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GK24

भारतीय अर्थव्यवस्था पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

82 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

भारत में 1991 के बाद शुरू हुए वित्तीय क्षेत्र के सुधारों से निम्न में से कौन सा सम्बन्धित नहीं है?

  1. A.पूँजी पर्याप्तता
  2. B.गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियाँ
  3. C.एफ. आर. बी. एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)
  4. D.सरफेसी अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एफ. आर. बी. एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)

व्याख्या

सही उत्तर है C, एफ. आर. बी. एम. अधिनियम। राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 एक राजकोषीय सुधार है: यह केंद्र सरकार को राजकोषीय और राजस्व घाटा घटाने तथा अपने उधार की जानकारी देने के लिए बाध्य करता है। इसका संबंध सरकार के बजट से है, बैंकों और वित्तीय बाज़ारों से नहीं। 1991 के बाद वित्तीय क्षेत्र के सुधार वित्तीय प्रणाली पर नरसिंहम समिति से शुरू हुए, जिसने बैंकिंग के ठोस नियम माँगे। बैंकों को अपनी जोखिम वाली परिसम्पत्तियों के अनुपात में पूँजी रखनी पड़ी, यानी बेसल मानकों पर आधारित पूँजी पर्याप्तता अनुपात, और डूबते कर्ज़ों को छिपाने के बजाय ईमानदारी से गैर-निष्पादित परिसम्पत्ति (NPA) के रूप में दिखाना पड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि पूँजी पर्याप्तता मानक बैंकिंग सुधार का मुख्य हिस्सा थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि NPA के स्पष्ट नियम भी इसी सुधार का भाग थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरफेसी अधिनियम, 2002 बैंकों को अदालत गए बिना चूककर्ता की गिरवी संपत्ति ज़ब्त कर बेचने देता है, जो डूबे कर्ज़ वसूलने का बड़ा कदम था। परीक्षा टिप: बैंकिंग सुधार = पूँजी पर्याप्तता, NPA मानक, सरफेसी; FRBM = सरकार का राजकोषीय अनुशासन।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025आसान

मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. A.सरकारी खर्च बढ़ाना
  2. B.मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना
  3. C.राजकोषीय घाटा कम करना
  4. D.विदेशी मुद्रा भण्डार को नियंत्रित करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना

व्याख्या

सही उत्तर है B, मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना। मौद्रिक नीति केंद्रीय बैंक, यानी भारतीय रिज़र्व बैंक, चलाता है, जो अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति और उसकी लागत को नियंत्रित करता है। 2016 में संशोधित आरबीआई अधिनियम, 1934 के अनुसार इसका मुख्य लक्ष्य वृद्धि के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कीमतों को स्थिर रखना है। 2016 में भारत ने लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण अपनाया, जिसमें 2 से 6 प्रतिशत के दायरे के साथ 4 प्रतिशत CPI मुद्रास्फीति का लक्ष्य रखा गया, और छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति मुख्य नीतिगत दर, यानी रेपो दर, तय करती है। रेपो दर, नकद आरक्षित अनुपात और खुले बाज़ार की क्रियाएँ जैसे साधन आरबीआई को कर्ज़ सस्ता या महँगा करने देते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सरकारी खर्च बढ़ाना राजकोषीय नीति का कदम है, जो बजट से तय होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजकोषीय घाटा घटाना भी सरकार की राजकोषीय नीति का लक्ष्य है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन आरबीआई का सहायक काम है, मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य नहीं। परीक्षा टिप: मौद्रिक नीति यानी आरबीआई और रेपो दर; राजकोषीय नीति यानी सरकार, कर और खर्च।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 70th CCE Pre re-exam, 4 Jan 2025आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा राजकोषीय नीति का उपकरण है?

  1. A.कर
  2. B.नकद आरक्षित अनुपात
  3. C.साख सीमा (क्रेडिट सीलिंग)
  4. D.बैंक दर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कर

व्याख्या

सही उत्तर है A, कर। राजकोषीय नीति का मतलब है सरकार का कर लगाना और सार्वजनिक खर्च करना, इसलिए कर इसका मुख्य उपकरण है। भारत में राजकोषीय नीति केंद्र सरकार वित्त मंत्रालय के ज़रिए चलाती है, और केंद्रीय बजट इसका सालाना दस्तावेज़ है। कर और खर्च घटा-बढ़ाकर सरकार विकास, रोज़गार और कीमतों को दिशा देती है, और खर्च व आमदनी के बीच का अंतर राजकोषीय घाटा कहलाता है। दूसरा साधन मौद्रिक नीति है, जो भारतीय रिज़र्व बैंक के हाथ में है और मुद्रा की आपूर्ति व कर्ज़ के ज़रिए काम करती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि नकद आरक्षित अनुपात, यानी जमा का वह हिस्सा जो बैंकों को आरबीआई के पास रखना होता है, मौद्रिक उपकरण है। विकल्प C गलत है, क्योंकि साख सीमा, यानी बैंक कितना कर्ज़ दे सकते हैं इसकी सीमा, आरबीआई का चयनात्मक साख नियंत्रण है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बैंक दर, जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज़ देता है, भी मौद्रिक उपकरण है। परीक्षा टिप: राजकोषीय यानी वित्त मंत्रालय के कर और खर्च; मौद्रिक यानी आरबीआई की दरें और अनुपात।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2025, Shift 1मध्यम

