व्याख्या
सही उत्तर है B, 2 अक्टूबर 2019। यह घोषणा महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर, मिशन आरंभ होने के ठीक पांच वर्ष बाद की गई, और उसके बाद दूसरा चरण ओडीएफ प्लस गांवों के लक्ष्य के साथ आरंभ हुआ, जिनमें यह स्थिति बनाए रखनी होती है तथा ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन करना होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 2 अक्टूबर 2018 अभियान का एक पड़ाव भर था और उस दिन कोई घोषणा नहीं हुई। विकल्प C गलत है क्योंकि 1 अक्टूबर 2021 स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 और अमृत 2.0 के आरंभ की तिथि है। विकल्प D गलत है क्योंकि 15 अगस्त 2019 को लाल किले से जल जीवन मिशन की घोषणा हुई थी। तीनों तिथियां अलग रखें: 2014 आरंभ, 2019 ओडीएफ घोषणा और 2021 शहरी मिशन का दूसरा चरण।
प्रधानमंत्री आवास योजना किस वर्ष आरंभ की गई थी?
- A.2014
- B.2015
- C.2016
- D.2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2015
व्याख्या
सही उत्तर है B, 2015। प्रधानमंत्री आवास योजना 25 जून 2015 को आरंभ हुई, उसी दिन जब अमृत और स्मार्ट सिटी मिशन भी आरंभ हुए, और इसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार के लिए पक्का घर है। विकल्प A गलत है क्योंकि 2014 स्वच्छ भारत मिशन और जन धन योजना का वर्ष है। विकल्प C गलत है, यद्यपि यह सबसे निकट का भ्रम है: 20 नवंबर 2016 को ग्रामीण भाग पीएमएवाई-ग्रामीण इंदिरा आवास योजना का पुनर्गठन करते हुए आरंभ हुआ, अतः जो प्रश्न पीएमएवाई-ग्रामीण कहे उसका उत्तर 2016 होगा। विकल्प D गलत है क्योंकि 2019 जल जीवन मिशन और जल शक्ति मंत्रालय के गठन का वर्ष है। उत्तर देने का सुरक्षित तरीका यह देखना है कि प्रश्न शहरी योजना, ग्रामीण योजना या समग्र पीएमएवाई में से किसका नाम ले रहा है।
पीएमएवाई-ग्रामीण के अंतर्गत सहायता से बनने वाले घर का न्यूनतम निर्धारित क्षेत्र कितना है?
- A.20 वर्ग मीटर
- B.25 वर्ग मीटर
- C.30 वर्ग मीटर
- D.40 वर्ग मीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 25 वर्ग मीटर
व्याख्या
सही उत्तर है B, 25 वर्ग मीटर। पीएमएवाई-ग्रामीण ने न्यूनतम इकाई क्षेत्र 25 वर्ग मीटर किया, जिसमें स्वच्छ रसोई के लिए अलग स्थान सम्मिलित होना चाहिए; इंदिरा आवास योजना में यह 20 वर्ग मीटर था। विकल्प A इसी कारण गलत है: 20 वर्ग मीटर पुराना मानक था और उसे विकल्पों में उन अभ्यर्थियों के लिए रखा गया है जिन्होंने पुरानी योजना पढ़ी है। विकल्प C गलत है क्योंकि 30 वर्ग मीटर पीएमएवाई-ग्रामीण का मानक नहीं है, यद्यपि इस कोटि के कारपेट क्षेत्र शहरी योजना की किफायती आवास परिभाषाओं में आते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि 40 वर्ग मीटर ग्रामीण सहायता के लिए निर्धारित किसी भी सीमा से अधिक है। क्षेत्र के साथ इकाई सहायता भी याद रखें: मैदानी क्षेत्र में 1.20 लाख और पहाड़ी तथा दुर्गम क्षेत्र में 1.30 लाख रुपये।
जल जीवन मिशन का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन कितना जल उपलब्ध कराना है?
- A.40 लीटर
- B.55 लीटर
- C.70 लीटर
- D.135 लीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 55 लीटर
व्याख्या
सही उत्तर है B, 55 लीटर। मिशन क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन का वचन देता है, जिससे निर्धारित गुणवत्ता का कम से कम 55 लीटर पेयजल प्रति व्यक्ति प्रतिदिन मिले; यह मानक पहले के ग्रामीण स्तर से बढ़ाया गया है। विकल्प A गलत है क्योंकि 40 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पहले के राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम का सेवा स्तर था, और प्रश्न यही उत्तर चुनवाना चाहता है। विकल्प C गलत है क्योंकि 70 लीटर न ग्रामीण और न शहरी मिशन का निर्धारित मानक है। विकल्प D गलत है क्योंकि 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन सीवरेज युक्त शहरों में पाइप जलापूर्ति के लिए प्रयुक्त नियोजन मानक है, ग्रामीण मिशन के लिए नहीं। 55 लीटर के साथ हर घर जल का नारा और कार्यान्वयन करने वाला जल शक्ति मंत्रालय भी याद रखें। गांव की पानी समितियां इन योजनाओं का संचालन करती हैं।
जल जीवन मिशन किस मंत्रालय द्वारा लागू किया जाता है?
- A.ग्रामीण विकास मंत्रालय
- B.जल शक्ति मंत्रालय
- C.आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
- D.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जल शक्ति मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर है B, जल शक्ति मंत्रालय। मिशन इस मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा चलाया जाता है, और यह मंत्रालय स्वयं 2019 में जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्रालय को पेयजल और स्वच्छता के साथ मिलाकर बनाया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि ग्रामीण विकास मंत्रालय पीएमएवाई-ग्रामीण, मनरेगा और ग्रामीण आजीविका मिशन चलाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय शहरी योजनाएं चलाता है, जिनमें पीएमएवाई-शहरी, अमृत, स्मार्ट सिटी मिशन और जल जीवन मिशन-शहरी सम्मिलित हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि पर्यावरण मंत्रालय वन, वन्यजीव और प्रदूषण नियंत्रण देखता है। सबसे सरल नियम यह है कि ग्रामीण जल और ग्रामीण स्वच्छता जल शक्ति के पास हैं, ग्रामीण आवास ग्रामीण विकास के पास। जल जीवन मिशन-शहरी की घोषणा 2021-22 के बजट में हुई और वह आवासन तथा शहरी कार्य मंत्रालय के पास है, यह अंतर भी पूछा जाता है।
स्वच्छ भारत मिशन-शहरी किस मंत्रालय द्वारा लागू किया जाता है?
- A.जल शक्ति मंत्रालय
- B.आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
- C.पंचायती राज मंत्रालय
- D.स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर है B, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय। मिशन का शहरी भाग, जिसमें सामुदायिक तथा सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण, ठोस कचरा प्रबंधन और शहरों की स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग सम्मिलित है, इसी मंत्रालय के पास है, और उसका दूसरा चरण एसबीएम-शहरी 2.0 कचरा मुक्त शहरों के लिए 1 अक्टूबर 2021 को आरंभ हुआ। विकल्प A गलत है क्योंकि जल शक्ति मंत्रालय पेयजल और स्वच्छता विभाग के माध्यम से मिशन का ग्रामीण भाग चलाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि पंचायती राज मंत्रालय स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को सहयोग देता है, पर यह मिशन लागू नहीं करता। विकल्प D गलत है क्योंकि स्वास्थ्य मंत्रालय की इसमें कार्यान्वयन भूमिका नहीं है, यद्यपि स्वच्छता से स्वास्थ्य सुधरता है। एक ही मिशन का दो मंत्रालयों में बंटवारा स्वयं एक सामान्य प्रश्न है। स्वच्छ सर्वेक्षण भी इसी मंत्रालय का कार्य है, जो 2016 से शहरों की स्वच्छता रैंकिंग प्रकाशित करता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के रूप में किस पुरानी योजना का पुनर्गठन किया गया?
