अक्षांश, देशांतर और समय: ग्रिड, आईएसटी तथा तिथि रेखा
परीक्षा के लिए अक्षांश और देशांतर के नोट्स: अक्षांश रेखाएँ, देशांतर रेखाएँ, ताप कटिबंध, प्रधान मध्याह्न रेखा, समय की गणना, आईएसटी और तिथि रेखा।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

पृथ्वी पर किसी स्थान को केवल दूरी बताकर नहीं समझाया जा सकता, क्योंकि पृथ्वी एक गोला है जिसका कोई किनारा नहीं जहाँ से नापा जाए। इसलिए भूगोलवेत्ता ग्लोब पर काल्पनिक रेखाओं का जाल खींचते हैं, पूर्व से पश्चिम जाती अक्षांश रेखाएँ और उत्तर से दक्षिण जाती देशांतर रेखाएँ। सतह का हर बिंदु किसी एक अक्षांश और किसी एक देशांतर के कटाव पर होता है, और कोणों का यही युग्म उसका पता है। यही जाल समय भी तय करता है, क्योंकि पृथ्वी निश्चित समय में निश्चित कोण घूमती है। इस अध्याय के प्रश्न छोटे और संख्यात्मक होते हैं, और लगभग सभी दो अंकों पर लौटते हैं: एक अंश अक्षांश लगभग 111 किलोमीटर, और एक अंश देशांतर चार मिनट का समय।
अक्षांश रेखाएँ
अक्षांश किसी स्थान की भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की कोणीय दूरी है, जिसे पृथ्वी के केंद्र पर नापा जाता है। भूमध्य रेखा शून्य अंश है, उत्तरी ध्रुव 90 अंश उत्तर और दक्षिणी ध्रुव 90 अंश दक्षिण। यदि प्रत्येक अंश पर एक रेखा खींची जाए तो कुल 181 अक्षांश रेखाएँ होंगी, 90 उत्तरी गोलार्ध में, 90 दक्षिणी में और स्वयं भूमध्य रेखा। ये पूर्ण वृत्त हैं जो कभी नहीं मिलतीं, ध्रुवों की ओर छोटी होती जाती हैं, और भूमध्य रेखा इनमें सबसे लंबी है; वही एकमात्र अक्षांश रेखा है जो वृहत वृत्त है, अर्थात जिसका तल पृथ्वी के केंद्र से होकर जाता है। दो क्रमागत अक्षांश रेखाओं के बीच की दूरी लगभग सर्वत्र समान, करीब 111 किलोमीटर, रहती है क्योंकि वह केवल केंद्रीय कोण पर निर्भर है।
| रेखा | कोण | महत्व |
|---|---|---|
| भूमध्य रेखा | 0 अंश | पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में बाँटती है |
| कर्क रेखा | 23.5 अंश उत्तर | सूर्य के लंबवत होने की उत्तरी सीमा; भारत से गुजरती है |
| मकर रेखा | 23.5 अंश दक्षिण | सूर्य के लंबवत होने की दक्षिणी सीमा |
| आर्कटिक वृत्त | 66.5 अंश उत्तर | इसके आगे ग्रीष्म में सूर्य अस्त नहीं होता |
| अंटार्कटिक वृत्त | 66.5 अंश दक्षिण | आर्कटिक वृत्त का दक्षिणी समकक्ष |
ये रेखाएँ पृथ्वी को तीन ताप कटिबंधों में बाँटती हैं। उष्ण कटिबंध दोनों उष्ण रेखाओं के बीच है, जहाँ वर्ष में कम से कम एक बार सूर्य सिर के ठीक ऊपर होता है। दो शीतोष्ण कटिबंध एक उष्ण रेखा और उसी गोलार्ध के ध्रुव वृत्त के बीच हैं, जहाँ सूर्य कभी लंबवत नहीं होता। दो शीत कटिबंध ध्रुव वृत्तों के परे हैं, जहाँ किरणें सदा तिरछी पड़ती हैं और ठंड अत्यधिक रहती है।
भारत में कर्क रेखा
कर्क रेखा भारत के आठ राज्यों से होकर गुजरती है: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम। यह देश को लगभग आधा-आधा बाँटती है और इसी कारण कहा जाता है कि भारत आधा उष्ण कटिबंध में और आधा उपोष्ण कटिबंध में है। भारत का अक्षांशीय विस्तार लगभग 8 अंश 4 मिनट उत्तर से 37 अंश 6 मिनट उत्तर तक और देशांतरीय विस्तार लगभग 68 अंश 7 मिनट पूर्व से 97 अंश 25 मिनट पूर्व तक है।
