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महासागर और महासागरीय धाराएं: ज्वार, लवणता और प्रश्न

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महासागर नोट्स: पाँच महासागर, महासागरीय उच्चावच, लवणता, ज्वार-भाटा, सुनामी, गर्म और ठंडी धाराएं तथा अल नीनो का प्रभाव।

लेखक · प्रकाशित · 5 मिनट

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महासागर और महासागरीय धाराएं: ज्वार, लवणता और प्रश्न — GK24 title card
महासागर और महासागरीय धाराएं: ज्वार, लवणता और प्रश्न — GK24 title card

महासागर पृथ्वी की सतह का लगभग इकहत्तर प्रतिशत भाग घेरते हैं और ग्रह के कुल जल का लगभग सत्तानबे प्रतिशत अपने भीतर रखते हैं। यह जल निरंतर गतिशील रहता है, इसलिए इस एक अध्याय से महासागरीय उच्चावच, लवणता, ज्वार-भाटा, धाराओं और अल नीनो पर प्रश्न लगभग हर सामान्य अध्ययन के पेपर में आते हैं। नीचे वही तथ्य दिए गए हैं जो बार-बार दोहराए जाते हैं।

पाँच महासागर

अंतरराष्ट्रीय जलसर्वेक्षण संगठन पाँच महासागर मानता है। प्रशांत महासागर सबसे बड़ा और सबसे गहरा है, इसकी आकृति लगभग त्रिभुजाकार है, और इसी में मारियाना गर्त है जिसका चैलेंजर डीप पृथ्वी का ज्ञात सबसे गहरा बिंदु है, समुद्र तल से लगभग ग्यारह किलोमीटर नीचे। प्रशांत के किनारे का घेरा अग्नि वलय कहलाता है, जो ज्वालामुखियों और भूकंप क्षेत्रों की घोड़े की नाल जैसी पेटी है। अटलांटिक दूसरा सबसे बड़ा और अंग्रेजी अक्षर एस के आकार का है; इसका अत्यधिक कटा-फटा तट तथा यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बीच का व्यापार इसे सबसे व्यस्त व्यापारिक महासागर बनाते हैं, और इसके मध्य में मध्य अटलांटिक कटक फैली है। हिंद महासागर एकमात्र महासागर है जिसका नाम किसी देश पर है, और केवल इसी की उत्तरी धाराएं मानसून के साथ दिशा बदलती हैं। दक्षिणी महासागर अंटार्कटिका को घेरता है और आर्कटिक सबसे छोटा तथा सबसे उथला है।

महासागरीय तली का उच्चावच

तट से समुद्र की ओर बढ़ने पर तली महाद्वीपीय मग्नतट, महाद्वीपीय ढाल, महाद्वीपीय उभार, गहन सागरीय मैदान और गर्त में बँटी मिलती है। महाद्वीपीय मग्नतट स्थल का उथला डूबा हुआ विस्तार है, जिसे प्रायः लगभग दो सौ मीटर गहराई तक माना जाता है। यही महासागर का सबसे समृद्ध भाग है, क्योंकि यहाँ सूर्य का प्रकाश तली तक पहुँच जाता है; इसीलिए संसार के अधिकांश बड़े मत्स्य क्षेत्र और अपतटीय तेल भंडार यहीं मिलते हैं। गहन सागरीय मैदानों से आगे मध्य महासागरीय कटक, समुद्री ज्वालामुखी शिखर जिन्हें सीमाउंट कहते हैं, चपटी चोटी वाले गयोट और प्रवाल एटॉल उठते हैं। गर्त सबसे गहरी आकृतियाँ हैं और ज्वालामुखीय द्वीप चापों के पास मिलते हैं।

लवणता और तापमान

लवणता समुद्री जल में घुले नमक की मात्रा है, जिसे प्रति हजार भागों में मापा जाता है, और महासागरों का औसत लगभग पैंतीस प्रति हजार है। यह बीस से चालीस अंश अक्षांश के उपोष्ण क्षेत्र में सर्वाधिक होती है, जहाँ वाष्पीकरण तेज और वर्षा कम है; भूमध्य रेखा पर भारी वर्षा जल को पतला कर देती है और ध्रुवीय समुद्रों में पिघलती बर्फ यही करती है। खुले सागरों में लाल सागर सबसे अधिक लवणीय है और बाल्टिक सागर सबसे कम। तुर्की की वान झील तथा मृत सागर जैसे बंद जलाशय किसी भी महासागर से कहीं अधिक लवणीय हैं। समुद्री तापमान गहराई के साथ घटता है और गर्म सतही परत तथा ठंडे गहरे जल के बीच तेजी से तापमान गिरने वाली परत को तापप्रवणता या थर्मोक्लाइन कहते हैं।

तरंगें, ज्वार-भाटा और सुनामी

तरंगें पवन के सतह पर घर्षण से बनती हैं; जल स्वयं बहुत कम हिलता है जबकि ऊर्जा आगे बढ़ती रहती है। ज्वार-भाटा समुद्र तल का नियमित उठना और गिरना है, जो चंद्रमा तथा सूर्य के गुरुत्वाकर्षण और पृथ्वी-चंद्र तंत्र के अपकेंद्री बल से उत्पन्न होता है। जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं, अर्थात अमावस्या और पूर्णिमा को, तब दोनों का खिंचाव जुड़ जाता है और सबसे ऊँचा ज्वार आता है, जिसे दीर्घ ज्वार कहते हैं। जब सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के सापेक्ष समकोण पर होते हैं, अर्थात शुक्ल और कृष्ण अष्टमी को, तब खिंचाव आंशिक रूप से कट जाता है और सबसे नीचा ज्वार आता है, जिसे लघु ज्वार कहते हैं। चंद्रमा का खिंचाव अधिक प्रभावी है क्योंकि वह बहुत निकट है। संसार का सर्वाधिक ज्वारीय परिसर कनाडा की फंडी खाड़ी में दर्ज होता है। सुनामी ज्वार है ही नहीं: यह समुद्र के नीचे भूकंप, भूस्खलन या ज्वालामुखी विस्फोट से उठी लंबी तरंगों की शृंखला है, और दिसंबर 2004 की हिंद महासागर सुनामी इसका मानक उदाहरण है।

महासागरीय धाराएं

धाराएं महासागरीय जल की विशाल राशि का एक निश्चित दिशा में स्थायी प्रवाह हैं। ये ग्रहीय पवनों, तापमान और लवणता के अंतर से बने घनत्व भेद से चलती हैं तथा कोरिऑलिस बल से मुड़ती हैं, जो उत्तरी गोलार्ध में उन्हें दाहिनी ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर मोड़ देता है। परिणाम बड़े वृत्ताकार चक्र या गायर हैं, जो भूमध्य रेखा के उत्तर में दक्षिणावर्त और दक्षिण में वामावर्त घूमते हैं। भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने वाली धाराएं गर्म होती हैं और ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर आने वाली ठंडी।

महासागरगर्म धाराएंठंडी धाराएं
प्रशांतक्यूरोशियो, उत्तरी प्रशांत प्रवाह, पूर्वी ऑस्ट्रेलियाईओयाशियो या क्यूराइल, कैलिफोर्निया, पेरू या हंबोल्ट
अटलांटिकगल्फ स्ट्रीम, उत्तरी अटलांटिक प्रवाह, ब्राजीललैब्राडोर, कैनरी, बेंगुएला, फॉकलैंड
हिंदअगुलहास, मोजांबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रवाहपश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई

धाराओं का प्रभाव

जहाँ गर्म और ठंडी धारा मिलती है, वहाँ प्लवक बहुत बढ़ जाता है और संसार के सर्वोत्तम मत्स्य क्षेत्र बनते हैं, साथ ही घना कोहरा भी। न्यूफाउंडलैंड के पास ग्रैंड बैंक, जहाँ गल्फ स्ट्रीम लैब्राडोर धारा से मिलती है, और होक्काइडो के आसपास का समुद्र, जहाँ क्यूरोशियो ओयाशियो से मिलती है, हर पेपर के दो प्रिय उदाहरण हैं। उत्तरी अटलांटिक प्रवाह उत्तर-पश्चिमी यूरोप के बंदरगाहों को जाड़े में बर्फ से मुक्त रखता है, यद्यपि वे बहुत उत्तर में स्थित हैं। उष्ण कटिबंध के पश्चिमी तटों पर बहने वाली ठंडी धाराएं ऊपर की हवा को ठंडा कर देती हैं और तटीय मरुस्थल बनाने में सहायक होती हैं, जैसे पेरू धारा के किनारे अटाकामा और बेंगुएला धारा के किनारे नामिब। अल नीनो पेरू और इक्वाडोर के तट पर असामान्य रूप से गर्म जल का समय-समय पर प्रकट होना है, जिससे व्यापारिक पवनें कमजोर पड़ती हैं, एंकोवी मत्स्य उद्योग चौपट होता है और प्रायः भारतीय मानसून कमजोर रहता है; इसका विपरीत ठंडा चरण ला नीना कहलाता है और इससे जुड़ा दाब परिवर्तन दक्षिणी दोलन कहलाता है।