किस पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य 'भोजन, काम और उत्पादकता' पर ध्यान देते हुए खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना और रोजगार व उत्पादकता में वृद्धि करना था?

  1. A.तीसरी योजना
  2. B.सातवीं योजना
  3. C.चौथी योजना
  4. D.छठी योजना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सातवीं योजना

व्याख्या

सही उत्तर है B, सातवीं योजना। प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय शुरू हुई सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985–90) का नारा था 'भोजन, काम और उत्पादकता'। इसका उद्देश्य खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना, रोजगार पैदा करना और उत्पादकता सुधारना था, और इसमें आधुनिक तकनीक पर जोर दिया गया। इस योजना ने 5 प्रतिशत के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल की। ग्रामीण रोजगार के लिए जवाहर रोजगार योजना (1989) भी इसी दौर में आई। A गलत है क्योंकि तीसरी योजना (1961–66) का लक्ष्य आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था था, पर 1962 और 1965 के युद्धों और भारी सूखे के कारण यह विफल रही और योजना अवकाश लेना पड़ा। C गलत है क्योंकि चौथी योजना (1969–74) का लक्ष्य 'स्थिरता के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की प्रगतिशील प्राप्ति' था। D गलत है क्योंकि छठी योजना (1980–85) का मुख्य फोकस गरीबी दूर करना था। परीक्षा टिप: सातवीं योजना, 1985–90, राजीव गांधी, 'भोजन, काम और उत्पादकता'।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 04 Feb 2025, Shift 2आसान

पहली पंचवर्षीय योजना (1951-1956) का मुख्य फोकस क्या था?

  1. A.कृषि विकास
  2. B.भारी उद्योगों का विकास
  3. C.तीव्र औद्योगीकरण
  4. D.उद्योगों का निजीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कृषि विकास

व्याख्या

सही उत्तर है A, कृषि विकास। पहली पंचवर्षीय योजना (1951–56) ने कृषि, सिंचाई और बिजली को सबसे ऊंची प्राथमिकता दी, क्योंकि विभाजन के बाद देश में खाद्यान्न की कमी थी और सबसे पहले लोगों का पेट भरना जरूरी था। यह योजना हैरोड-डोमर मॉडल पर आधारित थी और इसे योजना आयोग के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू ने पेश किया था। भाखड़ा-नांगल और हीराकुंड जैसी बड़ी नदी परियोजनाएं इसी दौर में शुरू हुईं। योजना का लक्ष्य 2.1 प्रतिशत वृद्धि दर था और लगभग 3.6 प्रतिशत हासिल हुई, इसलिए इसे सफल माना जाता है। B गलत है क्योंकि भारी उद्योगों का विकास महालनोबिस मॉडल पर आधारित दूसरी योजना (1956–61) का फोकस था। C गलत है क्योंकि तीव्र औद्योगीकरण भी दूसरी योजना का लक्ष्य था, पहली का नहीं। D गलत है क्योंकि उद्योगों का निजीकरण चालीस साल बाद 1991 के आर्थिक सुधारों के साथ आया। परीक्षा टिप: पहली योजना यानी कृषि और हैरोड-डोमर; दूसरी योजना यानी भारी उद्योग और महालनोबिस।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

निम्नलिखित में से मुद्रा के किस माप को समग्र मौद्रिक संसाधन भी कहा जाता है?

