मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 43

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें
Read in English

इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 43) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: कार्बन और उसके यौगिक, गैस नियम और गैसों का अणुगति सिद्धांत, दैनिक जीवन का रसायन और सामान्य नाम और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 10 Oct 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा ऐल्कीन को निरूपित करता है?

  1. A.—C = C—
  2. B.—C—C—
  3. C.H—O—H
  4. D.O = C = O
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. —C = C—

व्याख्या

सही उत्तर है A, —C = C—। ऐल्कीन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है जिसमें दो कार्बन परमाणु द्विबंध से जुड़े रहते हैं, इसलिए कार्बन-कार्बन द्विबंध ही इसकी पहचान है। इसका सबसे सरल सदस्य एथीन C2H4 है और पूरी श्रेणी का सामान्य सूत्र CnH2n है। द्विबंध में एक मजबूत सिग्मा बंध और एक कमजोर पाई बंध होता है; पाई बंध आसानी से टूट जाता है, इसलिए ऐल्कीन हाइड्रोजन, हैलोजन या जल को सरलता से जोड़ लेते हैं और ब्रोमीन जल का रंग उड़ा देते हैं, जो ऐल्कीन को ऐल्केन से अलग पहचानने की जाँच है। एथीन वही गैस है जिससे फलों को कृत्रिम रूप से पकाया जाता है। B गलत है क्योंकि —C—C— एकल बंध है, जो संतृप्त ऐल्केन की पहचान है। C गलत है क्योंकि H—O—H जल है, जो हाइड्रोकार्बन है ही नहीं। D गलत है क्योंकि O = C = O कार्बन डाइऑक्साइड है, जिसमें दो कार्बन-ऑक्सीजन द्विबंध हैं और कोई कार्बन-कार्बन बंध नहीं है। परीक्षा टिप: एकल बंध ऐल्केन, द्विबंध ऐल्कीन, त्रिबंध ऐल्काइन।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 16 April 2023आसान

समान ताप और दाब पर मापे जाने पर सभी गैसों के समान आयतन में कणों की संख्या समान होती है। यह नियम किसने दिया?

  1. A.चार्ल्स
  2. B.बॉयल
  3. C.एवोगाद्रो
  4. D.लुसाक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एवोगाद्रो

व्याख्या

सही उत्तर है C, एवोगाद्रो। प्रश्न में दिया गया कथन एवोगाद्रो का नियम है, जिसे इतालवी वैज्ञानिक अमेडियो एवोगाद्रो ने 1811 में दिया था। इसके अनुसार समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए गैस का आयतन उसमें उपस्थित मोलों की संख्या के समानुपाती होता है। इसी कारण मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल 22.4 लीटर आयतन घेरता है, और एक मोल में कणों की संख्या, लगभग 6.022 गुणा 10 की घात 23, को उनके नाम पर एवोगाद्रो संख्या कहा जाता है। A गलत है क्योंकि चार्ल्स का नियम स्थिर दाब पर गैस के आयतन को उसके ताप से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि बॉयल का नियम कहता है कि स्थिर ताप पर आयतन दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है। D गलत है क्योंकि गे-लुसाक ने संयोजी आयतनों का नियम तथा दाब और ताप का नियम दिया था। परीक्षा टिप: एवोगाद्रो आयतन को अणुओं की संख्या से, बॉयल दाब से और चार्ल्स ताप से जोड़ता है।

Q3.सामान्य विज्ञानमध्यम

जल की अस्थायी कठोरता किस प्रकार दूर की जा सकती है?

  1. A.जल को उबालकर
  2. B.साधारण नमक मिलाकर
  3. C.कपड़े से छानकर
  4. D.सिरका मिलाकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जल को उबालकर

व्याख्या

सही उत्तर A, जल को उबालकर है। अस्थायी कठोरता कैल्शियम और मैग्नीशियम के घुले बाइकार्बोनेट से होती है। उबालने पर ये बाइकार्बोनेट टूटकर अघुलनशील कार्बोनेट बन जाते हैं, जो केतली में दिखने वाली पपड़ी के रूप में बैठ जाते हैं, इसलिए बचा हुआ जल मृदु हो जाता है। स्थायी कठोरता, जो इन्हीं धातुओं के सल्फेट और क्लोराइड से होती है, इस प्रकार दूर नहीं होती और उसके लिए धोने का सोडा या आयन विनिमय रेजिन चाहिए।

विकल्प B गलत है क्योंकि साधारण नमक कठोरता दूर नहीं करता; वह तो जल मृदुकारक में रेजिन को पुनर्जीवित करने में काम आता है, जो अलग चरण है। विकल्प C गलत है क्योंकि छानने से निलंबित मैल निकलता है, घुले लवण नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि सिरका मिलाने से जल केवल अम्लीय होता है और कैल्शियम तथा मैग्नीशियम विलयन में बने रहते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Aug 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग पौधों में गैसों के विनिमय में सहायक होता है?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.केंद्रक
  3. C.रंध्र
  4. D.रक्षक कोशिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, रंध्र। रंध्र पत्ती की सतह पर बने सूक्ष्म छिद्र हैं, जिनसे पौधा कार्बन डाइऑक्साइड लेता है और ऑक्सीजन तथा जलवाष्प बाहर निकालता है, इसलिए गैसों का विनिमय इन्हीं से होता है। प्रत्येक रंध्र के दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो रक्षक कोशिकाएँ होती हैं, जो फूलकर छिद्र खोलती हैं और सिकुड़कर उसे बंद कर देती हैं; इसी तरह पौधा जल की हानि पर नियंत्रण रखता है। अधिकांश रंध्र पत्ती की निचली सतह पर होते हैं, जिससे सीधी धूप में जल कम उड़ता है। वाष्पोत्सर्जन भी मुख्य रूप से इन्हीं छिद्रों से होता है। A गलत है क्योंकि कोशिका झिल्ली एक कोशिका में पदार्थों के आने-जाने को नियंत्रित करती है, पूरे पौधे का गैस विनिमय नहीं। B गलत है क्योंकि केंद्रक आनुवंशिक पदार्थ रखता है और कोशिका की क्रियाओं का निर्देशन करता है। D गलत है क्योंकि रक्षक कोशिकाएँ केवल छिद्र को खोलती और बंद करती हैं, विनिमय रंध्र के छिद्र से ही होता है। परीक्षा टिप: गैस विनिमय और वाष्पोत्सर्जन रंध्र से होता है, खोलना और बंद करना रक्षक कोशिकाएँ करती हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानकठिन

तने की मोटाई में वृद्धि किस विभज्योतक से होती है?

  1. A.शीर्षस्थ विभज्योतक
  2. B.अंतर्वेशी विभज्योतक
  3. C.पार्श्व विभज्योतक
  4. D.स्थायी ऊतक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पार्श्व विभज्योतक

व्याख्या

सही उत्तर C, पार्श्व विभज्योतक है। पार्श्व विभज्योतक, जिसे एधा कहते हैं, तने और जड़ की लंबाई में वलय के रूप में फैला रहता है और विभाजित होकर भीतर की ओर नया जाइलम तथा बाहर की ओर नया फ्लोएम जोड़ता है, जिससे तना वर्ष दर वर्ष मोटा होता जाता है; यही द्वितीयक वृद्धि है और इसी से वृक्ष की काष्ठ बनती है। विकल्प A गलत है क्योंकि शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ और प्ररोह के शीर्ष पर रहकर लंबाई बढ़ाता है, जो प्राथमिक वृद्धि है। विकल्प B गलत है क्योंकि अंतर्वेशी विभज्योतक पत्तियों के आधार और पर्वों पर होता है और घास तथा बांस को कटने के बाद पुनः उगने देता है, जिससे भी लंबाई ही बढ़ती है। विकल्प D गलत है क्योंकि स्थायी ऊतक की कोशिकाएं विभाजन की क्षमता खो चुकी होती हैं। तीनों विभज्योतक एक समूह में याद रखें।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022आसान

निम्नलिखित में से हाइड्रोजन गैस का रंग कौन-सा है?

  1. A.हल्का पीला
  2. B.नारंगी
  3. C.काला
  4. D.रंगहीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. रंगहीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, रंगहीन। हाइड्रोजन एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस है, इसलिए दिए गए किसी भी रंग से उसका मेल नहीं बैठता। यह सबसे हल्का तत्व है, जिसमें एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन होता है, और यह ब्रह्मांड में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है, जबकि पृथ्वी पर यह अधिकतर जल तथा कार्बनिक यौगिकों में संयुक्त रूप में मिलता है। हाइड्रोजन द्विपरमाणुक अणु H2 के रूप में रहती है, वायु में हल्की नीली ज्वाला के साथ जलती है और केवल जल बनाती है, इसी कारण इसे स्वच्छ ईंधन के रूप में देखा जाता है। इसका उपयोग हेबर विधि से अमोनिया बनाने तथा वनस्पति तेलों को वनस्पति घी में बदलने में होता है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन का कोई सामान्य रूप पीला नहीं होता। B गलत है क्योंकि नारंगी रंग सोडियम वाष्प लैंप में दिखता है, हाइड्रोजन में नहीं। C गलत है क्योंकि यहाँ दी गई कोई गैस काली नहीं है; कार्बन का काजल रूप काला होता है, पर वह ठोस है। परीक्षा टिप: हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन तीनों रंगहीन तथा गंधहीन गैसें हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 20 Sept 2022, Shift 1मध्यम

आण्विक सूत्र C3H4 वाला यौगिक किस समजातीय श्रेणी से संबंधित है?

  1. A.केवल ऐल्कीन
  2. B.केवल ऐल्काइन
  3. C.केवल ऐल्केन
  4. D.ऐल्कोहॉल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल ऐल्काइन

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल ऐल्काइन। ऐल्काइन के सामान्य सूत्र CnH2n-2 में n = 3 रखने पर C3H4 मिलता है, जो प्रोपाइन है और ऐल्काइन श्रेणी का दूसरा सदस्य है। ऐल्काइन में एक कार्बन-कार्बन त्रिबंध होता है और यही त्रिबंध उतने ही कार्बन वाले ऐल्केन की तुलना में अणु से चार हाइड्रोजन परमाणु घटा देता है, इसलिए प्रोपेन C3H8 से प्रोपाइन C3H4 बनता है। त्रिबंध के कारण ऐल्काइन अत्यधिक असंतृप्त होते हैं और हाइड्रोजन तथा हैलोजन को आसानी से जोड़ लेते हैं; इसका पहला सदस्य एथाइन यानी एसिटिलीन ऑक्सी-एसिटिलीन वेल्डिंग की बहुत गर्म लौ देता है। A गलत है क्योंकि तीन कार्बन वाला ऐल्कीन CnH2n के अनुसार C3H6 यानी प्रोपीन होगा। C गलत है क्योंकि तीन कार्बन वाला ऐल्केन CnH2n+2 के अनुसार C3H8 यानी प्रोपेन होगा। D गलत है क्योंकि ऐल्कोहॉल में हाइड्रॉक्सिल समूह होता है और तीन कार्बन वाला ऐल्कोहॉल C3H7OH लिखा जाता है, जिसमें ऑक्सीजन भी है। परीक्षा टिप: समान कार्बन संख्या पर हर अतिरिक्त बंध दो हाइड्रोजन घटाता है - C3H8, C3H6, C3H4।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 2मध्यम

तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास और भार किस प्रकार गति करते हैं?

  1. A.विपरीत दिशा में
  2. B.एक ही दिशा में
  3. C.लंबवत दिशा में
  4. D.भार के अनुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक ही दिशा में

व्याख्या

सही उत्तर है B, एक ही दिशा में। तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आलंब एक सिरे पर होता है, आयास बीच में लगाया जाता है और भार दूसरे सिरे पर होता है। चूँकि आयास और भार दोनों आलंब के एक ही ओर पड़ते हैं, छड़ एक ही ओर घूमती है और दोनों एक ही दिशा में गति करते हैं। इसमें आयास भुजा भार भुजा से छोटी होती है, इसलिए यांत्रिक लाभ एक से कम रहता है और भार से अधिक बल लगाना पड़ता है; ऐसे उत्तोलक से गति और गति का बड़ा विस्तार मिलता है। मनुष्य की अग्रबाहु, चीनी उठाने वाला चिमटा, मछली पकड़ने की छड़ और स्टेपलर इसी प्रकार काम करते हैं। A गलत है क्योंकि आयास और भार विपरीत दिशा में प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में चलते हैं, जिसमें आलंब दोनों के बीच होता है, जैसे सी-सॉ या कैंची। C गलत है क्योंकि उत्तोलक एक स्थिर बिंदु पर घूमता है और उसके दोनों सिरे कभी एक-दूसरे के समकोण पर नहीं चलते। D गलत है क्योंकि भार का मान लगने वाले बल को बदलता है, गति की दिशा को नहीं। परीक्षा टिप: प्रथम श्रेणी में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में और तृतीय में आयास बीच में।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

द्रवित पेट्रोलियम गैस में रिसाव की पहचान के लिए कौन सी गैस मिलाई जाती है?

  1. A.कार्बन मोनोऑक्साइड
  2. B.एथिल मरकैप्टन
  3. C.नाइट्रस ऑक्साइड
  4. D.क्लोरीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एथिल मरकैप्टन

व्याख्या

सही उत्तर B, एथिल मरकैप्टन है। द्रवित पेट्रोलियम गैस ब्यूटेन और प्रोपेन का मिश्रण है और स्वयं लगभग गंधहीन है, इसलिए रिसाव बिना पता चले पूरे कमरे में भर सकता है। इसी कारण उसमें तीव्र अप्रिय गंध वाला सल्फर यौगिक एथिल मरकैप्टन थोड़ी मात्रा में गंधकारक के रूप में मिलाया जाता है, और लोग उसी गंध को रसोई गैस की गंध मानते हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड गंधहीन और अत्यंत विषैली है, इसलिए चेतावनी देने वाले पदार्थ के रूप में वह बेकार और खतरनाक होगी। विकल्प C गलत है क्योंकि नाइट्रस ऑक्साइड हंसाने वाली गैस है, जो निश्चेतक के रूप में काम आती है और उसकी गंध हल्की मीठी होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि क्लोरीन संक्षारक हरी पीली गैस है जो जल शुद्ध करने में काम आती है और सिलेंडर तथा बर्नर को खा जाएगी।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

1 मीटर लंबे दोलक (पेंडुलम) का आवर्तकाल लगभग कितना होता है?

  1. A.6 s
  2. B.4 s
  3. C.2 s
  4. D.1 s
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2 s

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 s। लगभग एक मीटर लंबा सरल दोलक एक पूरा दोलन करीब दो सेकंड में पूरा करता है, और इतनी लंबाई वाले दोलक को सेकंड दोलक कहा जाता है। सरल दोलक का आवर्तकाल T = 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल होता है, जहाँ L धागे की लंबाई है और g गुरुत्वीय त्वरण, जो लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है। L = 1 मीटर रखने पर T = 2 x 3.14 x एक बटा 9.8 का वर्गमूल आता है, जो लगभग 2.01 सेकंड है। आवर्तकाल केवल लंबाई और g पर निर्भर करता है, गोलक के द्रव्यमान या उसे कितना किनारे खींचा गया है इस पर नहीं, बशर्ते दोलन छोटा हो। A गलत है क्योंकि 6 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 9 मीटर लंबा चाहिए। B गलत है क्योंकि 4 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 4 मीटर लंबा चाहिए। D गलत है क्योंकि 1 सेकंड का आवर्तकाल केवल लगभग 25 सेंटीमीटर के धागे का होता है। परीक्षा टिप: लंबाई चार गुनी होने पर ही आवर्तकाल दोगुना होता है।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 4 Sep 2022मध्यम

जब किसी जंतु कोशिका को उससे कम जल सांद्रता वाले माध्यम से घेर दिया जाता है, तो क्या परिणाम होगा?

  1. A.कोशिका जल खोएगी
  2. B.जल की गति में कोई परिवर्तन नहीं होगा
  3. C.कोशिका जल ग्रहण करेगी
  4. D.कोशिका फूल जाएगी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कोशिका जल खोएगी

व्याख्या

सही उत्तर है A, कोशिका जल खोएगी। जिस माध्यम में कोशिका से कम जल होता है वह अतिपरासरी यानी हाइपरटोनिक माध्यम होता है, इसलिए परासरण द्वारा जल कोशिका से बाहर निकलता है और कोशिका सिकुड़ जाती है। परासरण में जल अर्धपारगम्य झिल्ली से होकर अधिक जल सांद्रता वाली ओर से कम जल सांद्रता वाली ओर जाता है। जंतु कोशिका में इस जल हानि से कोशिका मुरझा जाती है, और पादप कोशिका में इसी से मिलते परिवर्तन को जीवद्रव्यकुंचन कहा जाता है, जिसमें जीवद्रव्य कोशिका भित्ति से अलग हट जाता है। अल्पपरासरी यानी हाइपोटोनिक माध्यम में उलटा होता है और कोशिका फूल जाती है, इसी कारण शुद्ध जल में लाल रक्त कोशिकाएँ फट जाती हैं, जबकि समपरासरी माध्यम में जल की कोई शुद्ध गति नहीं होती। B गलत है क्योंकि दोनों ओर की सांद्रता भिन्न होने पर जल की गति होती ही है। C और D गलत हैं क्योंकि जल ग्रहण करना और फूलना अल्पपरासरी माध्यम में होता है, अतिपरासरी में नहीं। परीक्षा टिप: अतिपरासरी का अर्थ जल बाहर और सिकुड़न, अल्पपरासरी का अर्थ जल भीतर और फुलाव।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25th March 2022आसान

टेफ्लॉन का उपयोग बेयरिंग बनाने में किया जाता है, क्योंकि इसका

  1. A.घर्षण गुणांक कम होता है
  2. B.ऊष्मा अपवहन बेहतर होता है
  3. C.कम स्थान लगता है
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. घर्षण गुणांक कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, घर्षण गुणांक कम होता है। टेफ्लॉन पॉलिटेट्राफ्लोरोएथिलीन का व्यापारिक नाम है, और इसकी सतह ठोस पदार्थों में सबसे अधिक चिकनी सतहों में से एक है, जिसका घर्षण गुणांक लगभग 0.04 होता है। बेयरिंग का काम है कि शाफ्ट कम से कम रगड़ के साथ घूमे, इसलिए यही चिकनाई टेफ्लॉन को चुनने का कारण है; इसी गुण से ऐसे कई बेयरिंग तेल या ग्रीस के बिना भी चल जाते हैं। यह बहुलक 1938 में रॉय प्लंकेट को संयोग से मिला था, लगभग हर रसायन के प्रति निष्क्रिय रहता है और करीब 260 डिग्री सेल्सियस तक टिकता है, इसीलिए इसे नॉन-स्टिक बर्तनों पर चढ़ाया जाता है और पाइप के चूड़ों पर सीलिंग टेप के रूप में लपेटा जाता है। B गलत है क्योंकि टेफ्लॉन ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसे ऊष्मा बाहर निकालने के लिए नहीं चुना जाता। C गलत है क्योंकि स्थान की बचत बेयरिंग के डिज़ाइन पर निर्भर करती है, पदार्थ पर नहीं। D गलत है क्योंकि केवल पहला कारण ही सही है। परीक्षा टिप: टेफ्लॉन यानी PTFE, सबसे कम घर्षण वाला नॉन-स्टिक बहुलक।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Dec, 2025, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन ऐल्काइन समूह से संबंधित है?

  1. A.C3H4
  2. B.C2H4
  3. C.C3H8
  4. D.C6H6
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. C3H4

व्याख्या

सही उत्तर है A, C3H4। C3H4 प्रोपाइन है और n = 3 रखने पर यह ऐल्काइन के सामान्य सूत्र CnH2n-2 पर खरा उतरता है। ऐल्काइन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें कम से कम एक कार्बन-कार्बन त्रिबंध होता है, और इस परिवार का पहला सदस्य एथाइन C2H2 है, जिसे एसिटिलीन कहते हैं और जिसे वेल्डिंग टॉर्च में ऑक्सीजन के साथ जलाया जाता है। त्रिबंध इलेक्ट्रॉन से भरपूर होता है, इसलिए ऐल्काइन हाइड्रोजन, हैलोजन और हाइड्रोजन हैलाइड आसानी से जोड़ लेते हैं तथा बहुत गर्म किंतु कालिख वाली लौ के साथ जलते हैं, क्योंकि इनमें कार्बन का अनुपात अधिक होता है। B गलत है क्योंकि C2H4 एथीन है, जो द्विबंध वाला ऐल्कीन है और CnH2n सूत्र का पालन करता है। C गलत है क्योंकि C3H8 प्रोपेन है, जो CnH2n+2 वाला संतृप्त ऐल्केन है। D गलत है क्योंकि C6H6 बेंजीन है, जो एकांतर द्विबंध वाला ऐरोमैटिक वलय यौगिक है, खुली शृंखला वाला ऐल्काइन नहीं। परीक्षा टिप: तीन कार्बन पर प्रोपेन C3H8, प्रोपीन C3H6 और प्रोपाइन C3H4 है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 15 Oct 2018, Shift 2मध्यम

CaCl2 का सूत्र इकाई द्रव्यमान कितना है?

  1. A.105 u
  2. B.111 u
  3. C.121 u
  4. D.100 u
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 111 u

व्याख्या

सही उत्तर है B, 111 u। कैल्शियम क्लोराइड आयनिक यौगिक है, इसलिए इसका आण्विक द्रव्यमान नहीं बल्कि सूत्र इकाई द्रव्यमान निकाला जाता है, और यह सूत्र में आए सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमान जोड़कर मिलता है। कैल्शियम का परमाणु द्रव्यमान 40 u और क्लोरीन का 35.5 u है, तथा सूत्र में दो क्लोरीन परमाणु हैं, इसलिए योग 40 जमा 2 गुणा 35.5 यानी 40 जमा 71 होकर 111 u बनता है। क्लोरीन में आधी इकाई उसके दो समस्थानिकों क्लोरीन-35 और क्लोरीन-37 के कारण आती है, जो लगभग तीन और एक के अनुपात में मिले रहते हैं, और यही 0.5 भूल जाना इस सवाल की आम गलती है। A गलत है क्योंकि 105 u तब आता जब क्लोरीन को 32.5 u मान लिया जाए। C गलत है क्योंकि 121 u के लिए क्लोरीन 40.5 u होना चाहिए। D गलत है क्योंकि 100 u क्लोरीन को घटाकर 30 u मानने से मिलता है। परीक्षा टिप: Ca = 40 u, Cl = 35.5 u, इसलिए CaCl2 = 111 u और NaCl = 58.5 u।

Q15.सामान्य विज्ञानकठिन

सिंदूर नाम से प्रचलित यौगिक का रासायनिक नाम निम्नलिखित में से कौन है?

  1. A.लेड ऑक्साइड
  2. B.मरक्यूरिक सल्फाइड
  3. C.जिंक ऑक्साइड
  4. D.फेरिक ऑक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मरक्यूरिक सल्फाइड

व्याख्या

सही उत्तर B, मरक्यूरिक सल्फाइड है, जिसका सूत्र HgS है। मरक्यूरिक सल्फाइड का प्राकृतिक खनिज रूप सिनेबार है, जो पारे का प्रमुख अयस्क है, और उसका चमकीला लाल चूर्ण शताब्दियों से सिंदूर या वर्मिलियन रंजक के रूप में प्रयुक्त होता रहा है। पारे के यौगिक विषैले होने के कारण आजकल सिंदूर सामान्यतः सुरक्षित संश्लेषित रंगों से बनाया जाता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि लेड ऑक्साइड में सिंदूरी रंग का रेड लेड और लिथार्ज आते हैं, पर इनमें से किसी को वर्मिलियन नहीं कहा जाता। विकल्प C गलत है क्योंकि जिंक ऑक्साइड वह सफेद रंजक है जिसे चाइनीज व्हाइट या फिलॉसफर्स वूल कहते हैं और वह मरहम तथा धूप अवरोधक क्रीम में काम आता है। विकल्प D गलत है क्योंकि फेरिक ऑक्साइड हेमेटाइट तथा जंग का लाल भूरा रंजक है, जो वर्मिलियन से भिन्न लाल है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्प एकलिंगी है?

  1. A.पपीता
  2. B.सूरजमुखी
  3. C.गुड़हल
  4. D.सरसों
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है A, पपीता। एकलिंगी पुष्प में केवल एक ही प्रकार के जननांग होते हैं, या तो पुंकेसर या स्त्रीकेसर, जबकि द्विलिंगी पुष्प में दोनों होते हैं। पपीता द्विप्रजायी पौधा है: नर और मादा पुष्प अलग-अलग पौधों पर लगते हैं, इसलिए फल बनने के लिए पराग को नर पेड़ से मादा पेड़ तक पहुंचना पड़ता है। यही कारण है कि पपीते के बाग में कुछ नर पेड़ जानबूझकर रखे जाते हैं। मक्का, खीरा, तरबूज और नारियल भी एकलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं, जिनमें दोनों प्रकार के पुष्प एक ही पौधे पर होते हैं और ऐसे पौधे को उभयलिंगाश्रयी कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूरजमुखी के पुष्पक्रम के चक्रिका पुष्पक द्विलिंगी होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुड़हल का पुष्प सामान्य द्विलिंगी पुष्प है, जिसमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों रहते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों के पुष्प भी द्विलिंगी होते हैं। परीक्षा टिप: एकलिंगी में पपीता, मक्का, खीरा और तरबूज आते हैं; गुड़हल, सरसों, गुलाब तथा मटर द्विलिंगी हैं।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

प्रोकैरियोटिक जीवों में केंद्रक क्षेत्र झिल्ली से घिरा नहीं होता। इस अपरिभाषित केंद्रक क्षेत्र को क्या कहा जाता है?

  1. A.न्यूक्लिक अम्ल
  2. B.न्यूक्लिऑयड
  3. C.न्यूक्लिओलस
  4. D.न्यूक्लिओसोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. न्यूक्लिऑयड

व्याख्या

सही उत्तर है B, न्यूक्लिऑयड। प्रोकैरियोटिक कोशिका में आनुवंशिक पदार्थ कोशिकाद्रव्य में खुला पड़ा रहता है और उसके चारों ओर कोई केंद्रक झिल्ली नहीं होती, इस अस्पष्ट केंद्रक क्षेत्र को न्यूक्लिऑयड कहते हैं। बैक्टीरिया और नीले-हरे शैवाल प्रोकैरियोट हैं, और सच्चे केंद्रक के अभाव के साथ-साथ उनमें माइटोकॉन्ड्रिया, लवक या अंतर्द्रव्यी जालिका जैसे झिल्लीयुक्त कोशिकांग भी नहीं होते; उनके राइबोसोम 70S प्रकार के होते हैं और कोशिका भित्ति में पेप्टिडोग्लाइकेन रहता है। कवक, पादप तथा जंतु जैसे यूकैरियोट अपने डीएनए को केंद्रक आवरण नामक दोहरी झिल्ली के भीतर रखते हैं। A गलत है क्योंकि न्यूक्लिक अम्ल डीएनए और आरएनए का रासायनिक नाम है, कोशिका के किसी क्षेत्र का नहीं। C गलत है क्योंकि न्यूक्लिओलस सच्चे केंद्रक के भीतर का घना पिंड है जहाँ राइबोसोम जोड़े जाते हैं। D गलत है क्योंकि न्यूक्लिओसोम हिस्टोन प्रोटीन पर लिपटे डीएनए का मनका है, जो यूकैरियोट में मिलता है। परीक्षा टिप: प्रोकैरियोट का अर्थ न्यूक्लिऑयड और झिल्लीयुक्त कोशिकांगों का अभाव।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sept 2022, Shift 2मध्यम

ऐल्कीन श्रेणी के दूसरे सदस्य का आण्विक सूत्र क्या है?

  1. A.C6H12
  2. B.C2H4
  3. C.C4H8
  4. D.C3H6
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. C3H6

व्याख्या

सही उत्तर है D, C3H6। ऐल्कीन श्रेणी दो कार्बन परमाणुओं से शुरू होती है, इसलिए इसका पहला सदस्य एथीन C2H4 है और दूसरा सदस्य प्रोपीन C3H6 है। ऐल्कीन का सामान्य सूत्र CnH2n है और इनमें कम से कम एक कार्बन-कार्बन द्विबंध होना आवश्यक है, इसी कारण यह श्रेणी एक कार्बन से शुरू नहीं हो सकती: अकेले कार्बन के पास द्विबंध बनाने के लिए दूसरा कार्बन होता ही नहीं। हर सदस्य अपने पिछले सदस्य से एक CH2 इकाई भर अलग होता है, जो समजातीय श्रेणी की पहचान है, इसलिए सभी सदस्यों के रासायनिक गुण एक जैसे रहते हैं जबकि शृंखला लंबी होने पर क्वथनांक बढ़ता जाता है। A गलत है क्योंकि C6H12 हेक्सीन है, जो इस श्रेणी का पाँचवाँ सदस्य है। B गलत है क्योंकि C2H4 एथीन है, जो पहला सदस्य है, दूसरा नहीं। C गलत है क्योंकि C4H8 ब्यूटीन है, जो तीसरा सदस्य है। परीक्षा टिप: ऐल्कीन क्रम C2H4, C3H6, C4H8, C5H10 है, इसलिए nवें सदस्य में n+1 कार्बन परमाणु होते हैं।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 10th Jan 2023आसान

निम्नलिखित में से कौन कैल्शियम कार्बोनेट का रूप नहीं है?

  1. A.चूना पत्थर
  2. B.खड़िया
  3. C.संगमरमर
  4. D.बिना बुझा चूना
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बिना बुझा चूना

व्याख्या

सही उत्तर है D, बिना बुझा चूना। बिना बुझा चूना कैल्शियम ऑक्साइड यानी CaO है, कैल्शियम कार्बोनेट नहीं, इसलिए यही इस समूह से अलग पड़ता है। चूना पत्थर, खड़िया और संगमरमर सभी कैल्शियम कार्बोनेट यानी CaCO3 के प्राकृतिक रूप हैं और इनमें अंतर केवल बनने की प्रक्रिया तथा कठोरता का है। बिना बुझा चूना चूना पत्थर को तेज गर्म करके बनाया जाता है, इस क्रिया को निस्तापन कहते हैं, जिसमें कैल्शियम कार्बोनेट टूटकर कैल्शियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड देता है। बिना बुझे चूने में पानी डालने पर बहुत ऊष्मा निकलती है और बुझा चूना यानी कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड बनता है, जिससे दीवारों पर सफेदी की जाती है। A गलत है क्योंकि चूना पत्थर कैल्शियम कार्बोनेट का सामान्य अवसादी शैल रूप है और सीमेंट का कच्चा माल है। B गलत है क्योंकि खड़िया उसी यौगिक का मुलायम चूर्णी रूप है। C गलत है क्योंकि संगमरमर उसका कठोर क्रिस्टलीय रूप है, जिसका उपयोग ताजमहल जैसी इमारतों में हुआ। परीक्षा टिप: चूना पत्थर गर्म करने पर बिना बुझा चूना और उसमें पानी मिलाने पर बुझा चूना बनता है।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 2 Sept 2022, Shift 1आसान

साइक्लोहेक्सेन का सूत्र क्या है?

  1. A.C6H12
  2. B.C6H14
  3. C.C6H6
  4. D.C6H10
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. C6H12

व्याख्या

सही उत्तर है A, C6H12। साइक्लोहेक्सेन छह कार्बन परमाणुओं का बंद वलय है जिनमें एकल बंध होते हैं, और हर कार्बन पर दो हाइड्रोजन परमाणु रहते हैं, जिससे सूत्र C6H12 बनता है। खुली शृंखला को वलय में बदलने पर अणु से दो हाइड्रोजन परमाणु घट जाते हैं, इसलिए साइक्लोऐल्केन का सामान्य सूत्र CnH2n होता है - वही सूत्र जो ऐल्कीन का है, जबकि साइक्लोऐल्केन पूरी तरह संतृप्त होता है। यह वलय समतल नहीं होता; यह मुड़ी हुई कुर्सी जैसी आकृति लेता है जिससे बंध कोण लगभग 109.5 अंश बने रहते हैं और साइक्लोहेक्सेन असामान्य रूप से स्थायी हो जाता है। यह रंगहीन द्रव है जो विलायक के रूप में और नायलॉन बनाने में काम आता है। B गलत है क्योंकि C6H14 हेक्सेन है, छह कार्बन वाला खुली शृंखला का ऐल्केन। C गलत है क्योंकि C6H6 बेंजीन है, एकांतर द्विबंध वाला ऐरोमैटिक वलय। D गलत है क्योंकि C6H10 साइक्लोहेक्सीन है, जिस वलय में एक द्विबंध होता है। परीक्षा टिप: साइक्लोऐल्केन CnH2n - साइक्लोप्रोपेन C3H6, साइक्लोब्यूटेन C4H8, साइक्लोहेक्सेन C6H12।

सभी क्विज देखें