भारत में बस्तियां और नगरीकरण: प्रतिरूप और तथ्य
परीक्षा के लिए भारत की बस्तियों के नोट्स: गुच्छित, पल्लीकृत तथा परिक्षिप्त प्रतिरूप, जनगणना और वैधानिक नगर, आकार वर्ग, नगरीय समूह और नगरीय मिशन।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

बस्ती किसी भी आकार के घरों का समूह है, चार घरों के पुरवे से लेकर दो करोड़ की आबादी वाले नगर तक, और उसके साथ वह भूमि, रास्ते तथा जलस्रोत भी जिनका लोग उपयोग करते हैं। भूगोल बस्तियों को दो दृष्टियों से पढ़ता है: प्रतिरूप, अर्थात घर धरातल पर किस तरह बसे हैं, और प्रकार्य, अर्थात वह बस्ती क्या काम करती है। भारत में यह विषय दोहरे महत्व का है, क्योंकि बस्तियों की संख्या की दृष्टि से देश अभी भी मुख्यतः ग्रामीण है, जबकि उसकी नगरीय जनसंख्या ग्रामीण जनसंख्या से तेज बढ़ रही है। परीक्षक प्रतिरूपों की शब्दावली, जनगणना की परिभाषाएं, नगरों के आकार वर्ग और नगरीय योजनाएं पूछते हैं, और ये सब निश्चित हैं तथा ठीक-ठीक याद किए जा सकते हैं।
ग्रामीण बस्तियों के प्रतिरूप
| प्रतिरूप | स्वरूप | भारत में कहां |
|---|---|---|
| गुच्छित या संहत | घर एक सघन खंड में सटे हुए, बीच में संकरी गलियां | गंगा और सतलुज के उपजाऊ जलोढ़ मैदान तथा पूर्वोत्तर राज्य |
| अर्ध-गुच्छित या विखंडित | एक सघन केंद्र, और उससे अलग कुछ छोटे समूह | गुजरात का मैदान और राजस्थान के कुछ भाग |
| पल्लीकृत | गांव कई भौतिक इकाइयों में बंटा, जिन्हें पान्ना, पारा, पल्ली, नगला या ढाणी कहते हैं, नाम एक ही गांव का | मध्य तथा निचला गंगा मैदान, छत्तीसगढ़ और हिमालय की निचली घाटियां |
| परिक्षिप्त या एकाकी | अकेले फार्म या दो-तीन घर दूर-दूर | मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केरल की पहाड़ियां |
बस्ती का आकार धरातल के अनुसार बनता है: सड़क, नदी के तटबंध या नहर के साथ रेखीय; खुले मैदानों और चौड़ी घाटियों में आयताकार; झील या तालाब के चारों ओर वृत्ताकार या अर्धवृत्ताकार; कई सड़कों के मिलने पर तारे के आकार का; और सड़क के जोड़ पर टी, वाई या क्रॉस के आकार का। जहां गांव परंपरा से नहीं, सरकार द्वारा बसाया गया, जैसे इंदिरा गांधी नहर की पुनर्वास बस्तियों में, वहां योजना ग्रिड की होती है।
बस्ती जहां है, वहां क्यों है
अधिकांश स्थल जल तय करता है। शुष्क क्षेत्र में लोग एक भरोसेमंद जलस्रोत पर इकट्ठा होते हैं और ऐसे गांव को आर्द्र-बिंदु बस्ती कहते हैं; आर्द्र या बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में वे ऊंची सूखी भूमि पर चले जाते हैं और ऐसे गांव को शुष्क-बिंदु बस्ती कहते हैं। अन्य कारक हैं भूमि की गुणवत्ता, उच्चावच, निर्माण सामग्री की उपलब्धता, और सुरक्षा, जिससे राजस्थान तथा बुंदेलखंड के पहाड़ी और गढ़ वाले गांव समझे जा सकते हैं। नियोजित बस्तियां चौथा प्रकार हैं, जिन्हें सरकार नहरी काश्तकारों, शरणार्थियों या श्रमिकों के लिए बसाती है।
भारत की जनगणना किसे नगरीय कहती है
जनगणना दो प्रकार की नगरीय इकाइयां मानती है। वैधानिक नगर वह स्थान है जहां नगर निगम, नगरपालिका, छावनी परिषद या अधिसूचित नगर क्षेत्र समिति हो, जनसंख्या चाहे कितनी भी हो। जनगणना नगर वह स्थान है जहां ऐसी कोई संस्था नहीं है, पर जो ये तीनों शर्तें एक साथ पूरी करता है: कम से कम 5,000 की जनसंख्या, कुल मुख्य पुरुष कार्यशील जनसंख्या का कम से कम 75 प्रतिशत गैर-कृषि कार्यों में, और कम से कम 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर घनत्व। नगरीय समूह एक सतत नगरीय विस्तार है, जो किसी नगर और उसके बहिर्वर्धों से बनता है, या दो या अधिक सटे हुए नगरों और उनके बहिर्वर्धों से, जैसे कोई विश्वविद्यालय परिसर या पत्तन क्षेत्र जो नगर की सीमा से बाहर है पर निर्मित क्षेत्र का अंग है।
| नगर वर्ग | जनसंख्या |
|---|---|
| वर्ग I | 1,00,000 और अधिक |
| वर्ग II | 50,000 से 99,999 |
| वर्ग III | 20,000 से 49,999 |
| वर्ग IV | 10,000 से 19,999 |
| वर्ग V | 5,000 से 9,999 |
| वर्ग VI | 5,000 से कम |
दस लाख या अधिक जनसंख्या वाले नगर को महानगर और पचास लाख या अधिक वाले को मेगासिटी कहा जाता है।
भारतीय नगर कैसे बढ़े और क्या करते हैं
नगरों का वर्गीकरण उनके प्रमुख प्रकार्य से होता है: प्रशासनिक नगर जैसे नई दिल्ली, चंडीगढ़ और गांधीनगर; औद्योगिक नगर जैसे जमशेदपुर, भिलाई और मोदीनगर; परिवहन नगर जैसे कांडला, कोच्चि और मुगलसराय; वाणिज्यिक नगर जैसे कोलकाता और कानपुर; खनन नगर जैसे रानीगंज, झरिया और सिंगरौली; छावनी नगर जैसे अंबाला, जालंधर और महू; शैक्षिक नगर जैसे रुड़की, पिलानी और अलीगढ़; धार्मिक नगर जैसे वाराणसी, तिरुपति, अजमेर और अमृतसर; तथा पर्वतीय या पर्यटन नगर जैसे नैनीताल, शिमला और मसूरी। आयु के अनुसार भारतीय नगर तीन वर्गों में आते हैं। प्राचीन नगर, जो दो हजार वर्ष से अधिक पुराने हैं, जैसे वाराणसी, प्रयागराज, पाटलिपुत्र और मदुरै, धार्मिक या राजधानी केंद्रों के रूप में बढ़े। मध्यकालीन नगर, जिनकी संख्या लगभग सौ है, जैसे दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, आगरा और नागपुर, अधिकतर किसी राज्य के मुख्यालय थे। आधुनिक नगर यूरोपीय व्यापारिक पत्तनों से आरंभ होते हैं, जैसे सूरत, दमन, पणजी और पुदुचेरी, और फिर तीन औपनिवेशिक प्रेसीडेंसी नगर चेन्नई, मुंबई और कोलकाता, जहां से रेल ने नगरीय वृद्धि भीतर तक पहुंचाई; स्वतंत्रता के बाद प्रशासनिक राजधानियां चंडीगढ़, भुवनेश्वर और गांधीनगर तथा इस्पात एवं औद्योगिक नगर बने।
नगरीकरण का स्तर और उसकी समस्याएं
2011 की जनगणना में भारत की 31.16 प्रतिशत जनसंख्या, लगभग 37.7 करोड़ लोग, नगरीय क्षेत्रों में रहते थे, कुल 7,935 नगरों में, जिनमें 4,041 वैधानिक नगर और 3,894 जनगणना नगर थे। उस जनगणना में सर्वाधिक नगरीकृत राज्य गोवा था, लगभग 62 प्रतिशत, और मिजोरम, लगभग 52 प्रतिशत, जबकि सबसे कम नगरीकृत हिमाचल प्रदेश लगभग 10 प्रतिशत और बिहार लगभग 11 प्रतिशत थे; केंद्रशासित प्रदेशों में दिल्ली लगभग 97 प्रतिशत पर थी। निरपेक्ष संख्या में सबसे अधिक नगरीय जनसंख्या महाराष्ट्र की थी। वृद्धि सेवाओं से आगे निकल गई है, इसलिए जानी-पहचानी समस्याएं आती हैं: आवास की कमी, जो नगरीय गरीबों के बड़े भाग को गंदी बस्तियों में धकेल देती है, जल का अभाव और खराब मलजल निकासी, यातायात की भीड़, न उठाया गया ठोस कचरा और प्रदूषित वायु। संवैधानिक उत्तर 1992 का 74वां संविधान संशोधन अधिनियम था, जिसने भाग 9क तथा अनुच्छेद 243प से 243यग जोड़े, नगरीय निकायों को पांच वर्ष का निश्चित कार्यकाल और नियमित चुनाव दिए, और बारहवीं अनुसूची में उनके लिए अठारह विषय सूचीबद्ध किए। कार्यक्रम के स्तर पर उत्तर 25 जून 2015 को आरंभ मिशनों का समूह है: सौ चुने हुए नगरों के लिए स्मार्ट सिटीज मिशन, लगभग पांच सौ नगरों में जलापूर्ति तथा मलजल के लिए अमृत, और आवास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का नगरीय भाग, साथ ही स्वच्छता के लिए स्वच्छ भारत मिशन नगरीय।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से परीक्षक तीन बातें पूछते हैं। पहली, प्रतिरूपों की शब्दावली: कौन सा प्रतिरूप किस क्षेत्र का है, और आर्द्र-बिंदु तथा शुष्क-बिंदु स्थल में अंतर। दूसरी, जनगणना की परिभाषाएं, जिनमें जनगणना नगर की तीन शर्तें 5,000, 75 प्रतिशत और 400 प्रति वर्ग किलोमीटर के आंकड़ों के साथ लगभग हर वर्ष पूछी जाती हैं, और उनके साथ वैधानिक नगर तथा नगरीय समूह का अर्थ और वर्ग I से वर्ग VI की तालिका। तीसरी, संस्थागत तथ्य: बारहवीं अनुसूची वाला 74वां संशोधन और 2015 के मिशन। जाल भी तय हैं: 74वें के स्थान पर 73वां संशोधन; सर्वाधिक नगरीकृत राज्य के रूप में महाराष्ट्र, जबकि उसकी केवल नगरीय जनसंख्या सबसे अधिक है; और कॉनर्बेशन के लिए जीन गॉटमैन, जबकि उन्होंने मेगालोपोलिस दिया और कॉनर्बेशन पैट्रिक गेडीज ने।
महत्वपूर्ण तथ्य
| जनगणना नगर की शर्तें | जनसंख्या 5,000 या अधिक, मुख्य पुरुष कामगारों का 75 प्रतिशत गैर-कृषि, घनत्व 400 प्रति वर्ग किमी |
|---|---|
| वैधानिक नगर | जहां नगर निगम, नगरपालिका, छावनी परिषद या अधिसूचित नगर क्षेत्र समिति हो |
| वर्ग I नगर | जनसंख्या 1,00,000 और अधिक |
| महानगर और मेगासिटी | दस लाख या अधिक, तथा पचास लाख या अधिक |
| नगरीय जनसंख्या, जनगणना 2011 | 31.16 प्रतिशत, लगभग 37.7 करोड़ |
| नगरों की संख्या, जनगणना 2011 | 7,935; 4,041 वैधानिक और 3,894 जनगणना नगर |
| सर्वाधिक नगरीकृत राज्य, 2011 | गोवा, लगभग 62 प्रतिशत, उसके बाद मिजोरम |
| सबसे कम नगरीकृत राज्य, 2011 | हिमाचल प्रदेश, लगभग 10 प्रतिशत, उसके बाद बिहार |
| सबसे अधिक नगरीय जनसंख्या, 2011 | महाराष्ट्र |
| कॉनर्बेशन और मेगालोपोलिस | पैट्रिक गेडीज और जीन गॉटमैन द्वारा दिए गए शब्द |
| नगरीय स्थानीय निकाय | 74वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992; भाग 9क; अनुच्छेद 243प से 243यग |
| बारहवीं अनुसूची | नगरपालिकाओं के लिए अठारह विषय |
| स्मार्ट सिटीज मिशन और अमृत | दोनों 25 जून 2015 को आरंभ; 100 और लगभग 500 नगर |
| स्वतंत्रता के बाद नियोजित राजधानियां | चंडीगढ़, भुवनेश्वर और गांधीनगर |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत की जनगणना के अनुसार किसी स्थान को जनगणना नगर मानने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी शर्त आवश्यक नहीं है?
- A.कम से कम 5,000 की जनसंख्या
- B.मुख्य पुरुष कार्यशील जनसंख्या का कम से कम 75 प्रतिशत गैर-कृषि कार्यों में लगा होना
- C.कम से कम 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर जनसंख्या घनत्व
- D.नगरपालिका या अधिसूचित नगर क्षेत्र समिति का होना
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर D, नगरपालिका या अधिसूचित नगर क्षेत्र समिति का होना है। जिस स्थान पर नगर निगम, नगरपालिका, छावनी परिषद या अधिसूचित नगर क्षेत्र समिति हो, वह वैधानिक नगर है और जनसंख्या चाहे कितनी भी हो, वह नगरीय है; इसलिए वह जनगणना नगर ही नहीं होता। जनगणना नगर वह स्थान है जहां ऐसी कोई संस्था नहीं है और जो तीन शर्तें एक साथ पूरी करता है, और वे ठीक वही तीन विकल्प हैं: A, कम से कम पांच हजार जनसंख्या; B, मुख्य पुरुष कार्यशील जनसंख्या का कम से कम पचहत्तर प्रतिशत गैर-कृषि कार्यों में; और C, कम से कम चार सौ व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर घनत्व। तीनों एक साथ पूरी होनी चाहिए, इसलिए बड़ी पर खेती वाली बस्ती ग्रामीण ही रहती है। वैधानिक नगर और जनगणना नगर का यही अंतर इस अध्याय में सबसे अधिक पूछा जाता है।
गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में बस्तियों का प्रतिरूप है –
- A.छितरा हुआ
- B.यादृच्छिक
- C.संहत यादृच्छिक
- D.अर्ध-छिटका हुआ
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C है, जो संहत प्रतिरूप बताता है। गंगा-यमुना दोआब समतल जलोढ़ मैदान है, जहां गहरी उपजाऊ मिट्टी है, कुओं, नहरों तथा ऊंचे भौम जलस्तर से जल निश्चित है, और सघन कृषि बस्ती का लंबा इतिहास है, इसलिए यहां के गांव संहत या गुच्छित हैं: घर एक ही खंड में सटे हुए, बीच में संकरी गलियां, और चारों ओर खेत। A, छितरा हुआ, गलत है क्योंकि परिक्षिप्त प्रतिरूप पहाड़ी और वनाच्छादित क्षेत्रों का है, जैसे मेघालय, उत्तराखंड और केरल की पहाड़ियां, जहां धरातल और कृषि योग्य भूमि के छोटे टुकड़े घरों को दूर-दूर रखते हैं। B, यादृच्छिक, गलत है क्योंकि यह भारतीय ग्रामीण बस्तियों का कोई मान्य प्रतिरूप नहीं है। D, अर्ध-छिटका हुआ, गलत है क्योंकि अर्ध-गुच्छित या विखंडित प्रतिरूप गुजरात के मैदान और राजस्थान के भागों का है, जहां एक सघन केंद्र के साथ कुछ दूरी पर अलग समूह बसे होते हैं।
एक लाख और अधिक जनसंख्या वाले नगर को भारत की जनगणना किस वर्ग में रखती है?
- A.वर्ग I
- B.वर्ग II
- C.वर्ग III
- D.वर्ग IV
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, वर्ग I है। भारत की जनगणना नगरों को जनसंख्या के आधार पर छह वर्गों में बांटती है: वर्ग I एक लाख और अधिक, वर्ग II पचास हजार से निन्यानबे हजार नौ सौ निन्यानबे, वर्ग III बीस हजार से उनचास हजार नौ सौ निन्यानबे, वर्ग IV दस हजार से उन्नीस हजार नौ सौ निन्यानबे, वर्ग V पांच हजार से नौ हजार नौ सौ निन्यानबे, और वर्ग VI पांच हजार से कम। इसलिए एक लाख वाले नगर के लिए B, C और D सभी गलत हैं और प्रत्येक ऊपर दी गई छोटी श्रेणी का है। वर्ग I से आगे एक बात याद रखने योग्य है: दस लाख या अधिक जनसंख्या वाले नगर को महानगर और पचास लाख या अधिक वाले को मेगासिटी कहा जाता है। इसी कारण वर्ग I को आगे महानगर और मेगासिटी में बांटकर पढ़ना चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर इन्हीं तीन शब्दों को आपस में बदलकर पूछते हैं।
अधिक वर्षा और बार-बार बाढ़ वाले क्षेत्र में ऊंची सूखी भूमि पर बने गांवों को क्या कहा जाता है?
- A.आर्द्र-बिंदु बस्तियां
- B.शुष्क-बिंदु बस्तियां
- C.रेखीय बस्तियां
- D.नियोजित बस्तियां
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, शुष्क-बिंदु बस्तियां है। जहां जल भरपूर है और बाढ़ का खतरा है, वहां लोग नीची गीली भूमि छोड़कर तटबंध, वेदिका या किसी ऊंचे सूखे टुकड़े पर बसते हैं, और ऐसे स्थल को शुष्क-बिंदु कहा जाता है। A, आर्द्र-बिंदु बस्तियां, इसका ठीक उलटा है और यहां गलत है: शुष्क क्षेत्र में लोग जल के एक भरोसेमंद स्रोत, कुएं, तालाब या सोते के चारों ओर इकट्ठा होते हैं, और वही स्थल आर्द्र-बिंदु है। C, रेखीय बस्तियां, गलत है क्योंकि वह शब्द सड़क, नहर या नदी तट के साथ फैली बस्ती के आकार का है, स्थल चुनने के कारण का नहीं। D, नियोजित बस्तियां, गलत है क्योंकि वे सरकार द्वारा नहरी काश्तकारों, शरणार्थियों या औद्योगिक श्रमिकों के लिए बसाई जाती हैं और उनका स्थल भौम जलस्तर से नहीं, प्रशासनिक निर्णय से तय होता है।
नगरीकरण के संदर्भ में दो कथन पढ़ें: A) नगरीकरण के कारण औपनिवेशिक काल में केवल धनी लोग ही नगरों में खुल रहे रोजगार की तलाश में अपने गांव छोड़ने लगे। B) गरीबों और निचली जातियों के अनेक लोगों ने इसे उस दमनकारी पकड़ से बचने का अवसर माना, जो ऊंची जाति के भूस्वामी उनके जीवन पर रखते थे, और उस दैनिक अपमान से भी।
- A.केवल कथन A सत्य है।
- B.केवल कथन B सत्य है।
- C.कथन A और B दोनों असत्य हैं।
- D.कथन A और B दोनों सत्य हैं।
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, केवल कथन B सत्य है है। दूसरा कथन ठीक है: गरीबों और निचली जातियों के लोगों के लिए औपनिवेशिक नगरों के नए रोजगार गांव में ऊंची जाति के भूस्वामियों के नियंत्रण और वहां के दैनिक अपमान से निकलने का रास्ता थे, और औपनिवेशिक नगरीकरण के हर विवरण में यह आकर्षण दर्ज है। पहला कथन केवल शब्द के कारण असत्य है: गांव छोड़कर बढ़ते नगरों में काम के लिए जाने वाले केवल धनी नहीं थे, बल्कि मिलों, बंदरगाहों, रेल और निर्माण स्थलों की ओर जाने वालों में बहुसंख्या गरीबों तथा भूमिहीनों की थी। इसलिए विकल्प A, जो पहले कथन को सत्य कहता है, गलत है, और विकल्प C, जो दोनों को असत्य कहता है, गलत है क्योंकि दूसरा कथन सत्य है। विकल्प D, जो दोनों को सत्य कहता है, उसी कारण से गलत है जिस कारण A गलत है।
अनेक नगरों के मिल जाने से बने विशाल नगरीय क्षेत्र के लिए प्रयुक्त शब्द कॉनर्बेशन किसने दिया था?
- A.जीन गॉटमैन
- B.पैट्रिक गेडीज
- C.एबेनेजर हावर्ड
- D.लुईस ममफोर्ड
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, पैट्रिक गेडीज है। स्कॉटिश भूगोलवेत्ता और नगर नियोजक पैट्रिक गेडीज ने 1915 में कॉनर्बेशन शब्द दिया, जो तब बनता है जब अलग-अलग नगर बाहर की ओर बढ़ते-बढ़ते अपने निर्मित क्षेत्रों से मिल जाते हैं, जैसे ग्रेटर लंदन या रुर क्षेत्र। A, जीन गॉटमैन, मुख्य जाल है: उन्होंने 1957 में मेगालोपोलिस शब्द दिया, जो इससे भी बड़ी महानगरीय पट्टी के लिए है, जैसे बोस्टन से वाशिंगटन तक की श्रृंखला। C, एबेनेजर हावर्ड, गलत है क्योंकि उनका योगदान उद्यान नगर की कल्पना थी, अर्थात हरित पट्टी से घिरा नियोजित नगर, जिसने नई दिल्ली और भारत की अनेक बस्तियों के नियोजन को प्रभावित किया। D, लुईस ममफोर्ड, गलत है क्योंकि उन्होंने नगरों के इतिहास और संस्कृति पर लिखा, यह शब्द नहीं दिया; हां, उन्होंने गेडीज के विचारों को लोकप्रिय बनाया। इसलिए इन चार नामों को उनके शब्दों के साथ जोड़ी बनाकर याद करें, क्योंकि प्रश्न प्रायः इन्हें आपस में बदल देता है।
भारत में नगरीय स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा किस संविधान संशोधन अधिनियम ने दिया?
- A.72वां संशोधन अधिनियम
- B.73वां संशोधन अधिनियम
- C.74वां संशोधन अधिनियम
- D.76वां संशोधन अधिनियम
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 74वां संशोधन अधिनियम है। 1992 के 74वें संविधान संशोधन अधिनियम ने संविधान में भाग 9क तथा अनुच्छेद 243प से 243यग जोड़े, नगरपालिकाओं को पांच वर्ष का निश्चित कार्यकाल और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाने वाले चुनाव दिए, सीटों के आरक्षण की व्यवस्था की, और बारहवीं अनुसूची जोड़ी जिसमें नगरीय निकायों के लिए अठारह विषय हैं। B, 73वां संशोधन अधिनियम, स्थायी जाल है: वह उसी वर्ष का जुड़वां अधिनियम है, पर वह पंचायतों, भाग 9, अनुच्छेद 243 से 243ण और उनतीस विषयों वाली ग्यारहवीं अनुसूची से संबंधित है। A, 72वां संशोधन अधिनियम, गलत है क्योंकि वह त्रिपुरा विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व से जुड़ा था। D, 76वां संशोधन अधिनियम, गलत है क्योंकि उसने तमिलनाडु आरक्षण अधिनियम को नौवीं अनुसूची में रखा। ध्यान रखें कि दोनों संशोधन 1992 के हैं और 1 जून 1993 से प्रभावी हुए, इसलिए वर्ष से अंतर नहीं होगा, केवल विषय से होगा।
अपनी कक्षा में प्रवास पढ़ाते समय शिक्षिका निम्नलिखित में से किन कारकों को प्रासंगिक मान सकती है? (A) रोजगार के अवसरों की उपलब्धता (B) जीवन स्तर में सुधार (C) विवाह। सही विकल्प चुनें।
- A.केवल (A) और (B)
- B.केवल (B) और (C)
- C.केवल (A) और (C)
- D.सभी (A), (B) और (C)
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर D, सभी तीनों कारक है। प्रवास का अध्ययन उद्गम स्थान के अपकर्ष कारकों और गंतव्य के आकर्षण कारकों से होता है, और तीनों बातें उसी अध्ययन का अंग हैं। रोजगार के अवसरों की उपलब्धता भारत में ग्रामीण से नगरीय प्रवास का सबसे बड़ा कारण है, जिसे जनगणना कार्य या रोजगार शीर्षक के अंतर्गत गिनती है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सुविधाओं के माध्यम से बेहतर जीवन स्तर की आशा उससे जुड़ा आकर्षण है, जो पूरे परिवार को ले जाता है। विवाह संख्या की दृष्टि से भारत में प्रवास का सबसे बड़ा एकल कारण है, क्योंकि विवाह के बाद अधिकांश महिलाएं पति के निवास पर जाती हैं, और जनगणना इसे अलग श्रेणी में दर्ज करती है। चूंकि तीनों प्रासंगिक हैं, इसलिए A, जो विवाह छोड़ देता है, B, जो रोजगार के अवसर छोड़ देता है, और C, जो जीवन स्तर छोड़ देता है, सभी अपूर्ण और इसलिए गलत हैं।
2011 की जनगणना के अनुसार नगरीय क्षेत्रों में रहने वाली जनसंख्या के अनुपात की दृष्टि से भारत का सर्वाधिक नगरीकृत राज्य कौन था?
- A.महाराष्ट्र
- B.तमिलनाडु
- C.गोवा
- D.केरल
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, गोवा है। 2011 की जनगणना में गोवा की लगभग बासठ प्रतिशत जनसंख्या नगरीय क्षेत्रों में रहती थी, जो राज्यों में सबसे अधिक हिस्सा था, उसके बाद मिजोरम लगभग बावन प्रतिशत और तमिलनाडु लगभग अड़तालीस प्रतिशत। A, महाराष्ट्र, सबसे आम जाल है, क्योंकि निरपेक्ष संख्या में उसकी नगरीय जनसंख्या सबसे अधिक, पांच करोड़ से ऊपर थी, पर उसका नगरीय हिस्सा लगभग पैंतालीस प्रतिशत था, जो गोवा से कम है। B, तमिलनाडु, इसी प्रकार के कारण से गलत है: वह अत्यधिक नगरीकृत है पर हिस्से में गोवा और मिजोरम से नीचे है। D, केरल, आंकड़ों के आधार पर गलत है, लगभग अड़तालीस प्रतिशत पर, हालांकि वहां बसाव इतना सतत है कि ग्रामीण और नगरीय की रेखा धुंधली हो जाती है। केंद्रशासित प्रदेशों में दिल्ली सबसे ऊपर थी, लगभग सत्तानबे प्रतिशत पर।
भारत की जनगणना के अनुसार नगरीय समूह का अर्थ है
- A.दस लाख से अधिक जनसंख्या वाला कोई भी नगर
- B.किसी नगर और उससे लगे बहिर्वर्धों से बना सतत नगरीय विस्तार
- C.एक पंचायत के अधीन गांवों का समूह
- D.स्मार्ट सिटीज मिशन में चुना गया नगर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, किसी नगर और उससे लगे बहिर्वर्धों से बना सतत नगरीय विस्तार है। नगरीय समूह नगरपालिका की इकाई नहीं, बल्कि पूरा निर्मित क्षेत्र है: यह कोई नगर और उसके बहिर्वर्ध, या दो या अधिक भौतिक रूप से सटे नगर और उनके बहिर्वर्ध होते हैं, जहां बहिर्वर्ध ऐसा स्पष्ट पहचान वाला क्षेत्र है, जैसे रेलवे कॉलोनी, विश्वविद्यालय परिसर, पत्तन क्षेत्र या सैनिक शिविर, जो वैधानिक सीमा से बाहर है पर नगर से लगा हुआ है। A गलत है क्योंकि दस लाख की जनसंख्या नगर को महानगर बनाती है, जो आकार वर्ग है, नगरीय समूह नहीं। C गलत है क्योंकि एक पंचायत के अधीन गांवों का समूह ग्रामीण इकाई है और इस परिभाषा से उसका कोई संबंध नहीं। D गलत है क्योंकि स्मार्ट सिटीज मिशन में चयन कार्यक्रम का निर्णय है और जनगणना की परिभाषा से उसका कोई लेना-देना नहीं।
परिक्षिप्त या एकाकी ग्रामीण बस्तियां भारत के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र की विशेषता हैं?
- A.पंजाब का मैदान
- B.मेघालय की पहाड़ियां
- C.निचला गंगा मैदान
- D.गुजरात का मैदान
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, मेघालय की पहाड़ियां है। परिक्षिप्त या एकाकी प्रतिरूप, जिसमें एक फार्म या दो-तीन घर अगले घरों से दूर खड़े होते हैं, वहां मिलता है जहां धरातल कटा-फटा हो और कृषि योग्य भूमि के टुकड़े छोटे तथा बिखरे हों, जैसे मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केरल की पहाड़ियां। A, पंजाब का मैदान, गलत है क्योंकि समतल, उपजाऊ और सुजल मैदान संहत या गुच्छित गांव को जन्म देता है, जिसमें घर एक ही खंड में सटे होते हैं। C, निचला गंगा मैदान, गलत है क्योंकि वह पल्लीकृत गांव का उत्कृष्ट क्षेत्र है, जहां गांव एक ही नाम के अंतर्गत पारा या पल्ली नामक इकाइयों में बंटा होता है। D, गुजरात का मैदान, गलत है क्योंकि वह अर्ध-गुच्छित या विखंडित प्रतिरूप का सामान्य उदाहरण है, जहां एक सघन केंद्र के पास कुछ अलग समूह होते हैं।
जमशेदपुर, भिलाई और मोदीनगर नगरों के किस प्रकार्यात्मक वर्ग के उदाहरण हैं?
- A.परिवहन नगर
- B.औद्योगिक नगर
- C.छावनी नगर
- D.धार्मिक नगर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, औद्योगिक नगर है। ये तीनों किसी कारखाने के चारों ओर बढ़े: जमशेदपुर टाटा के इस्पात कारखाने के चारों ओर, भिलाई सोवियत सहयोग से बने सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्र के चारों ओर, और मोदीनगर मोदी समूह के उद्योगों के चारों ओर, इसलिए उद्योग ही उनका प्रमुख प्रकार्य है। A, परिवहन नगर, गलत है क्योंकि उस वर्ग में पत्तन और रेल जंक्शन आते हैं, जैसे कांडला, कोच्चि और मुगलसराय, जो माल तथा लोगों की आवाजाही के लिए हैं। C, छावनी नगर, गलत है क्योंकि वे अंबाला, जालंधर और महू जैसी छावनियां हैं, जो सैनिक ठिकाने के चारों ओर बसाई गईं। D, धार्मिक नगर, गलत है क्योंकि वे वाराणसी, तिरुपति, अजमेर और अमृतसर जैसे तीर्थ केंद्र हैं, जिनकी अर्थव्यवस्था मंदिर या दरगाह और उससे आने वाले तीर्थयात्रियों पर टिकी है। इसलिए प्रकार्य के अनुसार नगरों की सूची जोड़ियों में याद करें, क्योंकि सुमेलन प्रश्न इन्हीं चार वर्गों को आपस में बदलते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वैधानिक नगर और जनगणना नगर में क्या अंतर है?
वैधानिक नगर अपने प्रशासन के कारण नगरीय होता है: वहां नगर निगम, नगरपालिका, छावनी परिषद या अधिसूचित नगर क्षेत्र समिति होती है और जनसंख्या का कोई महत्व नहीं। जनगणना नगर में ऐसी कोई संस्था नहीं होती और उसे नगरीय केवल इसलिए माना जाता है कि वह तीन जनसांख्यिकीय शर्तें एक साथ पूरी करता है, अर्थात कम से कम 5,000 जनसंख्या, मुख्य पुरुष कामगारों का कम से कम 75 प्रतिशत गैर-कृषि व्यवसायों में, और कम से कम 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर घनत्व।
नगरीय समूह की जनगणना परिभाषा में बहिर्वर्ध क्या है?
बहिर्वर्ध ऐसा स्पष्ट पहचान वाला निर्मित क्षेत्र है जो किसी नगर की वैधानिक सीमा से बाहर है पर उससे लगा हुआ है, जैसे रेलवे कॉलोनी, विश्वविद्यालय परिसर, पत्तन क्षेत्र या सैनिक शिविर। नगर और उसके बहिर्वर्ध मिलकर नगरीय समूह बनाते हैं, इसीलिए नगरीय समूह की जनसंख्या नगरपालिका वाले नगर से अधिक होती है।
भारत में ग्रामीण बस्ती का कौन सा प्रतिरूप सबसे आम है?
गुच्छित या संहत प्रतिरूप, जिसमें घर एक सघन खंड में सटे होते हैं, बीच में संकरी गलियां होती हैं और चारों ओर खेत। यह गंगा तथा सतलुज के उपजाऊ जलोढ़ मैदानों और पूर्वोत्तर राज्यों का प्रतिरूप है, जहां समतल भूमि, अच्छी मिट्टी और निश्चित जल सघन बसाव संभव बनाते हैं, और जहां सुरक्षा ने भी पास-पास रहने को बढ़ावा दिया।
74वें संविधान संशोधन अधिनियम ने नगरों के लिए क्या किया?
उसने नगरीय स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया। उसने अनुच्छेद 243प से 243यग के साथ भाग 9क जोड़ा, तीन प्रकार की नगरपालिकाओं की व्यवस्था की, राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव के साथ पांच वर्ष का कार्यकाल तय किया, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों तथा महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित कीं, और बारहवीं अनुसूची जोड़ी जिसमें नगर नियोजन, जलापूर्ति, गंदी बस्ती सुधार और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे अठारह विषय हैं।
नगरीकरण और नगरीय वृद्धि में क्या अंतर है?
नगरीकरण किसी देश की उस जनसंख्या के हिस्से की वृद्धि है जो नगरीय क्षेत्रों में रहती है, अर्थात यह अनुपात है। नगरीय वृद्धि नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की निरपेक्ष संख्या की वृद्धि है। किसी देश में नगरीय वृद्धि तेज और नगरीकरण धीमा एक साथ हो सकता है, यदि उसकी ग्रामीण जनसंख्या भी तेजी से बढ़ रही हो।
स्रोत
- भारत: लोग और अर्थव्यवस्था (कक्षा 12), अध्याय 4: मानव बस्तियां — एनसीईआरटी
- प्राथमिक जनगणना सार तथा ग्रामीण-नगरीय वितरण, भारत की जनगणना 2011 — भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय
- भारत का संविधान, भाग 9क और बारहवीं अनुसूची — विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय





