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GK नोट्सभूगोलसौरमंडल और पृथ्वी

सौरमंडल और पृथ्वी: ग्रह, चंद्रमा एवं गतियां

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सौरमंडल के सम्पूर्ण नोट्स: सूर्य, आठ ग्रह और उनके कीर्तिमान, चंद्रमा, पृथ्वी का घूर्णन एवं परिक्रमण, ऋतुओं का कारण तथा ग्रहण।

लेखक · प्रकाशित · 4 मिनट

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सौरमंडल और पृथ्वी: ग्रह, चंद्रमा एवं गतियां — GK24 title card
सौरमंडल और पृथ्वी: ग्रह, चंद्रमा एवं गतियां — GK24 title card

सौरमंडल सूर्य का परिवार है: वे आठ ग्रह जो इसकी परिक्रमा करते हैं, उनके उपग्रह, बौने ग्रह तथा बीच के आकाश में भरे क्षुद्रग्रह, धूमकेतु और उल्कापिंड। इसका निर्माण लगभग 4.6 अरब वर्ष पूर्व गैस और धूल के विशाल बादल से हुआ, जिसे सबसे पहले इमैनुएल कांट ने निहारिका परिकल्पना के रूप में रखा और बाद में लाप्लास ने संशोधित किया। इस अध्याय के प्रश्न प्रायः क्रम और कीर्तिमान पर आधारित होते हैं, इसलिए पहले ग्रहों का क्रम और फिर उनकी चरम विशेषताएं याद करें।

सूर्य, सौरमंडल का केंद्र

सूर्य एक मध्यम आकार का तारा है जो मुख्यतः हाइड्रोजन और हीलियम से बना है। इसकी ऊर्जा नाभिकीय संलयन से उत्पन्न होती है, जिसमें हाइड्रोजन के नाभिक जुड़कर हीलियम बनाते हैं और विपुल ताप तथा प्रकाश मुक्त करते हैं। इसकी दृश्य सतह, अर्थात प्रकाशमंडल, लगभग 5,500 डिग्री सेल्सियस की है, जबकि केंद्र का ताप लाखों डिग्री में मापा जाता है। सौरमंडल के कुल द्रव्यमान का अत्यधिक बड़ा भाग सूर्य में ही है, इसी कारण उसका गुरुत्व सभी ग्रहों को कक्षा में बांधे रखता है। पृथ्वी से इसकी दूरी लगभग 14 करोड़ 96 लाख किलोमीटर है, जिसे एक खगोलीय इकाई कहते हैं, और इसका प्रकाश हम तक लगभग 8 मिनट 20 सेकंड में पहुंचता है। सूर्य के बाद निकटतम तारा प्रॉक्सिमा सेंटॉरी है, जो लगभग 4.2 प्रकाश वर्ष दूर है। ध्यान रखें कि प्रकाश वर्ष दूरी की इकाई है, समय की नहीं।

आठ ग्रह, क्रम के अनुसार

सूर्य से दूरी के क्रम में ग्रह हैं: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण। पहले चार आंतरिक अथवा पार्थिव ग्रह हैं, जो छोटे, चट्टानी और घने हैं। मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पट्टी के बाद बाह्य ग्रह आते हैं: बृहस्पति और शनि गैस दानव हैं, जबकि अरुण और वरुण को प्रायः हिम दानव कहा जाता है। प्लूटो को नौवां ग्रह माना जाता था, किंतु 2006 में अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने ग्रह की नई परिभाषा देकर उसे बौने ग्रहों में रख दिया।

ग्रहकिसके लिए प्रसिद्ध
बुधसबसे छोटा ग्रह, सूर्य के सबसे निकट, लगभग 88 दिन में परिक्रमा, कोई उपग्रह नहीं
शुक्रसबसे गर्म ग्रह, आकार में पृथ्वी का जुड़वां, पूर्व से पश्चिम घूर्णन, भोर और सांझ का तारा
पृथ्वीजीवन वाला एकमात्र ज्ञात ग्रह; जल की अधिकता के कारण नीला ग्रह
मंगलमिट्टी में लौह ऑक्साइड के कारण लाल ग्रह; सर्वोच्च ज्वालामुखी ओलंपस मोंस; उपग्रह फोबोस और डीमोस
बृहस्पतिसबसे बड़ा ग्रह, लगभग दस घंटे में सबसे तेज घूर्णन, वृहत लाल धब्बा, उपग्रह गैनिमीड
शनिचमकीले वलय तथा सभी ग्रहों में सबसे कम घनत्व; सबसे बड़ा उपग्रह टाइटन
अरुणलगभग 98 डिग्री झुके अक्ष के कारण लेटा हुआ घूमता है; 1781 में विलियम हर्शल द्वारा खोजा गया
वरुणसूर्य से सबसे दूर, सर्वाधिक तेज पवनों वाला, लगभग 165 वर्ष में एक परिक्रमा

