महिलाओं और बच्चों की योजनाएं: नोट्स और प्रश्न
महिलाओं और बच्चों की केंद्रीय योजनाओं के पूर्ण नोट्स: आरंभ वर्ष, मंत्रालय, लाभ और हेल्पलाइन, आईसीडीएस और बीबीबीपी से मिशन शक्ति तथा वात्सल्य तक।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

संविधान राज्य से महिलाओं और बच्चों की रक्षा कई स्थानों पर एक साथ मांगता है: अनुच्छेद 15(3) उनके लिए विशेष उपबंध की अनुमति देता है, अनुच्छेद 39 कहता है कि बालकों की सुकुमार अवस्था का दुरुपयोग न हो, अनुच्छेद 42 प्रसूति सहायता की बात करता है, अनुच्छेद 45 छह वर्ष से कम आयु के बालकों की देखभाल और शिक्षा मांगता है, तथा अनुच्छेद 21A छह से चौदह वर्ष तक निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाता है। केंद्रीय योजनाएं इन निर्देशों पर खड़ी व्यवस्था हैं, और परीक्षक प्रत्येक योजना से तीन बातें पूछते हैं: वह किस वर्ष आरंभ हुई, कौन-सा मंत्रालय चलाता है, और लाभ कितना है।
दो छत्रक मिशन
2021 से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अपनी अनेक योजनाओं को तीन छत्रक योजनाओं में पुनर्गठित किया। मिशन शक्ति महिलाओं के लिए है और उसके दो भाग हैं: संबल, जो सुरक्षा और संरक्षा से जुड़ा है और जिसमें वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ तथा नारी अदालत आते हैं, और सामर्थ्य, जो सशक्तीकरण से जुड़ा है और जिसमें शक्ति सदन, सखी निवास, पालना क्रेच योजना तथा प्रसूति लाभ कार्यक्रम आते हैं। मिशन वात्सल्य कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के लिए है और एकीकृत बाल संरक्षण योजना तथा किशोर न्याय अधिनियम द्वारा अपेक्षित संस्थाओं को आगे बढ़ाता है। मिशन पोषण 2.0 आंगनवाड़ी व्यवस्था के पूरक पोषण कार्यक्रम को पोषण अभियान के साथ मिला देता है।
बालिका और माताओं के लिए योजनाएं
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से आरंभ हुई, जिससे बाल लिंगानुपात की गिरावट रुके; 2011 की जनगणना में शून्य से छह वर्ष आयु वर्ग में यह अनुपात प्रति 1,000 बालकों पर 918 बालिकाएं था। इसे महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा शिक्षा मंत्रालय मिलकर चलाते हैं, और यह जागरूकता, लिंग परीक्षण विरोधी कानून के प्रवर्तन तथा बालिका शिक्षा में सुधार के माध्यम से कार्य करती है। उसी दिन आरंभ हुई सुकन्या समृद्धि योजना एक लघु बचत खाता है, जिसे माता-पिता या अभिभावक बालिका के दस वर्ष पूरे होने से पहले खोल सकते हैं, एक परिवार में अधिकतम दो बालिकाओं के लिए; जमा पंद्रह वर्ष तक किया जाता है और खाता खोलने के इक्कीस वर्ष बाद परिपक्व होता है, जिसकी ब्याज दर सरकार हर तिमाही अधिसूचित करती है। 1 जनवरी 2017 से आरंभ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती और धात्री महिला को उसके पहले जीवित बच्चे के लिए किस्तों में पांच हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि देती है, जो मजदूरी हानि की आंशिक पूर्ति है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की 2005 की जननी सुरक्षा योजना तथा 2011 का जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम संस्थागत प्रसव को बढ़ाते हैं, पहला नकद सहायता देकर और दूसरा सरकारी अस्पतालों में प्रसव, सिजेरियन सहित, दवाएं, जांच, भोजन और परिवहन निःशुल्क करके।
बच्चों के लिए योजनाएं
2 अक्टूबर 1975 को आरंभ एकीकृत बाल विकास सेवा इन कार्यक्रमों में सबसे पुरानी और सबसे बड़ी है तथा आंगनवाड़ी व्यवस्था की जननी है। यह एक ही स्थान पर छह सेवाएं देती है: पूरक पोषण, पूर्व-विद्यालयी अनौपचारिक शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, संदर्भ सेवाएं तथा माताओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा। राष्ट्रीय पोषण मिशन अर्थात पोषण अभियान 8 मार्च 2018 को राजस्थान के झुंझुनूं से आरंभ हुआ, जिसका लक्ष्य अभिसरण और प्रौद्योगिकी के माध्यम से बौनापन, अल्पपोषण, रक्ताल्पता और जन्म के समय कम वजन घटाना है। 15 अगस्त 1995 को आरंभ मध्याह्न भोजन कार्यक्रम का नाम 2021 में पीएम पोषण योजना किया गया और वह सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में पका भोजन देता है। 2004 में आरंभ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय वंचित वर्गों की बालिकाओं के लिए आवासीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चलाता है।
| योजना | वर्ष | मंत्रालय और मुख्य लाभ |
|---|---|---|
| एकीकृत बाल विकास सेवा | 1975 | महिला एवं बाल विकास; आंगनवाड़ी से छह सेवाएं |
| मध्याह्न भोजन, अब पीएम पोषण | 1995 | शिक्षा; विद्यालयों में पका भोजन |
| जननी सुरक्षा योजना | 2005 | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण; संस्थागत प्रसव पर नकद सहायता |
| बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ | 2015 | महिला एवं बाल विकास; बाल लिंगानुपात और बालिका शिक्षा |
| सुकन्या समृद्धि योजना | 2015 | वित्त, लघु बचत; दस वर्ष से कम आयु की बालिका का खाता |
| वन स्टॉप सेंटर, सखी | 2015 | महिला एवं बाल विकास; हिंसा पीड़ित महिला को एक छत के नीचे सहायता |
| प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना | 2017 | महिला एवं बाल विकास; पहले जीवित बच्चे पर पांच हजार रुपये |
| पोषण अभियान | 2018 | महिला एवं बाल विकास; राष्ट्रीय पोषण मिशन |
संरक्षण, आश्रय और आजीविका
महिलाओं की सुरक्षा की परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए 2013 में निर्भया कोष बना, और 2015 में आरंभ वन स्टॉप सेंटर योजना, जिसे सखी कहा जाता है, उसी से वित्तपोषित है; प्रत्येक केंद्र हिंसा से पीड़ित महिला को चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता, विधिक सहायता, परामर्श और अस्थायी आश्रय एक ही भवन में देता है। महिला हेल्पलाइन 181 नंबर पर और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कार्य करती है। 2007 में आरंभ उज्ज्वला योजना रोकथाम, बचाव, पुनर्वास और प्रत्यावर्तन के माध्यम से मानव तस्करी के विरुद्ध कार्य करती है। स्वाधार गृह तथा नया शक्ति सदन कठिन परिस्थितियों में महिलाओं को आश्रय देते हैं, जबकि सखी निवास कामकाजी महिला छात्रावास है। आजीविका के लिए महिलाओं के प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम को सहायता योजना 1980 के दशक की है और सूक्ष्म ऋण देने वाला राष्ट्रीय महिला कोष 1993 का है।
योजनाओं के पीछे के कानून
योजनाएं कानूनों पर टिकी हैं, और परीक्षक दोनों को मिला देते हैं। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 विवाह की न्यूनतम आयु महिलाओं के लिए अठारह और पुरुषों के लिए इक्कीस वर्ष तय करता है। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 अनुच्छेद 21A को लागू करता है। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 बाल संरक्षण को नियंत्रित करते हैं, और बाद वाला बाल कल्याण समितियां तथा किशोर न्याय बोर्ड बनाता है, जिन्हें मिशन वात्सल्य वित्त देता है। प्रसूति प्रसुविधा (संशोधन) अधिनियम, 2017 ने संगठित क्षेत्र की महिलाओं के सवेतन प्रसूति अवकाश को बारह से छब्बीस सप्ताह किया। 1994 का गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम लिंग परीक्षण पर रोक लगाता है और यही वह कानून है जिसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ लागू कराना चाहती है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से तीन प्रकार के प्रश्न आते हैं। पहला आरंभ वर्ष और स्थान: बाल विकास सेवा के लिए 1975, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए 2015 और पानीपत, पोषण अभियान के लिए 2018 और झुंझुनूं। दूसरा ठीक लाभ: सुकन्या समृद्धि खाते के लिए दस वर्ष की आयु सीमा, मातृ वंदना के पांच हजार रुपये, प्रसूति अवकाश के छब्बीस सप्ताह। तीसरा मंत्रालय, जिसमें अभ्यर्थी मातृत्व और आंगनवाड़ी योजनाओं को गलती से स्वास्थ्य मंत्रालय में रख देते हैं; ये महिला एवं बाल विकास की हैं, जबकि जननी सुरक्षा योजना स्वास्थ्य मंत्रालय की है। हेल्पलाइन नंबर, सखी, पालना, शक्ति सदन और सखी निवास जैसे नाम तथा तीन छत्रक मिशन शक्ति, वात्सल्य और पोषण भी सीधे पूछे जाते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ | 22 जनवरी 2015, पानीपत, हरियाणा से आरंभ |
|---|---|
| सुकन्या समृद्धि योजना | दस वर्ष से कम आयु की बालिका का खाता; इक्कीस वर्ष बाद परिपक्व |
| प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना | 1 जनवरी 2017 से; पहले जीवित बच्चे पर पांच हजार रुपये |
| एकीकृत बाल विकास सेवा | 2 अक्टूबर 1975 को आरंभ |
| पोषण अभियान | 8 मार्च 2018, झुंझुनूं, राजस्थान से आरंभ |
| वन स्टॉप सेंटर | सखी नाम से; 2015 में निर्भया कोष से आरंभ |
| महिला हेल्पलाइन | 181 |
| चाइल्ड हेल्पलाइन | 1098 |
| निर्भया कोष | 2013 में स्थापित |
| प्रसूति प्रसुविधा (संशोधन) अधिनियम, 2017 | सवेतन प्रसूति अवकाश बारह से छब्बीस सप्ताह |
| मंत्रालय के तीन छत्रक मिशन | मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य और मिशन पोषण 2.0 |
| लिंग परीक्षण पर रोक लगाने वाला कानून | गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना जनवरी 2015 में किस स्थान से आरंभ की गई थी?
