विश्व के स्थलरुद्ध देश: सूची, तथ्य और पिछले प्रश्न
परीक्षा नोट्स: विश्व में कितने स्थलरुद्ध देश हैं, महाद्वीपवार सूची, दोहरे स्थलरुद्ध देश, कीर्तिमान, पारगमन अधिकार तथा भारत के तटविहीन राज्यों के तथ्य।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

स्थलरुद्ध (लैंडलॉक्ड) देश वह संप्रभु राष्ट्र है, जिसकी सीमा किसी महासागर या महासागर से जुड़े सागर से नहीं लगती। विश्व में चौवालीस देश स्थलरुद्ध हैं। इन्हें अपना आयात-निर्यात किसी पड़ोसी देश की भूमि से होकर बंदरगाह तक पहुंचाना पड़ता है, जिससे परिवहन महंगा और व्यापार धीमा हो जाता है; इसीलिए अंतरराष्ट्रीय कानून इन्हें समुद्र तक पहुंच का अधिकार देता है। यह अध्याय शुद्ध तथ्यात्मक भूगोल है और परीक्षाओं में एक-एक तथ्य पूछा जाता है—कितने देश, किस महाद्वीप में सर्वाधिक, सबसे बड़ा कौन, दोहरा स्थलरुद्ध कौन। इसी विचार को भारत के भीतर भी पूछा जाता है, जहां अट्ठाईस राज्यों में से उन्नीस राज्य तटविहीन हैं।
महाद्वीपों में वितरण
अफ्रीका में सर्वाधिक सोलह स्थलरुद्ध देश हैं, जिनमें चाड, नाइजर, माली, बुर्किना फासो, इथियोपिया, युगांडा, रवांडा, बुरुंडी, जाम्बिया, जिंबाब्वे, बोत्सवाना, मलावी और लेसोथो सम्मिलित हैं। यूरोप में चौदह देश हैं, जिनमें स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, हंगरी, चेकिया, स्लोवाकिया, सर्बिया, बेलारूस, लक्जमबर्ग, अंडोरा, सैन मारिनो और वेटिकन आते हैं। एशिया में बारह हैं—अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, भूटान, कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, लाओस, मंगोलिया, नेपाल, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान। दक्षिण अमेरिका में केवल दो हैं—बोलिविया और पैराग्वे। उत्तर अमेरिका, ओशिनिया और ऑस्ट्रेलिया में एक भी नहीं है, क्योंकि वहां प्रत्येक देश समुद्र को स्पर्श करता है। कैस्पियन का पेच ध्यान रखें—कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और अजरबैजान का तट कैस्पियन पर है, परंतु वह विश्व की सबसे बड़ी झील है और महासागर से जुड़ी नहीं है, इसलिए ये देश स्थलरुद्ध ही गिने जाते हैं।
परीक्षा में पूछे जाने वाले कीर्तिमान
| वर्ग | देश | स्मरणीय तथ्य |
|---|---|---|
| सबसे बड़ा स्थलरुद्ध देश | कजाकिस्तान | विश्व का नौवां सबसे बड़ा देश |
| दूसरा सबसे बड़ा | मंगोलिया | केवल रूस और चीन से सीमा |
| अफ्रीका में सबसे बड़ा | चाड | चाड झील के नाम पर |
| सबसे छोटा स्थलरुद्ध देश | वेटिकन सिटी | विश्व का सबसे छोटा देश भी |
| सर्वाधिक जनसंख्या वाला | इथियोपिया | 1993 में स्थलरुद्ध हुआ |
| दोहरे स्थलरुद्ध देश | उज्बेकिस्तान और लिकटेंस्टाइन | विश्व में केवल ये दो |
| एक ही देश से घिरे | लेसोथो, सैन मारिनो, वेटिकन सिटी | लेसोथो दक्षिण अफ्रीका में, अन्य दो इटली में |
| दक्षिण-पूर्व एशिया का एकमात्र | लाओस | मेकांग नदी जीवनरेखा |
दोहरा स्थलरुद्ध देश वह है, जिसके सभी पड़ोसी स्वयं स्थलरुद्ध हों, अर्थात समुद्र तक पहुंचने के लिए कम से कम दो सीमाएं पार करनी पड़ें। उज्बेकिस्तान के चारों ओर अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान हैं, जो सभी स्थलरुद्ध हैं; लिकटेंस्टाइन स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच स्थित है। भारत के स्थलरुद्ध पड़ोसी नेपाल और भूटान हैं, जो अपने विदेशी व्यापार के लिए मुख्यत: कोलकाता और हल्दिया बंदरगाहों पर निर्भर हैं।
देश स्थलरुद्ध कैसे बनते हैं
सीमाएं बदलती हैं और इसके साथ यह सूची भी। बोलिविया का प्रशांत महासागर पर तट था, जो 1879 से 1883 के प्रशांत युद्ध में अटाकामा क्षेत्र चिली के हाथ चले जाने पर छिन गया; आज भी वह टिटिकाका झील पर नौसेना रखता है और प्रतिवर्ष 'समुद्र दिवस' मनाता है, तथा उसका नदी व्यापार पैराग्वे और पराना नदियों से होता है। इथियोपिया ने 1993 में अपना तट खोया, जब इरिट्रिया स्वतंत्र हुआ और लाल सागर के मसावा तथा असाब बंदरगाह उसके भाग में चले गए। सर्बिया 2006 में स्थलरुद्ध हुआ, जब मोंटेनेग्रो अलग हुआ। 2011 में स्वतंत्र दक्षिण सूडान विश्व का सबसे नया स्थलरुद्ध देश है। दक्षिण अमेरिका का दूसरा स्थलरुद्ध देश पैराग्वे पराना और पैराग्वे नदियों से अटलांटिक तक पहुंचता है।
कठिनाइयां और अंतरराष्ट्रीय कानून
स्थलरुद्ध देशों को अधिक भाड़ा देना पड़ता है, सीमाओं पर प्रतीक्षा करनी पड़ती है और पड़ोसियों की राजनीति पर निर्भर रहना पड़ता है; इनमें अधिकांश निम्न आय वाले देश हैं और संयुक्त राष्ट्र 'स्थलरुद्ध विकासशील देशों' की अलग श्रेणी रखता है, जिसके लिए 2003 में अल्माटी कार्यक्रम और 2014 में वियना कार्यक्रम स्वीकार किया गया। समुद्री कानून संबंधी संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (1982) प्रत्येक स्थलरुद्ध राष्ट्र को समुद्र तक आने-जाने का अधिकार, पारगमन देशों से होकर मुक्त आवागमन तथा अपने ध्वज के नीचे जलपोत चलाने का अधिकार देता है; स्विट्जरलैंड, बोलिविया और मंगोलिया के अपने व्यापारिक बेड़े पंजीकृत हैं। व्यवहार में काम संधियों से चलता है—नेपाल और भूटान भारत के साथ पारगमन समझौतों का उपयोग करते हैं, और भारत ने स्वयं, पाकिस्तान के कारण अफगानिस्तान तथा मध्य एशिया से कटा होने पर, ईरान में चाबहार बंदरगाह को पारगमन मार्ग के रूप में विकसित किया है।
भारत के स्थलरुद्ध राज्य
यही विचार देश के भीतर भी पूछा जाता है। भारत के नौ राज्य तट पर स्थित हैं—पश्चिम से पूर्व की ओर गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल। राज्यों में सबसे लंबी तटरेखा गुजरात की है। चार केंद्रशासित प्रदेश तटीय हैं—पुडुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव। शेष उन्नीस राज्य स्थलरुद्ध हैं, जिनमें सबसे बड़ा मध्य प्रदेश है; दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश भी तटविहीन हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ भारत के दोहरे स्थलरुद्ध राज्य हैं, क्योंकि इनसे लगे सभी राज्य भी तटविहीन हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न एक तथ्य पर आते हैं—स्थलरुद्ध देशों की संख्या, सर्वाधिक देशों वाला महाद्वीप, सबसे बड़ा और सबसे छोटा देश, दोहरे स्थलरुद्ध देशों की जोड़ी, दक्षिण-पूर्व एशिया का एकमात्र स्थलरुद्ध देश तथा केवल दक्षिण अफ्रीका से घिरा देश। नक्शा आधारित प्रश्न में चार देशों में से तटविहीन देश पूछा जाता है, जिसमें मंगोलिया, बोलिविया और कजाकिस्तान सामान्य भ्रम हैं; कैस्पियन सागर का उपयोग जाल के रूप में होता है, क्योंकि उसका तट किसी देश को तटीय नहीं बनाता। राज्य परीक्षाएं और एसएससी भारत से जुड़ा रूप पूछते हैं—कितने राज्य तटीय हैं, सबसे लंबी तटरेखा किसकी है और कौन राज्य तटविहीन हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| स्थलरुद्ध देश | विश्व में 44 |
|---|---|
| महाद्वीपवार | अफ्रीका 16, यूरोप 14, एशिया 12, दक्षिण अमेरिका 2; उत्तर अमेरिका और ओशिनिया में शून्य |
| दोहरे स्थलरुद्ध | उज्बेकिस्तान और लिकटेंस्टाइन |
| सबसे बड़ा स्थलरुद्ध देश | कजाकिस्तान; दूसरा मंगोलिया |
| अफ्रीका में सबसे बड़ा | चाड |
| सबसे छोटा स्थलरुद्ध देश | वेटिकन सिटी |
| सर्वाधिक जनसंख्या वाला | इथियोपिया |
| एक ही देश से घिरे | लेसोथो (दक्षिण अफ्रीका), सैन मारिनो तथा वेटिकन सिटी (इटली) |
| दक्षिण-पूर्व एशिया का एकमात्र | लाओस |
| दक्षिण अमेरिका | बोलिविया और पैराग्वे |
| सबसे नया स्थलरुद्ध देश | दक्षिण सूडान, 2011 में स्वतंत्र |
| बोलिविया का खोया तट | प्रशांत युद्ध (1879-83) में चिली ने लिया |
| समुद्री कानून | अनक्लॉस 1982: समुद्र तक पहुंच और मुक्त पारगमन का अधिकार |
| भारत के स्थलरुद्ध पड़ोसी | नेपाल और भूटान |
| भारत के तटीय राज्य | नौ; सबसे लंबी तटरेखा गुजरात की |
| भारत के तटविहीन राज्य | उन्नीस; मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोहरे स्थलरुद्ध |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत में कितने राज्य समुद्र तट पर स्थित हैं?
- A.7
- B.8
- C.9
- D.10
उत्तर देखें
भारत के तटीय राज्य, पश्चिमी तट से पूर्वी तट की ओर, हैं—गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल; इनमें सबसे लंबी तटरेखा गुजरात की है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा देश दोहरा स्थलरुद्ध (डबली लैंडलॉक्ड) है?
- A.नेपाल
- B.उज्बेकिस्तान
- C.मंगोलिया
- D.बोलिविया
उत्तर देखें
दोहरा स्थलरुद्ध देश वह होता है, जिसके चारों ओर केवल स्थलरुद्ध देश हों, अर्थात समुद्र तक पहुंचने के लिए कम से कम दो अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार करनी पड़ें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा स्थलरुद्ध देश कौन है?
- A.मंगोलिया
- B.कजाकिस्तान
- C.चाड
- D.बोलिविया
उत्तर देखें
कजाकिस्तान विश्व का नौवां सबसे बड़ा देश है और समुद्र तट से रहित देशों में सबसे बड़ा है। कैस्पियन पर उसका तट इस स्थिति को नहीं बदलता, क्योंकि कैस्पियन विश्व की सबसे बड़ी झील है और महासागर से उसका प्राकृतिक संबंध नहीं है, इसलिए कजाकिस्तान स्थलरुद्ध ही गिना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस महाद्वीप में सर्वाधिक स्थलरुद्ध देश हैं?
- A.एशिया
- B.यूरोप
- C.अफ्रीका
- D.दक्षिण अमेरिका
उत्तर देखें
विश्व के चौवालीस स्थलरुद्ध देशों में सोलह अफ्रीका में हैं, जिनमें चाड, नाइजर, माली, बुर्किना फासो, इथियोपिया, युगांडा, रवांडा, बुरुंडी, जाम्बिया, जिंबाब्वे, बोत्सवाना, मलावी और लेसोथो सम्मिलित हैं; उन्नीसवीं शताब्दी में औपनिवेशिक शक्तियों द्वारा खींची गई सीमाएं ही इसका कारण हैं कि इतने अफ्रीकी देश तटविहीन रह गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बोलिविया के अतिरिक्त दक्षिण अमेरिका का दूसरा स्थलरुद्ध देश कौन है?
- A.इक्वाडोर
- B.उरुग्वे
- C.पैराग्वे
- D.गुयाना
उत्तर देखें
बोलिविया और पैराग्वे दक्षिण अमेरिका के केवल दो स्थलरुद्ध देश हैं। पैराग्वे का कोई समुद्र तट नहीं है, परंतु वह पैराग्वे और पराना नदियों के मार्ग से अटलांटिक तक पहुंचता है, जिनसे उसका अधिकांश व्यापार होता है; बोलिविया ने अपना प्रशांत तट 1879-83 के प्रशांत युद्ध में चिली के हाथों…
पूरी व्याख्या पढ़ें →इथियोपिया 1993 में स्थलरुद्ध देश बन गया, जब उसका कौन-सा पड़ोसी स्वतंत्र हुआ?
- A.सोमालिया
- B.जिबूती
- C.इरिट्रिया
- D.दक्षिण सूडान
उत्तर देखें
लंबे संघर्ष के बाद इरिट्रिया 1993 में इथियोपिया से स्वतंत्र हुआ और उसके साथ लाल सागर का पूरा तट, जिसमें मसावा तथा असाब बंदरगाह सम्मिलित थे, चला गया; इससे इथियोपिया तटविहीन हो गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दक्षिण-पूर्व एशिया का एकमात्र स्थलरुद्ध देश कौन है?
- A.कंबोडिया
- B.लाओस
- C.म्यांमार
- D.थाईलैंड
उत्तर देखें
लाओस, जिसका औपचारिक नाम लाओ जनवादी लोकतांत्रिक गणराज्य है, दक्षिण-पूर्व एशिया का एकमात्र देश है, जिसका समुद्र तट नहीं है; उसकी सीमा चीन, वियतनाम, कंबोडिया, थाईलैंड और म्यांमार से लगती है, और मेकांग नदी, जो उसकी पश्चिमी सीमा का बड़ा भाग बनाती है, उसका प्रमुख जलमार्ग तथा जल विद्युत का…
पूरी व्याख्या पढ़ें →लेसोथो किस एक ही देश से पूर्णत: घिरा हुआ है?
- A.बोत्सवाना
- B.नामीबिया
- C.दक्षिण अफ्रीका
- D.जिंबाब्वे
उत्तर देखें
लेसोथो पूर्णत: दक्षिण अफ्रीका के भीतर स्थित है और विश्व के उन केवल तीन देशों में से एक है, जो एक ही पड़ोसी से घिरे हैं; अन्य दो सैन मारिनो और वेटिकन सिटी हैं, जो इटली के भीतर हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विश्व का सबसे छोटा स्थलरुद्ध देश कौन है?
