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GK नोट्सकला और संस्कृतिप्रसिद्ध गुरुद्वारे, मस्जिदें, दरगाहें, चर्च और अग्नि मंदिर

प्रसिद्ध गुरुद्वारे, मस्जिदें, दरगाहें, चर्च और अग्नि मंदिर

भारत के पवित्र स्थलों के परीक्षा नोट्स: स्वर्ण मंदिर और पाँच तख्त, बड़ी मस्जिदें तथा दरगाहें, गोवा और कोच्चि की बेसिलिका, अग्नि मंदिर एवं सिनेगॉग।

लेखक · प्रकाशित · 6 मिनट

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प्रसिद्ध गुरुद्वारे, मस्जिदें, दरगाहें, चर्च और अग्नि मंदिर — GK24 title card
प्रसिद्ध गुरुद्वारे, मस्जिदें, दरगाहें, चर्च और अग्नि मंदिर — GK24 title card

भारत विश्व के कई धर्मों के सबसे पुराने जीवित समुदायों का घर है, और वे जिन भवनों में उपासना करते हैं, वे कला एवं संस्कृति के भाग में सर्वाधिक पूछे जाने वाले स्थिर सामान्य ज्ञान में आते हैं। यह अध्याय भारत के सिख, मुस्लिम, ईसाई, पारसी और यहूदी समुदायों के पवित्र स्थलों को लेता है, हर स्थल के साथ उसका स्थान, निर्माता या संस्थापक और वह एक तथ्य, जिसे प्रश्न बनाने वाला उठाएगा। हिंदू परंपरा के मंदिर और तीर्थ अलग अध्याय बनाते हैं; यहाँ शेष सब है।

सिखों के पवित्र स्थल

अमृतसर का हरमंदिर साहिब, जो विश्व भर में स्वर्ण मंदिर के नाम से जाना जाता है, गुरु राम दास द्वारा बसाए नगर के सरोवर में स्थित है। यह स्थान गुरु अर्जन देव के समय बना, जिन्होंने 1604 में उसमें आदि ग्रंथ स्थापित किया और बाबा बुड्ढा को पहला ग्रंथी नियुक्त किया, तथा जिस स्वर्ण आवरण से इसका प्रचलित नाम पड़ा वह उन्नीसवीं सदी के आरंभ में महाराजा रणजीत सिंह के समय चढ़ाया गया। इसके चारों ओर एक-एक द्वार इस घोषणा के रूप में पढ़े जाते हैं कि यह स्थान हर जाति और हर पंथ के लिए खुला है, और साथ का लंगर बिना भेद सबको भोजन देता है।

सिख धार्मिक सत्ता पाँच तख्तों में बैठती है, और यह सूची लगभग हर वर्ष पूछी जाती है।

तख्तस्थानसम्बन्ध
अकाल तख्तअमृतसर, पंजाबगुरु हरगोबिंद द्वारा 1606 में निर्मित, हरमंदिर साहिब के सामने
तख्त श्री केसगढ़ साहिबआनंदपुर साहिब, पंजाबजहाँ 1699 में खालसा की स्थापना हुई
तख्त श्री दमदमा साहिबतलवंडी साबो, पंजाबजहाँ गुरु गोबिंद सिंह ने ग्रंथ का पाठ तैयार कराया
तख्त श्री पटना साहिबपटना, बिहारगुरु गोबिंद सिंह का जन्मस्थान, 1666
तख्त श्री हजूर साहिबनांदेड़, महाराष्ट्रजहाँ गुरु गोबिंद सिंह ने 1708 में अंतिम दिन बिताए

प्रथम गुरु के दो स्थान पाकिस्तान में हैं: ननकाना साहिब, उनका जन्मस्थान, और नरोवाल का करतारपुर साहिब, जहाँ उन्होंने अंतिम वर्ष बिताए और जहाँ भारत से 2019 में खुले करतारपुर गलियारे से पहुँचा जाता है। उत्तराखंड का हेमकुंड साहिब, चार हजार मीटर से अधिक ऊँचाई पर, विश्व का सबसे ऊँचा गुरुद्वारा है। दिल्ली में गुरुद्वारा शीशगंज साहिब वह स्थान बताता है जहाँ 1675 में गुरु तेग बहादुर का वध हुआ, रकाबगंज साहिब वह स्थान जहाँ उनका अंतिम संस्कार हुआ, और बंगला साहिब वह भवन जहाँ गुरु हर किशन ने रोगियों की सेवा की। हिमाचल प्रदेश का पांवटा साहिब उस स्थान के रूप में स्मरण किया जाता है जहाँ गुरु गोबिंद सिंह ने अपना बहुत सारा काव्य रचा।