  1. A.M2
  2. B.M3
  3. C.M4
  4. D.M1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. M3

व्याख्या

सही उत्तर है B, M3। M3 को व्यापक मुद्रा या समग्र मौद्रिक संसाधन कहा जाता है। यह M1 में बैंकों के पास जनता की सावधि जमाओं को जोड़कर बनता है, इसलिए अर्थव्यवस्था में उपलब्ध लगभग सारे पैसे को मापता है। भारतीय रिज़र्व बैंक 1977 में शुरू किए गए चार माप, M1 से M4, इस्तेमाल करता है, और मुद्रा आपूर्ति पर नज़र रखने के लिए सबसे ज़्यादा M3 का ही प्रयोग होता है। M1 से M4 की ओर बढ़ने पर तरलता घटती जाती है, क्योंकि सावधि जमा और डाकघर जमा नकदी जितनी जल्दी खर्च नहीं की जा सकतीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि M2 में M1 के साथ डाकघर बचत बैंकों की बचत जमाएँ जुड़ती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि M4 में M3 के साथ डाकघर की कुल जमाएँ जुड़ती हैं, राष्ट्रीय बचत पत्रों को छोड़कर। विकल्प D गलत है, क्योंकि M1 संकीर्ण मुद्रा है: जनता के पास करेंसी, बैंकों की माँग जमाएँ और RBI के पास अन्य जमाएँ। परीक्षा टिप: M1 संकीर्ण मुद्रा है और M3 व्यापक मुद्रा या समग्र मौद्रिक संसाधन; M1 सबसे तरल है और M4 सबसे कम।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024आसान

किसी अर्थव्यवस्था में कुल प्रजनन दर को किस रूप में परिभाषित किया जाता है?

  1. A.एक वर्ष में जनसंख्या के प्रति 1000 लोगों पर जन्मे बच्चों की संख्या
  2. B.किसी दी गई जनसंख्या में एक दंपति के जीवनकाल में जन्मे बच्चों की संख्या
  3. C.जन्म दर में से मृत्यु दर घटाने पर प्राप्त संख्या
  4. D.एक महिला द्वारा अपनी प्रजनन आयु के अंत तक जन्म दिए जाने वाले जीवित बच्चों की औसत संख्या
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एक महिला द्वारा अपनी प्रजनन आयु के अंत तक जन्म दिए जाने वाले जीवित बच्चों की औसत संख्या

व्याख्या

सही उत्तर है D, एक महिला द्वारा अपनी प्रजनन आयु के अंत तक जन्म दिए जाने वाले जीवित बच्चों की औसत संख्या। कुल प्रजनन दर (TFR) 15 से 49 वर्ष की महिलाओं की आयु-विशिष्ट प्रजनन दरों को जोड़कर बताती है कि मौजूदा दरों पर एक महिला इन वर्षों में कितने बच्चों को जन्म देगी। लगभग 2.1 की TFR को प्रतिस्थापन स्तर कहते हैं, क्योंकि इस दर पर हर पीढ़ी बस अपनी जगह भरती है; अतिरिक्त 0.1 बचपन में होने वाली मौतों के लिए है। TFR भारत की जनसंख्या नीति का आधार है और इसे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण और नमूना पंजीकरण प्रणाली जैसे सर्वेक्षण मापते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि एक साल में प्रति 1,000 लोगों पर जन्म अशोधित जन्म दर है। विकल्प B गलत है, क्योंकि TFR प्रति महिला गिनी जाती है, प्रति दंपति नहीं, और मौजूदा आयुवार दरों पर आधारित है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जन्म दर में से मृत्यु दर घटाने पर जनसंख्या की प्राकृतिक वृद्धि दर मिलती है। परीक्षा टिप: TFR प्रति महिला, आयु 15 से 49, प्रतिस्थापन स्तर 2.1।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024मध्यम

पहली पंचवर्षीय योजना की शुरुआत से पहले भारत में निम्नलिखित में से कौन-सी योजनाएँ शुरू की गई थीं? 1. बॉम्बे प्लान 2. जन योजना (People's Plan) 3. सर्वोदय योजना 4. गांधीवादी योजना

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 1 और 3
  3. C.केवल 3 और 4
  4. D.1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2, 3 और 4। चारों योजनाएँ 1 अप्रैल 1951 को शुरू हुई पहली पंचवर्षीय योजना से पहले की हैं। 1944 का बॉम्बे प्लान जे. आर. डी. टाटा और जी. डी. बिड़ला के नेतृत्व में आठ उद्योगपतियों ने बनाया। 1944 का गांधीवादी प्लान श्रीमन नारायण अग्रवाल ने बनाया, जिसमें ग्राम आत्मनिर्भरता, कुटीर उद्योग और कृषि पर ज़ोर था। 1945 की जन योजना (People's Plan) एम. एन. रॉय ने इंडियन फेडरेशन ऑफ लेबर के लिए बनाई, जिसमें कृषि और राष्ट्रीयकरण को प्राथमिकता दी गई। जनवरी 1950 की सर्वोदय योजना जयप्रकाश नारायण ने विनोबा भावे से प्रेरित होकर बनाई, जिसमें गांधीवादी विचारों के साथ भूमि सुधार और विकेंद्रित नियोजन था। इससे भी पहले एम. विश्वेश्वरैया की पुस्तक 'प्लान्ड इकॉनमी फॉर इंडिया' (1934) और 1938 में नेहरू की अध्यक्षता वाली कांग्रेस राष्ट्रीय योजना समिति ने यह विचार उठाया था। विकल्प A, B और C इसलिए गलत हैं कि हर एक 1951 से पहले की किसी न किसी योजना को छोड़ देता है। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें: विश्वेश्वरैया 1934, बॉम्बे और गांधीवादी 1944, जन योजना 1945, सर्वोदय 1950, योजना आयोग मार्च 1950, पहली योजना 1951।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 08 Jul 2024, Shift 4आसान