पृथ्वी और उसकी दो गतियां

पृथ्वी सूर्य से तीसरा और आकार में पांचवां बड़ा ग्रह है। यह पूर्ण गोला नहीं है: भूमध्य रेखा पर उभरी और ध्रुवों पर चपटी है, और इस आकृति को चपटा गोलाभ अथवा भू-आभ कहते हैं; इसी कारण भूमध्यरेखीय त्रिज्या ध्रुवीय त्रिज्या से लगभग 21 किलोमीटर अधिक है। पृथ्वी की दो गतियां हैं। घूर्णन अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमना है, जो लगभग 24 घंटे में पूरा होता है और दिन-रात का कारण बनता है। परिक्रमण सूर्य के चारों ओर की यात्रा है, जो लगभग 365 दिन 6 घंटे में पूरी होती है; ये अतिरिक्त छह घंटे जुड़कर प्रत्येक चौथे वर्ष फरवरी में एक अधिक दिन बनाते हैं।

पृथ्वी पर ऋतुएं क्यों बदलती हैं

ऋतुओं का कारण सूर्य और पृथ्वी के बीच घटती-बढ़ती दूरी नहीं है, और परीक्षाओं में यही सबसे बड़ा जाल है। वास्तविक कारण पृथ्वी के अक्ष का लगभग 23.5 डिग्री झुकाव है, तथा यह तथ्य कि परिक्रमा के दौरान यह झुकाव सदैव एक ही दिशा में बना रहता है। इसी से वर्ष के एक भाग में एक गोलार्ध सूर्य की ओर झुका रहता है और शेष भाग में दूर।

  • 21 जून: सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर लंबवत पड़ती हैं। यह ग्रीष्म संक्रांति है और उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे बड़ा दिन होता है।
  • 22 दिसंबर: सूर्य की किरणें मकर रेखा पर लंबवत पड़ती हैं। यह शीत संक्रांति है और उत्तरी गोलार्ध में सबसे छोटा दिन होता है।
  • 21 मार्च और 23 सितंबर: सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा पर लंबवत पड़ती हैं और संपूर्ण पृथ्वी पर दिन-रात बराबर होते हैं। इन्हें विषुव कहा जाता है।

वास्तव में पृथ्वी जनवरी के आरंभ में सूर्य के सबसे निकट होती है, जिसे उपसौर कहते हैं, और जुलाई के आरंभ में सबसे दूर, जिसे अपसौर कहते हैं। यह भी सिद्ध करता है कि दूरी ऋतुओं का निर्धारण नहीं करती।

चंद्रमा और ग्रहण

चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। इसकी दूरी लगभग 3,84,400 किलोमीटर है, इसलिए इसका प्रकाश हम तक लगभग 1.3 सेकंड में पहुंचता है। यह अपनी धुरी पर एक घूर्णन और पृथ्वी के चारों ओर एक परिक्रमा दोनों लगभग 27.3 दिनों में पूरी करता है, और दोनों अवधियों के बराबर होने के कारण चंद्रमा का सदैव एक ही भाग पृथ्वी की ओर रहता है। चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं है और उसका गुरुत्व पृथ्वी का लगभग छठा भाग है, इसी से अंतरिक्ष यात्री वहां उछलते हुए चलते हैं। सूर्य ग्रहण केवल अमावस्या को होता है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है; चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा को होता है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है।