मस्जिदें और दरगाहें

भारत की सबसे पुरानी बची हुई मस्जिद दिल्ली के कुतुब परिसर की कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद है, जिसे कुतुबुद्दीन ऐबक ने आरंभ कराया, और अजमेर का अढ़ाई दिन का झोंपड़ा उसी आरंभिक चरण का है। केरल के कोडुंगल्लूर की चेरामन जुमा मस्जिद को परंपरा भारत में बनी पहली मस्जिद मानती है और उसे सातवीं शताब्दी का बताती है। देश की सबसे बड़ी मस्जिद दिल्ली की जामा मस्जिद है, जिसका औपचारिक नाम मस्जिद-ए-जहाँनुमा है और जिसे शाहजहाँ ने बनवाकर 1650 के दशक में पूरा कराया। फतेहपुर सीकरी में अकबर की जामा मस्जिद में बुलंद दरवाजे से प्रवेश होता है, जो 1601 में गुजरात विजय के उपलक्ष्य में उठाया गया और विश्व के सबसे ऊँचे प्रवेश द्वारों में है, तथा भीतर शेख सलीम चिश्ती का संगमरमरी मकबरा है। दो मोती मस्जिदें प्रायः भ्रम पैदा करती हैं: आगरा के किले की मोती मस्जिद शाहजहाँ ने बनवाई और दिल्ली के लाल किले की औरंगजेब ने। दक्षिण में हैदराबाद की मक्का मस्जिद है, जिसके मध्य मेहराब में मक्का से लाई मिट्टी की ईंट लगी कही जाती है, और उसके निकट 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह द्वारा बनवाया चारमीनार है, जबकि भोपाल में ताज-उल-मसाजिद है, जो भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में एक है।

दरगाह किसी सूफी संत का मकबरा-स्थान होती है। राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की कब्र है, जो चिश्ती सिलसिले को भारत लाए, और वहाँ का वार्षिक उर्स हर धर्म के श्रद्धालुओं को खींचता है। दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह है, कर्नाटक के गुलबर्गा में ख्वाजा बंदे नवाज की, मुंबई में समुद्र में बने रास्ते पर हाजी अली दरगाह, और तमिलनाडु के नागोर में शाहुल हमीद का स्थान। श्रीनगर में डल झील के किनारे हजरतबल पैगंबर की एक पवित्र निशानी के कारण पूजित है।

चर्च और बेसिलिका

भारत में ईसाई धर्म की परंपरा संत थॉमस से जोड़ी जाती है, और चेन्नई की सैन थोमे बेसिलिका उसी कब्र पर बनी है जो उनसे सम्बद्ध मानी जाती है। पुराने गोवा की बॉम जीसस बेसिलिका, जो सत्रहवीं सदी के आरंभिक वर्षों में पूरी हुई, संत फ्रांसिस जेवियर के पार्थिव अवशेष रखती है और यूनेस्को द्वारा अंकित गोवा के चर्च एवं कॉन्वेंट समूह का भाग है; निकट की से कैथेड्रल, अपने स्वर्ण घंटे के साथ, प्रायः एशिया का सबसे बड़ा चर्च कही जाती है। कोच्चि का सेंट फ्रांसिस चर्च, जो 1503 में बना, भारत का सबसे पुराना यूरोपीय चर्च है और वास्को द गामा का पहला समाधि स्थल था, जिसके बाद उनके अवशेष पुर्तगाल ले जाए गए। याद रखने योग्य अन्य नाम हैं तमिलनाडु के वेलंकन्नी की अवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ बेसिलिका, नव-गॉथिक शैली में मैसूर का सेंट फिलोमिना कैथेड्रल, तेलंगाना का मेडक कैथेड्रल, कोलकाता का सेंट पॉल कैथेड्रल, प्रयागराज का ऑल सेंट्स कैथेड्रल और शिमला का क्राइस्ट चर्च।

पारसी अग्नि मंदिर और यहूदी सिनेगॉग

पारसी उपासना संस्कारित अग्नि के सम्मुख होती है, और अग्नि मंदिर तीन श्रेणियों में आते हैं, जिनमें आतश बेहराम सर्वोच्च है। विश्व में नौ आतश बेहराम हैं, जिनमें आठ भारत में उदवाड़ा, नवसारी, सूरत और मुंबई में हैं तथा एक ईरान के यज्द में। सबसे पुराना और पवित्रतम गुजरात का उदवाड़ा का ईरानशाह आतश बेहराम है, जिसकी अग्नि परंपरा के अनुसार उन पारसियों से जोड़ी जाती है जो ईरान छोड़कर संजान तट पर उतरे थे। अग्नि मंदिर में पारसी के अतिरिक्त किसी का प्रवेश नहीं होता, और मुंबई के मलबार हिल की टॉवर्स ऑफ साइलेंस इस समुदाय का मृतकों के लिए पारंपरिक स्थल है।

भारत के यहूदी तीन पुराने समुदायों में बँटे हैं: मलाबार तट के कोचीन यहूदी, कोंकण के बेने इस्राएल और मुंबई तथा कोलकाता के बगदादी यहूदी। कोच्चि के मट्टनचेरी का परदेसी सिनेगॉग, जो 1568 में बना, राष्ट्रमंडल में आज भी प्रयोग में आने वाला सबसे पुराना सिनेगॉग है, और वह अपनी हाथ से चित्रित चीनी फर्श-पट्टियों, बेल्जियम के काँच के झाड़-फानूसों तथा समुदाय को मिले अधिकारों के ताम्रपत्रों के लिए जाना जाता है। मुंबई में नगर का सबसे पुराना गेट ऑफ मर्सी सिनेगॉग और नेसेट एलियाहू है; कोलकाता में मैगन डेविड और बेथ एल सिनेगॉग हैं। नए धर्मों की इस सूची में दिल्ली का कमल मंदिर भी जोड़ लें, जो 1986 में खुला बहाई उपासना गृह है और जिसे फरीबर्ज साहबा ने संगमरमर की सत्ताईस पंखुड़ियों के अधखिले कमल के रूप में रचा।

परीक्षा की दृष्टि से

इस अध्याय में स्थान और व्यक्ति मिलाने के प्रश्न आते हैं, इसलिए हर स्थल को उसके नगर और उससे जुड़े एक नाम के साथ तैयार करें। सदा पूछे जाने वाले प्रश्न हैं पाँच तख्त और उनके राज्य, आदि ग्रंथ स्थापित करने वाले गुरु, भारत की सबसे पुरानी तथा सबसे बड़ी मस्जिद, अजमेर शरीफ के संत, संत फ्रांसिस जेवियर के अवशेष रखने वाला चर्च, कोच्चि के सेंट फ्रांसिस चर्च की 1503 की तिथि, उदवाड़ा का अग्नि मंदिर और कोच्चि का 1568 का सिनेगॉग। जाल अनुमेय हैं: गुरु अर्जन देव के बदले गुरु राम दास, उदवाड़ा के बदले संजान, संत फ्रांसिस जेवियर के बदले वास्को द गामा, तथा आगरा और दिल्ली की दो मोती मस्जिदों की अदला-बदली। राज्य स्तर के प्रश्नपत्र अपने राज्य के स्थल जोड़ते हैं, इसलिए पंजाब, बिहार, महाराष्ट्र, गोवा और केरल की प्रविष्टियाँ ध्यान से दोहराएँ।

महत्वपूर्ण तथ्य

स्वर्ण मंदिरहरमंदिर साहिब, अमृतसर; आदि ग्रंथ 1604 में गुरु अर्जन देव द्वारा स्थापित
अकाल तख्तगुरु हरगोबिंद द्वारा 1606 में अमृतसर में निर्मित
खालसा की स्थापना1699, आनंदपुर साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब का स्थान
बिहार का तख्ततख्त श्री पटना साहिब, गुरु गोबिंद सिंह का जन्मस्थान, 1666
महाराष्ट्र का तख्ततख्त श्री हजूर साहिब, नांदेड़, जहाँ गुरु गोबिंद सिंह ने 1708 में अंतिम दिन बिताए
सबसे ऊँचा गुरुद्वाराहेमकुंड साहिब, उत्तराखंड, 4,000 मीटर से अधिक ऊँचाई पर
सबसे पुरानी बची मस्जिदकुव्वत-उल-इस्लाम, कुतुब परिसर, दिल्ली, कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा आरंभ
भारत की सबसे बड़ी मस्जिदजामा मस्जिद (मस्जिद-ए-जहाँनुमा), दिल्ली, शाहजहाँ द्वारा निर्मित
बुलंद दरवाजाफतेहपुर सीकरी, 1601, अकबर की गुजरात विजय के लिए
अजमेर शरीफख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह; वार्षिक उर्स
बॉम जीसस बेसिलिकापुराना गोवा; संत फ्रांसिस जेवियर के पार्थिव अवशेष; यूनेस्को स्थल
सबसे पुराना यूरोपीय चर्चसेंट फ्रांसिस चर्च, कोच्चि, 1503; वास्को द गामा का पहला समाधि स्थल
पारसी अग्नि मंदिरईरानशाह आतश बेहराम, उदवाड़ा, गुजरात; विश्व के नौ आतश बेहराम में आठ भारत में
सबसे पुराना सिनेगॉगपरदेसी सिनेगॉग, मट्टनचेरी, कोच्चि, 1568
कमल मंदिरबहाई उपासना गृह, दिल्ली, 1986 में खुला, फरीबर्ज साहबा द्वारा अभिकल्पित