- A.इंदिरा आवास योजना
- B.निर्मल भारत अभियान
- C.राजीव आवास योजना
- D.जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इंदिरा आवास योजना
व्याख्या
सही उत्तर है A, इंदिरा आवास योजना। पुरानी ग्रामीण आवास योजना का 20 नवंबर 2016 से पीएमएवाई-ग्रामीण के रूप में पुनर्गठन हुआ, और अब लाभार्थी 2011 की सामाजिक-आर्थिक तथा जाति जनगणना के अभाव संकेतकों से चुने जाते हैं, जिनका सत्यापन ग्राम सभा करती है, पहले की गरीबी रेखा सूचियों से नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि निर्मल भारत अभियान वह स्वच्छता कार्यक्रम था जिसका स्थान 2014 में स्वच्छ भारत मिशन ने लिया। विकल्प C गलत है क्योंकि राजीव आवास योजना शहरी मलिन बस्ती योजना थी और उसका कार्य पीएमएवाई-शहरी में समाहित हुआ, ग्रामीण योजना में नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि जेएनएनयूआरएम पहले का शहरी अवसंरचना मिशन था, जिसके उत्तराधिकारी अमृत और स्मार्ट सिटी मिशन हैं। पीएमएवाई-ग्रामीण में शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन से सहायता और मनरेगा से नब्बे दिन का श्रम भी जुड़ता है, जिसे अभिसरण कहा जाता है।
अमृत (AMRUT) का पूरा नाम क्या है?
- A.अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन
- B.त्वरित ग्रामीण और शहरी परिवहन मिशन
- C.अटल ग्रामीण जल और शहरी शौचालय मिशन
- D.शहरी बस्तियों के नवीकरण का विस्तारित मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन
व्याख्या
सही उत्तर है A, अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन। 25 जून 2015 को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आरंभ अमृत चुने हुए शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज तथा मल कीचड़ प्रबंधन, वर्षा जल नालियां, शहरी परिवहन और हरित क्षेत्र के लिए धन देता है, और 1 अक्टूबर 2021 को अमृत 2.0 आया, जिसमें पुनर्चक्रित जल तथा जल निकायों के पुनर्जीवन पर बल है। विकल्प B, C और D गलत हैं क्योंकि ये विश्वसनीय शब्दों से बनाए गए काल्पनिक पूर्ण रूप हैं; इन नामों की कोई योजना नहीं है। पूरे नाम रेलवे और एसएससी के प्रश्नपत्रों में सरल अंक देते हैं, अतः पीएमएवाई, अमृत, एसबीएम, जेजेएम तथा इस अध्याय के सहयोगी संक्षेप भी याद करें: ओडीएफ, सीएलएसएस और आईएसएसआर। अमृत के साथ स्मार्ट सिटी मिशन भी उसी 25 जून 2015 को आरंभ हुआ था, और तीनों योजनाओं की एक ही तिथि प्रश्नपत्रों की प्रिय जानकारी है।
भारतीय शहरों की स्वच्छता की रैंकिंग करने वाला वार्षिक स्वच्छ सर्वेक्षण कौन कराता है?
- A.जल शक्ति मंत्रालय
- B.आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
- C.सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
- D.नीति आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर है B, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय। स्वच्छ सर्वेक्षण 2016 से स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के भाग के रूप में कराया जा रहा है और यह शहरों को कचरे के संग्रहण तथा प्रसंस्करण, सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों तथा नागरिकों की प्रतिक्रिया पर अंक देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि जल शक्ति मंत्रालय ग्रामीण मिशन और ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण देखता है, शहरी रैंकिंग नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि सांख्यिकी मंत्रालय राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के माध्यम से आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण और उपभोग व्यय सर्वेक्षण जैसे बड़े सांख्यिकीय सर्वेक्षण कराता है। विकल्प D गलत है क्योंकि नीति आयोग एसडीजी इंडिया इंडेक्स और समग्र जल प्रबंधन सूचकांक जैसी रिपोर्ट बनाता है, पर यह सर्वेक्षण नहीं कराता। सहयोगी अभियान स्वच्छता ही सेवा भी स्मरण रखें। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण अलग से कराया जाता है, जिसे जल शक्ति मंत्रालय देखता है।
पीएमएवाई-ग्रामीण के अंतर्गत मैदानी क्षेत्रों में एक घर के लिए इकाई सहायता कितनी है?
