परमाणु भार के स्थान पर बढ़ती परमाणु संख्या पर आधारित आवर्त नियम का श्रेय किसे दिया जाता है?
- A.दिमित्री मेंडलीफ
- B.हेनरी मोजले
- C.जॉन न्यूलैंड्स
- D.योहान डोबरेनर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, हेनरी मोजले। तत्वों की अभिलाक्षणिक एक्स किरणों के अध्ययन से उन्होंने दिखाया कि तत्व से तत्व तक नियमित रूप से बढ़ने वाली राशि नाभिकीय आवेश यानी परमाणु संख्या है, इसलिए आधुनिक आवर्त नियम कहता है कि गुण परमाणु संख्या के आवर्ती फलन हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मेंडलीफ ने अपनी सारणी बढ़ते परमाणु भार पर बनाई, अनखोजे तत्वों के लिए रिक्त स्थान छोड़े और उनके गुणों की भविष्यवाणी की, परंतु उनके आधार को मोजले के सुधार की आवश्यकता थी। विकल्प C गलत है क्योंकि न्यूलैंड्स ने अष्टक का नियम दिया, जिसमें प्रत्येक आठवाँ तत्व पहले से मिलता जुलता था। विकल्प D गलत है क्योंकि डोबरेनर ने त्रिक का नियम दिया, जिसमें तीन के समूह के मध्य तत्व का भार अन्य दो के औसत के लगभग बराबर होता था। आरंभिक तीन प्रयास डोबरेनर, न्यूलैंड्स, मेंडलीफ और फिर मोजले के क्रम में चलते हैं।
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अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिस सिद्धांत या नियम के अनुसार द्रव्यमान वाली कोई वस्तु रिक्त स्थान अर्थात निर्वात में प्रकाश की चाल जितनी तेज नहीं चल सकती?
- A.डाल्टन का नियम
- B.प्रकाश का कणिका सिद्धांत
- C.आपेक्षिकता का सिद्धांत
- D.हेनरी का नियम
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आइंस्टाइन के 1905 के विशिष्ट सिद्धांत में द्रव्यमान वाली वस्तु को त्वरित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा उसकी चाल प्रकाश की चाल के निकट पहुँचते ही असीम रूप से बढ़ती जाती है, इसलिए ऐसी वस्तु निर्वात में प्रकाश की चाल के पास आ सकती है पर उसे छू नहीं सकती…
पूरी व्याख्या पढ़ें →इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की?
- A.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- B.जे जे थॉमसन
- C.जेम्स चैडविक
- D.नील्स बोर
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वर्ष 1897 में विसर्जन नलिका में कैथोड किरणों पर कार्य करते हुए उन्होंने दिखाया कि ये किरणें ऋण आवेशित कणों की धारा हैं जो किसी भी परमाणु से बहुत हल्के हैं, और उन्होंने उनका आवेश द्रव्यमान अनुपात मापा, जिससे इलेक्ट्रॉन पहला ज्ञात अवपरमाणुक कण सिद्ध हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →न्यूट्रॉन की खोज 1932 में किस वैज्ञानिक ने की?
- A.जेम्स चैडविक
- B.यूजीन गोल्डस्टाइन
- C.मैक्स प्लांक
- D.वर्नर हाइजेनबर्ग
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बेरिलियम पर अल्फा कणों की बमबारी से उन्हें एक भेदक विकिरण मिला जो विद्युत या चुंबकीय क्षेत्र से मुड़ता नहीं था, और उन्होंने सिद्ध किया कि वह लगभग प्रोटॉन के द्रव्यमान वाले उदासीन कणों से बना है, जिसके लिए उन्हें भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ग्रहीय गति के तीन नियम किसने दिए?
- A.निकोलस कॉपरनिकस
- B.गैलीलियो गैलिली
- C.योहानेस केप्लर
- D.आइजक न्यूटन
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टायको ब्राहे के प्रेक्षणों पर कार्य करते हुए उन्होंने पाया कि ग्रह दीर्घवृत्त में चलता है जिसकी एक नाभि पर सूर्य है, सूर्य से ग्रह तक की रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है, और परिक्रमण काल का वर्ग सूर्य से औसत दूरी के घन के समानुपाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मोटरगाड़ी के द्रवचालित ब्रेक किस सिद्धांत पर कार्य करते हैं?
- A.आर्कमिडीज का सिद्धांत
- B.पास्कल का नियम
- C.बर्नूली का सिद्धांत
- D.हुक का नियम
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बंद द्रव पर लगाया दबाव प्रत्येक दिशा में समान रूप से और बिना घटे संचरित होता है, इसलिए ब्रेक के पतले मास्टर सिलिंडर पर लगा छोटा बल प्रत्येक पहिए के चौड़े पिस्टन पर बहुत बड़ा बल बनाता है, और इसी प्रकार द्रवचालित प्रेस तथा द्रवचालित लिफ्ट भी काम करती है।
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