परीक्षा की दृष्टि से

अधिकांश प्रश्न एक पंक्ति के कीर्तिमान पूछते हैं: सबसे छोटा, सबसे बड़ा, सबसे गर्म, सबसे चमकीला, सबसे कम घनत्व वाला, सबसे तेज घूर्णन वाला और सबसे दूर का ग्रह। दूसरा वर्ग पृथ्वी से जुड़ा है और यहां जाल तीखे हैं। ऋतुएं अक्ष के झुकाव से बनती हैं, सूर्य से दूरी से नहीं; घूर्णन से दिन-रात और परिक्रमण से वर्ष बनता है; प्रकाश वर्ष दूरी की इकाई है, समय की नहीं; तथा पृथ्वी जनवरी में सूर्य के सबसे निकट होती है, जब उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु रहती है। यह भी याद रखें कि किन ग्रहों का कोई उपग्रह नहीं है (बुध और शुक्र), कौन से दो ग्रह पूर्व से पश्चिम घूमते हैं (शुक्र और अरुण), तथा सूर्य ग्रहण अमावस्या को और चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को होता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

सौरमंडल की आयुलगभग 4.6 अरब वर्ष
सूर्य की ऊर्जा का स्रोतहाइड्रोजन का हीलियम में नाभिकीय संलयन
पृथ्वी से सूर्य की दूरीलगभग 14.96 करोड़ किलोमीटर, अर्थात एक खगोलीय इकाई
सूर्य का प्रकाश पहुंचने में समयलगभग 8 मिनट 20 सेकंड
सूर्य के बाद निकटतम ताराप्रॉक्सिमा सेंटॉरी, लगभग 4.2 प्रकाश वर्ष दूर
सबसे छोटा और सबसे बड़ा ग्रहबुध तथा बृहस्पति
सबसे गर्म ग्रहशुक्र, अपने घने कार्बन डाइऑक्साइड वायुमंडल के कारण
सबसे कम घनत्व वाला ग्रहशनि
पूर्व से पश्चिम घूमने वाले ग्रहशुक्र और अरुण
क्षुद्रग्रह पट्टीमंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच
प्लूटो का पुनर्वर्गीकरण2006 में, अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा, बौने ग्रह के रूप में
पृथ्वी के अक्ष का झुकावलंब से लगभग 23.5 डिग्री
संक्रांति21 जून को कर्क रेखा पर; 22 दिसंबर को मकर रेखा पर
विषुव21 मार्च और 23 सितंबर, जब सूर्य भूमध्य रेखा पर लंबवत होता है
चंद्रमा की दूरीलगभग 3,84,400 किलोमीटर; चांदनी लगभग 1.3 सेकंड में पृथ्वी तक पहुंचती है

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.भूगोलआसान

सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह कौन सा है?

  1. A.बुध
  2. B.शुक्र
  3. C.मंगल
  4. D.बृहस्पति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. शुक्र

व्याख्या

सही उत्तर B, शुक्र है। शुक्र कार्बन डाइऑक्साइड के अत्यंत घने वायुमंडल से घिरा है, जो सूर्य के प्रकाश को भीतर आने देता है, किंतु ऊष्मा को बाहर नहीं जाने देता। इस अनियंत्रित हरितगृह प्रभाव के कारण उसकी सतह किसी भी अन्य ग्रह से अधिक गर्म रहती है, रात में भी और सूर्य से विमुख भाग पर भी।

विकल्प A, बुध सूर्य के अधिक निकट है, इसलिए यही सामान्य भ्रम है; किंतु वहां ऊष्मा रोकने वाला वायुमंडल लगभग नहीं है, अतः उसकी रातें अत्यंत ठंडी होती हैं। विकल्प C, मंगल अधिक दूर है, वहां वायुमंडल विरल है और वह ठंडा मरुस्थलीय ग्रह है। विकल्प D, बृहस्पति क्षुद्रग्रह पट्टी से भी परे गैस दानव है और उसके बादलों का ताप और भी कम है। शुक्र के तीन कीर्तिमान साथ याद रखें: सबसे गर्म ग्रह, आकाश में सबसे चमकीला ग्रह और पृथ्वी का जुड़वां।

Q2.भूगोलआसान

सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पहुंचने में लगभग कितना समय लेता है?

