भारत में बौद्धिक संपदा अधिकार: अधिनियम और अवधि
भारत में पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, डिजाइन और भौगोलिक संकेतक, उनके अधिनियम तथा संरक्षण अवधि, और विश्व बौद्धिक संपदा संगठन तथा ट्रिप्स ढांचे पर नोट्स।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

बौद्धिक संपदा का अर्थ है मस्तिष्क की रचनाओं पर स्वामित्व: कोई आविष्कार, कोई ब्रांड नाम, कोई पुस्तक, कोई गीत, किसी वस्तु का आकार, अथवा किसी शिल्प से जुड़े स्थान का नाम। कानून रचनाकार को ऐसी रचना पर एक निश्चित अवधि के लिए अनन्य अधिकार देता है, जिससे आविष्कार की लागत निकल आए और अंत में वह ज्ञान सार्वजनिक क्षेत्र में भी आ जाए। अर्थव्यवस्था और सामान्य जागरूकता के प्रश्नपत्र इस विषय से अधिनियम, संरक्षण की अवधि और अंतरराष्ट्रीय संधियां पूछते हैं, और प्रश्न लगभग सदैव किसी संख्या या नाम पर होते हैं।
बौद्धिक संपदा के प्रकार
- पेटेंट: किसी नए आविष्कार, उत्पाद अथवा प्रक्रिया पर अनन्य अधिकार, जो नवीन हो, जिसमें आविष्कारशील कदम हो और जो औद्योगिक उपयोग के योग्य हो।
- कॉपीराइट: साहित्यिक, नाट्य, संगीत अथवा कलात्मक कृति, फिल्म या ध्वनि अभिलेख के रचनाकार का अधिकार, जो रचना होते ही बिना किसी पंजीकरण के उत्पन्न हो जाता है।
- ट्रेडमार्क अर्थात व्यापार चिह्न: ऐसा चिह्न, शब्द, आकृति या रूप जो एक व्यापारी के माल अथवा सेवाओं को दूसरे से अलग पहचान दे, जैसे ब्रांड नाम या लोगो।
- औद्योगिक डिजाइन: किसी वस्तु पर लगाया गया आकार, रूप, पैटर्न अथवा अलंकरण, जो वस्तु के काम करने के ढंग की नहीं, उसके दिखने की रक्षा करता है।
- भौगोलिक संकेतक: उस माल पर लगाया जाने वाला चिह्न जिसकी गुणवत्ता अथवा प्रतिष्ठा किसी विशेष स्थान से आती है, जैसे किसी पहाड़ी जिले की चाय या किसी नगर का रेशम।
- व्यापार गोपनीयता: व्यावसायिक रूप से मूल्यवान गुप्त रखी गई जानकारी, जिसकी भारत में रक्षा किसी विशेष अधिनियम से नहीं, अनुबंध और सामान्य विधि से होती है।
- पादप किस्में और लेआउट डिजाइन: किसान अधिकारों के साथ नई पादप किस्में, तथा अर्धचालक एकीकृत परिपथों के लेआउट डिजाइन, दोनों के लिए अलग अधिनियम हैं।
भारतीय कानून और संरक्षण की अवधि
| अधिकार | कानून | संरक्षण अवधि |
|---|---|---|
| पेटेंट | पेटेंट अधिनियम, 1970 | आवेदन की तिथि से बीस वर्ष |
| कॉपीराइट | कॉपीराइट अधिनियम, 1957 | रचनाकार के जीवनकाल के बाद साठ वर्ष |
| ट्रेडमार्क | ट्रेड मार्क्स अधिनियम, 1999 | दस वर्ष, असीमित बार नवीकरणीय |
| औद्योगिक डिजाइन | डिजाइन अधिनियम, 2000 | दस वर्ष, पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है |
| भौगोलिक संकेतक | भौगोलिक संकेतक माल अधिनियम, 1999 | दस वर्ष, नवीकरणीय |
| पादप किस्म | पादप किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2001 | पंद्रह वर्ष, वृक्षों और लताओं के लिए अधिक |
| लेआउट डिजाइन | अर्धचालक एकीकृत परिपथ लेआउट डिजाइन अधिनियम, 2000 | दस वर्ष |
फिल्म, ध्वनि अभिलेख, फोटोग्राफ अथवा अज्ञात रचनाकार की कृति के मामले में कॉपीराइट रचनाकार की मृत्यु से नहीं, प्रकाशन के वर्ष से साठ वर्ष तक चलता है। पेटेंट अधिनियम 1970 में 1999, 2002 और 2005 में संशोधन किए गए, जिससे भारतीय कानून को विश्व व्यापार संगठन में ली गई बाध्यताओं के अनुरूप बनाया गया; 2005 के संशोधन ने भोजन, औषधि और रसायन में उत्पाद पेटेंट लागू किया, जहां तब तक केवल प्रक्रिया पेटेंट मिलता था। अधिनियम की धारा 3(घ) किसी ज्ञात पदार्थ के ऐसे नए रूप को पेटेंट देने से मना करती है जिसमें प्रभावकारिता की वृद्धि न हो, और यही प्रावधान औषधि पेटेंट के सदाबहार बनाए जाने को रोकता है। धारा 84 पेटेंट मिलने के तीन वर्ष बाद अनिवार्य लाइसेंस की अनुमति देती है, यदि आविष्कार जनता को उचित मूल्य पर उपलब्ध न हो अथवा भारत में उसका उपयोग न हो रहा हो।
भारत में इनका प्रशासन कौन करता है
पेटेंट, डिजाइन, ट्रेडमार्क और भौगोलिक संकेतक का प्रशासन पेटेंट, डिजाइन तथा ट्रेड मार्क्स महानियंत्रक का कार्यालय करता है, जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के अधीन है और जिसका मुख्यालय मुंबई में है। मुख्य पेटेंट कार्यालय कोलकाता में है, जिसकी शाखाएं दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में हैं, तथा भौगोलिक संकेतक रजिस्ट्री चेन्नई में है। कॉपीराइट कार्यालय भी इसी विभाग के अधीन आता है। इन विषयों की अपीलें सुनने वाला बौद्धिक संपदा अपीलीय बोर्ड न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम 2021 द्वारा समाप्त कर दिया गया और उसका कार्य उच्च न्यायालयों तथा वाणिज्यिक न्यायालयों को सौंप दिया गया। 2016 की राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार नीति, जिसका नारा रचनात्मक भारत, अभिनव भारत है, बौद्धिक संपदा के सभी रूपों को एक नीति ढांचे में लाई, और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद ने आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय बनाया, जो भारतीय पारंपरिक ज्ञान का प्रलेखन करता है, जिससे हल्दी और नीम के मामलों की तरह विदेश में उसका पेटेंट न लिया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय ढांचा
विश्व बौद्धिक संपदा संगठन, जो 1967 की संधि से बना और संयुक्त राष्ट्र की विशेषीकृत एजेंसी है तथा जिसका मुख्यालय जेनेवा में है, इस क्षेत्र की अधिकांश संधियों का प्रशासन करता है। 1883 का पेरिस अभिसमय औद्योगिक संपदा और 1886 का बर्न अभिसमय कॉपीराइट से संबंधित है। बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधी पहलुओं पर समझौता, जिसे ट्रिप्स कहा जाता है, 1995 में विश्व व्यापार संगठन की स्थापना के साथ आया और उसने वे न्यूनतम मानक तय किए जो सदस्यों को देने होते हैं, जिनमें बीस वर्ष की पेटेंट अवधि शामिल है। पेटेंट सहयोग संधि एक ही अंतरराष्ट्रीय आवेदन की सुविधा देती है और मैड्रिड प्रोटोकॉल ट्रेडमार्क के लिए यही सुविधा देता है। 2001 की दोहा घोषणा ने स्पष्ट किया कि ट्रिप्स किसी सदस्य को जन स्वास्थ्य की रक्षा करने से नहीं रोकता, और अनिवार्य लाइसेंस के प्रावधान इसी पर आधारित हैं। विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 26 अप्रैल को मनाया जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस विषय से प्रश्न अधिकतर किसी संख्या, अधिनियम अथवा संस्था पर आते हैं। सबसे आम हैं पेटेंट की अवधि, पेटेंट से जुड़ा अधिनियम और उत्पाद पेटेंट लाने वाले संशोधन का वर्ष, कॉपीराइट की दोनों अवधियां, ट्रेडमार्क तथा डिजाइन की अवधि, भारत का पहला भौगोलिक संकेतक, भौगोलिक संकेतक रजिस्ट्री और मुख्य पेटेंट कार्यालय का स्थान, महानियंत्रक किस मंत्रालय के अधीन है, ट्रिप्स का प्रशासन करने वाला संगठन और विश्व बौद्धिक संपदा संगठन द्वारा प्रशासित संधियों का अंतर, 2016 की नीति का नारा, तथा विश्व बौद्धिक संपदा दिवस की तिथि। कठिन प्रश्नपत्रों में धारा 3(घ) और धारा 84 आती हैं। सामान्य भूलें हैं कॉपीराइट की अवधि पचास या सत्तर वर्ष बताना, पेटेंट की बीस वर्ष की अवधि को ट्रेडमार्क की दस वर्ष की अवधि से मिला देना, ट्रिप्स को विश्व बौद्धिक संपदा संगठन के अधीन रख देना, और भारत में व्यापार गोपनीयता को पंजीकृत अधिकार मान लेना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पेटेंट अवधि | आवेदन की तिथि से बीस वर्ष |
|---|---|
| पेटेंट अधिनियम | 1970, संशोधन 1999, 2002 और 2005 में |
| औषधि में उत्पाद पेटेंट | 2005 के संशोधन से लागू |
| कॉपीराइट अधिनियम | 1957; रचनाकार के जीवनकाल के बाद साठ वर्ष |
| ट्रेड मार्क्स अधिनियम | 1999; दस वर्ष, असीमित नवीकरण |
| डिजाइन अधिनियम | 2000; दस वर्ष, पांच वर्ष तक विस्तार |
| भौगोलिक संकेतक अधिनियम | 1999; दस वर्ष का पंजीकरण, नवीकरणीय |
| भारत का पहला भौगोलिक संकेतक | दार्जिलिंग चाय |
| सदाबहार पेटेंट पर रोक | पेटेंट अधिनियम की धारा 3(घ) |
| अनिवार्य लाइसेंस | धारा 84, पेटेंट मिलने के तीन वर्ष बाद |
| प्रशासक कार्यालय | पेटेंट, डिजाइन तथा ट्रेड मार्क्स महानियंत्रक, मुंबई |
| संबंधित मंत्रालय | वाणिज्य और उद्योग, उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के माध्यम से |
| विश्व बौद्धिक संपदा संगठन | 1967 की संधि; मुख्यालय जेनेवा |
| विश्व बौद्धिक संपदा दिवस | 26 अप्रैल |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत में पेटेंट आवेदन की तिथि से कितने वर्ष की अवधि के लिए दिया जाता है?
- A.दस वर्ष
- B.चौदह वर्ष
- C.बीस वर्ष
- D.साठ वर्ष
उत्तर देखें
संशोधित पेटेंट अधिनियम 1970 के अनुसार भारत में पेटेंट आवेदन की तिथि से बीस वर्ष तक चलता है; यह अवधि विश्व व्यापार संगठन के ट्रिप्स समझौते में तय न्यूनतम मानक के अनुरूप रखी गई है, और इसे जीवित रखने के लिए नवीकरण शुल्क देना पड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में पेटेंट किस अधिनियम द्वारा शासित होते हैं?
- A.पेटेंट अधिनियम, 1970
- B.कॉपीराइट अधिनियम, 1957
- C.डिजाइन अधिनियम, 2000
- D.ट्रेड मार्क्स अधिनियम, 1999
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अय्यंगार समिति की संस्तुतियों पर इसने 1911 के भारतीय पेटेंट तथा डिजाइन अधिनियम का स्थान लिया, आरंभ में औषधि और भोजन में केवल प्रक्रिया पेटेंट की अनुमति दी, और विश्व व्यापार संगठन में स्वीकार की गई बाध्यताओं को पूरा करने के लिए 1999, 2002 तथा 2005 में संशोधित किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में किसी साहित्यिक कृति का कॉपीराइट रचनाकार के जीवनकाल और उसके बाद कितने वर्ष तक रहता है?
- A.बीस वर्ष
- B.पचास वर्ष
- C.साठ वर्ष
- D.सत्तर वर्ष
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कॉपीराइट अधिनियम 1957 के अनुसार साहित्यिक, नाट्य, संगीत अथवा कलात्मक कृति का कॉपीराइट रचनाकार के जीवनकाल तक और उसकी मृत्यु के वर्ष के बाद आने वाले वर्ष के आरंभ से गिनकर साठ वर्ष तक रहता है, जिसके बाद कृति सार्वजनिक क्षेत्र में आ जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में भौगोलिक संकेतक टैग प्राप्त करने वाला पहला उत्पाद कौन-सा था?
- A.बासमती चावल
- B.दार्जिलिंग चाय
- C.मैसूर सिल्क
- D.नागपुर संतरा
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पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले की पहाड़ी ढलानों पर उगाई जाने वाली दार्जिलिंग चाय, भौगोलिक संकेतक माल पंजीकरण तथा संरक्षण अधिनियम 1999 के लागू होने के बाद पंजीकृत पहला उत्पाद थी, और इसका पंजीकरण भारतीय चाय बोर्ड के पास है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विश्व बौद्धिक संपदा संगठन का मुख्यालय कहां है?
- A.जेनेवा
- B.पेरिस
- C.न्यूयॉर्क
- D.वियना
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विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की स्थापना 1967 में हुई संधि से हुई, 1974 में यह संयुक्त राष्ट्र की विशेषीकृत एजेंसी बना, और इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जेनेवा में है, जहां से यह पेरिस तथा बर्न अभिसमय, पेटेंट सहयोग संधि और मैड्रिड प्रणाली का प्रशासन करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बौद्धिक संपदा से संबंधित ट्रिप्स समझौते का प्रशासन कौन-सा संगठन करता है?
- A.विश्व बौद्धिक संपदा संगठन
- B.विश्व व्यापार संगठन
- C.संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन
- D.अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष
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बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधी पहलुओं पर समझौता उन समझौतों में से एक है जो 1995 में विश्व व्यापार संगठन की स्थापना के साथ लागू हुए, और यह प्रत्येक सदस्य को संरक्षण के न्यूनतम मानकों से बांधता है, जिन्हें संगठन की विवाद निपटान प्रणाली से लागू कराया जा सकता…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में ट्रेडमार्क का पंजीकरण कितने समय के लिए वैध होता है?
- A.पांच वर्ष, नवीकरणीय
- B.दस वर्ष, नवीकरणीय
- C.बीस वर्ष, नवीकरण नहीं
- D.सदा के लिए, बिना नवीकरण
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ट्रेड मार्क्स अधिनियम 1999 के अनुसार पंजीकरण आवेदन की तिथि से दस वर्ष तक रहता है और उसे दस-दस वर्ष की आगे की अवधियों के लिए बिना किसी संख्या सीमा के नवीकृत किया जा सकता है, इसलिए व्यवहार में कोई ब्रांड नाम तब तक सुरक्षित रह सकता है जब तक…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय पेटेंट अधिनियम का कौन-सा प्रावधान औषधि पेटेंट के सदाबहार बनाए जाने को रोकने के लिए प्रयोग किया जाता है?
- A.धारा 3(घ)
- B.धारा 11क
- C.धारा 84
- D.धारा 107क
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यह प्रावधान कहता है कि किसी ज्ञात पदार्थ के नए रूप की मात्र खोज, जिससे उस पदार्थ की ज्ञात प्रभावकारिता में वृद्धि न हो, आविष्कार नहीं है और इसलिए उसे पेटेंट नहीं दिया जा सकता; उच्चतम न्यायालय ने एक कैंसर औषधि से जुड़े नोवार्टिस मामले में इसी का प्रयोग किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पेटेंट, डिजाइन तथा ट्रेड मार्क्स महानियंत्रक का कार्यालय किस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A.विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- B.विधि और न्याय मंत्रालय
- C.वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
- D.वित्त मंत्रालय
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पेटेंट, डिजाइन तथा ट्रेड मार्क्स महानियंत्रक का कार्यालय, जिसका मुख्यालय मुंबई में है, इसी मंत्रालय के उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के अधीन कार्य करता है, और कॉपीराइट कार्यालय भी इसी विभाग के अधीन लाया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विश्व बौद्धिक संपदा दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?
- A.26 जनवरी
- B.26 अप्रैल
- C.5 जून
- D.10 दिसंबर
उत्तर देखें
विश्व बौद्धिक संपदा दिवस प्रत्येक वर्ष 26 अप्रैल को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1970 में विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की स्थापना करने वाली संधि लागू हुई थी, और संगठन हर वर्ष सृजनशीलता तथा नवाचार पर एक विषय घोषित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2016 में अपनाई गई भारत की राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार नीति का नारा क्या है?
- A.मेक इन इंडिया
- B.रचनात्मक भारत, अभिनव भारत
- C.डिजिटल भारत, कुशल भारत
- D.स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया
उत्तर देखें
2016 में स्वीकृत राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार नीति का यही नारा है और वह पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, डिजाइन, भौगोलिक संकेतक, पादप किस्म तथा लेआउट डिजाइन को एक ही ढांचे में लाती है, जिसके उद्देश्य जागरूकता, प्रशासन, व्यावसायीकरण और प्रवर्तन हैं; इसके कार्यान्वयन का दायित्व उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में पेटेंट कितने समय तक चलता है?
पेटेंट अधिनियम 1970 के अनुसार आवेदन की तिथि से बीस वर्ष तक। इसे लागू रखने के लिए नवीकरण शुल्क देना पड़ता है, और यह अवधि बीस वर्ष से आगे नहीं बढ़ाई जा सकती, जिसके बाद आविष्कार सार्वजनिक क्षेत्र में आ जाता है।
पेटेंट और कॉपीराइट में क्या अंतर है?
पेटेंट किसी नए आविष्कार, उत्पाद अथवा प्रक्रिया की रक्षा करता है और उसके लिए आवेदन करना तथा स्वीकृति लेना पड़ता है। कॉपीराइट किसी विचार की अभिव्यक्ति की रक्षा करता है, जैसे साहित्यिक, संगीत, कलात्मक अथवा सिनेमा कृति में, और वह रचना होते ही बिना पंजीकरण उत्पन्न हो जाता है।
भौगोलिक संकेतक क्या है?
यह उस माल पर प्रयोग किया जाने वाला चिह्न है जिसकी गुणवत्ता अथवा प्रतिष्ठा उसके उत्पत्ति स्थान के कारण है, जैसे दार्जिलिंग चाय या मैसूर सिल्क। यह 1999 के अधिनियम के अंतर्गत दस वर्ष के लिए पंजीकृत होता है, नवीकरणीय है, और किसी एक फर्म का नहीं, उस क्षेत्र के उत्पादकों का होता है।
पेटेंट अधिनियम की धारा 3(घ) क्या कहती है?
यह कहती है कि किसी ज्ञात पदार्थ के नए रूप की मात्र खोज, जिससे उस पदार्थ की ज्ञात प्रभावकारिता न बढ़े, आविष्कार नहीं है। यह प्रावधान सदाबहार पेटेंट को रोकता है, अर्थात एक ही औषधि में छोटे-छोटे बदलाव करके एकाधिकार बढ़ाते रहने को।
ट्रिप्स समझौते का प्रशासन कौन करता है?
विश्व व्यापार संगठन, जिसमें ट्रिप्स 1995 में संगठन के साथ ही लागू हुआ। जेनेवा में मुख्यालय वाला विश्व बौद्धिक संपदा संगठन पेरिस अभिसमय, बर्न अभिसमय तथा अन्य संधियों का प्रशासन करता है, परंतु ट्रिप्स का नहीं।
स्रोत
- पेटेंट अधिनियम, 1970 तथा पेटेंट नियम — पेटेंट, डिजाइन तथा ट्रेड मार्क्स महानियंत्रक कार्यालय
- राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार नीति — उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
- कॉपीराइट अधिनियम, 1957 — भारत सरकार





