भारत का भौतिक स्वरूप: भौतिक विभाग और परीक्षा प्रश्न
भारत के भौतिक स्वरूप पर परीक्षोपयोगी नोट्स: हिमालय, उत्तर का विशाल मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, थार मरुस्थल, तटीय मैदान, द्वीप समूह, चोटियाँ और दर्रे।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

भू-आकृति विज्ञान में यह पढ़ा जाता है कि धरातल किस प्रकार बना है, उसका प्रत्येक भाग कैसे विकसित हुआ और इसका नदियों, मिट्टियों तथा बस्तियों पर क्या प्रभाव पड़ता है। भारत को छह भौतिक विभागों में बाँटा जाता है, और भूगोल का लगभग हर प्रश्नपत्र यहीं से आरंभ होता है, क्योंकि आगे की नदियाँ, जलवायु, मिट्टियाँ और फसलें इन्हीं विभागों के ढाँचे पर टिकी हैं। इस लेख में छहों विभाग क्रम से लिए गए हैं, उन श्रेणियों, चोटियों, दर्रों और पारिभाषिक शब्दों के साथ जो परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
हिमालय पर्वत
हिमालय नवीन वलित पर्वत है, जो भारतीय प्लेट और यूरेशियाई प्लेट की टक्कर से उठा और आज भी ऊँचा हो रहा है। यह पश्चिम में सिंधु महाखड्ड से पूर्व में ब्रह्मपुत्र महाखड्ड तक लगभग 2,400 किलोमीटर लंबे चाप में फैला है। उत्तर से दक्षिण की ओर इसकी तीन समानांतर श्रेणियाँ हैं। हिमाद्रि या वृहत् हिमालय सबसे भीतरी और सबसे ऊँची श्रेणी है, जिसमें सर्वोच्च चोटियाँ तथा गंगोत्री और सियाचिन जैसे विशाल हिमनद हैं। इसके दक्षिण में हिमाचल या लघु हिमालय है, जिसमें पीरपंजाल, धौलाधार और महाभारत श्रेणियाँ, कश्मीर घाटी, कांगड़ा और कुल्लू घाटियाँ तथा शिमला, मसूरी और नैनीताल जैसे पर्वतीय नगर आते हैं। सबसे बाहरी और नीची श्रेणी शिवालिक है, जो नदियों द्वारा लाए गए बजरी और असंगठित निक्षेप से बनी है; शिवालिक और लघु हिमालय के बीच की समतल तलवाली घाटियाँ दून कहलाती हैं, जिनमें देहरादून सबसे प्रसिद्ध है।
लंबाई की दिशा में नदियाँ हिमालय को कई भागों में बाँटती हैं: सिंधु और सतलुज के बीच पंजाब हिमालय, सतलुज और काली के बीच कुमाऊँ हिमालय, काली और तिस्ता के बीच नेपाल हिमालय तथा तिस्ता और दिहांग के बीच असम हिमालय। पूर्वी मोड़ के आगे श्रेणियाँ दक्षिण की ओर मुड़कर पूर्वांचल बनाती हैं, जिसमें पटकाई बूम, नागा पहाड़ियाँ, मणिपुर पहाड़ियाँ और मिजो या लुशाई पहाड़ियाँ सम्मिलित हैं। वृहत् हिमालय के उत्तर में ट्रांस हिमालय श्रेणियाँ हैं, अर्थात काराकोरम, लद्दाख और जास्कर, जो संरचना की दृष्टि से तिब्बती खंड का भाग हैं।
उत्तर का विशाल मैदान
उत्तर का मैदान सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्रों के जलोढ़ से बना है, जिसने उठते हुए पर्वतों के सामने पड़े विशाल गर्त को भर दिया। यह पृथ्वी के सर्वाधिक उपजाऊ और घनी आबादी वाले भागों में है। इसमें चार पट्टियाँ मिलती हैं। भाबर शिवालिक के तल पर कंकड़-पत्थर वाली सँकरी पट्टी है, जहाँ छोटी धाराएँ भूमि में लुप्त हो जाती हैं। तराई इसके दक्षिण की दलदली और पहले वनाच्छादित पट्टी है, जहाँ वही धाराएँ फिर प्रकट होती हैं। बांगर पुराना जलोढ़ है, जो बाढ़ के स्तर से ऊपर रहता है और जिसमें प्रायः कंकड़ नामक चूने की गाँठें मिलती हैं। खादर सक्रिय बाढ़ मैदान का नया जलोढ़ है, जो हर वर्ष नई गाद से भर जाता है और इन चारों में सबसे उपजाऊ है। असम के ब्रह्मपुत्र मैदान में माजुली स्थित है, जो देश का सबसे बड़ा नदी द्वीप है।
प्रायद्वीपीय पठार
प्रायद्वीपीय खंड भारत का सबसे प्राचीन भाग है, प्राचीन गोंडवाना भूखंड का अवशेष, जो क्रिस्टलीय आग्नेय और कायांतरित शैलों से बना है। इसे मोटे तौर पर नर्मदा के उत्तर के मध्यवर्ती उच्च प्रदेश और दक्षिण के दक्कन पठार में बाँटा जाता है; मध्यवर्ती उच्च प्रदेश में मालवा पठार, बुंदेलखंड और कोयला क्षेत्रों वाला छोटानागपुर पठार आते हैं। दक्कन के पश्चिम में पश्चिमी घाट या सह्याद्रि की सतत दीवार है, जो केवल थालघाट, भोरघाट और पालघाट जैसे दर्रों से कटी है, तथा पूर्व में असतत पूर्वी घाट हैं, जिन्हें बंगाल की खाड़ी की ओर बहने वाली नदियाँ काटती हैं। उत्तर-पश्चिमी दक्कन दक्कन ट्रैप से ढका है, अर्थात दरारी उद्गार से निकले बेसाल्ट की परतों से, जिनके अपक्षय से काली रेगुर मिट्टी बनती है। उत्तर-पश्चिम की अरावली श्रेणी भारत का सबसे पुराना वलित पर्वत तंत्र है, जो घिसकर नीची अवशिष्ट पहाड़ियों में बदल चुका है, और विंध्य तथा सतपुड़ा श्रेणियाँ उन भ्रंश घाटियों को घेरती हैं जिनमें नर्मदा और तापी पश्चिम की ओर बहती हैं।
भारतीय मरुस्थल
अरावली के पश्चिम और उत्तर-पश्चिम में थार या विशाल भारतीय मरुस्थल है, जहाँ अर्धचंद्राकार बरखान और लंबवत बालुका स्तूप मिलते हैं और वर्षा वर्ष भर में 150 मिलीमीटर से भी कम होती है। यहाँ की धाराएँ मौसमी हैं और लूनी ही एकमात्र बड़ी नदी है; अनेक जलधाराएँ समुद्र तक पहुँचने के बजाय भीतरी खारे गर्तों में समाप्त हो जाती हैं।
तटीय मैदान और द्वीप समूह
पश्चिमी घाट और अरब सागर के बीच का पश्चिमी तटीय मैदान सँकरा है और निमज्जित तट होने के कारण यहाँ अच्छे प्राकृतिक पत्तन तथा केरल की वेम्बनाड जैसी पश्चजल झीलें मिलती हैं। इसके खंडों को कच्छ-काठियावाड़ तट, कोंकण, कन्नड़ मैदान और मालाबार तट कहा जाता है। पूर्वी तटीय मैदान चौड़ा और समतल है, उन्मज्जित तट है, जिसमें बालू रोधिकाएँ तथा चिल्का और पुलिकट जैसी लैगून हैं पर अच्छे पत्तन कम हैं; इसी पर महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी के डेल्टा बने हैं, और उत्तरी भाग उत्तरी सरकार तथा दक्षिणी भाग कोरोमंडल तट कहलाता है। भारत के दो द्वीप समूह हैं। बंगाल की खाड़ी के अंडमान और निकोबार द्वीप ज्वालामुखीय तथा विवर्तनिक उत्पत्ति के हैं, आपस में दस डिग्री चैनल से अलग होते हैं, और इन्हीं में बैरन द्वीप है, जो देश का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है, तथा ग्रेट निकोबार में इंदिरा पॉइंट है, जो भारतीय भूभाग का दक्षिणतम बिंदु है। अरब सागर का लक्षद्वीप प्रवाल द्वीपों और वलयद्वीपों का समूह है, जो एक जलमग्न कटक पर बना है।
याद रखने योग्य चोटियाँ और दर्रे
| स्थलरूप | स्थिति | विशेष |
|---|---|---|
| कंचनजंगा | सिक्किम, नेपाल सीमा पर | भारत की सर्वोच्च चोटी, 8,586 मीटर |
| नंदा देवी | उत्तराखंड | पूर्णतः भारत में स्थित सर्वोच्च चोटी, 7,816 मीटर |
| अनाईमुडी | केरल | प्रायद्वीपीय भारत की सर्वोच्च चोटी, 2,695 मीटर |
| डोडाबेट्टा | नीलगिरि, तमिलनाडु | नीलगिरि की सर्वोच्च चोटी, 2,637 मीटर |
| गुरु शिखर | माउंट आबू, राजस्थान | अरावली की सर्वोच्च चोटी, 1,722 मीटर |
| जोजिला, रोहतांग, नाथूला | लद्दाख, हिमाचल, सिक्किम | जोड़ों में पूछे जाने वाले हिमालयी दर्रे |
ये विभाग क्यों महत्वपूर्ण हैं
छह भौतिक विभाग शेष पाठ्यक्रम का अधिकांश भाग समझा देते हैं। हिमालय मध्य एशिया की ठंडी पवनों को रोकता है और मानसून को भारत पर वर्षा करने के लिए बाध्य करता है। मैदान देश की गेहूँ और चावल पेटी तथा सबसे घनी आबादी देते हैं। पठार लगभग सभी धात्विक खनिज और काली कपास मिट्टी देता है। मरुस्थल, तट और द्वीप बस्ती की सीमा, पत्तन और समुद्री सीमा तय करते हैं। पहले ये विभाग याद कर लें, तो भारतीय भूगोल का शेष भाग स्वयं क्रम में बैठ जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न पाँच रूपों में आते हैं। पहला, विवरण से विभाग या पट्टी पहचानना: भाबर, तराई, बांगर, खादर और दून लगभग हर वर्ष पूछे जाते हैं। दूसरा, चोटी और राज्य के जोड़े: कंचनजंगा के साथ सिक्किम, अनाईमुडी के साथ केरल, डोडाबेट्टा के साथ नीलगिरि, गुरु शिखर के साथ राजस्थान। तीसरा, दर्रा और राज्य के जोड़े: जोजिला, रोहतांग, शिपकी ला, नाथूला और बोमडी ला। चौथा, श्रेणियों पर आधारित मिलान या बेमेल प्रश्न: कौन सी श्रेणी ट्रांस हिमालय की है, कौन सा घाट सतत है, कौन सी नदी भ्रंश घाटी में बहती है। पाँचवाँ, द्वीपों के तथ्य: दस डिग्री चैनल, बैरन द्वीप, इंदिरा पॉइंट और लक्षद्वीप की प्रवाल उत्पत्ति। सामान्य भूलें हैं अरावली को नवीन श्रेणी मान लेना, अनाईमुडी को अनाईमलाई के स्थान पर नीलगिरि में रख देना और भाबर तथा तराई को आपस में बदल देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| भौतिक विभाग | हिमालय, उत्तर का मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, भारतीय मरुस्थल, तटीय मैदान, द्वीप समूह |
|---|---|
| हिमालय की लंबाई | सिंधु महाखड्ड से ब्रह्मपुत्र महाखड्ड तक लगभग 2,400 किलोमीटर |
| हिमालय की तीन श्रेणियाँ | हिमाद्रि (वृहत्), हिमाचल (लघु), शिवालिक (बाहरी) |
| ट्रांस हिमालय श्रेणियाँ | काराकोरम, लद्दाख और जास्कर |
| पूर्वी पहाड़ियाँ | पूर्वांचल: पटकाई बूम, नागा, मणिपुर और मिजो पहाड़ियाँ |
| मैदान की पट्टियाँ | भाबर, तराई, बांगर (पुराना जलोढ़) और खादर (नया जलोढ़) |
| सबसे बड़ा नदी द्वीप | माजुली, असम में ब्रह्मपुत्र नदी में |
| सबसे पुराना वलित पर्वत | अरावली; सर्वोच्च बिंदु गुरु शिखर, 1,722 मीटर, माउंट आबू |
| भ्रंश घाटी की नदियाँ | नर्मदा और तापी, विंध्य तथा सतपुड़ा के बीच पश्चिम की ओर |
| प्रायद्वीप की सर्वोच्च चोटी | केरल का अनाईमुडी, 2,695 मीटर |
| दक्कन ट्रैप | दरारी उद्गार से बना बेसाल्ट; काली रेगुर मिट्टी का स्रोत |
| पश्चिमी घाट का दर्रा | पालघाट गैप, नीलगिरि और अनाईमलाई पहाड़ियों के बीच |
| एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी | बैरन द्वीप, अंडमान द्वीप समूह में |
| भारत का दक्षिणतम बिंदु | इंदिरा पॉइंट, ग्रेट निकोबार में |
| लक्षद्वीप | अरब सागर में प्रवाल वलयद्वीप |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
लक्षद्वीप कहाँ स्थित है?
- A.बंगाल की खाड़ी
- B.प्रशांत महासागर
- C.अरब सागर
- D.अटलांटिक महासागर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अरब सागर
व्याख्या
सही उत्तर C, अरब सागर है। लक्षद्वीप केरल के मालाबार तट से दूर अरब सागर में स्थित छोटे प्रवाल द्वीपों, वलयद्वीपों और भित्तियों का समूह है, जो एक जलमग्न कटक पर बना है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह भारत का सबसे छोटा केंद्रशासित प्रदेश है और कवरत्ती इसका प्रशासनिक मुख्यालय है।
विकल्प A, बंगाल की खाड़ी, में भारत का दूसरा द्वीप समूह अर्थात अंडमान और निकोबार स्थित है, जो प्रवाल नहीं बल्कि ज्वालामुखीय और विवर्तनिक उत्पत्ति का है, इसलिए जल्दबाजी में दोनों बदल जाते हैं। विकल्प B, प्रशांत महासागर, एशिया से बहुत पूर्व में है और भारत का कोई भाग उसे नहीं छूता। विकल्प D, अटलांटिक महासागर, अफ्रीका के दूसरी ओर है और उसमें भारतीय भूभाग है ही नहीं। सरल जोड़ा याद रखें: पश्चिम में अरब सागर का प्रवाल लक्षद्वीप और पूर्व में बंगाल की खाड़ी का ज्वालामुखीय अंडमान-निकोबार।
शिवालिक के तल पर स्थित वह सँकरी कंकड़-पत्थर वाली पट्टी, जहाँ पर्वतों से उतरती धाराएँ भूमि में लुप्त हो जाती हैं, क्या कहलाती है?
- A.तराई
- B.भाबर
- C.बांगर
- D.खादर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भाबर
व्याख्या
सही उत्तर B, भाबर है। नदियाँ जब पहाड़ों से बाहर निकलती हैं तो अपना सबसे मोटा भार वहीं गिरा देती हैं, और बजरी तथा कंकड़ से बनी यह पट्टी इतनी पारगम्य होती है कि छोटी धाराएँ उसमें रिसकर लुप्त हो जाती हैं। लगभग आठ से सोलह किलोमीटर चौड़ी यह पट्टी मैदान के पूरे उत्तरी किनारे पर फैली है और भाबर कहलाती है।
विकल्प A, तराई, भाबर के ठीक दक्षिण की पट्टी है, जहाँ वही धाराएँ पुनः सतह पर आ जाती हैं और दलदली तथा पहले घने वनों वाला क्षेत्र बनाती हैं। विकल्प C, बांगर, पहाड़ों के तल की कोई स्थिति नहीं बल्कि मैदान का पुराना जलोढ़ है, जो बाढ़ के स्तर से ऊपर रहता है और जिसमें कंकड़ नामक चूने की गाँठें होती हैं। विकल्प D, खादर, सक्रिय बाढ़ मैदान का नया जलोढ़ है, जो हर बाढ़ में ताजी गाद पाता है। भाबर और तराई एक जोड़ा हैं और उत्तर पुस्तिकाओं में यही सबसे अधिक आपस में बदले जाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सी प्रायद्वीपीय भारत की सर्वोच्च चोटी है?
- A.डोडाबेट्टा
- B.अनाईमुडी
- C.महेंद्रगिरि
- D.गुरु शिखर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनाईमुडी
व्याख्या
सही उत्तर B, अनाईमुडी है। अनाईमुडी केरल की अनाईमलाई पहाड़ियों में वहाँ स्थित है जहाँ अनाईमलाई, पलनी और इलायची पहाड़ियाँ मिलती हैं, और इसकी ऊँचाई लगभग 2,695 मीटर है। यह पश्चिमी घाट तथा पूरे प्रायद्वीपीय खंड का सर्वोच्च बिंदु है और हिमालय के दक्षिण में भारत का सबसे ऊँचा स्थान है।
विकल्प A, डोडाबेट्टा, लगभग 2,637 मीटर ऊँची है और तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ियों की सर्वोच्च चोटी है, किंतु अनाईमुडी से नीची है; इसी जोड़े को प्रश्नों में आमने-सामने रखा जाता है। विकल्प C, महेंद्रगिरि, ओडिशा में पूर्वी घाट की चोटी है और बहुत नीची है, क्योंकि पूर्वी घाट टूटे हुए और कम ऊँचे हैं। विकल्प D, राजस्थान में माउंट आबू के निकट गुरु शिखर, लगभग 1,722 मीटर ऊँचा है और प्राचीन तथा अत्यधिक अपरदित अरावली का सर्वोच्च बिंदु है।
नर्मदा और तापी अन्य प्रायद्वीपीय नदियों से इस कारण भिन्न हैं कि वे
- A.हिमालय से निकलती हैं
- B.भ्रंश घाटियों में बहकर अरब सागर में गिरती हैं
- C.पूर्वी तट पर बड़े डेल्टा बनाती हैं
- D.पूर्णतः मौसमी धाराएँ हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भ्रंश घाटियों में बहकर अरब सागर में गिरती हैं
व्याख्या
सही उत्तर B है। दोनों नदियाँ विंध्य और सतपुड़ा श्रेणियों के बीच पड़ी भ्रंश घाटियों या गर्तों में पश्चिम की ओर बहती हैं और डेल्टा के बजाय ज्वारनदमुख बनाकर अरब सागर में गिरती हैं। गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी अधिकांश बड़ी प्रायद्वीपीय नदियाँ दक्कन की सामान्य ढाल के अनुसार पूर्व की ओर बहती हैं।
विकल्प A गलत है, क्योंकि दोनों प्रायद्वीपीय नदियाँ हैं: नर्मदा अमरकंटक से और तापी मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से निकलती है, हिमालय से बहुत दूर। विकल्प C गलत है, क्योंकि अरब सागर में गिरने वाली नदी पूर्वी तट पर डेल्टा बना ही नहीं सकती; वास्तव में तीव्र प्रवाह और सँकरा गर्त दोनों को कोई डेल्टा नहीं बनाने देते। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों बारहमासी और बड़ी नदियाँ हैं, और नर्मदा तो प्रायद्वीप की सबसे बड़ी पश्चिमवाहिनी नदी है।
पश्चिमी घाट का महत्वपूर्ण अवरोध पालघाट गैप किन दो पहाड़ी समूहों के बीच है?
- A.नीलगिरि और अनाईमलाई पहाड़ियाँ
- B.इलायची और पलनी पहाड़ियाँ
- C.सतपुड़ा और मैकाल पहाड़ियाँ
- D.जावादी और शेवरॉय पहाड़ियाँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नीलगिरि और अनाईमलाई पहाड़ियाँ
व्याख्या
सही उत्तर A, नीलगिरि और अनाईमलाई पहाड़ियाँ है। पालघाट गैप लगभग तीस किलोमीटर चौड़ा गर्त है और पश्चिमी घाट की अन्यथा सतत दीवार में यही मुख्य प्राकृतिक अवरोध है। तमिलनाडु के कोयंबटूर और केरल के पालक्काड के बीच सड़क, रेल मार्ग तथा भरतपुझा नदी इसी से होकर जाते हैं, और यह भीतरी भाग तक पहुँचने वाली मानसूनी पवनों को भी प्रभावित करता है।
विकल्प B गलत है, क्योंकि इलायची और पलनी पहाड़ियाँ इस गैप के दक्षिण में हैं और अनाईमलाई समूह से जुड़ी हुई हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सतपुड़ा और मैकाल श्रेणियाँ मध्य भारत की हैं, पश्चिमी घाट से बहुत उत्तर, नर्मदा के उद्गम के पास। विकल्प D गलत है, क्योंकि जावादी और शेवरॉय पहाड़ियाँ तमिलनाडु में पूर्वी घाट की बाह्य पहाड़ियाँ हैं और इस गैप से उनका कोई संबंध नहीं। घाट के अन्य प्रसिद्ध दर्रे महाराष्ट्र के थालघाट और भोरघाट हैं।
भारत का सबसे पुराना वलित पर्वत तंत्र किसे माना जाता है?
- A.सतपुड़ा
- B.अरावली
- C.शिवालिक
- D.विंध्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अरावली
व्याख्या
सही उत्तर B, अरावली है। अरावली का वलन प्रीकैम्ब्रियन काल में हुआ, हिमालय के उठने से करोड़ों वर्ष पहले, और लंबे अपरदन ने इसे नीची अवशिष्ट कटकों की शृंखला में बदल दिया है, जो गुजरात से राजस्थान होते हुए उत्तर-पूर्व में दिल्ली की ओर जाती है। इसका सर्वोच्च बिंदु माउंट आबू के निकट गुरु शिखर केवल लगभग 1,722 मीटर है।
विकल्प A, सतपुड़ा, प्रायद्वीप की खंड श्रेणी है, अरावली से नई, जो नर्मदा और तापी के गर्तों के बीच उठी है। विकल्प C, शिवालिक, भारत की सबसे नई श्रेणी है, जो उठते हुए हिमालय से हाल के भूवैज्ञानिक काल में बहकर आए ढीले बजरी और निक्षेप से बनी है, अर्थात यह सही उत्तर के ठीक विपरीत है। विकल्प D, विंध्य, नर्मदा के उत्तर की अवसादी शैल की कगार है, जो परंपरागत रूप से उत्तर और दक्षिण भारत को बाँटती है, पर अरावली जैसी प्राचीन वलित श्रेणी नहीं है।
उत्तर-पश्चिमी दक्कन की काली मिट्टी किस प्रकार की शैल पर विकसित हुई है?
- A.ग्रेनाइट
- B.दक्कन ट्रैप का बेसाल्ट
- C.चूना पत्थर
- D.विंध्यन क्रम का बलुआ पत्थर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दक्कन ट्रैप का बेसाल्ट
व्याख्या
सही उत्तर B, दक्कन ट्रैप का बेसाल्ट है। दक्कन ट्रैप विशाल दरारी उद्गारों से बना, जिन्होंने उत्तर-पश्चिमी प्रायद्वीप पर लावा की परत दर परत बिछा दी। इसी बेसाल्ट के अपक्षय से चिकनी काली मिट्टी बनती है, जिसे रेगुर या काली कपास मिट्टी कहते हैं; यह नमी अच्छी तरह रोकती है और महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश तथा गुजरात की कपास खेती का आधार है।
विकल्प A, ग्रेनाइट, के अपक्षय से दक्षिणी पठार के बड़े भाग की लाल और लैटेराइट मिट्टियाँ बनती हैं, काली मिट्टी नहीं। विकल्प C, चूना पत्थर, से पतली कैल्शियमयुक्त मिट्टियाँ और कार्स्ट स्थलरूप बनते हैं, और वह रेगुर पेटी की जनक शैल नहीं है। विकल्प D, विंध्यन क्रम का बलुआ पत्थर, मध्य भारत में बलुई और निर्धन मिट्टियाँ देता है। दक्कन के मिट्टी मानचित्रों में दिखने वाली गहरी काली मिट्टी केवल ट्रैप प्रदेश के बेसाल्ट से ही बनी है।
कौन सा चैनल अंडमान द्वीपों को निकोबार द्वीपों से अलग करता है?
- A.डंकन पैसेज
- B.दस डिग्री चैनल
- C.नौ डिग्री चैनल
- D.पाक जलसंधि
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दस डिग्री चैनल
व्याख्या
सही उत्तर B, दस डिग्री चैनल है। यह लगभग दस डिग्री उत्तरी अक्षांश के साथ फैला है, जहाँ से इसका नाम पड़ा, और यह उत्तर के लिटिल अंडमान को दक्षिण के कार निकोबार से अलग करते हुए केंद्रशासित प्रदेश के दोनों भागों को बाँटता है।
विकल्प A, डंकन पैसेज, अंडमान समूह के भीतर ही दक्षिण अंडमान और लिटिल अंडमान के बीच की छोटी जलसंधि है। विकल्प C, नौ डिग्री चैनल, दूसरे द्वीप समूह का है: यह अरब सागर में मिनिकॉय को शेष लक्षद्वीप से अलग करता है, जबकि आठ डिग्री चैनल मिनिकॉय को मालदीव से अलग करता है। विकल्प D, पाक जलसंधि, तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच है और इन द्वीपों से उसका कोई संबंध नहीं। डिग्री चैनलों को सही द्वीप समूह से जोड़े रखना ही इस प्रश्न का उद्देश्य है।
भारतीय भूभाग का दक्षिणतम बिंदु इंदिरा पॉइंट कहाँ स्थित है?
- A.कन्याकुमारी
- B.ग्रेट निकोबार
- C.मिनिकॉय
- D.रामेश्वरम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ग्रेट निकोबार
व्याख्या
सही उत्तर B, ग्रेट निकोबार है। इंदिरा पॉइंट निकोबार समूह के सबसे बड़े द्वीप ग्रेट निकोबार के दक्षिणी सिरे पर है और यही भारत के भूभाग का दक्षिणतम बिंदु है। पहले इसे पिग्मेलियन पॉइंट कहा जाता था और दिसंबर 2004 की सुनामी में इसे भारी क्षति पहुँची थी।
विकल्प A, कन्याकुमारी, मुख्य भूमि भारत का दक्षिणतम बिंदु है, जो अलग बात है और इस प्रश्न का सबसे बड़ा जाल भी; जो अभ्यर्थी भूभाग शब्द पर ध्यान नहीं देते वे यही चुन लेते हैं। विकल्प C, मिनिकॉय, अरब सागर में लक्षद्वीप का दक्षिणतम द्वीप है, किंतु वह ग्रेट निकोबार से काफी उत्तर में है। विकल्प D, रामेश्वरम, मन्नार की खाड़ी में तमिलनाडु तट के पास का द्वीप है, जो रामनाथस्वामी मंदिर और पंबन पुल के लिए प्रसिद्ध है, कोई दक्षिणी छोर नहीं।
भारत का सबसे बड़ा नदी द्वीप माजुली किस नदी में स्थित है?
- A.गंगा
- B.ब्रह्मपुत्र
- C.गोदावरी
- D.महानदी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ब्रह्मपुत्र
व्याख्या
सही उत्तर B, ब्रह्मपुत्र है। माजुली असम में ब्रह्मपुत्र की गुंफित धारा में स्थित है, जहाँ नदी अनेक शाखाओं में बँट जाती है और भारी मात्रा में गाद जमा करती है। यह द्वीप वैष्णव संस्कृति का केंद्र है, जहाँ श्रीमंत शंकरदेव की परंपरा के सत्र हैं, और हर बाढ़ के मौसम में इसकी भूमि अपरदन से घटती जाती है।
विकल्प A, गंगा, में भी द्वीप और बालू के टीले बनते हैं, पर माजुली जैसा कुछ नहीं। विकल्प C, गोदावरी, सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी है और पूर्वी तट पर विशाल डेल्टा बनाती है, किंतु प्रश्न नदी द्वीप का है, डेल्टा का नहीं। विकल्प D, महानदी, छत्तीसगढ़ और ओडिशा को जल देती है और डेल्टा भी बनाती है, पर परीक्षाओं में उसकी पहचान हीराकुंड बाँध से है, किसी द्वीप से नहीं। जहाँ भी नदी द्वीप या बदलती धाराओं की बात हो, उत्तर गुंफित ब्रह्मपुत्र ही होता है।
निम्नलिखित में से कौन सी ट्रांस हिमालय श्रेणी है?
- A.पीरपंजाल
- B.काराकोरम
- C.धौलाधार
- D.शिवालिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. काराकोरम
व्याख्या
सही उत्तर B, काराकोरम है। ट्रांस हिमालय श्रेणियाँ, अर्थात काराकोरम, लद्दाख और जास्कर, वृहत् हिमालय के उत्तर में हैं और संरचना की दृष्टि से हिमालयी वलन पेटी के बजाय तिब्बती खंड से जुड़ी हैं। काराकोरम में ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर विश्व के कुछ सबसे बड़े हिमनद हैं, जिनमें सियाचिन भी है।
विकल्प A, पीरपंजाल, लघु हिमालय की सबसे लंबी श्रेणी है और दक्षिण से कश्मीर घाटी को घेरती है। विकल्प C, धौलाधार, लघु हिमालय की ही दूसरी श्रेणी है, जो हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला और कांगड़ा घाटी के ऊपर उठती है। विकल्प D, शिवालिक, सबसे बाहरी और सबसे नई श्रेणी है, जो नदियों द्वारा लाए गए ढीले निक्षेप से बनी है और समतल दूनों द्वारा लघु हिमालय से अलग होती है। इनमें केवल काराकोरम ही हिमालय के पार स्थित है।
भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून चिल्का किस राज्य के तट पर है?
- A.आंध्र प्रदेश
- B.ओडिशा
- C.तमिलनाडु
- D.केरल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ओडिशा
व्याख्या
सही उत्तर B, ओडिशा है। चिल्का महानदी डेल्टा के दक्षिण में पूर्वी तटीय मैदान पर है और एक लंबी बालू रोधिका इसे बंगाल की खाड़ी से अलग करती है। यह देश की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून और रामसर आर्द्रभूमि है, जो प्रवासी पक्षियों तथा इरावदी डॉल्फिन के लिए प्रसिद्ध है।
विकल्प A, आंध्र प्रदेश, में कोल्लेरू मीठे पानी की झील है और पुलिकट झील का एक भाग भी, पर चिल्का नहीं। विकल्प C, तमिलनाडु, में पुलिकट का दक्षिणी भाग आता है, जो दूसरी सबसे बड़ी खारी लैगून है और यहाँ का सामान्य विकल्प भी। विकल्प D, केरल, में पश्चिमी तट की पश्चजल झीलें हैं, जिनमें वेम्बनाड भारत की सबसे लंबी झील है, किंतु ये प्रायद्वीप के दूसरी ओर हैं और निमज्जित तट से बनी हैं, न कि उन्मज्जित तट की बालू रोधिका से।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत के छह भौतिक विभाग कौन से हैं?
हिमालय पर्वत, उत्तर का विशाल मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, भारतीय या थार मरुस्थल, तटीय मैदान और द्वीप समूह। कुछ पुस्तकें मैदान और तटीय मैदान की गणना थोड़ी भिन्न करती हैं, किंतु परीक्षाओं में यही छह भागों वाला विभाजन चलता है।
बांगर और खादर में क्या अंतर है?
बांगर उत्तर के मैदान का पुराना जलोढ़ है, जो साधारण बाढ़ की पहुँच से ऊपर रहता है और जिसमें प्रायः कंकड़ नामक चूने की गाँठें मिलती हैं। खादर सक्रिय बाढ़ मैदान का नया जलोढ़ है, जिसमें हर वर्ष नई गाद जमा होती है और इसीलिए वह अधिक उपजाऊ होता है।
प्रायद्वीपीय भारत की सर्वोच्च चोटी कौन सी है?
केरल की अनाईमलाई पहाड़ियों में स्थित अनाईमुडी, जिसकी ऊँचाई लगभग 2,695 मीटर है। इसे प्रायः डोडाबेट्टा से मिला दिया जाता है, जो 2,637 मीटर ऊँची है और तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ियों की सर्वोच्च चोटी है, पर अनाईमुडी से नीची है।
अरावली को भारत का सबसे पुराना पर्वत क्यों कहा जाता है?
क्योंकि इसका वलन प्रीकैम्ब्रियन काल में हुआ, हिमालय से बहुत पहले, और तब से अपरदन ने इसे नीची अवशिष्ट कटकों में बदल दिया है। इसका सर्वोच्च बिंदु माउंट आबू के निकट गुरु शिखर केवल लगभग 1,722 मीटर ऊँचा है, जो बताता है कि श्रेणी का कितना भाग घिस चुका है।
अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में क्या अंतर है?
अंडमान और निकोबार द्वीप बंगाल की खाड़ी में हैं और ज्वालामुखीय तथा विवर्तनिक उत्पत्ति के हैं, जहाँ पहाड़ियाँ, वन और बैरन द्वीप पर भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है। लक्षद्वीप अरब सागर में है और नीचे जलमग्न कटक पर बने प्रवाल वलयद्वीपों तथा भित्तियों से बना है।
दून किसे कहते हैं?
दून वे लंबी और समतल तलवाली घाटियाँ हैं जो शिवालिक श्रेणी और लघु हिमालय के बीच पड़ती हैं और पुरानी झीलों के निक्षेप से भर जाने पर बनी हैं। उत्तराखंड का देहरादून इनमें सबसे प्रसिद्ध है; कोटली दून और पाटली दून अन्य उदाहरण हैं।
स्रोत
- भारत: भौतिक पर्यावरण (कक्षा ग्यारह), संरचना और भू-आकृति अध्याय — एनसीईआरटी
- समकालीन भारत भाग एक (कक्षा नौ), अध्याय दो: भारत का भौतिक स्वरूप — एनसीईआरटी
- भारत के भूवैज्ञानिक और भू-आकृतिक विभाग — भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
- भारतीय भौतिक विभागों के मानचित्र और ऊँचाई संबंधी आँकड़े — भारतीय सर्वेक्षण विभाग





