भारत के संग्रहालय, पुस्तकालय और अभिलेखागार: परीक्षा नोट्स
परीक्षा के लिए भारत के संग्रहालयों, पुस्तकालयों और अभिलेखागारों के नोट्स: स्थापना वर्ष, नगर, राष्ट्रीय पुस्तकालय, राष्ट्रीय अभिलेखागार और संबंधित अधिनियम।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 6 मिनट

संग्रहालय, पुस्तकालय और अभिलेखागार वे तीन संस्थाएं हैं जो भारत की भौतिक स्मृति को सुरक्षित रखती हैं — वस्तुएं, मुद्रित पुस्तकें और सरकारी अभिलेख। परीक्षक इस विषय को पसंद करते हैं क्योंकि यह शुद्ध स्थिर सामान्य ज्ञान है: किसी संग्रहालय का नगर, किसी पुस्तकालय का स्थापना वर्ष और किसी अभिलेखागार का अधिनियम कभी नहीं बदलते। एसएससी, रेलवे, राज्य और रक्षा सेवाओं के लगभग हर प्रश्नपत्र में एक प्रश्न ऐसा होता है जो संस्था को उसके नगर, संस्थापक या स्थापना वर्ष से जोड़ता है। यह नोट याद रखने योग्य संस्थाओं को, उनके अधिनियमों और दिवसों के साथ एक जगह लाता है।
तीनों में अंतर
संग्रहालय वस्तुओं का संग्रह, संरक्षण और प्रदर्शन करता है — मूर्तियां, सिक्के, वस्त्र, हथियार, हस्तलिपियां और प्राकृतिक इतिहास के नमूने। पुस्तकालय प्रकाशित सामग्री रखता है — पुस्तकें, पत्रिकाएं और समाचारपत्र — पढ़ने और संदर्भ के लिए। अभिलेखागार सरकार तथा निजी निकायों के अप्रचलित अभिलेखों को स्थायी रूप से रखता है, क्योंकि वही सिद्ध करते हैं कि राज्य ने क्या किया। भारत में ये तीनों प्रायः केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसीलिए एक ही प्रश्न तीनों को मिला सकता है।
दो संस्थाएं संसद के अलग अधिनियमों द्वारा राष्ट्रीय महत्व की संस्था घोषित हैं, और यही बिंदु परीक्षा में आता है — हैदराबाद का सालार जंग संग्रहालय और पटना का खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिसकी स्थापना 1861 में हुई और जिसके पहले महानिदेशक अलेक्जेंडर कनिंघम थे, अपने संरक्षित स्मारकों के पास अनेक स्थल संग्रहालय चलाता है; इसी कारण सारनाथ, नालंदा और कोणार्क के अपने संग्रहालय हैं।
भारत के संग्रहालय और उनकी पहचान
| संग्रहालय | नगर | स्थापना | प्रसिद्धि |
|---|---|---|---|
| भारतीय संग्रहालय | कोलकाता | 1814 | भारत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा बहुउद्देशीय संग्रहालय; एशियाटिक सोसाइटी द्वारा आरंभ, पहले क्यूरेटर नैथेनियल वालिच |
| राजकीय संग्रहालय | चेन्नई | 1851 | भारत का दूसरा सबसे पुराना संग्रहालय; अमरावती मूर्तिशिल्प और चोल कांस्य |
| डॉ भाऊ दाजी लाड संग्रहालय | मुंबई | 1857 | मुंबई का सबसे पुराना संग्रहालय; पहले विक्टोरिया एंड अल्बर्ट संग्रहालय |
| अल्बर्ट हॉल संग्रहालय | जयपुर | 1887 | राजस्थान का सबसे पुराना संग्रहालय; इंडो-सारासेनिक भवन, मिस्री ममी |
| छत्रपति शिवाजी महाराज वस्तु संग्रहालय | मुंबई | 1922 | पहले प्रिंस ऑफ वेल्स संग्रहालय |
| विक्टोरिया मेमोरियल हॉल | कोलकाता | 1921 | औपनिवेशिक चित्र और ब्रिटिश काल के अभिलेख; मकराना संगमरमर से निर्मित |
| राष्ट्रीय संग्रहालय | नई दिल्ली | 1949 | जनपथ; हड़प्पा की नर्तकी मूर्ति, पिपरहवा से प्राप्त बुद्ध के अवशेष |
| सालार जंग संग्रहालय | हैदराबाद | 1951 | विश्व का सबसे बड़ा एक-व्यक्ति संग्रह; वेल्ड रेबेका प्रतिमा |
| कैलिको वस्त्र संग्रहालय | अहमदाबाद | 1949 | भारतीय वस्त्र; साराभाई फाउंडेशन द्वारा संचालित |
| राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय | नई दिल्ली | 1954 | जयपुर हाउस; आधुनिक और समकालीन भारतीय कला |
| राष्ट्रीय रेल संग्रहालय | नई दिल्ली | 1977 | चाणक्यपुरी; फेयरी क्वीन रेल इंजन |
विज्ञान संग्रहालय अलग व्यवस्था में आते हैं। राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, जिसकी स्थापना 1978 में हुई और जिसका मुख्यालय कोलकाता में है, संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त निकाय है और विज्ञान केंद्र चलाती है — कोलकाता का बिड़ला औद्योगिक एवं प्रौद्योगिक संग्रहालय, बेंगलुरु का विश्वेश्वरैया औद्योगिक एवं प्रौद्योगिक संग्रहालय, मुंबई का नेहरू विज्ञान केंद्र और दिल्ली का राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र। संग्रहालय विज्ञान के प्रशिक्षण के लिए नई दिल्ली में राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान है, जो 1989 में बना मानद विश्वविद्यालय है।
राष्ट्रीय पुस्तकालय और निक्षेप व्यवस्था
कोलकाता के अलीपुर स्थित बेलवेडियर एस्टेट में राष्ट्रीय पुस्तकालय देश का सबसे बड़ा पुस्तकालय है और भारत में प्रकाशित हर पुस्तक का अभिलेख पुस्तकालय है। इसकी वंशावली प्रिय प्रश्न है। कलकत्ता पब्लिक लाइब्रेरी 1836 में चंदा आधारित पुस्तकालय के रूप में खुली; इंपीरियल लाइब्रेरी अधिनियम 1902 से इंपीरियल लाइब्रेरी बनी और लॉर्ड कर्जन की पहल पर 1903 में पाठकों के लिए खुली, जिसमें कलकत्ता पब्लिक लाइब्रेरी तथा सचिवालय के संग्रह मिला दिए गए; स्वतंत्रता के बाद 1948 में इसका नाम राष्ट्रीय पुस्तकालय हुआ और 1953 में यह बेलवेडियर में खुला।
पुस्तक और समाचारपत्र परिदान (सार्वजनिक पुस्तकालय) अधिनियम, 1954 इसे भरा रखने वाला कानून है। भारत के हर प्रकाशक को प्रकाशित प्रत्येक पुस्तक की एक प्रति राष्ट्रीय पुस्तकालय कोलकाता को और एक-एक प्रति अधिनियम में नामित तीन अन्य पुस्तकालयों को देनी होती है — कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी चेन्नई; सेंट्रल लाइब्रेरी मुंबई, जो टाउन हॉल में एशियाटिक सोसाइटी का पुस्तकालय है; और दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी। ये चार राष्ट्रीय निक्षेप पुस्तकालय कहे जाते हैं, और 1956 के संशोधन से समाचारपत्र भी इसमें आ गए।
| पुस्तकालय | स्थान | विशेषता |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय पुस्तकालय | कोलकाता | भारत का सबसे बड़ा पुस्तकालय; बेलवेडियर एस्टेट |
| सरस्वती महल पुस्तकालय | तंजावुर, तमिलनाडु | एशिया के सबसे पुराने विद्यमान पुस्तकालयों में; ताड़पत्र हस्तलिपियां |
| रामपुर रजा लाइब्रेरी | रामपुर, उत्तर प्रदेश | 1774 में नवाब फैजुल्लाह खान द्वारा आरंभ; इंडो-इस्लामी हस्तलिपियां |
| खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी | पटना, बिहार | 1891 में खुली; राष्ट्रीय महत्व की संस्था |
| कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी | चेन्नई | 1896 में खुली; निक्षेप पुस्तकालय |
| दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी | दिल्ली | 1951 में यूनेस्को की सहायता से खुली; निक्षेप पुस्तकालय |
दो नाम और जोड़ लें। राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, जो 1972 में कोलकाता में संस्कृति मंत्रालय के अधीन बना, राज्यों में सार्वजनिक पुस्तकालयों के विकास की केंद्रीय एजेंसी है, और राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन 2014 में पुस्तकालयों के सर्वेक्षण और आधुनिकीकरण के लिए आरंभ हुआ। पुस्तकालय विज्ञान में याद रखने योग्य नाम एस आर रंगनाथन का है, जिन्हें भारत में पुस्तकालय विज्ञान का जनक कहा जाता है; उन्होंने 1931 में पुस्तकालय विज्ञान के पांच सूत्र और कोलन वर्गीकरण दिया। उनके जन्मदिन 12 अगस्त को राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया जाता है।
भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार
भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार भारत सरकार के अप्रचलित अभिलेखों का संरक्षक और दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा अभिलेख भंडार है। इसकी स्थापना 1891 में कलकत्ता में इंपीरियल रिकॉर्ड डिपार्टमेंट के रूप में हुई, राजधानी बदलने पर यह नई दिल्ली आया, और 1926 में एडविन लुटियंस द्वारा अभिकल्पित जनपथ के वर्तमान भवन में आया। स्वतंत्रता के बाद इसका नाम भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार हुआ और यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्य करता है; इसका प्रमुख अभिलेख महानिदेशक कहलाता है।
सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 और सार्वजनिक अभिलेख नियम, 1997 तय करते हैं कि मंत्रालय अभिलेख कैसे रखें, छांटें और हस्तांतरित करें, तथा नियमों के बाहर किसी सार्वजनिक अभिलेख के नष्ट करने पर रोक लगाते हैं। पच्चीस वर्ष से पुराने अभिलेख शोधकर्ता अधिनियम की शर्तों पर देख सकते हैं। इसके साथ दो संबंधित भंडार पूछे जाते हैं — पुणे का राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार, जो 1964 में भारतीय सिनेमा के संरक्षण के लिए बना, और भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण, जिसकी स्थापना 1945 में हुई और मुख्यालय कोलकाता में है।
दिवस और निकाय
अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 18 मई को मनाया जाता है, जिसकी घोषणा अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद करती है; इस परिषद की स्थापना 1946 में हुई और इसका मुख्यालय पेरिस में है। भारत में राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह 14 से 20 नवंबर तक मनाया जाता है, जो बाल दिवस से आरंभ होता है। कोलकाता का भारतीय संग्रहालय, नई दिल्ली का राष्ट्रीय संग्रहालय, विक्टोरिया मेमोरियल हॉल, सालार जंग संग्रहालय, प्रयागराज का इलाहाबाद संग्रहालय और राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय सभी संस्कृति मंत्रालय से पोषित हैं। यही मंत्रालय राष्ट्रीय हस्तलिपि मिशन भी चलाता है, जो 2003 में भारत की हस्तलिपि संपदा के सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण के लिए आरंभ हुआ।
परीक्षा की दृष्टि से
इस विषय से चार प्रकार के मेल पूछे जाते हैं। पहला, संग्रहालय के साथ नगर और वर्ष: भारतीय संग्रहालय कोलकाता 1814, चेन्नई 1851, अल्बर्ट हॉल जयपुर 1887, प्रिंस ऑफ वेल्स मुंबई 1922, राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली 1949, सालार जंग हैदराबाद 1951। दूसरा, राष्ट्रीय पुस्तकालय की कड़ी: कलकत्ता पब्लिक लाइब्रेरी 1836, इंपीरियल लाइब्रेरी 1903 कर्जन के समय, 1948 में नाम परिवर्तन, 1953 में बेलवेडियर में खुलना। तीसरा, अधिनियम: पुस्तकालयों के लिए पुस्तक परिदान अधिनियम 1954, अभिलेखागार के लिए सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम 1993, तथा राष्ट्रीय महत्व की संस्थाओं के लिए सालार जंग संग्रहालय अधिनियम 1961 और खुदा बख्श लाइब्रेरी अधिनियम। चौथा, दिवस: संग्रहालय 18 मई, विरासत 18 अप्रैल, पुस्तकालयाध्यक्ष 12 अगस्त। आम भूलें हैं सबसे पुराने और सबसे बड़े संग्रहालय को बदल देना, इंपीरियल लाइब्रेरी और इंपीरियल रिकॉर्ड डिपार्टमेंट में भ्रम, और किसी विज्ञान केंद्र को परिषद का मुख्यालय मान लेना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| भारत का सबसे पुराना संग्रहालय | भारतीय संग्रहालय, कोलकाता, 1814 |
|---|---|
| दूसरा सबसे पुराना संग्रहालय | राजकीय संग्रहालय, चेन्नई, 1851 |
| राजस्थान का सबसे पुराना संग्रहालय | अल्बर्ट हॉल संग्रहालय, जयपुर, 1887 |
| प्रिंस ऑफ वेल्स संग्रहालय | अब छत्रपति शिवाजी महाराज वस्तु संग्रहालय, मुंबई, 1922 |
| राष्ट्रीय संग्रहालय | जनपथ, नई दिल्ली, स्थापना 1949 |
| सबसे बड़ा एक-व्यक्ति संग्रह | सालार जंग संग्रहालय, हैदराबाद; बेंजोनी की वेल्ड रेबेका |
| भारत का सबसे बड़ा पुस्तकालय | राष्ट्रीय पुस्तकालय, बेलवेडियर एस्टेट, कोलकाता |
| इंपीरियल लाइब्रेरी का खुलना | 1903, लॉर्ड कर्जन की पहल पर |
| निक्षेप पुस्तकालय अधिनियम | पुस्तक और समाचारपत्र परिदान (सार्वजनिक पुस्तकालय) अधिनियम, 1954 |
| भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार | 1891 में कलकत्ता में इंपीरियल रिकॉर्ड डिपार्टमेंट के रूप में स्थापित |
| अभिलेखागार भवन | जनपथ, नई दिल्ली, 1926, एडविन लुटियंस द्वारा अभिकल्पित |
| अभिलेख कानून | सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 और सार्वजनिक अभिलेख नियम, 1997 |
| भारत में पुस्तकालय विज्ञान का जनक | एस आर रंगनाथन; राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस 12 अगस्त |
| अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस | 18 मई, अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद द्वारा घोषित |
| राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार | पुणे, स्थापना 1964 |
| विज्ञान संग्रहालयों का निकाय | राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, 1978, मुख्यालय कोलकाता |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा बहुउद्देशीय संग्रहालय कौन है?
- A.राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली
- B.भारतीय संग्रहालय, कोलकाता
- C.सालार जंग संग्रहालय, हैदराबाद
- D.राजकीय संग्रहालय, चेन्नई
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, भारतीय संग्रहालय, कोलकाता है। इसकी स्थापना 1814 में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल द्वारा हुई और यह भारत का सबसे पुराना संग्रहालय तथा देश का सबसे बड़ा बहुउद्देशीय संग्रहालय है, जिसमें कला, पुरातत्व, मानवविज्ञान, भूविज्ञान, प्राणिविज्ञान और आर्थिक वनस्पति विज्ञान के अलग खंड हैं। इसके पहले क्यूरेटर डेनिश वनस्पतिशास्त्री नैथेनियल वालिच थे, जिन्होंने स्वयं यह संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव रखा था। विकल्प A गलत है क्योंकि जनपथ, नई दिल्ली का राष्ट्रीय संग्रहालय 1949 में बना और 1960 में अपने भवन में आया, अतः वह केंद्र सरकार का प्रमुख संग्रहालय होकर भी बहुत नया है। विकल्प C गलत है क्योंकि हैदराबाद का सालार जंग संग्रहालय 1951 का है; उसकी विशेषता विश्व का सबसे बड़ा एक-व्यक्ति संग्रह होना है, सबसे पुराना होना नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 1851 में बना चेन्नई का राजकीय संग्रहालय भारत का दूसरा सबसे पुराना संग्रहालय है।
विश्व के सबसे बड़े एक-व्यक्ति संग्रह के लिए प्रसिद्ध सालार जंग संग्रहालय किस नगर में है?
- A.हैदराबाद
- B.लखनऊ
- C.भोपाल
- D.मैसूरु
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, हैदराबाद है। सालार जंग संग्रहालय हैदराबाद में मूसी नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है और इसमें मुख्यतः हैदराबाद के निजाम के प्रधानमंत्री मीर यूसुफ अली खान, सालार जंग तृतीय द्वारा जुटाया गया संग्रह है। यह 1951 में जनता के लिए खुला और सालार जंग संग्रहालय अधिनियम, 1961 द्वारा राष्ट्रीय महत्व की संस्था घोषित किया गया, इसलिए अब इसका संचालन तेलंगाना के राज्यपाल की अध्यक्षता वाले बोर्ड द्वारा होता है। इसकी सर्वाधिक प्रसिद्ध कृतियां हैं इतालवी कलाकार जियोवानी मारिया बेंजोनी की संगमरमर प्रतिमा वेल्ड रेबेका, लकड़ी के एक ही टुकड़े से तराशी गई मेफिस्टोफिलीज और मार्गरेटा की दोहरी प्रतिमा, तथा एक ब्रिटिश संगीत घड़ी। विकल्प B, C और D गलत हैं क्योंकि लखनऊ में बनारसी बाग का राज्य संग्रहालय है, भोपाल में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय है और मैसूरु में जगनमोहन पैलेस कला दीर्घा है; इनमें कोई सालार जंग संग्रहालय नहीं है।
देश का सबसे बड़ा पुस्तकालय, भारत का राष्ट्रीय पुस्तकालय, कहां स्थित है?
- A.नई दिल्ली
- B.चेन्नई
- C.कोलकाता
- D.मुंबई
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, कोलकाता है। भारत का राष्ट्रीय पुस्तकालय कोलकाता के अलीपुर स्थित बेलवेडियर एस्टेट में है, उस भवन में जो पहले बंगाल के लेफ्टिनेंट गवर्नर का निवास था। संग्रह की मात्रा के आधार पर यह भारत का सबसे बड़ा पुस्तकालय है और देश का अभिलेख पुस्तकालय है, जिसे भारत में प्रकाशित हर पुस्तक की एक प्रति मिलती है। यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि दिल्ली में दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी और केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय हैं, जो महत्वपूर्ण होकर भी राष्ट्रीय पुस्तकालय नहीं हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि चेन्नई में कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी है, जो पुस्तक परिदान अधिनियम के अंतर्गत चार निक्षेप पुस्तकालयों में एक है, पर राष्ट्रीय पुस्तकालय नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि मुंबई में टाउन हॉल की सेंट्रल लाइब्रेरी है, जिसे एशियाटिक सोसाइटी चलाती है और वह भी केवल निक्षेप पुस्तकालय है।
भारत के राष्ट्रीय पुस्तकालय की पूर्वज इंपीरियल लाइब्रेरी कलकत्ता में किस वायसराय की पहल पर खुली?
- A.लॉर्ड रिपन
- B.लॉर्ड कर्जन
- C.लॉर्ड डलहौजी
- D.लॉर्ड इरविन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, लॉर्ड कर्जन है। इंपीरियल लाइब्रेरी अधिनियम 1902 से बनी और कर्जन की पहल पर 1903 में पाठकों के लिए खुली; उन्होंने 1836 की कलकत्ता पब्लिक लाइब्रेरी के संग्रह को गृह विभाग के सचिवालय पुस्तकालयों के साथ मिलाकर एक अभिलेख पुस्तकालय बनाया। स्वतंत्रता के बाद 1948 में इंपीरियल लाइब्रेरी का नाम राष्ट्रीय पुस्तकालय हुआ और 1953 में यह बेलवेडियर में खुला। विकल्प A गलत है क्योंकि लॉर्ड रिपन 1882 के स्थानीय स्वशासन प्रस्ताव और वर्नाक्यूलर प्रेस अधिनियम हटाने के लिए याद किए जाते हैं, पुस्तकालय के लिए नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि लॉर्ड डलहौजी पहले के काल के हैं और रेल, तार तथा व्यपगत के सिद्धांत से जुड़े हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि लॉर्ड इरविन 1920 के दशक के अंत और 1930 के दशक के आरंभ में थे, यानी इंपीरियल लाइब्रेरी खुलने के बहुत बाद, और वे 1931 के गांधी-इरविन समझौते से जुड़े हैं।
भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार की स्थापना 1891 में कलकत्ता में किस मूल नाम से हुई थी?
- A.इंपीरियल रिकॉर्ड डिपार्टमेंट
- B.इंपीरियल लाइब्रेरी
- C.केंद्रीय अभिलेख कार्यालय
- D.सरकारी अभिलेख कक्ष
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, इंपीरियल रिकॉर्ड डिपार्टमेंट है। इसकी स्थापना 1891 में कलकत्ता में भारत सरकार के बिखरे अभिलेखों को एक जगह लाने के लिए हुई, राजधानी बदलने पर यह नई दिल्ली आया, और 1926 में एडविन लुटियंस द्वारा अभिकल्पित जनपथ के वर्तमान भवन में आ गया। स्वतंत्रता के बाद इसका नाम भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार हुआ और आज यह दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा अभिलेख भंडार है, जो संस्कृति मंत्रालय के अधीन है और जिसका प्रमुख अभिलेख महानिदेशक होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि इंपीरियल लाइब्रेरी वह अभिलेख पुस्तकालय था जो राष्ट्रीय पुस्तकालय बना, जो पूर्णतः भिन्न संस्था है। विकल्प C और D गलत हैं क्योंकि केंद्रीय अभिलेख निकाय को ऐसे नाम कभी नहीं दिए गए; अभिलेख कक्ष तो वह कार्यालय भर है जहां विभाग अपनी चालू फाइलें सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 के अंतर्गत अभिलेखागार को भेजने से पहले रखता है।
किस अधिनियम के अंतर्गत भारत के हर प्रकाशक को प्रकाशित प्रत्येक पुस्तक की एक प्रति राष्ट्रीय पुस्तकालय कोलकाता तथा तीन अन्य नामित पुस्तकालयों को देनी होती है?
- A.प्रेस और पुस्तक पंजीकरण अधिनियम, 1867
- B.पुस्तक और समाचारपत्र परिदान (सार्वजनिक पुस्तकालय) अधिनियम, 1954
- C.सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993
- D.प्रतिलिप्यधिकार अधिनियम, 1957
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, पुस्तक और समाचारपत्र परिदान (सार्वजनिक पुस्तकालय) अधिनियम, 1954 है। यह प्रकाशक को बाध्य करता है कि भारत में प्रकाशित हर पुस्तक की एक प्रति कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय को और एक-एक प्रति चेन्नई की कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी, मुंबई की सेंट्रल लाइब्रेरी तथा दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी को दे; ये चार राष्ट्रीय निक्षेप पुस्तकालय हैं। 1956 के संशोधन से समाचारपत्र भी इसके दायरे में आ गए। विकल्प A गलत है क्योंकि प्रेस और पुस्तक पंजीकरण अधिनियम, 1867 मुद्रणालयों के पंजीकरण तथा राज्य सरकार को प्रतियां देने से संबंधित है, निक्षेप पुस्तकालयों से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 सरकारी कार्यालयों के अभिलेखों और राष्ट्रीय अभिलेखागार को नियंत्रित करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रतिलिप्यधिकार अधिनियम, 1957 लेखकों और प्रकाशकों के अधिकारों की रक्षा करता है और विधिक निक्षेप से उसका कोई संबंध नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस प्रत्येक वर्ष किस तिथि को मनाया जाता है?
- A.18 अप्रैल
- B.18 मई
- C.12 अगस्त
- D.14 नवंबर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, 18 मई है। अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद की घोषणा पर 1977 से 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया जाता है; यह परिषद 1946 में बना गैर-सरकारी निकाय है जिसका मुख्यालय पेरिस में है, और हर वर्ष इस दिवस की एक विषयवस्तु रहती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 18 अप्रैल विश्व विरासत दिवस है, जिसे स्मारक और स्थल दिवस भी कहते हैं और जिसकी घोषणा इकोमॉस ने की। विकल्प C गलत है क्योंकि 12 अगस्त भारत में राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस है, जो भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक एस आर रंगनाथन के जन्मदिन पर मनाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 14 नवंबर भारत में बाल दिवस है और उसी दिन से राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह आरंभ होकर 20 नवंबर तक चलता है। अभ्यर्थी संग्रहालय दिवस और विरासत दिवस में भ्रम कर बैठते हैं, इसलिए संग्रहालय के लिए 18 मई और स्मारकों के लिए 18 अप्रैल याद रखें।
इंडो-इस्लामी हस्तलिपियों के लिए प्रसिद्ध रामपुर रजा लाइब्रेरी किस राज्य में है?
- A.बिहार
- B.उत्तर प्रदेश
- C.राजस्थान
- D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, उत्तर प्रदेश है। रामपुर रजा लाइब्रेरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रामपुर में है और रामपुर किले के भीतर हामिद मंजिल में स्थित है। इसे 1774 में रामपुर के पहले शासक नवाब फैजुल्लाह खान ने आरंभ किया और इसमें अरबी, फारसी, संस्कृत, उर्दू तथा तुर्की हस्तलिपियां, मुगल लघुचित्र और फारसी में सचित्र वाल्मीकि रामायण हैं। 1975 के संसद के एक अधिनियम के अंतर्गत बोर्ड इसका प्रबंध करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि बिहार का बड़ा हस्तलिपि पुस्तकालय पटना की खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी है, जो 1891 में खुली। विकल्प C गलत है क्योंकि राजस्थान में इस प्रकार का प्रसिद्ध संग्रह जयपुर के सिटी पैलेस और अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में है। विकल्प D गलत है क्योंकि मध्य प्रदेश में इस नाम का कोई पुस्तकालय नहीं है; रामपुर स्पष्टतः उत्तर प्रदेश का नगर है।
भारत में पुस्तकालय विज्ञान का जनक किसे माना जाता है, जिनके जन्मदिन पर राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया जाता है?
- A.एस आर रंगनाथन
- B.मेलविल ड्यूई
- C.राजा राममोहन राय
- D.आशुतोष मुखर्जी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, एस आर रंगनाथन है। शियाली रामामृत रंगनाथन गणितज्ञ थे जो मद्रास विश्वविद्यालय के पहले पुस्तकालयाध्यक्ष बने और उन्हें भारत में पुस्तकालय विज्ञान का जनक कहा जाता है। उन्होंने 1931 में पुस्तकालय विज्ञान के पांच सूत्र दिए और कोलन वर्गीकरण बनाया; उनके जन्मदिन 12 अगस्त को राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि मेलविल ड्यूई अमेरिकी पुस्तकालयाध्यक्ष थे जिन्होंने ड्यूई दशमलव वर्गीकरण दिया; वे आधुनिक पुस्तकालय विज्ञान के जनक हैं, भारतीय विधा के नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि राजा राममोहन राय बंगाल पुनर्जागरण के समाज सुधारक थे; 1972 के राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन से उनका नाम सम्मान के कारण जुड़ा है, पुस्तकालय विज्ञान में कार्य के कारण नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि आशुतोष मुखर्जी शिक्षाविद और कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति थे।
एशिया के सबसे पुराने विद्यमान पुस्तकालयों में गिनी जाने वाली महाराजा सरफोजी सरस्वती महल लाइब्रेरी किस नगर में है?
- A.मदुरै
- B.तंजावुर
- C.कांचीपुरम
- D.तिरुचिरापल्ली
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, तंजावुर है। तंजावुर महाराजा सरफोजी सरस्वती महल लाइब्रेरी तमिलनाडु में तंजावुर के महल परिसर के भीतर है। इसका आरंभ नायक शासकों के राजकीय पुस्तकालय के रूप में हुआ, उन्नीसवीं सदी के आरंभ में मराठा शासक सरफोजी द्वितीय ने इसका बहुत विस्तार किया, और इसमें तमिल, संस्कृत, मराठी तथा तेलुगु की ताड़पत्र एवं कागज की हस्तलिपियां हैं जो चिकित्सा, संगीत, वास्तु और साहित्य पर हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर और गांधी स्मृति संग्रहालय के लिए जाना जाता है, इस पुस्तकालय के लिए नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि कांचीपुरम मंदिरों और रेशम बुनाई का नगर है। विकल्प D गलत है क्योंकि तिरुचिरापल्ली रॉकफोर्ट मंदिर और श्रीरंगम मंदिर द्वीप के लिए प्रसिद्ध है। परीक्षा में यह पुस्तकालय प्रायः तंजावुर और सरफोजी द्वितीय के साथ ही आता है, अतः दोनों नाम साथ याद रखें।
भारत के विज्ञान केंद्रों का संचालन करने वाली राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद का मुख्यालय किस नगर में है?
- A.नई दिल्ली
- B.बेंगलुरु
- C.कोलकाता
- D.मुंबई
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, कोलकाता है। राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की स्थापना 1978 में संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त निकाय के रूप में हुई और इसका मुख्यालय कोलकाता में है; यह देश भर के विज्ञान केंद्रों और विज्ञान नगरों का जाल चलाती है। इसकी सबसे पुरानी इकाई कोलकाता का बिड़ला औद्योगिक एवं प्रौद्योगिक संग्रहालय है, जो 1959 में भारत के पहले विज्ञान संग्रहालय के रूप में खुला। विकल्प A गलत है क्योंकि नई दिल्ली में परिषद की इकाई राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र है, पर मुख्यालय नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि बेंगलुरु में विश्वेश्वरैया औद्योगिक एवं प्रौद्योगिक संग्रहालय है, जो भी इकाई है, मुख्यालय नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि मुंबई में नेहरू विज्ञान केंद्र है, जो भारत का सबसे बड़ा संवादात्मक विज्ञान केंद्र है और वह भी परिषद की एक इकाई ही है। याद रखें कि इकाई और मुख्यालय दो भिन्न बातें हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत का सबसे पुराना संग्रहालय कौन है?
कोलकाता का भारतीय संग्रहालय, जिसकी स्थापना 1814 में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल ने की और जिसके पहले क्यूरेटर नैथेनियल वालिच थे। यह भारत का सबसे बड़ा बहुउद्देशीय संग्रहालय भी है, जिसमें कला, पुरातत्व, मानवविज्ञान, भूविज्ञान, प्राणिविज्ञान और आर्थिक वनस्पति विज्ञान के खंड हैं।
भारत का राष्ट्रीय पुस्तकालय कहां है और उसकी विशेषता क्या है?
यह कोलकाता के अलीपुर स्थित बेलवेडियर एस्टेट में है। यह देश का सबसे बड़ा पुस्तकालय और भारत का अभिलेख पुस्तकालय है, क्योंकि पुस्तक और समाचारपत्र परिदान (सार्वजनिक पुस्तकालय) अधिनियम, 1954 के अनुसार भारत में प्रकाशित हर पुस्तक की एक प्रति इसे देनी होती है।
भारत के चार निक्षेप पुस्तकालय कौन हैं?
कोलकाता का राष्ट्रीय पुस्तकालय, चेन्नई की कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी, मुंबई के टाउन हॉल की सेंट्रल लाइब्रेरी और दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी। ये चारों पुस्तक और समाचारपत्र परिदान (सार्वजनिक पुस्तकालय) अधिनियम, 1954 में नामित हैं।
स्थापना के समय भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार का नाम क्या था?
इंपीरियल रिकॉर्ड डिपार्टमेंट। इसकी स्थापना 1891 में कलकत्ता में हुई, राजधानी बदलने पर यह नई दिल्ली आया और 1926 में जनपथ पर लुटियंस द्वारा अभिकल्पित भवन में आया। स्वतंत्रता के बाद इसका नाम भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार हुआ।
कौन से संग्रहालय और पुस्तकालय राष्ट्रीय महत्व की संस्थाएं हैं?
हैदराबाद का सालार जंग संग्रहालय, सालार जंग संग्रहालय अधिनियम, 1961 के अंतर्गत, तथा पटना की खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी, जिसे संसद के अधिनियम द्वारा 1969 में राष्ट्रीय महत्व की संस्था घोषित किया गया।
अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस कब मनाया जाता है?
प्रत्येक वर्ष 18 मई को, अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद की घोषणा पर; इस परिषद की स्थापना 1946 में हुई और मुख्यालय पेरिस में है। इसे विश्व विरासत दिवस से भ्रमित न करें, जो 18 अप्रैल को पड़ता है।
स्रोत
- भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार: परिचय — भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार, संस्कृति मंत्रालय
- भारत का राष्ट्रीय पुस्तकालय — राष्ट्रीय पुस्तकालय, संस्कृति मंत्रालय
- पुस्तक और समाचारपत्र परिदान (सार्वजनिक पुस्तकालय) अधिनियम, 1954 — भारत सरकार