  1. A.8 मिनट 20 सेकंड
  2. B.1.3 सेकंड
  3. C.4.2 वर्ष
  4. D.24 घंटे
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 8 मिनट 20 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर A, 8 मिनट 20 सेकंड है। सूर्य पृथ्वी से लगभग 14 करोड़ 96 लाख किलोमीटर दूर है, जिसे एक खगोलीय इकाई कहते हैं, और प्रकाश एक सेकंड में लगभग तीन लाख किलोमीटर चलता है। दोनों का भाग करने पर लगभग 500 सेकंड, अर्थात आठ मिनट बीस सेकंड आता है; इसलिए हम सूर्य को सदैव आठ मिनट पुराना ही देखते हैं।

विकल्प B, 1.3 सेकंड चंद्रमा से आने वाले प्रकाश का समय है, जिसकी दूरी लगभग 3,84,400 किलोमीटर है, और परीक्षक प्रायः दोनों आंकड़े एक ही प्रश्न में रखता है। विकल्प C, 4.2 वर्ष सूर्य के बाद निकटतम तारे प्रॉक्सिमा सेंटॉरी से प्रकाश आने का समय है। विकल्प D, 24 घंटे पृथ्वी के एक घूर्णन का समय है और इसका प्रकाश की यात्रा से कोई संबंध नहीं है।

Q3.भूगोलआसान

सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह कौन सा है?

  1. A.शनि
  2. B.वरुण
  3. C.बृहस्पति
  4. D.अरुण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बृहस्पति

व्याख्या

सही उत्तर C, बृहस्पति है। बृहस्पति सूर्य से पांचवां ग्रह है और व्यास तथा द्रव्यमान दोनों में सबसे बड़ा है; यह हाइड्रोजन और हीलियम से बना गैस दानव है। इसका घूर्णन भी सबसे तेज है और यह लगभग दस घंटे में एक चक्कर पूरा कर लेता है। इस पर वृहत लाल धब्बा नामक विशाल तूफान है और इसी का उपग्रह गैनिमीड सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है।

विकल्प A, शनि आकार में दूसरा है और अपने चमकीले वलयों तथा सबसे कम घनत्व के लिए जाना जाता है। विकल्प B और D, अर्थात वरुण और अरुण दोनों बाहरी ग्रह हैं और बृहस्पति तथा शनि से काफी छोटे हैं; वरुण सूर्य से सबसे दूर है और अरुण लेटा हुआ घूमता है। आकार का क्रम याद रखें: बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण और फिर पृथ्वी।

Q4.भूगोलमध्यम

अरुण के अतिरिक्त कौन सा ग्रह अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम की ओर, अर्थात अधिकांश ग्रहों से विपरीत दिशा में घूमता है?

  1. A.बुध
  2. B.शुक्र
  3. C.मंगल
  4. D.शनि
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. शुक्र

व्याख्या

सही उत्तर B, शुक्र है। पृथ्वी सहित लगभग सभी ग्रह पश्चिम से पूर्व की ओर घूमते हैं, इसी कारण सूर्य पूर्व में उगता प्रतीत होता है। शुक्र और अरुण ही दो अपवाद हैं जो पूर्व से पश्चिम की ओर घूमते हैं, इसलिए शुक्र पर सूर्य पश्चिम में उगता दिखाई देगा। शुक्र अत्यंत धीमा भी घूमता है और उसका एक घूर्णन उसकी एक परिक्रमा से भी अधिक समय लेता है।

विकल्प A, बुध सामान्य दिशा में घूमता है और सबसे छोटे ग्रह तथा लगभग 88 दिन में सबसे तेज परिक्रमा करने वाले ग्रह के रूप में याद किया जाता है। विकल्प C, मंगल भी पश्चिम से पूर्व घूमता है और उसका दिन पृथ्वी के दिन के लगभग बराबर है। विकल्प D, शनि तेज गति से सामान्य दिशा में घूमने वाला गैस दानव है। इस प्रश्न के लिए बस यह जोड़ा याद रखें: शुक्र और अरुण।

Q5.भूगोलमध्यम

पृथ्वी पर ऋतुओं के होने का मुख्य कारण निम्नलिखित में से क्या है?

  1. A.पृथ्वी और सूर्य के बीच बदलती दूरी
  2. B.पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूर्णन
  3. C.पृथ्वी के अक्ष का झुकाव तथा सूर्य के चारों ओर उसका परिक्रमण
  4. D.चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पृथ्वी के अक्ष का झुकाव तथा सूर्य के चारों ओर उसका परिक्रमण

व्याख्या

सही उत्तर C है। पृथ्वी का अक्ष लंब से लगभग 23.5 डिग्री झुका है और वर्ष भर एक ही दिशा में झुका रहता है। परिक्रमा करते समय इसी कारण वर्ष के एक भाग में एक गोलार्ध सूर्य की ओर झुका रहता है और उसे अधिक सीधी किरणें तथा लंबे दिन मिलते हैं, जबकि शेष भाग में वह दूर झुक जाता है; इसी से ग्रीष्म और शीत ऋतु बनती हैं।

विकल्प A सबसे बड़ा जाल है। पृथ्वी वास्तव में जनवरी के आरंभ में सूर्य के सबसे निकट होती है, जब उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु रहती है, अतः दूरी ऋतुओं की व्याख्या नहीं कर सकती। विकल्प B, घूर्णन से दिन और रात बनते हैं, ऋतुएं नहीं। विकल्प D, चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण महासागरों में ज्वार-भाटा का मुख्य कारण है। सूत्र रूप में याद रखें: घूर्णन से दिन-रात, झुकाव सहित परिक्रमण से ऋतुएं और वर्ष।

Q6.भूगोलमध्यम

किस ग्रह का घनत्व सबसे कम है, इतना कम कि पर्याप्त बड़े जलाशय में रखने पर वह तैरने लगेगा?

  1. A.बृहस्पति
  2. B.शनि
  3. C.वरुण
  4. D.बुध
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. शनि

व्याख्या

सही उत्तर B, शनि है। शनि हाइड्रोजन और हीलियम का विशाल गोला है जो बहुत बड़े आयतन में फैला हुआ है, और उसका औसत घनत्व जल से भी कम है। इसी कारण वह सौरमंडल का सबसे कम घनत्व वाला ग्रह है, और जल में तैरते शनि का चित्र इस तथ्य को पढ़ाने का सामान्य तरीका है। शनि अपने चमकीले वलयों तथा सबसे बड़े उपग्रह टाइटन के लिए भी प्रसिद्ध है।

विकल्प A, बृहस्पति सबसे बड़ा और सबसे भारी ग्रह है, किंतु वह शनि की तुलना में अधिक सघन है और जल से भारी है। विकल्प C, वरुण दूरस्थ हिम दानव है और उससे भी अधिक घना है। विकल्प D, बुध छोटा चट्टानी ग्रह है जिसका लोहे का क्रोड बड़ा है, इसलिए वह सर्वाधिक घने ग्रहों में गिना जाता है। दोनों कीर्तिमान साथ याद रखें: सबसे बड़ा बृहस्पति, आकार की तुलना में सबसे हल्का शनि।

Q7.भूगोलमध्यम

सौरमंडल की क्षुद्रग्रह पट्टी किन दो ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है?

  1. A.पृथ्वी और मंगल
  2. B.मंगल और बृहस्पति
  3. C.बृहस्पति और शनि
  4. D.शनि और अरुण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मंगल और बृहस्पति

व्याख्या

सही उत्तर B, मंगल और बृहस्पति है। क्षुद्रग्रह पट्टी चट्टानी पिंडों की चौड़ी पट्टी है, जिसमें धूल के कणों से लेकर सैकड़ों किलोमीटर तक के पिंड सम्मिलित हैं, और ये मंगल तथा बृहस्पति की कक्षाओं के बीच सूर्य की परिक्रमा करते हैं। सामान्यतः इन्हें वह पदार्थ माना जाता है जो ग्रह के रूप में जुड़ नहीं सका, क्योंकि बृहस्पति का प्रबल गुरुत्व उसे बार-बार विचलित करता रहा।

विकल्प A इसलिए गलत है कि पृथ्वी और मंगल के बीच ऐसी कोई पट्टी नहीं है। विकल्प C और D इसे बाहरी ग्रहों के बीच रखते हैं, जबकि वहां विशाल ग्रह और उनके अनेक उपग्रह हैं; वरुण से भी परे एक भिन्न क्षेत्र है, काइपर पट्टी, जहां प्लूटो स्थित है। क्षुद्रग्रह पट्टी ही वह सीमा है जो आंतरिक पार्थिव ग्रहों को बाहरी विशाल ग्रहों से अलग करती है।

Q8.भूगोलमध्यम

चंद्रमा का प्रकाश पृथ्वी तक पहुंचने में लगभग कितना समय लेता है?

  1. A.1.3 सेकंड
  2. B.8 मिनट 20 सेकंड
  3. C.27.3 दिन
  4. D.1 घंटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1.3 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर A, 1.3 सेकंड है। चंद्रमा पृथ्वी से औसतन लगभग 3,84,400 किलोमीटर दूर है। प्रकाश एक सेकंड में लगभग तीन लाख किलोमीटर चलता है, इसलिए वह यह दूरी एक सेकंड से कुछ अधिक समय में तय कर लेता है। चंद्रमा से जुड़े एक पंक्ति के प्रश्नों में यही मानक आंकड़ा उसकी दूरी के साथ पूछा जाता है।

विकल्प B, आठ मिनट बीस सेकंड सूर्य का प्रकाश पहुंचने का समय है, और दोनों आंकड़े जानबूझकर एक साथ रखे जाते हैं। विकल्प C, 27.3 दिन वह अवधि है जिसमें चंद्रमा अपनी धुरी पर एक घूर्णन और पृथ्वी के चारों ओर एक परिक्रमा पूरी करता है; दोनों के बराबर होने के कारण ही उसका एक ही मुख हमारी ओर रहता है। विकल्प D बहुत लंबा समय है और पृथ्वी-चंद्रमा तंत्र में किसी तथ्य से मेल नहीं खाता।

Q9.भूगोलमध्यम

अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने प्लूटो को किस वर्ष बौना ग्रह घोषित किया?

  1. A.1996
  2. B.2003
  3. C.2006
  4. D.2011
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2006

व्याख्या

सही उत्तर C, 2006 है। उसी वर्ष अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने ग्रह की औपचारिक परिभाषा स्वीकार की: वह पिंड जो सूर्य की परिक्रमा करता हो, इतना विशाल हो कि अपने गुरुत्व से लगभग गोल आकार ले ले, और अपनी कक्षा के आसपास का क्षेत्र साफ कर चुका हो। 1930 में खोजा गया प्लूटो पहली दो शर्तें पूरी करता है, किंतु काइपर पट्टी के अनेक पिंडों के साथ अपना क्षेत्र साझा करता है, इसलिए उसे बौने ग्रहों की श्रेणी में रखा गया।

विकल्प A, B और D ऐसे वर्ष हैं जिनमें इस प्रकार का कोई निर्णय नहीं हुआ। वर्ष 2006 के बाद से सौरमंडल में आठ ग्रह माने जाते हैं और ग्रहों की संख्या पूछे जाने पर उत्तर आठ ही होगा। यह भी याद रखें कि क्षुद्रग्रह पट्टी का सबसे बड़ा पिंड सेरेस भी इसी परिभाषा के अंतर्गत बौना ग्रह गिना जाता है।

Q10.भूगोलमध्यम

21 जून को सूर्य की किरणें किस अक्षांश रेखा पर लंबवत पड़ती हैं?

  1. A.भूमध्य रेखा
  2. B.कर्क रेखा
  3. C.मकर रेखा
  4. D.आर्कटिक वृत्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर्क रेखा

व्याख्या

सही उत्तर B, कर्क रेखा है। 21 जून को उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है और सूर्य की किरणें 23.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर स्थित कर्क रेखा पर लंबवत पड़ती हैं। यह ग्रीष्म संक्रांति है: उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात, तथा इसी दिन आर्कटिक वृत्त पर पूरे चौबीस घंटे प्रकाश रहता है।

विकल्प A, भूमध्य रेखा पर लंबवत किरणें 21 मार्च और 23 सितंबर को पड़ती हैं, जिन्हें विषुव कहते हैं और जब संपूर्ण पृथ्वी पर दिन-रात बराबर होते हैं। विकल्प C, 23.5 डिग्री दक्षिण अक्षांश पर स्थित मकर रेखा पर लंबवत किरणें 22 दिसंबर को पड़ती हैं, जो उत्तरी गोलार्ध की शीत संक्रांति है। विकल्प D, 66.5 डिग्री उत्तर पर स्थित आर्कटिक वृत्त पर किरणें कभी लंबवत नहीं पड़तीं, क्योंकि सूर्य केवल दोनों कटिबंधीय रेखाओं के बीच ही शीर्ष पर हो सकता है।

Q11.भूगोलकठिन

सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह गैनिमीड किस ग्रह का उपग्रह है?