- A.सैन मारिनो
- B.वेटिकन सिटी
- C.लिकटेंस्टाइन
- D.अंडोरा
उत्तर देखें
रोम के भीतर लगभग 0.44 वर्ग किलोमीटर में फैला वेटिकन विश्व का सबसे छोटा देश है और सबसे छोटा स्थलरुद्ध देश भी; यह पोप का निवास तथा संप्रभु राष्ट्रों में सबसे छोटा सदस्य है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1879-83 के प्रशांत युद्ध में बोलिविया ने अपना समुद्र तट किस देश के हाथों खोया था?
- A.पेरू
- B.चिली
- C.अर्जेंटीना
- D.ब्राजील
उत्तर देखें
पेरू के साथ मिलकर लड़ने वाला बोलिविया चिली से पराजित हुआ और उसने नाइट्रेट से समृद्ध अटाकामा तट खो दिया, जिससे तब से उसकी प्रशांत महासागर तक पहुंच समाप्त हो गई; यह विवाद आज भी दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित करता है और बोलिविया प्रतिवर्ष 'समुद्र दिवस' मनाता है…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्थलरुद्ध देश किसे कहते हैं?
वह संप्रभु राष्ट्र, जिसका किसी महासागर या महासागर से जुड़े सागर पर तट न हो। उसे अपना विदेशी व्यापार पड़ोसी देश की भूमि से होकर बंदरगाह तक पहुंचाना पड़ता है, जिससे परिवहन लागत बढ़ती है; कैस्पियन जैसी अंतर्देशीय जलराशि का तट किसी देश को तटीय नहीं बनाता।
दोहरे स्थलरुद्ध देश कौन हैं?
उज्बेकिस्तान और लिकटेंस्टाइन। इनके चारों ओर केवल स्थलरुद्ध देश हैं, अत: समुद्र तक पहुंचने के लिए कम से कम दो अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार करनी पड़ती हैं। उज्बेकिस्तान अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, ताजिकिस्तान तथा तुर्कमेनिस्तान से घिरा है और लिकटेंस्टाइन स्विट्जरलैंड एवं ऑस्ट्रिया के बीच है।
सबसे बड़ा और सबसे छोटा स्थलरुद्ध देश कौन है?
सबसे बड़ा कजाकिस्तान है, जो विश्व का नौवां सबसे बड़ा देश है, और उसके बाद मंगोलिया। सबसे छोटा वेटिकन सिटी है, जो विश्व का सबसे छोटा देश भी है। चाड अफ्रीका का सबसे बड़ा स्थलरुद्ध देश है और इथियोपिया सर्वाधिक जनसंख्या वाला।
भारत के कितने राज्य स्थलरुद्ध हैं?
अट्ठाईस राज्यों में से उन्नीस, क्योंकि नौ राज्य तटीय हैं—गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल। मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ दोहरे स्थलरुद्ध राज्य हैं, क्योंकि इनसे लगे सभी राज्य भी तटविहीन हैं।
क्या स्थलरुद्ध देशों को समुद्र के उपयोग का कोई अधिकार है?
हां। समुद्री कानून संबंधी संयुक्त राष्ट्र अभिसमय, 1982 प्रत्येक स्थलरुद्ध राष्ट्र को समुद्र तक आने-जाने का अधिकार, पड़ोसी पारगमन देशों से होकर मुक्त आवागमन तथा अपने ध्वज के नीचे जलपोत पंजीकृत कर चलाने का अधिकार देता है; विस्तृत व्यवस्था द्विपक्षीय संधियों से तय होती है।
स्रोत
- समुद्री कानून संबंधी संयुक्त राष्ट्र अभिसमय, 1982, अनुच्छेद 124 से 132 — संयुक्त राष्ट्र
- स्थलरुद्ध विकासशील देश: वियना कार्यक्रम — संयुक्त राष्ट्र (ओएचआरएलएलएस)
- मानव भूगोल के मूल सिद्धांत (कक्षा 12), परिवहन एवं संचार अध्याय — एनसीईआरटी