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.कला और संस्कृतिमध्यम

अमृतसर के हरमंदिर साहिब में 1604 में आदि ग्रंथ की स्थापना किस सिख गुरु ने की थी?

  1. A.गुरु राम दास
  2. B.गुरु अर्जन देव
  3. C.गुरु हरगोबिंद
  4. D.गुरु तेग बहादुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गुरु अर्जन देव

व्याख्या

सही उत्तर B, गुरु अर्जन देव हैं, जो पाँचवें गुरु थे, जिनके समय हरमंदिर साहिब बना और जिन्होंने आदि ग्रंथ संकलित कराकर 1604 में उसमें स्थापित किया तथा बाबा बुड्ढा को पहला ग्रंथी नियुक्त किया। विकल्प A, गुरु राम दास, चौथे गुरु, ने अमृतसर नगर बसाया और पवित्र सरोवर खुदवाया, इसलिए वही स्वाभाविक जाल हैं: स्थान उन्होंने बनाया, स्थान पर भवन और ग्रंथ उनके उत्तराधिकारी ने। विकल्प C, गुरु हरगोबिंद, छठे गुरु, ने 1606 में हरमंदिर साहिब के सामने अकाल तख्त बनवाया और आध्यात्मिक तथा सांसारिक सत्ता की दो तलवारें आरंभ कीं। विकल्प D, गुरु तेग बहादुर, नौवें गुरु, का 1675 में दिल्ली में वध हुआ, जहाँ अब गुरुद्वारा शीशगंज साहिब है। स्वर्ण मंदिर नाम देने वाला स्वर्ण आवरण बहुत बाद में, उन्नीसवीं सदी के आरंभ में महाराजा रणजीत सिंह के समय चढ़ा।

Q2.कला और संस्कृतिकठिन

सिख धर्म के पाँच तख्तों में एक तख्त श्री हजूर साहिब कहाँ स्थित है?

  1. A.नांदेड़, महाराष्ट्र
  2. B.पटना, बिहार
  3. C.तलवंडी साबो, पंजाब
  4. D.आनंदपुर साहिब, पंजाब
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नांदेड़, महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर A, महाराष्ट्र का नांदेड़ है, जहाँ गुरु गोबिंद सिंह ने 1708 में अपने अंतिम दिन बिताए और जहाँ तख्त श्री हजूर साहिब खड़ा हुआ। सिख धार्मिक सत्ता के पाँच तख्त एक समूह के रूप में याद करने चाहिए, क्योंकि प्रश्न सामान्यतः एक स्थान के बदले दूसरा रखकर बनाया जाता है। विकल्प B, बिहार का पटना, तख्त श्री पटना साहिब का स्थान है, जो 1666 में गुरु गोबिंद सिंह के जन्मस्थान को बताता है। विकल्प C, पंजाब का तलवंडी साबो, तख्त श्री दमदमा साहिब है, जहाँ गुरु गोबिंद सिंह ने ग्रंथ का पाठ तैयार कराया। विकल्प D, पंजाब का आनंदपुर साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब है, जहाँ 1699 में खालसा की स्थापना हुई। पाँचवाँ अमृतसर का अकाल तख्त है, जिसे गुरु हरगोबिंद ने 1606 में बनवाया। ध्यान दें कि पाँच में से तीन पंजाब में हैं और एक-एक बिहार तथा महाराष्ट्र में।

Q3.कला और संस्कृतिआसान

बिहार का तख्त श्री पटना साहिब किस सिख गुरु का जन्मस्थान बताता है?

  1. A.गुरु नानक
  2. B.गुरु गोबिंद सिंह
  3. C.गुरु अंगद
  4. D.गुरु अमर दास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गुरु गोबिंद सिंह

व्याख्या

सही उत्तर B, गुरु गोबिंद सिंह हैं, जो सिखों के दसवें और अंतिम देहधारी गुरु थे और जिनका जन्म 1666 में पटना में हुआ, जब उनके पिता गुरु तेग बहादुर पूर्व की यात्रा पर थे। उस स्थान पर बना गुरुद्वारा तख्त श्री पटना साहिब है, जो पाँच तख्तों में एक और बिहार का एकमात्र तख्त है। विकल्प A, गुरु नानक, प्रथम गुरु, का जन्म 1469 में राय भोइ दी तलवंडी में हुआ, जो अब पाकिस्तान का ननकाना साहिब है, और उन्होंने अंतिम वर्ष करतारपुर में बिताए, जो भी वर्तमान पाकिस्तान में है और जहाँ 2019 में खुले गलियारे से पहुँचा जाता है। विकल्प C, गुरु अंगद, द्वितीय गुरु, पंजाब के खडूर साहिब तथा गुरुमुखी लिपि से जुड़े हैं। विकल्प D, गुरु अमर दास, तृतीय गुरु, गोइंदवाल साहिब और उसकी बावली से जुड़े हैं। प्रथम तथा दसवें गुरु के जन्मस्थान अलग रखें, क्योंकि यही जोड़ी सबसे अधिक पूछी जाती है।

Q4.कला और संस्कृतिआसान

पुराने गोवा की बॉम जीसस बेसिलिका में किसके पार्थिव अवशेष रखे हैं?

  1. A.संत थॉमस
  2. B.संत फ्रांसिस जेवियर
  3. C.वास्को द गामा
  4. D.संत फिलोमिना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. संत फ्रांसिस जेवियर

व्याख्या

सही उत्तर B, संत फ्रांसिस जेवियर हैं, वे जेसुइट मिशनरी जिनका शरीर गोवा लाकर बॉम जीसस बेसिलिका में रखा गया, जहाँ लंबे अंतराल पर उसे जनदर्शन के लिए प्रस्तुत किया जाता है। सत्रहवीं सदी के आरंभिक वर्षों में पूरी हुई यह बेसिलिका यूनेस्को विश्व विरासत सूची में अंकित गोवा के चर्च एवं कॉन्वेंट समूह का भाग है। विकल्प A, संत थॉमस, चेन्नई की सैन थोमे बेसिलिका से जुड़े हैं, जो उनसे सम्बद्ध मानी जाने वाली कब्र पर बनी है। विकल्प C, वास्को द गामा, की मृत्यु कोच्चि में हुई और उन्हें पहले वहीं के सेंट फ्रांसिस चर्च में दफनाया गया, जो भारत का सबसे पुराना यूरोपीय चर्च है, और बाद में उनके अवशेष पुर्तगाल ले जाए गए; इसलिए यह सबसे प्रबल भ्रमक विकल्प है। विकल्प D, संत फिलोमिना, के नाम पर मैसूर का नव-गॉथिक कैथेड्रल है। गोवा की जोड़ी साथ याद करें: संत फ्रांसिस जेवियर के लिए बॉम जीसस और स्वर्ण घंटे के लिए से कैथेड्रल।

Q5.कला और संस्कृतिमध्यम

भारत में बना सबसे पुराना यूरोपीय चर्च, जो वास्को द गामा का पहला समाधि स्थल भी था, कौन-सा है?

  1. A.सेंट फ्रांसिस चर्च, कोच्चि
  2. B.से कैथेड्रल, पुराना गोवा
  3. C.सेंट पॉल कैथेड्रल, कोलकाता
  4. D.मेडक कैथेड्रल, तेलंगाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सेंट फ्रांसिस चर्च, कोच्चि

व्याख्या

सही उत्तर A, कोच्चि का सेंट फ्रांसिस चर्च है, जिसे पुर्तगालियों ने 1503 में बनाया और जो इसलिए भारत का सबसे पुराना यूरोपीय चर्च है। वास्को द गामा की मृत्यु 1524 में कोच्चि में हुई और उन्हें इसी चर्च में दफनाया गया, तथा कुछ वर्षों बाद उनके अवशेष पुर्तगाल ले जाए गए, फिर भी समाधि-शिला आज भी दर्शकों को दिखाई जाती है। यह चर्च पुर्तगाली से डच और फिर ब्रिटिश हाथों में गया, इसीलिए इसका इतिहास प्रश्न बनाने वालों को प्रिय है। विकल्प B, पुराने गोवा का से कैथेड्रल, बाद का है और एशिया के सबसे बड़े चर्च तथा अपने स्वर्ण घंटे के लिए स्मरण किया जाता है। विकल्प C, कोलकाता का सेंट पॉल कैथेड्रल, उन्नीसवीं सदी में समर्पित हुआ और पूर्व का पहला एपिस्कोपल चर्च कहलाता है। विकल्प D, तेलंगाना का मेडक कैथेड्रल, बीसवीं सदी का बड़ा गॉथिक पुनरुत्थान शैली का चर्च है, जो चर्च ऑफ साउथ इंडिया का है। इस प्रश्न की कुंजी 1503 की तिथि है।

Q6.कला और संस्कृतिआसान

राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह किस सूफी संत का स्थान है?

  1. A.ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
  2. B.निजामुद्दीन औलिया
  3. C.शेख सलीम चिश्ती
  4. D.ख्वाजा बंदे नवाज
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती

व्याख्या

सही उत्तर A, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती हैं, वे संत जो चिश्ती सिलसिले को भारत लाए और अजमेर में बसे, जहाँ उनका मकबरा उपमहाद्वीप की सर्वाधिक ज्ञात दरगाह बना; वहाँ का वार्षिक उर्स हर धर्म के श्रद्धालुओं को खींचता है, और अकबर से आगे के मुगल सम्राट वहाँ यात्रा करते रहे। विकल्प B, निजामुद्दीन औलिया, दिल्ली के बाद के चिश्ती संत थे, और निजामुद्दीन क्षेत्र में उनकी दरगाह राजधानी की सर्वाधिक देखी जाने वाली दरगाहों में है। विकल्प C, शेख सलीम चिश्ती, फतेहपुर सीकरी की जामा मस्जिद के आँगन में संगमरमरी मकबरे में दफन हैं, वही संत जिनसे अकबर ने उत्तराधिकारी का आशीर्वाद माँगा था। विकल्प D, ख्वाजा बंदे नवाज, जिनका पूरा नाम सैयद मुहम्मद हुसैनी गेसूदराज है, कर्नाटक के गुलबर्गा में दफन हैं। चारों चिश्ती परंपरा के हैं, इसलिए हर नाम उसके नगर से जोड़ें: अजमेर, दिल्ली, फतेहपुर सीकरी और गुलबर्गा।

Q7.कला और संस्कृतिमध्यम

दिल्ली के कुतुब परिसर में बनी, भारत की सबसे पुरानी बची हुई मस्जिद कौन-सी है?

  1. A.जामा मस्जिद
  2. B.कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद
  3. C.मोती मस्जिद
  4. D.मक्का मस्जिद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद

व्याख्या

सही उत्तर B, कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद है, जिसे कुतुबुद्दीन ऐबक ने बारहवीं सदी के अंत में दिल्ली के कुतुब परिसर में आरंभ कराया और जो देश की सबसे पुरानी बची हुई मस्जिद है। इसके नाम का अर्थ है 'इस्लाम की शक्ति', इसकी नुकीली मेहराबों की दीवार भारतीय मंदिर शिल्प में प्रशिक्षित कारीगरों ने उठाई, और इसके आँगन में लौह स्तंभ खड़ा है। विकल्प A, जामा मस्जिद, शाहजहाँ की वह विशाल मस्जिद है जो 1650 के दशक में पूरी हुई और जिसका औपचारिक नाम मस्जिद-ए-जहाँनुमा है; वह भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है, सबसे पुरानी नहीं। विकल्प C, मोती मस्जिद, दो प्रसिद्ध रूपों में है, आगरा किले में शाहजहाँ की और दिल्ली के लाल किले में औरंगजेब की। विकल्प D, हैदराबाद की मक्का मस्जिद, कुतुब शाही शासकों ने चारमीनार के निकट बनवाई। अलग से केरल के कोडुंगल्लूर की चेरामन जुमा मस्जिद याद रखें, जिसे परंपरा भारत में बनी पहली मस्जिद मानती है।

Q8.कला और संस्कृतिमध्यम

भारत में पारसियों का सबसे पुराना और पवित्रतम अग्नि मंदिर ईरानशाह आतश बेहराम कहाँ स्थित है?

  1. A.नवसारी, गुजरात
  2. B.उदवाड़ा, गुजरात
  3. C.संजान, गुजरात
  4. D.मलबार हिल, मुंबई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उदवाड़ा, गुजरात

व्याख्या

सही उत्तर B, गुजरात का उदवाड़ा है, जहाँ ईरानशाह आतश बेहराम वह अग्नि सँभालता है जिसे पारसी परंपरा उस समुदाय से जोड़ती है जो ईरान छोड़कर गुजरात तट पर उतरा था। आतश बेहराम पारसी अग्नि मंदिर की तीन श्रेणियों में सर्वोच्च है, और विश्व के नौ में आठ भारत में हैं, अर्थात उदवाड़ा, नवसारी, सूरत और मुंबई में, तथा नौवाँ ईरान के यज्द में। विकल्प A, नवसारी, में आतश बेहराम है और वह महत्वपूर्ण पारसी केंद्र भी है, पर ईरानशाह अग्नि का स्थान वह नहीं। विकल्प C, संजान, वह स्थान है जहाँ प्रवासी तट पर उतरे कहे जाते हैं, इसलिए वही सबसे चतुर भ्रमक विकल्प है, क्योंकि अग्नि आगे कई स्थानों से होकर उदवाड़ा पहुँची। विकल्प D, मुंबई का मलबार हिल, टॉवर्स ऑफ साइलेंस का स्थान है, जो समुदाय का मृतकों के लिए पारंपरिक स्थल है, अग्नि मंदिर नहीं। अग्नि मंदिर में पारसी के अतिरिक्त किसी का प्रवेश नहीं होता।

Q9.कला और संस्कृतिमध्यम

1568 में बना परदेसी सिनेगॉग, जो राष्ट्रमंडल में आज भी प्रयोग में आने वाला सबसे पुराना सिनेगॉग है, कहाँ स्थित है?

  1. A.मट्टनचेरी, कोच्चि
  2. B.भायखला, मुंबई
  3. C.पार्क स्ट्रीट, कोलकाता
  4. D.ठाणे, महाराष्ट्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मट्टनचेरी, कोच्चि

व्याख्या

सही उत्तर A, कोच्चि का मट्टनचेरी है, जो केरल में है और जहाँ परदेसी सिनेगॉग 1568 में मट्टनचेरी महल के पास उस मोहल्ले में बना जो लंबे समय से ज्यू टाउन कहलाता है। यह अपने हाथ से चित्रित नीली चीनी फर्श-पट्टियों, जिनमें हर एक भिन्न है, बेल्जियम के काँच के झाड़-फानूसों, घंटाघर और मलाबार तट के यहूदी समुदाय को मिले अधिकारों के ताम्रपत्रों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प B, मुंबई का भायखला, बेने इस्राएल समुदाय से जुड़ा है, जिसका गेट ऑफ मर्सी सिनेगॉग उस नगर का सबसे पुराना है, जबकि नेसेट एलियाहू बगदादी यहूदियों के लिए है। विकल्प C, कोलकाता का पार्क स्ट्रीट, नगर के बगदादी यहूदियों के मैगन डेविड तथा बेथ एल सिनेगॉग के निकट है। विकल्प D, ठाणे, में बेने इस्राएल की उपस्थिति है, पर इस आयु का सिनेगॉग नहीं। याद रखने योग्य तीन समुदाय हैं कोचीन यहूदी, बेने इस्राएल और बगदादी यहूदी।

Q10.कला और संस्कृतिकठिन

फतेहपुर सीकरी की जामा मस्जिद का बुलंद दरवाजा अकबर ने किस विजय के उपलक्ष्य में बनवाया था?

  1. A.गुजरात
  2. B.मेवाड़
  3. C.बंगाल
  4. D.मालवा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गुजरात

व्याख्या

सही उत्तर A, गुजरात है। अकबर ने फतेहपुर सीकरी की जामा मस्जिद का दक्षिणी ऊँचा प्रवेश द्वार बुलंद दरवाजा 1601 में अपनी गुजरात विजय के उपलक्ष्य में उठाया, और वह विश्व के सबसे ऊँचे प्रवेश द्वारों में गिना जाता है, जिस तक सीढ़ियों की लंबी पंक्ति से पहुँचा जाता है और जिस पर सफेद संगमरमर जड़ा लाल बलुआ पत्थर लगा है। उसी आँगन में शेख सलीम चिश्ती का संगमरमरी मकबरा है, वही संत जिनसे अकबर ने उत्तराधिकारी का आशीर्वाद माँगा था। विकल्प B, मेवाड़, राणा प्रताप का राज्य था, और वहाँ अकबर का अभियान चित्तौड़गढ़ की घेराबंदी तथा हल्दीघाटी के युद्ध के लिए स्मरण किया जाता है, इस द्वार के लिए नहीं। विकल्प C, बंगाल, अकबर के शासन में इससे पहले मिलाया गया। विकल्प D, मालवा, 1560 के दशक में लिया गया। फतेहपुर सीकरी समग्र रूप से यूनेस्को विश्व विरासत सूची में है, और इस द्वार के अभिलेखों में ईसा से सम्बद्ध वचन उत्कीर्ण हैं, जिस विवरण को प्रश्नपत्र कभी काम में लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिख धर्म के पाँच तख्त कौन-कौन हैं?

ये हैं अमृतसर का अकाल तख्त, जिसे गुरु हरगोबिंद ने 1606 में बनवाया; आनंदपुर साहिब का तख्त श्री केसगढ़ साहिब, जहाँ 1699 में खालसा की स्थापना हुई; तलवंडी साबो का तख्त श्री दमदमा साहिब; बिहार का तख्त श्री पटना साहिब, जो गुरु गोबिंद सिंह का जन्मस्थान है; और महाराष्ट्र के नांदेड़ का तख्त श्री हजूर साहिब, जहाँ उन्होंने अंतिम दिन बिताए। तीन पंजाब में हैं और एक-एक बिहार तथा महाराष्ट्र में।

भारत की सबसे पुरानी मस्जिद कौन-सी है?

सबसे पुरानी बची हुई मस्जिद दिल्ली के कुतुब परिसर की कुव्वत-उल-इस्लाम है, जिसे कुतुबुद्दीन ऐबक ने बारहवीं सदी के अंत में आरंभ कराया और जिसके आँगन में लौह स्तंभ है। अलग से परंपरा केरल के कोडुंगल्लूर की चेरामन जुमा मस्जिद को भारत में बनी पहली मस्जिद मानती है और उसे सातवीं शताब्दी का बताती है।

संत फ्रांसिस जेवियर के अवशेष कहाँ रखे हैं?

पुराने गोवा की बॉम जीसस बेसिलिका में, जो सत्रहवीं सदी के आरंभिक वर्षों में पूरी हुई और यूनेस्को विश्व विरासत सूची के गोवा के चर्च एवं कॉन्वेंट समूह का भाग है। शरीर को जनदर्शन के लिए केवल लंबे अंतराल पर प्रस्तुत किया जाता है। निकट की से कैथेड्रल, जो अपने स्वर्ण घंटे के लिए जानी जाती है, प्रायः एशिया का सबसे बड़ा चर्च कही जाती है।

आतश बेहराम क्या है?

यह पारसी अग्नि मंदिर की तीन श्रेणियों में सर्वोच्च है, जहाँ संस्कारित अग्नि सर्वाधिक विस्तृत विधि से स्थापित होती है। विश्व में नौ आतश बेहराम हैं, जिनमें आठ भारत में उदवाड़ा, नवसारी, सूरत और मुंबई में हैं तथा एक ईरान के यज्द में। सबसे पुराना और पवित्रतम गुजरात के उदवाड़ा का ईरानशाह आतश बेहराम है, और उसमें पारसी के अतिरिक्त किसी का प्रवेश नहीं।

भारत का सबसे पुराना सिनेगॉग कौन-सा है?

कोच्चि के मट्टनचेरी का परदेसी सिनेगॉग, जो 1568 में बना और जो राष्ट्रमंडल में कहीं भी आज तक प्रयोग में आने वाला सबसे पुराना सिनेगॉग है। वह अपनी हाथ से चित्रित चीनी फर्श-पट्टियों, बेल्जियम के काँच के झाड़-फानूसों तथा मलाबार तट के यहूदियों को मिले अधिकारों के ताम्रपत्रों के लिए जाना जाता है। मुंबई और कोलकाता में बेने इस्राएल तथा बगदादी समुदायों के सिनेगॉग हैं।

अकबर ने बुलंद दरवाजा क्यों बनवाया?

उसने इसे 1601 में फतेहपुर सीकरी की जामा मस्जिद के दक्षिणी प्रवेश द्वार के रूप में अपनी गुजरात विजय के उपलक्ष्य में उठाया। यह विश्व के सबसे ऊँचे प्रवेश द्वारों में है, सफेद संगमरमर जड़े लाल बलुआ पत्थर का बना है और उस तक सीढ़ियों की लंबी पंक्ति से पहुँचा जाता है, तथा उसी आँगन में शेख सलीम चिश्ती का संगमरमरी मकबरा है।

स्रोत

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