  1. A.शनि
  2. B.मंगल
  3. C.बृहस्पति
  4. D.वरुण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बृहस्पति

व्याख्या

सही उत्तर C, बृहस्पति है। गैनिमीड बृहस्पति के उन चार बड़े उपग्रहों में से एक है जिन्हें सबसे पहले गैलीलियो ने देखा था; शेष तीन आयो, यूरोपा और कैलिस्टो हैं। गैनिमीड बुध ग्रह से भी बड़ा है, इसलिए यह सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है। सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति का उपग्रह परिवार विशाल ग्रहों में सर्वाधिक उल्लेखनीय है।

विकल्प A, शनि का उपग्रह टाइटन दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है और घने वायुमंडल वाला एकमात्र उपग्रह है। विकल्प B, मंगल के पास केवल दो छोटे उपग्रह फोबोस और डीमोस हैं, जो आलू जैसी आकृति वाले पकड़े गए पिंड माने जाते हैं। विकल्प D, वरुण का उपग्रह ट्राइटन इसलिए याद रखा जाता है कि वह अपने ग्रह के घूर्णन से विपरीत दिशा में परिक्रमा करता है। यह भी ध्यान रखें कि बुध और शुक्र का कोई उपग्रह नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुध सूर्य के अधिक निकट होते हुए भी शुक्र उससे अधिक गर्म क्यों है?

शुक्र के चारों ओर कार्बन डाइऑक्साइड का अत्यंत घना वायुमंडल है जो प्राप्त ऊष्मा को बाहर नहीं जाने देता, अर्थात वहां अनियंत्रित हरितगृह प्रभाव कार्य करता है। बुध पर वायुमंडल लगभग नहीं है, इसलिए दिन की ऊष्मा रात में अंतरिक्ष में लौट जाती है और उसका तापमान चरम सीमाओं के बीच झूलता रहता है। इसी रुकी हुई ऊष्मा के कारण शुक्र सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है।

पृथ्वी पर ऋतु परिवर्तन का कारण क्या है?

पृथ्वी के अक्ष का लंब से लगभग 23.5 डिग्री का झुकाव, सूर्य के चारों ओर उसकी परिक्रमा के साथ मिलकर। चूंकि अक्ष सदैव एक ही दिशा में झुका रहता है, वर्ष के एक भाग में एक गोलार्ध सूर्य की ओर झुका रहता है और उसे अधिक सीधी किरणें तथा लंबे दिन मिलते हैं, जबकि शेष भाग में वह दूर झुक जाता है। सूर्य से बदलती दूरी की इसमें लगभग कोई भूमिका नहीं होती।

हमें चंद्रमा का सदैव एक ही भाग क्यों दिखाई देता है?

क्योंकि चंद्रमा अपनी धुरी पर एक घूर्णन और पृथ्वी के चारों ओर एक परिक्रमा, दोनों लगभग 27.3 दिनों में पूरी करता है। इसे तुल्यकालिक घूर्णन कहते हैं। इसी कारण उसका एक ही मुख सदैव पृथ्वी की ओर रहता है और दूसरा भाग, जिसे प्रायः अंधकारमय पक्ष कह दिया जाता है, पृथ्वी से कभी दिखाई नहीं देता।

प्रकाश वर्ष समय की इकाई है या दूरी की?

यह दूरी की इकाई है। प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो लगभग तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की चाल से चलने वाला प्रकाश एक वर्ष में तय करता है। इसका उपयोग तारों के बीच की दूरियां मापने में होता है, जो किलोमीटर में व्यक्त करने के लिए बहुत अधिक हैं। सौरमंडल के भीतर की दूरियों के लिए खगोलीय इकाई का प्रयोग किया जाता है, जो पृथ्वी और सूर्य की औसत दूरी है।

प्लूटो को अब ग्रह क्यों नहीं माना जाता?

वर्ष 2006 में अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने ग्रह के लिए तीन शर्तें रखीं: वह सूर्य की परिक्रमा करे, इतना विशाल हो कि अपने गुरुत्व से लगभग गोल आकार ले ले, और अपनी कक्षा के आसपास का क्षेत्र साफ कर चुका हो। प्लूटो पहली दो शर्तें पूरी करता है, किंतु अपनी कक्षा का क्षेत्र काइपर पट्टी के अन्य पिंडों के साथ साझा करता है, इसलिए उसे बौने ग्रहों की नई श्रेणी में रखा गया।

स्रोत

  • पृथ्वी हमारा आवास (कक्षा 6), सौरमंडल तथा पृथ्वी की गतियों से संबंधित अध्यायएनसीईआरटी
  • भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत (कक्षा 11)एनसीईआरटी