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GK नोट्सकला और संस्कृतियोग, आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा पद्धतियां

योग, आयुर्वेद और आयुष पद्धतियां: ग्रंथ और तथ्य

आयुष पद्धतियों पर परीक्षा नोट्स: आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी और सोवा-रिग्पा के प्रवर्तक, ग्रंथ, सिद्धांत तथा संस्थान।

लेखक · प्रकाशित · 5 मिनट

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योग, आयुर्वेद और आयुष पद्धतियां: ग्रंथ और तथ्य — GK24 title card
योग, आयुर्वेद और आयुष पद्धतियां: ग्रंथ और तथ्य — GK24 title card

आयुष भारत की पारंपरिक और गैर-एलोपैथिक चिकित्सा पद्धतियों का सरकारी नाम है। इस शब्द के अक्षर आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध तथा होम्योपैथी के लिए हैं, और सोवा-रिग्पा को वर्ष 2010 में सातवीं पद्धति के रूप में मान्यता मिली। परीक्षक इस अध्याय पर हर साल लौटते हैं, क्योंकि इसका लगभग हर तथ्य एक जोड़ी है जो एक पंक्ति में पूछी जा सकती है: पद्धति के साथ उसका प्रवर्तक, ग्रंथ के साथ उसका लेखक, पद्धति के साथ वह भाषा या क्षेत्र जिसमें वह पनपी। आयुष अर्थव्यवस्था इन दिनों फिर समाचारों में है, क्योंकि नए अध्ययन भारत की पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं को अरबों डॉलर में आंक रहे हैं, पर प्रश्नपत्र स्थायी तथ्य पूछता है और वही आगे दिए हैं।

विभाग से पूर्ण मंत्रालय तक

इन पद्धतियों की देखरेख के लिए मार्च 1995 में भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी विभाग बनाया गया, जो उससे पहले स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के एक प्रकोष्ठ के रूप में चल रही थीं। नवंबर 2003 में इस विभाग का नाम आयुष विभाग कर दिया गया, और 9 नवंबर 2014 को इसे अपने अलग मंत्री के साथ पूर्ण आयुष मंत्रालय में उन्नत किया गया। राज्यों के साथ चलने वाली केंद्र प्रायोजित योजना राष्ट्रीय आयुष मिशन भी उसी वर्ष की है। नियमन का ढांचा 2020 में बदला, जब भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग और होम्योपैथी राष्ट्रीय आयोग ने पुराने भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद तथा होम्योपैथी केंद्रीय परिषद का स्थान शिक्षा और व्यवसाय के वैधानिक नियामक के रूप में ले लिया।

आयुर्वेद, जीवन का विज्ञान

आयुर्वेद शब्द आयु अर्थात जीवन और वेद अर्थात ज्ञान से बना है, और इसे अथर्ववेद का उपवेद माना जाता है। परंपरा में इसके प्रवर्तक धन्वंतरि हैं, देवताओं के वैद्य, जो समुद्र मंथन से अमृत कलश लिए प्रकट हुए; आयुर्वेद दिवस उनके दिन धन्वंतरि जयंती पर मनाया जाता है, जो धनतेरस को पड़ती है और पहली बार 2016 में मनाया गया। यह पद्धति तीन दोषों वात, पित्त और कफ पर टिकी है, जिनका संतुलन स्वास्थ्य और जिनका बिगड़ना रोग है; इसके साथ सात धातुएं और तीन मल आते हैं। उपचार आहार और दिनचर्या से लेकर पंचकर्म की पांच शोधन क्रियाओं तक जाता है: वमन, विरेचन, नस्य, बस्ति और रक्तमोक्षण। शास्त्रीय आयुर्वेद की आठ शाखाएं हैं, इसी से इसे अष्टांग आयुर्वेद भी कहा जाता है।

इसका साहित्य दो समूहों में पूछा जाता है। बृहत्त्रयी अर्थात महान त्रयी में चरक संहिता, सुश्रुत संहिता और वाग्भट का अष्टांग हृदय आते हैं। चरक ने कायचिकित्सा अर्थात आंतरिक चिकित्सा पर लिखा और उन्हें भारतीय चिकित्सा का जनक कहा जाता है; सुश्रुत ने शल्य तंत्र अर्थात शल्य चिकित्सा पर लिखा, कटी नाक के पुनर्निर्माण का वर्णन किया, दर्जनों शल्य उपकरण गिनाए और उन्हें शल्य चिकित्सा का जनक कहा जाता है। लघुत्रयी में निदान पर माधव निदान, योगों पर शार्ङ्गधर संहिता और भावमिश्र का भावप्रकाश आते हैं।

पद्धतिप्रवर्तक या प्रमुख व्यक्तिमुख्य ग्रंथ
आयुर्वेदपरंपरा में धन्वंतरि; व्यवहार में चरक और सुश्रुतचरक संहिता, सुश्रुत संहिता
योगपतंजलियोग सूत्र
प्राकृतिक चिकित्साकोई एक प्रवर्तक नहीं; महात्मा गांधी सबसे प्रसिद्ध भारतीय समर्थकप्राकृतिक उपचार पर लेखन
यूनानीहिप्पोक्रेट्स, जिन्हें बुक़रात कहते हैं; गैलेन अर्थात जालीनूस ने व्यवस्थित कियाइब्न सीना का अल-क़ानून फ़ी अल-तिब्ब
सिद्धअठारह सिद्धर, जिनमें अगस्त्यर प्रमुख माने जाते हैंतमिल में सिद्ध ग्रंथ
होम्योपैथीसैमुअल हैनिमैनऑर्गेनन ऑफ मेडिसिन
सोवा-रिग्पापरंपरा में युथोक योन्तेन गोन्पोग्युद-ज़ी अर्थात चार तंत्र

योग और उसके आठ अंग

योग एक ओर भारतीय दर्शन के छह आस्तिक सम्प्रदायों में से एक है और दूसरी ओर एक व्यावहारिक साधना। योग के जनक कहे जाने वाले पतंजलि ने योग सूत्र की रचना की और अष्टांग योग के आठ अंग बताए: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि। भगवद्गीता योग को समत्वम् अर्थात मन की समता कहती है और ज्ञान, भक्ति तथा कर्म योग के मार्ग गिनाती है, जिनमें चौथे के रूप में राज योग जोड़ा जाता है। परवर्ती हठ ग्रंथ, स्वात्माराम की हठयोग प्रदीपिका, घेरण्ड संहिता और शिव संहिता, आसन और प्राणायाम देते हैं, जिनमें उज्जायी भी है जिसकी ध्वनि समुद्र जैसी होती है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया और यह पहली बार 2015 में मनाया गया; यूनेस्को ने 2016 में योग को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में दर्ज किया।

प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी और सिद्ध

प्राकृतिक चिकित्सा औषधि रहित पद्धति है जो पांच तत्वों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से आहार, उपवास, मिट्टी की पट्टी, जल चिकित्सा, मालिश और सूर्य प्रकाश के माध्यम से उपचार करती है; भारत में इसके सबसे बड़े समर्थक महात्मा गांधी थे। यूनानी पद्धति ग्यारहवीं शताब्दी के आसपास अरब और फ़ारसी विद्वानों के साथ भारत आई और दिल्ली सल्तनत तथा मुगलों का संरक्षण पाया; इसका नाम यूनान अर्थात ग्रीस से आया है। बुक़रात कहे जाने वाले हिप्पोक्रेट्स इसके प्रवर्तक और जालीनूस अर्थात गैलेन इसके व्यवस्थापक हैं, जबकि इब्न सीना, जिन्हें यूरोप में एविसेना कहा गया, ने अल-क़ानून फ़ी अल-तिब्ब लिखा और अल-राज़ी ने किताब-अल-मंसूरी। यूनानी चार ख़िल्त अर्थात रक्त, बलगम, पीला पित्त और काला पित्त तथा रोगी के मिज़ाज के आधार पर काम करती है। सिद्ध सबसे प्राचीन पद्धति है और तमिल भूमि में पनपी; इसका श्रेय अठारह सिद्धरों को है, जिनमें अगस्त्यर प्रमुख माने जाते हैं, और यह चिकित्सा में धातुओं तथा खनिजों के प्रयोग से अलग पहचानी जाती है।

होम्योपैथी, सोवा-रिग्पा और शीर्ष संस्थान

होम्योपैथी की स्थापना जर्मन चिकित्सक सैमुअल हैनिमैन ने की, जिन्होंने ऑर्गेनन ऑफ मेडिसिन लिखा और सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेन्टुर अर्थात समान से समान का उपचार का सिद्धांत दिया, साथ ही न्यूनतम मात्रा का नियम और शक्तिकरण की विधि भी। यह अठारहवीं शताब्दी में भारत आई और बंगाल में सबसे गहरी जड़ें जमाईं; विश्व होम्योपैथी दिवस 10 अप्रैल को हैनिमैन के जन्मदिन पर मनाया जाता है। सोवा-रिग्पा अर्थात उपचार का विज्ञान हिमालय की आमची पद्धति है, जो लद्दाख, लाहौल और स्पीति, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश तथा दार्जिलिंग की पहाड़ियों में चलती है; इसका मूल ग्रंथ ग्युद-ज़ी अर्थात चार तंत्र है और संसद ने 2010 में इसे कानून से मान्यता दी। राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान लेह में स्थापित हुआ। याद रखने योग्य अन्य शीर्ष संस्थान हैं नई दिल्ली का सर्व भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान आयुर्वेद, जामनगर का आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जयपुर का राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, बेंगलुरु का राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान, चेन्नई का राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान, कोलकाता का राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान, पुणे का राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान और नई दिल्ली का मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान।

परीक्षा की दृष्टि से

प्रश्न चार रूपों में आते हैं। पहला, संक्षेपाक्षर पर ही: कौन सी पद्धति आयुष में नहीं है, और 2010 में कौन जोड़ी गई, जहां उत्तर सोवा-रिग्पा है और प्राकृतिक चिकित्सा सामान्य भ्रमजाल। दूसरा, व्यक्ति और ग्रंथ का मेल: चरक के साथ आंतरिक चिकित्सा और सुश्रुत के साथ शल्य चिकित्सा, पतंजलि के साथ योग सूत्र और स्वात्माराम के साथ हठयोग प्रदीपिका, हैनिमैन के साथ ऑर्गेनन, इब्न सीना के साथ अल-क़ानून। बृहत्त्रयी और लघुत्रयी का भेद इनमें सबसे कठिन है। तीसरा, तिथियां: आयुष मंत्रालय के लिए 1995, 2003 और 2014 एक साथ विकल्प बनते हैं, तथा योग, होम्योपैथी और स्वास्थ्य दिवस के लिए 21 जून, 10 अप्रैल और 7 अप्रैल। चौथा, पारिभाषिक शब्द: तीन दोष, पंचकर्म की पांच क्रियाएं, क्रम में आठ अंग, यूनानी के चार ख़िल्त और समत्वम् का अर्थ। शिक्षक भर्ती के प्रश्नपत्र प्राणायाम भी पूछते हैं, जहां उज्जायी को समुद्र की ध्वनि से जोड़ा जाता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयुष का पूरा रूपआयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध तथा होम्योपैथी
सातवीं आयुष पद्धतिसोवा-रिग्पा, 2010 में कानूनी मान्यता; ग्रंथ ग्युद-ज़ी (चार तंत्र)
आयुष मंत्रालय की स्थापना9 नवंबर 2014, आयुष विभाग को उन्नत करके
भारतीय चिकित्सा के जनकचरक, कायचिकित्सा पर चरक संहिता के रचयिता
शल्य चिकित्सा के जनकसुश्रुत, शल्य तंत्र पर सुश्रुत संहिता के रचयिता
योग के जनकपतंजलि, योग सूत्र के रचयिता
तीन दोषवात, पित्त और कफ
पंचकर्मवमन, विरेचन, नस्य, बस्ति और रक्तमोक्षण
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस21 जून; संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को घोषित किया
विश्व होम्योपैथी दिवस10 अप्रैल, सैमुअल हैनिमैन का जन्मदिन
यूनानी के प्रवर्तकहिप्पोक्रेट्स (बुक़रात); इब्न सीना ने अल-क़ानून फ़ी अल-तिब्ब लिखा
सबसे प्राचीन पद्धतिसिद्ध, तमिल मूल की, अठारह सिद्धरों से जुड़ी
2020 से नियामकभारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग तथा होम्योपैथी राष्ट्रीय आयोग
राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थानलेह, लद्दाख

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.कला और संस्कृतिपूछा गया: दिल्ली · 30 March 2022, shift 1आसान

योग का अर्थ क्या है?

  1. A.केवल एक व्यायाम
  2. B.स्वयं का ध्यान भटकाने का एक तरीका
  3. C.वास्तविकता से पलायन
  4. D.स्वयं को उन्नत करने की एक प्रक्रिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्वयं को उन्नत करने की एक प्रक्रिया

व्याख्या

सही उत्तर D, स्वयं को उन्नत करने की एक प्रक्रिया है। योग शब्द संस्कृत धातु युज् से बना है, जिसका अर्थ जोड़ना है, और शास्त्रीय परंपरा इसे वह साधना मानती है जो व्यक्ति को उच्चतर स्वरूप से जोड़ती है। पतंजलि योग सूत्र में इसे चित्त की वृत्तियों का निरोध कहते हैं और भगवद्गीता इसे समत्वम् अर्थात मन की समता कहती है; दोनों व्यक्ति के उन्नत होने का वर्णन हैं, मनोरंजन का नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि शारीरिक व्यायाम तो आठ अंगों में केवल तीसरा अंग आसन है, और योग में नैतिक आचरण, प्राणायाम तथा ध्यान भी आते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि योग एकाग्रता और अंतर्मुखी ध्यान मांगता है, जो भटकाव का उलटा है। विकल्प C गलत है क्योंकि योग साधक को जीवन का स्थिरता से सामना करना सिखाता है; पलायन इसका अंग नहीं है।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: दिल्ली · 29 March 2022, shift 3मध्यम

योग का अर्थ मन की समता बनाए रखना है, जिसे कार्य के कुशल सम्पादन के लिए ________ कहा जाता है।

  1. A.कर्मसुकौशलम्
  2. B.समत्वम्
  3. C.पुरुषत्व
  4. D.दुखसंयोग वियोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समत्वम्

व्याख्या

सही उत्तर B, समत्वम् है। समत्वम् का अर्थ समता या समभाव है, वह मन की स्थिरता जो सफलता या असफलता से नहीं डिगती, और भगवद्गीता में प्रयोग आता है समत्वं योग उच्यते अर्थात मन की समता को योग कहा जाता है। ऐसी अवस्था में मन चिंता के बिना कार्य करता है, इसी कारण यह शब्द कार्य के कुशल सम्पादन से जोड़ा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कर्मसु कौशलम् का अर्थ कर्म में कुशलता है, जो समता का परिणाम है, उस अवस्था का नाम नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि सांख्य और योग दर्शन में पुरुष चेतन आत्मा या चैतन्य है, कोई मानसिक अवस्था नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि दुख संयोग वियोग का अर्थ दुख के संपर्क से छूटना है, जो गीता में अन्यत्र दी गई योग की परिभाषा है, पर यहां पूछा गया शब्द नहीं।

Q3.कला और संस्कृतिपूछा गया: दिल्ली · 30 March 2022, shift 1मध्यम

आत्मा को जानने के तीन आदर्श मार्ग हैं:

  1. A.कर्म योग, चित् योग, भक्ति योग
  2. B.सत् योग, चित् योग, आनंद योग
  3. C.ज्ञान योग, भक्ति योग और कर्म योग
  4. D.ज्ञान योग, सत् योग, चित् योग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ज्ञान योग, भक्ति योग और कर्म योग

व्याख्या

सही उत्तर C, ज्ञान योग, भक्ति योग और कर्म योग है। भारतीय परंपरा और विशेष रूप से भगवद्गीता तीन शास्त्रीय मार्ग बताती है जिनसे साधक आत्मा तक पहुंच सकता है: ज्ञान योग अर्थात ज्ञान और विवेक का मार्ग, भक्ति योग अर्थात भक्ति और समर्पण का मार्ग, तथा कर्म योग अर्थात फल की आसक्ति छोड़कर किए गए निष्काम कर्म का मार्ग। पतंजलि द्वारा सिखाया गया ध्यान का मार्ग राज योग अक्सर चौथे के रूप में जोड़ा जाता है। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि सत्, चित् और आनंद मार्ग ही नहीं हैं; वे वेदांत में ब्रह्म के तीन लक्षण हैं अर्थात सत्ता, चेतना और आनंद, जो सच्चिदानंद शब्द में जुड़ते हैं। यह प्रश्न जांचता है कि अभ्यर्थी साधना के मार्ग और ब्रह्म के वर्णन में अंतर कर पाता है या नहीं।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: दिल्ली · 24 March 2022, shift 2मध्यम

कौन सा प्राणायाम समुद्र या लहरों की ध्वनि के अनुकरण से जुड़ा है?

  1. A.कपालभाति प्राणायाम
  2. B.शीतली प्राणायाम
  3. C.उज्जायी प्राणायाम
  4. D.दीर्घ प्राणायाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उज्जायी प्राणायाम

व्याख्या

सही उत्तर C, उज्जायी प्राणायाम है। उज्जायी में नाक से श्वास लेते समय कंठ को थोड़ा संकुचित किया जाता है, जिससे वायु एक मंद और सतत सरसराहट करती है जिसकी तुलना सामान्यतः समुद्र या लहरों की ध्वनि से की जाती है; इसी कारण इसे सागर श्वास कहा जाता है और इसके नाम का अर्थ ही विजयी है। विकल्प A गलत है क्योंकि कपालभाति एक तेज शुद्धिकरण क्रिया है जिसमें उदर को भीतर खींचकर श्वास बलपूर्वक बाहर निकाली जाती है, और इसकी ध्वनि तीखे झोंकों की श्रृंखला है, कोई स्थिर गुंजन नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि शीतली एक शीतल करने वाली क्रिया है जिसमें जीभ को मोड़कर श्वास भीतर ली जाती है, और इसकी विशेषता शीतलता है, ध्वनि नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि दीर्घ का अर्थ केवल लंबी या गहरी श्वास है और उसमें ऐसी कोई ध्वनि नहीं होती।

Q5.कला और संस्कृतिमध्यम

वर्ष 2010 में आयुष के अंतर्गत सातवीं चिकित्सा पद्धति के रूप में किसे मान्यता दी गई?

  1. A.प्राकृतिक चिकित्सा
  2. B.सोवा-रिग्पा
  3. C.होम्योपैथी
  4. D.सिद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सोवा-रिग्पा

व्याख्या

सही उत्तर B, सोवा-रिग्पा है। सोवा-रिग्पा अर्थात उपचार का विज्ञान हिमालयी क्षेत्र की आमची चिकित्सा पद्धति है, जो लद्दाख, लाहौल और स्पीति, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश तथा दार्जिलिंग की पहाड़ियों में चलती है, और इसका मूल ग्रंथ ग्युद-ज़ी अर्थात चार तंत्र है। संसद ने 2010 में भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद से संबंधित कानून में संशोधन कर इसे वैधानिक मान्यता दी, जिससे यह आयुष परिवार की सातवीं पद्धति बन गई। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि प्राकृतिक चिकित्सा, होम्योपैथी और सिद्ध तो आरंभ से ही इस समूह में थे: आयुष शब्द स्वयं आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध तथा होम्योपैथी से बना है। बाद में लद्दाख के लेह में राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान स्थापित किया गया। यह पद्धति नेपाल, भूटान और मंगोलिया तक हिमालयी क्षेत्र में भी प्रचलित है, इसी कारण इसे कभी हिमालयी या तिब्बती चिकित्सा पद्धति भी कहा जाता है।

Q6.कला और संस्कृतिआसान

प्राचीन भारत में शल्य चिकित्सा का जनक किसे माना जाता है?

  1. A.चरक
  2. B.सुश्रुत
  3. C.वाग्भट
  4. D.भावमिश्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सुश्रुत

व्याख्या

सही उत्तर B, सुश्रुत है। सुश्रुत संहिता शल्य तंत्र अर्थात शल्य चिकित्सा पर भारत का शास्त्रीय ग्रंथ है, और इसमें मोतियाबिंद तथा मूत्राशय की पथरी की शल्य क्रिया, कटी नाक के पुनर्निर्माण, जिसे बाद के लेखकों ने नासा संधान कहा, आठ प्रकार की शल्य क्रियाओं और शल्य उपकरणों की लंबी सूची का वर्णन है, इसी कारण सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि चरक ने कायचिकित्सा अर्थात आंतरिक चिकित्सा पर चरक संहिता लिखी और उन्हें भारतीय चिकित्सा का जनक कहा जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि वाग्भट ने अष्टांग हृदय और अष्टांग संग्रह लिखे, जो पूर्ववर्ती दोनों ग्रंथों का सार देते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि भावमिश्र ने बहुत बाद में भावप्रकाश लिखा, जो लघुत्रयी के तीन ग्रंथों में से एक है।

Q7.कला और संस्कृतिआसान

योग के आठ अंगों का प्रतिपादन करने वाले योग सूत्र की रचना किसने की?

  1. A.स्वात्माराम
  2. B.घेरण्ड
  3. C.पतंजलि
  4. D.कपिल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पतंजलि

व्याख्या

सही उत्तर C, पतंजलि है। पतंजलि ने योग सूत्र की रचना की, जो भारतीय दर्शन के योग सम्प्रदाय का मूल ग्रंथ है, और इसमें उन्होंने अष्टांग योग के आठ अंग बताए: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि। इसी कारण उन्हें योग का जनक कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि स्वात्माराम ने हठयोग प्रदीपिका लिखी, जो आसन, प्राणायाम और मुद्राओं पर बहुत बाद का हठ ग्रंथ है। विकल्प B गलत है क्योंकि घेरण्ड घेरण्ड संहिता के आचार्य हैं, जो एक अन्य हठ ग्रंथ है और साधना को आठ के बजाय सात अंगों में बांटता है। विकल्प D गलत है क्योंकि कपिल को सांख्य दर्शन का प्रवर्तक माना जाता है, जो छह आस्तिक दर्शनों में योग का दार्शनिक साथी है, पर वे सूत्रों के रचयिता नहीं हैं।

Q8.कला और संस्कृतिआसान

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष किस दिन मनाया जाता है?

  1. A.21 मार्च
  2. B.21 जून
  3. C.10 अप्रैल
  4. D.7 अप्रैल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 21 जून

व्याख्या

सही उत्तर B, 21 जून है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को प्रस्ताव पारित कर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया, और यह दिवस पहली बार 2015 में मनाया गया। यह तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि 21 जून ग्रीष्म संक्रांति है, उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन, जिसका भारतीय परंपरा में विशेष महत्व है। विकल्प A गलत है क्योंकि 21 मार्च वसंत विषुव है और उस दिन अंतरराष्ट्रीय वन दिवस तथा विश्व कविता दिवस मनाया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि 10 अप्रैल विश्व होम्योपैथी दिवस है, जो सैमुअल हैनिमैन के जन्मदिन पर मनाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना का स्मरण कराता है। स्मरण रखें कि प्रधानमंत्री ने यह प्रस्ताव सितंबर 2014 में महासभा में रखा था और यूनेस्को ने 2016 में योग को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में दर्ज किया।

Q9.कला और संस्कृतिआसान

होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की स्थापना किसने की?

  1. A.सैमुअल हैनिमैन
  2. B.इब्न सीना
  3. C.हिप्पोक्रेट्स
  4. D.एडवर्ड जेनर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सैमुअल हैनिमैन

व्याख्या

सही उत्तर A, सैमुअल हैनिमैन है। हैनिमैन जर्मन चिकित्सक थे जिन्होंने ऑर्गेनन ऑफ मेडिसिन में होम्योपैथी के सिद्धांत रखे, जिनमें प्रमुख है सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेन्टुर अर्थात समान से समान का उपचार, और इसके साथ न्यूनतम मात्रा का नियम तथा शक्तिकरण की विधि। विश्व होम्योपैथी दिवस उनके जन्मदिन 10 अप्रैल को मनाया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि इब्न सीना, जिन्हें यूरोप में एविसेना कहा गया, ने यूनानी का प्रसिद्ध ग्रंथ अल-क़ानून फ़ी अल-तिब्ब लिखा। विकल्प C गलत है क्योंकि हिप्पोक्रेट्स यूनानी पद्धति के प्रवर्तक हैं और उसके साहित्य में उन्हें बुक़रात कहा जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एडवर्ड जेनर ने गोशीतला से चेचक का टीका विकसित किया और वे प्रतिरक्षा विज्ञान से जुड़े हैं, होम्योपैथी से नहीं। होम्योपैथी अठारहवीं शताब्दी में भारत आई और बंगाल में इसकी जड़ें सबसे गहरी जमीं।

Q10.कला और संस्कृतिमध्यम

यूनानी चिकित्सा का मूल ग्रंथ अल-क़ानून फ़ी अल-तिब्ब किसने लिखा?

  1. A.अल-राज़ी
  2. B.इब्न सीना
  3. C.गैलेन
  4. D.हिप्पोक्रेट्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इब्न सीना

व्याख्या

सही उत्तर B, इब्न सीना है। इब्न सीना, जिन्हें यूरोप में एविसेना कहा गया, ने अल-क़ानून फ़ी अल-तिब्ब की रचना की, जिसने अपने युग के चिकित्सा ज्ञान को एक व्यवस्थित ग्रंथ में बांधा और सदियों तक एशिया और यूरोप के विद्यालयों में पढ़ाया गया; यह आज भी यूनानी चिकित्सा का आधार ग्रंथ है। विकल्प A गलत है क्योंकि अल-राज़ी, जिन्हें रेजेज कहा जाता है, ने किताब-अल-मंसूरी और किताब-अल-हावी लिखे, जो महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं पर यह ग्रंथ नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि गैलेन, जिन्हें यूनानी साहित्य में जालीनूस कहा जाता है, ने चार ख़िल्त के सिद्धांत को व्यवस्थित किया पर वे ग्रीक में लिखते थे और इस ग्रंथ से बहुत पहले के हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बुक़रात अर्थात हिप्पोक्रेट्स को इस पद्धति का प्रवर्तक माना जाता है और ख़िल्त का सिद्धांत उन्हीं से जोड़ा जाता है, इस पुस्तक से नहीं।

Q11.कला और संस्कृतिकठिन

आयुर्वेद की बृहत्त्रयी में कौन से ग्रंथ आते हैं?

  1. A.माधव निदान, शार्ङ्गधर संहिता और भावप्रकाश
  2. B.चरक संहिता, सुश्रुत संहिता और अष्टांग हृदय
  3. C.योग सूत्र, ग्युद-ज़ी और ऑर्गेनन ऑफ मेडिसिन
  4. D.चरक संहिता, हठयोग प्रदीपिका और भावप्रकाश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चरक संहिता, सुश्रुत संहिता और अष्टांग हृदय

व्याख्या

सही उत्तर B, चरक संहिता, सुश्रुत संहिता और अष्टांग हृदय है। ये तीनों आयुर्वेद साहित्य की बृहत्त्रयी अर्थात महान त्रयी हैं: चरक आंतरिक चिकित्सा पर, सुश्रुत शल्य चिकित्सा पर और वाग्भट अष्टांग हृदय में दोनों का सार देते हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि माधव निदान, शार्ङ्गधर संहिता और भावप्रकाश लघुत्रयी अर्थात लघु त्रयी बनाते हैं, जो बहुत बाद के ग्रंथ हैं और क्रमशः निदान, औषधि योग तथा द्रव्यगुण पर हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि वे तीन पुस्तकें तीन भिन्न पद्धतियों की हैं, अर्थात योग, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी की। विकल्प D गलत है क्योंकि इसमें बृहत्त्रयी का एक ग्रंथ, एक हठयोग ग्रंथ और लघुत्रयी का एक ग्रंथ मिला दिए गए हैं, और यही इस प्रश्न का सामान्य जाल है। दोनों त्रयियों को रचयिताओं से याद रखें: बृहत् के लिए चरक, सुश्रुत और वाग्भट, लघु के लिए माधवकर, शार्ङ्गधर और भावमिश्र।

Q12.कला और संस्कृतिमध्यम

आयुष को भारत सरकार का अलग मंत्रालय किस वर्ष बनाया गया?

  1. A.1995
  2. B.2003
  3. C.2014
  4. D.2020
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2014

व्याख्या

सही उत्तर C, 2014 है। आयुष मंत्रालय 9 नवंबर 2014 को तत्कालीन विभाग को उन्नत करके बनाया गया, जिससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को अपना मंत्रालय और अपना मंत्री मिल सके। विकल्प A गलत है क्योंकि 1995 वह वर्ष है जब मार्च में भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी विभाग बनाया गया, जो इन पद्धतियों का पहला अलग प्रशासनिक ठिकाना था। विकल्प B गलत है क्योंकि 2003 में नवंबर में उस विभाग का नाम आयुष विभाग किया गया, जिससे यह संक्षेपाक्षर बना, पर मंत्रालय नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 2020 वह वर्ष है जब भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग तथा होम्योपैथी राष्ट्रीय आयोग ने पुरानी केंद्रीय परिषदों का स्थान नियामक के रूप में लिया। राष्ट्रीय आयुष मिशन भी 2014 में आरंभ हुआ, इसलिए यह वर्ष दो बार याद रखने योग्य है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष का पूरा रूप क्या है?

आयुष का अर्थ है आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध तथा होम्योपैथी। हिमालय की आमची पद्धति सोवा-रिग्पा को 2010 में वैधानिक मान्यता मिली और उसे सातवीं पद्धति गिना जाता है, हालांकि संक्षेपाक्षर नहीं बदला गया। 9 नवंबर 2014 को बना आयुष मंत्रालय इन सभी की देखरेख करता है।

आयुर्वेद का जनक किसे कहा जाता है?

परंपरा देवताओं के वैद्य धन्वंतरि को आयुर्वेद का प्रवर्तक मानती है, और आयुर्वेद दिवस धन्वंतरि जयंती पर मनाया जाता है, जो धनतेरस को पड़ती है। ऐतिहासिक लेखकों में चरक को आंतरिक चिकित्सा पर चरक संहिता के लिए भारतीय चिकित्सा का जनक कहा जाता है, जबकि सुश्रुत को सुश्रुत संहिता के लिए शल्य चिकित्सा का जनक कहा जाता है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए 21 जून क्यों चुना गया?

21 जून ग्रीष्म संक्रांति है, उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन और भारतीय परंपरा में विशेष महत्व की तिथि। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को प्रस्ताव पारित किया और पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2015 में मनाया गया।

बृहत्त्रयी और लघुत्रयी में क्या अंतर है?

बृहत्त्रयी अर्थात महान त्रयी आयुर्वेद के तीन प्राचीनतम और सर्वाधिक प्रामाणिक ग्रंथ हैं: चरक संहिता, सुश्रुत संहिता और वाग्भट का अष्टांग हृदय। लघुत्रयी अर्थात लघु त्रयी तीन बाद के ग्रंथ हैं: निदान पर माधव निदान, औषधि योगों पर शार्ङ्गधर संहिता और भावमिश्र का भावप्रकाश।

होम्योपैथी किस सिद्धांत पर काम करती है?

होम्योपैथी सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेन्टुर अर्थात समान से समान का उपचार के सूत्र पर टिकी है, जिसका अर्थ है कि जो पदार्थ स्वस्थ व्यक्ति में कुछ लक्षण पैदा कर सकता है, वही अत्यंत सूक्ष्म मात्रा में रोगी के वैसे ही लक्षणों के उपचार में प्रयोग किया जा सकता है। सैमुअल हैनिमैन ने यह सिद्धांत, न्यूनतम मात्रा का नियम और शक्तिकरण की विधि ऑर्गेनन ऑफ मेडिसिन में रखे।

स्रोत

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