मूल्य नियंत्रण और राशनिंग __________ को रोकने के प्रत्यक्ष नियंत्रण उपाय हैं।

  1. A.रिफ्लेशन (reflation)
  2. B.डिसइन्फ्लेशन (disinflation)
  3. C.अपस्फीति (deflation)
  4. D.मुद्रास्फीति (inflation)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मुद्रास्फीति (inflation)

व्याख्या

सही उत्तर है D, मुद्रास्फीति (inflation)। मुद्रास्फीति सामान्य कीमत स्तर में लगातार वृद्धि है, जिसे भारत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का सीपीआई और आर्थिक सलाहकार कार्यालय का डब्ल्यूपीआई मापते हैं। इससे तीन तरह से लड़ा जाता है: आरबीआई के मौद्रिक उपाय जैसे रेपो दर या सीआरआर बढ़ाना, राजकोषीय उपाय जैसे ज़्यादा कर और कम सरकारी खर्च, और प्रत्यक्ष या प्रशासनिक उपाय। मूल्य नियंत्रण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से राशनिंग और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत स्टॉक सीमा प्रत्यक्ष उपाय हैं: ये तय करते हैं कि विक्रेता कितना दाम ले सकता है और हर परिवार कितना खरीद सकता है, ताकि कम उपलब्ध चीज़ें बँटें और जमाखोरी रुके। विकल्प A गलत है क्योंकि रिफ्लेशन मंदी के बाद कीमतों और माँग को जानबूझकर बढ़ाने की कोशिश है, यानी उल्टा लक्ष्य। विकल्प B गलत है क्योंकि डिसइन्फ्लेशन सिर्फ मुद्रास्फीति की दर का धीमा होना है, कोई ऐसी समस्या नहीं जिसके लिए राशनिंग चाहिए। विकल्प C गलत है क्योंकि अपस्फीति में सामान्य कीमत स्तर गिरता है, तब सरकारें कीमतें नियंत्रित करने के बजाय खर्च बढ़ाती हैं। परीक्षा टिप: मुद्रास्फीति = कीमतें बढ़ें, अपस्फीति = कीमतें गिरें, डिसइन्फ्लेशन = कीमतें धीमी बढ़ें, रिफ्लेशन = कीमतें फिर ऊपर धकेलना।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1कठिन

जब सामान्य ब्याज दर बहुत नीचे पहुंच जाती है, तो निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही होगा?

  1. A.अधिकांश लोग भविष्य में ब्याज दर बढ़ने की अपेक्षा करेंगे।
  2. B.अधिकांश लोग बॉन्ड रखना पसंद करेंगे।
  3. C.अधिकांश लोग ब्याज दर में और गिरावट का अनुमान लगाएंगे।
  4. D.मुद्रा आपूर्ति में कोई भी वृद्धि ब्याज दर को और नीचे ले जाएगी।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अधिकांश लोग भविष्य में ब्याज दर बढ़ने की अपेक्षा करेंगे।

व्याख्या

सही उत्तर है A, अधिकांश लोग भविष्य में ब्याज दर बढ़ने की अपेक्षा करेंगे। जब ब्याज दर पहले ही बहुत नीची हो, तो लोग मानते हैं कि अब यह और नहीं गिर सकती और आगे बढ़ेगी ही, इसलिए वे बॉन्ड के बजाय नकदी अपने पास रखते हैं। कीन्स ने इसे मुद्रा की सट्टा मांग कहा, और वह चरम स्थिति जिसमें अत्यंत नीची दर पर सभी नकदी पसंद करते हैं, तरलता जाल कहलाती है। इसका कारण बॉन्ड की कीमत और ब्याज दर का संबंध है - ब्याज दर बढ़ने पर पुराने बॉन्ड की कीमत गिरती है, इसलिए बॉन्ड रखने वाले को पूंजीगत हानि होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसी हानि के भय से लोग उस समय बॉन्ड से बचते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि दर के निम्नतम स्तर के निकट पहुंचने पर लोग और गिरावट की अपेक्षा छोड़ देते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तरलता जाल में बढ़ी हुई मुद्रा नकदी के रूप में ही रखी जाती है और ब्याज दर अपरिवर्तित रहती है। परीक्षा टिप: बहुत नीची ब्याज दर - मुद्रा की ऊंची सट्टा मांग - तरलता जाल।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 11 May, 2023, Shift 2मध्यम

रिवर्स रेपो दर का अर्थ क्या है?

  1. A.वह दर जिस पर RBI विदेशी बैंकों से धन उधार लेता है
  2. B.वह दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों से धन उधार लेता है
  3. C.वह दर जिस पर वाणिज्यिक बैंक RBI से धन उधार लेते हैं
  4. D.वह दर जिस पर वाणिज्यिक बैंक विदेशी बैंकों से धन उधार लेते हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वह दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों से धन उधार लेता है

व्याख्या

सही उत्तर है B, वह दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों से धन उधार लेता है। रिवर्स रेपो दर वह ब्याज है जो रिज़र्व बैंक बैंकों को देता है जब वह उनकी अतिरिक्त नक़दी थोड़े समय के लिए अपने पास रखता है। यह रेपो दर का उलटा है, जिस पर बैंक सरकारी प्रतिभूतियाँ गिरवी रखकर रिज़र्व बैंक से उधार लेते हैं। जब रिज़र्व बैंक बाज़ार से अतिरिक्त धन खींचना चाहता है, तो वह केंद्रीय बैंक के पास पैसा रखना अधिक लाभदायक बना देता है; जब वह कर्ज़ का प्रवाह बढ़ाना चाहता है, तो उलटा करता है। रिवर्स रेपो दर सदा रेपो दर से नीचे रखी जाती है, और दोनों गवर्नर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति तय करती है। 2022 से यह नक़दी अवशोषण अधिकतर स्टैंडिंग डिपॉज़िट फैसिलिटी से होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि RBI इस खिड़की से विदेशी बैंकों से उधार नहीं लेता। विकल्प C गलत है, क्योंकि जिस दर पर बैंक RBI से उधार लेते हैं वह रेपो दर है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वाणिज्यिक और विदेशी बैंकों के बीच लेन-देन RBI तय नहीं करता। परीक्षा टिप: रेपो में RBI देता है, रिवर्स रेपो में RBI लेता है।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 10 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

शून्य आधारित बजट सबसे पहले किस देश में शुरू किया गया था?

  1. A.भारत
  2. B.जर्मनी
  3. C.संयुक्त राज्य अमेरिका
  4. D.यूनाइटेड किंगडम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. संयुक्त राज्य अमेरिका

व्याख्या

सही उत्तर है C, संयुक्त राज्य अमेरिका। शून्य आधारित बजट का पहला प्रयोग अमेरिका में हुआ था। पीटर पीहर ने लगभग 1970 में टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स में यह पद्धति विकसित की, और जॉर्जिया के तत्कालीन गवर्नर जिमी कार्टर ने 1973 में इसे राज्य बजट में लागू किया तथा बाद में राष्ट्रपति बनने पर संघीय स्तर पर अपनाया। इस पद्धति में हर खर्च को हर नई अवधि के लिए शून्य से शुरू करके फिर से उचित ठहराना पड़ता है, न कि पिछले वर्ष के आँकड़े में कुछ प्रतिशत जोड़ दिया जाता है। हर गतिविधि को एक निर्णय पैकेज मानकर उसकी लागत और लाभ जाँचे जाते हैं और वरीयता क्रम दिया जाता है; जो योजनाएँ अब उपयोगी नहीं रहीं, वे हटा दी जाती हैं। भारत ने कुछ विभागों में 1986-87 से इसे अपनाया और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इसे सबसे पहले आजमाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारत ने इसे शुरुआत के एक दशक से अधिक बाद अपनाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि जर्मनी इसके आरंभ से नहीं जुड़ा। विकल्प D गलत है, क्योंकि ब्रिटेन ने भी इसे शुरू नहीं किया। परीक्षा टिप: शून्य आधारित बजट - पीटर पीहर, अमेरिका, 1970; भारत में 1986-87 से।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 03 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दरों पर 'हॉकिश' रुख बनाए रखा। इस संदर्भ में 'हॉकिश' रुख का अर्थ है __________।

  1. A.ब्याज दरें घटाई गईं
  2. B.ब्याज दरें बढ़ाई गईं
  3. C.ब्याज दरें अपरिवर्तित रखी गईं
  4. D.मुद्रा आपूर्ति बढ़ाई गई
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ब्याज दरें बढ़ाई गईं

व्याख्या

सही उत्तर है B, ब्याज दरें बढ़ाई गईं। हॉकिश रुख का अर्थ है कि केंद्रीय बैंक को धीमी वृद्धि से अधिक चिंता महँगाई की है, इसलिए वह नीतिगत दर बढ़ाने और मुद्रा कसने की ओर झुकता है। कर्ज महँगा होने पर उधारी और खर्च घटते हैं और कीमतें धीरे बढ़ती हैं। भारत में मौद्रिक नीति समिति 2016 में संशोधित आरबीआई अधिनियम के तहत बनी। इसमें छह सदस्य होते हैं - तीन रिज़र्व बैंक के और तीन केंद्र सरकार के नामित - और रेपो दर बहुमत से तय होती है, जिसमें गवर्नर के पास निर्णायक मत रहता है। समिति को खुदरा महँगाई 4 प्रतिशत पर रखनी होती है, जिसका दायरा 2 से 6 प्रतिशत है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वृद्धि के लिए दरें घटाना इसका उल्टा, यानी डविश रुख है। विकल्प C गलत है, क्योंकि दरें ज्यों की त्यों रखना तटस्थ रुख कहलाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुद्रा आपूर्ति बढ़ाना विस्तारकारी और फिर डविश रुख है। परीक्षा टिप: हॉक महँगाई से लड़ता है और दरें बढ़ाता है, डव वृद्धि बचाता है और दरें घटाता है।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 22 Nov 2023, S1मध्यम

बाज़ार मूल्य पर GNP को किस प्रकार मापा जाता है?

  1. A.बाज़ार मूल्य पर GDP − मूल्यह्रास
  2. B.बाज़ार मूल्य पर GNP + सब्सिडी
  3. C.बाज़ार मूल्य पर GDP + विदेश से शुद्ध कारक आय
  4. D.कारक लागत पर NDP + विदेश से शुद्ध कारक आय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बाज़ार मूल्य पर GDP + विदेश से शुद्ध कारक आय

व्याख्या

सही उत्तर है C, बाज़ार मूल्य पर GDP + विदेश से शुद्ध कारक आय। GDP देश की सीमा के भीतर हुए सारे उत्पादन को गिनता है, चाहे उत्पादन कोई भी करे। GNP देश के सामान्य निवासियों द्वारा किए गए उत्पादन को गिनता है, वे जहाँ भी काम करें। इसलिए GDP से GNP पर जाने के लिए हम अपने निवासियों की विदेश में कमाई जोड़ते हैं और भारत में विदेशियों की कमाई घटाते हैं; इस शुद्ध राशि को विदेश से शुद्ध कारक आय (NFIA) कहते हैं। अगर NFIA ऋणात्मक हो, तो GNP, GDP से छोटा होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाज़ार मूल्य पर GDP में से मूल्यह्रास घटाने पर बाज़ार मूल्य पर NDP मिलता है, GNP नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें GNP को उसी से परिभाषित किया गया है, और सब्सिडी जोड़ना बाज़ार मूल्य से कारक लागत पर जाने का कदम है, GNP निकालने का नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कारक लागत पर NDP में NFIA जोड़ने से कारक लागत पर NNP मिलता है, जो राष्ट्रीय आय है। परीक्षा टिप: घरेलू से राष्ट्रीय के लिए NFIA जोड़ें, सकल से शुद्ध के लिए मूल्यह्रास घटाएँ, बाज़ार मूल्य से कारक लागत के लिए अप्रत्यक्ष कर घटाएँ और सब्सिडी जोड़ें।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 15 Nov 2023, S3आसान

1969 में बैंकों के राष्ट्रीयकरण के दौरान निम्नलिखित में से किस बैंक का राष्ट्रीयकरण नहीं किया गया था?

  1. A.केनरा बैंक
  2. B.SBI
  3. C.यूको बैंक
  4. D.बैंक ऑफ़ बड़ौदा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. SBI

व्याख्या

सही उत्तर है B, SBI। भारतीय स्टेट बैंक 1969 के राष्ट्रीयकरण में शामिल नहीं था, क्योंकि वह पहले से ही सरकारी बैंक था। अखिल भारतीय ग्रामीण ऋण सर्वेक्षण समिति की सिफ़ारिश पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया अधिनियम के तहत इम्पीरियल बैंक ऑफ़ इंडिया को अपने हाथ में लेकर 1 जुलाई 1955 को SBI बनाया गया था। 19 जुलाई 1969 को इंदिरा गांधी सरकार ने 14 बड़े व्यावसायिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, जिनमें से हर एक की जमा राशि ₹50 करोड़ से अधिक थी। 1980 में छह और बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि केनरा बैंक 1969 में राष्ट्रीयकृत 14 बैंकों में से एक था। विकल्प C गलत है, क्योंकि यूको बैंक, जिसका तब नाम यूनाइटेड कमर्शियल बैंक था, भी 1969 की सूची में था। विकल्प D गलत है, क्योंकि बैंक ऑफ़ बड़ौदा का भी 1969 में ही राष्ट्रीयकरण हुआ। परीक्षा टिप: इम्पीरियल बैंक 1955 में SBI बना; 1969 में 14 और 1980 में 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ; स्वयं RBI का राष्ट्रीयकरण 1949 में हुआ।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

