बंद कमरे में कार्बन ईंधन का अपूर्ण दहन मुख्यतः किस कारण खतरनाक होता है?
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.कार्बन मोनोऑक्साइड
- C.सल्फर डाइऑक्साइड
- D.नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, कार्बन मोनोऑक्साइड है। जब ऑक्सीजन की आपूर्ति कम पड़ती है तो ईंधन का कार्बन केवल आंशिक रूप से ऑक्सीकृत होता है और कार्बन डाइऑक्साइड के स्थान पर कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है। कार्बन मोनोऑक्साइड रंगहीन तथा गंधहीन है, इसलिए कोई चेतावनी नहीं देती, और वह रक्त के हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन की तुलना में कहीं अधिक मजबूती से जुड़कर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है तथा ऊतकों को ऑक्सीजन से वंचित कर देती है; इसी कारण बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने वालों की मृत्यु हो जाती है। A गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड पूर्ण दहन का उत्पाद है; वह हरितगृह गैस है और बहुत अधिक मात्रा में दम घोट सकती है, परंतु यहां अभिप्रेत विष वह नहीं है। C गलत है क्योंकि सल्फर डाइऑक्साइड कोयले तथा पेट्रोलियम के सल्फर से बनती है और अम्ल वर्षा का कारण है। D गलत है क्योंकि नाइट्रोजन के ऑक्साइड इंजनों के उच्च ताप पर बनते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: ईंधन और दहन: प्रकार, कैलोरी मान तथा ज्वाला
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजब किसी पदार्थ से निकली ऊष्मा उस ऊष्मा से अधिक हो जो उसके ज्वलन के लिए आवश्यक है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा दहन होता है?
- A.द्रुत
- B.स्वतः
- C.पूर्ण
- D.विस्फोटक
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, स्वतः है। स्वतः दहन में पदार्थ बाहर से कोई ज्वाला पास लाए बिना स्वयं आग पकड़ लेता है। ऐसा तब होता है जब वायु में पदार्थ के मंद ऑक्सीकरण से उतनी ऊष्मा निकलती है जो उसके अपने ज्वलन ताप तक पहुंचने के लिए आवश्यक ऊष्मा से अधिक हो, इसलिए ऊष्मा एकत्र होती जाती है और अंत में पदार्थ भड़क उठता है। श्वेत फॉस्फोरस इसका मानक प्रयोगशाला उदाहरण है, और कोयले की धूल के ढेर, तेल सने कपड़े तथा नम घास के ढेर भी इसी प्रकार आग पकड़ते हैं। A, द्रुत दहन, गलत है क्योंकि उसमें ईंधन किसी बाहरी स्रोत से प्रज्वलित होने के बाद ही तेजी से जलता है, जैसे माचिस दिखाने पर रसोई गैस। C, पूर्ण दहन, जलने के ढंग को नहीं, उसकी गुणवत्ता को बताता है: पर्याप्त ऑक्सीजन के कारण ईंधन का कार्बन पूरी तरह कार्बन डाइऑक्साइड बन जाता है। D, विस्फोटक दहन, गलत है क्योंकि उसमें अभिक्रिया इतनी तेज होती है कि क्षण भर में गैस, ऊष्मा, प्रकाश और ध्वनि उत्पन्न होती है, जैसे पटाखे में।
निम्नलिखित में से किस भोज्य पदार्थ का प्रति ग्राम कैलोरी मान सर्वाधिक है?
- A.घी
- B.मक्का
- C.चावल
- D.मांस
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, घी है। कैलोरी मान किसी पदार्थ के एक ग्राम के पूर्ण दहन पर निकली ऊष्मा है, और दिए गए चार भोज्य पदार्थों में सर्वाधिक घी का है, क्योंकि वह लगभग पूरी तरह वसा है। वसा से प्रति ग्राम लगभग नौ किलोकैलोरी मिलती है, जो कार्बोहाइड्रेट तथा प्रोटीन से मिलने वाली ऊर्जा की दोगुनी से भी अधिक है, क्योंकि वसा का कार्बन तथा हाइड्रोजन आरंभ में बहुत कम ऑक्सीकृत होता है और इसलिए ऑक्सीकरण पर अधिक ऊर्जा देता है। B, मक्का, और C, चावल, गलत हैं क्योंकि दोनों मुख्यतः स्टार्च अर्थात कार्बोहाइड्रेट हैं, जिससे प्रति ग्राम लगभग चार किलोकैलोरी मिलती है। D, मांस, गलत है क्योंकि वह मुख्यतः प्रोटीन और जल है; प्रोटीन से भी लगभग चार किलोकैलोरी मिलती है और मांस में उपस्थित जल से कोई ऊर्जा नहीं मिलती। इसी तर्क से तेल तथा मक्खन को ऊर्जा-घन आहार कहा जाता है।
मोमबत्ती की ज्वाला का सबसे गर्म क्षेत्र कौन-सा होता है?
- A.अंतरतम काला क्षेत्र
- B.मध्य पीला दीप्त क्षेत्र
- C.बाह्यतम नीला अदीप्त क्षेत्र
- D.तीनों क्षेत्र समान रूप से गर्म होते हैं
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, बाह्यतम नीला अदीप्त क्षेत्र है। इस क्षेत्र में वायु की आपूर्ति पर कोई रोक नहीं होती, इसलिए दहन पूर्ण होता है और ईंधन का सारा कार्बन कार्बन डाइऑक्साइड में बदल जाता है, जिससे अधिकतम ऊष्मा निकलती है। यह प्रकाश बहुत कम देता है और हल्का नीला दिखता है, इसी कारण इसे अदीप्त क्षेत्र कहा जाता है, और सुनार फूंकनी से ज्वाला का यही भाग सोने या चांदी पर डालकर उसे पिघलाता है। A गलत है क्योंकि बत्ती के चारों ओर का अंतरतम काला क्षेत्र अनजली वाष्पित मोम रखता है और उसे ऑक्सीजन सबसे कम मिलती है, इसलिए वही ज्वाला का सबसे ठंडा भाग है। B गलत है क्योंकि मध्य पीला क्षेत्र केवल अपूर्ण दहन दिखाता है, जहां चमकते अनजले कार्बन कण ज्वाला को प्रकाश देते हैं, परंतु सर्वाधिक ऊष्मा नहीं। D गलत है क्योंकि तीनों क्षेत्र ताप तथा संघटन में स्पष्ट रूप से भिन्न हैं।
निम्नलिखित में से किस ईंधन का कैलोरी मान सर्वाधिक है?
- A.हाइड्रोजन
- B.द्रवित पेट्रोलियम गैस
- C.पेट्रोल
- D.कोयला
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, हाइड्रोजन है। इसका कैलोरी मान लगभग 150 किलोजूल प्रति ग्राम है, जो किसी भी ज्ञात ईंधन से अधिक और पेट्रोल का लगभग तीन गुना है, और इसके दहन का एकमात्र उत्पाद जलवाष्प है, जिससे यह स्वच्छ ईंधन भी बनता है। इसी कारण हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन कहा जाता है, यद्यपि उसका उत्पादन महंगा है और भंडारण तथा परिवहन कठिन है, क्योंकि वह बहुत हल्की गैस है जिसे अत्यधिक दबाव या बहुत कम ताप पर रखना पड़ता है। B गलत है क्योंकि द्रवित पेट्रोलियम गैस, जो ब्यूटेन तथा प्रोपेन का मिश्रण है, लगभग 55 किलोजूल प्रति ग्राम देती है। C गलत है क्योंकि पेट्रोल लगभग 45 किलोजूल प्रति ग्राम देता है, जो केरोसिन तथा डीजल के समान श्रेणी है। D गलत है क्योंकि कोयला श्रेणी के अनुसार केवल 25 से 33 किलोजूल प्रति ग्राम देता है और राख तथा धुआं भी छोड़ता है।
घरेलू रसोई ईंधन के रूप में प्रयुक्त द्रवित पेट्रोलियम गैस मुख्यतः किन गैसों से बनी होती है?
- A.मेथेन और एथेन
- B.ब्यूटेन और प्रोपेन
- C.कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन
- D.एथिलीन और एसिटिलीन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, ब्यूटेन और प्रोपेन है। द्रवित पेट्रोलियम गैस पेट्रोलियम के परिष्करण तथा प्राकृतिक गैस के प्रसंस्करण से प्राप्त होती है और मुख्यतः ब्यूटेन तथा प्रोपेन का मिश्रण है, जो साधारण ताप पर मध्यम दबाव से द्रवित हो जाते हैं और इसीलिए सिलेंडर में भरे जा सकते हैं। गैस में अपनी कोई गंध नहीं होती, इसलिए रिसाव की पहचान के लिए उसमें तीव्र गंध वाला एथिल मरकैप्टन मिलाया जाता है। A गलत है क्योंकि कुछ एथेन के साथ मेथेन प्राकृतिक गैस का संघटन है, जो संपीडित प्राकृतिक गैस या पाइपलाइन से दी जाती है, सिलेंडर गैस का नहीं। C गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड तथा हाइड्रोजन का मिश्रण जल गैस है, जो औद्योगिक ईंधन है। D गलत है क्योंकि एथिलीन तथा एसिटिलीन औद्योगिक गैसें हैं, और एसिटिलीन अपनी अत्यंत गर्म ज्वाला के कारण ऑक्सीजन के साथ वेल्डिंग में प्रयोग होती है।