देशांतर रेखाएँ
देशांतर किसी स्थान की प्रधान मध्याह्न रेखा से पूर्व या पश्चिम की कोणीय दूरी है। प्रधान मध्याह्न रेखा वह शून्य रेखा है जो लंदन के निकट ग्रीनविच की पुरानी वेधशाला से होकर जाती है। देशांतर रेखाएँ समान लंबाई के अर्धवृत्त हैं जो ध्रुव से ध्रुव तक जाती हैं, इसलिए अक्षांश रेखाओं के विपरीत वे ध्रुवों पर मिल जाती हैं। प्रति अंश एक रेखा गिनने पर कुल 360 देशांतर रेखाएँ होती हैं, 180 पूर्व में और 180 पश्चिम में, और 180 अंश की रेखा पूर्व या पश्चिम दोनों ओर से एक ही है। दो देशांतर रेखाओं के बीच दूरी भूमध्य रेखा पर सबसे अधिक, लगभग 111 किलोमीटर, होती है और ध्रुवों पर शून्य हो जाती है।
देशांतर और समय
पृथ्वी 24 घंटे में 360 अंश घूम जाती है। अतः वह एक घंटे में 15 अंश और चार मिनट में एक अंश घूमती है। पूर्व के स्थानों पर सूर्य पहले दिखता है, इसलिए उनका स्थानीय समय आगे रहता है। स्थानीय समय नगर-नगर बदलता है, जो रेल और तार व्यवस्था के लिए अव्यावहारिक है, इसलिए हर देश एक मानक देशांतर चुनकर उसी का स्थानीय समय अपना मानक समय मानता है। भारतीय मानक समय 82 अंश 30 मिनट पूर्व का स्थानीय समय है, जो उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के पास से गुजरता है, और वह ग्रीनविच से साढ़े पाँच घंटे आगे है। भारत लगभग 30 अंश देशांतर में फैला है, इसलिए अरुणाचल प्रदेश में सूर्योदय गुजरात से लगभग दो घंटे पहले होता है, फिर भी दोनों एक ही घड़ी मानते हैं।
अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा
पूर्व की ओर चलने वाला यात्री समय पाता है और पश्चिम की ओर चलने वाला खोता है, इसलिए एक ऐसी रेखा आवश्यक है जहाँ तिथि बदले। अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा प्रशांत महासागर में लगभग 180 अंश देशांतर के साथ चलती है, परंतु वह द्वीप समूहों और साइबेरिया के सिरे को एक ही ओर रखने के लिए टेढ़ी होती है, ताकि किसी एक देश में एक ही समय दो तिथियाँ न चलें। इसे पूर्व से पश्चिम पार करने वाला यात्री एक दिन जोड़ता है और पश्चिम से पूर्व पार करने वाला एक दिन दोहराता है।
परीक्षा की दृष्टि से
यहाँ तीन प्रकार के प्रश्न बार-बार आते हैं। पहला, सीधे मान: उष्ण रेखाओं और ध्रुव वृत्तों के कोण, अक्षांश तथा देशांतर रेखाओं की संख्या, और भारतीय मानक समय का देशांतर। दूसरा, छोटी गणनाएँ: देशांतर के अंतर को चार मिनट प्रति अंश की दर से समय में बदलना, या स्थानीय समय से देशांतर निकालना। तीसरा, जाल वाले प्रश्न। भूमध्य रेखा ही एकमात्र वृहत वृत्त वाली अक्षांश रेखा है, देशांतर रेखाएँ ध्रुवों पर मिलती हैं जबकि अक्षांश रेखाएँ कभी नहीं मिलतीं, और भूमध्य रेखा से दूर जाने पर देशांतरों के बीच की दूरी घटती है जबकि अक्षांशों के बीच की नहीं। प्रश्नपत्र यह भी पूछते हैं कि कर्क रेखा किस राज्य से नहीं गुजरती, जिसमें ओडिशा और बिहार सामान्य गलत विकल्प हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| अक्षांश की सीमा | भूमध्य रेखा पर 0 अंश से ध्रुवों पर 90 अंश उत्तर और 90 अंश दक्षिण तक |
|---|---|
| रेखाओं की संख्या | एक अंश अंतराल पर 181 अक्षांश रेखाएँ और 360 देशांतर रेखाएँ |
| दो अक्षांशों के बीच दूरी | लगभग 111 किलोमीटर |
| उष्ण रेखाएँ | कर्क रेखा 23.5 अंश उत्तर, मकर रेखा 23.5 अंश दक्षिण |
| ध्रुव वृत्त | आर्कटिक 66.5 अंश उत्तर, अंटार्कटिक 66.5 अंश दक्षिण |
| प्रधान मध्याह्न रेखा | शून्य अंश, लंदन के निकट ग्रीनविच से होकर |
| देशांतर और समय | 15 अंश बराबर एक घंटा; एक अंश बराबर चार मिनट |
| भारतीय मानक समय | 82 अंश 30 मिनट पूर्व का स्थानीय समय, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के निकट |
| आईएसटी और ग्रीनविच | ग्रीनविच मानक समय से पाँच घंटे तीस मिनट आगे |
| भारत का विस्तार | लगभग 8 अंश 4 मिनट उत्तर से 37 अंश 6 मिनट उत्तर; 68 अंश 7 मिनट पूर्व से 97 अंश 25 मिनट पूर्व |
| भारत में कर्क रेखा | गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम |
| अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा | लगभग 180 अंश देशांतर, द्वीप समूहों को एक ओर रखने के लिए टेढ़ी |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारतीय मानक समय किस देशांतर रेखा पर आधारित है?
- A.75 अंश पूर्व
- B.82 अंश 30 मिनट पूर्व
- C.88 अंश 30 मिनट पूर्व
- D.90 अंश पूर्व
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 82 अंश 30 मिनट पूर्व
व्याख्या
सही उत्तर B, 82 अंश 30 मिनट पूर्व है। यह रेखा उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के पास से गुजरती है और लगभग देश के मध्य से होकर जाती है, इसीलिए इसे भारत की मानक देशांतर रेखा माना गया। इसका स्थानीय समय, जो ग्रीनविच मानक समय से पाँच घंटे तीस मिनट आगे है, गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक भारतीय मानक समय के रूप में चलता है।
विकल्प A, 75 अंश पूर्व देश के पश्चिमी भाग से गुजरती है और गोल संख्या होने के कारण भ्रम पैदा करती है। विकल्प C, 88 अंश 30 मिनट पूर्व कोलकाता के निकट है, जो मानकीकरण से पहले अपना स्थानीय समय रखता था। विकल्प D, 90 अंश पूर्व बांग्लादेश की मानक रेखा है, जो ग्रीनविच से छह घंटे आगे है। भारतीय समय में आधे घंटे का अंतर इसी 30 मिनट से आता है, क्योंकि आधा अंश दो मिनट के बराबर होता है।
एक अंश देशांतर कितने समय के अंतर के बराबर होता है?
- A.एक मिनट
- B.चार मिनट
- C.पंद्रह मिनट
- D.एक घंटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चार मिनट
व्याख्या
सही उत्तर B, चार मिनट है। पृथ्वी 24 घंटे अर्थात 1,440 मिनट में 360 अंश की एक परिक्रमा पूरी करती है, और 1,440 को 360 से भाग देने पर प्रत्येक अंश के लिए चार मिनट मिलते हैं।
विकल्प C, पंद्रह मिनट उस संबंध को उलट देता है जिसे अभ्यर्थी सबसे अधिक याद रखते हैं, अर्थात पृथ्वी एक घंटे में पंद्रह अंश घूमती है; पंद्रह अंशों की संख्या है, मिनटों की नहीं। विकल्प D, एक घंटा पंद्रह अंश के लिए है, एक अंश के लिए नहीं। विकल्प A, एक मिनट मान लेने पर पूरी परिक्रमा छह घंटे में हो जाएगी, जो स्पष्टतः गलत है। इस अध्याय की हर गणना इसी एक संबंध पर टिकी है, इसलिए दोनों रूप तैयार रखिए: एक अंश बराबर चार मिनट और पंद्रह अंश बराबर एक घंटा।
कर्क रेखा निम्नलिखित में से किस राज्य से होकर नहीं गुजरती?
- A.झारखंड
- B.छत्तीसगढ़
- C.ओडिशा
- D.त्रिपुरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ओडिशा
व्याख्या
सही उत्तर C, ओडिशा है। कर्क रेखा आठ राज्यों से गुजरती है, अर्थात गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम। ओडिशा इस रेखा के दक्षिण में पड़ता है और इसलिए पूरी तरह उष्ण कटिबंध में है।
विकल्प A, झारखंड और विकल्प B, छत्तीसगढ़ दोनों मध्य तथा पूर्वी भारत में इस रेखा पर स्थित हैं, और विकल्प D, त्रिपुरा उन दो पूर्वोत्तर राज्यों में से एक है जिनसे यह गुजरती है, दूसरा मिजोरम है। परीक्षक यह प्रश्न दोनों दिशाओं में पूछते हैं, कभी यह कि रेखा किस राज्य से गुजरती है और कभी यह कि किससे नहीं, और सामान्य गलत विकल्प ओडिशा तथा बिहार होते हैं। सूची को पश्चिम से पूर्व की ओर क्रम में याद रखना सबसे सरल उपाय है: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम।
कौन सी अक्षांश रेखा एकमात्र वृहत वृत्त है?
- A.भूमध्य रेखा
- B.कर्क रेखा
- C.आर्कटिक वृत्त
- D.मकर रेखा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भूमध्य रेखा
व्याख्या
सही उत्तर A, भूमध्य रेखा है। वृहत वृत्त वह है जिसका तल गोले के केंद्र से होकर जाता है और जो गोले को दो बराबर भागों में बाँट देता है। अक्षांश रेखाओं में केवल भूमध्य रेखा यह शर्त पूरी करती है, इसीलिए वह उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध को अलग करती है और सबसे लंबी अक्षांश रेखा है।
विकल्प B, कर्क रेखा और विकल्प D, मकर रेखा भूमध्य रेखा से 23.5 अंश दूर हैं, इसलिए उनका तल केंद्र से हटकर है और वे छोटे वृत्त बनाती हैं। विकल्प C, आर्कटिक वृत्त 66.5 अंश उत्तर पर और भी छोटा है, क्योंकि अक्षांश रेखाएँ ध्रुवों की ओर लगातार छोटी होती जाती हैं। देशांतर रेखाओं का व्यवहार भिन्न है: कोई देशांतर अपनी विपरीत रेखा के साथ मिलकर पूरा वृहत वृत्त बनाता है, इसीलिए लंबी हवाई यात्राएँ वृहत वृत्त मार्ग से चलती हैं।
प्रधान मध्याह्न रेखा किस स्थान से होकर गुजरती है?
- A.पेरिस
- B.ग्रीनविच
- C.रोम
- D.वाशिंगटन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ग्रीनविच
व्याख्या
सही उत्तर B, ग्रीनविच है, जो लंदन के निकट पुरानी शाही वेधशाला का स्थान है। उससे होकर जाने वाली रेखा को शून्य देशांतर माना गया, जहाँ से सभी देशांतर पूर्व और पश्चिम में गिने जाते हैं, और उसका स्थानीय समय ग्रीनविच मानक समय कहलाता है जो विश्व के मानक समयों का आधार है।
विकल्प A, पेरिस एक कठिन विकल्प है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले फ्रांस लंबे समय तक पेरिस वेधशाला से जाने वाली अपनी रेखा का प्रयोग करता रहा। विकल्प C, रोम और विकल्प D, वाशिंगटन कभी शून्य देशांतर नहीं माने गए, यद्यपि उन्नीसवीं शताब्दी में कई देशों की अपनी राष्ट्रीय रेखाएँ थीं। इस अध्याय के दो आधार याद रखिए: अक्षांश के लिए भूमध्य रेखा और देशांतर के लिए ग्रीनविच रेखा, तथा उसके ठीक विपरीत 180 अंश की रेखा पर तिथि रेखा चलती है।
आर्कटिक वृत्त किस अक्षांश पर खींचा जाता है?
- A.23.5 अंश उत्तर
- B.45 अंश उत्तर
- C.66.5 अंश उत्तर
- D.90 अंश उत्तर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 66.5 अंश उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, 66.5 अंश उत्तर है। आर्कटिक वृत्त वह अक्षांश है जिसके आगे ग्रीष्म ऋतु में कम से कम एक पूरे दिन सूर्य क्षितिज के ऊपर बना रहता है और शीत ऋतु में कम से कम एक पूरे दिन नीचे रहता है, जिसे क्रमशः अर्धरात्रि सूर्य और ध्रुवीय रात्रि कहा जाता है।
विकल्प A, 23.5 अंश उत्तर कर्क रेखा है, जो सूर्य के लंबवत होने की उत्तरी सीमा है। विकल्प B, 45 अंश उत्तर केवल भूमध्य रेखा और ध्रुव का मध्यबिंदु है और इसका कोई विशेष खगोलीय अर्थ नहीं। विकल्प D, 90 अंश उत्तर स्वयं उत्तरी ध्रुव है, जो उच्चतम संभव अक्षांश है। दो संख्याएँ याद रखिए, 23.5 और 66.5, और ध्यान दीजिए कि इनका योग 90 होता है, क्योंकि पृथ्वी के अक्ष का 23.5 अंश का झुकाव ही दोनों को तय करता है।
अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा मोटे तौर पर किस देशांतर का अनुसरण करती है?
- A.0 अंश
- B.90 अंश पूर्व
- C.180 अंश
- D.90 अंश पश्चिम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 180 अंश
व्याख्या
सही उत्तर C, 180 अंश देशांतर है, जो प्रशांत महासागर में ग्रीनविच के ठीक विपरीत पड़ता है। रेखा उसका ठीक-ठीक अनुसरण नहीं करती: वह साइबेरिया के पूर्वी सिरे, अल्यूशियन द्वीपों और कई प्रशांत द्वीप समूहों को एक ही ओर रखने के लिए पूर्व-पश्चिम मुड़ती है, ताकि किसी देश में एक ही क्षण दो तिथियाँ न रहें।
विकल्प A, शून्य अंश ग्रीनविच की प्रधान मध्याह्न रेखा है, जो देशांतर गिनने की शुरुआत है, तिथि की नहीं। विकल्प B, 90 अंश पूर्व और विकल्प D, 90 अंश पश्चिम सामान्य देशांतर रेखाएँ हैं जिनकी कोई विशेष भूमिका नहीं। पार करने का नियम याद रखिए: पूर्व से पश्चिम जाने वाला यात्री एक दिन जोड़ता है और पश्चिम से पूर्व जाने वाला बीता हुआ दिन दोहराता है। इसी कारण पश्चिम की ओर विश्व की परिक्रमा करने वाले यात्री को एक कैलेंडर तिथि खोती हुई प्रतीत होती है, जब तक वह इस रेखा का समायोजन न करे।
एक अंश के अंतराल पर खींचने पर भूमध्य रेखा सहित कुल कितनी अक्षांश रेखाएँ होंगी?
- A.180
- B.181
- C.360
- D.361
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 181
व्याख्या
सही उत्तर B, 181 है। उत्तरी गोलार्ध में 90, दक्षिणी गोलार्ध में 90 और स्वयं भूमध्य रेखा, जो किसी गोलार्ध की नहीं है, मिलाकर कुल 181 रेखाएँ होती हैं। ध्यान दीजिए कि ध्रुव वास्तव में बिंदु हैं, वृत्त नहीं, यद्यपि उन्हें प्रत्येक गोलार्ध की नब्बेवीं रेखा के रूप में गिना जाता है।
विकल्प A, 180 वही उत्तर है जो भूमध्य रेखा भूल जाने पर मिलता है, और यही इस प्रश्न की सबसे आम भूल है। विकल्प C, 360 एक अंश अंतराल पर देशांतर रेखाओं की संख्या है, 180 पूर्व में और 180 पश्चिम में, तथा विकल्प D, 361 दोनों गणनाओं को मिला देता है। जोड़ा स्पष्ट रखिए: 181 अक्षांश और 360 देशांतर। अंतर का कारण यह है कि देशांतर ध्रुव से ध्रुव तक केवल आधा वृत्त है जबकि अक्षांश स्वयं पूरा वृत्त है।
दो क्रमागत अक्षांश रेखाओं के बीच की अनुमानित दूरी कितनी होती है?
- A.51 किलोमीटर
- B.88 किलोमीटर
- C.111 किलोमीटर
- D.150 किलोमीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 111 किलोमीटर
व्याख्या
सही उत्तर C, लगभग 111 किलोमीटर है। किसी देशांतर के सहारे पृथ्वी की परिधि लगभग 40,000 किलोमीटर है, और उसे 360 अंश से भाग देने पर एक अंश अक्षांश के लिए लगभग 111 किलोमीटर मिलते हैं। चूँकि कोण पृथ्वी के केंद्र पर नापा जाता है, यह मान भूमध्य रेखा से ध्रुवों तक लगभग समान रहता है।
विकल्प A, 51 किलोमीटर और विकल्प B, 88 किलोमीटर ऊँचे अक्षांशों पर दो देशांतरों के बीच की दूरियाँ हैं, क्योंकि देशांतर ध्रुवों की ओर पास आते जाते हैं; भूमध्य रेखा पर दो देशांतरों के बीच भी लगभग 111 किलोमीटर होते हैं और ध्रुव पर यह शून्य हो जाता है। विकल्प D, 150 किलोमीटर का कोई आधार नहीं। एक उपयोगी तथ्य यह है कि अक्षांश का एक मिनट एक समुद्री मील अर्थात 1,852 मीटर के बराबर होता है।
भारतीय मानक समय से दोपहर के 12 बजे हैं तो ग्रीनविच में क्या समय होगा?
- A.प्रातः 5:30
- B.प्रातः 6:30
- C.सायं 5:30
- D.सायं 6:30
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रातः 6:30
व्याख्या
सही उत्तर B, प्रातः 6:30 है। भारतीय मानक समय 82 अंश 30 मिनट पूर्व का स्थानीय समय है। 82.5 अंश को चार मिनट से गुणा करने पर 330 मिनट अर्थात पाँच घंटे तीस मिनट मिलते हैं, और भारत ग्रीनविच के पूर्व में है इसलिए उसकी घड़ी उतनी ही आगे रहती है। दोपहर 12 बजे में से साढ़े पाँच घंटे घटाने पर प्रातः 6:30 बजते हैं।
विकल्प A, प्रातः 5:30 साढ़े छह घंटे के अंतर से निकलेगा, जो किसी भारतीय देशांतर का नहीं है। विकल्प C और D ग्रीनविच को भारत से आगे दिखाते हैं और उस नियम को उलट देते हैं कि पूर्व के स्थान सूर्य पहले देखते हैं और इसलिए आगे रहते हैं। दिशा ही परीक्षा में सबसे अधिक भूली जाती है, इसलिए एक वाक्य याद रखिए: पूर्व आगे, पश्चिम पीछे।
देशांतर रेखाओं के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- A.वे समानांतर वृत्त हैं जो कभी नहीं मिलतीं
- B.वे समान लंबाई के अर्धवृत्त हैं जो ध्रुवों पर मिलती हैं
- C.वे ध्रुवों की ओर लंबी होती जाती हैं
- D.वे सभी अपने आप में वृहत वृत्त हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वे समान लंबाई के अर्धवृत्त हैं जो ध्रुवों पर मिलती हैं
व्याख्या
सही उत्तर B है। प्रत्येक देशांतर रेखा उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक जाती है, इसलिए सभी देशांतर समान लंबाई के अर्धवृत्त हैं और सभी दोनों ध्रुवों पर मिल जाते हैं। यही बात उन्हें अक्षांश रेखाओं से अलग करती है।
विकल्प A अक्षांश रेखाओं का वर्णन है, देशांतरों का नहीं: अक्षांश पूर्ण वृत्त हैं जो कभी नहीं मिलतीं। विकल्प C दोनों दृष्टियों से गलत है, क्योंकि देशांतर लंबाई में बराबर हैं और बदलती है उनके बीच की दूरी, जो भूमध्य रेखा पर लगभग 111 किलोमीटर होती है और ध्रुवों पर शून्य हो जाती है। विकल्प D एक निकट का जाल है: अकेला देशांतर केवल आधा वृत्त है, और वह अपनी विपरीत रेखा के साथ मिलकर ही पूरा वृहत वृत्त बनाता है, जबकि भूमध्य रेखा अकेले ही वृहत वृत्त है।
भारत की मानक देशांतर रेखा किस नगर के निकट से गुजरती है?
- A.नागपुर
- B.मिर्जापुर
- C.जबलपुर
- D.कानपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मिर्जापुर
व्याख्या
सही उत्तर B, मिर्जापुर है, जो उत्तर प्रदेश में है। 82 अंश 30 मिनट पूर्व की रेखा इसी नगर के पास से गुजरती है, और उसी का स्थानीय समय पूरे देश में भारतीय मानक समय के रूप में चलता है।
विकल्प A, नागपुर को अक्सर इसलिए चुन लिया जाता है कि वह देश के भौगोलिक केंद्र के निकट माना जाता है, परंतु मानक देशांतर रेखा उससे होकर नहीं जाती। विकल्प C, जबलपुर और विकल्प D, कानपुर मध्य भारत के अन्य नगर हैं जो भ्रम बढ़ाने के लिए दिए जाते हैं। यह रेखा इसलिए चुनी गई कि वह देशांतर की दृष्टि से देश के बीच से गुजरती है, जिससे घड़ी और सूर्य का अंतर दोनों छोरों पर लगभग एक घंटे के भीतर रहे, यद्यपि भारत लगभग 30 अंश देशांतर में फैला है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भूमध्य रेखा को वृहत वृत्त क्यों कहा जाता है?
वृहत वृत्त गोले पर खींचा वह वृत्त है जिसका तल गोले के केंद्र से होकर जाता है और जो गोले को दो बराबर भागों में बाँटता है। अक्षांश रेखाओं में केवल भूमध्य रेखा ऐसा करती है, क्योंकि शेष सभी रेखाएँ केंद्र से ऊपर या नीचे रहती हैं और छोटी होती हैं। दो विपरीत देशांतर रेखाएँ मिलकर भी वृहत वृत्त बनाती हैं, इसीलिए विमान दो स्थानों के बीच सबसे छोटे मार्ग के रूप में वृहत वृत्त मार्ग अपनाते हैं।
इतने चौड़े देश में भारत का एक ही समय क्षेत्र क्यों है?
भारत लगभग 30 अंश देशांतर में फैला है, जो सौर समय में लगभग दो घंटे बैठता है, इसलिए अरुणाचल प्रदेश में सूर्योदय गुजरात से बहुत पहले होता है। रेल, कार्यालय और प्रसारण पूरे देश में एक ही घड़ी से चल सकें, इसके लिए 82 अंश 30 मिनट पूर्व को मानक देशांतर चुना गया। इसकी कीमत यह है कि पूर्वी भारत में उजाला बहुत जल्दी हो जाता है, और इसी कारण दूसरे समय क्षेत्र की चर्चा उठती रहती है।
देशांतर को समय में कैसे बदला जाता है?
पृथ्वी 24 घंटे में 360 अंश की एक परिक्रमा पूरी करती है, इसलिए वह एक घंटे में 15 अंश और चार मिनट में एक अंश घूमती है। दो स्थानों के बीच समय का अंतर निकालने के लिए उनके देशांतरों का अंतर चार मिनट से गुणा कर दीजिए। पूर्व के स्थान आगे रहते हैं। उदाहरण के लिए 82 अंश 30 मिनट पूर्व को चार से गुणा करने पर 330 मिनट अर्थात साढ़े पाँच घंटे मिलते हैं।
अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा पार करने पर क्या होता है?
तिथि बदल जाती है। इसे पूर्व से पश्चिम पार करने वाला यात्री एक दिन जोड़ता है और एक कैलेंडर तिथि छोड़ देता है। पश्चिम से पूर्व पार करने वाला यात्री वही तिथि दोबारा जीता है। यह रेखा प्रशांत महासागर में 180 अंश देशांतर के साथ चलती है परंतु द्वीप समूहों तथा साइबेरिया के पूर्वी सिरे के चारों ओर मुड़ जाती है ताकि किसी देश में एक ही क्षण दो तिथियाँ न रहें।
पृथ्वी के तीन ताप कटिबंध कौन से हैं?
उष्ण कटिबंध कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच है और वर्ष में कम से कम एक बार सूर्य की लंबवत किरणें पाता है। दो शीतोष्ण कटिबंध एक उष्ण रेखा और उसी गोलार्ध के ध्रुव वृत्त के बीच हैं, जहाँ सूर्य कभी लंबवत नहीं होता और ताप मध्यम रहता है। दो शीत कटिबंध आर्कटिक और अंटार्कटिक वृत्तों के परे हैं, जहाँ किरणें सदा तिरछी रहती हैं और ठंड अत्यधिक होती है।
स्रोत
- पृथ्वी हमारा आवास (कक्षा 6), ग्लोब, अक्षांश और देशांतर से संबंधित अध्याय — एनसीईआरटी
- भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत (कक्षा 11) — एनसीईआरटी