मुद्रास्फीति के सन्दर्भ में निम्न कथनों पर ध्यान दीजिये:

कथन (A): हैडलाइन मुद्रास्फीति उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में परिवर्तन की दर को संदर्भित करती है, जो एक विशिष्ट परिवार द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की एक मानक टोकरी की औसत कीमत का माप है।

कथन (B): कोर मुद्रास्फीति उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से अस्थिर मूल्य वाली कुछ वस्तुओं जैसे खाद्य और ईंधन को बाहर करने के बाद औसत उपभोक्ता कीमतों में बदलाव को मापती है।

इन कथनों में से

  1. A.न तो (A) और न ही (B) सही है।
  2. B.(A) और (B) दोनों सही हैं।
  3. C.केवल (B) सही है।
  4. D.केवल (A) सही है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. (A) और (B) दोनों सही हैं।

व्याख्या

सही उत्तर है B, (A) और (B) दोनों सही हैं। हैडलाइन मुद्रास्फीति पूरे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में बदलाव है, जो एक सामान्य परिवार द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की तय टोकरी, जैसे भोजन, ईंधन, कपड़े, आवास और सेवाओं, की औसत कीमत पर नज़र रखता है। कोर मुद्रास्फीति उन वस्तुओं को हटा देती है जिनकी कीमतें सबसे अधिक ऊपर-नीचे होती हैं, मुख्य रूप से खाद्य और ईंधन, ताकि कीमतों का असली रुझान दिखे। नीति के लिए यह अंतर अहम है: खराब मानसून के बाद सब्ज़ियों के दाम का उछाल कुछ महीनों में उतर सकता है, पर कोर मुद्रास्फीति का लगातार बढ़ना केंद्रीय बैंक को बताता है कि महँगाई का दबाव पूरी अर्थव्यवस्था में फैल गया है। इसीलिए रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति दोनों आँकड़ों पर नज़र रखती है। भारत में अखिल भारतीय CPI हर महीने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय तैयार करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दोनों कथन सही परिभाषाएँ हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कथन A भी सही है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कथन B भी सही है। परीक्षा टिप: हैडलाइन = पूरी टोकरी; कोर = टोकरी में से खाद्य और ईंधन हटाकर।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023मध्यम

बारहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.ए. एम. खुसरो
  2. B.डॉ. सी. रंगराजन
  3. C.डॉ. विजय केलकर
  4. D.वाई. वी. रेड्डी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. सी. रंगराजन

व्याख्या

सही उत्तर है B, डॉ. सी. रंगराजन। 2002 में गठित बारहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. सी. रंगराजन थे, और इसकी सिफ़ारिशें 2005–10 के पाँच वर्षों के लिए थीं। राष्ट्रपति हर पाँच साल में अनुच्छेद 280 के तहत वित्त आयोग बनाते हैं, जो बताता है कि केंद्रीय करों का केंद्र और राज्यों के बीच बँटवारा कैसे हो और सहायता अनुदान कैसे दिए जाएँ। बारहवाँ आयोग अपनी ऋण समेकन और राहत सुविधा के लिए याद किया जाता है, जिसमें राज्यों को केंद्रीय कर्ज़ों पर राहत तभी मिली जब उन्होंने राजकोषीय उत्तरदायित्व क़ानून बनाए। विकल्प A गलत है, क्योंकि ए. एम. खुसरो 2000–05 के ग्यारहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि डॉ. विजय केलकर 2010–15 के तेरहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि वाई. वी. रेड्डी 2015–20 के चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष थे, जिसने केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया। परीक्षा टिप: 11वाँ खुसरो, 12वाँ रंगराजन, 13वाँ केलकर, 14वाँ वाई. वी. रेड्डी, 15वाँ एन. के. सिंह।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023आसान

1980 में भारत में कितने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था?

  1. A.4
  2. B.6
  3. C.14
  4. D.20
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 6

व्याख्या

सही उत्तर है B, 6। 15 अप्रैल 1980 को सरकार ने ₹200 करोड़ से अधिक जमा वाले छह और निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, जिससे राष्ट्रीयकृत बैंकों की संख्या 20 हो गई। यह दूसरा दौर था; पहला और अधिक प्रसिद्ध राष्ट्रीयकरण 19 जुलाई 1969 को हुआ था, जब इंदिरा गांधी की सरकार ने ₹50 करोड़ से अधिक जमा वाले 14 बड़े बैंकों को अपने हाथ में लिया। दोनों बार उद्देश्य बैंकिंग को गाँवों तक पहुँचाना, किसानों और छोटे उद्योगों को कर्ज़ दिलाना और बैंकों के कर्ज़ पर बड़े व्यापारिक घरानों की पकड़ ख़त्म करना था। 1980 के छह बैंक थे आंध्रा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, न्यू बैंक ऑफ इंडिया, विजया बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स। विकल्प A गलत है, क्योंकि चार किसी भी दौर की संख्या नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण 1969 में हुआ था, 1980 में नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 20 दोनों दौर के बाद की कुल संख्या थी, 1980 में लिए गए बैंकों की नहीं। परीक्षा टिप: 1969 में 14 बैंक, 1980 में 6 बैंक, कुल 20।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

निम्नलिखित बाजारों पर विचार कीजिए:

1. सरकारी बॉन्ड बाजार

2. कॉल मनी बाजार

3. ट्रेजरी बिल बाजार

4. शेयर बाजार

उपर्युक्त में से कितने पूँजी बाजार में शामिल हैं?

  1. A.केवल एक
  2. B.केवल दो
  3. C.केवल तीन
  4. D.सभी चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल दो

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल दो। सरकारी बॉन्ड बाजार और शेयर बाजार दीर्घकालिक धन का लेन-देन करते हैं, इसलिए ये पूँजी बाजार हैं; कॉल मनी और ट्रेजरी बिल मुद्रा बाजार के हिस्से हैं। विभाजन रेखा परिपक्वता अवधि है: पूँजी बाजार एक साल से अधिक के धन का, और मुद्रा बाजार एक साल तक के धन का लेन-देन करता है। सरकारी बॉन्ड, यानी दिनांकित प्रतिभूतियाँ, 5 से 40 साल तक चलते हैं, और शेयरों की कोई परिपक्वता नहीं होती। कॉल मनी बैंकों के बीच एक दिन का कर्ज है, नोटिस मनी 2 से 14 दिन की होती है, और ट्रेजरी बिल 91, 182 या 364 दिन की अल्पकालिक सरकारी उधारी हैं। पूँजी बाजार का नियामक SEBI है, जबकि मुद्रा बाजार मुख्य रूप से RBI के नियमन में है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बॉन्ड और शेयर दोनों पूँजी बाजार के खंड हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह एक अल्पकालिक बाजार भी जोड़ देगा। विकल्प D गलत है, क्योंकि कॉल मनी और ट्रेजरी बिल मुद्रा बाजार के खंड हैं। परीक्षा टिप: एक साल से अधिक तो पूँजी बाजार, एक साल तक तो मुद्रा बाजार; ट्रेजरी बिल 91, 182 और 364 दिन।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

भारतीय रिज़र्व बैंक की निम्नलिखित गतिविधियों में से किसे 'बंध्यीकरण' (sterilization) का भाग माना जाता है?

  1. A.'खुले बाजार की क्रियाएँ' करना
  2. B.निपटान और भुगतान प्रणालियों की निगरानी
  3. C.केंद्र और राज्य सरकारों के लिए ऋण और नकदी प्रबंधन
  4. D.गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं के कार्यों का विनियमन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 'खुले बाजार की क्रियाएँ' करना

व्याख्या

सही उत्तर है A, 'खुले बाजार की क्रियाएँ' करना। बंध्यीकरण का अर्थ है विदेशी मुद्रा लेन-देन के घरेलू मुद्रा आपूर्ति पर असर को निष्प्रभावी करना, और RBI यह मुख्य रूप से खुले बाजार की क्रियाओं से करता है। जब डॉलर आते हैं और RBI रुपये की तेज मजबूती रोकने के लिए उन्हें खरीदता है, तो व्यवस्था में रुपये छोड़ता है, जिससे महँगाई बढ़ सकती है। इसे बेअसर करने के लिए वह सरकारी प्रतिभूतियाँ बेचता है और उतने ही रुपये वापस खींच लेता है। जब वह डॉलर बेचता है, तो प्रतिभूतियाँ खरीदकर रुपये वापस डाल सकता है। इसके दूसरे साधन हैं बाजार स्थिरीकरण योजना (2004 से), रिवर्स रेपो और स्थायी जमा सुविधा। विकल्प B गलत है, क्योंकि भुगतान और निपटान प्रणालियों की निगरानी सुरक्षित लेन-देन के लिए है, मुद्रा आपूर्ति के लिए नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऋण और नकदी प्रबंधन सरकारों के बैंकर के रूप में RBI की भूमिका है। विकल्प D गलत है, क्योंकि NBFC का विनियमन पर्यवेक्षी कार्य है। परीक्षा टिप: डॉलर खरीद से रुपये बढ़ते हैं, OMO बिक्री उन्हें वापस लेती है, दोनों मिलकर बंध्यीकरण।