- A.70,000 रुपये
- B.1.20 लाख रुपये
- C.1.30 लाख रुपये
- D.2.50 लाख रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1.20 लाख रुपये
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1.20 लाख रुपये। पीएमएवाई-ग्रामीण मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये की इकाई सहायता देता है, जो निर्माण की अवस्था से जुड़ी किस्तों में सीधे लाभार्थी के खाते में जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 70,000 रुपये पुनर्गठन से पहले इंदिरा आवास योजना में दी जाने वाली सहायता की कोटि थी। विकल्प C गलत है, पर यह सबसे निकट का जाल है: 1.30 लाख रुपये पहाड़ी राज्यों, दुर्गम क्षेत्रों तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की सहायता है, अतः उत्तर इस पर निर्भर करता है कि प्रश्न कौन सा क्षेत्र बताता है। विकल्प D गलत है क्योंकि इस आकार की कोई ग्रामीण इकाई सहायता नहीं है। अभिसरण के लाभ भी याद रखें: मनरेगा से नब्बे दिन का श्रम, स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय और जल जीवन मिशन से नल कनेक्शन।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्वच्छ भारत मिशन कब आरंभ हुआ और उसका लक्ष्य क्या था?
यह 2 अक्टूबर 2014 को, महात्मा गांधी की 145वीं जयंती पर आरंभ हुआ, और लक्ष्य था कि 2 अक्टूबर 2019 तक, उनकी 150वीं जयंती तक भारत खुले में शौच से मुक्त हो जाए। उसी तिथि को ग्रामीण भारत को ओडीएफ घोषित किया गया।
स्वच्छ भारत मिशन कौन-कौन से मंत्रालय चलाते हैं?
ग्रामीण घटक जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा तथा शहरी घटक आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है।
पीएमएवाई-शहरी और पीएमएवाई-ग्रामीण में क्या अंतर है?
पीएमएवाई-शहरी आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन चार घटकों से चलता है, जिनमें मलिन बस्ती पुनर्विकास और गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी सम्मिलित हैं। पीएमएवाई-ग्रामीण ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन मैदानी क्षेत्र में 1.20 लाख और पहाड़ी तथा दुर्गम क्षेत्र में 1.30 लाख रुपये की सीधी इकाई सहायता देता है, कम से कम 25 वर्ग मीटर के घर के लिए।
जल जीवन मिशन क्या वचन देता है?
प्रत्येक ग्रामीण परिवार को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन, जिससे कम से कम 55 लीटर पेयजल प्रति व्यक्ति प्रतिदिन मिले। इसकी घोषणा 15 अगस्त 2019 को हुई और इसे जल शक्ति मंत्रालय हर घर जल के नारे के साथ लागू करता है।
अमृत का पूरा नाम क्या है?
अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन। 25 जून 2015 को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आरंभ यह मिशन शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज तथा मल कीचड़ प्रबंधन, वर्षा जल नालियां और हरित क्षेत्र के लिए धन देता है; अमृत 2.0 1 अक्टूबर 2021 को आरंभ हुआ।
पीएमएवाई-ग्रामीण ने किस योजना का स्थान लिया?
इंदिरा आवास योजना का, जो पुरानी ग्रामीण आवास योजना थी। 20 नवंबर 2016 को आरंभ पीएमएवाई-ग्रामीण ने उसका पुनर्गठन किया और लाभार्थी चयन 2011 की सामाजिक-आर्थिक तथा जाति जनगणना पर आधारित किया, जिसका सत्यापन ग्राम सभा करती है।
स्रोत
- स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण: दूसरे चरण के दिशानिर्देश — पेयजल और स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण: कार्यान्वयन ढांचा — ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार
- जल जीवन मिशन: परिचालन दिशानिर्देश — जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार





