निम्नलिखित में से कौन तरल संयोजी ऊतक है?
- A.उपास्थि
- B.रुधिर
- C.उपकला
- D.तंत्रिका ऊतक
सही उत्तर
B. रुधिर
व्याख्या
सही उत्तर B, रुधिर है। रुधिर को संयोजी ऊतक इसलिए माना जाता है कि उसकी कोशिकाएं एक आधात्री में पड़ी रहती हैं, और वह आधात्री अर्थात प्लाज्मा तरल होने के कारण उसे तरल संयोजी ऊतक कहा जाता है; लाल कणिकाएं, श्वेत कणिकाएं और बिंबाणु उसी में तैरते हैं और वह गैसों, भोजन, अपशिष्टों तथा हार्मोनों को ढोकर अंगों को आपस में जोड़ता है। विकल्प A गलत है क्योंकि उपास्थि संयोजी ऊतक तो है, पर उसकी आधात्री ठोस और लचीली होती है, तरल नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि उपकला आवरण और आस्तर बनाने वाला ऊतक है जिसकी कोशिकाएं सटी हुई होती हैं और बीच में आधात्री नाममात्र होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि तंत्रिका ऊतक न्यूरॉन से बना चार प्रमुख जंतु ऊतकों में अलग प्रकार है। लसीका दूसरा तरल संयोजी ऊतक है।
पूरा लेख पढ़ें: कोशिका और ऊतक: कोशिकांग, पादप एवं जंतु ऊतक
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकॉर्क की फांक का अध्ययन करते हुए 1665 में कोशिका की खोज किसने की थी?
- A.रॉबर्ट ब्राउन
- B.रॉबर्ट हुक
- C.थियोडोर श्वान
- D.एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रॉबर्ट हुक
व्याख्या
सही उत्तर B, रॉबर्ट हुक है। उन्होंने 1665 में कॉर्क की पतली फांक काटकर अपने बनाए सूक्ष्मदर्शी से देखी और खाली कोठरियों जैसी रचनाएं पाईं, जिन्हें मठ की कोठरियों के नाम पर कोशिका कहा; इसका चित्र और वर्णन उनकी पुस्तक माइक्रोग्राफिया में छपा। विकल्प A गलत है क्योंकि रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में केंद्रक की खोज की, जो डेढ़ शताब्दी बाद की घटना है। विकल्प C गलत है क्योंकि थियोडोर श्वान ने मैथियास श्लाइडेन के साथ कोशिका सिद्धांत दिया, कोशिका की खोज नहीं की। विकल्प D गलत है क्योंकि एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक ने सबसे पहले जीवित कोशिकाएं, जैसे जीवाणु और प्रोटोजोआ, देखीं, पर हुक का प्रेक्षण पहले हुआ और उसी से इस रचना को नाम मिला। ध्यान रहे कि हुक ने वास्तव में मृत कोशिका भित्तियां ही देखी थीं, क्योंकि कॉर्क मृत ऊतक है।
किन कोशिकांगों का अपना डीएनए और अपने राइबोसोम होते हैं?
- A.गॉल्जीकाय और अंतर्द्रव्यी जालिका
- B.माइटोकॉन्ड्रिया और लवक
- C.लाइसोसोम और गॉल्जीकाय
- D.रिक्तिका और लवक
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सही उत्तर: B. माइटोकॉन्ड्रिया और लवक
व्याख्या
सही उत्तर B, माइटोकॉन्ड्रिया और लवक है। दोनों में अपना छोटा वृत्ताकार डीएनए और अपने 70S राइबोसोम होते हैं, इसलिए वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बनाते हैं और कोशिका से स्वतंत्र रूप से विभाजित होते हैं; इसी अर्ध स्वायत्त स्वभाव के कारण माना जाता है कि ये कभी स्वतंत्र जीवाणु थे। विकल्प A गलत है क्योंकि गॉल्जीकाय और अंतर्द्रव्यी जालिका झिल्लीदार तंत्र हैं जो पदार्थों का रूपांतरण और परिवहन करते हैं और उनमें अपना आनुवंशिक पदार्थ नहीं होता; खुरदरी जालिका पर केवल राइबोसोम चिपके रहते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि लाइसोसोम पाचक एंजाइमों की थैली मात्र है। विकल्प D गलत है क्योंकि रिक्तिका टोनोप्लास्ट से घिरी भंडारण थैली है और उसमें डीएनए नहीं होता, यद्यपि इसी विकल्प का दूसरा भाग, लवक, सही है। इस जोड़ी को कोशिका के दो अर्ध स्वायत्त ऊर्जा कोशिकांगों के रूप में याद रखें, क्योंकि प्रश्न प्रायः इसी रूप में पूछा जाता है।
किस कोशिकांग को कोशिका की आत्मघाती थैली कहा जाता है?
- A.राइबोसोम
- B.लाइसोसोम
- C.तारककाय
- D.रिक्तिका
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लाइसोसोम
व्याख्या
सही उत्तर B, लाइसोसोम है। लाइसोसोम झिल्ली से घिरी ऐसी थैली है जिसमें शक्तिशाली पाचक एंजाइम भरे रहते हैं और जो जीर्ण कोशिकांगों तथा भीतर आए बाहरी कणों को पचा देती है; कोशिका के क्षतिग्रस्त या भूखा रहने पर ये थैलियां फट जाती हैं और वही एंजाइम कोशिका को ही पचा डालते हैं, इसीलिए इसे आत्मघाती थैली कहते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का स्थल है और प्रोटीन की फैक्टरी कहलाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि जंतु कोशिका का तारककाय कोशिका विभाजन के समय तर्कु तंतु बनाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि रिक्तिका जल, रस और अपशिष्ट संचित करती है तथा पादप कोशिका की स्फीति बनाए रखती है, जो भंडारण का कार्य है। दो और उपनाम इसी के साथ पूछे जाते हैं: माइटोकॉन्ड्रिया ऊर्जा गृह और गॉल्जीकाय पैकेजिंग इकाई।
यह कोशिका सिद्धांत कि सभी पौधे और जंतु कोशिकाओं से बने हैं, किसने दिया था?
- A.श्लाइडेन और श्वान
- B.हुक और ब्राउन
- C.डार्विन और मेंडल
- D.वॉटसन और क्रिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. श्लाइडेन और श्वान
व्याख्या
सही उत्तर A, श्लाइडेन और श्वान है। वनस्पति वैज्ञानिक मैथियास श्लाइडेन इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि सभी पौधे कोशिकाओं से बने हैं और प्राणि वैज्ञानिक थियोडोर श्वान ने यही बात जंतुओं के लिए कही; दोनों का संयुक्त कथन कोशिका सिद्धांत कहलाया। विकल्प B गलत है क्योंकि रॉबर्ट हुक ने केवल कोशिका खोजी और नाम दिया तथा रॉबर्ट ब्राउन ने केंद्रक खोजा, किसी ने सामान्य सिद्धांत नहीं दिया। विकल्प C गलत है क्योंकि चार्ल्स डार्विन प्राकृतिक चयन से और ग्रेगर मेंडल आनुवंशिकी से जुड़े हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने 1953 में डीएनए की द्विकुंडलिनी संरचना बताई थी। एक बात सिद्धांत को पूर्ण करती है और प्रायः प्रश्न का दूसरा भाग होती है: रुडोल्फ विरचो ने कहा कि प्रत्येक कोशिका पूर्व विद्यमान कोशिका से ही उत्पन्न होती है।
कौन सा ऊतक पेशी को अस्थि से जोड़ता है?
- A.स्नायु
- B.उपास्थि
- C.कंडरा
- D.रिक्तिकामय ऊतक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कंडरा
व्याख्या
सही उत्तर C, कंडरा है। कंडरा सघन श्वेत तंतुमय संयोजी ऊतक की बनी होती है, जिसकी तन्य सामर्थ्य बहुत अधिक और प्रत्यास्थता नगण्य है, इसलिए पेशी के संकुचित होते ही पूरा खिंचाव अस्थि तक पहुंच जाता है और खिंचाव में व्यर्थ नहीं होता। विकल्प A गलत है क्योंकि स्नायु एक अस्थि को संधि पर दूसरी अस्थि से जोड़ता है; उसमें प्रत्यास्थ तंतु होते हैं और वह कुछ खिंचता है, और परीक्षक इसी जोड़ी को आपस में बदलते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि उपास्थि कोमल और लचीला सहारा देने वाला ऊतक है, जो अस्थियों के सिरों, नाक, कान और श्वास नली में मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि रिक्तिकामय ऊतक अंगों के बीच और त्वचा के नीचे स्थान भरता है तथा मरम्मत में सहायता करता है। शब्दों से ही जोड़ी याद रखें: कंडरा पेशी से अस्थि, स्नायु अस्थि से अस्थि।