- A.पानीपत, हरियाणा
- B.झुंझुनूं, राजस्थान
- C.बलिया, उत्तर प्रदेश
- D.वडोदरा, गुजरात
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यह योजना 22 जनवरी 2015 को पानीपत से आरंभ की गई, क्योंकि 2011 की जनगणना में हरियाणा का बाल लिंगानुपात देश में सबसे कम में से था और संदेश सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र से देना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सुकन्या समृद्धि खाता बालिका के नाम पर किस आयु पूरी होने से पहले खोला जा सकता है?
- A.पांच वर्ष
- B.आठ वर्ष
- C.दस वर्ष
- D.चौदह वर्ष
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22 जनवरी 2015 को आरंभ सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत माता-पिता या विधिक अभिभावक बालिका के दस वर्ष पूरे होने से पहले कभी भी यह खाता खोल सकते हैं, एक परिवार में अधिकतम दो बालिकाओं के लिए, और खाता खोलने के इक्कीस वर्ष बाद परिपक्व होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आंगनवाड़ी व्यवस्था चलाने वाली एकीकृत बाल विकास सेवा योजना किस वर्ष आरंभ हुई थी?
- A.1975
- B.1985
- C.1995
- D.2005
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यह योजना 2 अक्टूबर 1975 को आरंभ हुई और बच्चों के लिए भारत का सबसे पुराना तथा सबसे बड़ा कार्यक्रम है, जो आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषण, पूर्व-विद्यालयी शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, संदर्भ सेवाएं और माताओं के लिए स्वास्थ्य शिक्षा देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र महिला को उसके पहले जीवित बच्चे पर कितनी नकद राशि दी जाती है?
- A.दो हजार रुपये
- B.पांच हजार रुपये
- C.दस हजार रुपये
- D.बारह हजार रुपये
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1 जनवरी 2017 को आरंभ और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित यह योजना यह राशि किस्तों में देती है, जो गर्भावस्था के शीघ्र पंजीकरण और बच्चे के टीकाकरण जैसी शर्तें पूरी होने पर मिलती है, और यह गर्भावस्था तथा प्रसव के बाद महिला की मजदूरी हानि की आंशिक…
पूरी व्याख्या पढ़ें →देश भर के 6000 वन स्टॉप सेंटर कार्मिकों को मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण देने वाली स्त्री मनोरक्षा परियोजना मार्च 2022 में किसने आरंभ की थी?
- A.अमित शाह
- B.स्मृति जुबिन ईरानी
- C.डॉ. मनसुख मांडविया
- D.नरेंद्र मोदी
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यह परियोजना मार्च 2022 में उस समय महिला एवं बाल विकास मंत्री का पद संभाल रही मंत्री ने बेंगलुरु के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के सहयोग से आरंभ की, जिसका उद्देश्य वन स्टॉप सेंटरों के कार्मिकों को हिंसा से प्रभावित महिलाओं की मानसिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं से निपटने का प्रशिक्षण देना…
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय पोषण मिशन अर्थात पोषण अभियान मार्च 2018 में किस जिले से आरंभ किया गया था?
- A.पानीपत
- B.झुंझुनूं
- C.सागर
- D.मंडी
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पोषण अभियान वहां 8 मार्च 2018 को, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर, आरंभ किया गया, जिसका लक्ष्य विभागों के अभिसरण, प्रौद्योगिकी के उपयोग और जन सहभागिता से बौनापन, अल्पपोषण, महिलाओं और बच्चों में रक्ताल्पता तथा जन्म के समय कम वजन घटाना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए बने वन स्टॉप सेंटर किस नाम से जाने जाते हैं?
- A.सखी
- B.पालना
- C.स्वाधार
- D.उज्ज्वला
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2015 में आरंभ और निर्भया कोष से वित्तपोषित वन स्टॉप सेंटर सखी केंद्र कहलाते हैं और हिंसा से प्रभावित महिला को चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता, विधिक सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा अस्थायी आश्रय एक ही छत के नीचे देते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रसूति प्रसुविधा (संशोधन) अधिनियम, 2017 ने सवेतन प्रसूति अवकाश की अवधि कितने सप्ताह कर दी?
- A.बारह सप्ताह
- B.अठारह सप्ताह
- C.छब्बीस सप्ताह
- D.बत्तीस सप्ताह
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2017 के संशोधन ने प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों की महिलाओं का सवेतन प्रसूति अवकाश पहले दो बच्चों के लिए बारह सप्ताह से छब्बीस सप्ताह किया, तथा निर्धारित आकार से बड़े प्रतिष्ठानों में क्रेच सुविधा और कार्य की प्रकृति अनुकूल होने पर घर से कार्य का…
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन भारत में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर है?
- A.181
- B.1098
- C.1091
- D.112
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यह देखरेख और संरक्षण के जरूरतमंद बच्चे के लिए चौबीसों घंटे चलने वाला आपातकालीन नंबर है, और यह कॉल करने वाले को मिशन वात्सल्य तथा किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत बाल संरक्षण व्यवस्था से जोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महिलाओं के लिए छत्रक योजना मिशन शक्ति किस मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाती है?
- A.गृह मंत्रालय
- B.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- C.महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
- D.ग्रामीण विकास मंत्रालय
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मिशन शक्ति 2021 से उस मंत्रालय की तीन छत्रक योजनाओं में से एक है, शेष दो बाल संरक्षण के लिए मिशन वात्सल्य और पोषण के लिए मिशन पोषण 2.0 हैं, और इसके दो भाग हैं, सुरक्षा और संरक्षा के लिए संबल तथा सशक्तीकरण के लिए सामर्थ्य।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कब और कहां से आरंभ हुई?
यह 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से आरंभ हुई। 2011 की जनगणना में उस राज्य का बाल लिंगानुपात देश में सबसे कम था, और यह योजना महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा शिक्षा मंत्रालय मिलकर चलाते हैं।
सुकन्या समृद्धि खाता कौन खोल सकता है और किस आयु तक?
माता-पिता या विधिक अभिभावक बालिका के दस वर्ष पूरे होने से पहले कभी भी यह खाता खोल सकते हैं, एक परिवार में अधिकतम दो बालिकाओं के लिए। जमा पंद्रह वर्ष तक चलता है और खाता खोलने की तिथि से इक्कीस वर्ष बाद परिपक्व होता है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कितना लाभ मिलता है?
इसमें गर्भवती और धात्री महिला को उसके पहले जीवित बच्चे के लिए पांच हजार रुपये की नकद राशि किस्तों में दी जाती है, जो गर्भावस्था के पंजीकरण और बच्चे के टीकाकरण जैसी शर्तें पूरी होने पर मिलती है और मजदूरी हानि की आंशिक पूर्ति है।
बाल विकास सेवा योजना में कौन-सी छह सेवाएं दी जाती हैं?
पूरक पोषण, पूर्व-विद्यालयी अनौपचारिक शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, संदर्भ सेवाएं तथा माताओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा। ये छहों आंगनवाड़ी केंद्र पर दी जाती हैं और योजना 2 अक्टूबर 1975 को आरंभ हुई।
मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य क्या हैं?
ये उन तीन छत्रक योजनाओं में से दो हैं जिनमें महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 2021 से अपने कार्यक्रम पुनर्गठित किए। मिशन शक्ति महिलाओं के लिए है, जिसमें सुरक्षा के लिए संबल और सशक्तीकरण के लिए सामर्थ्य है, तथा मिशन वात्सल्य देखरेख के जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण के लिए है।
स्रोत
- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, योजनाएं और कार्यक्रम — भारत सरकार
- सुकन्या समृद्धि खाता योजना, राष्ट्रीय बचत संस्थान — वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
- प्रसूति प्रसुविधा (संशोधन) अधिनियम, 2017 — विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार





