सोडा अम्ल अग्निशामक में सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ निम्नलिखित में से किसका प्रयोग होता है?
- A.सोडियम क्लोराइड
- B.सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
- C.कैल्शियम ऑक्साइड
- D.पोटैशियम नाइट्रेट
सही उत्तर
B. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
व्याख्या
सही उत्तर B, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है। सोडा अम्ल अग्निशामक में सिलेंडर के भीतर सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट का विलयन रहता है और सल्फ्यूरिक अम्ल एक बंद कांच की नली में। घुंडी पर प्रहार करने से नली टूटती है, अम्ल बाइकार्बोनेट से मिलता है और बहुत अधिक कार्बन डाइऑक्साइड बनती है। यह गैस जल को नोजल से बाहर धकेलती है और आग पर चादर बनाकर ऑक्सीजन भी काट देती है।
विकल्प A गलत है क्योंकि सोडियम क्लोराइड सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया करके ऐसी कोई गैस नहीं देता जो आग बुझाए। विकल्प C गलत है क्योंकि कैल्शियम ऑक्साइड जल से क्रिया करके ऊष्मा देता है, जिससे स्थिति और बिगड़ जाएगी। विकल्प D गलत है क्योंकि पोटैशियम नाइट्रेट ऑक्सीकारक है जो बारूद में काम आता है और आग बुझाने के बजाय भड़काएगा।
यह भी याद रखें कि आजकल अधिक प्रयोग होने वाला शुष्क चूर्ण अग्निशामक सोडियम बाइकार्बोनेट का चूर्ण ही छोड़ता है।
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अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअधातुएं सामान्यतः विद्युत की कुचालक होती हैं। फिर भी ग्रेफाइट विद्युत का अच्छा चालक है क्योंकि उसमें
- A.मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं
- B.वह कार्बन का अपररूप है
- C.वह भंगुर है
- D.वह क्षारीय ऑक्साइड बनाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं
व्याख्या
सही उत्तर A, उसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं। ग्रेफाइट में हर कार्बन परमाणु केवल तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है और वे चपटी षट्कोणीय परतें बनाते हैं, इसलिए प्रत्येक परमाणु का चौथा संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध में प्रयुक्त नहीं होता और परत में स्वतंत्र रूप से चल सकता है। ये गतिशील इलेक्ट्रॉन धारा ले जाते हैं, इसीलिए ग्रेफाइट से इलेक्ट्रोड तथा विद्युत मोटर के ब्रश बनाए जाते हैं।
विकल्प B गलत है क्योंकि कार्बन का अपररूप होना अपने आप कुछ नहीं समझाता: हीरा भी कार्बन का अपररूप है और वह विद्युत का चालन नहीं करता, क्योंकि उसके चारों इलेक्ट्रॉन बंधों में बंधे रहते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि भंगुरता यांत्रिक गुण है और चालन से उसका संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्रेफाइट क्षारीय ऑक्साइड नहीं बनाता; कार्बन डाइऑक्साइड अम्लीय प्रकृति की है, और ऑक्साइड का स्वभाव विद्युत चालन से असंबंधित है।
आयोडीन परीक्षण किसकी उपस्थिति जांचने के लिए प्रयोग किया जाता है?
- A.कोलेस्ट्रॉल
- B.वसा
- C.प्रोटीन
- D.कार्बोहाइड्रेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कार्बोहाइड्रेट
व्याख्या
सही उत्तर D, कार्बोहाइड्रेट है। आयोडीन का तनु विलयन स्टार्च के साथ गहरा नीला काला रंग देता है, और स्टार्च बहुशर्करा अर्थात कार्बोहाइड्रेट है। यह रंग इसलिए आता है कि आयोडीन के अणु स्टार्च की कुंडलित एमाइलोज शृंखलाओं में समा जाते हैं, और यह परीक्षण विद्यालय की प्रयोगशाला तथा खाद्य जांच में चावल, आलू और रोटी पर किया जाता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि कोलेस्ट्रॉल की जांच लीबरमान बुर्चार्ड या साल्कोवस्की अभिक्रिया से होती है, आयोडीन से नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि वसा की पहचान कागज पर पारभासी धब्बे की जांच या सूडान तीन अभिरंजन से होती है। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रोटीन की जांच ब्यूरेट परीक्षण से होती है, जो बैंगनी रंग देता है, या निनहाइड्रिन परीक्षण से। यह भी याद रखें कि गर्म करने पर यह नीला काला रंग गायब हो जाता है और ठंडा होने पर लौट आता है।
कौन सा मानव निर्मित रेशा लकड़ी की लुगदी से प्राप्त किया जाता है?
- A.नायलॉन
- B.रेयॉन
- C.रेशम
- D.पॉलिएस्टर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रेयॉन
व्याख्या
सही उत्तर B, रेयॉन है। रेयॉन लकड़ी की लुगदी के सेल्यूलोज को रसायन में घोलकर और उस विलयन को सूक्ष्म छिद्रों से निकालकर तंतु बनाकर तैयार किया जाता है। चूंकि यह छोटे अणुओं से जोड़कर नहीं, बल्कि प्राकृतिक बहुलक से बनाया जाता है, इसे पुनर्जनित या अर्ध संश्लेषित रेशा कहते हैं, और रेशम जैसी चमक के कारण उसे कृत्रिम रेशम कहा जाता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि नायलॉन पूर्णतः संश्लेषित है, वह पहला रेशा था जो केवल कोयले, जल और वायु से बनाया गया, और उसमें कोई पादप पदार्थ नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि रेशम रेशम के कीट के कोश से मिलने वाला प्राकृतिक पशु रेशा है और मानव निर्मित नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि पॉलिएस्टर, जिसका सबसे प्रसिद्ध रूप टेरीलीन है, पेट्रोलियम उत्पादों से बना पूर्णतः संश्लेषित रेशा है। केवल रेयॉन लकड़ी की लुगदी से आरंभ होता है।
निम्नलिखित में से कौन कोलॉइड नहीं है?
- A.दूध
- B.कीचड़
- C.मक्खन
- D.बोरिक अम्ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. बोरिक अम्ल
व्याख्या
सही उत्तर D, बोरिक अम्ल है। बोरिक अम्ल जल में घुलकर वास्तविक विलयन बनाता है, जिसमें बिखरे कण अलग अलग अणु होते हैं और वे इतने छोटे होते हैं कि फिल्टर पत्र तथा चर्मपत्र झिल्ली दोनों से निकल जाते हैं, तथा वह मिश्रण टिंडल प्रभाव नहीं दिखाता। इसलिए वास्तविक विलयन कोलॉइड नहीं होता।
विकल्प A गलत है क्योंकि दूध कोलॉइड है, जिसमें द्रव वसा की बूंदें जल में बिखरी रहती हैं, अर्थात वह पायस है। विकल्प B गलत है क्योंकि कीचड़ जल में मिट्टी के सूक्ष्म कणों का कोलॉइडी परिक्षेपण है, इसीलिए वह बैठने से पहले बहुत देर तक गंदला रहता है। विकल्प C गलत है क्योंकि मक्खन भी कोलॉइड है, जिसमें जल वसा में बिखरा रहता है। लागू करने का नियम यह है कि कोलॉइडी अवस्था से केवल वास्तविक विलयन बाहर रहता है।
खाने के सोडे का रासायनिक नाम क्या है?
- A.सोडियम कार्बोनेट
- B.सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
- C.सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- D.सोडियम क्लोराइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
व्याख्या
सही उत्तर B, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है, जिसका सूत्र NaHCO3 है। यह हल्का और अनक्षारक क्षार है। बेकिंग में गर्म होने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़कर आटे को फुलाता है, औषधि में आमाशय का अतिरिक्त अम्ल उदासीन करता है, और सोडा अम्ल अग्निशामक में सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया करके वह कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है जो आग दबा देती है।
विकल्प A गलत है क्योंकि सोडियम कार्बोनेट धोने का सोडा है, जो बहुत प्रबल क्षार है और सफाई तथा कठोर जल को मृदु करने में काम आता है। विकल्प C गलत है क्योंकि सोडियम हाइड्रॉक्साइड कास्टिक सोडा है, जो संक्षारक क्षार है और साबुन बनाने तथा क्लोर अल्कली उद्योग में प्रयुक्त होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सोडियम क्लोराइड साधारण नमक है और प्रबल अम्ल तथा प्रबल क्षार का लवण होने से उदासीन है।