परीक्षा की दृष्टि से

प्रश्न मुख्यतः तीन प्रकार के आते हैं। पहला, सीधा मिलान: मारियाना गर्त या अग्नि वलय किस महासागर में है, या धाराओं को गर्म और ठंडी में छाँटना। सुरक्षित नियम यह है कि भूमध्य रेखा से दूर जाती धारा गर्म और उसकी ओर आती धारा ठंडी होती है, इसलिए गल्फ स्ट्रीम, क्यूरोशियो, ब्राजील और अगुलहास गर्म हैं तथा लैब्राडोर, कैनरी, बेंगुएला, कैलिफोर्निया और पेरू ठंडी। दूसरा, ज्वार के कारण: सीधी रेखा पर दीर्घ ज्वार, समकोण पर लघु ज्वार, सर्वाधिक परिसर फंडी खाड़ी में। तीसरा, प्रभाव: न्यूफाउंडलैंड और होक्काइडो में कोहरा तथा मत्स्य क्षेत्र, उत्तरी अटलांटिक प्रवाह से बर्फमुक्त यूरोपीय बंदरगाह, ठंडी धाराओं के किनारे तटीय मरुस्थल और अल नीनो से कमजोर मानसून। आम भूलें हैं सुनामी को ज्वारीय तरंग कहना, कैनरी और क्यूरोशियो को मिला देना तथा दीर्घ ज्वार को वसंत ऋतु से जोड़ देना।

महत्वपूर्ण तथ्य

पृथ्वी की सतह में हिस्सामहासागर सतह का लगभग 71 प्रतिशत घेरते हैं
पृथ्वी के जल में हिस्साग्रह का लगभग 97 प्रतिशत जल महासागरों में है
सबसे बड़ा और गहरा महासागरप्रशांत महासागर
सबसे गहरा बिंदुचैलेंजर डीप, मारियाना गर्त, प्रशांत महासागर
अग्नि वलयप्रशांत महासागर के चारों ओर ज्वालामुखी और भूकंप पेटी
देश के नाम पर महासागरहिंद महासागर
महाद्वीपीय मग्नतट की गहराईसामान्यतः लगभग 200 मीटर तक उथला भाग
औसत लवणतालगभग 35 प्रति हजार
सर्वाधिक लवणीय खुला सागरलाल सागर; बाल्टिक सागर सबसे कम लवणीय में है
दीर्घ ज्वारअमावस्या और पूर्णिमा को, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक रेखा में हों
लघु ज्वारशुक्ल और कृष्ण अष्टमी को, जब सूर्य और चंद्रमा समकोण पर हों
सर्वाधिक ज्वारीय परिसरफंडी खाड़ी, कनाडा
गर्म धाराएंगल्फ स्ट्रीम, उत्तरी अटलांटिक प्रवाह, क्यूरोशियो, ब्राजील, अगुलहास, पूर्वी ऑस्ट्रेलियाई
ठंडी धाराएंलैब्राडोर, कैनरी, बेंगुएला, कैलिफोर्निया, पेरू या हंबोल्ट, ओयाशियो, पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई
बड़े मत्स्य क्षेत्रन्यूफाउंडलैंड का ग्रैंड बैंक और होक्काइडो का समुद्र, जहाँ गर्म और ठंडी धाराएं मिलती हैं
अल नीनोपेरू और इक्वाडोर तट पर गर्म जल; ला नीना इसका विपरीत ठंडा चरण

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.भूगोलपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC CS 2020, General Studies Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी महासागरीय धारा हिंद महासागर से संबंधित है?

  1. A.फ्लोरिडा धारा
  2. B.कैनरी धारा
  3. C.अगुलहास धारा
  4. D.क्यूराइल धारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अगुलहास धारा

व्याख्या

सही उत्तर C, अगुलहास धारा है। यह हिंद महासागर की गर्म धारा है, जो दक्षिणी अफ्रीका के पूर्वी तट के साथ दक्षिण की ओर बहती है और उष्ण कटिबंधीय जल को उत्तमाशा अंतरीप की ओर ले जाती है, जहाँ इसका अधिकांश भाग मुड़कर फिर हिंद महासागर में लौट आता है। मोजांबिक और पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई धाराओं के साथ मिलकर यह दक्षिणी हिंद महासागर का गायर बनाती है।

विकल्प A, फ्लोरिडा धारा, अटलांटिक की है; यह मैक्सिको की खाड़ी से जल निकालकर फ्लोरिडा के पास से बहती है और गल्फ स्ट्रीम को पोषित करती है। विकल्प B, कैनरी धारा, भी अटलांटिक की है, जो अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी तट पर कैनरी द्वीपों के पास दक्षिण की ओर बहने वाली ठंडी धारा है। विकल्प D, क्यूराइल या ओयाशियो धारा, उत्तरी प्रशांत की ठंडी धारा है, जो क्यूराइल द्वीपों से होकर जापान की ओर बहती है और वहाँ गर्म क्यूरोशियो से मिलती है।

Q2.भूगोलपूछा गया: SSC CHSL · 13 March, 2023, Shift 4आसान

अल नीनो नाम किस देश के तट के सहारे समय-समय पर विकसित होने वाली गर्म महासागरीय धारा को दिया गया है?

  1. A.कोलंबिया
  2. B.पेरू
  3. C.चिली
  4. D.बोलीविया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पेरू

व्याख्या

सही उत्तर B, पेरू है। अल नीनो का स्पेनी अर्थ है बालक, और यह वह गर्म सतही जल है जो कुछ वर्षों में क्रिसमस के आसपास पेरू और इक्वाडोर के तट पर प्रकट होकर सामान्य रूप से ठंडी रहने वाली पेरू या हंबोल्ट धारा की जगह ले लेता है। जब यह प्रबल होता है तो व्यापारिक पवनें कमजोर पड़ती हैं, पोषक तत्वों से भरा ठंडा जल ऊपर आना बंद हो जाने से एंकोवी मछली का शिकार घट जाता है और भारतीय मानसून की वर्षा प्रायः सामान्य से कम रहती है।

विकल्प A, कोलंबिया, का तट प्रशांत और कैरेबियन दोनों से लगता है, पर वह भूमध्य रेखा के बहुत निकट है और इस परिघटना का नाम उसके तट से नहीं जुड़ा। विकल्प C, चिली, के तट को भी यही ठंडी पेरू धारा छूती है, फिर भी गर्माहट का मापन और वर्णन पेरू तथा इक्वाडोर के सामने होता है। विकल्प D, बोलीविया, दक्षिण अमेरिका का स्थलरुद्ध देश है जिसका कोई समुद्र तट ही नहीं है, इसलिए वहाँ कोई धारा बह ही नहीं सकती।

Q3.भूगोलपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 1आसान

'अग्नि वलय' को आप निम्नलिखित में से किस महासागर से जोड़ेंगे?

  1. A.प्रशांत
  2. B.हिंद
  3. C.अटलांटिक
  4. D.आर्कटिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रशांत

व्याख्या

सही उत्तर A, प्रशांत है। अग्नि वलय प्रशांत महासागर के किनारे-किनारे फैली घोड़े की नाल जैसी पेटी है, जो एंडीज से लेकर अमेरिका के पश्चिमी तट, अल्यूशियन द्वीपों, जापान, फिलीपींस और इंडोनेशिया से होते हुए न्यूजीलैंड तक जाती है। संसार के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी इसी में हैं और बड़े भूकंपों का बड़ा भाग यहीं आता है, क्योंकि यह उन रेखाओं का अनुसरण करती है जहाँ महासागरीय प्लेटें नीचे धँस रही हैं।

विकल्प B, हिंद महासागर, के पूर्वी किनारे पर भूकंपीय सुंडा चाप अवश्य है, पर उस चाप को इसी प्रशांत वलय का भाग गिना जाता है और महासागर के रूप में उसकी ऐसी कोई पेटी नहीं है। विकल्प C, अटलांटिक, सिकुड़ने के बजाय चौड़ा हो रहा है, इसलिए उसकी सक्रियता मध्य अटलांटिक कटक तक सीमित और अपेक्षाकृत शांत है। विकल्प D, आर्कटिक, अटलांटिक से आगे बढ़ती धीमी कटक को छोड़कर विवर्तनिक दृष्टि से शांत है।

Q4.भूगोलपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 4आसान

पृथ्वी के जल का कितना प्रतिशत भाग महासागरों में पाया जाता है?

  1. A.94 प्रतिशत
  2. B.97.2 प्रतिशत
  3. C.90.2 प्रतिशत
  4. D.92.2 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 97.2 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर B, 97.2 प्रतिशत है। पृथ्वी पर जल के वितरण का वर्णन करने वाली पाठ्यपुस्तकें लगभग 97.2 प्रतिशत महासागरीय जल, लगभग 2 प्रतिशत हिमटोपियों और हिमनदों में जमा जल, तथा एक प्रतिशत से भी कम भूजल, झील, नदी, मृदा नमी और जलवाष्प मिलाकर बताती हैं। यही कारण है कि अंतरिक्ष से नीला दिखने वाले इस ग्रह पर भी मीठे जल को दुर्लभ संसाधन कहा जाता है।

विकल्प A, 94 प्रतिशत, विकल्प C, 90.2 प्रतिशत और विकल्प D, 92.2 प्रतिशत, सभी कम हैं और इनसे मीठे जल का असंभव रूप से बड़ा हिस्सा बच जाएगा। याद रखने का सरल तरीका यह है कि महासागर 97 प्रतिशत से कुछ अधिक लेते हैं, अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड की हिमचादरें शेष का अधिकांश ले लेती हैं, और मनुष्य जो जल वास्तव में उपयोग करता है वह उसी छोटे से बचे हुए भाग से आता है।

Q5.भूगोलमध्यम

महीने का सबसे ऊँचा ज्वार, दीर्घ ज्वार, कब आता है?

  1. A.जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में हों
  2. B.जब सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के सापेक्ष समकोण पर हों
  3. C.जब चंद्रमा पृथ्वी से सर्वाधिक दूर हो
  4. D.जब उत्तरी गोलार्ध में वसंत ऋतु आरंभ हो
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में हों

व्याख्या

सही उत्तर A है। दीर्घ ज्वार अमावस्या और पूर्णिमा को आता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं, इस स्थिति को युति-वियुति कहते हैं। तब सूर्य और चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण एक ही रेखा पर काम करता है और एक-दूसरे को बढ़ा देता है, जिससे उच्च ज्वार असामान्य रूप से ऊँचा और निम्न ज्वार असामान्य रूप से नीचा हो जाता है। इसलिए दीर्घ ज्वार एक चंद्रमास में दो बार आता है।

विकल्प B शुक्ल और कृष्ण अष्टमी की स्थिति बताता है, जिसे समकोण या क्वाड्रेचर कहते हैं; तब दोनों खिंचाव आंशिक रूप से कट जाते हैं और महीने का सबसे कमजोर लघु ज्वार आता है। विकल्प C, चंद्रमा का अपभू पर होना, ज्वार को कुछ कमजोर करता है, प्रबल नहीं, क्योंकि दूरी बढ़ने से खिंचाव घटता है। विकल्प D सामान्य भ्रम है: अंग्रेजी शब्द स्प्रिंग का अर्थ यहाँ उछलना है और इस ज्वार का वसंत ऋतु से कोई संबंध नहीं।

Q6.भूगोलमध्यम

विश्व का सर्वाधिक ज्वारीय परिसर निम्नलिखित में से कहाँ दर्ज किया जाता है?

  1. A.मैक्सिको की खाड़ी
  2. B.फंडी की खाड़ी
  3. C.फारस की खाड़ी
  4. D.अदन की खाड़ी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फंडी की खाड़ी

व्याख्या

सही उत्तर B, फंडी की खाड़ी है, जो कनाडा के नोवा स्कोशिया और न्यू ब्रंसविक प्रांतों के बीच स्थित है। यह खाड़ी भीतर की ओर संकरी और उथली होती जाती है, इसलिए भीतर आती ज्वारीय तरंग लगातार छोटे होते अनुप्रस्थ काट में ठुँसती है और उसकी ऊँचाई बहुत बढ़ जाती है, जिससे उच्च और निम्न जल का अंतर संसार में सर्वाधिक हो जाता है। बड़ा ज्वारीय परिसर आकार से नहीं, आकृति से बनता है।

विकल्प A, मैक्सिको की खाड़ी, चौड़ी और लगभग बंद है और उसके बड़े भाग में दैनिक ज्वार बहुत छोटा रहता है। विकल्प C, फारस की खाड़ी, उथली और लगभग स्थलरुद्ध है, इसलिए होरमुज के संकरे जलडमरूमध्य से आने वाली तरंग सीमित रहती है। विकल्प D, अदन की खाड़ी, बिना किसी कीप जैसी आकृति के अरब सागर में खुलती है। भारत में सबसे बड़ा परिसर कीप के आकार वाली खंभात और कच्छ की खाड़ियों में मिलता है।

Q7.भूगोलआसान

निम्नलिखित में से कौन सी ठंडी महासागरीय धारा है?

  1. A.गल्फ स्ट्रीम
  2. B.क्यूरोशियो धारा
  3. C.बेंगुएला धारा
  4. D.ब्राजील धारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बेंगुएला धारा

व्याख्या

सही उत्तर C, बेंगुएला धारा है। यह दक्षिणी अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और दक्षिणी महासागर का ठंडा जल भूमध्य रेखा की ओर ले जाती है; इसके साथ होने वाला उत्प्रवाह नामीबिया के तट को समृद्ध मत्स्य क्षेत्र बनाता है और नामिब मरुस्थल को शुष्क रखने में सहायक है। सरल नियम यह है कि ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर बहने वाली धारा ठंडी होती है।

विकल्प A, गल्फ स्ट्रीम, मैक्सिको की खाड़ी से गर्म जल लेकर उत्तर-पूर्व की ओर अटलांटिक पार करती है और गर्म धारा का आदर्श उदाहरण है। विकल्प B, क्यूरोशियो, पश्चिमी प्रशांत की गर्म धारा है जो जापान के पास उत्तर की ओर बहती है और जापान धारा भी कहलाती है। विकल्प D, ब्राजील धारा, दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट पर दक्षिण की ओर बहने वाली गर्म धारा है। ये तीनों भूमध्य रेखा से दूर जाती हैं, इसलिए गर्म जल ले जाती हैं।

Q8.भूगोलमध्यम

न्यूफाउंडलैंड के पास स्थित ग्रैंड बैंक विश्व के सबसे समृद्ध मत्स्य क्षेत्रों में है, क्योंकि यहाँ कौन सी दो धाराएं मिलती हैं?

  1. A.क्यूरोशियो और ओयाशियो
  2. B.गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर धारा
  3. C.कैनरी और बेंगुएला धाराएं
  4. D.पेरू और पूर्वी ऑस्ट्रेलियाई धाराएं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर धारा

व्याख्या

सही उत्तर B, गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर धारा है। उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ती गर्म गल्फ स्ट्रीम न्यूफाउंडलैंड के पास दक्षिण की ओर आती ठंडी लैब्राडोर धारा से मिलती है। ठंडे जल के साथ आए पोषक तत्व गर्म सतही परत से मिल जाते हैं, प्लवक बहुत बढ़ जाता है और यहाँ कभी कॉड मछली के विशाल झुंड जमा होते थे। यही मिलन नम हवा को अचानक ठंडा कर देता है, जिससे ग्रैंड बैंक समुद्र के सबसे कोहरे भरे स्थानों में गिना जाता है।

विकल्प A, क्यूरोशियो और ओयाशियो, मिलती अवश्य हैं और उतना ही प्रसिद्ध मत्स्य क्षेत्र बनाती हैं, पर वह जापान के होक्काइडो के पास है, न्यूफाउंडलैंड में नहीं। विकल्प C, कैनरी और बेंगुएला, दोनों ठंडी धाराएं हैं, अफ्रीकी तटों पर हजारों किलोमीटर दूर बहती हैं और कभी नहीं मिलतीं। विकल्प D में एक दक्षिण अमेरिकी और एक ऑस्ट्रेलियाई धारा जोड़ी गई है, जो अलग-अलग महासागरों में हैं, इसलिए मिलन संभव ही नहीं।

Q9.भूगोलआसान

महासागरीय जल की औसत लवणता लगभग कितनी होती है?

  1. A.15 प्रति हजार
  2. B.25 प्रति हजार
  3. C.35 प्रति हजार
  4. D.45 प्रति हजार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 35 प्रति हजार

व्याख्या

सही उत्तर C, लगभग 35 प्रति हजार है, अर्थात प्रत्येक एक किलोग्राम समुद्री जल में लगभग पैंतीस ग्राम घुला हुआ नमक। इसमें सर्वाधिक भाग सोडियम क्लोराइड का होता है और शेष में मैग्नीशियम, कैल्शियम तथा पोटैशियम के लवण आते हैं। लवणता वाष्पीकरण, वर्षा, नदी के जल और बर्फ के जमने या पिघलने से बदलती रहती है, इसलिए यह अंक औसत है, कोई स्थिर मान नहीं।

विकल्प A, 15 प्रति हजार, किसी ज्वारनदमुख के खारे-मीठे जल या कम लवणता वाले बाल्टिक सागर के अधिक निकट है, जहाँ अनेक नदियाँ मीठा जल डालती हैं। विकल्प B, 25 प्रति हजार, भी खुले महासागर के मान से काफी नीचे है। विकल्प D, 45 प्रति हजार, किसी भी खुले महासागर के मान से अधिक है; खुले सागरों में सर्वाधिक लवणीय लाल सागर भी चालीस के आसपास ही रहता है और केवल मृत सागर जैसी बंद झीलें इससे कहीं ऊपर जाती हैं।

Q10.भूगोलमध्यम

महासागरीय तली का ज्ञात सबसे गहरा बिंदु चैलेंजर डीप किस गर्त में स्थित है?

  1. A.प्यूर्टो रिको गर्त
  2. B.जावा या सुंडा गर्त
  3. C.मारियाना गर्त
  4. D.टोंगा गर्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मारियाना गर्त

व्याख्या

सही उत्तर C, मारियाना गर्त है, जो पश्चिमी प्रशांत में मारियाना द्वीपों के पूर्व में है। इसके दक्षिणी सिरे पर चैलेंजर डीप है, जो लगभग ग्यारह किलोमीटर की गहराई के साथ पृथ्वी का सर्वेक्षित सबसे गहरा बिंदु है, इतना गहरा कि माउंट एवरेस्ट उसमें डूबने पर भी ऊपर जल बचा रहेगा। ऐसे गर्त वहाँ बनते हैं जहाँ एक महासागरीय प्लेट दूसरी के नीचे धँसती है, इसीलिए ये ज्वालामुखीय द्वीप चापों के साथ-साथ चलते हैं।

विकल्प A, प्यूर्टो रिको गर्त, अटलांटिक का सबसे गहरा बिंदु है पर मारियाना से बहुत कम गहरा है। विकल्प B, जावा या सुंडा गर्त, हिंद महासागर का सबसे गहरा भाग है और इंडोनेशिया के दक्षिण में स्थित है। विकल्प D, टोंगा गर्त, दक्षिणी प्रशांत में है और संसार के सबसे गहरे गर्तों में गिना जाता है, फिर भी उसकी अधिकतम गहराई चैलेंजर डीप से कम है।

Q11.भूगोलमध्यम

महाद्वीपीय मग्नतट मत्स्य उद्योग के लिए मुख्यतः किस कारण महत्वपूर्ण है?

  1. A.यह महासागरीय तली का सबसे गहरा भाग है
  2. B.यह उथला है, इसलिए सूर्य का प्रकाश तली तक पहुँचता है और प्लवक खूब बढ़ता है
  3. C.यहाँ महासागर की सर्वाधिक लवणता पाई जाती है
  4. D.यह महासागरीय धाराओं के प्रभाव से मुक्त रहता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यह उथला है, इसलिए सूर्य का प्रकाश तली तक पहुँचता है और प्लवक खूब बढ़ता है

व्याख्या

सही उत्तर B है। महाद्वीपीय मग्नतट महाद्वीप का धीरे-धीरे ढलता हुआ डूबा किनारा है, जिसे प्रायः लगभग दो सौ मीटर गहराई तक माना जाता है। उथला होने के कारण सूर्य का प्रकाश समुद्र तल तक पहुँच जाता है और भरपूर प्लवक पनपता है, साथ ही नदियाँ स्थल से पोषक तत्व भी लाती हैं। मछलियाँ वहीं जुटती हैं जहाँ प्लवक अधिक हो, इसीलिए विश्व के लगभग सभी प्रमुख मत्स्य क्षेत्र और अधिकांश अपतटीय पेट्रोलियम मग्नतटों पर ही मिलते हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि महासागर के सबसे गहरे भाग गर्त हैं, जो मग्नतट से बहुत दूर हैं और तुलना में अंधकारमय तथा लगभग जीवनरहित हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि नदियों के मीठे जल से मग्नतट की लवणता खुले महासागर से प्रायः कुछ कम ही रहती है। विकल्प D भी गलत है: धाराएं और उत्प्रवाह मग्नतट के जल तक लगातार पहुँचते हैं, और कुछ मग्नतटों को इतना उत्पादक बनाने वाला कारण यही पोषक तत्वों का उत्प्रवाह है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्वार और सुनामी में क्या अंतर है?

ज्वार समुद्र तल का नियमित दैनिक उठना-गिरना है, जो चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण से बनता है और वर्षों पहले तक इसकी गणना की जा सकती है। सुनामी समुद्र के नीचे भूकंप, भूस्खलन या ज्वालामुखी विस्फोट से अचानक उठी बहुत लंबी तरंगों की शृंखला है और इसका चंद्रमा से कोई संबंध नहीं। इसलिए सुनामी को ज्वारीय तरंग कहना गलत है।

गर्म और ठंडी धाराओं के मिलन स्थल पर सर्वोत्तम मत्स्य क्षेत्र क्यों बनते हैं?

ठंडी धारा नीचे से पोषक तत्व ऊपर लाती है और गर्म धारा वह तापमान देती है जिसमें प्लवक बढ़ सके। दोनों के मिश्रण से विशाल मात्रा में प्लवक बनता है, जिस पर मछलियों के झुंड पलते हैं। यही मिलन गर्म आर्द्र हवा को अचानक ठंडा कर देता है और घना कोहरा बनाता है, इसीलिए न्यूफाउंडलैंड का ग्रैंड बैंक कॉड मछली और कोहरे दोनों के लिए प्रसिद्ध है।

लवणता भूमध्य रेखा पर नहीं बल्कि उपोष्ण कटिबंध में सर्वाधिक क्यों होती है?

बीस से चालीस अंश अक्षांश के बीच हवा नीचे उतरती है, आकाश साफ रहता है, वाष्पीकरण तेज होता है और वर्षा बहुत कम, इसलिए पीछे छूटा नमक गाढ़ा हो जाता है। भूमध्य रेखा पर प्रतिदिन होने वाली भारी वर्षा ताजा जल जोड़कर सतह को पतला कर देती है और ध्रुवों के पास पिघलती बर्फ भी यही करती है, इसलिए दोनों क्षेत्रों की लवणता उपोष्ण पेटियों से कम रहती है।

ठंडी महासागरीय धाराएं मरुस्थल बनाने में कैसे सहायक होती हैं?

ठंडी धारा अपने ऊपर की हवा को ठंडा कर देती है, जिससे वह हवा स्थिर हो जाती है और ऊपर नहीं उठ पाती। उसके ऊपर से आने वाली स्थल की ओर बहने वाली पवनें ठंडी होकर अपनी नमी वर्षा के बजाय तटीय कोहरे के रूप में छोड़ देती हैं और शुष्क होकर स्थल पर पहुँचती हैं। इसीलिए अटाकामा मरुस्थल ठंडी पेरू धारा के किनारे और नामिब ठंडी बेंगुएला धारा के किनारे मिलता है।

अल नीनो भारत को कैसे प्रभावित करता है?

अल नीनो वर्ष में पेरू के सामने पूर्वी प्रशांत असामान्य रूप से गर्म हो जाता है, व्यापारिक पवनें कमजोर पड़ती हैं और हवा के ऊपर उठने तथा भारी वर्षा वाला क्षेत्र प्रशांत में पूर्व की ओर खिसक जाता है। जो दाब व्यवस्था सामान्यतः दक्षिण एशिया की ओर नम हवा खींचती है वह गड़बड़ा जाती है और भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा प्रायः सामान्य से कम रहती है। यह प्रवृत्ति है, नियम नहीं, इसलिए हर अल नीनो वर्ष में सूखा नहीं पड़ता।

स्रोत

  • भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत (कक्षा 11), महासागरीय जल तथा महासागरीय जल का संचलन अध्याय — एनसीईआरटी
  • भारत भौतिक पर्यावरण (कक्षा 11), भारत के आसपास के महासागर संबंधी अध्याय — एनसीईआरटी
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